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Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

‘‘छत्तीसगढ़ आयुष स्नातक पाठ्यक्रम प्रवेश नियम, 2023’’ संबंधी

Published 11 September 2023

Department
चिकित्सा शिक्षा विभाग
Type
Extraordinary
Gazette no.
461
Notification no.
क्रमांक एफ 2-18/2010/55-एक
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2023-09-11.461
Languages
English, Hindi

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 चिकित्सा शिक्षा (आयुष) विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर

अटल नगर, दिनांक 6 सितम्बर 2023

अधिसूचना

क्रमांक एफ 2-18/2010/55-एक.⸺ राज्य शासन एतद्‌ द्वारा छत्तीसगढ़ स्नातक पाठ्‌यक्रम प्रवेष नियम, 2019 को अधिक्रमित करते हुये प्रदेष के आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा एवं होम्योपैथी (आयुश) महाविद्यालयों के स्नातक पाठ्‌यक्रमों में प्रवेष हेतु निम्नलिखित नियम बनाता है, अर्थात्‌ :-

नियम

1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ :-

(1) ये नियम ''छत्तीसगढ़ आयुष स्नातक पाठ्‌यक्रम प्रवेश नियम, 2023'' कहलाएंगे।

(2) राज्य के समस्त शासकीय, शासकीय अनुदान प्राप्त तथा गैर अनुदान प्राप्त निजी आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा एवं होम्योपैथी (आयुष) महाविद्यालयों के स्नातक पाठ्‌यक्रमों में प्रवेश इन नियमों के आधार पर संचालक आयुश के माध्यम से दिया जाएगा।

(3) ये नियम छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाषन की तारीख से प्रभावशील होंगे।

2. परिभाषाएं :- इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अभिप्रेत न हो :-

(1) 'आयुष' से अभिप्रेत है, आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा एवं होम्योपैथी। (2) 'श्रेणी' से अभिप्रेत है, इन छः श्रेणियों में से कोई एक, अर्थात्‌ 'अनुसूचित जनजाति', 'विषेश पिछड़ी अनुसूचित जनजाति', 'अनुसूचित जाति', 'अन्य पिछड़ा वर्ग (क्रीमीलेयर को छोड़कर)', 'अनारक्षित' तथा 'ई.डब्ल्यू.एस. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग)।

(3) 'संवर्ग' से अभिप्रेत है, इन चारों संवर्गों में से कोई एक अर्थात्‌ 'सैनिक', 'स्वतंत्रता संग्राम सेनानी', 'दिव्यांग' तथा 'महिला'।

(4) 'बिना संवर्ग' से अभिप्रेत है, जो किसी भी संवर्ग के अन्तर्गत न हो।

(5) 'दिव्यांग' से अभिप्रेत है, ऐसा व्यक्ति जो ''निःशक्त व्यक्ति अधिकार अधिनियम, 2016'' के अनुसार दिव्यांग की श्रेणी में आता हो, परन्तु आयुश स्नातक पाठ्‌यक्रमों में प्रवेश के लिए अयोग्य नहीं माना गया हो।

(6) 'महाविद्यालय' से अभिप्रेत है, 'छत्तीसगढ़ शासन के अधीन शासकीय एवं निजी आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा एवं होम्योपैथी महाविद्यालय'।

(7) 'शासकीय अनुदान प्राप्त महाविद्यालय' से अभिप्रेत है ऐसे निजी महाविद्यालय जिसने चल सम्पत्ति, अचल सम्पत्ति, शासकीय अस्पताल अथवा किसी अन्य शासकीय सम्पत्ति के उपयोग का अधिकार अथवा आर्थिक सहायता के रूप में राज्य शासन से कोई भी सहायता प्राप्त की हो।

(8) 'अल्पसंख्यक संस्था' से अभिप्रेत है, भारत के संविधान के अनुच्छेद 30 के अन्तर्गत धार्मिक अथवा भाषायी अल्पसंख्यकों द्वारा राज्य में स्थापित महाविद्यालय जो ऐसे नियर्मोंंं के अधीन मान्यता प्राप्त अथवा अधिसूचित हो जो कि राज्य शासन द्वारा विहित किए जायेंगे।

(9) 'प्रवेश परीक्षा' से अभिप्रेत है, केन्द्र सरकार के नामित प्राधिकारी द्वारा आयोजित राश्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेष परीक्षा [National Eligibility cum Entrance Test (NEET)]।

(10) 'संचालक' से अभिप्रेत है, 'संचालक, आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा एवं होम्योपैथी (आयुष), छत्तीसगढ़' ।

(11) 'स्थानीय निवासी' से अभिप्रेत है, ऐसा अभ्यर्थी जो छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समय-समय पर जारी किए गए आदेषों के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य का स्थानीय निवासी हो तथा राज्य शासन के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र का धारक हो।

(12) 'गैर स्थानीय निवासी' से अभिप्रेत है, ऐसा अभ्यर्थी जो छत्तीसगढ़ राज्य को छोड़कर अन्य किसी राज्य या केन्द्र शासित प्रांत का स्थानीय निवासी हो तथा संबंधित शासन के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र का धारक हो।

(13) 'राज्य शासन' से अभिप्रेत है, 'छत्तीसगढ़ शासन' ।

(14) ''भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग'' से अभिप्रेत है, भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग अधिनियम, 2020 (2020 का सं. 14) के अधीन गठित भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग।

(15) ''राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग'' से अभिप्रेत है, राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग अधिनियम, 2020 (2020 का सं. 15) के अधीन गठित राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग।

(16) ''विष्वविद्यालय'' से अभिप्रेत है, छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुश विष्वविद्यालय छत्तीसगढ़। (17) ''केन्द्रीय काउंसिलिंग समिति'' से अभिप्रेत है, अखिल भारतीय कोटे की सीटों के आबंटन हेतु केन्द्र सरकार द्वारा गठित समिति।

(18) ''राज्य काउंसिलिंग समिति'' से अभिप्रेत है, राज्य कोटे की सीटों के आबंटन हेतु संचालक द्वारा गठित समिति।

(19) ''अखिल भारतीय कोटा'' से अभिप्रेत है, केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के आयुष महाविद्यालयों हेतु निर्धारित अखिल भारतीय कोटा की सीटें।

(20) ''राज्य कोटा'' से अभिप्रेत है, छत्तीसगढ़ राज्य के आयुश महाविद्यालयों हेतु निर्धारित राज्य कोटा की सीटें।

(21) ''अभ्यर्थी'' से अभिप्रेत है, उक्त पाठ्‌यक्रमों में प्रवेष के इच्छुक व्यक्ति।

(22) ''छात्र'' से अभिप्रेत है, उक्त पाठ्‌यक्रमों में प्रवेष के उपरांत छात्र/ छात्राएं।

3. प्रवेष हेतु अर्हताएं :-

(1) निवास सम्बन्धी अर्हताएॅं ः- केवल वही अभ्यर्थी प्रवेश हेतु आवेदन करने के लिए अर्ह होगा, जो,

(क) भारत का नागरिक हो ।

(ख) छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी अथवा गैर स्थानीय निवासी हो।

(2) शैक्षणिक अर्हताएंॅ :-

(क) बी.ए.एम.एस./ बी.यू.एम.एस./ बी.एच.एम.एस. पाठ्‌यक्रम में प्रवेष हेतु अर्हताएं :-

बी.ए.एम.एस./बी.यू.एम.एस./बी.एच.एम.एस. पाठ्‌यक्रम में आवेदन करने हेतु भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग एवं राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम अर्हताएं निम्नानुसार होगी :-

(i) अभ्यर्थी भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन अथवा अन्य किसी राज्य शासन से मान्यता प्राप्त षिक्षा बोर्ड से उच्चतर माध्यमिक (102) परीक्षा भौतिक शास्त्र, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान और अंग्रेजी विशयों सहित तथा भौतिक शास्त्र, रसायन विज्ञान एवं जीवविज्ञान (प्राणी विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान) इन तीनों विशयों में सम्मिलित (Aggregate) रूप से अनारक्षित श्रेणी एवं ई.डब्ल्यू.एस. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के अभ्यर्थी न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ, अनारक्षित श्रेणी एवं ई.डब्ल्यू.एस. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के दिव्यांग संवर्ग के अभ्यर्थी न्यूनतम 45 प्रतिषत अंको के साथ, छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अनुसूचित जनजाति, विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (क्रीमीलेयर को छोड़कर) श्रेणी के तथा इन्हीं श्रेणियों के दिव्यांग संवर्ग के अभ्यर्थी न्यूनतम 40 प्रतिषत अंको के साथ उत्तीर्ण की हो। (ii) पाठ्‌यक्रम में प्रवेश हेतु प्रवेष परीक्षा (NEET) में अनारक्षित श्रेणी एवं ई.डब्ल्यू.एस.

(आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 50 प्रतिषतक (Percentile) अंक के साथ, अनारक्षित श्रेणी एवं ई.डब्ल्यू.एस. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के दिव्यांग संवर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 45 प्रतिषतक (Percentile) अंक के साथ, छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अनुसूचित जनजाति, विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (क्रीमीलेयर को छोड़कर) श्रेणी के तथा इन्हीं श्रेणियों के दिव्यांग संवर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 40 प्रतिषतक (Percentile) अंक के साथ उत्तीर्ण होना आवष्यक होगा। (iii) बी.यू.एम.एस. पाठ्‌यक्रम में प्रवेश हेतु अतिरिक्त अर्हता :- बी.यू.एम.एस. पाठ्‌यक्रम में प्रवेष हेतु उक्त अर्हता के साथ अभ्यर्थी को एक विशय के रूप में उर्दू या अरबी या फारसी भाशा सहित 10वीं अथवा 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवष्यक है अथवा विष्वविद्यालय या बोर्ड या पंजीकृत सोसायटी, जो भारत सरकार द्वारा ऐसी परीक्षा का आयोजन कराने हेतु प्राधिकृत हो, के द्वारा आयोजित परीक्षा में 10वीं कक्षा की समकक्ष उर्दू की परीक्षा (जहॉं कहीं ऐसी परीक्षा आयोजित कराने का प्रावधान है) उत्तीर्ण हो। ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने 10वीं अथवा 12वीं कक्षा में एक विशय के रूप में उर्दू या अरबी या फारसी भाशा में उत्तीर्ण न की हो, उन्हें प्रथम व्यावसायिक बी.यू.एम.एस. सत्र के दौरान अरबी तथा मन्तिक व फलसिफा (Logic and Philosophy) विशय के साथ उर्दू भाशा का भी अध्ययन करना होगा।

स्पश्टीकरण :- प्राग्‌ तिब्ब (Pre-Tibb) एक वर्षीय परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए प्रवेष परीक्षा (NEET) लागू नहीं होगी। एक वर्षीय प्राग्‌ तिब्ब (Pre-Tibb) परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए बी.यू.एम.एस. पाठ्‌यक्रम में 10 प्रतिषत सीटें आरक्षित होंगी। अंक/परसेंटाईल में समय-समय पर किये गये परिवर्तन मान्य होंगे।

(ख) बी.एन.वाय.एस. पाठ्‌यक्रम में प्रवेष हेतु अर्हताएं :- बी.एन.वाय.एस. पाठ्‌यक्रम में प्रवेष हेतु अभ्यर्थी भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन अथवा अन्य किसी राज्य शासन से मान्यता प्राप्त षिक्षा बोर्ड से उच्चतर माध्यमिक (102) परीक्षा भौतिक शास्त्र, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान और अंग्रेजी विशयों सहित तथा भौतिक शास्त्र, रसायन विज्ञान एवं जीवविज्ञान (प्राणी विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान) इन तीनों विशयों में सम्मिलित (Aggregate) रूप से अनारक्षित श्रेणी एवं ई.डब्ल्यू.एस.

(आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के अभ्यर्थी न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ, अनारक्षित श्रेणी एवं ई.डब्ल्यू.एस. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के दिव्यांग संवर्ग के अभ्यर्थी न्यूनतम 45 प्रतिषत अंको के साथ, छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अनुसूचित जनजाति, विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (क्रीमीलेयर को छोड़कर) के तथा इन्हीं श्रेणियों के दिव्यांग अभ्यर्थी न्यूनतम 40 प्रतिषत अंको के साथ उत्तीर्ण की हो।

नोट :- इस पाठ्‌यक्रम में प्रवेष हेतु प्रवेष परीक्षा (NEET) आवष्यक नहीं है।

(3) आयु सीमा :- केवल वे ही अभ्यर्थी आयुश महाविद्यालयों के स्नातक पाठ्‌यक्रमों में प्रवेश हेतु पात्र होंगे, जिन्हाेंने प्रवेष परीक्षा (NEET) वर्ष के 31 दिसम्बर को न्यूनतम 17 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली हो।

स्पष्टीकरण :-आयु प्रमाणित करने के लिए हाई स्कूल/ हायर सेकण्डरी (102) सर्टिफिकेट परीक्षा अथवा समकक्ष परीक्षा के प्रमाण-पत्र अथवा अंकसूची में अंकित जन्मतिथि को ही सही माना जायेगा।

4. सीटों का निर्धारण एवं आरक्षण :-

(1) सीटों का निर्धारण निम्नानुसार होगा :-

(क) राज्य के सभी शासकीय एवं निजी आयुर्वेद, यूनानी तथा होम्योपैथी महाविद्यालयों की कुल सीटों में से 15 प्रतिषत सीट अखिल भारतीय कोटा के तहत एवं शेश 85 प्रतिषत सीट राज्य कोटे के तहत भरी जावेगी। निजी आयुर्वेद, यूनानी तथा होम्योपैथी महाविद्यालयों की अखिल भारतीय कोटा की सीटों पर नियमानुसार आरक्षण लागू नहीं होता है। (ख) बी.एन.वाय.एस. पाठ्‌यक्रम की सभी सीटें राज्य कोटे के तहत राज्य काउंसिलिंग समिति द्वारा भरी जायेंगी।

नोट :- केन्द्र सरकार द्वारा विदेषी छात्रों हेतु आयुश महाविद्यालयों में निर्धारित सीट राज्य कोटा के अंतर्गत होगी।

(ग) यूनानी महाविद्यालयों हेतु स्वीकृत प्रवेष क्षमता की कुल संख्या में से दस प्रतिषत सीटें प्रतिवर्श मुख्य पाठ्‌यक्रम में पार्ष्विक प्रवेष हेतु प्राग्‌तिब्ब (Pre-Tibb) पाठ्‌यक्रम उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिये आरक्षित होंगी। पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में रिक्त सीटें प्रवेष परीक्षा (NEET) की प्रावीण्य सूची के अभ्यर्थियों से भरी जायेगी।

(घ) अल्पसंख्यक महाविद्यालय की सीटों का निर्धारण निम्नानुसार होगा :-

(i) राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय हेतु मान्यता प्राप्त निजी आयुश महाविद्यालयों के कुल स्वीकृत सीटों में से राज्य कोटे की सीटों का 50 प्रतिषत सीटें प्रदेष के स्थानीय निवासी अल्पसंख्यक समुदाय (जिस धार्मिक या भाशायी अल्पसंख्यक समुदाय हेतु किसी महाविद्यालय को मान्यता दी गयी है) के अभ्यर्थियों के प्रवेष हेतु आरक्षित रहेंगी। इन सीटों पर प्रवेष उन्हीं अल्पसंख्यक समुदाय (जिस धार्मिक या भाशायी अल्पसंख्यक समुदाय हेतु किसी महाविद्यालय को मान्यता दी गयी है) के अभ्यर्थियों की प्रवेश परीक्षा (NEET) की परस्पर प्रावीण्यता सूची के आधार पर दिया जायेगा। सीटों के रिक्त रहने की स्थिति में उपरोक्त सीटों पर अन्य पात्र अभ्यर्थियों को प्रवेष दिया जा सकेगा। शेश 50 प्रतिषत सीटों की पूर्ति सामान्य प्रावीण्यता सूची (General Merit List) के अभ्यर्थियों द्वारा की जायेगी। इन सीटों पर छत्तीसगढ़ शासन का आरक्षण नियम लागू नहीं होगा।

(ii) अल्पसंख्यक समुदाय हेतु आरक्षित सीटों पर प्रवेष के लिए समुदाय विषेश (जिस धार्मिक या भाशायी अल्पसंख्यक समुदाय हेतु किसी महाविद्यालय को मान्यता दी गयी है) के अल्पसंख्यक अभ्यर्थी को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

(2) छत्तीसगढ़ राज्य के सभी शासकीय एवं निजी आयुश महाविद्यालयों (अल्पसंख्यक संस्था को छोड़कर) के राज्य कोटे की सभी सीटों पर नियमानुसार छत्तीसगढ़ राज्य का आरक्षण नियम लागू होगा। छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जनजाति, विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (क्रीमीलेयर को छोड़कर) तथा ई.डब्ल्यू.एस. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के अभ्यर्थियों के लिए सीटों का आरक्षण छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी प्रचलित/ नवीनतम अधिसूचना के अनुसार किया जावेगा। आरक्षण का लाभ लेने हेतु राज्य शासन के प्राधिकृत सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र मान्य होगा। ई.डब्ल्यू.एस. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के अभ्यर्थी हेतु सक्षम अधिकारी द्वारा जारी नवीनतम ''आय एवं सम्पत्ति प्रमाण पत्र'' मान्य होगा।

(3) प्रवेश परीक्षा (NEET) द्वारा भरी जाने वाली सीटों की सभी श्रेणियों में सैनिक संवर्ग के लिए 03 प्रतिशत, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संवर्ग हेतु 03 प्रतिशत, दिव्यांग संवर्ग हेतु 05 प्रतिशत एवं महिला संवर्ग हेतु 30 प्रतिशत श्रेणीवार क्षैतिज आरक्षण होगा।

स्पश्टीकरण :- (1) सैनिक संवर्ग में आरक्षण का लाभ सैनिकों के पुत्र/ पुत्री को ही मिलेगा।

स्पश्टीकरण :- (2) सैनिक संवर्ग में प्रतिरक्षा कर्मचारियों के रूप में सेवा कर चुके भूतपूर्व सैनिक, कार्यरत प्रतिरक्षा कर्मचारी तथा ऐसे प्रतिरक्षा कर्मचारी जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो चुकी हो या जो सेवा के दौरान स्थाई रूप से दिव्यांग हो गए हों, के पुत्र/पुत्री के लिए सीटें आरक्षित हैं। इस संवर्ग के अन्तर्गत प्रवेश हेतु दावा करने वाले अभ्यर्थियों को इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा कि वह छत्तीसगढ़ में विस्थापित भूतपूर्व सैनिक का पुत्र/पुत्री है। भूतपूर्व सैनिक से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है, जो भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी की गई भूतपूर्व सैनिक की परिभाषा के अन्तर्गत आता है। भूतपूर्व सैनिक के पुत्र/ पुत्री होने के फलस्वरूप प्रवेश का दावा करने वाले अभ्यर्थी को अपने पिता/माता का भूतपूर्व सैनिक संबंधी प्रमाण-पत्र एवं अपने पिता/माता के छत्तीसगढ़ में विस्थापित होने संबंधी प्रमाण-पत्र संबंधित जिले के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी (पूर्व का पदनाम सचिव,जिला सैनिक बोर्ड) से प्राप्त कर प्रस्तुत करना होगा।

अथवा

वह छत्तीसगढ़ के अथवा बाहर पदस्थ ऐसे प्रतिरक्षा कर्मचारी का पुत्र/ पुत्री है जो छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी है। ऐसे अभ्यर्थियों को अपने माता पिता के छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी होने संबंधी प्रमाण-पत्र निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करना होगा ।

अथवा

वह परीक्षा के वर्ष की 01 जनवरी को अथवा उसके पूर्व की तिथि में छत्तीसगढ़ में पदस्थ प्रतिरक्षा कर्मचारी का पुत्र / पुत्री है।

टिप्पणी :- सैनिक संवर्ग के अन्तर्गत किसी अभ्यर्थी की पात्रता के संबंध में किसी संदेह अथवा विवाद की स्थिति में संचालक, सैनिक कल्याण, छत्तीसगढ़ द्वारा दिया गया निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा। स्पश्टीकरण :- (3) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संवर्ग में आरक्षण का लाभ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पुत्र/ पुत्री, पौत्र/ पौत्री (पुत्र की संतान) एवं नाती /नातिन (पुत्री की संतान) को ही मिलेगा।

स्पश्टीकरण :- (4) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जिनका नाम छत्तीसगढ़ के किसी भी जिले के कलेक्टोरेट में रखी गई स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सूची में पंजीकृत है। इस संवर्ग में उन्हीं अभ्यर्थियों को पात्रता होगी जो स्थानीय निवास के संबंध में नियम 2(11) में उल्लेखित अर्हताएं पूर्ण करते हैं।

अथवा

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से भी है जिनका नाम अविभाजित मध्यप्रदेश के किसी भी जिले (भले ही वे वर्तमान मध्यप्रदेश के जिले हों) के कलेक्टोरेट में रखी गयी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सूची मे पंजीकृत है, परन्तु इस संवर्ग के अन्तर्गत आरक्षण का लाभ छत्तीसगढ़ शासन के शासकीय सेवक, उसकी पत्नी/ पति एवं उनके पुत्र/ पुत्री को ही दिया जावेगा, जिनके पिता/ माता अथवा दादा/ दादी अथवा नाना/नानी का नाम अविभाजित मध्यप्रदेश के किसी भी जिले (भले ही वे वर्तमान मध्यप्रदेश के जिले हों) की स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की सूची में पंजीकृत है।

स्पश्टीकरण :- (5) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संवर्ग में प्रवेश हेतु आवेदन करने वाले अभ्यर्थी को संबंधित जिले के कलेक्टोरेट से निर्धारित प्रारूप में प्राप्त प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। केवल कलेक्टर अथवा उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र ही अभ्यर्थी का इस संवर्ग में होने संबंधी एकमात्र वैध एवं मान्य प्रमाण पत्र होगा।

स्पश्टीकरण :- (6) शारीरिक रूप से दिव्यांग अभ्यर्थियों के प्रवेष की उपयुक्तता का निर्धारण निम्नानुसार किया जायेगा :-

सबसे पहले 50 से 70 प्रतिषत तक एक हाथ/ एक पैर (OA/ OL) अषक्तता वाले अभ्यर्थियों से भरा जावेगा। ऐसे अभ्यर्थियों की उपलब्धता नहीं होने की स्थिति में 40 प्रतिषत या इससे अधिक किन्तु 50 प्रतिषत से कम एक हाथ/ एक पैर (OA/ OL) अषक्तता वाले अभ्यर्थियों से भरा जाएगा। नोट :-(i) निम्नलिखित अषक्तताएं (दिव्यांगताएंॅ) के अभ्यर्थी पात्र नहीं होंगे :-

1. दोनों हाथों की दिव्यांगता

2. दोनों पैरों की दिव्यांगता

3. दृश्टिबाधित दिव्यांगता

4. बधिरीय दिव्यांगता

5. एक हाथ/ एक पैर (OA/ OL) की 40 प्रतिषत से कम एवं 70 प्रतिषत से अधिक दिव्यांगता।

6. निःषक्त व्यक्ति अधिकार अधिनियम, 2016 में सम्मिलित अन्य दिव्यांगताएंॅ। (ii) काउंसिलिंग के समय छः (6) माह से अधिक पुराना दिव्यांगता संबंधी प्रमाण पत्र मान्य नहीं होगा

(iii) दिव्यांग संवर्ग में प्रवेष का लाभ प्राप्त करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के संभागीय/जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र ही मान्य होगा।

(4) सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, दिव्यांग एवं महिला संवर्ग के अभ्यर्थियों के लिये आरक्षित सूची में सीटें समाप्त होने के पश्चात्‌ उपलब्ध योग्य अभ्यर्थियों को उनकी स्वयं की श्रेणी में मेरिट आधार पर बिना संवर्ग के उचित क्रमांक पर रखा जायेगा।

(5) किसी भी श्रेणी के अभ्यर्थी को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी/दिव्यांग/सैनिक संवर्ग में से किसी एक ही संवर्ग पर आरक्षण का लाभ दिया जावेगा। इसके लिए उसे सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।

5. आरक्षित श्रेणी/ संवर्ग की रिक्त सीटों का परिवर्तन :-

(1) किसी भी श्रेणी के अन्तर्गत सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, दिव्यांग एवं महिला संवर्ग में प्रवेश हेतु पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध न होने पर रिक्त सीटों को उसी श्रेणी के ''बिना संवर्ग'' में परिवर्तित कर दिया जायेगा ।

(2) किसी भी आरक्षित श्रेणी के अन्तर्गत प्रवेश हेतु पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध न होने पर रिक्त सीटों को निम्नानुसार अन्य श्रेणियों में परिवर्तित कर दिया जायेगा :-

विषेश पिछड़ी अनुसूचित जनजाति श्रेणी के लिए आरक्षित रिक्त रह गई सीट अनुसूचित जनजाति के पात्र अभ्यर्थियों से भरी जावेगी, अनुसूचित जनजाति श्रेणी के लिये आरक्षित सीटों हेतु पात्र अभ्यर्थी न मिलने के कारण रिक्त रह गयी सीटें अनुसूचित जाति के पात्र अभ्यर्थियों से भरी जायेंगी। इसी प्रकार अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित रिक्त रह गयी सीटें अनुसूचित जनजाति के पात्र अभ्यर्थियों से भरी जायेंगी। इन तीनों श्रेणियों एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (क्रीमीलेयर को छोड़कर) तथा ई.डब्ल्यू.एस. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिये आरक्षित सीटों हेतु पात्र अभ्यर्थी न मिलने के कारण रिक्त रह गयीं सीटों को अन्य पात्र अभ्यर्थियों से भरा जावेगा।

(3) उक्तानुसार सीटों का परिवर्तन मॉप-अप राण्उड की काउंसिलिंग में किया जावेगा।

6. चयन प्रक्रिया :-

(1) बी.ए.एम.एस./बी.यू.एम.एस./बी.एच.एम.एस. पाठ्‌यक्रमों में प्रवेश, प्रवेष परीक्षा (NEET) की प्रावीण्यता सूची के आधार पर छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी/ गैर स्थानीय निवासी अभ्यर्थियाें को दिया जायेगा।

(2) बी.ए.एम.एस./बी.यू.एम.एस./बी.एच.एम.एस. पाठ्‌यक्रमों के अखिल भारतीय कोटा की सीटों में प्रवेष हेतु केन्द्र सरकार द्वारा गठित केन्द्रीय काउंसिलिंग समिति द्वारा काउंसिलिंग की जावेगी तथा राज्य कोटे की सीटों के लिए 'राज्य काउंसिलिंग समिति' द्वारा काउंसिलिंग की जावेगी।

(3) बी.ए.एम.एस./बी.यू.एम.एस./बी.एच.एम.एस. पाठ्‌यक्रमों के अखिल भारतीय कोटा की सीटों में प्रवेष हेतु केन्द्रीय काउंसिलिंग के अंतिम तिथि के बाद रिक्त रह गयी सीटों को केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को हस्तांतरित किये जाने के पष्चात्‌ राज्य कोटा की सीट में सम्मिलित कर नियमानुसार प्रवेष की कार्यवाही की जावेगी।

(4) बी.एन.वाय.एस. पाठ्‌यक्रम में प्रवेश हेतु प्रवेष परीक्षा (NEET) आवष्यक नहीं होगा। अभ्यर्थियों का चयन भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन अथवा अन्य किसी राज्य शासन से मान्यता प्राप्त बोर्ड से उच्चतर माध्यमिक (10+2) परीक्षा में भौतिक शास्त्र, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान के सम्मिलित (Aggregate) रूप से प्राप्तांक के आधार पर तैयार प्रावीण्यता सूची के आधार पर 'राज्य काउंसिलिंग समिति' द्वारा किया जायेगा।

7. पंजीयन :-

(1) बी.ए.एम.एस./ बी.यू.एम.एस./बी.एच.एम.एस. पाठ्‌यक्रम हेतु पंजीयन :-

(क) संचालक द्वारा बी.ए.एम.एस./ बी.यू.एम.एस./बी.एच.एम.एस. पाठ्‌यक्रमों में प्रवेष हेतु प्रवेष परीक्षा (NEET) में अर्ह एवं इच्छुक स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों से ऑनलाईन आवेदन लिया जायेगा। इस हेतु संचालक द्वारा विज्ञप्ति जारी की जावेगी। (ख) निजी महाविद्यालयों के अखिल भारतीय कोटे की सीटों पर प्रवेश हेतु पृथक से पंजीयन कराया जायेगा। इस हेतु संचालक द्वारा विज्ञप्ति जारी की जावेगी। (ग) प्रवेष परीक्षा (NEET) के आवेदन में की गई प्रविश्टियों या अन्य कोई भी जानकारी जो कि यथावत ऑनलाईन आवेदन में उपयोग की जाती है, में परिवर्तन मान्य नहीं होगा। इनके अतिरिक्त ऑनलाईन आवेदन में यदि कोई त्रुटि हो तो ऑनलाईन पंजीयन की अंतिम तिथि तक संषोधन किया जा सकेगा।

(घ) काउंसिलिंग हेतु ऑनलाईन पंजीयन कराने वाले अभ्यर्थियों को ही काउंसिलिंग के विभिन्न चरणों में सम्मिलित किया जायेगा। इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार का अन्य कोई आवेदन/दावा मान्य नहीं होगा।

(ङ) ऑनलाईन पंजीयन के लिये निर्धारित आवेदन शुल्क की राशि अनारक्षित, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं गैर स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों को रूपये 1500/- (रू. एक हजार पॉंच सौ मात्र) तथा अनुसूचित जनजाति, विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं ई.डब्ल्यू.एस. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के अभ्यर्थियों को रूपये 900/- (रू. नौ सौ मात्र) देय होगा। यह राषि वापसी योग्य नहीं होगी। (च) मॉप-अप रॉउण्ड के पष्चात्‌ पूर्व में पंजीकृत अभ्यर्थियों की प्रावीण्यता सूची समाप्त मानी जावेगी।

(छ) मॉप-अप राउण्ड के पष्चात्‌ सीट रिक्त रहने की स्थिति में स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड में सम्मिलित होने के इच्छुक स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों एवं गैर स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों से नवीन पंजीयन कराया जावेगा। इस हेतु संचालक द्वारा विज्ञप्ति जारी की जावेगी। (ज) पूर्व में राज्य कोटे एवं निजी महाविद्यालयों के अखिल भारतीय कोटा की सीटों हेतु पंजीकृत अभ्यर्थियों को स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड में भाग लेने हेतु नवीन पंजीयन की आवश्यकता नहीं होगी, इस हेतु उन्हें सिर्फ विकल्प चयन करना होगा।

(2) बी.एन.वाय.एस. पाठ्‌यक्रम हेतु पंजीयन :-

(क) बी.एन.वाय.एस. पाठ्‌यक्रम में प्रवेश हेतु इच्छुक स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों से ऑनलाईन पंजीयन कराया जायेगा, जिसके लिये संचालक द्वारा विज्ञप्ति जारी की जायेगा।

(ख) अभ्यर्थियों को आवेदन/पंजीयन एवं काउंसिलिंग शुल्क अनारक्षित, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं गैर स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों के लिये 1500/- (रू. एक हजार पॉंच सौ मात्र), अनुसूचित जनजाति, विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं ई.डब्ल्यू.एस. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिये 900/- (रू. नौ सौ मात्र) देय होगा। यह राषि वापसी योग्य नहीं होगी।

(ग) मॉप-अप रॉउण्ड के पष्चात्‌ पूर्व में पंजीकृत अभ्यर्थियों की प्रावीण्यता सूची समाप्त मानी जावेगी।

(घ) मॉप-अप राउण्ड के पष्चात्‌ सीट रिक्त रहने की स्थिति में स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड में सम्मिलित होने के इच्छुक स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों एवं गैर स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों से नवीन पंजीयन कराया जावेगा। इस हेतु संचालक द्वारा विज्ञप्ति जारी की जावेगी।

(ङ) पूर्व में पंजीकृत अभ्यर्थियों को स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड में भाग लेने हेतु नवीन पंजीयन की आवश्यकता नहीं होगी, इस हेतु उन्हें सिर्फ विकल्प चयन करना होगा। 8. प्रावीण्यता सूची (Merit List) :-

(1) बी.ए.एम.एस./ बी.यू.एम.एस./बी.एच.एम.एस. पाठ्‌यक्रम :-

प्रवेष परीक्षा (NEET) की प्रावीण्यता सूची के आधार पर स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों तथा गैर स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों की प्रावीण्यता सूची संचालक द्वारा तैयार की जावेगी।

(2) बी.एन.वाय.एस. पाठ्‌यक्रम :-

बी.एन.वाय.एस. पाठ्‌यक्रम की प्रावीण्यता सूची उच्चतर माध्यमिक (10+2) अथवा उसके समकक्ष परीक्षा में भौतिक शास्त्र, रसायन विज्ञान एवं जीवविज्ञान के सम्मिलित (Aggregate) रूप से प्राप्तांक के आधार पर तैयार की जावेगी। दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों के उच्चतर माध्यमिक (10+2) अथवा उसके समकक्ष परीक्षा के भौतिक शास्त्र, रसायन विज्ञान एवं जीवविज्ञान विषयों के सम्मिलित प्राप्तांक (Aggregate) समान होने पर जीव विज्ञान में अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी को प्रावीण्यता सूची में वरीयता दी जावेगी। जीव विज्ञान में भी समान अंक होने की स्थिति में रसायन विज्ञान में अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी को प्रावीण्यता सूची में वरीयता दी जावेगी। रसायन विज्ञान में भी समान अंक होने की स्थिति में भौतिक विज्ञान के अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी को वरीयता दी जायेगी। तीनों विषयों में भी समान अंक होने पर अधिक आयु के अभ्यर्थी को वरीयता प्रदान की जावेगी।

9. काउंसिलिंग :-

(1) बी.ए.एम.एस./ बी.यू.एम.एस./बी.एच.एम.एस. पाठ्‌यक्रम :-

राज्य कोटे की सभी सीटों एवं निजी महाविद्यालयों के अखिल भारतीय कोटा की सीटों पर काउंसिलिंग की कार्यवाही समानान्तर रूप से की जावेगी। प्रावीण्यता सूची के आधार पर अभ्यर्थियों की श्रेणीवार एवं संवर्गवार ऑनलाईन काउंसिलिंग प्रथम, द्वितीय, मॉप-अप राउण्ड तथा स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड में संचालक द्वारा की जायेगी, जिसकी समय-सारिणी निर्धारित वेबसाइट पर यथासमय प्रकाषित (घोशित) की जायेगी।

(क) प्रथम चरण (First Round) :-

i. प्रथम चरण की काउंसिलिंग में सभी पंजीकृत एवं अर्ह स्थानीय निवासी अभ्यर्थी पात्र होंगे।

ii. प्रथम चरण की काउंसिलिंग के लिए अभ्यर्थियों को उपलब्ध महाविद्यालय/पाठ्‌यक्रम का विकल्प (Choice) प्राथमिकता के आधार पर चयन करना होगा।

iii. तैयार प्रावीण्यता सूची एवं अभ्यर्थियों द्वारा विकल्प चयन (Choice Filling) के आधार पर प्रथम चरण की काउंसिलिंग में महाविद्यालय/पाठ्‌यक्रम का आबंटन किया जायेगा, जिसकी जानकारी निर्धारित वेबसाईट पर प्रदर्षित की जायेगी, जिसके अनुसार निर्धारित समयावधि में दस्तावेज परीक्षण एवं प्रवेष प्रक्रिया पूर्ण करना अनिवार्य होगा। इस हेतु अभ्यर्थी नियमित रूप से निर्धारित वेबसाइट का अवलोकन करें। इस प्रक्रिया में जानकारी लेने में असफल होने की पूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी की होगी। iv. शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालयों में आबंटित अभ्यर्थियों को प्रवेष लेना अनिवार्य होगा। ऐसे अभ्यर्थी प्रवेष नहीं लेने पर आगामी काउंसिलिंग हेतु अपात्र माने जायेंगे। प्रवेष उपरांत वे उन्नयन (Upgradation) का विकल्प दे सकते हैं।

v. निजी महाविद्यालयों में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों को उन्नयन का अवसर दिया जायेगा। ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने निजी महाविद्यालयों में आबंटित सीट पर निर्धारित समय अवधि तक प्रवेष नहीं लिया है, ऐसी आबंटित सीट को रिक्त मानते हुये आगामी चरणों की काउंसिलिंग में आबंटन हेतु शामिल कर लिया जावेगा तथा ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों की काउंसिलिंग हेतु पुनः पात्र होंगे।

vi. प्रथम चरण की काउंसिलिंग में रिक्त रह गई सीटों को द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में सम्मिलित किया जावेगा।

vii. प्रथम चरण की काउंसिलिंग उपरांत प्रवेषित अभ्यर्थियों का महाविद्यालय/पाठ्‌यक्रम में उन्नयन (Upgradation) द्वितीय चरण एवं मॉप-अप राउण्ड की काउंसिलिंग में होगा तथा द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में प्रवेषित अभ्यर्थियों का महाविद्यालय/पाठ्‌यक्रम में उन्नयन (Upgradation) सिर्फ मॉप-अप राउण्ड में होगा।

viii. प्रथम चरण में सीट आबंटन पष्चात्‌ अभ्यर्थी को यह जानकारी ऑनलाईन पोर्टल पर देनी होगी कि वह आबंटित सीट पर प्रवेष लेना चाहता है अथवा प्रवेष नहीं लेना चाहता अथवा प्रवेष पष्चात्‌ उन्नयन (Upgradation) करना चाहता है। उपरोक्त जानकारी सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित समयावधि में देना अनिवार्य होगा, अन्यथा वे अभ्यर्थी काउंसिलिंग प्रक्रिया से स्वतः ही बाहर हो जायेंगे, किन्तु स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड हेतु नवीन पंजीयन के लिए पात्र होंगे।

(ख) द्वितीय चरण (Second Round) :-

i. द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में ऐसे पंजीकृत अभ्यर्थी पात्र होंगे, जिन्हें प्रथम चरण की काउंसिलिंग में कोई भी सीट आबंटित नहीं हुई है अथवा जिन्होंने आबंटित महाविद्यालय में प्रवेश उपरांत उन्नयन (Upgradation) का विकल्प दिया है अथवा ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने प्रथम चरण की काउंसिलिंग में निजी महाविद्यालय की सीट आबंटन पष्चात्‌ आबंटित महाविद्यालय में प्रवेष नहीं लिया है अथवा ऐसे पंजीकृत अभ्यर्थी जिन्होंने प्रथम चरण की काउंसिलिंग में भाग नहीं लिया है।

ii. द्वितीय चरण की काउंसिलिंग के लिए अभ्यर्थियों को उपलब्ध महाविद्यालय/पाठ्‌यक्रम का विकल्प (Choice) प्राथमिकता के आधार पर पुनः चयन करना होगा। iii. तैयार प्रावीण्यता सूची एवं अभ्यर्थियों द्वारा विकल्प चयन (Choice Filling) के आधार पर द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में महाविद्यालय / पाठ्‌यक्रम का आबंटन किया जायेगा, जिसकी जानकारी निर्धारित वेबसाईट पर प्रदर्षित की जायेगी, जिसके अनुसार निर्धारित समयावधि में दस्तावेज परीक्षण एवं प्रवेष प्रक्रिया पूर्ण करना अनिवार्य होगा। इस हेतु अभ्यर्थी नियमित रूप से निर्धारित वेबसाइट अवलोकन करें। इस प्रक्रिया में जानकारी लेने में असफल होने की पूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी की होगी। iv. द्वितीय चरण में सीट आबंटन पष्चात्‌ अभ्यर्थी को यह जानकारी ऑनलाईन पोर्टल पर देनी होगी कि वह आबंटित सीट पर प्रवेष लेना चाहता है अथवा प्रवेष नहीं लेना चाहता अथवा प्रवेष पष्चात्‌ उन्नयन (Upgradation) करना चाहता है। उपरोक्त जानकारी सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित समयावधि में देना अनिवार्य होगा, अन्यथा वे अभ्यर्थी काउंसिलिंग प्रक्रिया से स्वतः ही बाहर हो जायेंगे, किन्तु स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड हेतु नवीन पंजीयन के लिए पात्र होंगे।

v. शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में आबंटित अभ्यर्थियों को प्रवेष लेना अनिवार्य होगा। ऐसे अभ्यर्थी प्रवेष नहीं लेने पर आगामी काउंसिलिंग हेतु अपात्र माने जायेंगे। प्रवेष उपरांत वे उन्नयन (Upgradation) का विकल्प दे सकते हैं।

vi. द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में प्रवेषित अभ्यर्थियों का महाविद्यालय/पाठ्‌यक्रम में उन्नयन (Upgradation) सिर्फ मॉप-अप राउण्ड में होगा।

(ग) मॉप-अप राउण्ड (Mop-up Round) :-

i. ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें प्रथम एवं द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में किसी भी महाविद्यालय/पाठ्‌यक्रम में सीट आबंटित नहीं हुआ है अथवा ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने प्रथम एवं द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में आबंटित सीट पर प्रवेष के पष्चात्‌ उन्नयन (Upgradation) का विकल्प दिया है ऐसे अभ्यर्थी मॉप-अप राउण्ड हेतु पात्र होंगे।

ii. मॉप-अप राउण्ड की काउंसिलिंग के लिए अभ्यर्थियों को उपलब्ध महाविद्यालय/ पाठ्‌यक्रम का विकल्प (Choice) प्राथमिकता के आधार पर पुनः चयन करना होगा। iii. तैयार प्रावीण्यता सूची एवं अभ्यर्थियों द्वारा विकल्प चयन (Choice Filling) के आधार पर मॉप-अप राउण्ड की काउंसिलिंग में महाविद्यालय/पाठ्‌यक्रम का आबंटन किया जायेगा, जिसकी जानकारी निर्धारित वेबसाईट पर प्रदर्षित की जायेगी। जिसके अनुसार निर्धारित समयावधि में दस्तावेज परीक्षण एवं प्रवेष प्रक्रिया पूर्ण करना अनिवार्य होगा। इस हेतु अभ्यर्थी नियमित रूप से निर्धारित वेबसाइट अवलोकन करें। इस प्रक्रिया में जानकारी लेने में असफल होने की पूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी की होगी। iv. मॉप-अप राउण्ड में सीट आबंटन के पष्चात्‌ अभ्यर्थी को महाविद्यलय में निर्धारित समय अवधि में प्रवेष लेना अनिवार्य होगा। v. मॉप-अप राउण्ड में सीट आबंटन उपरांत उन्नयन (Upgradation) का विकल्प नहीं होगा।

vi. मॉप-अप राउण्ड के पष्चात सीट रिक्त रहने की स्थिति में ही स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड आयोजित की जावेगी।

(घ) स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड (Stray Vacancy Round) :-

i. स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड हेतु पंजीकृत अभ्यर्थी ही इस राउण्ड के लिए पात्र होंगे, जिसके लिए स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड प्रावीण्यता सूची बनायी जावेगी।

ii. स्टे्र वेकेंसी राउण्ड की काउंसिलिंग के लिए अभ्यर्थियों को उपलब्ध महाविद्यालय/ पाठ्‌यक्रम का विकल्प (Choice) प्राथमिकता के आधार पर चयन करना होगा। iii. स्टे्र वेकेंसी राउण्ड की काउंसिलिंग में उपलब्ध सीटों पर स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड प्रावीण्यता सूची एवं विकल्प चयन (Choice Filling) के आधार पर पंजीकृत अभ्यर्थियों को सीट आबंटित की जायेगी। तत्पष्चात्‌ रिक्त होने वाले किसी भी सीट पर प्रवेश के लिये किसी भी अभ्यर्थी के आवेदन पर किसी भी परिस्थिति में विचार नहीं किया जायेगा।

iv. स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड में सीट आबंटन पष्चात्‌ अभ्यर्थी को निर्धारित समयावधि में दस्तावेज परीक्षण एवं प्रवेष प्रक्रिया पूर्ण कराना अनिवार्य होगा। ऐसे अभ्यर्थी जो दस्तावेज परीक्षण में अनर्ह पाये जाते हैं अथवा निर्धारित समयावधि में सीट आबंटित महाविद्यालय में किसी भी कारण से प्रवेष लेने में असफल होते हैं, उन अभ्यर्थियों के सीट आबंटन को निरस्त कर दिया जावेगा। स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड के पष्चात्‌ अन्य कोई भी काउंसिलिंग आयोजित नहीं की जायेगी तथा इसके पश्चात्‌ प्रावीण्यता सूची तथा काउंसिलिंग प्रक्रिया स्वतः समाप्त मानी जायेगी।

(ङ) प्रत्येक चरण की काउंसिलिंग के पष्चात्‌ श्रेणी एवं संवर्गवार छात्रों की ओपनिंग, क्लोजिंग की सूची प्रावीण्यता क्रम (Merit Order) में महाविद्यालय जारी करेगा। (च) काउंसिलिंग या आबंटन प्रक्रिया के किसी भी चरण में समान संस्था की सीट अभ्यर्थी को एक बार आबंटन होने के पष्चात्‌ दोबारा आबंटित नहीं की जायेगी।

(छ) यदि यह पाया गया कि अभ्यर्थी द्वारा ऑनलाईन आवेदन में प्रविश्टि के समय, सीट के आबंटन के समय, दस्तावेजों की जांच के समय, प्रवेष के समय कोई तथ्य एवं जानकारी छुपाई है अथवा गलत जानकारी दी है, तो ऐसा अभ्यर्थी सम्पूर्ण काउंसिलिंग प्रक्रिया से बाहर हो जायेगा।

(2) बी.एन.वाय.एस. पाठ्‌यक्रम :-

(क) प्रथम, द्वितीय एवं मॉप-अप राउण्ड

i. बारहवीं (102) की प्रावीण्यता सूची के आधार पर स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों की श्रेणीवार एवं संवर्गवार ऑनलाईन काउंसिलिंग प्रथम, द्वितीय, मॉप-अप राउण्ड तथा स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड में संचालक द्वारा की जायेगी, जिसकी समय-सारिणी निर्धारित वेबसाइट पर यथासमय प्रकाषित (घोशित) की जायेगी। काउंसिलिंग के किसी भी चरण में सीट आबंटन होने पर दस्तावेज परीक्षण करवाकर प्रवेष लेना अनिवार्य होगा। किसी भी चरण में सीट आबंटन के पष्चात्‌ प्रवेष लेने में किसी भी कारण से असफल होने पर वे अभ्यर्थी आगामी काउंसिलिंग हेतु अपात्र होंगे। ii. मॉप-अप राउण्ड के पष्चात सीट रिक्त रहने की स्थिति में ही स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड आयोजित की जावेगी।

(ख) स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड

i. स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड हेतु पंजीकृत अभ्यर्थी ही इस राउण्ड के लिए पात्र होंगे, जिसके लिए स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड प्रावीण्यता सूची बनायी जावेगी।

ii. स्टे्र वेकेंसी राउण्ड की काउंसिलिंग में उपलब्ध सीटों पर स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड प्रावीण्यता सूची के आधार पर पंजीकृत अभ्यर्थियों को सीट आबंटित की जायेगी। तत्पष्चात रिक्त होने वाले किसी भी सीट पर प्रवेश के लिये किसी भी अभ्यर्थी के आवेदन पर किसी भी परिस्थिति में विचार नहीं किया जायेगा। स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड के पष्चात्‌ अन्य कोई भी काउंसिलिंग आयोजित नहीं की जायेगी तथा इसके पश्चात्‌ प्रावीण्यता सूची तथा काउंसिलिंग प्रक्रिया स्वतः समाप्त मानी जायेगी।

10. दस्तावेज परीक्षण :-

(1) आयुश पाठ्‌यक्रमों (बी.ए.एम.एस./ बी.यू.एम.एस./ बी.एच.एम.एस./ बी.एन.वाय.एस. पाठ्‌यक्रम) में ऑनलाईन सीट आबंटन के पष्चात्‌ अभ्यर्थियों को आबंटन पत्र में उल्लेखित प्रवेष की निर्धारित तिथि में सीट आबंटन पत्र की प्रति एवं सभी वांछित मूल दस्तावेज तथा उनकी छायाप्रतियों के साथ दस्तावेजों के परीक्षण/सत्यापन हेतु संसूचित स्थान में उपस्थित होना होगा। काउंसिलिंग समिति द्वारा किये गये दस्तावेज परीक्षण में पात्र होने पर ही अभ्यर्थियों को प्रवेष दिया जायेगा अन्यथा अभ्यर्थी का आबंटन स्वतः निरस्त हो जाएगा।

होगा :-

(क) प्रवेष परीक्षा (NEET) का प्रवेश पत्र। (बी.एन.वाय.एस. पाठ्‌यक्रम को छोड़कर) (ख) प्रवेष परीक्षा (NEET) की अंक सूची। (बी.एन.वाय.एस. पाठ्‌यक्रम को छोड़कर) (ग) दसवीं की मूल अंकसूची।

(घ) बारहवीं की मूल अंकसूची।

(ङ) सीट आबंटन पत्र (Seat Allotment Letter)

(च) परिचय पत्र (Identity Card) जैसे ः- आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लायसेंस, मतदाता पत्र, पासपोर्ट।

(छ) निवास प्रमाण पत्र।

(ज) स्थायी जाति प्रमाण पत्र (नियम 4 (2) के अनुसार)।

(झ) अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु स्थायी जाति प्रमाण पत्र सहित सक्षम अधिकारी द्वारा जारी विगत तीन वर्शों में से कोई एक वर्ष का आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। केवल माता का आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की स्थिति में पिता का कोई आय नहीं होने अथवा पिता के जीवित नहीं होने अथवा पिता के साथ नहीं रहने संबंधी शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा।

(ट) छत्तीसगढ़ राज्य के संभागीय/जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी शारीरिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र (नियम 4 (3) के अनुसार)।

(ठ) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का प्रमाण पत्र। (नियम 4 (3) के अनुसार)

(ड) सैनिक संवर्ग हेतु जिला सैनिक कल्याण अधिकारी का प्रमाण पत्र (नियम 4 (3) के अनुसार)।

(ढ) ई.डब्ल्यू.एस. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) अभ्यर्थी हेतु सक्षम अधिकारी द्वारा जारी नवीनतम ''आय एवं सम्पत्ति प्रमाण पत्र''।

(ण) अल्पसंख्यक होने का प्रमाण पत्र (नियम 4 (1) (घ) के अनुसार)।

(त) अभ्यर्थी के अध्ययन में यदि व्यवधान हो तो तत्संबंधी कारण बताते हुए नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र (गैप सर्टिफिकेट) प्रस्तुत करना होगा, जिसमें यह भी स्पश्ट उल्लेख किया जाये कि उक्त अवधि में अभ्यर्थी किन्हीं गैर कानूनी गतिविधियों में संलिप्त नहीं रहा है।

(थ) अभ्यर्थी जिस संस्था में अंतिम रूप से अध्ययनरत था उस संस्था के प्राचार्य द्वारा प्रदत्त स्थानांतरण प्रमाण-पत्र एवं चरित्र प्रमाण पत्र जिसमें यह भी उल्लेख हो कि अभ्यर्थी उक्त संस्था में कब से कब तक अध्ययनरत रहा, प्रस्तुत करना होगा। प्रवेष के समय केवल स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (Transfer Certificate), चरित्र प्रमाण-पत्र (Character Certificate), प्रवर्जन प्रमाण-पत्र (Migration Certificate), गैप प्रमाण-पत्र (Gap Certificate) एवं चिकित्सकीय उपयुक्तता प्रमाण-पत्र (Medical Fitness) की मूल प्रति सम्बन्धित महाविद्यालय में जमा करना होगा।

(द) चिकित्सकीय उपयुक्तता :- अभ्यर्थी को चिकित्सकीय उपयुक्तता सिद्ध करने के लिये प्रवेष प्राप्त करने के पूर्व अपनी चिकित्सकीय जांच करानी होगी। इस हेतु उन्हें जिला मेडिकल बोर्ड/शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय अथवा जिला चिकित्सालय के शासकीय चिकित्सक द्वारा प्रदत्त चिकित्सकीय उपयुक्तता प्रमाण पत्र (Fitness Certificate) प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थी को प्रवेश तभी दिया जायेगा, जब वे चिकित्सकीय दृष्टि से उपयुक्त प्रमाणित हो जायेंगे।

11. प्रवेश प्रक्रिया :-

(1) दस्तावेजों और चिकित्सकीय परीक्षण में अर्ह होने पर अभ्यर्थी को आबंटित महाविद्यालय में निर्धारित समयावधि तक प्रवेष लेना अनिवार्य होगा। यदि अभ्यर्थी उपरोक्त प्रक्रिया में विफल होते हैं तो वे चालू शैक्षणिक सत्र के लिये अपात्र घोशित कर दिये जायेंगे।

(2) समस्त औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए प्रवेश हेतु आबंटन पत्र में निर्धारित अंतिम तिथि तक अपेक्षित शुल्क जमा करना होगा तथा आबंटित महाविद्यालय में प्रवेष लेना होगा।

(3) यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित समय अवधि तक आबंटित महाविद्यालय में प्रवेष नहीं लेता है अथवा प्रवेष लेकर सीट छोड़ देता है तो आबंटित या प्रवेषित सीट पर उसका दावा स्वतः समाप्त हो जाएगा तथा उसका आबंटन/ प्रवेष निरस्त माना जायेगा। 12. प्रवेश की सामान्य शर्तें :-

(1) राज्य काउंसिलिंग समिति में संचालक आयुश या उनके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि, शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालयों में से एक प्राचार्य एवं कम से कम एक प्राध्यापक, और आदिमजाति कल्याण विभाग का एक प्रतिनिधि सदस्य के रूप में होंगे। (2) काउंसिलिंग के विवादित प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु संचालक अथवा संचालक द्वारा गठित समिति का निर्णय ही अंतिम एवं मान्य होगा। (3) भारत सरकार द्वारा आयुश पाठ्‌यक्रमों में प्रवेष हेतु निर्धारित अंतिम तिथि के पश्चात्‌ शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में प्रवेशित छात्र द्वारा महाविद्यालय छोड़ने की स्थिति में सम्पूर्ण अध्ययनकाल के लिये निर्धारित शुल्क की दुगुनी राशि अनिवार्य रूप से महाविद्यालय में जमा करना होगा। छात्र द्वारा जमा की जा चुकी शुल्क की राशि का समायोजन उक्त दुगनी राशि में किया जायेगा।

(4) प्रवेष हेतु अभ्यर्थी को स्वयं उपस्थित होना होगा। स्वयं उपस्थित न होने की स्थिति में उनके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि उपस्थित हो सकेंगे। यदि किसी कारणवश अभ्यर्थी या उसका अधिकृत प्रतिनिधि नियत तिथि एवं समय पर उपस्थित नहीं होता है तो वह प्रवेश के लिये अपने सभी अधिकार खो देगा।

(5) काउंसिलिंग के दौरान आयुश महाविद्यालयों की उन्हीं सीटों का आबंटन किया जावेगा, जिन्हें भारत सरकार/ राज्य शासन से चालू शैक्षणिक सत्र के लिए अनुमति तथा विश्वविद्यालय से संबद्धता/ निरंतरता प्राप्त हो चुकी है।

(6) आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को उनके विकल्प चयन के आधार पर अनारक्षित श्रेणी अथवा आरक्षित श्रेणी की सीट आबंटित की जायेगी।

(7) प्रवेष प्रक्रिया पूर्ण होने के पष्चात्‌ 30 दिवस के अंदर समस्त महाविद्यालयों द्वारा प्रवेषित छात्रों की सूची संचालनालय आयुश छत्तीसगढ़ को सत्यापन हेतु प्रस्तुत करना होगा।

सत्यापित सूची को विभागीय एवं सम्बन्धित महाविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाषित किया जायेगा।

13. प्रवेश निरस्त करना :-

(1) यदि यह पाया गया कि कोई छात्र किसी महाविद्यालय मेें झूठी/ गलत सूचना देकर, सुसंगत तथ्यों को छुपाकर प्रवेश लेने में सफल हो गया है या प्रवेश के पश्चात्‌ किसी भी समय यह पाया गया कि छात्र को किसी गलती या भूलवश प्रवेश मिल गया है तो छात्र को दिया गया प्रवेश महाविद्यालय प्रमुख द्वारा उसके अध्ययनकाल के दौरान तुरन्त, बिना किसी सूचना के निरस्त किया जा सकेगा। प्रवेश सम्बन्धी किसी भी विवाद या शंका पर संचालक का निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा । (2) प्रवेष के पष्चात्‌ बिना किसी ठोस आधार यथा गंभीर बीमारी/दुर्घटना एवं तत्सम्बन्धी लिखित सूचना के बिना लगातार 06 माह तक छात्र अनुपस्थित रहने पर तथा सम्पूर्ण पाठ्‌यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अनुषासनहीनता अथवा गैर कानूनी गतिविधियों में संलिप्तता प्रमाणित होने पर संस्था प्रमुख द्वारा प्रवेष निरस्त किया जा सकेगा।

14. शुल्क :- आयुष स्नातक पाठ्‌यक्रमों के लिए राज्य शासन/ शासकीय आयुश महाविद्यालय की स्वषासी समिति/राज्य की फीस विनियामक समिति/भारतीय चिकित्सा पद्धति राश्ट्रीय आयोग/राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग द्वारा निर्धारित षिक्षण शुल्क देय होगा तथा संस्थाओं द्वारा इसमें शासन की पूर्वानुमति के बिना वृद्धि नहीं की जा सकेगी। समस्त आयुष महाविद्यालय प्रवेश के लिए ''प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति'' द्वारा निर्धारित शिक्षण शुल्क एवं अन्य अनिवार्य शुल्क का विवरण संचालक को उपलब्ध करायेंगे, जिसे विभागीय एवं महाविद्यालयों की वेबसाईट पर प्रवेश हेतु पंजीयन के पूर्व प्रकाशित किया जायेगा। 15. काउंसिलिंग की व्यवस्था हेतु निजी आयुष महाविद्यालयों को प्रवेश क्षमता के अनुरूप प्रति छात्र/छात्रा के मान से शासन द्वारा निर्धारित शुल्क काउंसिलिंग आयोजित करने वाली संस्था में जमा करना होगा, इस हेतु निजी आयुष महाविद्यालयों द्वारा छात्र/छात्राओं से अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जावेगा। 16. आयुश मंत्रालय भारत सरकार, भारतीय चिकित्सा पद्धति राश्ट्रीय आयोग, राश्ट्रीय होम्योपैथी आयोग द्वारा काउंसिलिंग तिथि, प्रक्रिया, न्यूनतम अर्हकारी प्राप्तांक इत्यादि के सम्बन्ध में जारी किये गये आदेष, निर्देष समयावधि में प्राप्त होने पर लागू किये जायेंगे।

17. नियमों की व्याख्या ः- प्रवेश हेतु अभ्यर्थियों के चयन से संबंधित सभी नीतिगत प्रश्नों का निर्णय करने के लिये राज्य शासन अंतिम प्राधिकारी होगा। प्रवेश के इन नियमों की व्याख्या से संबंधित कोई प्रश्न उद्‌भूत होता है तो राज्य शासन का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा। छत्तीसगढ़ आयुश स्नातक पाठ्‌यक्रम प्रवेष नियम में संषोधन का पूर्ण अधिकार राज्य शासन को होगा।

18. निरसन ः- इन नियमों के प्रवृत्त होने की तिथि से "छत्तीसगढ़ आयुश स्नातक पाठ्‌यक्रम प्रवेश नियम 2019'' निरसित माने जावेंगे तथापि उन नियमों के अन्तर्गत की गई प्रक्रिया मान्य होगी। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

पुष्पा साहू, संयुक्त सचिव.

Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 11 September 2023. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2023-09-11.461/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2023-09-11.461.