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Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

निर्वाचनों व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 2024 संबंधी

Published 13 December 2024

Department
राज्य निर्वाचन आयोग
Type
Extraordinary
Gazette no.
810
Notification no.
क्रमांक एफ-68-1/तीन(दो)/न.पा./नि.व्य.ले.सं.प्र./2024/2584
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2024-12-13.810
Languages
English, Hindi

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 छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग निर्वाचन भवन, सेक्टर-19, नॉर्थ ब्लॉक, नवा रायपुर अटल नगर

अटल नगर, दिनांक 12 दिसम्बर 2024

छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग

निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति)

आदेश 2024

क्रमांक एफ-68-1/तीन(दो)/न.पा./नि.व्य.ले.सं.प्र./2024/2584. - यतः, छत्तीसगढ़ राज्य में नगरपालिकाओं के सभी निर्वाचनों का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण भारत के संविधान द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग में निहित है;

और यतः, छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14-क [छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम (संशोधन) अध्यादेश, (क्रमांक-5 सन्‌ 2024)], छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32-क [छत्तीसगढ़ नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश, (क्रमांक-4 सन्‌ 2024)] के अन्तर्गत यथास्थिति, नगरपालिक निगम के महापौर या नगरपालिका परिषद या नगर पंचायत के अध्यक्ष के निर्वाचन में प्रत्येक अभ्यर्थी पर यह दायित्व है कि ऐसे निर्वाचन के सिलसिले में उसके या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा उपगत या प्राधिकृत समस्त व्यय का पृथक्‌ और सही लेखा ऐसी विशिष्टियों के साथ रखा जाए जो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा विहित की जाएं;

और यतः, छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 (क्रमांक 23 सन्‌ 1956) की धारा 14-ख [छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम (संशोधन) अध्यादेश, (क्रमांक-5 सन्‌ 2024)] और छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 (क्रमांक 37 सन्‌ 1961) की धारा 32-ख [छत्तीसगढ़ नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश, (क्रमांक-4 सन्‌ 2024)] के अन्तर्गत यथास्थिति, नगरपालिक निगम के महापौर या नगरपालिका परिषद या नगर पंचायत के अध्यक्ष के निर्वाचन में प्रत्येक अभ्यर्थी पर यह दायित्व है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 (तीस) दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करे ;

और यतः, छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग, निर्वाचन में धन-बल की अनिष्टकारी भूमिका से अच्छी तरह अवगत है और उसे रोकने के लिये अन्य उपायों के साथ-साथ यह आवश्यक और वांछनीय मानता है कि अभ्यर्थी द्वारा दाखिल किये जाने वाले निर्वाचन व्ययों का लेखा यथाशक्य व्यापक और वास्तविक व्यय को प्रतिबिम्बित करने वाला हो;

अतः छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग एतद्‌ द्वारा, छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 (क्रमांक 23 सन्‌ 1956) की धारा 14-क [छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम (संशोधन) अध्यादेश, (क्रमांक-5 सन्‌ 2024)] और छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 (क्रमांक 37 सन्‌ 1961) की धारा 32-क [छत्तीसगढ़ नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश, (क्रमांक-4 सन्‌ 2024)] के साथ पठित भारत के संविधान के अनुच्छेद 243-यक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा इस निमित्त उसे समर्थ बनाने वाली अन्य सभी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारत के संविधान एवं उक्त अधिनियमों के प्रावधानों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिये, पूर्व में जारी निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2019 (क्रमांक एफ-68-1/तीन(दो)/न.पा./नि.व्य.ले.सं.प्र./2019/2105A, रायपुर, दिनांक 31 अक्टूबर 2019) को, छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम (संशोधन) अध्यादेश, (क्रमांक-5 सन्‌ 2024) दिनांक 03 दिसम्बर 2024 एवं छत्तीसगढ़ नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश, (क्रमांक-4 सन्‌ 2024) दिनांक 03 दिसम्बर 2024 के अनुसरण में, अधिक्रमित करते हुये निम्नलिखित आदेश करता है :-

1. संक्षिप्त नाम, विस्तार, लागू होना और प्रारम्भ - (1) इस आदेश का संक्षिप्त नाम निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 2024 है।

(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ पर है।

(3) यह ''छत्तीसगढ़ राजपत्र'' में प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा।

2. परिभाषाएं और अभिव्यक्ति - इस आदेश में, जब तक कि सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-

(क) ''अधिनियम'' से अभिपे्रत है, यथास्थिति, छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 (क्रमांक 23 सन्‌ 1956) या छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 (क्रमांक 37 सन्‌ 1961);

(ख) ''अध्यादेश'' से अभिपे्रत है छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम (संशोधन) अध्यादेश, (क्रमांक-5 सन्‌ 2024) दिनांक 03 दिसम्बर 2024 एवं छत्तीसगढ़ नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश, (क्रमांक-4 सन्‌ 2024) दिनांक 03 दिसम्बर 2024।

(ग) ''अभ्यर्थी'' से अभिपे्रत है ऐसा व्यक्ति जो किसी नगरपालिक निगम में महापौर या किसी नगरपालिका परिषद या नगर पंचायत में अध्यक्ष के पद के लिये कराए जा रहे निर्वाचन में सम्यक्‌ रूप से नामनिर्दिष्ट हुआ है ;

(घ) ''उप-कंडिका'' से अभिपे्रत है उस कंडिका की उप-कंडिका, जिसमें यह शब्द आता है ;

(ङ) ''कंडिका'' से अभिपे्रत है इस आदेश की कंडिका ;

(च) ''निर्वाचन'' से अभिपे्रत है किसी नगरपालिक निगम में महापौर या किसी नगरपालिका परिषद या नगर पंचायत में अध्यक्ष के पद के लिये कराए जाने वाला निर्वाचन ;

(छ) ''निर्वाचन लड़ने वाला अभ्यर्थी'' से अभिपे्रत है ऐसा व्यक्ति जो किसी नगरपालिक निगम में महापौर या किसी नगरपालिका परिषद या नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए कराए जा रहे निर्वाचन में सम्यक्‌ रूप से नामनिर्दिष्ट हुआ है तथा जिसने निर्वाचन नियमों में विनिर्दिष्ट कालावधि के भीतर अपनी अभ्यर्थिता वापस नही ली है ;

(ज) ''निर्वाचन व्यय'' से अभिपे्रत है किसी निर्वाचन के सम्बन्ध में किसी अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा उपगत या प्राधिकृत व्यय, जो उसके नाम निर्दिष्ट होने और निर्वाचन परिणाम की घोषणा तारीख के बीच, (जिसके अन्तर्गत ये दोनों तारीखें आती है) किया गया है;

(ञ) ''प्रोफार्मा'' से अभिपे्रत है इस आदेश के साथ संलग्न कोई प्रोफार्मा ;

(झ) प्रयुक्त किये गये उन शब्दों तथा पदों का जो इस आदेश में परिभाषित नहीं किये गये है, वही अर्थ होगा जो, यथास्थिति, छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 (क्रमांक 23 सन्‌ 1956) या छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 (क्रमांक 37 सन्‌ 1961) या छत्तीसगढ़ नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 में उनके लिये दिया गया है।

3. निर्वाचन व्ययों के लेखा की विशिष्टियां -

3.1 अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा अधिनियम के अधीन रखे जाने वाले व्ययों के लेखा में व्यय की हर एक मद की बाबत्‌ निम्नलिखित विशिष्टियां अन्तर्विष्ट होंगी, अर्थात्‌ :-

प्रोफार्मा-क :- निर्वाचन व्यय का दिन-प्रतिदिन का लेखा रजिस्टर :

(A) शीर्ष - अभ्यर्थी का नाम, पता, नगरीय निकाय का नाम, बैंक खाता का विवरण इत्यादि (B) कालम (1) वह तारीख जिसको प्राप्ति/व्यय उपगत या प्राधिकृत किया गया था ;

(2) अभ्यर्थी/राजनैतिक दल/संस्था/संघ/किसी अन्य जिससे रकम प्राप्त

की गई, का नाम ;

(3) प्राप्तियो की प्रकृति -

(i) रसीद क्रमांक

(ii) रकम (रूपये में)

(4) व्यय की प्रकृति (मद) -

(i) व्यय का स्वरूप (जैसे-वाहन, मुद्रण, भोजन आदि),

(ii) मात्रा,

(iii) प्रति इकाई दर ;

(iv) कुल व्यय की राशि

(5) भुगतान की गई राशि का विवरण -

(i) भुगतान पाने वाले का नाम और पता

(ii) व्हाउचर/रसीद की क्रम संख्या एवं दिनांक

(iii) भुगतान राशि

(iv) बकाया राशि

(6) बकाया राशि का विवरण -

(i) भुगतान किये जाने वाले व्यक्ति का नाम व पता

(ii) देयक/रसीद की क्रम संख्या एवं दिनांक ;

(7) अभ्युक्ति (यदि कोई हो)

3.2 व्यय की हर मद के लिये व्हाउचर तब के सिवाय अभिप्राप्त किया जाएगा जबकि डाक व्यय या रेल द्वारा यात्रा और तदरूप मामलों जैसे मामले की प्रकृति के कारण व्हाउचर अभिप्राप्त करना साध्य नहीं है।

3.3 नामनिर्देशन पत्र प्रस्तुत करने की तिथि के एक दिन पूर्व अनिर्वायतः एक पृथक बैंक खाता खोला जाए। निर्वाचन से संबंधित समस्त व्यय उक्त खाते से ही किये जाएं। इसी प्रकार निर्वाचन से संबंधित समस्त प्राप्तियॉं भी उक्त खाते में ही जमा की जावें।

4. निर्वाचन व्ययों के दिन-प्रतिदिन के लेखे का संधारण - (1) अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा निर्वाचन व्यय का दिन-प्रतिदिन का लेखा रजिस्टर प्रोफार्मा-क अनुसार रजिस्टर में जो कि नाम निर्दिष्ट होने के तत्काल पश्चात्‌ रिटर्निंग आफिसर द्वारा प्रदत्त किया जाएगा, संधारित किया जाएगा।

(2) उप-कंडिका (1) में संदर्भित रजिस्टर में प्राप्तियॉ (आय) एवं व्यय के हर मद की विशिष्टियां दिन-प्रतिदिन उसी कालक्रम के अनुसार दर्ज की जाएंगी जिसमें आय/व्यय उपगत या प्राधिकृत किया गया है और रजिस्टर के साथ व्यय से संबंधित व्हाउचर या देयक (बिल) भी संधारित किए जाएंगे।

5. निर्वाचन व्यय के दिन-प्रतिदिन के लेखे का अभिलेख निरीक्षण के लिये पेश किया जाना -

(1) अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन व्यय के दिन-प्रतिदिन के लेखे का रजिस्टर, संबंधित व्हाउचरों तथा देयकों के साथ, किसी भी समय, रिटर्निग आफिसर या जिला निर्वाचन अधिकारी, पे्रक्षक या निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त व्यय पे्रक्षक तथा निर्वाचन से संबंधित अन्य अधिकारियों द्वारा मांग करने पर भी तत्काल निरीक्षण के लिये पेश किया जाएगा और ऐसा करने में असफलता को अभ्यर्थी की ओर से इस आदेश का अनुपालन करने में एक गंभीर चूक मानी जाएगी।

(2) नगरपालिक निगम/नगरपालिका परिषद्‌/नगर पंचायत निर्वाचन हेतु निर्वाचन व्यय लेखा रजिस्टर (प्रोफार्मा-क) की जांच की जाएगी। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान 2 बार अभ्यर्थी के व्यय लेखा रजिस्टर की जांच की जाएगी। प्रथम बार अभ्यर्थी के नाम वापसी करने के चार दिवसों के भीतर एवं दूसरी बार मतदान की तिथि के दो दिवस पूर्व व्यय लेखा रजिस्टर जांच हेतु प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी/रिटर्निंग ऑफिसर/प्रेक्षक यदि आवश्यक समझे तो वह उपरोक्त के अलावा भी किसी अभ्यर्थी को व्यय लेखा रजिस्टर जांच हेतु प्रस्तुत करने का निर्देश दे सकेंगे। 6. निर्वाचन व्ययों का सार विवरण - निर्वाचन परिणामों की घोषणा के शीघ्र पश्चात्‌ निर्वाचन लड़ने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता निर्वाचन व्ययों का एक सार विवरण ''प्रोफार्मा-ख'' के भाग-एक में अभ्यर्थी से संबंधित जानकारी, भाग-दो में अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय का एक सार विवरण एवं भाग-तीन में अभ्यर्थी द्वारा खर्च की गई निधियों का सार तैयार करेगा, जिसमें सूचीबद्ध विभिन्न मदों के अन्तर्गत कुल व्यय दर्शाया जाएगा।

7. निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल किया जाना - (1) निर्वाचन लड़ने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता, अधिनियम में विनिर्दिष्ट समय अर्थात्‌ निर्वाचन की तारीख से 30 (तीस) दिन के अन्दर निर्वाचन व्ययों का लेखा, जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल करेगा।

(2) निर्वाचन व्ययों का लेखा, निम्नलिखित दस्तावेजों से मिलकर बनेगा, अर्थात्‌ :-

(क) कंडिका 4 में संदर्भित निर्वाचन व्यय का दिन-प्रतिदिन का लेखा रजिस्टर, मूल रूप में;

(ख) निर्वाचन व्ययों के लेखा रजिस्टर ''प्रोफार्मा-क'' में दर्ज प्रविष्टियों से संबंधित व्हाउचर, और (ग) कंडिका 6 में संदर्भित निर्वाचन व्ययों का सार विवरण।

(3) निर्वाचन व्ययों का दिन-प्रतिदिन का लेखा-रजिस्टर और निर्वाचन व्ययों का सार विवरण अभ्यर्थी के निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा तैयार और हस्ताक्षरित किए गए हैं, तो उन्हें दाखिल किए जाने के पहले, अभ्यर्थी द्वारा अधिप्रमाणित और प्रतिहस्ताक्षरित किया जाएगा और उसके द्वारा वाउचर भी प्रतिहस्ताक्षरित किए जाएंगे।

(4) निर्वाचन व्ययों के लेखा के साथ प्रोफार्मा-ग में अभ्यर्थी द्वारा एक शपथ-पत्र भी प्रस्तुत किया जाएगा और ऐसे शपथ-पत्र के बिना लेखा पूर्ण नहीं माना जाएगा।

8. लेखा के निरीक्षण के लिये जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सूचना - जिला निर्वाचन अधिकारी उस तारीख से जिसको निर्वाचन व्ययों का लेखा अभ्यर्थी द्वारा कंडिका 7 के अधीन दाखिल किया गया है, दो दिन के अन्दर एक सूचना, जिसमें -

(क) वह तारीख जिसको लेखा दाखिल किया गया है ;

(ख) अभ्यर्थी का नाम, और

(ग) वह समय और स्थान, जिसमें ऐसे लेखे का निरीक्षण किया जा सकेगा, विनिर्दिष्ट होगी, अपने सूचना-फलक पर लगवाएगा।

9. लेखे का निरीक्षण और उसकी प्रतियां प्राप्त करना - कोई व्यक्ति पचास रूपये की फीस का भुगतान करके ऐसे किसी लेखे का निरीक्षण करने का हकदार होगा। राजस्व अभिलेखों की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने हेतु निर्धारित फीस के भुगतान पर, ऐसे लेखा या उसके किसी भाग की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने का भी हकदार होगा।

10. निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल करने के संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा रिपोर्ट और निर्वाचन आयोग का उस पर विनिश्चयन - (1) किसी निर्वाचन में निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल करने के लिये अधिनियम में विनिर्दिष्ट अवधि के अवसान के पश्चात्‌ और किसी भी हालत में विनिर्दिष्ट अंतिम तिथि के सात दिन के अन्दर जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन आयोग को, निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के संबंध में निम्नांकित बिन्दुओं पर एक रिपोर्ट भेजेगा :-

(क) निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी का नाम एवं डाक का पूरा पता ;

(ख) ऐसे अभ्यर्थी ने अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल कर दिया है या नहीं, और यदि किया है तो वह तारीख जिसको ऐसा लेखा दाखिल किया गया है, और

(ग) क्या उसकी राय में ऐसा लेखा अधिनियम और इस आदेश द्वारा अपेक्षित समय के अन्दर और रीति में दाखिल किया गया हैं या नहीं।

(2) जहां कि जिला निर्वाचन अधिकारी की यह राय है कि निर्वाचन लड़ने वाले किसी अभ्यर्थी के निर्वाचन व्ययों का लेखा अधिनियम और इस आदेश द्वारा अपेक्षित रीति में दाखिल नहीं किया गया है वहां वह हर ऐसी रिपोर्ट आयोग को भेजेगा।

(3) जिला निर्वाचन अधिकारी उप-कंडिका (1) में निर्दिष्ट रिपोर्ट भेजने के तत्काल पश्चात्‌ उसकी प्रति अपने सूचना फलक पर लगाकर उसका प्रकाशन करेगा।

(4) निर्वाचन आयोग उप-कंडिका (1) में निर्दिष्ट रिपोर्ट की प्राप्ति के पश्चात्‌ यथाशक्य शीघ्र उस पर विचार करेगा और यह विनिश्चय करेगा कि क्या कोई निर्वाचन लड़ने वाला अभ्यर्थी निर्वाचन व्ययों का लेखा उस समय के अन्दर और उस रीति में, जो अधिनियम और इस आदेश द्वारा अपेक्षित हैं, दाखिल करने में असफल रहा है या नहीं।

(5) जहां कि निर्वाचन आयोग का यह विनिश्चय है कि निर्वाचन लड़ने वाला कोई अभ्यर्थी निर्वाचन व्ययों की अपना लेखा उस समय के अन्दर और उस रीति में, जो अधिनियम और इस आदेश द्वारा अपेक्षित है, दाखिल करने में असफल रहा है वहां वह लिखित सूचना द्वारा अभ्यर्थी से अपेक्षा करेगा कि वह हेतुक दर्शित करे कि उसे असफलता के लिये, यथास्थिति, छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 (क्रमांक 23 सन्‌ 1956) की धारा 14-ग [छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम (संशोधन) अध्यादेश, (क्रमांक-5 सन्‌ 2024)] या छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 (क्रमांक 37 सन्‌ 1961) की धारा 32-ग [छत्तीसगढ़ नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश, (क्रमांक-4 सन्‌ 2024)] के अधीन क्यों निरर्हित नहीं किया जाना चाहिए।

(6) ऐसा कोई निर्वाचन लड़ने वाला अभ्यर्थी, जिससे उप-कंडिका (5) के अधीन हेतुक दर्शित करने के लिये अपेक्षा की गई है, ऐसी सूचना की प्राप्ति के पन्द्रह दिन के भीतर उस विषय की बाबत लिखित अभ्यावेदन निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत कर सकेगा और उसी समय अभ्यावेदन की एक प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी को भी भेज सकेगा।

(7) जिला निर्वाचन अधिकारी उसकी प्राप्ति के पांच दिन के अन्दर अभ्यावेदन की प्रति ऐसी टिप्पणियों सहित, जैसी वह उन पर करना चाहे, आगे उपयुक्त कार्यवाही के लिए निर्वाचन आयोग को भेजेगा। 11. अनुदेश तथा निर्देश जारी करने की निर्वाचन आयोग की शक्ति - निर्वाचन आयोग -

(क) इस आदेश के किसी उपबन्ध को स्पष्ट करने के लिये ;

(ख) किसी ऐसी कठिनाई को दूर करने के लिये जो किसी उपबन्ध के क्रियान्वयन के संबंध में उत्पन्न हो;

और

(ग) किसी ऐसी विशेष स्थिति जिसके बारे में इस आदेश में कोई उपबंध नही है या इस आदेश में विद्यमान उपबंध अपर्याप्त है और निर्वाचन आयोग की राय में ऐसे अनुदेश अथवा निर्देश जारी करना आवश्यक हैं;

समुचित अनुदेश तथा निर्देश जारी कर सकेगा।

हस्ता./-

(अजय सिंह) राज्य निर्वाचन आयुक्त, छत्तीसगढ़ प्रोफार्मा-क निर्वाचन व्यय का दिन-प्रतिदिन का लेखा रजिस्टर महापौर/अध्यक्ष का निर्वाचन

1. अभ्यर्थी का नाम एवं डाक का पूरा पता - ............................................................................................

2. राजनैतिक दल का नाम यदि कोई हो - ............................................................................................

3. नगरपालिक निगम/नगरपालिका परिषद /नगर पंचायत का नाम - ............................................................................................

4. जिला - ............................................................................................

5 बैंक का नाम एवं पता - ..................................................................................................

6. खाता क्रमांक - ..................................................................................................

आईएफएससी - ..................................................................................................

प्राप्तियॉ/ व्यय की तारीख अभ्यर्थी/राजनैतिक दल/संस्था/ संघ/ किसी अन्य जिससे रकम प्राप्त की गई, का नाम प्राप्तियों की प्रकृति (मद) व्यय की प्रकृति (मद)
रसीद क्रमांक रकम (रूपये में) व्यय का स्वरूप मात्रा प्रति इकाई दर कुल व्यय की राशि
(1) (2) (3) (4) (5) (6) (7) (8)
भुगतान की गई राशि के मामले में बकाया राशि के मामले में अभ्युक्ति
भुगतान पाने वाले का नाम और पता वाउचर/रसीद की क्रम संख्या एवं दिनांक जिसका भुगतान किया गया जो अभी बकाया है भुगतान किये जाने वाले व्यक्ति का नाम व पता देयक/रसीद की क्रम संख्या एवं दिनांक
(9) (10) (11) (12) (13) (14) (15)

प्रमाणित किया जाता है कि छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14क [छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम (संशोधन) अध्यादेश, 2024 (क्रमांक-5 सन्‌ 2024)]/छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32क [छत्तीसगढ़ नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश, 2024 (क्रमांक-4 सन्‌ 2024)], के अंतर्गत निर्वाचन में मेरा/मेरे निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा संधारित उपगत या प्राधिकृत निर्वाचन व्यय का यह पूर्ण और सत्य लेखा है।

टीपः- जो लागू न हों उसे काट दें।

.............................................. अभ्यर्थी के हस्ताक्षर प्रोफार्मा-ख

निर्वाचन व्यय का सार विवरण

महापौर/अध्यक्ष का निर्वाचन

भाग-एक - अभ्यर्थी से संबंधित जानकारी

1. अभ्यर्थी का नाम एवं डाक का पूरा पता - ...................................................................................

2. नगरपालिक निगम/नगरपालिका परिषद/

नगर पंचायत का नाम - ...................................................................................

- ...................................................................................

3. जिला

4. परिणाम घोषणा की तारीख - ...................................................................................

5. निर्वाचन अभिकर्ता (यदि नियुक्त किया है तो)

का नाम एवं पता - ...................................................................................

6. यदि अभ्यर्थी राजनैतिक दल द्वारा खड़ा किया - ...................................................................................

गया है, तो राजनैतिक दल का नाम

7. क्या राजनैतिक दल एक मान्यता प्राप्त दल है ? - ...................................................................................

भाग-दो - अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय का सार विवरण

क्र व्यय की मद मात्रा/संख्या व्यय की राशि भुगतान की तारीख/ तारीखें व्हाउचर/ व्हाउचरों की क्रम संख्या टिप्पणी
(1) (2) (3) (4) (5) (6) (7)
1 प्रतिभूति निक्षेप (जमानत राशि)
2 निर्वाचक नामावलियों की प्रतियो की खरीद
3 प्रचार कार्यालय (किराया, बिजली, पानी, फर्नीचर, टेलीफोन आदि पर व्यय सहित)
4 घोषणा-पत्र वैयक्तिक जीवन वृत्त/पूर्व वृतान्त पोस्टर्स, पैम्पलैट्‌स, हैण्डबिल्स आदि की छपाई (मुद्रण) तथा उन्हें वितरित करना या भेजना
5 (i) दिवालों पर लिखाई, पोस्टर चिपकाना (ii) इलेक्ट्रानिक/प्रिंट मिडिया/टी.वी./ केबल नेटवर्क आदि से प्रचार करना (iii) सोशल मीडिया जैसे बल्क, एस.एम.एस., फेसबुक, वाट्‌स-अप, इंस्टाग्राम, टि्‌वटर, इन्टरनेट आदि के माध्यम से प्रचार करना
6 बैनर/पताका, झंडे, कट-आउट, होर्डिग्स आदि बनवाना और उन्हें प्रदर्शनार्थ लगाया जाना
7 बैज, निर्वाचन प्रतीक चिन्ह के नमूने/आकृतियां मतदाता परिचय पर्चियां (मतदान केन्द्र का स्थान और निर्वाचक नामावली में मतदाता का क्रमांक दर्शाने वाली पर्चियां) आदि बनाना और उन्हें वितरित करना/भेजना
क्र व्यय की मद मात्रा/संख्या व्यय की राशि भुगतान की तारीख/तारीखे व्हाउचर/ वाउचरों की क्रम संख्या टिप्पणी
(1) (2) (3) (4) (5) (6) (7)
8 जनसभाएं - (i) उद्‌घोषणा (एलान/प्रचार) (ii) जनसभा के स्थानों का किराया (iii) कुर्सियां, दरियां, लाउडस्पीकर आदि (iv) आडियो/वीडियो कैसेट बनाना, बजाना या दिखाना (v) रोशनी, सजावट, फूलमालाए, पेयजल आदि
9 सार्वजनिक रैली
10 विज्ञापनों का प्रकाशन
11 अति विशिष्ट व्यक्तियों (व्ही.आई.पी.) के दौरे (ठहरना, परिवहन और आतिथ्य-सत्कार)
12 स्वागत द्वार (गेट) आदि बनाना और उनकी सजावट
13 उपयोग में लाये गये वाहन का किराया और उनके परिचालन हेतु पेट्रोल (पी.ओ. एल) आदि- (i) अभ्यर्थी द्वारा (ii) निर्वाचन अभिकर्ताओं द्वारा (iii) मतदान अभिकर्ताओं द्वारा (iv) गणना अभिकर्ताओं द्वारा
14 भोजन/जलपान की लागत या मेहनताना- (i) निर्वाचन अभिकर्ता के लिये (ii) मतदान अभिकर्ताओं के लिये (iii) गणना अभिकर्ताओं के लिये (iv) सामान्य कार्यकर्ताओं/समर्थकों/घर-घर जाने वाले कार्यकर्ताओं के लिये
15 मतदान केन्द्रों के बाहर, मतदाताओं को परिचय पर्चिया देने के लिये बूथलगाना, वहां पर तैनात कार्यकर्ताओं के लिये जलपान की लागत/मेहनताना, कुर्सियां और मेजों के किराया आदि सहित
16 रेल या सार्वजनिक परिवहन के किसी अन्य साधन द्वारा जिला निर्वाचन कार्यालय/पार्टी कार्यालय की यात्राएं
17 अन्य मद (उपर्युक्त मदों के अतिरिक्त)
कुल योग

भाग-तीन - अभ्यर्थी द्वारा खर्च की गई निधियों के स्रोत का सार -

क्रम संख्या विवरण राशि
1 स्वयं की निधि
2 राजनैतिक दल से नकदी या चेक इत्यादि से प्राप्त एकमुश्त राशि
3 अन्य व्यक्ति/दल/संस्था/संघ/निकाय/किसी अन्य इत्यादि से ऋण, उपहार या चंदे इत्यादि के रूप में प्राप्त एकमुश्त राशि
कुल योग

प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त निर्वाचन में, मेरे द्वारा/मेरे निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा मदवार उपगत (किये गये) या प्राधिकृत निर्वाचन व्यय का यह पूर्ण और सत्य विवरण है।

...................................... निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी के हस्ताक्षर नाम ...............................................

प्रोफार्मा-ग

जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला ..................................................... के समक्ष

शपथ-पत्र

मैं ......................................................... सुपुत्र/पत्नि/पुत्री ................................................... आयु .......... वर्ष निवासी ......

................................................................................................................................................. इसके द्वारा विधिवत/ सत्यनिष्ठापूर्वक निम्नानुसार कथन/घोषणा करता/करती हूॅ :-

1. यह कि मै नगरपालिक निगम/नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत ..................................................... के निर्वाचन में, जिसका परिणाम (तारीख) .................... को घोषित हुआ था, महापौर/अध्यक्ष पद के लिये निर्वाचन लड़ने वाला अभ्यर्थी था/थी।

2. यह कि मैंने/मेरे निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा तारीख ................... (जिस तारीख को मैं नाम निर्देशित हुआ) एवं जिस तारीख को परिणाम घोषित हुआ, दोनों तारीखों को शामिल करते हुए दोनों तारीखों के बीच की अवधि का, उपरोक्त निर्वाचन के संबंध में मेरे द्वारा स्वयं/मेरे निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा उपगत या प्राधिकृत व्यय का पृथक्‌ और सही लेखा रखा था/थी।

3. यह कि उक्त प्रयोजन के लिये निर्वाचन आयोग द्वारा विहित और प्रदाय किये गये रजिस्टर में सम्पूर्ण निर्वाचन व्यय का दिन-प्रतिदिन का लेखा रखा गया था/थी जो कि संबंधित वाउचरों/देयकों के साथ संलग्न है। 4. यह कि मेरे निर्वाचन व्ययों के लेखा में मेरे स्वयं या मेरे निर्वाचन अभिकर्ता, मुझे प्रायोजित करने वाला राजनैतिक दल, अन्य संगठन/मुझे समर्थन देने वाले व्यक्तियों एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा प्राधिकृत/ उपगत निर्वाचन व्यय की सभी मदें शामिल है एवं कुछ भी किसी भी प्रकार से छिपाया या रोका/दबाया/छोड़ा नहीं गया है।

5. यह कि उक्त प्रयोजन के लिये सम्पूर्ण निर्वाचन व्ययों के लेखा का सार विवरण राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा विहित प्रोफार्मा में तैयार किया गया है और उसकी एक सत्य प्रति संलग्न है।

6. यह कि उक्त पैरा 1 से 5 तक में दिए गए कथन मेरी सर्वोत्तम जानकारी एवं विश्वास के अनुसार सत्य है, और इनमें कुछ भी गलत नहीं है एवं किसी भी महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाया नहीं गया है।

अभिसाक्षी हस्ताक्षर तारीख ................. को (स्थान) .................................. पर श्री/श्रीमती/कुमारी ................................................................ द्वारा मेरे समक्ष सत्यनिष्ठा से ली गई शपथ/प्रतिज्ञान ली गई।

हस्ताक्षर प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट/शपथ आयुक्त/पब्लिक नोटरी मुहर

Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 13 December 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2024-12-13.810/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2024-12-13.810.