त्तीसगढ़शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015. "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट ) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22-छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 . "
राजपत्र
छत्तीसगढ़
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 582]
रायपुर, गुरुवार, दिनांक 3 अक्टूबर 2024- अश्विन11, शक 1946
चिकित्सा शिक्षा (आयुष ) विभाग
मंत्रालय , महानदी भवन , नवा रायपुर अटल नगर
अटल नगर , दिनांक 26 सितम्बर 2024
अधिसूचना
क्रमांक एफ 2-14 / 2024/ 55 - एक . राज्य शासन एतद् द्वारा छत्तीसगढ़ स्नातकोत्तर आयुर्वेद शिक्षा प्रवेश नियम , 2019 को अधिक्रमित करते हुये प्रदेश के आयुर्वेद महाविद्यालयों के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु निम्नलिखित नियम बनाता है , अर्थात्: -
नियम
1 संक्षिप्त नाम , विस्तार एवं प्रारम्भ : -
1.1 ये नियम " छत्तीसगढ़ स्नातकोत्तर आयुर्वेद शिक्षा प्रवेश नियम 2024 " कहलाएंगे ।
1.2 राज्य के समस्त शासकीय एवं निजी आयुर्वेद महाविद्यालयों के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश इन नियमों के आधार पर संचालक आयुष के माध्यम से दिया जाएगा ।
1.3 ये नियम छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावशील होंगे ।
2. परिभाषाएं :- इन नियमों में , जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अभिप्रेत न हो : -
2.1 'राज्य शासन' से अभिप्रेत है , 'छत्तीसगढ़ शासन ' ।
2.2 'महाविद्यालय' से अभिप्रेत है , ' छत्तीसगढ़ शासन के अधीन शासकीय एवं निजी आयुर्वेद महाविद्यालय' ।
परन्तु शासकीय सेवक के मामलों में अन्य राज्य के महाविद्यालय सम्मिलित माने जाएंगे । 2.3 'श्रेणी' से अभिप्रेत है, इन छः श्रेणियों में से कोई एक , अर्थात् ' अनुसूचित जनजाति' , 'विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजाति' , 'अनुसूचित जाति' , ' अन्य पिछड़ा वर्ग (क्रीमीलेयर को छोड़कर) ' , 'अनारक्षित' तथा 'ई.डब्ल्यू.एस . (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) ।
2.4 'संवर्ग' से अभिप्रेत है , इन चारों संवर्गों में से कोई एक अर्थात् 'सैनिक' , 'स्वतंत्रता संग्राम सेनानी' , 'दिव्यांग' तथा 'महिला' ।
2.5 'बिना संवर्ग' से अभिप्रेत है , जो किसी भी संवर्ग के अन्तर्गत न हो ।
2.6 " पाठ्यक्रम " से अभिप्रेत है, छत्तीसगढ़ राज्य के आयुर्वेद महाविद्यालयों में संचालित भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग द्वारा मान्य विशेषज्ञताओं में तीन वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम । परन्तु शासकीय सेवक के मामलों में अन्य राज्यों के आयुर्वेद महाविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रम सम्मिलित माने जाएंगे ।
1163 1164
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 3 अक्टूबर 2024
2.7 'प्रवेश परीक्षा' से अभिप्रेत है , केन्द्र सरकार के नामित प्राधिकारी द्वारा आयोजित अखिल भारतीय आयुष स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा [ All India AYUSH Post Graduate Entrance Test ( AIAPGET ) ] ।
2.8 "अखिल भारतीय कोटा" से अभिप्रेत है, केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के आयुर्वेद महाविद्यालयों हेतु निर्धारित अखिल भारतीय कोटा की सीटें ।
2.9 "राज्य कोटा " से अभिप्रेत है, छत्तीसगढ़ राज्य के आयुर्वेद महाविद्यालयों हेतु निर्धारित राज्य कोटा की सीटें ।
2.10 "केन्द्रीय विनियम " से अभिप्रेत है, भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (स्नातकोत्तर आयुर्वेद शिक्षा) का नवीनतम विनियम ।
2.11 "क्लिनिकल विषय " से अभिप्रेत है , भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (स्नातकोत्तर आयुर्वेद शिक्षा) के नवीनतम विनियम में उल्लेखित क्लिनिकल विषय । 2.12 'दिव्यांग' से अभिप्रेत है , ऐसा व्यक्ति जो कि " दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम , 2016 " एवं " भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग " के तत्समय लागू स्नातकोत्तर आयुर्वेद शिक्षा विनियम के अनुसार दिव्यांगजन के रूप में आरक्षण का पात्र हो ।
2.13 ' अल्पसंख्यक संस्था' से अभिप्रेत है, भारत के संविधान के अनुच्छेद 30 के अन्तर्गत धार्मिक अथवा भाषायी अल्पसंख्यकों द्वारा राज्य में स्थापित महाविद्यालय जो ऐसे नियर्मों के अधीन मान्यता प्राप्त अथवा अधिसूचित हो जो कि राज्य शासन द्वारा विहित किए जायेंगे ।
2.14 'संचालक' से अभिप्रेत है, ' संचालक, आयुर्वेद , योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी , सिद्ध , सोवा- रिग्पा एवं होम्योपैथी (आयुष) , छत्तीसगढ़' ।
2.15 'स्थानीय निवासी' से अभिप्रेत है, ऐसा अभ्यर्थी जो छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समय- समय पर जारी किए गए आदेशों के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य का स्थानीय निवासी हो तथा राज्य शासन के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र का धारक हो ।
2.16 'गैर स्थानीय निवासी' से अभिप्रेत है , ऐसा अभ्यर्थी जो छत्तीसगढ़ राज्य को छोड़कर अन्य किसी राज्य या केन्द्र शासित प्रांत का स्थानीय निवासी हो तथा संबंधित शासन के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र का धारक हो ।
2.17 " भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग " से अभिप्रेत है , भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग अधिनियम , 2020 (2020 का सं. 14) के अधीन गठित भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग ।
2.18 "विश्वविद्यालय " से अभिप्रेत है , छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 3 अक्टूबर 2024
1164 (1) 2.19 "केन्द्रीय काउंसिलिंग समिति " से अभिप्रेत है, अखिल भारतीय कोटे की सीटों के आबंटन हेतु केन्द्र सरकार द्वारा गठित समिति ।
2.20 "राज्य काउंसिलिंग समिति" से अभिप्रेत है, राज्य कोटे की सीटों के आबंटन हेतु संचालक द्वारा गठित समिति ।
2.21 " अभ्यर्थी" से अभिप्रेत है, उक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक व्यक्ति ।
2.22 "छात्र " से अभिप्रेत है, उक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश के उपरांत छात्र / छात्राएं ।
3. प्रवेश हेतु अर्हताएं : -
3.1 निवास सम्बन्धी अर्हताएँ:- केवल वही अभ्यर्थी प्रवेश हेतु अर्ह होगा , जो,
भारत का नागरिक हो । 3.1.1
3.1.2 छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी अथवा गैर स्थानीय निवासी हो ।
3.2 शैक्षणिक अर्हताएँ : -
3.2.1 स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु अर्हताएं :- आयुर्वेद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु न्यूनतम अर्हताएं निम्नानुसार होंगी: -
3.2.1.1 अभ्यर्थी द्वारा भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (पूर्व का नाम भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद ) एवं विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त देश के किसी भी महाविद्यालय से आयुर्वेद स्नातक की उपाधि प्राप्त की हो ।
3.2.1.2 अभ्यर्थी ने केन्द्र सरकार द्वारा उस शैक्षणिक सत्र हेतु निर्धारित अंतिम तिथि तक एक वर्षीय इन्टर्नशीप संतोषप्रद ढंग से पूर्ण किया हो । 3.2.1.3 अभ्यर्थी का केन्द्रीय अथवा किसी राज्य के मान्यता प्राप्त आयुर्वेद बोर्ड/परिषद् में स्थायी पंजीयन होना आवश्यक है ।
3.2.2 प्रवेश परीक्षा संबंधित अर्हताएं :- आयुर्वेद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षा (AIAPGET) में अनारक्षित श्रेणी एवं ई.डब्ल्यू.एस. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के अभ्यर्थी न्यूनतम 50 प्रतिशतक (Percentile ) अंकों के साथ; अनारक्षित श्रेणी एवं ई.डब्ल्यू.एस. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के दिव्यांग संवर्ग के अभ्यर्थी न्यूनतम 45 प्रतिशतक (Percentile) अंकों के साथ; छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अनुसूचित जनजाति , विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (क्रीमीलेयर को छोड़कर) तथा इन्हीं श्रेणियों के दिव्यांग अभ्यर्थी को न्यूनतम 40 प्रतिशतक (Percentile ) अंकों के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा ।
नोट : - केन्द्र सरकार द्वारा प्रवेश परीक्षा (AIAPGET) के निर्धारित न्यूनतम पात्रता अंक/ प्रतिशतक में समय- समय पर किये गये परिवर्तन मान्य होंगे ।
4. सीटों का निर्धारण एवं आरक्षण: -
4.1 सीटों का निर्धारण निम्नानुसार होगा: - छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 3 अक्टूबर 2024
1164 (2)
4.1.1 सीटों की संख्या आयुष मंत्रालय भारत सरकार / भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग के द्वारा निर्धारित की जावेंगी ।
4.1.2 राज्य के सभी शासकीय एवं निजी आयुर्वेद महाविद्यालयों की कुल सीटों में से 15 प्रतिशत सीट अखिल भारतीय कोटा के तहत एवं शेष 85 प्रतिशत सीट राज्य कोटे के तहत भरी जावेगी । सभी शासकीय एवं निजी आयुर्वेद महाविद्यालयों के अखिल भारतीय कोटा की सीटें आयुष मंत्रालय , भारत सरकार एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग के निर्देशानुसार भरी जायेंगी । 4.1.3 शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालयों के राज्य कोटे की क्लीनिकल विषयों की कुल सीटों में से बीस प्रतिशत सीटें राज्य शासन के अधीन कार्यरत नियमित आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों के लिये उपलब्ध रहेंगी ।
4.1.4 अल्पसंख्यक महाविद्यालय की सीटों का निर्धारण निम्नानुसार होगा:-
4.1.4.1 राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय हेतु मान्यता प्राप्त निजी आयुर्वेद महाविद्यालयों के कुल स्वीकृत सीटों में से राज्य कोटे की सीटों का 50 प्रतिशत सीटें प्रदेश के स्थानीय निवासी अल्पसंख्यक समुदाय (जिस धार्मिक या भाषायी अल्पसंख्यक समुदाय हेतु किसी महाविद्यालय को मान्यता दी गयी है) के अभ्यर्थियों के प्रवेश हेतु आरक्षित रहेंगी । इन सीटों पर प्रवेश उन्हीं अल्पसंख्यक समुदाय (जिस धार्मिक या भाषायी अल्पसंख्यक समुदाय हेतु किसी महाविद्यालय को मान्यता दी गयी है) के अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा ( AIAPGET ) की परस्पर प्रावीण्यता सूची के आधार पर दिया जायेगा । सीटों के रिक्त रहने की स्थिति में उपरोक्त सीटों पर अन्य पात्र स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जा सकेगा । शेष 50 प्रतिशत सीटों की पूर्ति सामान्य प्रावीण्यता सूची ( General Merit List ) के अभ्यर्थियों द्वारा की जायेगी । इन सीटों पर छत्तीसगढ़ शासन का आरक्षण नियम लागू नहीं होगा । 4.1.4.2 अल्पसंख्यक समुदाय हेतु आरक्षित सीटों पर प्रवेश के लिए समुदाय विशेष (जिस धार्मिक या भाषायी अल्पसंख्यक समुदाय हेतु किसी महाविद्यालय को मान्यता दी गयी है) के अल्पसंख्यक अभ्यर्थी को राज्य शासन के नियमानुसार अल्पसंख्यक होने का प्रमाण पत्र /दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा ।
4.2 छत्तीसगढ़ राज्य के सभी शासकीय एवं निजी आयुर्वेद महाविद्यालयों (अल्पसंख्यक संस्था को छोड़कर) के राज्य कोटे की सभी सीटों पर नियमानुसार छत्तीसगढ़ राज्य का आरक्षण नियम लागू होगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 3 अक्टूबर 2024
1164(3) छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जनजाति, विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजाति , अनुसूचित जाति , अन्य पिछड़ा वर्ग (क्रीमीलेयर को छोड़कर) तथा ई.डब्ल्यू.एस. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के अभ्यर्थियों के लिए सीटों का आरक्षण छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी प्रचलित/ नवीनतम अधिसूचना के अनुसार किया जावेगा । आरक्षण का लाभ लेने हेतु राज्य शासन के प्राधिकृत सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र मान्य होगा । ई.डब्ल्यू.एस . (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के अभ्यर्थी हेतु सक्षम अधिकारी द्वारा जारी नवीनतम " आय एवं सम्पत्ति प्रमाण पत्र" मान्य होगा ।
4.3 प्रवेश परीक्षा ( AIAPGET ) द्वारा भरी जाने वाली सीटों की सभी श्रेणियों में सैनिक संवर्ग के लिए 03 प्रतिशत , स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संवर्ग हेतु 03 प्रतिशत , दिव्यांग संवर्ग हेतु 05 प्रतिशत एवं महिला संवर्ग हेतु 30 प्रतिशत श्रेणीवार क्षैतिज आरक्षण होगा ।
स्पष्टीकरण: - ( 1 ) सैनिक संवर्ग में आरक्षण का लाभ सैनिकों के पुत्र/ पुत्री को ही मिलेगा । स्पष्टीकरण : - (2 ) सैनिक संवर्ग में प्रतिरक्षा कर्मचारियों के रूप में सेवा कर चुके भूतपूर्व सैनिक, कार्यरत प्रतिरक्षा कर्मचारी तथा ऐसे प्रतिरक्षा कर्मचारी जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो चुकी हो या जो सेवा के दौरान स्थाई रूप से दिव्यांग हो गए हों , के पुत्र । पुत्री के लिए सीटें आरक्षित हैं । इस संवर्ग के अन्तर्गत प्रवेश हेतु दावा करने वाले अभ्यर्थियों को इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा कि वह छत्तीसगढ़ में निवासरत विस्थापित भूतपूर्व सैनिक का पुत्र पुत्री है । भूतपूर्व सैनिक से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है, जो भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी की गई भूतपूर्व सैनिक की परिभाषा के अन्तर्गत आता है । भूतपूर्व सैनिक के पुत्र/ पुत्री होने के फलस्वरूप प्रवेश का दावा करने वाले अभ्यर्थी को अपने पिता/माता का भूतपूर्व सैनिक संबंधी प्रमाण-पत्र एवं अपने पिता/माता के छत्तीसगढ़ में विस्थापित होने संबंधी प्रमाण-पत्र संबंधित जिले के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी (पूर्व का पदनाम सचिव , जिला सैनिक बोर्ड) से प्राप्त कर प्रस्तुत करना होगा ।
अथवा
वह छत्तीसगढ़ अथवा छत्तीसगढ़ के बाहर पदस्थ ऐसे प्रतिरक्षा कर्मचारी का पुत्र/ पुत्री है जो छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी है । ऐसे अभ्यर्थियों को अपने माता पिता के छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी होने संबंधी प्रमाण- पत्र निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करना होगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 3 अक्टूबर 2024
1164 (4)
अथवा
वह प्रवेश परीक्षा वर्ष की 01 जनवरी को अथवा उसके पूर्व की तिथि में छत्तीसगढ़ में पदस्थ प्रतिरक्षा कर्मचारी का पुत्र / पुत्री है ।
टिप्पणी: - सैनिक संवर्ग के अन्तर्गत किसी अभ्यर्थी की पात्रता के संबंध में किसी संदेह अथवा विवाद की स्थिति में संचालक, सैनिक कल्याण , छत्तीसगढ़ द्वारा दिया गया निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा ।
स्पष्टीकरण: - (3 ) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संवर्ग में आरक्षण का लाभ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पुत्र/ पुत्री, पौत्र/ पौत्री (पुत्र की संतान) एवं नाती नातिन (पुत्री की संतान) को ही मिलेगा ।
स्पष्टीकरण :- (4) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जिनका नाम छत्तीसगढ़ के किसी भी जिले के कलेक्टोरेट में रखी गई स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सूची में पंजीकृत है । इस संवर्ग में उन्हीं अभ्यर्थियों को पात्रता होगी जो स्थानीय निवास के संबंध में नियम 2.15 में उल्लेखित अर्हताएं पूर्ण करते हैं ।
अथवा
के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से भी है जिनका नाम अविभाजित मध्यप्रदेश किसी भी जिले ( भले ही वे वर्तमान मध्यप्रदेश के जिले हों) के कलेक्टोरेट में रखी गयी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सूची मे पंजीकृत है, परन्तु इस संवर्ग के अन्तर्गत आरक्षण का लाभ छत्तीसगढ़ शासन के शासकीय सेवक, उसकी पत्नी/ पति एवं उनके पुत्र पुत्री को ही दिया जावेगा , जिनके पिता/ माता अथवा दादा दादी अथवा नाना /नानी का नाम अविभाजित मध्यप्रदेश के किसी भी जिले (भले ही वे वर्तमान मध्यप्रदेश के जिले हों) की स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की सूची में पंजीकृत है ।
स्पष्टीकरण: - ( 5 ) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संवर्ग में प्रवेश हेतु आवेदन करने वाले अभ्यर्थी को संबंधित जिले के कलेक्टोरेट से निर्धारित प्रारूप में प्राप्त प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा । केवल कलेक्टर अथवा उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र ही अभ्यर्थी का इस संवर्ग में होने संबंधी एकमात्र वैध एवं मान्य प्रमाण पत्र होगा ।
स्पष्टीकरण : - (6 ) (i ) शारीरिक रूप से दिव्यांग अभ्यर्थियों के प्रवेश की उपयुक्तता का निर्धारण "दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 " एवं " भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग " के तत्समय लागू स्नातकोत्तर आयुर्वेद शिक्षा विनियम के अनुसार होगा । (ii) काउंसिलिंग के समय छः (6 ) माह से अधिक पुराना दिव्यांगता संबंधी प्रमाण पत्र (स्थायी दिव्यांगता को छोड़कर) मान्य नहीं होगा ।
(iii) दिव्यांग संवर्ग में प्रवेश का लाभ प्राप्त करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के संभागीय /जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र ही मान्य होगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 3 अक्टूबर 2024
1164(5) 4.4 सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी , दिव्यांग एवं महिला संवर्ग के अभ्यर्थियों के लिये आरक्षित सीटें समाप्त होने के पश्चात् उपलब्ध योग्य अभ्यर्थियों को उनकी स्वयं की श्रेणी में मेरिट आधार पर बिना संवर्ग के उचित क्रमांक पर रखा जायेगा ।
4.5 किसी भी श्रेणी के अभ्यर्थी को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी /दिव्यांग/सैनिक संवर्ग में से किसी एक ही संवर्ग पर आरक्षण का लाभ दिया जावेगा । इसके लिए उसे सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करना होगा ।
5. आरक्षित श्रेणी/ संवर्ग की रिक्त सीटों का परिवर्तन : -
5.1 किसी भी श्रेणी के अन्तर्गत सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी , दिव्यांग एवं महिला संवर्ग में प्रवेश हेतु पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध न होने पर रिक्त सीटों को उसी श्रेणी के "बिना संवर्ग " में परिवर्तित कर दिया जायेगा ।
5.2 विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजाति श्रेणी के लिए आरक्षित रिक्त रह गई सीट अनुसूचित जनजाति के पात्र अभ्यर्थियों से भरी जावेगी , अनुसूचित जनजाति श्रेणी के लिये आरक्षित सीटों हेतु पात्र अभ्यर्थी न मिलने के कारण रिक्त रह गयी सीटें अनुसूचित जाति के पात्र अभ्यर्थियों से भरी जायेंगी । इसी प्रकार अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित रिक्त रह गयी सीटें अनुसूचित जनजाति के पात्र अभ्यर्थियों से भरी जायेंगी । इन तीनों श्रेणियों एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (कीमीलेयर को छोड़कर) तथा ई. डब्ल्यू.एस . (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिये आरक्षित सीटों हेतु पात्र अभ्यर्थी न मिलने के कारण रिक्त रह गयीं सीटों को अन्य पात्र अभ्यर्थियों से भरा जावेगा । नोट: - उक्तानुसार सीटों का परिवर्तन मॉप- अप राण्उड की काउंसिलिंग में किया जावेगा । 5.3 अखिल भारतीय कोटा के रिक्त रह गयी सीटों एवं राज्य शासन के अधीन शासकीय सेवा में कार्यरत नियमित आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों के लिये उपलब्ध किसी भी श्रेणी के सीटों के रिक्त रहने पर इन सीटों को छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों हेतु तैयार आरक्षण रोस्टर के अग्रिम बिन्दुओं पर क्रमशः प्रतिस्थापित कर नियमानुसार प्रवेश की कार्यवाही की जाएगी ।
6. प्रायोजन प्रमाण पत्र/ अनुमति पत्र : -
6.1 पाठ्यक्रम के लिये केवल ऐसे शासकीय सेवारत अभ्यर्थी ही प्रायोजन / अनुमति के पात्र होंगे , जिन्होंने प्रवेश परीक्षा हेतु आवेदन की अंतिम तिथि के पूर्व 5 वर्षों की नियमित शासकीय सेवा पूर्ण कर ली हो ।
6.2 नियमित शासकीय सेवारत अभ्यर्थियों को प्रवेश के समय नियोजक का प्रायोजन प्रमाण पत्र/ अनुमति पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा ।
6.3 यह पाठ्यक्रम पूर्णकालिक होगा तथा प्रवेशित अभ्यर्थियों को निजी चिकित्सा व्यवसाय की अनुमति नहीं होगी । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 3 अक्टूबर 2024
1164 (6)
6.4 नियमित शासकीय सेवारत अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु का निर्धारण इस आधार पर किया जावेगा कि स्नातकोत्तर अध्ययन पूर्ण करने के उपरांत उनकी, कम से कम 5 वर्षों की सेवा अवधि शेष हो ।
6.5 ऐसे नियमित शासकीय सेवारत अभ्यर्थी जिनके विरूद्ध कोई आपराधिक अभियोजन लंबित है अथवा जो निलंबित हैं अथवा जिनके विरूद्ध विभागीय जांच लंबित है अथवा जिनके विरूद्ध किसी प्रकार की दंडात्मक कार्यवाही की गई है, प्रवेश हेतु पात्र नहीं होंगे ।
6.6 नियमित शासकीय सेवारत अभ्यर्थियों को छत्तीसगढ़ प्रदेश के शासकीय कोटा , गैर -शासकीय कोटा, अन्य राज्य के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सहित केन्द्र सरकार के नामांकन द्वारा अर्थात् चयन के किसी भी प्रणाली से देश के किसी भी संस्था के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में चयनित होने पर प्रवेश लेने हेतु राज्य शासन द्वारा केवल एक ही बार अनुमति/ अध्ययन अवकाश दिया जायेगा ।
6.7 नियमित शासकीय सेवारत अभ्यर्थियों को भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (स्नातकोत्तर आयुर्वेद शिक्षा ) का नवीनतम विनियम में निर्धारित क्लिनिकल विषयों में ही स्नातकोत्तर अध्ययन हेतु अनुमति दी जायेगी ।
6.8 नियमित शासकीय सेवारत अभ्यर्थियों को उनके नियोजक द्वारा प्रवेश परीक्षा में भाग लेने की अनुमति प्रस्तुत करना अनिवार्य है ।
6.9 देश के किसी भी संस्था में आयुर्वेद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में प्रदेश में तत्समय कुल कार्यरत् नियमित शासकीय चिकित्सा अधिकारियों में से अधिकतम 03 प्रतिशत चिकित्सकों को ही प्रवेश/ अध्ययन की अनुमति दी जायेगी ।
इस हेतु शासकीय सेवारत अभ्यर्थी को प्रवेश परीक्षा के परिणाम घोषित होने के 07 दिवस के अंदर अपने प्रवेश पत्र एवं परीक्षाफल (अंकसूची) की स्व-अभिप्रमाणित प्रति संचालक को प्रस्तुत करना होगा ।
6.10 निर्धारित प्रतिशत से अधिक संख्या में चयनित होने की दशा में प्रावीण्यता सूची में अधिक अंक प्राप्त अभ्यर्थी को वरीयता दी जावेगी । प्राप्तांक समान होने की स्थिति में अधिक आयु के अभ्यर्थी को प्रावीण्यता क्रम में ऊपर रखा जावेगा ।
6.11 नियमित आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों को अध्ययन अवकाश हेतु प्रस्तुत आवेदन के साथ स्नातकोत्तर अध्ययन के उपरांत कम से कम 3 वर्ष की सेवा मूल विभाग में छत्तीसगढ़ शासन के अधीन करने का बन्ध पत्र (Bond ) छत्तीसगढ़ सिविल सेवाऐं (अवकाश) नियम -2010 में निर्धारित प्रपत्र में 50 /- रूपये के नॉन ज्यूडिसियल स्टाम्प में जमा करना आवश्यक होगा । स्नातकोत्तर अध्ययन पूर्ण नहीं करने पर तथा बन्ध पत्र के शर्तों के उल्लंघन करने की स्थिति में छत्तीसगढ़ सिविल सेवाएँ (अवकाश) नियम -2010 के नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 3 अक्टूबर 2024
1164(7) 7. चयन प्रक्रिया:-
7.1 आयुर्वेद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश, प्रवेश परीक्षा ( AIAPGET ) की प्रावीण्यता सूची के आधार पर छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी/ गैर स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों को दिया जायेगा ।
7.2 आयुर्वेद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के अखिल भारतीय कोटा की सीटों में प्रवेश हेतु 'केन्द्रीय काउंसिलिंग समिति ' द्वारा काउंसिलिंग की जावेगी तथा राज्य कोटे की सीटों के लिए ' राज्य काउंसिलिंग समिति ' द्वारा काउंसिलिंग की जावेगी ।
8. पंजीयन: -
आयुर्वेद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम हेतु पंजीयन : -
8.1 संचालक द्वारा आयुर्वेद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षा (AIAPGET ) में अर्ह एवं इच्छुक स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों से ऑनलाईन आवेदन लिया जायेगा । इस हेतु संचालक द्वारा विज्ञप्ति जारी की जावेगी । 8.2 प्रवेश परीक्षा ( AIAPGET ) के आवेदन में की गई प्रविष्टियों या अन्य कोई भी जानकारी जो कि यथावत ऑनलाईन आवेदन में उपयोग की जाती है, में परिवर्तन मान्य नहीं होगा । इनके अतिरिक्त ऑनलाईन आवेदन में यदि कोई त्रुटि हो तो ऑनलाईन पंजीयन की अंतिम तिथि तक संशोधन किया जा सकेगा ।
8.3 काउंसिलिंग हेतु ऑनलाईन पंजीयन कराने वाले अभ्यर्थियों को ही काउंसिलिंग के विभिन्न चरणों में सम्मिलित किया जायेगा । इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार का अन्य कोई आवेदन/ दावा मान्य नहीं होगा ।
8.4 ऑनलाईन पंजीयन के लिये निर्धारित आवेदन शुल्क की राशि अनारक्षित, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं गैर स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों को रूपये 2000/- (रू. दो हजार मात्र ) तथा अनुसूचित जनजाति , विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं ई.डब्ल्यू.एस . (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के अभ्यर्थियों को रूपये 1500 /- (रू. एक हजार पाँच सौ मात्र) देय होगा । 8.5 काउंसिलिंग प्रक्रिया में सम्मिलित होने हेतु सभी अभ्यर्थियों को सुरक्षा निधि (Security Deposit ) के रूप में रूपये 10,000/ - जमा करने होंगे। यदि अभ्यर्थी काउंसिलिंग के किसी भी चरण में सीट आबंटन पश्चात् प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर लेता है अथवा अभ्यर्थी को कोई भी सीट आबंटित नहीं होती , दोनों ही स्थितियों में उसके द्वारा जमा सुरक्षा निधि वापस कर दी जाएगी । यदि कोई अभ्यर्थी सीट आबंटन पश्चात् आबंटित सीट पर प्रवेश नहीं लेता है अथवा प्रवेश पश्चात् सीट को त्याग अथवा छोड़ देता है, ऐसी स्थितियों में उसके द्वारा जमा सुरक्षा निधि को राजसात कर लिया जाएगा ।
8.6 राज्य कोटे की सीटों पर प्रवेश हेतु मॉप - अप राउण्ड तक सिर्फ पंजीकृत स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों को ही अवसर दिया जाएगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 3 अक्टूबर 2024
1164(8)
8.7 मॉप - अप राउण्ड के पश्चात् सीट रिक्त रहने की स्थिति में स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड में सम्मिलित होने के इच्छुक स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों एवं गैर स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों से नवीन पंजीयन कराया जावेगा । इस हेतु संचालक द्वारा विज्ञप्ति जारी की जावेगी ।
8.8 पंजीकृत ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें काउंसिलिंग के किसी भी चरण में कोई भी सीट आबंटित नहीं हुई है , को स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड में भाग लेने हेतु नवीन पंजीयन की आवश्यकता नहीं होगी , इस हेतु उन्हें सिर्फ विकल्प चयन करना होगा । परन्तु जिन अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के प्रथम चरण , द्वितीय चरण एवं मॉप - अप राउण्ड में कोई भी सीट आबंटित हुई है , वे अभ्यर्थी स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड हेतु अपात्र होंगे ।
9. प्रावीण्यता सूची ( Merit List ) : -
प्रवेश परीक्षा ( AIAPGET ) की प्रावीण्यता सूची के आधार पर अभ्यर्थियों की प्रावीण्यता सूची संचालक द्वारा तैयार की जावेगी ।
10. काउंसिलिंग :-
प्रावीण्यता सूची के आधार पर अभ्यर्थियों की ऑनलाईन काउंसिलिंग (प्रथम चरण , द्वितीय चरण , मॉप- अप राउण्ड तथा स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड) संचालक द्वारा की जायेगी , जिसकी समय - सारिणी निर्धारित वेबसाइट पर यथासमय प्रकाशित (घोषित) की जायेगी । 10.1 प्रथम चरण (First Round) :-
10.1.1 प्रथम चरण की काउंसिलिंग में सभी पंजीकृत एवं अर्ह स्थानीय निवासी अभ्यर्थी पात्र होंगे ।
10.1.2 प्रथम चरण की काउंसिलिंग के लिए अभ्यर्थियों को उपलब्ध महाविद्यालय एवं विषय का विकल्प (Choice ) प्राथमिकता के आधार पर चयन करना होगा । विकल्प चयन न करने की स्थिति में सीट आबंटन नहीं किया जावेगा ।
10.1.3 तैयार प्रावीण्यता सूची एवं अभ्यर्थियों द्वारा विकल्प चयन (Choice Filling ) के आधार पर प्रथम चरण की काउंसिलिंग में महाविद्यालय एवं विषय का आबंटन किया जायेगा , जिसकी जानकारी निर्धारित वेबसाईट पर प्रदर्शित की जायेगी , जिसके अनुसार निर्धारित समयावधि में दस्तावेज परीक्षण एवं प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करना अनिवार्य होगा । इस हेतु अभ्यर्थी नियमित रूप से निर्धारित वेबसाइट का अवलोकन करें । इस प्रक्रिया में जानकारी लेने में असफल होने पर पूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी की होगी ।
10.1.4 प्रथम चरण में सीट आबंटन पश्चात् अभ्यर्थी को यह जानकारी ऑनलाईन पोर्टल पर देनी होगी कि वह आबंटित सीट पर प्रवेश लेना चाहता है अथवा प्रवेश नहीं लेना चाहता अथवा प्रवेश पश्चात् महाविद्यालय / विषय अपग्रेडेशन (Upgradation) करना चाहता है । उपरोक्त जानकारी सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित समयावधि में देना अनिवार्य होगा , अन्यथा वे अभ्यर्थी काउंसिलिंग प्रक्रिया से स्वतः ही बाहर हो जायेंगे । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 3 अक्टूबर 2024
1164(9) 10.1.5 शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालयों में आबंटित अभ्यर्थियों को प्रवेश लेना अनिवार्य होगा । ऐसे अभ्यर्थी प्रवेश नहीं लेने पर आगामी काउंसिलिंग हेतु अपात्र माने जायेंगे । प्रवेश उपरांत वे सिर्फ महाविद्यालय / विषय अपग्रेडेशन (Upgradation ) का विकल्प दे सकते हैं ।
10.1.6 ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने निजी आयुर्वेद महाविद्यालयों में आबंटित सीट पर निर्धारित समय अवधि तक प्रवेश नहीं लिया है , ऐसी आबंटित सीट को रिक्त मानते हुये आगामी चरण की काउंसिलिंग में आबंटन हेतु शामिल कर लिया जावेगा तथा ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरण की काउंसिलिंग हेतु पुनः पात्र होंगे । निजी आयुर्वेद महाविद्यालयों में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों को महाविद्यालय /विषय अपग्रेडेशन (Upgradation ) का अवसर दिया जायेगा ।
10.1.7 प्रथम चरण की काउंसिलिंग में रिक्त रह गई सीटों को द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में सम्मिलित किया जावेगा ।
10.2 द्वितीय चरण (Second Round) : -
10.2.1 द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में ऐसे पंजीकृत अभ्यर्थी पात्र होंगे , जिन्हें प्रथम चरण की काउंसिलिंग में कोई भी सीट आबंटित नहीं हुई है अथवा जिन्होंने आबंटित महाविद्यालय में प्रवेश उपरांत महाविद्यालय /विषय के उन्नयन (Upgradation ) का विकल्प दिया है अथवा ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने प्रथम चरण की काउंसिलिंग में निजी आयुर्वेद महाविद्यालय की सीट आबंटन पश्चात् आबंटित महाविद्यालय में प्रवेश नहीं लिया है अथवा ऐसे पंजीकृत अभ्यर्थी जिन्होंने प्रथम चरण की काउंसिलिंग में भाग नहीं लिया है ।
10.2.2 द्वितीय चरण की काउंसिलिंग के लिए अभ्यर्थियों को उपलब्ध महाविद्यालय एवं विषय का विकल्प (Choice) प्राथमिकता के आधार पर पुनः चयन करना होगा । विकल्प चयन न करने की स्थिति में सीट आबंटन नहीं किया जावेगा ।
10.2.3 तैयार प्रावीण्यता सूची एवं अभ्यर्थियों द्वारा विकल्प चयन (Choice Filling ) के आधार पर द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में महाविद्यालय एवं विषय का आबंटन किया जायेगा , जिसकी जानकारी निर्धारित वेबसाईट पर प्रदर्शित की जायेगी , जिसके अनुसार निर्धारित समयावधि में दस्तावेज परीक्षण एवं प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करना अनिवार्य होगा । इस हेतु अभ्यर्थी नियमित रूप से निर्धारित वेबसाइट अवलोकन करें। इस प्रक्रिया में जानकारी लेने में असफल होने पर पूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी की होगी ।
10.2.4 द्वितीय चरण में सीट आबंटन पश्चात् अभ्यर्थी को यह जानकारी ऑनलाईन पोर्टल पर देनी होगी कि वह आबंटित सीट पर प्रवेश लेना चाहता है अथवा प्रवेश नहीं लेना चाहता अथवा प्रवेश पश्चात् महाविद्यालय /विषय का उन्नयन (Upgradation ) करना चाहता है । उपरोक्त जानकारी सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित समयावधि में देना अनिवार्य होगा , अन्यथा वे अभ्यर्थी काउंसिलिंग प्रक्रिया से स्वतः ही बाहर हो जायेंगे । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 3 अक्टूबर 2024
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10.2.5 शासकीय एवं निजी आयुर्वेद महाविद्यालयों में आबंटित सीट पर अभ्यर्थियों को प्रवेश लेना अनिवार्य होगा । ऐसे अभ्यर्थी प्रवेश नहीं लेने पर आगामी काउंसिलिंग हेतु अपात्र माने जायेंगे । प्रवेश उपरांत वे महाविद्यालय /विषय के उन्नयन (Upgradation) का विकल्प दे सकते हैं ।
10.3 मॉप-अप राउण्ड (Mop - up Round ) : -
10.3.1 ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें प्रथम एवं द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में किसी भी महाविद्यालय एवं विषय में सीट आबंटित नहीं हुआ है अथवा ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने प्रथम एवं द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में आबंटित सीट पर प्रवेश के पश्चात् महाविद्यालय /विषय के उन्नयन ( Upgradation ) का विकल्प दिया है एवं ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने प्रथम एवं द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में भाग नहीं लिया है ऐसे अभ्यर्थी मॉप-अप राउण्ड हेतु पात्र होंगे ।
10.3.2 मॉप-अप राउण्ड की काउंसिलिंग के लिए अभ्यर्थियों को उपलब्ध महाविद्यालय एवं विषय का विकल्प (Choice ) प्राथमिकता के आधार पर पुनः चयन करना होगा । विकल्प चयन न करने की स्थिति में सीट आबंटन नहीं किया जावेगा ।
10.3.3 तैयार प्रावीण्यता सूची एवं अभ्यर्थियों द्वारा विकल्प चयन (Choice Filling) के आधार पर मॉप- अप राउण्ड की काउंसिलिंग में महाविद्यालय एवं विषय का आबंटन किया जायेगा , जिसकी जानकारी निर्धारित वेबसाईट पर प्रदर्शित की जायेगी । जिसके अनुसार निर्धारित समयावधि में दस्तावेज परीक्षण एवं प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करना अनिवार्य होगा । इस हेतु अभ्यर्थी नियमित रूप से निर्धारित वेबसाइट का अवलोकन करें । इस प्रक्रिया में जानकारी लेने में असफल होने पर पूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी की होगी ।
10.3.4 मॉप- अप राउण्ड में सीट आबंटन के पश्चात् अभ्यर्थी को महाविद्यालय में निर्धारित समय अवधि में प्रवेश लेना अनिवार्य होगा ।
10.3.5 मॉप- अप राउण्ड में सीट आबंटन उपरांत उन्नयन (Upgradation ) का विकल्प नहीं होगा ।
10.3.6 मॉप - अप राउण्ड के पश्चात् सीट रिक्त रहने की स्थिति में ही स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड की काउंसिलिंग आयोजित की जावेगी ।
10.4 स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड (Stray Vacancy Round) : -
10.4.1 स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड हेतु पंजीकृत अभ्यर्थी ही इस राउण्ड के लिए पात्र होंगे , जिसके लिए स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड प्रावीण्यता सूची बनायी जावेगी ।
10.4.2 स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड की काउंसिलिंग के लिए अभ्यर्थियों को उपलब्ध महाविद्यालय एवं विषय का विकल्प (Choice ) प्राथमिकता के आधार पर चयन करना होगा । विकल्प चयन न करने की स्थिति में सीट आबंटन नहीं किया जावेगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 3 अक्टूबर 2024
1164(11 ) 10.4.3 स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड की काउंसिलिंग में उपलब्ध सीटों पर स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड प्रावीण्यता सूची एवं विकल्प चयन (Choice Filling) के आधार पर पंजीकृत अभ्यर्थियों को सीट आबंटित की जायेगी । तत्पश्चात् रिक्त होने वाले किसी भी सीट पर प्रवेश के लिये किसी भी अभ्यर्थी के आवेदन पर किसी भी परिस्थिति में विचार नहीं किया जायेगा ।
10.4.4 स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड में सीट आबंटन पश्चात् अभ्यर्थी को निर्धारित समयावधि में दस्तावेज परीक्षण एवं प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कराना अनिवार्य होगा। ऐसे अभ्यर्थी जो दस्तावेज परीक्षण में अनर्ह पाये जाते हैं अथवा निर्धारित समयावधि में सीट आबंटित महाविद्यालय में किसी भी कारण से प्रवेश लेने में असफल होते हैं , उन अभ्यर्थियों के सीट आबंटन को निरस्त कर दिया जावेगा । स्ट्रे वेकेंसी राउण्ड के पश्चात् अन्य कोई भी काउंसिलिंग आयोजित नहीं की जायेगी तथा इसके पश्चात् प्रावीण्यता सूची तथा काउंसिलिंग प्रक्रिया स्वतः समाप्त मानी जायेगी ।
10.5 प्रथम चरण की काउंसिलिंग उपरांत प्रवेशित अभ्यर्थियों का महाविद्यालय/ विषय अपग्रेडेशन (Upgradation ) द्वितीय चरण एवं मॉप-अप राउण्ड की काउंसिलिंग में होगा तथा द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में प्रवेशित अभ्यर्थियों का महाविद्यालय / विषय अपग्रेडेशन (Upgradation) सिर्फ मॉप-अप राउण्ड में होगा ।
10.6 प्रत्येक चरण की काउंसिलिंग के पश्चात् श्रेणी एवं संवर्गवार छात्रों की ओपनिंग , क्लोजिंग की सूची प्रावीण्यता क्रम (Merit Order) में निर्धारित वेबसाईट पर जारी की जावेगी। 10.7 काउंसिलिंग या आबंटन प्रक्रिया के किसी भी चरण में समान संस्था में समान विषय की सीट अभ्यर्थी को एक बार आबंटन होने के पश्चात् दोबारा आबंटित नहीं की जायेगी । 10.8 अपग्रेडेशन (Upgradation ) हेतु अभ्यर्थी को महाविद्यालय एवं विषय के विकल्प का चयन करना अनिवार्य होगा । विकल्प चयन न करने की स्थिति में अभ्यर्थी पूर्व में आबंटित सीट पर यथावत् रहेगा ।
10.9 यदि यह पाया गया कि अभ्यर्थी द्वारा ऑनलाईन आवेदन में प्रविष्टि के समय , सीट के आबंटन के समय , दस्तावेजों की जांच के समय , प्रवेश के समय कोई तथ्य एवं जानकारी छुपाई है अथवा गलत जानकारी दी है , तो ऐसा अभ्यर्थी सम्पूर्ण काउंसिलिंग प्रक्रिया से बाहर हो जायेगा ।
10.10 महाविद्यालय के अपग्रेडेशन की स्थिति में पूर्व आबंटित संस्था द्वारा अभ्यर्थी को उसके द्वारा जमा समस्त शुल्क एवं दस्तावेज वापस करने होंगे ।
11. दस्तावेज परीक्षण: -
11.1 आयुर्वेद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में ऑनलाईन सीट आबंटन के पश्चात् अभ्यर्थियों को आबंटन पत्र में उल्लेखित प्रवेश की निर्धारित तिथि में सीट आबंटन पत्र की प्रति एवं सभी वांछित मूल दस्तावेज तथा उनकी छायाप्रतियों के साथ दस्तावेजों के परीक्षण /सत्यापन हेतु संसूचित स्थान में उपस्थित होना होगा । काउंसिलिंग समिति द्वारा किये गये दस्तावेज परीक्षण में पात्र होने पर ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जायेगा अन्यथा अभ्यर्थी का आबंटन स्वतः निरस्त हो जाएगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 3 अक्टूबर 2024
1164(12)
11.2 आयुर्वेद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में सीट आबंटन पश्चात् प्रवेश हेतु निम्न दस्तावेज लाना अनिवार्य होगा :-
11.2.1 प्रवेश परीक्षा (AIAPGET ) का प्रवेश पत्र ।
11.2.2 प्रवेश परीक्षा ( AIAPGET ) की अंक सूची ।
11.2.3 दसवीं की मूल अंकसूची ।
11.2.4 बारहवीं की मूल अंकसूची ।
11.2.5 बी.ए.एम.एस. पाठ्यक्रम की समस्त परीक्षाओं की अंकसूचियां
11.2.6 इन्टर्नशिप पूर्ण करने का प्रमाण - पत्र ।
11.2.7 बी.ए.एम.एस. उपाधि प्रमाण- पत्र ।
11.2.8 केन्द्रीय अथवा किसी राज्य के मान्यता प्राप्त आयुर्वेद बोर्ड/परिषद में स्थायी पंजीयन प्रमाण पत्र ।
11.2.9 सीट आबंटन पत्र ( Seat Allotment Letter )
11.2.10 परिचय पत्र ( Identity Card ) जैसे : - आधार कार्ड , पैन कार्ड , ड्राइविंग लायसेंस , मतदाता पत्र, पासपोर्ट ।
11.2.11 निवास प्रमाण पत्र ।
11.2.12 स्थायी जाति प्रमाण पत्र (नियम 4.2 के अनुसार) ।
11.2.13 अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु स्थायी जाति प्रमाण पत्र सहित सक्षम अधिकारी द्वारा जारी विगत तीन वर्षों में से कोई एक वर्ष का आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा । केवल माता का आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की स्थिति में पिता का कोई आय नहीं होने अथवा पिता के जीवित नहीं होने अथवा पिता के साथ नहीं रहने संबंधी शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा ।
11.2.14 छत्तीसगढ़ राज्य के संभागीय /जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी शारीरिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र (नियम 4.3 के अनुसार) ।
11.2.15 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का प्रमाण पत्र । (नियम 4.3 के अनुसार) 11.2.16 सैनिक संवर्ग हेतु जिला सैनिक कल्याण अधिकारी का प्रमाण पत्र (नियम 4.3 के अनुसार) ।
11.2.17 ई.डब्ल्यू.एस. (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) अभ्यर्थी हेतु सक्षम अधिकारी द्वारा जारी नवीनतम " आय एवं सम्पत्ति प्रमाण पत्र" ।
11.2.18 अल्पसंख्यक होने का प्रमाण पत्र/दस्तावेज (नियम 4.1.4.2 के अनुसार) । 11.2.19 अभ्यर्थी के अध्ययन में यदि व्यवधान हो तो तत्संबंधी कारण बताते हुए नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र (गैप सर्टिफिकेट) प्रस्तुत करना होगा , जिसमें यह भी स्पष्ट उल्लेख किया जाये कि उक्त अवधि में अभ्यर्थी किन्हीं गैर कानूनी गतिविधियों में संलिप्त नहीं रहा है ।
11.2.20 अभ्यर्थी जिस संस्था में अंतिम रूप से अध्ययनरत था उस संस्था के प्राचार्य द्वारा प्रदत्त स्थानांतरण प्रमाण-पत्र एवं चरित्र प्रमाण पत्र जिसमें यह भी उल्लेख हो कि अभ्यर्थी उक्त संस्था में कब से कब तक अध्ययनरत रहा , प्रस्तुत करना होगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 3 अक्टूबर 2024
1164(13 ) 11.2.21 चिकित्सकीय उपयुक्तता : - अभ्यर्थी को चिकित्सकीय उपयुक्तता सिद्ध करने के लिये प्रवेश प्राप्त करने के पूर्व अपनी चिकित्सकीय जांच करानी होगी । इस हेतु उन्हें जिला मेडिकल बोर्ड / शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय अथवा जिला चिकित्सालय के शासकीय चिकित्सक द्वारा प्रदत्त चिकित्सकीय उपयुक्तता प्रमाण पत्र (Fitness Certificate) प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा । अभ्यर्थी को प्रवेश तभी दिया जायेगा , जब वे चिकित्सकीय दृष्टि से उपयुक्त प्रमाणित हो जायेंगे ।
11.2.22 सेवारत अभ्यर्थियों को नियोजक संस्था द्वारा प्रदत्त अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।
12. प्रवेश प्रक्रिया : -
12.1 दस्तावेजों और चिकित्सकीय परीक्षण में अर्ह होने पर अभ्यर्थी को आबंटित महाविद्यालय में निर्धारित समयावधि तक प्रवेश लेना अनिवार्य होगा । यदि अभ्यर्थी उपरोक्त प्रक्रिया में विफल होते हैं तो वे चालू शैक्षणिक सत्र के लिये अपात्र घोषित कर दिये जायेंगे ।
12.2 समस्त औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए प्रवेश हेतु आबंटन पत्र में निर्धारित अंतिम तिथि तक अपेक्षित शुल्क जमा करना होगा तथा आबंटित महाविद्यालय में प्रवेश लेना होगा ।
12.3 यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित समय अवधि तक आबंटित महाविद्यालय में प्रवेश नहीं लेता है अथवा प्रवेश लेकर सीट छोड़ देता है तो आबंटित या प्रवेशित सीट पर उसका दावा स्वतः समाप्त हो जाएगा तथा उसका आबंटन/ प्रवेश निरस्त माना जायेगा ।
13. प्रवेश की सामान्य शर्ते : -
13.1 राज्य काउंसिलिंग समिति में संचालक अथवा उनके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि, शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालयों में से एक प्राचार्य एवं कम से कम एक प्राध्यापक, और आदिमजाति कल्याण विभाग का एक प्रतिनिधि सदस्य के रूप में होंगे ।
13.2 काउंसिलिंग के विवादित प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु संचालक अथवा संचालक द्वारा गठित समिति का निर्णय ही अंतिम एवं मान्य होगा ।
13.3 भारत सरकार द्वारा आयुर्वेद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु निर्धारित अंतिम तिथि के पश्चात् शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में प्रवेशित छात्र द्वारा महाविद्यालय छोड़ने की स्थिति में अध्ययनकाल में प्राप्त कुल शिष्यवृत्ति (Stipend ) की दुगुनी राशि अनिवार्य रूप से महाविद्यालय में जमा करना होगा । 13.4 प्रवेश हेतु अभ्यर्थी को स्वयं उपस्थित होना होगा । स्वयं उपस्थित न होने की स्थिति में उनके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि उपस्थित हो सकेंगे । यदि किसी कारणवश अभ्यर्थी या उसका अधिकृत प्रतिनिधि नियत तिथि एवं समय पर उपस्थित नहीं होता है तो वह प्रवेश के लिये अपने सभी अधिकार खो देगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 3 अक्टूबर 2024
1164(14)
13.5 काउंसिलिंग के दौरान महाविद्यालयों की उन्हीं सीटों का आबंटन किया जावेगा, जिन्हें भारत सरकार / राज्य शासन से चालू शैक्षणिक सत्र के लिए अनुमति तथा विश्वविद्यालय से संबद्धता/ निरंतरता प्राप्त हो चुकी है ।
13.6 आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को उनके विकल्प चयन के आधार पर अनारक्षित श्रेणी अथवा आरक्षित श्रेणी की सीट आबंटित की जायेगी ।
13.7 प्रवेश लेने वाले सभी अभ्यर्थियों के सभी मूल प्रमाण - पत्र पाठ्यक्रम अवधि पूर्ण होने तक अथवा पाठ्यक्रम छोड़ने तक, जो भी पहले हो, महाविद्यालय में जमा रहेंगे ।
13.8 शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में प्रवेशित प्रत्येक छात्र को संतोषप्रद अध्ययन एवं आचरण तथा नियमित उपस्थिति के आधार पर शासन द्वारा निर्धारित शिष्यवृत्ति ( stipend ) प्रदान की जावेगी ।
13.9 ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने आयुर्वेद स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रम पूर्ण कर लिया है , वे स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम पूर्ण किये गये दिनांक से आगामी 03 वर्ष तक दोबारा आयुर्वेद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु अपात्र होंगे ।
13.10 ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने अखिल भारतीय कोटे से किसी भी राज्य के आयुर्वेद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया है , वे राज्य कोटे की सीट हेतु अपात्र होंगे ।
13.11 आयुष मंत्रालय , भारत सरकार , भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग , नई दिल्ली एवं राज्य शासन द्वारा निर्धारित काउंसिलिंग तिथि, प्रक्रिया , न्यूनतम अर्हताकारी अंक तथा समय- समय पर जारी आदेश/निर्देश एवं संशोधन समयावधि में प्राप्त होने पर लागू किये जावेंगे ।
14. देय अवकाश एवं शर्ते :-
शासकीय आयुर्वेद स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में प्रवेशित छात्र - छात्राओं (इसमें शासकीय सेवारत अभ्यर्थी भी सम्मिलित हैं) को निम्नानुसार अवकाश देय होगा: -
14.1 एक साप्ताहिक अवकाश (असंचयी) ।
14.2 स्नातकोत्तर अध्ययनरत् छात्र -छात्राओं को प्रत्येक शैक्षणिक कैलेण्डर में कुल 18 दिवस के आकस्मिक अवकाश की पात्रता होगी । एक साथ अधिकतम 08 दिवस की आकस्मिक अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा ।
14.3 चिकित्सा प्रमाण पत्र के आधार पर प्रत्येक शैक्षणिक कैलेण्डर में बिना शिष्यवृत्ति के अधिकतम कुल 10 दिवस चिकित्सा अवकाश की पात्रता होगी । इससे अधिक चिकित्सकीय अवकाश लेने पर अनुपस्थिति दिवस के अनुसार पाठ्यक्रम की अवधि बढ़ाई जा सकेगी । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 3 अक्टूबर 2024
1164 (15 ) 14.4
सेमिनार , कॉन्फ्रेन्स , कार्यशाला , गोष्ठी आदि शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने हेतु प्रत्येक शैक्षणिक कैलेण्डर में अधिकतम कुल 15 दिवस शैक्षणिक अवकाश की पात्रता होगी । इस हेतु विभागाध्यक्ष की संस्तुति आवश्यक होगी । सेमिनार , कॉन्फ्रेन्स, कार्यशाला , गोष्ठी आदि शैक्षणिक गतिविधियों में सम्मिलित होने का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा ।
14.5 संपूर्ण पाठ्यक्रम अवधि में छात्राओं को प्राचार्य की पूर्व अनुमति से शिष्यवृत्ति के बिना अधिकतम 180 दिवस की प्रसूति अवकाश की पात्रता होगी । अवकाश पर जाने की तिथि से 10 दिन के भीतर चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा । शिष्यवृत्ति के बिना अनुपस्थिति दिवस के अनुसार पाठ्यक्रम की अवधि बढ़ाई जा सकेगी ।
14.6 उक्त व्यवस्था के प्रभावशील होने के दिनांक से उक्त शर्ते पूर्व एवं नवीन प्रवेशित छात्र/छात्राओं पर लागू होंगे ।
15. शुल्क:-
15.1 सेवारत अभ्यर्थी सहित प्रत्येक अभ्यर्थी को आयुर्वेद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए राज्य शासन/ शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की स्वशासी समिति/राज्य की फीस विनियामक समिति/ भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग द्वारा निर्धारित शिक्षण शुल्क देय होगा तथा संस्थाओं द्वारा इसमें शासन की पूर्वानुमति के बिना वृद्धि नहीं की जा सकेगी । समस्त आयुर्वेद महाविद्यालय प्रवेश के लिए " प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति " द्वारा निर्धारित शिक्षण शुल्क एवं अन्य अनिवार्य शुल्क का विवरण संचालक को उपलब्ध करायेंगे , जिसे विभागीय एवं महाविद्यालयों की वेबसाईट पर प्रवेश हेतु पंजीयन के पूर्व प्रकाशित किया जायेगा ।
15.2 शासकीय आयुर्वेद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेशित अभ्यर्थी को नियमानुसार शासन /महाविद्यालयीन स्वशासी समिति द्वारा समय - समय पर श्रेणीवार छूट सहित निर्धारित सुरक्षा निधि (Security ) की राशि जमा करना होगा , जो उसे पाठ्यक्रम अवधि पूर्ण होने पर वापस कर दी जायेगी। यदि कोई अभ्यर्थी बीच में पाठ्यक्रम छोड़ देता है तो उसकी सुरक्षा राशि राजसात कर ली जायेगी । 15.3 पाठ्यक्रम में चयनित अभ्यर्थी को रूपये 50 /- (पचास रू. मात्र ) मूल्य के स्टाम्प पेपर पर नोटरी द्वारा सत्यापित एक शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा , जिसमें यह स्पष्ट उल्लेख हो कि वह पाठ्यक्रम को पूर्ण होने के पहले नहीं छोड़ेगा अन्यथा उसे उक्त तिथि तक भुगतान किये गये शिष्यवृत्ति की दोगुनी राशि तत्काल महाविद्यालय में वापस करना होगा , अन्यथा राज्य शासन के नियमानुसार भूराजस्व के बकाया की भांति वसूली की जावेगी । शासकीय सेवारत अभ्यर्थी द्वारा पाठ्यक्रम बीच में छोड़ने की स्थिति में छत्तीसगढ़ सिविल सेवाएँ (अवकाश ) नियम -2010 के अनुसार कार्यवाही की जावेगी । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 3 अक्टूबर 2024
1164(16)
15.4 काउंसिलिंग की व्यवस्था हेतु निजी आयुर्वेद महाविद्यालयों को प्रवेश क्षमता के अनुरूप प्रति छात्र /छात्रा के मान से शासन द्वारा निर्धारित शुल्क काउंसिलिंग आयोजित करने वाली संस्था में जमा करना होगा , इस हेतु निजी आयुर्वेद महाविद्यालयों द्वारा छात्र /छात्राओं से अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जावेगा । 16. प्रवेश निरस्त करना : -
16.1 यदि यह पाया गया कि कोई छात्र किसी महाविद्यालय में झूठी/ गलत सूचना देकर, सुसंगत तथ्यों को छुपाकर प्रवेश लेने में सफल हो गया है या प्रवेश के पश्चात् किसी भी समय यह पाया गया कि छात्र को किसी त्रुटिवश प्रवेश मिल गया है तो छात्र को दिया गया प्रवेश महाविद्यालय प्रमुख द्वारा उसके अध्ययनकाल के दौरान तुरन्त, बिना किसी सूचना के निरस्त किया जा सकेगा । प्रवेश सम्बन्धी किसी भी विवाद या शंका पर संचालक का निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा ।
16.2 प्रवेश के पश्चात् बिना किसी ठोस आधार यथा गंभीर बीमारी /दुर्घटना एवं तत्सम्बन्धी लिखित सूचना के बिना लगातार 03 माह तक छात्र अनुपस्थित रहने पर तथा सम्पूर्ण पाठ्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता अथवा गैर कानूनी गतिविधियों में संलिप्तता प्रमाणित होने पर संस्था प्रमुख द्वारा प्रवेश निरस्त किया जा सकेगा। ऐसी स्थित में नियम 15.2 तथा 15.3 लागू होंगे ।
17. नियमों की व्याख्या: -
नियमों के संबंध में किसी भी प्रकार का विवाद होने पर राज्य शासन का निर्णय अंतिम तथा बंधनकारी होगा ।
18. निरसन:-
इन नियमों के प्रवृत्त होने की तिथि से " छत्तीसगढ़ स्नातकोत्तर आयुर्वेद शिक्षा प्रवेश नियम-2019 " निरसित माने जावेंगे तथापि उन नियमों के अन्तर्गत की गई प्रक्रिया मान्य होगी ।
छत्तीसगढ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , मनोज कुमार पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव.
संचालक , मुद्रण तथा लेखन सामग्री, छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2024.