वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
अटल नगर, दिनांक 12 फरवरी 2024
अधिसूचना
क्रमांक एफ 10-8/2024/वा.क.(आब.)/पांच(29).— छाीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 (क्रमांक 2 सन् 1915) की धारा 62 की उपधारा (3) के परन्तुक के साथ पठित उपधारा (1) तथा उपधारा (2) के खण्ड (घ), (ड.), (च), (छ) एवं (ज) द्वारा प्रदा शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्द्वारा, "छाीसगढ़ देशी स्पिरिट नियम, 1995" में निम्नलिखित और संशोधन करती है, अर्थात् :-
संशोधन
1. उक्त नियमों में-
(1) नियम 2 के खण्ड (क) के स्थान पर निम्नानुसार नियम 2 के खण्ड (क) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्ः- ''(क) "विनिर्माण भाण्डागार" (मेन्यूफेक्चरिंग वेयर हाउस) से अभिप्रेत है, प्रदेश में संचालित/स्थापित आसवनी परिसर स्थित देशी मदिरा बोतल भराई कक्ष/देशी मदिरा भराई परिसर स्थित बोतल भराई कक्ष एवं विदेशी मदिरा भराई परिसर स्थित देशी मदिरा बोतल भराई कक्ष, में पृथक हाल या अनेक हाल में अवस्थित बंधित (बाण्डेड) मदिरा भाण्डागार, जिसमें देशी मदिरा के विनिर्माण हेतु परिशोधित स्पिरिट प्राप्त की जाए, भण्डारित की जाए, निर्गम शक्ति (इश्यू स्ट्रेंथ) पर सम्मिश्रित/शक्ति कम करके बोतलबन्द की जाए, सीलबन्द की जाये और फुटकर अनुज्ञप्तिधारियों को प्रदाय देेने के लिए मास्टर कॉर्टन में पैक कर, भण्डारण-भाण्डागार (स्टोरेज वेयर हाउस) को निर्गमित की जाए;''
(2) नियम 3 के उपनियम (1) के खण्ड ''(ख)'' के स्थान पर निम्नानुसार नियम 3 के उपनियम (1) के खण्ड ''(ख)'' प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्-
''(ख) आबकारी आयुक्त द्वारा, यथापूर्वाेक्त प्ररूप सी.एस.-1 में एक वर्ष की अनुज्ञप्ति की कालावधि के लिये प्रति भण्डारण भाण्डागार पचास हजार रुपये की दर से फीस की रकम का अग्रिम भुगतान कर दिया जाने पर, अनुज्ञप्ति मंजूर की जाएगी, जो अधिनियम की उपबंधों और उसके अधीन बनाए गए नियमों को सम्यक् रूप से पालन किए जाने के अध्यधीन रहते हुए विहित फीस का संदाय किए जाने पर प्रत्येक वर्ष नवीकृत की जाएगी।
अनुज्ञप्तिधारी से यह अपेक्षा की जाएगी कि वह अनुज्ञप्ति की शर्तों, अधिनियम के उपबन्धों तथा उसके अधीन बनाये गये नियमों तथा राज्य सरकार या आबकारी आयुक्त द्वारा जारी किए गए आदेशों के सम्यक् रूप से अनुपालन के लिए प्रति भण्डारण भाण्डागार प्रतिभूति के रूप में न्यूनतम पांच लाख रुपये की अतिरिक्त रकम नगद में या किसी अन्य रूप में जैसा कि आबकारी आयुक्त निर्देश दें जमा करें, आबकारी आयुक्त शर्तों के भंग की पुनरावृत्ति होने की परिस्थितियों में या भण्डारण भाण्डागार में वृद्धि होने पर, जब भी आवश्यक समझे, पच्चीस लाख रुपयों से अनाधिक अतिरिक्त राशि प्रतिभूति रकम के रूप में मांग सकेगा तथा अनुज्ञप्तिधारी ऐसे आदेश का उसे उसकी संसूचना के पन्द्रह दिन के भीतर अनुपालन करेगा।'' (3) नियम 3 के उपनियम (3) के स्थान पर निम्नानुसार नियम 3 के उपनियम (3) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्ः- ''(3) यह अनुज्ञप्ति भण्डारण-भाण्डागारों के माध्यम से फुटकर अनुज्ञप्तिधारी/अनुज्ञप्तिधारियों को सीलबंद बोतलों में उसका प्रदाय करने का अधिकार प्रदान करती है।''
(4) नियम 3 के उपनियम (4) के स्थान पर निम्नानुसार नियम 3 के उपनियम (4) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्- ''(4) प्रदायकर्ता को संदा किये जाने वाले देशी मदिरा के लागत मूल्य का विनिश्चय ऐसी रीति से किया जायेगा जैसा कि राज्य सरकार अवधारित करे। देशी मदिरा मसाला के लिये निर्धारित तेजी 25.0 यू. पी. एवं देशी मदिरा प्लेन के लिये निर्धारित तेजी 50.0 यू. पी. के ब्राण्ड/लेबल मदिरा का विनिर्माण आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर यथा अनुमोदित, अनुज्ञप्ति से संलग्न अनुसूची में उपबंधित रीति के अनुसार किया जायेगा और फुटकर अनुज्ञप्तिधारी अवधारित दर के अनुसार संदाय करेगा।''
(5) नियम 3-ख के स्थान पर निम्नानुसार नियम 3-ख प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्-
''3-ख देशी स्पिरिट का विनिर्माण तथा बॉटलिंगः- प्रदेश में संचालित/स्थापित किसी आसवनी/देशी मदिरा की बोतल भराई इकाई/विदेशी मदिरा की बोतल भराई इकाई के अनुज्ञप्तिधारकाें को राज्य शासन द्वारा समय-समय पर नियत किये जाने वाली वार्षिक अनुज्ञप्ति फीस का भुगतान किये जाने पर राज्य के भण्डारण-भाण्डागारों में आपूर्ति हेतु देशी मदिरा का विनिर्माण तथा बोतल भराई के लिये आबकारी आयुक्त द्वारा सी.एस.1-ख में अनुज्ञप्ति मंजूर की जा सकेगी।''
(6) नियम 3-खख के स्थान पर निम्नानुसार नियम 3-खख प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्-
''3-खख (देशी मदिरा के विनिर्माण एवं विशेष बोतल भराई अनुज्ञप्ति)ः- यह अनुज्ञप्ति प्रदेश में स्थापित/संचालित ऐसी आसवनियां जो परिशोधित स्पिरिट का उत्पादन करते हों, इसी प्रकार प्रदेश में स्थापित किसी देशी मदिरा की बोतल भराई इकाई/विदेशी मदिरा की बोतल भराई इकाई के परिसर में देशी मदिरा हेतु विशेष बोतल भराई अनुज्ञप्ति प्ररूप सी.एस. 1खख में प्राप्त कर, देशी मदिरा का विनिर्माण तथा बोतल भराई कर सकेगी, जिसे देशी मदिरा के ऐसे विनिर्दिष्ट नामपत्र/लेबल अथवा ब्राण्ड के स्वामी द्वारा उन नामपत्र/लेबल अथवा ब्राण्ड की देशी मदिरा की बोतल भराई के लिए विशेष अधिकार दिया गया हो अथवा प्राधिकृत किया गया हो।
(7) नियम 3-ग के स्थान पर निम्नानुसार नियम 3-ग प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्ः-
''3-ग (देशी मदिरा थोक भण्डारण एवं वितरण का नियंत्रण अनुज्ञप्ति)ः- छाीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पोरेशन लिमिटेड, रायपुर को उनके द्वारा संचालित भण्डारण-भाण्डागारों हेतु, राज्य शासन द्वारा समय-समय पर नियत किये जाने वाली वार्षिक अनुज्ञप्ति फीस का भुगतान किये जाने पर राज्य के समस्त देशी भण्डारण-भाण्डागारों में देशी मदिरा के भण्डारण एवं वितरण के नियंत्रण हेतु आबकारी आयुक्त द्वारा प्ररूप सी.एस.1-ग में अनुज्ञप्ति मंजूर की जा सकेगी।
प्ररूप सी.एस.1-ग के अनुज्ञप्तिधारी द्वारा संचालित समस्त भण्डारण-भाण्डागारों में प्रदाय हेतु अधिकृत प्ररूप सी.एस.1 के समस्त अनुज्ञप्तिधारी द्वारा देशी मदिरा का भण्डारण किया जावेगा। भण्डारित देशी मदिरा को छाीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा संचालित देशी मदिरा की फुटकर विक्रय की दुकानों के माध्यम से विक्रय किया जायेगा।''
(8) नियम 3-घ के स्थान पर निम्नानुसार नियम 3-घ प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्ः-
''3-घ देशी मदिरा के विनिर्माण तथा बोतल भराई के लिए अनुज्ञप्ति मंजूर किए जाने की प्रक्रियाः-
(1) देशी मदिरा विनिर्माण तथा बोतल भराई इकाई (आसवनी तथा विदेशी मदिरा भराई अनुज्ञप्तिधारी को छोड़कर) के निर्माण एवं चलाने का आशय रखने वाला व्यक्ति समस्त सुसंगत ब्यौरे देते हुए अपनी स्कीम को अधिसूचित करते हुए एक आवेदन पत्र आबकारी आयुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा।
(2) उपनियम (1) के अधीन किए गए आवेदन पत्र के साथ, कोषालय में जमा की गई विहित फीस के संदाय के प्रमाण स्वरूप एक चालान होगा। (3) जब आवेदक की प्रस्तावित स्कीम की वास्तविकता से राज्य सरकार का समाधान हो जाता है, तो वह मंजूरी प्रदान कर सकेगी और आवेदक को "आशयपत्र" जारी कर सकेगी जो कि संसूचित किए जाने की तारीख से एक वर्ष की कालावधि के लिए विधिमान्य होगा, जब तक कि उसकी वैधता को एक वर्ष से परे बढ़ाया न गया हो। (4) उपनियम (3) के अधीन संसूचित किया गया "आशयपत्र" अनुज्ञप्ति स्वी—त किए जाने के लिए कोई अधिकार या विशेषाधिकार प्रदान नहीं करता और किसी भी समय उसके धारक को ऐसी कार्यवाही के विरुद्ध कारण बताओ की सूचना देने के पश्चात, और यदि वह ऐसी आकांक्षा करता हो, तो उसकी सुनवाई के पश्चात् लोकहित में प्रतिसंहरण या प्रत्याहरण किए जाने योग्य होगा।
(5) जब उपनियम (4) के अधीन "आशयपत्र" का प्रतिसंहरण या प्रत्याहरण कर लिया गया हो, तो उससे क्षति या हानि के लिए कोई भी प्रतिकर देय नहीं होगा।
(6) राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना "आशयपत्र" का धारक, "आशयपत्र" का विक्रय, अंतरण या उपपट्टा नहीं करेगा, अथवा उक्त "आशयपत्र" के अनुसरण में विनिर्माण इकाई या बोतल भराई इकाई से संनिर्मित करने या चलाने के लिए किसी अन्य व्यक्ति के साथ कोई ठहराव नहीं करेगा।
(7) संयंत्र एवं मशीनरी तथा भवन के मानचित्र के अनुमोदन के लिए आबकारी आयुक्त को एक आवेदन पत्र विहित प्रारूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
(8) उपनियम (7) में विनिर्दिष्ट प्रत्येक आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित संलग्न होंगे-
(एक) राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए "आशयपत्र" की प्रति।
(दो) विनिर्माण भवन के मानचित्र, संयंत्र और मशीनरी के साथ प्रस्तावित विनिर्माण इकाई (मेन्यूफेक्चरी) की परियोजना रिपोर्ट के ब्यौरे।
(तीन) केन्द्रीय सरकार, स्थानीय निकाय, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग, छत्तीसगढ़ प्रदूषण नियंत्रण मण्डल और राज्य सरकार के किसी अन्य विभाग द्वारा तत्समय प्रवृत्त किसी अधिनियमिति या नियमों के अधीन अपेक्षित अन्य कोई प्रमाण पत्र अथवा प्राधिकार पत्र या निर्बन्धन पत्र।
(9) यदि आबकारी आयुक्त का यह समाधान हो जाता है कि आवेदक ने उपनियम (8) की अपेक्षाओं का पालन कर दिया है तो वह विनिर्माण इकाई का संनिर्माण करने और चलाने के लिए परियोजना के मानचित्र, संयन्त्र और मशीनरी को अनुमोदित कर सकेगा।
(10) आवेदक, आबकारी आयुक्त को भवन का निर्माण तथा संयंत्र और मशीनरी का परिनिर्माण पूर्ण हो जाने की तारीख की सूचना देगा।
(11) यदि आवेदक उपनियम (9) के अधीन आबकारी आयुक्त की स्वी—ति की तारीख से एक वर्ष की कालावधि के भीतर उपनियम (10) में यथा परिकल्पित पूर्णता रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करता है, तो स्वी—त किया गया अनुमोदन किसी क्षति अथवा हानि की क्षतिपूर्ति के बिना प्रत्याहृत किए जाने योग्य होगा।
परन्तु यह कि जहाँ आबकारी आयुक्त का यह समाधान हो जाए कि एक वर्ष के भीतर अनुमोदित योजना के अनुसार कार्य का सन्निर्माण पूर्ण नहीं कर पाने के लिए पर्याप्त कारण है, तो वह अभिलिखित किए जाने वाले कारणों से ऐसी और कालावधि के लिए जैसी कि वह उचित समझे, समय को विस्तारित कर सकेगा।
(12) जब आबकारी आयुक्त का यह समाधान हो जाए कि भवन का सन्निर्माण और मशीनरी का परिनिर्माण सभी –ष्टियों से पूर्ण हो गया है, तो वह राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन के अध्यधीन रहते हुए, राज्य सरकार द्वारा विहित की गई वार्षिक अनुज्ञप्ति फीस का संदाय करने पर एक विाीय वर्ष की कालावधि के लिए देशी मदिरा के विनिर्माण हेतु प्ररूप सी.एस.1-ख या सी.एस.1-खख में अनुज्ञप्ति स्वी—त कर सकेगा। अनुज्ञप्ति, अधिनियम के उपबन्धों, उसके अधीन बनाए गए नियमों की अनुज्ञप्ति की शर्तों के सम्यक् अनुपालन के अध्यधीन रहते हुए, यथा पूर्वोक्त विहित फीस का संदाय करने पर प्रतिवर्ष नवीकृत की जा सकेगी।
(13) आबकारी आयुक्त की पूर्व अनुमति के बिना विनिर्माण इकाई के भवनों, संयन्त्रों और मशीनरी में कोई परिवर्तन अथवा परिवर्धन नहीं किया जाएगा, बशर्ते कि लघु परिवर्धन अनुज्ञप्तिधारी द्वारा आबकारी आयुक्त को प्रज्ञापना देने के उपरांत किया जा सकेगा।
(14) अनुज्ञप्तिधारी को, अधिनियम के उपबन्धों, उसके अधीन बनाए गए नियमों और जारी किए गए आदेशों के सम्यक् अनुपालन हेतु आबकारी आयुक्त द्वारा नियत किए अनुसार समय-समय पर अपेक्षित किए जाने पर प्रतिभूति प्रस्तुत करनी होगी।
(15) आबकारी आयुक्त की लिखित में पूर्व अनुमति बिना अनुज्ञप्तिधारी इस अनुज्ञप्ति को चलाने के लिए अनुज्ञप्ति का आडमान, विक्रय, बंधक, अंतरण या उपपट्टा नहीं करेगा अथवा किसी भागीदारी में सम्मिलित नहीं होगा, ऐसी अनुमति यदि स्वीकृत की जाती है तो उसे अनुज्ञप्ति पर पृष्ठांकित किया जाएगा। (9) नियम 4 के उपनियम (2) के खण्ड (ख) के स्थान पर निम्नानुसार नियम 4 के उपनियम (2) के खण्ड (ख) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्ः-
''(ख) छाीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा भाडे़ की वसूली प्रदायकर्ता इकाईयों से निर्धारित दर पर की जाएगी।''
(10) नियम 4 के उप-नियम (6) के स्थान पर निम्नानुसार नियम 4 के उपनियम (6) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्- ''(6) सादे स्पिरिट का सम्मिश्रण या शक्ति कम करना भण्डार-कुण्डों में अनुज्ञात किया जा सकेगा बशर्तें यह सम्मिश्रण या शक्ति कम करना भाण्डागार अधिकारी की उपस्थिति में तथा उसके पर्यवेक्षण के अधीन किया जाए। शक्ति कम करने हेतु उपयोग में लाया जाने वाला पेय जल खनिज रहित (De-mineralised) होना चाहिए तथा पेय जल मृदु करने के पश्चात् उपयोग में लाया जावेगा, जिसका प्रमाणीकरण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कराया जाना अनिवार्य होगा। अनुज्ञप्तिधारी को इस प्रयोजन के लिए उपयोग में लाए जाने वाले एसेन्स, खाद्य रंग, पानी या अन्य किसी सामग्री के संबंध में विनिर्माण भाण्डागार अधिकारी के निर्देशों का पालन करना होगा।''
(11) नियम 4 के उपनियम (7) के स्थान पर निम्नानुसार नियम 4 के उपनियम (7) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्ः- ''(7) प्रदाय हेतु मदिरा को बोतलों में भरने से संबंधित संक्रियाएं बंधित पृथक कक्ष में, जिसे मदिरा के लिए बोतल भराई कक्ष कहा जाएगा, जो विनिर्माण भाण्डागार परिसर के भीतर इस प्रयोजन के लिए रखा जाएगा, विनिर्माण भाण्डागार अधिकारी के पर्यवेक्षण के अधीन संचालित होगी। बोतलों में भरी मदिरा को पृथक कक्ष में भंडारित किया जाएगा, जिसे "मदिरा की भरी बोतलों का भण्डार" कहा जायेगा जो विनिर्माण भाण्डागार परिसर के भीतर बोतल भराई कक्ष के पास इस प्रयोजन के लिए पृथक से रखा जाएगा। बोतल भराई कक्ष तथा मदिरा की भरी बोतलों के भण्डार कक्ष ऐसी रीति में रखे जाएंगे जैसे कि आबकारी आयुक्त अनुमोदित करे। बोतल भराई कक्ष में, बोतल भराई कुण्ड परिनिर्मित की जाएगी तथा उनमें मदिरा भण्डारित की जाएगी ।''
(12) नियम 4 के उपनियम (8) के स्थान पर निम्नानुसार नियम 4 के उपनियम (8) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्ः- ''(8) मदिरा की भराई ऐसी शक्ति की, की जावेगी जैसा कि आबकारी आयुक्त द्वारा समय समय पर विनिर्दिष्ट किया जाए। बोतल की भराई विनिर्माण भाण्डागार के सामान्य कार्य समय के दौरान किया जाएगा। यदि अनुज्ञप्तिधारी ने स्पिरिट की शक्ति को सम्मिश्रण करके या अन्यथा कम किया है तो वह स्पिरिट की भराई का कार्य तब तक नहीं करेगा जब तक कि संक्रिया पूर्ण होने के पश्चात् 48 घंटे बीत न गए हों परन्तु आपात् स्थिति में विनिर्माण भाण्डागार अधिकारी उक्त नियम के शिथिलीकरण की अनुज्ञा दे सकेगा किन्तु किसी भी मामलें में 2 घंटे समाप्त होने के पश्चात तक नाप (गेज) और प्रूफ (तेजी) नहीं लिया जावेगा। परन्तु जहां आसवनी परिसर में स्थित बोतल भराई कक्ष को सामान्य कार्य समय से अन्यथा समय में चालू रखा जाना हो, तो वहां अनुज्ञप्तिधारी संबंधित आसवनी के प्रभारी आबकारी अधिकारी से इस निमिा अनुमति प्राप्त कर ऐसा कर सकेगा। आसवनी परिसर से भिन्न परिसर में स्थित बोतल भराई कक्ष में सामान्य कार्य समय से अन्यथा समय में चालू रखा जाना हो, तो वहां अनुज्ञप्तिधारी भारसाधक अधिकारी की अनुशंसा पर संबंधित जिले के प्रभारी आबकारी अधिकारी को इस निमिा ऐसी सूचना देने पर अनुमति उपरांत ऐसा कर सकेगा। यदि रात्रि में काम केवल कभी-कभी ही किया जाता है तो इस हेतु सक्षम प्राधिकारी को उस दिन के जिसके पश्चात् रात्रि को कार्य किया जाना है, काम बंद होने के सामान्य कार्य समय के पूर्व जो चार घंटे से कम का न हो, सूचना देने पर अनुमति उपरांत ही ऐसा कर सकेगा।'' (13) नियम 4 के उप-नियम (12) के खण्ड ''(ख)'' के स्थान पर निम्नानुसार नियम 4 के उपनियम (12) के खण्ड ''(ख)'' प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्-
''(ख) नामपत्रों (लेबल्स) का पंजीयन- (1) कोई भी देशी मदिरा छत्तीसगढ़ राज्य में परिवहित नहीं की जाएगी, विक्रय नहीं की जाएगी या राज्य से निर्यात नहीं की जाएगी, जब तक कि देशी मदिरा की बोतलों पर चिपकाए जाने वाले नामपत्रों पर निम्नलिखित उपाख्यान और ब्यौरे मुद्रित न किए गए हों-
(क) "मदिरा का उपभोग स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है।''
(ख) यथास्थिति ''केवल छत्तीसगढ़ में विक्रय हेतु'' अथवा ''छत्तीसगढ़ में शुल्क का भुगतान नहीं किया गया।'' (ग) बैच क्रमांक, विनिर्माण की तारीख, माह और वर्ष।
(घ) आसवनी/विनिर्माण इकाई या बोतल भराई की इकाई का नाम और स्थान।
(ङ) मद्यसार (अल्कोहल) की मात्रा और प्रूफ शक्ति (स्ट्रेन्थ)।
(च) ब्राण्ड/नामपत्र(लेबल) का पंजीयन क्रमांक, नाम एवं समाविष्ट मात्रा। (छ) देशी मदिरा के नामपत्रों में बार कोडिंग।
(ज) प्रत्येक पैकेज के ऊपर किसी शिकायत के सन्दर्भ में सम्पर्क स्थापित करने के लिए नामपत्रों (लेबलों) में पता, टेलीफोन नं., ई-मेल पता भी अंकित करना अनिवार्य होगा।
(झ) निर्धारित फुटकर विक्रय दर अंकित किया जाना अनिवार्य होगा।
(ण) भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों एवं निर्देशों अनुसार ब्यौरे मुद्रित किया जाना अनिवार्य होगा।
(2) आबकारी आयुक्त द्वारा उपनियम (3) और (4) के अनुसार सम्यक् रूप से पंजी—त की गई देशी मदिरा की केवल ऐसी बोतलें छत्तीसगढ़ में विक्रय, परिवहित, या छत्तीसगढ़ से निर्यात की जाएगी, जिनके नामपत्र पर उपनियम (1) में यथा विनिर्दिष्ट उपाख्यान/ब्यौरे दर्शाए गए होंगे,
परन्तु प्रत्येक विनिर्माता इकाई के लिए उसके द्वारा पंजी—त लेबल को प्रतिवर्ष विाीय वर्ष समाप्ति के पूर्व नव—त कराना अनिवार्य होगा। प्रति नामपत्र/नामपत्रों के लिए वार्षिक नवीनीकरण शुल्क ऐसा रहेगा जैसा शासन द्वारा समय-समय पर निर्धारित किया जावे। बिना पंजी—त एवं नवीनीकरण कराये गये लेबल का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। लेबल (नाम पत्र) में किसी भी प्रकार का परिवर्तन/आंशिक परिवर्तन (मोडिफिकेशन) आबकारी आयुक्त की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। इस हेतु वही प्रक्रिया अपनाई जावेगी, जैसा कि नवीन लेबल पंजीयन हेतु नियत है। यदि कोई नामपत्र/नामपत्रों को आबकारी आयुक्त द्वारा उप नियम (6) के अन्तर्गत इस आधार पर निरस्त किया जाता है कि उससे शासन को राजस्व की क्षति हुई है अथवा हो रही है तो ऐसे नामपत्र/नामपत्रों के स्वामी को रद्दकरण के दिनांक से आगामी एक वर्ष की अवधि तक कोई नवीन लेबल भी पंजी—त कराने की पात्रता नहीं रहेगी। (3) अनुज्ञप्तिधारक प्रत्येक प्रकार के नामपत्र/नामपत्रों के पंजीकरण /नवीनीकरण/परिवर्तन/आंशिक परिवर्तन (मोडिफिकेशन) के लिए विहित की गई दर से फीस के साथ आबकारी आयुक्त को आवेदन प्रस्तुत करेगा। आवेदन के साथ पंजीकरण करने के लिए नामपत्र की 3 मुद्रित प्रतियां, जिले के कोषालय में भुगतान के प्रमाण स्वरूप विहित पंजीकरण फीस का चालान संलग्न किया जावेगा। उप-नियम 1 में वर्णित किये गये ब्यौरे नामपत्र/लेबल के प्रारूप (फार्मेट) में सम्मिलित होंगे। नामपत्र के नवीनीकरण के लिए, नामपत्र के पंजीकरण तथा पूर्व वर्षों में नवीनीकरण का उल्लेख तथा विहित फीस का चालान संलग्न किया जाकर आवेदन विाीय वर्ष समाप्ति के पूर्व प्रस्तुत किया जावेगा।
(4) उपनियम (3) के अनुसार, किसी देशी मदिरा विनिर्माता/प्रदायकर्ता इकाई द्वारा देशी मदिरा के नामपत्र/नामपत्रों के पंजीकरण करने के लिए आबकारी आयुक्त को आवेदन किये जाने पर, उसके द्वारा आवेदन के साथ पंजीकरण करने के लिए प्रस्तुत नामपत्र को तीन मुद्रित प्रतियों में से एक प्रति का प्रकाशन, आबकारी आयुक्त के कार्यालय के सूचना पटल पर किया जाकर, देशी मदिरा के अन्य विनिर्माता इकाईयों से 05 कार्यदिवस के भीतर आपत्तियाँ आमंत्रित की जावेंगी तथा समयावधि के भीतर आपत्तियाँ प्राप्त न होने की दशा में और अन्य जांच से यह समाधान होने पर कि उपनियम (3) में विनिर्दिष्ट पूर्व अध्यपेक्षाओं का अनुपालन कर लिया गया है और ऐसे पंजीकरण में कोई आपत्ति नहीं है तो आबकारी आयुक्त द्वारा उसका पंजीकरण किया जा सकेगा। नामपत्र (लेबल) का पंजीकरण और पंजीकरण क्रमांक दर्शाने वाले आदेश की एक प्रति आवेदक को दी जाएगी। ऐसे नामपत्र (लेबल) जो किसी अन्य विनिर्माता इकाई के प्रचलित लेबल के स–श्य या समानता रखते हों, तो उस लेबल का पंजीकरण नहीं किया जावेगा। (5) उपनियम (1) में यथापूर्वोक्त नामपत्र (लेबल) पर अश्लील दिखने वाली या किसी विशिष्ट वर्ग की धार्मिक भावनाओं पर आघात पहुंचाने वाली या किसी समूह, समुदाय या संस्था की संवेदनाओं तथा मान संबंधी रोषकारक कोई आ—ति, प्रतीक, चित्र, अधिकार चिह्न आदि नहीं होंगे। ऐसे किसी विवाद की दशा में कि कोई नामपत्र अश्लील, रोषकारी या अपहृतिकारक हो, तो मामला आबकारी आयुक्त को निर्दिष्ट किया जायेगा और इस संबंध उसका विनिश्चय अंतिम और बाध्यकारी होगा।
(6) आबकारी आयुक्त, यदि किसी ऐसे पंजी—त नामपत्र (लेबल) के अधीन विक्रय की गई मदिरा अवमानक स्तर की पाई जाए या उसका यह विश्वास होने पर कि उक्त लेबल के अधीन विक्रय से राज्य सरकार को वित्तीय हानि कारित होती है या यदि वह संतुष्ट हो जाए कि लेबल अश्लील, आहतकारक या अपहृतिकारक हैं, तो वह उपनियम (4) के अधीन किए गए नामपत्र के पंजीकरण को रद्द करने के आदेश कर सकेगा, तथापि, ऐसा आदेश पारित करने के पूर्व वह प्रभावित अनुज्ञप्तिधारक को ऐसे प्रस्तावित रद्दकरण के विरुद्ध अभ्यावेदन करने का अवसर देगा। आबकारी आयुक्त, ऐसे रद्दकरण के परिणामस्वरूप, किसी अनुज्ञप्तिधारी द्वारा धारित रद्द नामपत्र (लेबल) के स्टॉक के निपटारे के संबंध में समुचित आदेश भी पारित कर सकेगा और राज्य सरकार, अनुज्ञप्तिधारक को किसी हानि या नुकसान के लिए कोई प्रतिकर देने के लिए दायी नहीं होगा। इसी प्रकार लेबल नवीनीकरण न होने की दशा में स्टाक के निपटारे तथा अनुज्ञप्तिधारी की किसी हानि/नुकसान के लिए वही व्यवस्था प्रभावशील रहेगी जो नामपत्र/लेबल के रद्दकरण के परिणामस्वरूप प्रभावशील है। देशी मदिरा के किसी भी विनिर्माता/प्रदायकर्ता इकाई को देशी मदिरा के मसाला एवं प्लेन के केवल एक-एक नामपत्र/लेबल ही पंजीकृत किये जावेंगे। प्लेन मदिरा रंगहीन, बिना फ्लेवर की एवं 50 यू. पी. की होगी तथा मसाला मदिरा कैरेमल रंग की एवं 25 यू.पी. की होगी।
(14) नियम 4 के उपनियम (13) के स्थान पर निम्नानुसार नियम 4 के उपनियम (13) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्ः- ''(13) यदि बोतल भराई की प्रक्रिया में ऊपर उल्लेखित या यथा निर्देशित विस्तृत विनिर्देश के अनुसार न हो तो ऐसी स्थिति में यदि आसवनी परिसर स्थित बोतल भराई कक्ष/देशी मदिरा भराई परिसर स्थित देशी मदिरा बोतल भराई कक्ष एवं विदेशी मदिरा भराई परिसर स्थित देशी मदिरा बोतल भराई कक्ष, में ऐसी स्थिति निर्मित होती है, तो इसका निराकरण संंबंधित प्रभारी आबकारी अधिकारी की अनुशंसा पर आबकारी आयुक्त के अनुमति पश्चात् पुनः भराई की अनुमति दी जावेगी।
परन्तु यदि ऐसी स्थिति भण्डारण-भाण्डागार (स्टोरेज वेयर हाउस) में निर्मित होती है तो संबंधित प्रदायकर्ता इकाई के उारदायित्व पर फुटकर विक्रय दर की दर से शास्ति अधिरोपित की जा सकेगी।'' (15) नियम 4 के उप-नियम (14) के स्थान पर निम्नानुसार नियम 4 के उप-नियम (14) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्-
''(14) देशी मदिरा के निर्माण तथा भराई के समय खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा भारतीय मानक ब्यौरे (BIS) द्वारा निर्धारित मानदण्डों का पालन किया जाना अनिवार्य होगा।''
(16) नियम 5 के उप-नियम (1) के खण्ड (क) के स्थान पर निम्नानुसार नियम 5 के उपनियम (1) के खण्ड ''(क)'' प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्-
''(क) अनुज्ञप्तिधारी/फुटकर विक्रेता द्वारा मांग किये जाने और उसके लिये देय शुल्क खजाने में संदाय किये जाने के सबूत पर अच्छी क्वालिटी के मदिरा का प्रदाय ऐसी मात्रा में तथा ऐसी विहित शक्ति पर जैसा कि अपेक्षित हो फुटकर विक्रेता को करेगा।''
(17) नियम 5 के उप-नियम (2) के स्थान पर निम्नानुसार नियम 5 के उपनियम (2) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्- ''(2) प्रदायकर्ता अनुज्ञप्तिधारी द्वारा फुटकर विक्रेताओं को प्रदाय की गई देशी स्पिरिट के लिये फुटकर विक्रेताओं से देय प्रदाय दर ऐसा होगा जो राज्य शासन समय-समय पर अवधारित करें।
(18) नियम 5 के उप-नियम (4) के खण्ड (घ) के स्थान पर निम्नानुसार नियम 5 के उपनियम (4) के खण्ड ''(घ)'' प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्-
''(घ) छाीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा दिये गये स्टॉकिंग आर्डर के तहत् देशी मदिरा की मांग किये जाने पर सी.एस.1 अनुज्ञप्तिधारी सीलबंद बोतलों मेें देशी मदिरा की ऐसी मात्रा जैसा कि अपेक्षित की जाए, संबंधित भण्डारण-भाण्डागार को तत्काल प्रेषित करेगा।''
(19) नियम 5 के उप-नियम (4) के खण्ड (ड.) के स्थान पर निम्नानुसार नियम 5 के उप-नियम (4) के खण्ड (ड.) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्-
''(ड.) अनुज्ञप्तिधारी द्वारा अनुज्ञप्त परिसर (सी.एस.-1ख एवं सी.एस.-1खख) को अनिवार्य रूप से सी.सी.टी.वी. कैमरे की निगरानी में रखा जाना होगा।''
(20) नियम 6 के उप-नियम (1) के स्थान पर निम्नानुसार नियम 6 के उपनियम (1) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्- ''(1) कोई भी स्पिरिट जब तक कि उसके साथ आसवनी या विनिर्माण भाण्डागार, जहां से वह अन्तरित किया गया हो, के भारसाधक अधिकारी के द्वारा निर्धारित प्ररूप सी.एस. 5 में जारी पास न हो या विशेष पास द्वारा विनिर्माण भाण्डागार में उसकी प्राप्ति अधि—त नहीं की गई हो या आयात होने की दशा में आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर विहित अधिकारी या ऐसे व्यक्ति द्वारा जारी पास न हो, विनिर्माण भाण्डागार पर प्राप्त नहीं की जाएगी।
(21) नियम 6 के उप-नियम (1) के खण्ड (क) के स्थान पर निम्नानुसार नियम 6 के उपनियम (1) के खण्ड (क) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्-
''(1) (क) सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा का परिवहन विनिर्माण भण्डागार से तब तक नहीं करेगा, जब तक कि प्राप्तकर्ता जिले के प्रभारी आबकारी अधिकारी द्वारा प्ररूप सी.एस.6(क) में अनापाि प्रमाण पत्र जारी न किया गया हो, तत्पश्चात् विनिर्माण भण्डागार के भारसाधक अधिकारी के द्वारा निर्धारित प्ररूप सी.एस.6(कक) में पार-पत्र/पास जारी न कर दिया गया हो।
(22) नियम 6 के उप-नियम (6) के पश्चात् नियम 6 के उप-नियम (7) अंतःस्थापित किया जावे, अर्थात्- ''(7) परेषण के अनुज्ञा पत्र के अंतर्गत परेषित स्पिरिट/सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा जैसे ही अनुज्ञप्त परिसर में पहुंचती है, तो उसकी सूचना लिखित में प्रभारी अधिकारी को देगा तत्पश्चात् सूचना प्राप्त होने के 01 कार्यदिवस के भीतर सत्यापन पूर्ण किया जाना आवश्यक होगा, साथ ही सत्यापन रिपोर्ट सर्वसंबंधितों को तत्काल प्रेषित किया जाना होगा। विसंगतियों के प्रकरण जिले के प्रभारी आबकारी अधिकारी को तत्काल प्रज्ञापित किया जाना होगा।''
(23) नियम 7 के खण्ड (क) को विलोपित किया जावे।
(24) नियम 8 के उप-नियम (4) के पश्चात् नियम 8 के उप-नियम (5) अंतःस्थापित किया जावे, अर्थात्- ''(5) निर्यातकर्ता निर्यात की जाने वाली देशी मदिरा की संपूर्ण मात्रा पर उद्ग्रहण योग्य विहित शुल्क जमा करेगा, या उस रकम के बराबर राष्ट्रीयकृत बैंक अथवा शैड्यूल्ड कमर्शियल बैंक अथवा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की स्थानीय शाखा की बैंक गारंटी देगा या उक्त रकम के लिए प्ररूप सी.एस.-7 में समुचित शोधनक्षम प्रतिभुओं के साथ बंध-पत्र निष्पादित करेगा। आयातक इकाई के भारसाधक अधिकारी से प्रेषित किए गए परेषण के संबंध में सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात् दूसरा परेषण जिसमें देशी मदिरा की उतनी ही अथवा उससे कम शुल्क की राशि अन्तर्विष्ट हो उतनी ही नकद जमा या बैंक गारंटी या बंध-पत्र के आधार पर निर्यात की जा सकेगी।''
(25) नियम 8 के उप-नियम (5) के पश्चात् नियम 8 के उप-नियम (6) अंतःस्थापित किया जावे, अर्थात्- ''(6) निर्यातकर्ता, आयातक इकाई के भारसाधक अधिकारी से सत्यापन रिपोर्ट अभिप्राप्त करेगा और अनुज्ञापत्र की कालावधि की समाप्ति के 21 दिन के भीतर उस प्राधिकारी को देगा जिसके द्वारा निर्यात अनुज्ञा जारी की गई है। निर्यातकर्ता द्वारा ऐसा न करने की दशा में, निर्यात की गई देशी मदिरा पर उद्ग्रहण योग्य शुल्क, नियम 8 के उपनियम (5) के अनुसार जमा राशि, दी गई बैंक गारंटी या निष्पादित बंधपत्र से, वसूल किया जाएगा।''
(26) नियम 10-क के उपनियम (3) के स्थान पर निम्नानुसार नियम 10-क के उपनियम (3) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्-
''(3) यदि बोतलों में भरी देशी मदिरा के परिवहन के दौरान छीजन की हानियॉ उप-नियम (1) में विहित अनुज्ञेय हानि की सीमा से अधिक होती है, तो बोतलों में भरी देशी मदिरा की ऐसी अधिक सभी कमियों/हानियों पर आसवक/देशी मदिरा प्रदायकर्ता विहित शुल्क (तत्समय देय ड्यूटी राशि एवं अधिभार की राशि) प्रति प्रूफ लीटर की दर से शास्ति संदा करने के लिए दायी होगा, जो कलेक्टर द्वारा अधिरोपित की जावे;
परन्तु यदि कलेक्टर के समाधानप्रद रूप से यह साबित हो जाता है कि ऐसी अधिक कमी या हानि किसी अपरिहार्य कारणों से हुई है तो कलेक्टर इस उपबंध के अधीन अधिरोपित की जाने वाली शास्ति को कम या अभित्यक्त कर सकेंगे।''
(27) नियम 12 के उपनियम (1) स्थान पर निम्नानुसार नियम 12 के उपनियम (1) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्- ''(1) सी.एस.-1, अनुज्ञप्ति की शर्तों के उपबन्धों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना और जहां इन नियमों में किसी अन्य शास्ति के लिये अभिव्यक्त रूप से उपबंध किया गया हो उसके सिवाय आबकारी आयुक्त सी. एस.-1 अनुज्ञप्तिधारी पर इन नियमों में से किसी नियम या छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 के किसी उपबंध या उसके अधीन बनाये गये किसी नियम या आबकारी आयुक्त के किसी आदेश के भंग या उल्लंघन के लिये न्यूनतम 50,000 से 5,00,000/- रुपये (पचास हजार से पांच लाख रुपये) तक की शास्ति अधिरोपित कर सकेगा और ऐसे उल्लंघन के लगातार चालू रहने की दशा में ऐसी और शास्ति जो ऐसे प्रत्येक दिन के जिसके दौरान ऐसा भंग या उल्लंघन चालू रहता है, न्यूनतम 1000/- से 10,000/-रूपये (एक हजार से दस हजार रूपये) तक की अतिरिक्त शास्ति अधिरोपित कर सकेगा।''
(28) नियम 12 के उपनियम (4) स्थान पर निम्नानुसार नियम 12 के उपनियम (4) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात्- ''(4) नियम-5 (4) (घ) के अधीन मांग अनुसार सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा प्रेषित करने में असफल रहने की दशा में, छाीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉपोरेशन लिमिटेड के प्रतिवेदन पर सी.एस.-1 अनुज्ञप्तिधारी ऐसी कम प्रदाय की गई स्पिरिट और/या सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा की मात्रा पर विचार किये बिना प्रथम बार असफल रहने की दशा में रूपये 1,00,000/- (एक लाख रूपये) से अनधिक तथा पुनरावृत्ति होने पर न्यूनतम रूपये 1,00,000/- (एक लाख रूपये) एवं अधिकतम रूपये 5,00,000/- (पॉच लाख रूपये) तक की ऐसी शास्ति का दायी होगा, जो आबकारी आयुक्त द्वारा अधिरोपित की जावे।'' (29) प्ररूप सी.एस.-1 के स्थान पर, निम्नानुसार नवीन प्ररूप सी.एस.-1 प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात् :-
प्ररूप सी.एस. 1
[नियम 3(1) के अधीन]
विनिर्माण भाण्डागार द्वारा भण्डारण भाण्डागारों के माध्यम से फुटकर अनुज्ञप्तिधारियों को सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा प्रदाय के लिए अनुज्ञप्ति
यह अनुज्ञप्ति........................रूपये फीस के प्रतिफल में, जिसका अग्रिम संदाय किया जा चुका है,श्री/मेसर्स ..........
.............. को छाीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 13, 14, 15 तथा 28 के अधीन और वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग के पत्र क्रमांक.....................दिनांक ..................... द्वारा सूचित की गई राज्य सरकार के स्वीकृति के अनुसरण में इस अनुज्ञप्ति से संलग्न अनुसूची में वर्णित भण्डारण-भाण्डागार....................... में देशी मदिरा के भण्डारण एवं फुटकर अनुज्ञप्तिधारियों को प्रदाय के संबंध में .................. से ......................... तक की कालावधि के लिये मंजूर की जाती है।
शर्तें
1. यह अनुज्ञप्ति छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 के उपबन्धों तथा उसके अधीन बनाये गये नियमों के अध्यधीन रहते हुये मंजूर की जाती है तथा ऐसे समनुषंगी आदेशों तथा निर्देशों के अध्यधीन भी रहेगी जो राज्य शासन, आबकारी आयुक्त छत्तीसगढ़ द्वारा समय-समय पर इस निमित्त जारी किए जाएँ।
2. अनुज्ञप्ति की कालावधि के दौरान, अनुज्ञप्तिधारी, आबकारी आयुक्त, छाीसगढ़ द्वारा जारी रेट ऑफर की समस्त शर्तों का पालन करेगा।
3. अनुज्ञप्तिधारक, सी.एस.1-ग अनुज्ञप्तिधारक (छाीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पोरेशन लिमिटेड) एवं छाीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के साथ किए गए किसी भी प्रकार के अनुबंध की शर्तों एवं समय-समय पर दिए गए निर्देशों/आदेशों से आबद्ध रहेगा।
4. अनुज्ञप्तिधारी किसी प्रकार की देशी मदिरा को तैयार करने के लिए केवल ऐसे एसेन्स और खाद्य रंगों का उपयोग करेगा जो आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित किये गये हों तथा एसेन्स एवं खाद्य रंग भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मानक स्तर के हो।
5. इस अनुज्ञप्ति की किसी शर्त या छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के किन्हीं उपबंधों या उसके अधीन बनाये गये किसी नियम के उल्लंघन पर यह अनुज्ञप्ति आबकारी आयुक्त द्वारा रद्द की जा सकेगी।
तारीख......................... आबकारी आयुक्त,
छत्तीसगढ़
अनुसूची - 1
| क्रमांक | जिला का नाम जहां भण्डारण-भाण्डागार स्थित है। | भण्डारण-भाण्डागार का नाम | प्रदाय किये जाने वाले जिले का नाम |
| (1) | (2) | (3) | (4) |
तारीख......................... आबकारी आयुक्त
छत्तीसगढ़ (30) प्ररूप सी.एस. 1-ख के स्थान पर, निम्नानुसार नवीन प्ररूप सी.एस. 1-ख प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात् :-
प्ररूप सी. एस. 1-ख
देशी मदिरा के विनिर्माण तथा बोतल भराई के लिए अनुज्ञप्ति
[नियम 3-ख देखिए]
छत्तीसगढ़ देशी स्पिरिट नियम, 1995 के नियम 3-ख के अधीन तथा ............... रुपये फीस के प्रतिफल स्वरूप यह अनुज्ञप्ति ..................................को देशी मदिरा का विनिर्माण तथा बोतल भराई के लिए ........................से ............................................................ तक निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन रहते हुए, प्रदान की जाती है :-
शर्तें
1. अनुज्ञप्तिधारी, सभी प्रकार की देशी मदिरा राज्य शासन द्वारा निर्धारित तेजी के अनुसार पेय प्रासव से विनिर्माण करेगा।
2. बोतल भराई संबंधी समस्त संक्रियाओं का संचालन आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित नक्शा (मैप) तथा योजना के अनुसार................ में स्थित अनुज्ञप्त परिसर जो कि इस अनुज्ञप्ति के साथ संलग्न है, में ही किया जाएगा। 3. अनुज्ञप्ति की कालावधि के दौरान, अनुज्ञप्तिधारी, आबकारी आयुक्त, छाीसगढ़ द्वारा जारी रेट ऑफर की समस्त शर्तों के साथ-साथ छाीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा जारी समनुषंगी अनुदेशों का पालन करेगा।
4. अनुज्ञप्तिधारी, देशी मदिरा को तैयार करने के लिये केवल ऐसे एसेन्स एवं खाद्य रंगों का प्रयोग करेगा, जो आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित किये गये हों तथा एसेन्स एवं खाद्य रंग भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मानक स्तर के हो।
5. अनुज्ञप्तिधारी द्वारा देशी मदिरा की भराई एवं पैकिंग आबकारी आयुक्त द्वारा इस संबंध में समय-समय पर दिये गये निर्देशों के अनुसार की जायेगी।
6. अनुज्ञप्तिधारी को अनुज्ञप्त परिसर में स्वच्छता रखना होगा एवं परिसर में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी।
7. अनुज्ञप्तिधारी को अग्नि सुरक्षा का ध्यान रखना होगा तथा तत्संबंध में निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप प्रत्येक बॉटलिंग इकाई में पर्याप्त अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था करनी होगी।
8. अनुज्ञप्तिधारी बोतल भराई का कार्य भारसाधक अधिकारी को, सुसंगत ब्यौरों को सम्मिलित करते हुए, पूर्व सूचना दिए बिना नहीं करेगा।
9. अनुज्ञप्तिधारी देशी मदिरा भराई हेतु परिषोधित स्पिरिट, डी-1, आसवनी अनुज्ञप्तिधारी अथवा ऐसे अनुज्ञप्तिधारी जो परिशोधित स्पिरिट का उत्पादन करते हाें, से प्राप्त करेगा या उस प्रयोजन हेतु स्वी—त अनुमति में सम्मिलित निर्बन्धनों एवं शर्तों के अनुसार विहित फीस का भुगतान करने के पश्चात् उसका आयात करेगा। 10. सम्मिश्रित संक्रिया (आपरेशन) में निर्मित समस्त भरी हुई देशी मदिरा को एक ही खेप क्रमांक (बैच नंबर) दिया जाएगा और उसे तत्काल, बोतलों में भरकर, सीलबंद नामपत्र (लेबल) चस्पा कर दिया जाएगा।"
11. अनुज्ञप्तिधारी केवल आबकारी आयुक्त द्वारा पंजीकृत नामपत्र (लेबल) का प्रयोग करेगा जो बोतलों पर चिपकाए गए नामपत्रों (लेबल्स) पर छाीसगढ़ देशी स्पिरिट नियम, 1995 के नियम 4 के उपनियम 12 के खण्ड (ख) में दिए गए ब्यौरे विनिर्दिष्ट किए जाएंगे।
12. अनुज्ञप्तिधारी देशी मदिरा की भराई में, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक एवं घातक किसी भी संघटक का उपयोग नहीं करेगा। 13. देशी मदिरा से भरी पेटियां नामपत्रवार (लेबल वाइज) और बोतल आकारवार तथा व्यवस्थित रूप से गड्डी लगाई जाएगी और एक दूसरे से पृथक् पृथक् स्टाक की जाएगी।
14. अनुज्ञप्तिधारी, भण्डार कक्षों के मध्य और दीवारों के साथ-साथ देशी मदिरा के भंडार के सत्यापन एवं मुक्त आवागमन के लिए पैकेजों से रहित सुगम गलियारा छोड़ेगा।
15. अनुज्ञप्तिधारी नामपत्रवार (लेबल वाइज) भरी गई और प्रदाय की गई देशी मदिरा का सही लेखा दिन प्रतिदिन संधारित करेगा।
16. अनुज्ञप्तिधारी सामान्य अनुज्ञप्त शर्तों की शर्त क्रमांक 2, 8, 14, 16, 25, 26, 27, 29 तथा 32 को छोड़कर शेष समस्त शर्तों से आबद्ध होगा।
17. अनुज्ञप्ति की किसी भी शर्त, छाीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 तथा उसके अधीन बनाये गये नियमों, उपबंधों या राज्य शासन, आबकारी आयुक्त द्वारा जारी किये गये आदेशों/निर्देशों का उल्लंघन किये जाने पर इस अनुज्ञप्ति को अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा रद्द किया जा सकेगा।
आबकारी आयुक्त छत्तीसगढ़ तारीख.........................
अनुसूची - 1
| स्थल का वर्णन | अनुज्ञप्त परिसर की सीमाएँ | |||
| उार | पूर्व | दक्षिण | पश्चिम | |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) |
आबकारी आयुक्त छत्तीसगढ़ तारीख.........................
(31) प्ररूप सी.एस. 1-खख के स्थान पर, निम्नानुसार नवीन प्ररूप सी.एस. 1-खख प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात् :-
प्ररूप सी.एस. 1-खख
देशी मदिरा के विनिर्माण तथा विशेष बोतल भराई के लिए अनुज्ञप्ति
[नियम 3-खख देखिए]
छत्तीसगढ़ देशी स्पिरिट नियम, 1995 के नियम 3-खख के अधीन तथा ............... रुपये फीस के प्रतिफल स्वरूप यह अनुज्ञप्ति ..................................को देशी मदिरा का विनिर्माण तथा विशेष बोतल भराई के लिए ........................से ............................................................ तक निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन रहते हुए, प्रदान की जाती है :-
शर्तें
1. अनुज्ञप्तिधारी, सभी प्रकार की देशी मदिरा राज्य शासन द्वारा निर्धारित तेजी के अनुसार पेय प्रासव से विनिर्माण करेगा।
2. अनुज्ञप्तिधारी केवल उन नामपत्र (लेबल/ब्राण्ड) की मदिरा का विनिर्माण/बोतल भराई करेगा जो इस अनुज्ञप्ति के संलग्न अनुसूची-2 में विनिर्दिष्ट है अथवा सूचीबद्ध की गई है तथा जिनके लिये उसे ............. संबंधित नामपत्र (लेबल/ब्राण्ड) के स्वामी, द्वारा सम्यक् रूप से विशेषतः प्राधि—त किया गया है/विशेषाधिकार दिया गया है, अथवा संबंधित नामपत्र (लेबल/ब्राण्ड) अनुज्ञप्तिधारी के स्वामित्व की है।
3. अनुसूची-2 में सूचीबद्ध समस्त नामपत्रों का विनिर्माण तथा बोतल भराई संक्रियाएं ............... स्थित अनुज्ञप्त परिसर पर आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित नक्शे (मैप) तथा रेखांक (प्लान) के अनुसार की जावेगी।
4. अनुज्ञप्ति की कालावधि के दौरान, अनुज्ञप्तिधारी, आबकारी आयुक्त, छाीसगढ़ द्वारा जारी रेट ऑफर की समस्त शर्तों के साथ-साथ छाीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा जारी समनुषंगी अनुदेशों का पालन करेगा।
5. अनुज्ञप्तिधारी, देशी मदिरा को तैयार करने के लिये केवल ऐसे एसेन्स एवं खाद्य रंगों का प्रयोग करेगा, जो आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित किये गये हों तथा एसेन्स एवं खाद्य रंग भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मानक स्तर के हो।
6. अनुज्ञप्तिधारी द्वारा देशी मदिरा की भराई एवं पैकिंग आबकारी आयुक्त द्वारा इस संबंध में समय-समय पर दिये गये निर्देशों के अनुसार की जायेगी।
7. अनुज्ञप्तिधारी को अनुज्ञप्त परिसर में स्वच्छता रखना होगा एवं परिसर में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। 8. अनुज्ञप्तिधारी को अग्नि सुरक्षा का ध्यान रखना होगा और निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप प्रत्येक बॉटलिंग इकाई में पर्याप्त अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था करनी होगी।
9. अनुज्ञप्तिधारी बोतल भराई का कार्य भारसाधक अधिकारी को, सुसंगत ब्यौरों को सम्मिलित करते हुए, पूर्व सूचना दिए बिना नहीं करेगा।
10. अनुज्ञप्तिधारी देशी मदिरा भराई हेतु परिशोधित स्पिरिट, डी-1, आसवनी अनुज्ञप्तिधारी अथवा ऐसे अनुज्ञप्तिधारी जो परिशोधित स्पिरिट का उत्पादन करता हो, से प्राप्त करेगा या उस प्रयोजन हेतु स्वी—त अनुमति में सम्मिलित निर्बन्धनों एवं शर्तों के अनुसार विहित फीस का भुगतान करने के पश्चात् उसका आयात करेगा।
11. सम्मिश्रित संक्रिया (ऑपरेशन) में निर्मित समस्त भरी हुई देशी मदिरा को एक ही खेप क्रमांक (बैच नंबर) दिया जाएगा और उसे तत्काल, बोतलों में भरकर, सीलबंद नामपत्र (लेबल/ब्राण्ड) चस्पा कर दिया जाएगा। 12. अनुज्ञप्तिधारी केवल आबकारी आयुक्त द्वारा पंजी—त नामपत्र (लेबल/ब्राण्ड) का प्रयोग करेगा जो बोतलों पर चिपकाए गए नामपत्रों (लेबल/ब्राण्ड) पर छाीसगढ़ देशी स्पिरिट नियम, 1995 के नियम 4 के उपनियम 12 के खण्ड (ख) में दिए गए ब्यौरे विनिर्दिष्ट किए जाएंगे।
13. अनुज्ञप्तिधारी देशी मदिरा की भराई में, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक एवं घातक किसी भी संघटक का उपयोग नहीं करेगा।
14. देशी मदिरा से भरी पेटियां नामपत्रवार (लेबल वाइज) और बोतल आकारवार तथा व्यवस्थित रूप से गड्डी लगाई जाएगी और एक दूसरे से पृथक् पृथक् स्टाक की जाएगी।
15. अनुज्ञप्तिधारी, भण्डार कक्षों के मध्य और दीवारों के साथ-साथ देशी मदिरा के भंडार के सत्यापन एवं मुक्त आवागमन के लिए पैकेजों से रहित सुगम गलियारा छोड़ेगा।
16. अनुज्ञप्तिधारी नामपत्रवार (लेबल वाइज) भरी गई और प्रदाय की गई देशी मदिरा का सही लेखा दिन प्रतिदिन संधारित करेगा।
17. वह, इस अनुज्ञप्ति के चालू रहने के दौरान आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर जारी किए गए समनुषंगी अनुदेशों का पालन करेगा।
18. यदि डी-1 और/या सी.एस.1-ख और/या एफ.एल. 9 अनुज्ञप्ति जिसे संलग्न अनुज्ञप्ति के रूप में यह अनुज्ञप्ति प्रदान की गई है, निलंबित, रद्द या प्रत्याहृत हो जाती है, तो यह अनुज्ञप्ति स्वयमेव यथास्थिति निलंबित/प्रत्याहृत या बंद हो जाएगी। 19. अनुज्ञप्तिधारी सामान्य अनुज्ञप्त शर्तों की शर्त क्रमांक 2, 8, 14, 16, 25, 26, 27, 29 तथा 32 को छोड़कर शेष समस्त शर्तों से आबद्ध होगा।
20. अनुज्ञप्ति की किसी भी शर्त, छाीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 तथा उसके अधीन बनाये गये नियमों, उपबंधों या राज्य शासन, आबकारी आयुक्त द्वारा जारी किये गये आदेशों/निर्देशों का उल्लंघन किये जाने पर इस अनुज्ञप्ति को अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा रद्द किया जा सकेगा।
आबकारी आयुक्त छत्तीसगढ़ तारीख.........................
अनुसूची - 1
| स्थल का वर्णन | अनुज्ञप्त परिसर की सीमाएँ | |||
| उार | पूर्व | दक्षिण | पश्चिम | |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) |
अनुसूची - 2
| क्रमांक | उन लेबल/ब्राण्ड के ब्यौरे जिनके लिए अनुज्ञप्तिधारक विशेषाधिकार धारण करता है | विशेषाधिकार दाता के संपूर्ण पते सहित पूरा विवरण |
| (1) | (2) | (3) |
आबकारी आयुक्त छत्तीसगढ़ तारीख.........................
(32) प्ररूप सी.एस.-5 के स्थान पर, निम्नानुसार नवीन प्ररूप सी.एस.-5 प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात् :-
प्ररूप सी.एस.-5
[नियम 6 (1) देखिए]
विनिर्माण भाण्डागार तक स्पिरिट के परिवहन हेतु अनुज्ञा-पत्र
प्रथम भाग : (जारी करने वाले कार्यालय में प्रतिधारित किया जावे)
क्रमांक .................... दिनांक ......................
मेसर्स ..................... जो सी.एस.-1 का अनुज्ञप्तिधारी है, को स्पिरिट की नीचे वर्णित मात्रा, .................... से..............
...... जिले के विनिर्माण भाण्डागार तक, परिवहन की अनुमति दी जाती है।
| स्प्रिट के परिवहन का साधन (टैंकर/पाईप लाईन/ड्रम/कंटेनर /अन्य माध्यम) | स्प्रिट के परिवहन के साधन की संख्या | मात्रा बल्क लीटर में | तापमान | हाइड्रोमीटर संकेत | शक्ति | पू्र.ली. |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) | (6) | (7) |
शर्ते
1. परेषण को परिवहन के दौरान तोड़ा नहीं जाएगा।
2. इसे गंतव्य स्थान तक .................... होते हुए ले जाया जाएगा।
3. परेषण दिनांक ................ को .................. बजे वाहन क्रमांक ............... द्वारा प्रेषित किया गया है तथा इसे गंतव्य स्थान तक ............... या उसके पूर्व पहुँच जाना चाहिए।
4. परेषण श्री ............................पता .......................................मोबाईल नम्बर..................................मार्फत....................को रवाना किया गया।
प्रभारी अधिकारी ........................... आसवनी भाण्डागार
प्ररूप सी.एस.-5
[नियम 6 (1) देखिए]
विनिर्माण भाण्डागार तक स्पिरिट के परिवहन हेतु अनुज्ञा-पत्र द्वितीय भाग : (गंतव्य विनिर्माण भाण्डागार हेतु)
क्रमांक .................... दिनांक ......................
मेसर्स ..................... जो सी.एस.-1 का अनुज्ञप्तिधारी है, को स्पिरिट की नीचे वर्णित मात्रा, ................ से..................
.. जिले के विनिर्माण भाण्डागार तक, परिवहन की अनुमति दी जाती है।
| स्प्रिट के परिवहन का साधन (टैंकर/पाईप लाईन/ड्रम/कंटेनर /अन्य माध्यम) | स्प्रिट के परिवहन के साधन की संख्या | मात्रा बल्क लीटर में | तापमान | हाइड्रोमीटर संकेत | शक्ति | पू्र.ली. |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) | (6) | (7) |
शर्ते
1. परेषण को परिवहन के दौरान तोड़ा नहीं जाएगा।
2. इसे गंतव्य स्थान तक .................... होते हुए ले जाया जाएगा।
3. परेषण दिनांक ................ को .................. बजे वाहन क्रमांक ............... द्वारा प्रेषित किया गया है तथा इसे गंतव्य स्थान तक ............... या उसके पूर्व पहुँच जाना चाहिए।
4. परेषण श्री ............................पता ............................................ मोबाईल नम्बर ............................मार्फत....................को रवाना किया गया।
प्रभारी अधिकारी ........................... आसवनी भाण्डागार प्ररूप सी.एस.-5
[नियम 6 (1) देखिए]
विनिर्माण भाण्डागार तक स्पिरिट के परिवहन हेतु अनुज्ञा-पत्र तृतीय भाग : (परिवहन के दौरान परेषण के साथ रखने हेतु)
क्रमांक .................... दिनांक ......................
मेसर्स ..................... जो सी.एस.-1 का अनुज्ञप्तिधारी है, को स्पिरिट की नीचे वर्णित मात्रा, ................ से..................
.. जिले के विनिर्माण भाण्डागार तक, परिवहन की अनुमति दी जाती है।
| स्प्रिट के परिवहन का साधन (टैंकर/पाईप लाईन/ड्रम/कंटेनर / अन्य माध्यम) | स्प्रिट के परिवहन के साधन की संख्या | मात्रा बल्क लीटर में | तापमान | हाइड्रोमीटर संकेत | शक्ति | पू्र.ली. |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) | (6) | (7) |
शर्ते
1. परेषण को परिवहन के दौरान तोड़ा नहीं जाएगा।
2. इसे गंतव्य स्थान तक .................... होते हुए ले जाया जाएगा।
3. परेषण दिनांक ................ को .................. बजे वाहन क्रमांक ............... द्वारा प्रेषित किया गया है तथा इसे गंतव्य स्थान तक ............... या उसके पूर्व पहुँच जाना चाहिए।
4. परेषण श्री ............................पता ........................................ मोबाईल नम्बर ................................मार्फत....................को रवाना किया गया।
प्रभारी अधिकारी ........................... आसवनी भाण्डागार
(33) प्ररूप सी.एस.-6(क) के स्थान पर निम्नानुसार नवीन प्ररूप सी.एस.-6(क) प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात् :-
प्ररूप सी.एस.-6(क)
[नियम 6 (1)(क) देखिए]
अनापाि प्रमाण-पत्र
क्रमांक.......................... तारीख....................
भाग-एक : (जारी किये जाने वाले कार्यालय में रखा जाए)
प्रति,
भारसाधक अधिकारी, ........................................
सी.एस.1ख/सी.एस.1खख अनुज्ञप्ति
श्री ................................... जो सी.एस.1 अनुज्ञप्ति का धारक है, देशी मदिरा के ......................................... प्रूफ/बल्क प्रति लीटर का आपके प्रभार के अधीन उपरोक्त विनिर्माण भण्डागार से ................................. स्थित सी.एस.1ग अनुज्ञप्त परिसर तक परिवहन करने की वांछा करता है और परिवहन फीस के रूप में रूपये ............................चालान क्रमांक .......
............................ दिनांक ........................... द्वारा जमा कर चुका है। यदि ऊपर वर्णित मात्रा के लिए आपके द्वारा परिवहन अनुज्ञापत्र जारी किया जाता है, तो इस कार्यालय को कोई आपाि नहीं होगी। यह अनापाि प्रमाण-पत्र तारीख .................
............ तक वैध रहेगा।
जिले के प्रभारी आबकारी अधिकारी ...................................(छ.ग.)
प्ररूप सी.एस.-6(क)
[नियम 6 (1)(क) देखिए]
अनापाि प्रमाण-पत्र
क्रमांक.......................... तारीख....................
भाग-द्वितीय ः (क्रेता अनुज्ञप्तिधारियों को सौंप दिया जाए)
प्रति,
भारसाधक अधिकारी, ........................................
सी.एस.1ख/सी.एस.1खख अनुज्ञप्ति
श्री ................................... जो सी.एस.1 अनुज्ञप्ति का धारक है, देशी मदिरा के ......................................... प्रूफ/बल्क प्रति लीटर का आपके प्रभार के अधीन उपरोक्त विनिर्माण भण्डागार से ................................. स्थित सी.एस.1ग अनुज्ञप्त परिसर तक परिवहन करने की वांछा करता है और परिवहन फीस के रूप में रूपये ............................चालान क्रमांक ....... ............................ दिनांक ........................... द्वारा जमा कर चुका है। यदि ऊपर वर्णित मात्रा के लिए आपके द्वारा परिवहन अनुज्ञापत्र जारी किया जाता है, तो इस कार्यालय को कोई आपाि नहीं होगी। यह अनापाि प्रमाण-पत्र तारीख ................. ............ तक वैध रहेगा।
जिले के प्रभारी आबकारी अधिकारी ...................................(छ.ग.)
प्ररूप सी.एस.-6(क)
[नियम 6 (1)(क) देखिए]
अनापाि प्रमाण-पत्र
क्रमांक.......................... तारीख....................
भाग-तृतीय ः (उस अधिकारी को डाक द्वारा भेज दिया जाए जो परिवहन अनुज्ञापत्र जारी करे) प्रति, भारसाधक अधिकारी, ........................................
सी.एस.1ख/सी.एस.1खख अनुज्ञप्ति श्री ................................... जो सी.एस.1 अनुज्ञप्ति का धारक है, देशी मदिरा के ......................................... प्रूफ/बल्क प्रति लीटर का आपके प्रभार के अधीन उपरोक्त विनिर्माण भण्डागार से ................................. स्थित सी.एस.1ग अनुज्ञप्त परिसर तक परिवहन करने की वांछा करता है और परिवहन फीस के रूप में रूपये ............................चालान क्रमांक .......
............................ दिनांक ........................... द्वारा जमा कर चुका है। यदि ऊपर वर्णित मात्रा के लिए आपके द्वारा परिवहन अनुज्ञापत्र जारी किया जाता है, तो इस कार्यालय को कोई आपाि नहीं होगी। यह अनापाि प्रमाण-पत्र तारीख .................
............ तक वैध रहेगा।
जिले के प्रभारी आबकारी अधिकारी ...................................(छ.ग.)
(34) नवीन प्ररूप सी.एस.-6(क) के पश्चात् निम्नानुसार नवीन प्ररूप सी.एस.-6(कक) अंतःस्थापित किया जावे, अर्थात् :-
प्ररूप सी.एस.-6(कक)
[नियम 6 (1)(क) देखिए]
भाग-एक : (जारी किये जाने वाले विनिर्माण भाण्डागार में रखी जाए)
क्रमांक.......................... तारीख....................
सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा परिवहन हेतु अनुज्ञा-पत्र
प्ररूप सी. एस. 1-ख या सी.एस. 1-खख में अनुज्ञप्ति के धारक ........................................................................... को उसकी ........................................ स्थित अनुज्ञप्त विनिर्माण भाण्डागार से ..............................भण्डारण-भाण्डागार तक काउंटरवेलिंग ड्यूटी (प्रतिशुल्क) अथवा आबकारी शुल्क, जैसा भी लागू हो, की राशि जमा कर नीचे दिए गए ब्यौरों के अनुसार सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा के परिवहन के लिये एतद्द्वारा अनुज्ञा-पत्र प्रदान किया जाता है। अनुज्ञा-पत्र केवल दिनांक ..................................तक विधि मान्य होगा। परेषण को .........................व्हाया...........................होकर उसके गंतव्य स्थान तक ले जाया जाएगा।
(परिवहन की जा रही सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा की विशिष्टियॉ)
| क्र. | मदिरा का प्रकार एवं लेबल | पैक साईज एवं पेटी की संख्या | बल्क लीटर/प्रूफ लीटर | बैच नम्बर एवं दिनांक | ||||||
| बोतल | अद्धा | पाव | बोतल | अद्धा | पाव | बोतल | अद्धा | पाव | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 |
| 1. | मसाला (25 यू.पी.) | |||||||||
| 2. | प्लेन (50 यू.पी.) | |||||||||
उपरोक्त परेषण के साथ वाहन क्रमांक .......................... तारीख ................... को .................. पूर्वाह्न/अपराह्न में रवाना हुआ। प्रति शुल्क के चालान का विवरण :- जमा राशि ......................... चालान क्रमांक .............................................
तारीख..................................
परेषण श्री ............................पता .....................................मोबाईल नम्बर..................................मार्फत....................को रवाना किया गया।
तारीख .............................
भारसाधक अधिकारी सी.एस. 1-ख या सी.एस. 1-खख प्ररूप सी.एस.-6(कक) [नियम 6 (1)(क) देखिए]
भाग-दो ः (परिवहनकर्ता अनुज्ञप्तिधारी को सौंपी जाए। इस भाग में परिवहन केे दौरान परेषण
सम्मिलित होगा)
क्रमांक.......................... तारीख....................
सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा परिवहन हेतु अनुज्ञा-पत्र
प्ररूप सी. एस. 1-ख या सी.एस. 1-खख में अनुज्ञप्ति के धारक ........................................................................... को उसकी ........................................ स्थित अनुज्ञप्त विनिर्माण भाण्डागार से ..............................भण्डारण-भाण्डागार तक काउंटरवेलिंग ड्यूटी (प्रतिशुल्क) अथवा आबकारी शुल्क, जैसा भी लागू हो, की राशि जमा कर नीचे दिए गए ब्यौरों के अनुसार सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा के परिवहन के लिये एतद्द्वारा अनुज्ञा-पत्र प्रदान किया जाता है। अनुज्ञा-पत्र केवल दिनांक ..................................तक विधि मान्य होगा। परेषण को .........................व्हाया...........................होकर उसके गंतव्य स्थान तक ले जाया जाएगा।
(परिवहन की जा रही सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा की विशिष्टियॉ)
| क्र. | मदिरा का प्रकार एवं लेबल | पैक साईज एवं पेटी की संख्या | बल्क लीटर/प्रूफ लीटर | बैच नम्बर एवं दिनांक | ||||||
| बोतल | अद्धा | पाव | बोतल | अद्धा | पाव | बोतल | अद्धा | पाव | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 |
| 1. | मसाला (25 यू.पी.) | |||||||||
| 2. | प्लेन (50 यू.पी.) | |||||||||
उपरोक्त परेषण के साथ वाहन क्रमांक .......................... तारीख ................... को .................. पूर्वाह्न/अपराह्न में रवाना हुआ। प्रति शुल्क के चालान का विवरण :- जमा राशि ......................... चालान क्रमांक .............................................
तारीख..................................
परेषण श्री ............................पता .....................................मोबाईल नम्बर..................................मार्फत....................को रवाना किया गया।
तारीख .............................
भारसाधक अधिकारी सी.एस. 1-ख या सी.एस. 1-खख
प्ररूप सी.एस.-6(कक)
[नियम 6 (1)(क) देखिए]
भाग-तीन ः (गन्तव्य स्थल के भण्डारण-भाण्डागार के भारसाधक अधिकारी को भेजा जाए) क्रमांक.......................... तारीख....................
सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा परिवहन हेतु अनुज्ञा-पत्र
प्ररूप सी. एस. 1-ख या सी.एस. 1-खख में अनुज्ञप्ति के धारक ........................................................................... को उसकी ........................................ स्थित अनुज्ञप्त विनिर्माण भाण्डागार से ..............................भण्डारण-भाण्डागार तक काउंटरवेलिंग ड्यूटी (प्रतिशुल्क) अथवा आबकारी शुल्क, जैसा भी लागू हो, की राशि जमा कर नीचे दिए गए ब्यौरों के अनुसार सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा के परिवहन के लिये एतद्द्वारा अनुज्ञा-पत्र प्रदान किया जाता है। अनुज्ञा-पत्र केवल दिनांक ..................................तक विधि मान्य होगा। परेषण को .........................व्हाया...........................होकर उसके गंतव्य स्थान तक ले जाया जाएगा।
(परिवहन की जा रही सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा की विशिष्टियॉ)
| क्र. | मदिरा का प्रकार एवं लेबल | पैक साईज एवं पेटी की संख्या | बल्क लीटर/प्रूफ लीटर | बैच नम्बर एवं दिनांक | ||||||
| बोतल | अद्धा | पाव | बोतल | अद्धा | पाव | बोतल | अद्धा | पाव | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 |
| 1. | मसाला (25 यू.पी.) | |||||||||
| 2. | प्लेन (50 यू.पी.) | |||||||||
उपरोक्त परेषण के साथ वाहन क्रमांक .......................... तारीख ................... को .................. पूर्वाह्न/अपराह्न में रवाना हुआ। प्रति शुल्क के चालान का विवरण :- जमा राशि ......................... चालान क्रमांक .............................................
तारीख..................................
परेषण श्री ............................पता .....................................मोबाईल नम्बर..................................मार्फत....................को रवाना किया गया।
तारीख .............................
भारसाधक अधिकारी सी.एस. 1-ख या सी.एस. 1-खख (35) प्ररूप सी.एस.-7 के स्थान पर नवीन प्ररूप सी.एस.-7 प्रतिस्थापित किया जावे, अर्थात् :-
प्ररूप सी.एस.-7
[नियम 8 (5)]
सी.एस.1-ख/सी.एस.1खख अनुज्ञप्ति के ..................स्थित अनुज्ञप्त परिसर से बंधपत्र के अधीन निर्यात के लिए देशी मदिरा के हटाए जाने पर निष्पादित किया जाने वाला बंधपत्र का प्ररूप मैं/हम ..............................................(जिसे इसमें इसके पश्चात् अनुज्ञप्तिधारी के रूप में निर्दिष्ट किया गया है) देशी स्पिरिट नियम, 1995 के नियम 8 के अधीन भारत के अन्य राज्यों को प्ररूप सी.एस.-6 में निर्यात अनुज्ञापत्र के निबंधनों तथा शर्तों के अनुसार बंधपत्र के अधीन देशी मदिरा का नियत समय के भीतर निर्यात करने के लिए प्राधि—त किया गया है/किए गए हैं। मैं/हम एतद्वारा, स्वयं को/स्वयं को तथा साथ ही साथ मेरे/हमारे उत्तराधिकारियों/विधिक प्रतिनिधियों को रुपए.................... के लिए छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के प्रति आबद्ध करता हूँ/करते हैं और यह अभिवचन देता है/देते हैं कि उस दशा में मैं/हम, निर्यात प्राधि—त करने वाले अधिकारी के समाधान पर्यन्त यह सबूत प्रस्तुत करने में असमर्थ रहूँ/रहें कि उस/उन निर्यात अनुज्ञापत्र/अनुज्ञापत्रों के अधीन, जो मेरे/हमारे पक्ष में जारी किया गया है/किए गए हैं, में उल्लेखित देशी मदिरा विनिर्दिष्ट समय के भीतर सम्यक् रूप से तथा विनिश्चायक रूप से निर्यात की गई है, तो मैं/हम, उस पर विहित दर पर पूरा शुल्क छत्तीसगढ़ के राज्यपाल को संदत्त करूंगा/करेंगे। वह ऐसे किसी अन्य शास्ति के अतिरिक्त होगा जो कि निर्यात से संबंधित निबंधनों तथा शर्तों के उल्लंघन के लिए मुझ पर/हम पर अधिरोपित की जाए।
(हस्ताक्षर) मेसर्स................................को, जो कि प्ररूप सी.एस.1-ख/सी.एस.1खख में अनुज्ञप्ति के धारक हैं, देशी स्पिरिट नियम, 1995 के अधीन........................ स्थित उसके/उनके अनुज्ञप्त परिसर से शुल्क का संदाय किए बिना सीलबंद बोतलों में देशी मदिरा का निर्यात करने के लिए अनुज्ञात किया गया है/किए गए हैं। इस अनुज्ञा की शर्त निम्नानुसार हैं -- (1) अनुज्ञप्तिधारी किसी भी एक समय पर देशी मदिरा की ऐसी कोई मात्रा निर्यात नहीं करेगा, जिस पर दिए गए किसी भी समय पर विहित दर से कुछ शुल्क रुपए.......................... से अधिक होता है।
(2) अनुज्ञप्तिधारी, निर्यात अनुज्ञापत्र में वर्णित वैधता की कालावधि के भीतर गंतव्य स्थान के भाण्डागार के भारसाधक अधिकारी को देशी मदिरा परिदत्त करेगा। ऐसा न करने पर वह परिदत्त न की गई देशी मदिरा की मात्रा पर विद्यमान दर पर विहित शुल्क छत्तीसगढ़ के राज्यपाल को संदत्त करेगा। यह ऐसी किसी शास्ति के अतिरिक्त होगा जो कि अधिनियम तथा उसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अधीन उस पर अधिरोपित किए जाए।
साक्षी--एक
साक्षी--दो
की उपस्थिति में
कलेक्टर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल की ओर से स्थान...
तारीख.....
को हस्ताक्षर किए ।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा
आदेशानुसार .......................................
(36) छाीसगढ़ देशी स्प्रिट नियम, 1995 में जहाँ-जहाँ शब्द ''सी.एस.2(घघ)'' आया है, के पश्चात् शब्द ''सी.एस. 2(घघ-कम्पोजिट)'' एवम् शब्द ''सी.एस.2 (ग-अहाता)'' तथा शब्द ''सी.एस.2 (ग-कम्पोजिट अहाता )'' जोड़ा जावे।
(37) प्ररूप ''सी.एस.-2(घघ)'' के पश्चात् प्ररूप ''सी.एस.-2(घघ-कम्पोजिट)'' एवम् प्ररूप ''सी.एस.2 (ग-अहाता)'' तथा ''सी.एस.2 (ग-कम्पोजिट अहाता)'' अंतःस्थापित किया जावे।
2. उक्त अधिसूचना जारी दिनांक से प्रवृा होगा।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
देवेन्द्र सिंह भारद्वाज, वििवश्शोेष्षा सचिव.