पर्यटन विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
अटल नगर, दिनांक 24 जनवरी 2024
अधिसूचना
क्र. एफ 4-1/2024/33/पर्य..— राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के स्थानीय निवासियों (18 वर्ष से 75 वर्ष तक आयु के व्यक्ति) को उनके जीवनकाल में एक बार उत्तर प्रदेश राज्य के अयोध्या में स्थित श्री रामलला जी के दर्शन हेतु यात्रा सुलभ कराने के उद्देश्य से ''श्रीरामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना'' लागू किया जाए, अतएव उक्त योजना के क्रियान्वयन हेतु राज्य शासन, एतद्द्वारा, निम्नलिखित नियम बनाता है, अर्थात्ः-
नियम
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ :-
(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम श्रीरामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना'' नियम, 2024 कहलायेंगे। (2) ये नियम राजपत्र में इनके प्रकाशित होने के दिनांक से प्रवृा होंगे.
2. उददेश्यः- इस योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के निवासी (18 वर्ष से 75 वर्ष तक आयु के व्यक्ति) को उनके जीवनकाल में एक बार, प्रदेश के बाहर स्थित उत्तर प्रदेश राज्य के अयोध्या धाम स्थित श्रीरामलला दर्शन हेतु यात्रा सुलभ कराने हेतु शासकीय सहायता प्रदान करना है.
3. परिभाषाएँः- इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -
क. ''तीर्थ स्थान'' से तात्पर्य उस स्थान/स्थानों के समूह से है जो कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समय-समय पर, विनिर्दिष्ट किए जाएं,
ख. ''यात्रा'' से तात्पर्य नियम 3(क) में उल्लिखित स्थान की यात्रा में एवं उक्त स्थान की यात्रा के लिये की गयी अनुषांगिक यात्राओं से है.
ग. ''यात्री'' से तात्पर्य उस व्यक्ति/व्यक्तियों के समूह से है, जो नियम 3(क) में उल्लिखित थान/स्थानों की यात्रा प्रारंभ करता है.
घ. ''आवेदक'' से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति/व्यक्तियों के समूह से है जो कि नियम 3(क) में उल्लिखित स्थान की यात्रा करने हेतु आवेदन प्रस्तुत करता है.
ड. 'सहायक' से तात्पर्य उस व्यक्ति से है जो कि 65 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के आवेदक/आवेदकों के साथ यात्रा पर जाता है. यह व्यक्ति 21 वर्ष से अधिक एवं 50 वर्ष से कम आयु का होना चाहिए.
च. ''कोटा'' से तात्पर्य यात्रियों की उस संख्या से है, जो राज्य सरकार राज्य, जिला अथवा अन्य प्रकार से निर्धारित करे.
छ. एजेंसी से तात्पर्य आई.आर.सी.टी.सी. से अथवा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा इस नियम के तहत चयनित अन्य एजेंसी।
ज. 'प्रबंध संचालक' से तात्पर्य उस अधिकारी से है, जिसे कि योजना के संचालन हेतु पर्यटन विभाग द्वारा अधिकृत किया जाय.
झ. ''जीवन साथी'' से तात्पर्य यात्री की पत्नी अथवा पति से है.
4. यात्रा पर जाने के लिए पात्रता :- इस योजना के अंतर्गत आवेदक को निम्नलिखित शर्तें पूर्ण करनी होंगीः- (1) छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो.
(2) 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का हो परंतु 75 वर्ष से अधिक न हो.
(3) इस योजना के अंतर्गत पूर्व में यात्रा न की हो.
(4) यात्रा हेतु शारीरिक एवं मानसिक रूप से सक्षम हो और किसी संक्रामक रोग यथा टी.बी. कांजेस्टिव कार्डियक, श्वास में अवरोध सम्बन्धी बीमारी, coronary thrombosis मानसिक व्याधि, संक्रामक कुष्ठ आदि से ग्रसित न हो.
5. निरर्हताः-
(1) यदि यह पाया गया कि आवेदक/यात्री ने असत्य जानकारी देकर या तथ्यों को छुपाकर आवेदन किया है तो उसे किसी भी समय योजना के लाभों से वंचित किया जा सकेगा.
(2) नियम 16 में वर्णित शर्तों के उल्लंघन पर भी आवेदक/यात्री को योजना के लाभों से वंचित किया जा सकेगा.
(3) नियम 5(1) एवं (2) के अंतर्गत निरर्ह व्यक्ति को भविष्य में आवेदन के लिए भी निरर्ह घोषित किया जा सकेगा.
(4) वर्तमान शासकीय सेवक इस योजना के पात्र नहीं होंगे.
6. श्रीरामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना समितिः-
(1) राज्य सरकार श्रीरामलला (अयोध्या धाम) दर्शन की यात्रा हेतु यात्रियों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, राज्य स्तर पर श्रीरामलला (अयोध्या धाम) दर्शन यात्रा समिति गठित कर सकेगी.
(2) उक्त समिति के निम्नानुसार पदाधिकारी/सदस्य होंगे-
1. मुख्यमंत्री - अध्यक्ष
2. मंत्री, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व - उपाध्यक्ष
3. मंत्री, पर्यटन - उपाध्यक्ष
4. भारसाधक सचिव, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग
5. भारसाधक सचिव, गृह विभाग
6. भारसाधक सचिव, वित्त विभाग
7. भारसाधक सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग
8. भारसाधक सचिव, पर्यटन विभाग - सचिव
9. भारसाधक सचिव, समाज कल्याण विभाग
10. प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल
11. तीन नामांकित अशासकीय सदस्य 7. श्रीरामलला दर्शन (अयोध्या धाम) यात्रा राज्य स्तरीय समिति के र्काव्य :-
(1) समिति, निम्नलिखित कर्तव्यों का निर्वहन करेगी -
क. नागरिकों की यात्राओं के लिए आवश्यक और उपयोगी जानकारी का संग्रहण एवं प्रचार-प्रसार.
ख. योजना का संचालन एवं मानीटरिंग.
ग. यात्रियों की शिकायतों/समस्याओं को स्थानीय अधिकारियों के ध्यान में लाकर उनका निराकरण करना.
घ. यात्रियों की सुविधा के उद्देश्य से अन्य आवश्यक कार्य करना एवं सुझाव देना.
च. तीर्थ यात्रा कोष का नियंत्रण.
छ. अन्य कार्य जो समय-समय पर शासन द्वारा सौंपे जाएं.
(2) समिति अपने कर्तव्यों की पूर्ति के लिए समय-समय पर उप समितियां बना सकेगी.
8. श्रीरामलला दर्शन (अयोध्या धाम) यात्रा जिला स्तरीय समिति :-
(1) राज्य सरकार विभिन्न तीर्थ स्थानों की यात्रा हेतु यात्रियों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तर पर श्रीरामलला दर्शन (अयोध्या धाम) दर्शन यात्रा समिति गठन कर सकेगी.
(2) उक्त समिति में निम्नानुसार सदस्य होंगे :-
1. कलेक्टर - अध्यक्ष
2. मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत - सदस्य सचिव 3. जिला पुलिस अधीक्षक
4. उप संचालक/ संयुक्त संचालक, समाज कल्याण विभाग
5. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
6. जिले का सत्कार अधिकारी
7. एक नामांकित सदस्य
समिति के किसी सदस्य की अनुपस्थिति के कारण समिति के कार्यवाही को प्रश्नगत नहीं किया जाएगा.
9. श्रीरामलला दर्शन (अयोध्या धाम) यात्रा जिला स्तरीय समिति के र्काव्य :-
(1). समिति निम्नलिखित र्काव्यों का निर्वहन करेगी-
क. नागरिकों की यात्राओं के लिए आवश्यक और उपयोगी जानकारी का संग्रहण एवं प्रचार-प्रसार.
ख. यात्रियों की शिकायतों/समस्याओं की स्थानीय अधिकारियों के ध्यान में लाकर उनका निराकरण करना.
ग. यात्रियों की सुविधा के उद्देश्य से अन्य आवश्यक कार्य करना एवं सुझाव देना.
घ. अन्य कार्य जो समय-समय पर, शासन द्वारा सौंपे जाएं.
10. आवेदन की प्रक्रिया :-
(1) आवेदन शासन द्वारा निर्धारित प्रपत्र में निर्धारित माध्यम में किया जाएगा.
(2) आवेदन पत्र हिन्दी में ही भरा जाएगा.
(3) आवेदन के समय 3.5cm×3.5cm साइज का नवीनतम रंगीन फोटो निर्धारित स्थान पर फ्रंट पोज में (सफेद पृष्ठभूमि मात्र) लगाना होगा.
(4) आवेदन के साथ निवास के साक्ष्य (प्रूंफ ऑफ रेसीडेंस) के लिए निम्नलिखित में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा :-
(4) मतदाता पहचान पत्र की प्रतिलिपि
(5) आधार कार्ड की छायाप्रति
(6) आवेदक के मोबाईल में नंबर एवं आपात स्थिति में परिवार के किसी संपर्क सूत्र एवं उनका मोबाईल नंबर।
(7) राज्य शासन द्वारा स्वीकार्य कोई अन्य साक्ष्य
(5) आवेदक को किन्हीं दो नाम निर्देशितियों का नाम एवं अन्य विशिष्टियां जिनसे उनकी किसी आपात स्थिति में तुरंत सम्पर्क किया जा सके, का वर्णन भी आवेदन पत्र में निर्धारित स्थान पर करना होगा. अपने कम से कम एक नाम निर्देशिती का मोबाइल नंबर देना आवश्यक होगा.
(6) 65 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे व्यक्ति, जिसने कि अकेले यात्रा करने हेतुआवेदन किया है, को अपने साथ एक सहायक को यात्रा पर ले जाने की पात्रता होगी. नियम 11(3) के अंतर्गत व्यक्तियों के समूह द्वारा आवेदन करने पर उक्त समूह के साथ, 3 से 5 व्यक्तियों के समूह को 01 सहायक ले जाने की पात्रता होगी, बशर्ते कि इस समूह का प्रत्येक व्यक्ति 65 वर्ष से अधिक आयु का हो. बड़े समूह में प्रति 05 यात्रियों पर 01 के मान से सहायक मान्य किये जाऐंगे. पति/पत्नी के साथ-साथ यात्रा करने पर सहायक को साथ ले जाने की सुविधा नहीं रहेगी बशर्ते उनमें से किसी एक की उम्र 65 वर्ष से कम हो.
(7) यदि आवेदक पति/पत्नी में से किसी का नाम चुना जाता है तो उसका जीवन साथी भी यात्रा पर साथ जा सकेगा. आवेदन करते समय ही आवेदक को यह बताना होगा कि उसका जीवन साथी भी उसके साथ यात्रा करने का इच्छुक है, ऐसी स्थिति में उक्त जीवन साथी का आवेदन भी आवेदक के आवेदन के साथ ही संलग्न करना होगा. यदि सहायक को यात्रा पर साथ ले जाने की पात्रता है तो उस सहायक का आवेदन भी आवेदक के साथ ही जमा किया जायेगा.
(8) यदि व्यक्तियों के समूह एक साथ आवेदन करते हैं तो संपूर्ण समूह को एक आवेदन मानते हुए लॉटरी में सम्मिलित किया जाएगा. उक्त समूह अधिक से अधिक 10 आवेदकों का हो सकेगा. समूह का एक आवेदक समूह का मुखिया कहलायेगा. अन्य सभी आवेदकों के आवेदन उसके आवेदन के साथ संलग्न कर जमा किये जाएंगे. यदि उक्त समूह में सम्मिलित व्यक्तियों को सहायक ले जाने की पात्रता है तो प्रस्तावित सहायकों के आवेदन भी इसी आवेदन के साथ संलग्न किए जाएंगे. समूह में सम्मिलित समस्त व्यक्तियों की, जिसमें सहायक भी सम्मिलित होंगे, संख्या 10 से अधिक नहीं होगी.
(9) सहायक को यात्रा पर ले जाने की दशा में उसे भी उसी प्रकार की सुविधा प्राप्त होगी जो कि यात्री को अनुज्ञेय हो.
(10) आवेदक को अपने नगरीय निकाय अथवा जनपद अथवा ग्राम पंचायत में या निर्धारित स्थान पर अथवा शासन द्वारा तय की गई तरीके से यात्रा हेतु निर्धारित प्रपत्र में आवेदन, सरकार द्वारा निर्धारित समय-सीमा के पूर्व प्रस्तुत करना होगा.
11. चयन की प्रक्रिया :- यात्रियों का चयन कलेक्टर द्वारा निम्नलिखित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा :-
(1) प्रथम चरण में 55 वर्ष या उससे अधिक उम्र के आवेदकों को प्राथमिकता से चयन किया जावेगा। (2) इस योजना के 25 प्रतिशत हितग्राही शहरी क्षेत्र के होंगे एवं 75 प्रतिशत हितग्राही ग्रामीण क्षेत्र के होंगे.
(3) प्रत्येक स्थान की यात्रा हेतु प्राप्त आवेदनों में से उपलब्ध कोटे के अनुसार यात्रियों का चयन किया जाएगा. यदि निर्धारित कोटे से अधिक संख्या मे आवेदन प्राप्त होते हैं, तो लाटरी द्वारा यात्रियों का चयन किया जाएगा. कोटे के 25 प्रतिशत अतिरिक्त व्यक्तियों की प्रतीक्षा सूची भी बनायी जाएगी.
(4) चयनित यात्री के यात्रा पर न जाने की स्थिति में प्रतीक्षा सूची में सम्मिलित व्यक्ति को यात्रा पर भेजा जा सकेगा.
(5) लॉटरी निकालते समय आवेदक के आवेदन के साथ उसकी पत्नी अथवा पति (यदि उनके द्वारा भी यात्रा के लिये आवेदन किया गया हो) एवं सहायक (यदि सहायक की पात्रता हो तो और सहायक ने भी यात्रा पर जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया हो) को एक मानते हुये लॉटरी निकाली जाएगी एवं लॉटरी में चयन होने पर यात्रा के लिये उपलब्ध बर्थ/सीटों में से उतनी संख्या कम कर दी जाएगी. नियम 10 के अनुसार समूह में आवेदन किये जाने की स्थिति में, पूरे समूह के सदस्यों एवं उनके सहायकों (यदि सहायक की पात्रता है और सहायक ने भी यात्रा हेतु आवेदन प्रस्तुत कर दिया हो) का एक आवेदन मानते हुए लॉटरी में सम्मिलित किया जायेगा. समूह में लॉटरी में चयन होने की स्थिति में समूह में सम्मिलित आवेदकों की संख्या अनुसार चयन मानते हुए उतनी संख्या तक बर्थ/सीटें, उपलब्ध बर्थ/सीटों की संख्या से कम कर दी जाएगी.
(6) चयनित यात्रियों एवं प्रतीक्षा सूची को कलेक्टर कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर एवं अन्य ऐसे माध्यम से, जो कि उचित समझे; प्रसारित किया जाएगा.
(7) केवल वह व्यक्ति ही जिसका चयन किया गया है, यात्रा पर जा सकेगा, वह अपने साथ अन्य किसी अनाधिकृत व्यक्ति को नहीं ले जा सकेगा.
12. यात्रा की प्रक्रिया :-
(1) कलेक्टर द्वारा चयनित यात्रियों की सूची शासन द्वारा निर्धारित एजेन्सी को सौंपी जाएगी.
(2) निर्धारित एजेन्सी यात्रियों के समूह को यात्रा पर ले जाने की व्यवस्था करेगी.
(3) यात्रियों के यात्रा व्यय एवं उन्हें उपलब्ध करायी जाने वाली सुविधाओं को विनिश्चय शासन द्वारा किया जाएगा.
(4) यात्रियों के साथ अनुरक्षक (एस्कार्ट) के रूप में शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों के उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में शासकीय निगम/मण्डल/आयोग के अधिकारियों/कर्मचारियों को भी भेजा जा सकेगा. उक्त व्यवस्था पर होने वाला व्यय की प्रतिपूर्ति इन योजना के तहत किया जावेगा या शासन द्वारा अधिकृत एजेंसी से सेवायें ली जा सकेंगी।
(5) यात्रियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्था यात्रा एजेंसी के साथ समन्वय कर कलेक्टर द्वारा सुनिश्चित की जाएगी.
13. यात्रियों के समूह :- यात्रा केवल सामूहिक रूप से आयोजित की जाएगी. उक्त समूहों का निर्धारण शासन अथवा शासन द्वारा अधिकृत प्राधिकारी/एजेन्सी द्वारा किया जाएगा. तीर्थ स्थान की यात्रा के लिए शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम संख्या में यात्री उपलब्ध होने पर ही यात्रा प्रारंभ की जाएगी. योजना के अंतर्गत चयन होने मात्र से ही किसी व्यक्ति को यात्रा कराने हेतु शासन बाध्य नहीं होगा.
14. अन्य व्यक्तियों के यात्रा करने पर प्रतिबंधः- केवल यह व्यक्ति ही जिसका चयन इस योजना के अंतर्गत यात्रा हेतु किया गया है, इस यात्रा पर जा सकेगा. वह अपने साथ अन्य किसी व्यक्ति को, भले ही वह यात्रा का व्यय देने हेतु तैयार हो, यात्रा में साथ नहीं ले जा सकेगा. ट्रेन एवं वाहनों में केवल चयनित व्यक्ति ही यात्रा करेगा और एक सीट/बर्थ पर केवल एक ही व्यक्ति यात्रा करेगा.
15. अतिरिक्त व्यय के संबंध में :- यदि कोई, यात्रा के दौरान, शासन द्वारा निर्धारित मापदण्डों/सुविधाओं के अतिरिक्त सुविधाएं प्राप्त करना चाहता है तो उसका भुगतान उसे स्वयं करना होगा.
16. यात्रा के दौरान अपेक्षाएं :-
(1) यात्री किसी तरह के ज्वलनशील पदार्थ या मादक पदार्थ किसी भी रूप में साथ नहीं ले जा सकेंगे.
(2) यात्री अपने साथ आभूषणादि भी नहीं ले जा सकेंगे.
(3) यात्री तीर्थ की मर्यादा के अनुसार आचरण करेंगे ताकि प्रदेश की छवि अन्यथा प्रभावित न हों.
(4) यात्री अपने निर्धारित सम्पर्क अधिकारी के निर्देशों का पालन करेंगे.
17. यात्रा के दौरान अप्रत्याशित परिस्थितियांः- यात्रा के पूरे समय सुरक्षा एवं अन्य आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखा जावेगा। परंतु यात्रा के दौरान होने वाली किसी दुर्घटना अथवा कठिनाई के लिये राज्य शासन अथवा उसका कोई अधिकारी/कर्मचारी उारदायी नहीं होगा.
18. योजना पर व्यय :- योजना के क्रियान्वयन हेतु व्यय (बजट सीमा तक), जिसमें यात्रा व्यय, अन्य प्रशासनिक व्यय तथा परिवहन, दूरभाष, विज्ञापन, प्रचार-प्रसार, व्यावसायिक एवं परामर्श सेवाएं प्राप्त करना, सत्कार व्यय आदि सम्मिलित है, करने के लिए सचिव, पर्यटन विभाग सक्षम होंगे.
19. श्रीरामलला दर्शन (अयोध्या धाम) यात्रा कोष :- राज्य शासन योजना के उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रतिवर्ष बजट में समुचित प्रावधान करेगी. योजना के लिए श्रीरामलला दर्शन (अयोध्या धाम) यात्रा कोष स्थापित किया जाएगा जिसमें राज्य सरकार द्वारा आवंटित राशि और निजी स्त्रोतों से प्राप्त राशियां सम्मिलित होंगी. कोष का संचालन श्रीरामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना समिति के निर्देशन पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा किया जावेगा।
इस कोष का उपयोग उक्त र्काव्यों के अतिरिक्त तीर्थ यात्रा प्रबंधन हेतु किसी अधिकारी/कर्मचारी, संपर्क व्यक्ति के वेतन भाों एवं अन्य अनुषांगिक व्ययों के लिए भी किया जा सकेगा.
20. संचालक ः- योजना के दिन प्रतिदिन संचालन हेतु शासन द्वारा संचालक की नियुक्ति की जाएगी उसे आवश्यकतानुसार विाीय एवं प्रशासनिक शक्तियां श्रीरामलला दर्शन (अयोध्या धाम) यात्रा समिति द्वारा प्रत्यायोजित की जा सकेंगी.
21. अन्य :- उपरोक्त वर्णित नियमों में प्रावधान होते हुए भी, योजना के क्रियान्वयन हेतु संसाधनों की उपलब्धता सुलभ कराने एवं प्रशासकीय निर्णय, जिसमें विाीय व्यय (बजट प्रावधान की सीमा तक) भी सम्मिलित है, के लिए सचिव, श्रीरामलला (अयोध्या धाम) दर्शन समिति अधिकृत होंगे.
22. नियमों का निर्वचन :- इन नियमों के किसी भी उप नियम या खण्ड की व्याख्या के लिये सचिव पर्यटन विभाग का विनिश्चय अंतिम होगा.
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अन्बलगन पी., सचिव.