महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
अटल नगर, दिनांक 25 अगस्त 2023
अधिसूचना
राष्ट्रीय शौर्य पुरस्कार
क्रमांक एफ 10-3/2013/50.⸺
प्रस्तावना :-
राज्य शासन द्वारा ''राष्ट्रीय शौर्य पुरस्कार तथा राज्य वीरता पुरस्कार'' से सम्मानित बालकों/बालिकाओं को छात्रवृत्ति देने के लिए नियम बनाता है; अर्थात् :-
1. नियम :-
(i) यह नियम ''शौर्य पुरस्कार तथा राज्य वीरता पुरस्कार'' से सम्मानित बालक/बालिका छात्रवृत्ति नियम, 2003 यथा संशोधित 2023 कहलायेंगे;
(ii) यह छात्रवृत्ति नियम पूर्व वर्षो में राष्ट्रीय शौर्य पुरस्कार एवं राज्य वीरता पुरस्कार से सम्मानित हो चुके बालक/बालिका के लिए भी लागू होगी।
(iii) यह छात्रवृत्ति नियम दिनांक 01.04.2023 से प्रभावशील होगें।
2. उद्देश्य :-
यह छात्रवृत्ति भारत शासन द्वारा संचालित राष्ट्रीय शौर्य पुरस्कार तथा छ.ग. शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित राज्य वीरता पुरूस्कार द्वारा सम्मानित बालक/बालिका को अध्ययन के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए प्रारम्भ की जा रही है।
3. परिभाषाएँ :-
(i) ''राष्ट्रीय शौर्य पुरस्कार'' से आशय ऐसे पुरस्कार से है जो भारत शासन द्वारा 18 वर्ष तक की आयु के बालक/बालिका को किसी घटना विशेष में उनके द्वारा प्रदर्शित साहस, शौर्य एवं बुद्धिमत्ता के संदर्भ में दिए जाते है। (ii) ''राज्य वीरता पुरस्कार'' से आशय ऐसे पुरस्कार से है जो छ.ग. शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 18 वर्ष तक की आयु के बालक/बालिका को किसी घटना विशेष में उनके द्वारा प्रदर्शित साहस, शौर्य एवं बुद्धिमत्ता के संदर्भ में दिए जाते है।
(iii) ''बालक/बालिका'' से आशय ऐसे बालक/बालिका से है जिनकी आयु घटना दिनांक को 18 वर्ष या उससे कम हो;
(iv) ''छात्रवृत्ति'' से तात्पर्य अध्ययन जारी रखने के लिए प्रोत्साहन देने हेतु नियत कालिक भुगतानों से है;
(v) ''संतोषजनक'' प्रगति से आशय प्रथम प्रयास में ही वार्षिक परीक्षा उत्तीर्ण करने से है;
(vi) ''नियमित उपस्थिति'' से तात्पर्य पुरस्कार प्राप्त बालक/बालिका का सम्बन्धित शिक्षण संस्था/विद्यालय/मण्डल/महाविद्यालय/विश्वविद्यालय की परीक्षा में बैठने के लिए अर्ह हेतु सम्बन्धित संस्था द्वारा अपेक्षित उपस्थिति के न्यूनतम प्रतिशत से है।
4. पात्रता :-
(i) छात्रवृत्ति की पात्रता ऐसे बालक/बालिका को होंगी, जिन्हे राष्ट्रीय शौर्य पुरस्कारों में से किसी एक पुरस्कार से भारत सरकार द्वारा अथवा राज्य वीरता पुरस्कार से छ.ग. शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सम्मानित किया गया हो;
(ii) पुरस्कार प्राप्त बालक/बालिका छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी हो;
(iii) पुरस्कार प्राप्त बालक/बालिका को छत्तीसगढ़ के किसी विद्यालय/महाविद्यालय/ शिक्षण संस्था में नियमित अध्ययन करना अनिवार्य है परन्तु यह छत्तीसगढ़ के ऐसे बालक/बालिका को भी दी जा सकेगी जो ऐसे विषयों पर छत्तीसगढ़ के बाहर अध्ययन कर रहे हो या करना चाहते हो जिनके लिए राज्य में शिक्षा के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं हो;
(iv) पुरस्कार प्राप्त छत्तीसगढ़ के ऐसे बालक/बालिका को भी छत्तीसगढ़ के बाहर अध्ययन करने हेतु छात्रवृत्ति प्राप्त करने की पात्रता होंगी जिसके माता-पिता या बालक/बालिका किन्हीं विशेष परिस्थितियों में छत्तीसगढ़ के बाहर निवास कर रहे हो। (iii) एवं (iv) के मामलों में शासन द्वारा अनुमोदित राज्य के बाहर की संस्था में अध्ययन करने के लिए छात्रवृत्ति दी जा सकेगी;
(v) पुरस्कार प्राप्त बालक/बालिका को शिक्षण संस्था/विद्यालय/महाविद्यालय/ मण्डल/विश्वविद्यालय की परीक्षा में बैठने/प्रवेश के लिए अर्ह होने हेतु सम्बन्धित संस्था द्वारा अपेक्षित उपस्थिति का न्यूनतम प्रतिशत हो अनिवार्य है;
(vi) पुरस्कार प्राप्त एवं अध्ययनरत बालक/बालिका को किसी एक संस्था से दूसरी संस्था में स्थानांतरित होने पर उसे ऐसी असमाप्त अवधि के लिए छात्रवृत्ति उस संस्था से प्राप्त होगी जहां से उसे स्थानांतरित किया गया हो बशर्ते कि वह उसी अध्ययन क्रम को जारी रखे जिसके लिए उसे प्रारम्भ में छात्रवृत्ति प्रदान की गयी थी;
(vii) इन नियमों के अन्तर्गत छात्रवृत्ति शिक्षण वर्ष जुलाई से अप्रैल तक के लिए दी जाएगी;
(viii) पुरस्कार प्राप्त बालक/बालिका को किसी शैक्षणिक संस्था में प्रवेश लेकर अध्ययन पूर्ण करने अथवा 25 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, छात्रवृत्ति प्राप्त करने की पात्रता होगी;
(ix) पुरस्कार प्राप्त बालक/बालिका को स्कूल शिक्षा (उच्चतर माध्यमिक स्तर) शिक्षा के दौरान 1250/- प्रतिमाह, महाविद्यालय (स्नातक/स्नातकोत्तर)/शोधकार्य (पी.एच.डी.) के दौरान रूपये 2500/- प्रतिमाह तथा तकनीकी शिक्षा जैसे मेडिकल, इंजीनियरिंग/ तकनीकी शिक्षा में स्नातक/स्नात्तकोत्तर अध्ययन के लिए भी 4500/- रूपये प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति की पात्रता हाेंगी;
(x) माता-पिता की आय का उक्त छात्रवृत्ति के लिए कोई बंधन नहीं होगा;
(xi) यह छात्रवृत्ति बालक/बालिका को प्राप्त होने वाली अन्य मैरिट छात्रवृत्ति अथवा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/पिछड़ावर्ग के छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होंगी। 5. भुगतानः-
(i) राष्ट्रीय शौर्य पुरस्कार या राज्य वीरता पुरूस्कार प्राप्त बालक/बालिका को छात्रवृत्ति का भुगतान शिक्षा/उच्च शिक्षा/तकनीकी शिक्षा विभाग के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा किया जायेगा। (ii) छात्रवृत्ति पाने वाले बालक/बालिका को उसकी संतोषजनक प्रगति, नियमित, उपस्थिति तथा सदाचरण पर संस्था प्रमुख का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा;
(iii) छात्रवृत्ति का भुगतान सम्बन्धित बालक/बालिका को इन नियमों में निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर आगामी माह की 10 तारीख तक कर दिया जाना चाहिए ;
(iv) अवकाश अवधि के दौरान छात्रवृत्ति का भुगतान किया जायेगा। यदि ऐसी अनुपस्थिति का कारण बीमारी हो और उसके लिए मान्यता प्राप्त चिकित्सा व्यवसायी का चिकित्सा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया गया हो;
6. छात्रवृत्ति का नवीनीकरण/निलंबन/निरस्त करना :-
(i) इन नियमों के अधीन छात्रवृति संतोषजनक प्रगति, सदाचरण तथा इन नियमों में निर्धारित अन्य शर्तों को पूरा करने पर प्रतिवर्ष नवीनीकृत की जायेगी;
(ii) किसी वार्षिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने पर बालक/बालिका को अगली उच्च कक्षा में उत्तीर्ण होकर प्रवेश पाने तक उसकी छात्रवृत्ति निलंबित रखी जाएगी.
(iii) यदि बालक/बालिका को पूरक परीक्षा मिलती है तो छात्रवृत्ति निलंबित कर दी जाएगी तथा यदि वह पूरक परीक्षा में उसी वर्ष उत्तीर्ण हो जाए तो उसकी छात्रवृत्ति नवीनीकृत कर दी जायेगी। ऐसी नवीनीकरण पूरक परीक्षा उत्तीर्ण करने की तारीख से प्रभावशील होगा। यदि कोई छात्र बीमारी के कारण परीक्षा में न बैठ सके तो उसकी छात्रवृत्ति चिकित्सा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर और संस्था प्रमुख द्वारा इस आशय की प्रमाण-पत्र देने पर कि यदि छात्र परीक्षा में बैठा हो तो वह उसमें उत्तीर्ण हो जाता, आगामी वर्ष के लिए छात्रवृत्ति का नवीनीकरण किया जा सकेगा;
(iv) मृत्यु/बीच में शिक्षा छोड़ देने शिक्षण संस्था/विद्यालय/महाविद्यालय/ विश्वविद्यालय से निकाल दिये जाने पर/विदेशो में शिक्षा ग्रहण करने पर उक्त छात्रवृत्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त मानी जावेगी। 7. आवेदन का तरीका :-
इन नियमों के अधीन छात्रवृत्ति के लिए निम्नलिखित प्रमाण-पत्रों सहित सादे कागज पर जिला कार्यक्रम अधिकारी/जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी/ परियोजना अधिकारी को आवेदन पत्र प्रस्तुत करना होगा :-
(क) राष्ट्रीय शौर्य पुरस्कार/राज्य वीरता पुरस्कार प्राप्त होने का प्रमाण-पत्र;
(ख) अंतिम उत्तीर्ण परीक्षा की अंकसूची की अभिप्रमाणित प्रति;
(ग) जिस संस्था में बालक/बालिका अध्ययनरत हो उस संस्था प्रमुख का संतोषजनक प्रगति तथा सदाचरण का प्रमाण-पत्र;
(घ) छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी होने का प्रमाण-पत्र;
8. आवेदन पत्रों का प्रेषण :-
जिला कार्यक्रम अधिकारी/जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी प्राप्त आवेदनों के तथा संलग्न प्रमाणपत्रों/अभिलेखों के परीक्षण उपरांत जिला कलेक्टर की अनुशंसा से संचालनालय को प्रेषित करेंगें।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
पोषण चंद्राकर, विशेष सचिव.