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Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

व्यक्तिगत वन अधिकारों के अधिकार अभिलेखीकरण तथा वन अधिकार पत्रधारकों की मृत्यु उपरान्त उनके विधिक वारिसानों को अधिकार हस्तांतरण संबंधित कार्यवाही

Published 16 July 2024

Department
आदिमजाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग
Type
Extraordinary
Gazette no.
299
Notification no.
क्रमांक एफ 10-11/2007/25-2
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2024-07-16.299
Languages
English, Hindi

छत्तीसगढ़

पंजीयन क्रमांक " छत्तीसगढ़ / दुर्ग/ 09 / 2013-2015 ."

सत्यमेव जयते

"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान ( बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 . "

छत्तीसगढ़ राजपत्र

(असाधारण)

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 299 ]

रायपुर, मंगलवार, दिनांक 16 जुलाई 2024- आषाढ़ 25 , शक 1946

आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग मंत्रालय , महानदी भवन , नवा रायपुर अटल नगर

अटल नगर , दिनांक 15 जुलाई 2024

अधिसूचना

क्रमांक एफ 10-11 / 2007 / 25-2.- राज्य शासन, एतद्वारा मंत्रि - परिषद आदेश दिनांक 09 जुलाई, 2024 अनुसार राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत व्यक्तिगत वन अधिकार पत्रधारकों की मृत्यु / फौत होने पर विधिक वारिसानों के नाम पर काबिज वन भूमि का हस्तांतरण एवं राजस्व / वन अभिलेखों में दर्ज करने और अन्य भूमि संबंधित कार्यवाही हेतु की जाने वाली विस्तृत प्रक्रिया संलग्न परिशिष्ट- एक अधिसूचित किया जाता है ।

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सोनमणि बोरा , प्रमुख सचिव.

597 598

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 16 जुलाई 2024

परिशिष्ट- एक व्यक्तिगत वन अधिकारों के अधिकार अभिलेखीकरण तथा वन अधिकार पत्रधारकों की मृत्यु उपरान्त उनके विधिक वारिसानों को अधिकार हस्तांतरण संबंधित कार्यवाही, अन्य भूमि संबंधित कार्यवाही हेतु विस्तृत प्रकिया प्रारूप

(क) नामांतरण:- विधिक वारिसान के द्वारा काबिज वन भूमि जिस विभाग के अभिलेखों में दर्ज है, उसके आधार पर आवेदन संबंधित विभाग के अधिकारी- तहसीलदार ( राजस्व विभाग) अथवा रेंज ऑफिसर ( वन विभाग) को प्रस्तुत किया जायेगा । संबंधित विभागीय अधिकारी द्वारा निम्नानुसार कार्यवाही की जावेगी: -

वन अधिकार मान्यता पत्रधारक का निधन होने पर कैफियत कॉलम में दर्ज प्रविष्टि में संशोधन क्र.

राजस्व विभाग

वन विभाग

1 (क) विधिक वारिसानों द्वारा फौति नामांतरण / संशोधन हेतु निम्न आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन तथा घोषणा पत्र तहसीलदार को प्रस्तुत किया जाएगा

(क) विधिक वारिसानों द्वारा फौति नामांतरण / संशोधन हेतु निम्न आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन तथा घोषणा पत्र रेंज ऑफिसर को प्रस्तुत किया जाएगा

1. वन अधिकार पत्र धारक का मृत्यु प्रमाण पत्र अथवा ग्राम पंचायत/ ग्राम सभा का मृत्यु के संबंध में प्रमाण पत्र ।

1. वन अधिकार पत्र धारक का मृत्यु प्रमाण पत्र अथवा ग्राम पंचायत/ ग्राम सभा का मृत्यु के संबंध में प्रमाण पत्र ।

2. सभी वारिसानों का आधार कार्ड / वोटर ID की प्रति ।

2. सभी वारिसानों का आधार कार्ड / वोटर ID की प्रति।

3. मोबाईल नम्बर / संपर्क नंबर

3. मोबाईल नम्बर / संपर्क नंबर

2 (क) विधिक वारिसानों का नाम दर्ज करने के लिए छ.ग. भू- राजस्व संहिता 1959 की धारा 110 की भांति प्रकरण दर्ज किया जाकर तथा धारा 110 के अधीन बने नियमों का पालन करते हुए प्रकरण का निराकरण निर्धारित समय- सीमा में सुनिश्चित किया जावेगा ।

(क) विधिक वारिसानों का नाम दर्ज करने के लिए मूल रूप से जारी वन अधिकार पत्रक की स्वअभिप्रमाणित (Self Attested ) सत्यापित छायाप्रति एवं वन अधिकार पुस्तिका प्रकरण के साथ संलग्न कर रेंज आफिसर को प्रस्तुत किया जावेगा तथा रेंज आफिसर द्वारा परीक्षण उपरान्त 30 दिवस में आदेश पारित किया जावेगा तथा वन अधिकार पुस्तिका में यथा स्थान फौति नामांतरण का इंद्राज किया जावेगा । वारिसानों को संशोधित वन अधिकार पुस्तिका (ऋण पुस्तिका) जारी की जावेगी । (ख) मूल रूप से जारी वन अधिकार पत्र की स्वअभिप्रमाणित (Self Attested ) सत्यापित छायाप्रति एवं वन अधिकार पुस्तिका प्रकरण

(ख ) प्रकरण में रेंज आफिसर के द्वारा पारित आदेश के तहत वन अधिकार पुस्तिका एवं वन अभिलेखो को अद्यतन किया जावेगा । उक्त 598( 1)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 16 जुलाई 2024

कार्यवाही अधिकतम तीन माह में पूर्ण कर लिया जावेगा ।

के साथ संलग्न किया जावेगा तथा परीक्षण उपरान्त वन अधिकार पुस्तिका में यथा स्थान फौति नामांतरण का इंद्राज किया जावेगा । वारिसानों को संशोधित वन अधिकार पुस्तिका (ऋण पुस्तिका) जारी की जावेगी ।

( ग ) विवादित प्रकरणों में अनुविभागीय अधिकारी

( वन) द्वारा संबंधित पक्षकारों की सुनवाई पश्चात पारित आदेश अनुसार रेंजर द्वारा नामांतरण की कार्यवाही की जावेगी ।

(ग) प्रकरण में तहसीलदार के द्वारा पारित आदेश के तहत वन अधिकार पुस्तिका एवं राजस्व अभिलेखो (अधिकार अभिलेख) को अद्यतन किया जावेगा । उक्त कार्यवाही अधिकतम तीन माह में पूर्ण की जावेगी ।

(ख) विधिक वारिसानों के मध्य वन अधिकार पत्र की वन भूमि के बंटवारे की प्रक्रिया -वन अधिकार मान्यता पत्रकधारी के जीवनकाल में उनके द्वारा प्रस्तावित या उसकी मृत्यु के उपरांत विधिक वारिसानों के मध्य खाता विभाजन के लिए प्रक्रिया

क्र.

राजस्व विभाग

वन विभाग

1 1. सभी वारिसान पृथक - पृथक आवेदन अथवा सम्मिलित रुप से एक ही आवेदन दे सकते है ।

(क) सभी वारिसान पृथक - पृथक आवेदन अथवा सम्मिलित रुप से एक ही आवेदन दे सकते है । (ख) नामांतरण हेतु प्राप्त आवेदन रेंज आफिसर, द्वारा आवेदन प्राप्ति के 15 दिवस के भीतर काबिज भूमि का स्थल निरीक्षण कराया जावेगा ।

रेंज आफिसर द्वारा निरीक्षण उपरांत प्राप्त आवेदन पर दावा आपत्ति के संबंध में इस्तेहार / नोटिस / मुनादी कराया जावेगा ।

2. प्रत्येक वन अधिकार मान्यता पत्र धारक के लिए पृथक- पृथक खसरा नंबर देते हुए प्रत्येक वन अधिकार मान्यता पत्रधारक के नाम खसरा के खण्ड-01 के कॉलम नंबर-10 (कैफियत ) में दर्ज करने तथा उनके द्वारा ली गई फसल या अन्य विवरण खसरा खण्ड-02 के कॉलम नंबर -10 (खाते के बाहर के क्षेत्रों में बोई गई फसल का नाम तथा क्षेत्रफल) में दर्ज करने के निर्देश हैं ।

(ग) रेंज आफिसर द्वारा प्रकरण का परीक्षण किया जावेगा । दावा आपत्ति के संबंध में संबंधित रेंज आफिसर द्वारा मुनादी तथा आम सूचना का इस्तेहार सूचना पटल तथा ग्राम पंचायत/ ग्राम में कराया जायेगा । दावा आपत्ति की अवधि समाप्त होने के उपरांत 15 दिवस के भीतर निम्न कार्यवाही की जावेगी:-

1. नामांतरण / संशोधन/ प्रक्रिया प्रारंभ की जावेगी ।

(क) वन अधिकार मान्यता पत्रकधारी द्वारा खाता विभाजन के लिए आवेदन प्रस्तुत होने छ.ग. भू- राजस्व संहिता 1959 की धारा 178/178 ' क' के भांति प्रकरण दर्ज किया जावेगा तथा धारा 178 व 178 ' क' के अधीन बने नियमों का पालन करते हुए प्रकरण का निराकरण किया जावेगा ।

2. हितबद्ध समस्त पक्षकारों को नोटिस जारी किया जावेगा ।

3. आम सूचना का इस्तेहार सूचना पटल, संबंधित ग्राम / नगर में निर्धारित स्थान तथा विभागीय वेब पोर्टल पर किया जावेगा ।

(ख) मूल रूप से जारी वन अधिकार मान्यता पत्र की स्वअभिप्रमाणित प्रति प्रकरण में संलग्न की जावेगी तथा मूल रुप से वन अधिकार पत्र में उल्लेखित वन भूमि का क्षेत्रफल को खाता विभाजन उपरांत वन अधिकार पुस्तिका में दर्ज कर संशोधित वन

(घ) किसी प्रकरण में आपत्ति प्राप्त होने पर या 598 (2)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 16 जुलाई 2024

अधिकार पुस्तिका संबंधित वारिसानों को जारी/ प्रदाय की जावेगी ।

किसी कारण से विवादित प्रतीत होने पर रेंज आफिसर हितबद्ध व्यक्तियों को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देने के पश्चात् तथा ऐसी और जांच जैसा कि वह आवश्यक समझे करेगा ।

(ग ) प्रकरण में पारित तहसीलदार के आदेश के अनुसार राजस्व अभिलेख को अद्यतन किया जावेगा ।

फौती नामांतरण के विधिक वारिसानों को वन अधिकार पत्र में उल्लेखित क्षेत्रफल / रकबों का बराबर हिस्सों में बटांकन , मौके का सीमांकन कर नक्शा प्रस्ताव में संलग्न किया जावेगा । रेंज आफिसर अपने परीक्षण प्रक्रिया में संबंधित सर्किल फारेस्ट अधिकारी , पटवारी , राजस्व निरीक्षक, पंचायत सचिव आदि फील्ड अधिकारियों / कर्मचारियों की मदद ले सकेगा ।

फौती नामांतरण के विधिक वारिसानों को रेंज आफिसर द्वारा वन अधिकार भूमि का समान रूप से बटांकन एवं नामांतरण उपरांत संशोधित वन अधिकार पुस्तिका तैयार किया जायेगा एवं संबंधित वारिसानों को उपलब्ध कराया जावेगा । उदाहरण के लिए - यदि वन अधिकार पत्र में उल्लेखित भूमि का 5 वारिसानों में बंटवारा किया जाना है तो वह प्रदत्त मूल वन अधिकार पत्र क्र. 100 की भूमि को 5 भागों में बाटते हुए 100/1 , 100/2, 100/3 , 100/4, 100/5 के रुप में बटांकन कर वन अधिकार पुस्तिका में दर्ज किया जावेगा । (ग) सरकारी नक्शों में मान्य वन अधिकारों के सीमांकन की प्रक्रिया

वन विभाग

राजस्व विभाग

क्र.

1

1. प्रत्येक वन अधिकार मान्यता पत्रधारक की भूमि को पृथक- पृथक कक्ष क्रमांक / बीट क्रमांक तथा बटांकन नंबर दिया जावेगा । 1. प्रत्येक वन अधिकार मान्यता पत्रधारक की भूमि को पृथक-पृथक खसरा नंबर या खसरा का बटांकन नंबर दिया जावेगा ।

2. वन अधिकार पत्रधारक द्वारा धारित कक्ष क्रमांक/ बीट क्रमांक की भूमि का नक्शा में तथा बीट बुक में अंकन किया जावेगा । 2. वन अधिकार पत्रधारक द्वारा धारित खसरा नंबर की भूमि का नक्शा में अंकन किया जावेगा।

3. वन अधिकार मान्यता पत्रधारी के सीमांकन आवेदन के आधार पर तय समय - सीमा में वन विभाग के द्वारा काबिज वन भूमि का सीमांकन किया जाकर एक प्रति वारिसान / वारिसानो को उपलब्ध कराई जावेगी ।

3. वन अधिकार मान्यता पत्रधारी के सीमांकन आवेदन को छ.ग. भू- राजस्व संहिता 1959 की धारा 129 के भांति निराकृत किया जाकर एक प्रति वारिसान/ वारिसानो को उपलब्ध कराई जावेगी । 598( 3)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 16 जुलाई 2024

(घ) संबंधित विभागों के अभिलेखों में वन अधिकारों को अभिलिखित / दर्ज करने की व्यवस्था

क्र.

राजस्व विभाग

वन विभाग

1

रेंज आफिसर / प्राधिकृत अधिकारी द्वारा पारित आदेश अनुसार वारिसानों को जारी संशोधित वन अधिकार का विवरण संबंधित वन अभिलेखों में प्रक्रिया अनुसार दर्ज किया जावेगा ।

तहसीलदार / प्राधिकृत अधिकारी द्वारा पारित आदेश अनुसार वारिसानों को जारी संशोधित वन अधिकार का विवरण संबंधित राजस्व अभिलेखों में प्रक्रिया अनुसार दर्ज किया जावेगा ।

(ड. ) वन अधिकार पुस्तिका आदि अभिलेखों में त्रुटि का निराकरण

क्र.

राजस्व विभाग

वन विभाग

1 अभिलेखों में वन अधिकार पत्रधारक की गलत जानकारी दर्ज होने की स्थिति में संशोधन की प्रक्रिया:-

वन अधिकार पत्रधारक की गलत जानकारी अभिलेखों में दर्ज होने की स्थिति में रेंज आफिसर द्वारा वन अधिकार पुस्तिका एवं संबंधित वन अभिलेखो में संशोधन किया जा सकेगा । इस हेतु वन विभाग छ.ग. शासन द्वारा रेंज आफिसर को अधिकृत किया जावेगा । छ.ग. भू- राजस्व संहिता, 1959 की धारा 115 के प्रावधानों के भांति संशोधन किया जाएगा, जिसके लिए तहसीलदार अधिकृत है ।

(च) निर्णय के विरुद्ध अपील

क्र.

राजस्व विभाग

वन विभाग

1 हितबद्ध व्यक्ति / वारिसान द्वारा तहसीलदार के निर्णय के विरुद्ध अनुविभागीय अधिकारी (रा.) को अपील की जा सकेगी , जिसका निराकरण यथाशीघ्र किया जावेगा । अधिकतम समय- सीमा तीन माह होगी ।

हितबद्ध व्यक्ति / वारिसान द्वारा रेंज आफिसर के निर्णय के विरुद्ध उप वनमण्डलाधिकारी को अपील की जा सकेगी , जिसका निराकरण यथाशीघ्र किया जावेगा । अधिकतम समय - सीमा तीन माह होगी ।

भविष्य में नक्शा का Geo-referencing होने पर भूखण्ड का भू- आधार / Unique Land Parcel Identification Number ( ULPIN ) नम्बर भी दिया जायेगा एवं नामांतरण , सीमांकन, बटवारा जैसे कार्यवाही में उल्लेख / उपयोग में लाया जायेगा ।

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

सोनमणि बोरा, प्रमुख सचिव.

संचालक , मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2024.

Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 16 July 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2024-07-16.299/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2024-07-16.299.