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Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

नगरीय निकायों अंतर्गत गठित स्थाई/उप समितियों को बाल कल्याण एवं संरक्षण से संबंधित कार्यों का दायित्व दिये जाने संबंधी

Published 13 November 2024

Department
नगरीय प्रशासन विभाग
Type
Extraordinary
Gazette no.
715
Notification no.
क्रमांक 7448/4858/2024/18
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2024-11-13.715
Languages
English, Hindi

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 नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर

अटल नगर, दिनांक 8 नवम्बर 2024

अधिसूचना

क्रमांक 7448/4858/2024/18.— राज्य शासन एतद्‌ द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 यथा संशोधित 2021 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु भारत सरकार, महिला एवं बाल विकास, मंत्रालय के पत्र क्रमांक CW-II-22/6/2022-CW-II(e-99580) दिनांक 05-07-2022 के माध्यम से जारी मिशन वात्सल्य योजना के दिशा-निर्देश अनुसार नगरीय निकायों में गठित स्थाई/उप समितियों को बाल कल्याण एवं संरक्षण संबंधित कार्यों का दायित्व प्रदान किया जाता है।

उपरोक्तानुसार नगर निगम/नगर पालिका स्तर पर महिला एवं बाल कल्याण विषयक कार्याें से संबंधित स्थाई समिति एवं वार्ड स्तर पर गठित महिला एवं बाल कल्याण विषयक कार्याें से संबंधित वार्ड स्तरीय समिति बाल कल्याण एवं संरक्षण संबंधित कार्यों का निर्वहन करेंगी।

उक्त कार्यों हेतु संबंधित जिला बाल संरक्षण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा उक्त समितियों के सुदृढ़ीकरण हेतु जानकारी उपलब्ध कराना, प्रतिवेदन प्रेषित करना इत्यादि सहयोग प्रदान किया जावेगा। बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के मुख्य कार्य निम्नानुसार होंगे :-

1. वार्ड/नगरीय क्षेत्र में सुरक्षित स्थान एवं बाल मित्र वातावरण सुनिश्चित करना।

2. नगरीय क्षेत्रों में महिलाओं एवं बच्चों हेतु म्यूनिसिपल बजट में प्रावधान सुनिश्चित करना।

3. कार्य क्षेत्र में बालकों/बालिकाओं हेतु संचालित होने वाले योजनाओं व कार्यक्रमों का निरीक्षण एवं मूल्यांकन करना।

4. विशेष आवश्यकता वाले बच्चों, कठिन परिस्थिति में रहने वाले बच्चों, अनाथ, सड़क पर रहने वाले बच्चे इत्यादि सभी श्रेणी के बच्चों का सर्वेक्षण सुनिश्चित करना तथा यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई बच्चा छूट न जाये, समुचित कार्यवाही करना।

5. संकटग्रस्त बच्चों जो कि गुमशुदा, शाला त्यागी, मानव तस्करी के शिकार, पलायन किये हुए बच्चे, भिक्षावृाि में संलिप्त बच्चे, अनाथ बच्चे इत्यादि की स्थिति पर चर्चा करना एवं उनके हित के लिए आवश्यक कार्यवाही करना।6. बाल अधिकारों एवं बाल संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान तथा जागरूकता अभियान संचालित करना। 7. जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, विशेष किशोर पुलिस इकाई को किशोर न्याय अधिनियम/नियम में निरूपित उनके दायित्व निर्वहन के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करना। 8. किशोर न्याय एवं बाल संरक्षण के क्षेत्र में वॉलंटियरिज्म को बढ़ावा देना।

9. बच्चों के पुनर्वास एवं सामाजिक एकीकरण हेतु आवश्यक यथा कैरियर काउंसिलिंग, कौशल प्रशिक्षण, एपं्रैटिसशिप, खेल-कुद इत्यादि के लिए समन्वित गतिविधियों का क्रियान्वयन करना।

10. बालकों हेतु असुरक्षित स्थान का चिन्हांकन एवं उसके निवारण हेतु निर्मित रणनीति को जिला बाल संरक्षण इकाई के माध्यम से जिला मजिस्ट्रेट को प्रतिवेदन प्रेषित करना।

11. बाल पंचायतों का आयोजन करना तथा स्कूलों में से बाल एम्बेसेडर नियुक्त करना तथा बच्चों से आवश्यक इनपुट प्राप्त कर नगरीय निकाय के समक्ष आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रस्तुत करना।

उपरोक्तानुसार कार्य करते हुए नगरीय निकायों के द्वारा बच्चों के कल्याण एवं संरक्षण के लिए उपयुक्त वातावरण निर्मित किया जावेगा। उक्त कार्याें के लिए नगरीय निकायों के पास उपलब्ध स्वयं के विाीय संसाधनों तथा महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित गतिविधियों के लिए चिन्हांकित 05 प्रतिशत अनटाईड ग्रांट से उक्त कार्याें के लिए प्रावधान किया जावेगा।

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

रेणुका श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव.

Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 13 November 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2024-11-13.715/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2024-11-13.715.