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Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्था (प्रवेश में आरक्षण) (संशोधन) विधेयक, 2022 (क्रमांक 19 सन् 2022) में प्रकाशन संबंधी

Published 02 December 2022

Department
छ.ग. विधान सभा सचिवालय
Type
Extraordinary
Gazette no.
696
Notification no.
क्रमांक- 11544/वि.स./विधान/2022
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2022-12-02.696
Languages
English, Hindi

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 छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय

रायपुर, शुक्रवार, दिनांक 2 दिसम्बर, 2022 (अग्रहायण 11, 1944)

क्रमांक- 11544/वि.स./विधान/2022.⸺ छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्था (प्रवेश में आरक्षण) (संशोधन) विधेयक, 2022 (क्रमांक 19 सन्‌ 2022) जो शुक्रवार, दिनांक 2 दिसम्बर, 2022 को पुरःस्थापित हुआ है, को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है.

हस्ता./-

(दिनेश शर्मा) सचिव.

छत्तीसगढ़ विधेयक

(क्र. 19 सन्‌ 2022)

छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्था (प्रवेश में आरक्षण) (संशोधन) विधेयक, 2022.

छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्था (प्रवेश में आरक्षण) अधिनियम, 2012 (क्र. 9 सन्‌ 2012) को और

संशोधित करने हेतु विधेयक ।

भारत गणराज्य के तिहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह

अधिनियमित होः-

1. (1) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्था (प्रवेश में आरक्षण) (सं"ाोधन)

अधिनियम, 2022 कहलायेगा ।

संक्षिप्त नाम, विस्तार तथा प्रारंभ. (2)

इसका विस्तार सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य पर होगा ।

(3) यह ऐसी तारीख से प्रवृत्त होगा, जिसे राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, नियत

करे ।

धारा 3 का संशोधन. 2. छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्था (प्रवे"ा में आरक्षण) अधिनियम, 2012 (क्र. 9 सन्‌ 2012) की धारा 3 के खण्ड (क), (ख) और (ग) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड (क), (ख), (ग) और (घ) प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्‌ः-

''(क) अध्ययन या संकाय की प्रत्येक शाखा में वार्षिक अनुज्ञप्त संख्या में से, बत्तीस

प्रतिशत सीटें, अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित रहेगी;

(ख) अध्ययन या संकाय की प्रत्येक शाखा में वार्षिक अनुज्ञप्त संख्या में से, तेरह

प्रतिशत सीटें, अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित रहेगी;

(ग) अध्ययन या संकाय की प्रत्येक शाखा में वार्षिक अनुज्ञप्त संख्या में से,

सत्ताईस प्रतिशत सीटें, अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित रहेगीःपरन्तु जहां अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सीटें, पात्र विद्यार्थियों की अनुपलब्धता के कारण अंतिम तिथि (यों) पर रिक्त रह जाती है, तो उन्हें अनुसूचित जातियों के पात्र विद्यार्थियों से भरा जाएगाः परन्तु यह और कि जहां अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित सीटें, पात्र विद्यार्थियों की अनुपलब्धता के कारण अंतिम तिथि (यों) पर रिक्त रह जाती है, तो उन्हें अनुसूचित जनजातियों के पात्र विद्यार्थियों से भरा जाएगाः परन्तु यह भी कि पूर्वगामी परंतुक में निर्दिष्ट व्यवस्था के पश्चात्‌ भी, जहां खण्ड (क), (ख) तथा (ग) के अधीन आरक्षित सीटें, अंतिम तिथि (यों) पर रिक्त रह जाती हैं, तो इसे अन्य पात्र विद्यार्थियों से भरा जाएगाः परन्तु यह भी कि राज्य सरकार, इस धारा के अधीन आरक्षण को प्रभावी बनाने के प्रयोजन के लिए, स्नातकोत्तर या उच्च स्तर में अध्ययन की किसी या सभी शाखाओं की वार्षिक अनुज्ञप्त संख्या को एकीकृत कर सकेगी, यदि राज्य सरकार की राय में अध्ययन की ऐसी शाखा या शाखाओं को अकेले लेने पर ऐसा आरक्षण नहीं किया जा सकता हो; (घ) अध्ययन या संकाय की प्रत्येक शाखा में वार्षिक अनुज्ञप्त संख्या में से, चार

प्रतिशत सीटें, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षित रहेगी।'' उद्देश्यों और कारणों का कथन

यतः, राज्य सरकार द्वारा स्थापित, संधारित अथवा सहायता प्राप्त कुछ शैक्षणिक संस्थाओं में नागरिकों के अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़े वर्गों एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित विद्यार्थियों के प्रवेश में आरक्षण के लिए तथा उससे संबद्ध या आनुषंगिक विषयों के लिए उपबंध करने हेतु अधिनियम में सीटों का आरक्षण अनुसूचित जनजातियों एवं अनुसूचित जातियों की यथा विद्यमान जनसंख्या के अनुपात के आधार पर वर्तमान में क्रियान्वित किया जा रहा था;

और यतः, न्यायालयीन निर्णय द्वारा राज्य में प्रभावशील आरक्षण रोस्टर को असंवैधानिक बताया गया है, जिसके कारण अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं अन्य पिछड़े वर्गों का राज्य में उच्च तथा व्यावसायिक शिक्षा संस्थानों में प्रवेश प्रभावित हो रहा है;

और यतः, संविधान के अनुच्छेद 15 के खण्ड (5) में यह उपबंधित है कि सामाजिक एवं शैक्षणिक तौर पर नागरिकों के पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जनजातियों तथा अनुसूचित जातियों की शैक्षणिक प्रगति के प्रोत्साहन के लिए तथा इन वर्गों से संबंधित छात्रों के समस्त शैक्षणिक संस्थाओं में, विशेष प्रावधान द्वारा प्रवेश के संबंध प्रावधान किए जा सकते हैं। इस प्रावधान के संदर्भ में, राज्य विधानमण्डल समाज के कमजोर वर्गों की शैक्षणिक प्रगति के लिए युक्तियुक्त विधि बनाने के लिए सशक्त है;

और यतः, उपरोक्त संवैधानिक प्रावधानों को प्रभावी बनाने की –ष्टि से, राज्य सरकार द्वारा स्थापित, संधारित अथवा सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश के संबंध में कमजोर वर्गों हेतु सीटों के आरक्षण के लिए वैधानिक प्रावधान करना समीचीन एवं आवश्यक है। इन कमजोर वर्गों की शैक्षणिक प्रगति छत्तीसगढ़ में, जहां नागरिकों के ऐसे वर्गों की विशाल जनसंख्या है, मानव संसाधनों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, विशेष तौर पर अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, जो उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षण की पहुंच से दूर हैै;

अतएव, इस पर विचार करते हुए उच्च शिक्षण संस्थाओं तक उनकी पहुंच के संबंध में उनके अपर्याप्त प्रतिनिधित्व से उत्पन्न असाधारण स्थिति को दूर करने हेतु अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़े वर्गों एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश के संबंध में आरक्षण के उपयुक्त प्रतिशत का उपबंध किया जाना आवश्यक है।

रायपुर, दिनांक 25 नवम्बर, 2022

भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री,

(भारसाधक सदस्य)

उपाबन्ध

छत्तीसगढ शैक्षणिक संस्था (प्रवेश में आरक्षण) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 9 सन्‌ 2012) का सुसंगत उध्दरण-

धारा-1 (1) यह अधिनियम शैक्षणिक संस्था (प्रवेश में आरक्षण) अधिनियम, 2012

कहलायेगा

संक्षिप्त नाम और प्रारंभ (2) इसका विस्तार संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य पर है.

(3) यह ऐसी तारीख से प्रवृत्त होगा जिसे राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा,

नियत करे.

धारा-3 प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में प्रवेश में सीटों का आरक्षण, तथा किसी शैक्षणिक संस्था में इसका विस्तार निम्नलिखित रीति से होगा अर्थातः-

शैक्षणिक संस्थाओं

में सीटों का

आरक्षण

(क) अध्ययन या संकाय की प्रत्येक शाखा में वार्षिक अनुज्ञप्त संख्या में से, बत्तीस प्रतिशत सीटें, अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित रहेगी;

(ख) अध्ययन या संकाय की प्रत्येक शाखा में वार्षिक अनुज्ञप्त संख्या में से, बारह प्रतिशत सीटें, अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित रहेगी;

(ग) अध्ययन या संकाय की प्रत्येक शाखा में वार्षिक अनुज्ञप्त संख्या में से, चौदह प्रतिशत सीटें, अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित रहेगी;

परन्तु जहां अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सीटें, पात्र विद्यार्थियों की अनुपलब्धता के कारण अंतिम तिथि (यो) पर रिक्त रह जाती है, तो इसे अनुसूचित जातियों से तथा ''विपरीत कम'' में पात्र विद्यार्थियों में से भरा जाएगा. परन्तु यह और कि पूर्वगामी परंतुक में निर्दिष्ट व्यवस्था के पश्चात्‌ भी, जहां खण्ड (क), (ख) तथा (ग) के अधीन आरक्षित सीटें, अंतिम तिथि (यो) पर रिक्त रह जाती है, तो इसे अन्य पात्र विद्यार्थियों द्वारा भरा जाएगा. परन्तु यह भी कि राज्य सरकार, इस धारा के अधीन आरक्षण को प्रभावी बनाने के प्रयोजन के लिए, स्नातकोत्तर या उच्च स्तर में अध्ययन की किसी या सभी शाखाओं की वार्षिक अनुज्ञप्त संख्या को एकी—त कर सकेगी, यदि राज्य सरकार की राय में अध्ययन की ऐसी शाखा या शाखाओं को अकेले लेने पर ऐसा आरक्षण नहीं किया जा सकता हो.

हस्ता./-

(दिनेश शर्मा) सचिव, छत्तीसगढ़ विधान सभा.

Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 02 December 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2022-12-02.696/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2022-12-02.696.