नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 15 जनवरी 2025
अधिसूचना
क्रमांक एफ 1-138/2024/18. - छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 (क्र. 23 सन् 1956) की धारा 433 सहपठित धारा 14 की उप-धारा (2) तथा छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 (क्र. 37 सन् 1961) की धारा 355 सहपठित धारा 32 की उप-धारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, राज्य निर्वाचन आयोग के परामर्श से, एतद्द्वारा, छत्तीसगढ़ नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 में निम्नलिखित अग्रतर संशोधन करती है, अर्थात्ः-
संशोधन
उक्त नियमों में,-
1. नियम 42-क के स्थान पर, निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
''42-क. निर्वाचनों में मतदान मशीनें.- इन नियमों में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, निर्वाचन आयोग आदेश जारी कर सकेगा कि विनिर्दिष्ट वार्डों में, यथा विनिर्दिष्ट रीति में मशीनों द्वारा मत दिया जायेगा और अभिलिखित किया जाएगा।''
2. नियम 63 के स्थान पर, निम्नलिखित अध्याय 7-क प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
''अध्याय 7-क
मतदान मशीनों द्वारा मतदान
63-क. मतदान मशीन की डिजाइन.- प्रत्येक मतदान मशीन मे एक कन्ट्रोल यूनिट और मतदान यूनिट होगा और वह ऐसी डिजाइन की होगी जैसा कि निर्वाचन आयोग द्वारा अनुमोदित किया जाये।
63-ख. रिटर्निंग आफिसर द्वारा मतदान मशीन का तैयार किया जाना.- (1) मतदान मशीन व मतदान इकाई में ऐसा विवरण और ऐसी भाषा या भाषाएं अन्तर्विष्ट हाेंगी, जैसी कि निर्वाचन आयोग विनिर्दिष्ट करें ।
(2) मतदान इकाई पर अभ्यार्थियों के नाम उसी क्रम में रखे जाएंगे, जिस क्रम में चुनाव लड़ने वाले अभ्यार्थियों की सूची में आए हों।
(3) यदि दो या अधिक अभ्यर्थियों का नाम एक जैसे हैं, तो वे उनके उपनाम, पिता का नाम, आजीविका या निवास को जोड़ते हुए या अन्य रीति से सुभिन्न किए जाएंगे।
(4) इन नियमों के पूर्वगामी उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए रिटर्निंग आफिसर :-
(क) मतदान यूनिट में, चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों के लेबल, जिसमें उनके नाम और प्रतीक अंतर्विष्ट होंगे, चिपकायेगा तथा उस यूनिट को अपनी सील, और चुनाव लड़ने वाले ऐसे अभ्यर्थी या वहाँ उपस्थित उनके ऐसे निर्वाचन अभिकर्ता जो अपनी सील लगाना चाहते हों, की सील लगाकर, सुरक्षित करेगा।
(ख) चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की संख्या क्रमांकित (समुच्चय) करेगी और नियंत्रण यूनिट में अभ्यर्थी, सेट सेक्शन (समुच्चय अनुभाग) बंद करेगा तथा इसे अपनी सील और चुनाव लड़ने वाले ऐसे अभ्यर्थी या वहाँ उपस्थित उनके निर्वाचन अभिकर्ता, जो अपनी सील लगाना चाहते हों, की सील लगाकर सुरक्षित करेगा।
63-ग. मतदान केन्द्र पर व्यवस्थायें.- (1) प्रत्येक मतदान केन्द्र के बाहर प्रमुख रूप से यह प्रदर्शित किया जायेगा :-
(क) मतदान क्षेत्र जिसके मतदाता मतदान केन्द्र पर मतदान करने के पात्र हैं और जहाँ मतदान क्षेत्र में एक से अधिक मतदान केन्द्र हों, इस प्रकार पात्र मतदाताओं तथा विशिष्टियों को विनिर्दिष्ट करते हुए एक नोटिस; और
(ख) चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची की एक प्रति ।
(2) प्रत्येक मतदान केन्द्र पर एक या एक से अधिक मतदान कक्ष हाेंगे जिनमें अपना मत निर्बाध रूप से अभिलिखित कर सकेंगे।
(3) रिटर्निंग आफिसर प्रत्येक मतदान केन्द्र पर ऐसी संख्या में मतदान मशीनों को उपलब्ध कराएगा जिससे कि वार्ड के समस्त चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की अपेक्षित विशिष्टियाँ प्रादर्श और निर्वाचक नामावली के सुसंगत भाग और अन्य ऐसी चुनाव सामग्री, जो मतदान कराने के लिए आवश्यक हो, समायोजित कर सके और मतदान୮୨ (୧) केन्द्र पर एक से अधिक मशीन उपलब्ध करने के मामले में वे एक दूसरे से संसक्त होंगे जिससे कि वे उस मतदान केन्द्र पर एक ही मतदान इकाई बना सकें।
(4) उप-नियम (3) के उपबन्धों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, रिटर्निंग आफिसर निर्वाचन आयोग के पूर्व अनुमोदन से उसी परिसर में अवस्थित दो या दो से अधिक मतदान केन्द्रों के लिए एक सामूहिक वोटिंग मशीन उपलब्ध करा सकेंगे ।
63-घ. मतदान केन्द्र में प्रवेश.- पीठासीन अधिकारी मतदाताओं की ऐसी संख्या को विनियिमित करेगा जिसमे वे मतदान केन्द्र के भीतर किसी एक समय में मतदाता को प्रवेश की अनुमति देंगे और वहां से निम्नलिखित को अपवर्जित करते हुए, अन्य सभी व्यक्तियों को अलग कर देंगेः-
(क) मतदान अधिकारियों ;
(ख) निर्वाचन के संबंध में कर्तव्य पर उपस्थित लोक सेवक ;
(ग) निर्वाचन आयोग, जिला निर्वाचन अधिकारी या रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति ;
(घ) अभ्यर्थीगण, उनके निर्वाचन अभिकर्तागण और नियम 34 के उपबंधों के अध्यधीन प्रत्येक अभ्यर्थी का एक मतदान अभिकर्ता ;
(ङ) किसी मतदाता के साथ गोद वाला बालक ;
(च) अंधे या विकलांग मतदाता, जो बिना सहायता के चल नही सकता, के साथ एक और व्यक्ति, तथा
(छ) ऐसे अन्य व्यक्ति, जिसे रिटर्निंग आफिसर या पीठासीन अधिकारी नियम 63-च के उप-नियम (2) या नियम 63-छ के उप-नियम (1) के अधीन नियोजित करे ।
63-ङ . मतदान के लिए मतदान मशीन का तैयार किया जाना.- (1) मतदान केन्द्र पर उपयोग में लाई जाने वाली प्रत्येक मतदान मशीन की नियंत्रण यूनिट और मतदान यूनिट पर एक लेबल रहेगा जिसमें अंकित रहेगा :-
୮୨ (୨) (क) अनुक्रमांक, यदि कोई हो, और वार्ड का नाम;
(ख) यथास्थिति, मतदान केन्द्र या मतदान केन्द्रों के, सरल क्रमांक और मतदान केन्द्र का नाम;
(ग) यूनिट का अनुक्रमांक; और
(घ) मतदान की तारीख।
(2) मतदान प्रारंभ होने के ठीक पहले पीठासीन अधिकारी, उपस्थित मतदान अभिकर्ताओं तथा अन्य व्यक्तियों के समक्ष प्रदर्शित करेगा कि मतदान मशीन में पहले से ही किसी मतदाता का कोई मत अभिलिखित नहीं है और इसमें नियम 63-ख के उप-नियम (4) में निर्दिष्ट नामपत्र (लेबल) लगा है।
(3) मतदान मशीन के नियंत्रण यूनिट को सुरक्षित करने के लिए कागज की एक सील का उपयोग किया जायेगा और पीठासीन अधिकारी कागज की सील पर अपने हस्ताक्षर करेगा और उस पर उपस्थित ऐसे मतदान अभिकर्ता, जो हस्ताक्षर करने के इच्छुक हों, के भी हस्ताक्षर कराएंगे ।
(4) इसके पश्चात् पीठासीन अधिकारी इस तरह हस्ताक्षरित कागज की सील को वोटिंग मशीन की नियंत्रण यूनिट में उसके लिए आशयित स्थान में लगा देंगे और उसे सुरक्षित कर, सील करेंगे।
(5) नियंत्रण यूनिट को सुरक्षित करने के लिए उपयोग की गई सील ऐसी रीति में लगाई जाएगी कि यूनिट सील होने के पश्चात् बिना सील तोड़े ''परिणाम बटन'' दबाया जाना संभव नहीं हो ।
(6) नियंत्रण यूनिट बंद की जाएगी और सुरक्षित की जाएगी और पीठासीन अधिकारी तथा मतदान अभिकर्ताओं के ठीक सामने रखी जाएगी तथा मतदान यूनिट, मतदान कक्ष में रखी जाएगी।
63-च. महिला मतदाताओं के लिये सुविधाएं.- (1) जहाँ मतदान केेन्द्र, पुरुष तथा महिला दोनों मतदाताओं के लिये हों, वहां पीठासीन अधिकारी यह निर्देश दे सकेगा୮୨ (୩) कि वे मतदान केन्द्र में बारी-बारी से महिलाओं तथा पुरुषों की पृथक्-पृथक् टोलियों में घुसने दें ।
(2) रिटर्निग आफिसर या पीठासीन अधिकारी किसी मतदान केन्द्र में किसी महिला को, महिला मतदाताओं की सहायता करने के लिए और महिला मतदाताओं के संबंध में मतदान करने में साधारणतः पीठासीन अधिकारी की सहायता करने के लिए भी और विशिष्टतः किसी महिला मतदाता की, उस दशा में तलाशी में मदद करने के लिए, यदि आवश्यक हो, सहायिका के रूप में सेवा के लिए, नियुक्त कर सकेगा । 63-छ. मतदाताओं की पहचान.- (1) पीठासीन अधिकारी ऐसे व्यक्तियों को, जिन्हें वह ठीक समझे, मतदान केन्द्र में मतदाताओं की पहचान करने में सहायता करने के लिए या मतदान करने में अन्यथा उन्हें सहायता देने के लिए नियोजित कर सकेगा । (2) जैसे-जैसे प्रत्येक मतदाता, मतदान केन्द्र में प्रवेश करें, वैसे-वैसे पीठासीन अधिकारी या इस निमित्त उसके द्वारा प्राधिकृत मतदान अधिकारी, मतदाता के नाम और विशिष्टियों को मतदाता सूची में की सुसंगत प्रविष्टियों से मिलाएगा और तब वह मतदाता का क्रमांक, नाम और अन्य विशिष्टियां पढ़ कर सुनाएगा । मतदाता पीठासीन अधिकारी या इस निमित्त प्राधिकृत मतदान अधिकारी के समक्ष ऐसे पहचान पत्र या अन्य पहचान दस्तावेज पेश करेगा जैसा निर्वाचन आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाए ।
(3) मतदान करने के किसी व्यक्ति के अधिकार विनिश्चय करने में, यथास्थिति, पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी, मतदाता सूची में की गई मात्र कोई लेखन संबंधी या मुद्रण संबंधी अशुद्धियों की उस दशा में अनवेक्षा करेगा, यदि उसका समाधान हो जाता है कि ऐसे व्यक्ति की उसी मतदाता के रूप में पहचान की गई है जिससे ऐसी प्रविष्टि संबद्ध है ।
63-ज. पहचान (अनन्यता) के बारे में अभ्याक्षेप.- (1) कोई अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता या मतदान अभिकर्ता विशिष्ट मतदाता होने का दावा करने वाले व्यक्ति की पहचान (अनन्यता) के संबंध में अभ्याक्षेप, सर्वप्रथम प्रत्येक ऐसे अभ्याक्षेप के ୮୨ (୪) लिए पीठासीन अधिकारी के पास नगद पाँच रूपये की राशि निक्षेप (जमा) करते हुए, कर सकेगा ।
(2) पीठासीन अधिकारी, ऐसे निक्षेप किए जाने पर,-
(क) उस व्यक्ति को, जिसके लिए ऐसा अभ्याक्षेप किया गया है, प्रतिरूपण के लिए शास्ति की चेतावनी देगा;
(ख) मतदाता सूची में की गई सुसंगत प्रविष्टि को पूरी तरह पढ़ेगा और उससे पूछेगा कि क्या वह उस प्रविष्टि में निर्दिष्ट व्यक्ति है;
(ग) अभ्याक्षेपित मतों की सूची में प्ररूप-15क में उसका नाम और पता प्रविष्ट करेगा; और
(घ) उक्त सूची में अपने हस्ताक्षर करने या अंगूठे का निशान लगाने की उससे अपेक्षा करेगा ।
(3) तत्पश्चात् पीठासीन अधिकारी उस अभ्याक्षेप के संबंध में संक्षिप्त जॉच करेगा और उस प्रयोजन के लिए,-
(क) यह अपेक्षा कर सकेगा कि अभ्याक्षेपकर्ता अपने अभ्याक्षेप का साक्ष्य दे और अभ्याक्षेपित व्यक्ति अपनी पहचान (अनन्यता) के सबूत में साक्ष्य दें;
(ख) व्यक्ति, जिसके लिये अभ्याक्षेप किया गया है, उसकी पहचान (अनन्यता) स्थापित करने के प्रयोजन के लिए कोई भी आवश्यक प्रश्न उससे पूछ सकेगा और शपथ पर उसका उत्तर देने की उससे अपेक्षा कर सकेगा;
और
(ग) व्यक्ति, जिसके लिये अभ्यावेदन किया गया है उसको और साक्ष्य देने की प्रत्याशा करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को शपथ दिला सकेगा ।
(4) यदि जांच के पश्चात्, पीठासीन अधिकारी का विचार हो कि अभ्याक्षेप स्थापित नहीं हुआ है, तो वह अभ्याक्षेपित व्यक्ति को मत देने की अनुज्ञा देगा और୮୨ (୫) यदि उसका विचार हो कि अभ्याक्षेप स्थापित कर दिया गया है, तो वह अभ्याक्षेपित व्यक्ति को मत देने से विवर्जित करेगा ।
(5) यदि पीठासीन अधिकारी की राय है, कि अभ्याक्षेप तुच्छतापूर्ण है या सद्भावनापूर्वक नहीं किया गया है तो निर्देश देगा कि उप-नियम (1) के अधीन किया गया निक्षेप शासन के पक्ष में राजसात कर दिया जाए और अन्य दशाओं में, वह जांच की समाप्ति पर उसे अभ्याक्षेपकर्ता को लौटा दिया जाए ।
63-झ. प्रतिरूपण के विरूद्ध सुरक्षा उपाय.- (1) प्रत्येक मतदाता, जिसकी पहचान के बारे में यथास्थिति, पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी का समाधान हो गया है, अपनी बांई तर्जनी का निरीक्षण पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी को करने देगा तथा नाखून के मूल में यथासंभव निकटतम स्थान पर अमिट स्याही का निशान इस प्रकार लगाने देगा जिससे कि स्याही नाखून के मूल और त्वचा की कोर पर फैल सके ।
(2) यदि कोई मतदाता, उप-नियम (1) के अनुसार अपनी बांई तर्जनी का निरीक्षण करने या इसे चिन्हित कराने से इंकार करता है या उसकी बांई तर्जनी पर ऐसा चिन्ह पहले से ही विद्यमान है या वह ऐसी स्याही चिन्ह को हटाने का कोई कृत्य करता है, या नियम 63-छ के उप-नियम (2) द्वारा यथा अपेक्षित अपना पहचान-पत्र या अन्य पहचान दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल होता है या प्रस्तुत करने से इंकार करता है, तो उसे मतदान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी । (3) इन नियमों में मतदाता की बांई तर्जनी के किसी संदर्भ से, उस दशा में जिसमें मतदाता की बांई तर्जनी नहीं है, यह समझा जाएगा मानो वह उसके बाएं हाथ की किसी अन्य अंगुली से संदर्भित है और जहॉ उसके बाएं हाथ की सभी उंगलियां न हो, वहां यह समझा जाएगा कि यह संदर्भ उसके दाहिने हाथ की तर्जनी या किसी दूसरी उंगली के लिए संदर्भित है और जहां उसके दोनों हाथों की सभी उंगलियां न हो, वहाँ यह समझा जाएगा कि वह उसकी बांई या दाहिने भुजा के ऐसे अग्रतन भाग के लिए संदर्भित है, जो वह धारण करता हो । ୮୨ (୬) 63-. मतदान मशीन द्वारा मतदान की प्रक्रिया.- (1) मतदाता को मतदान करने की अनुमति देने के पूर्व, मतदान अधिकारी,-
(क) नियम 50(4)(क) में यथा उपबंधित प्ररूप-14क में मतदाता रजिस्टर में मतदाता की निर्वाचक नामावली की चिन्हित प्रति में यथा प्रविष्ट मतदाता की मतदाता सूची क्रमांक अभिलिखित करेंगे;
(ख) उक्त मतदाता रजिस्टर में मतदाता का हस्ताक्षर या अंगूठा निशान लेंगे;
और
(ग) निर्वाचक नामावली की चिन्हित प्रति में मतदाता के नाम पर चिन्ह लगाएगा जिससे यह दर्शित होगा कि उसे मत देने की अनुमति दी गई हैः
परन्तु किसी भी मतदाता को तब तक मतदान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक कि उसका हस्ताक्षर या अंगूठा निशान, मतदाता रजिस्टर पर प्राप्त न कर लिया गया हो ।
(2) तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य नियम में, अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, किसी पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी या किसी अन्य अधिकारी के लिए यह आवश्यक नहीं होगा कि मतदाता रजिस्टर पर मतदाता के अंगूठा निशान का सत्यापन करें ।
63-ट. मतदान केन्द्र के भीतर मतदाता द्वारा और मतदान प्रक्रिया में मतदान की गोपनीयता को बनाए रखना.- (1) प्रत्येक मतदाता जिसे मतदान करने की अनुमति दी गई है मतदान केन्द के भीतर मतदान की गोपनीयता बनाए रखेगा और उस प्रयोजन के लिए एतद पश्चात् अभिकथित मतदान प्रक्रिया का पालन करेगा । (2) मतदान की अनुमति मिलते ही मतदाता पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी, जो कि मतदान मशीन के नियंत्रण यूनिट प्रभारी हैं, के पास जाएगा, जो समुचित बटन दबाकर मतदाता को मतदान अभिलिखित करने के लिए मतदान यूनिट चालू कर देगा।୮୨ (୭) (3) तद्पश्चात मतदाता तत्काल,-
(क) मतदान कक्ष में पहुँचेगा;
(ख) उस अभ्यर्थी जिसके लिए मतदान करने का उसका आशय है के नाम और प्रतीक के सामने वाली मतदान यूनिट के बटन को दबाकर अपना मत अभिलिखित करेगा तथा यदि मतदाता किसी भी अभ्यर्थी के पक्ष मेंें मतदान अभिलिखित नहीं करना चाहता है, तो वह मतदान मशीन में ''उपर्युक्त मेंं से कोई नहीं'' का बटन, यदि हो, को दबाकर अपना मत अभिलिखित कर सकेगा; और
(ग) मतदान कक्ष के बाहर आएगा और मतदान केन्द्र से चला जाएगा ।
(4) प्रत्येक मतदाता अनावश्यक विलंब किए बिना मतदान करेगा।
(5) किसी मतदाता को मतदान कक्ष के भीतर प्रवेश करने की अनुमति उस समय नहीं दी जाएगी जब दूसरा मतदाता अंदर हो ।
(6) यदि कोई मतदाता जिसे मतदान करने की अनुमति मिल गई हो, नियम में अभिकथित प्रक्रिया का पालन करने के लिए पीठासीन अधिकारी द्वारा चेतावनी देने के बाद भी इंकार करता है, तो पीठासीन अधिकारी या पीठासीन अधिकारी के निर्देश पर मतदान अधिकारी, ऐसे मतदाता को मतदान करने की अनुमति नहीं देगा ।
(7) जब किसी मतदाता को मतदान करने की अनुमति नहीं दी जाती है तब इस आशय का, कि मतदान प्रक्रिया का उल्लंघन किया गया है, मतदाता रजिस्टर में प्रारूप-14क में उस मतदाता के नाम के सामने एक टिप्पणी पीठासीन अधिकारी द्वारा की जाएगी और जिसमें उनके हस्ताक्षर होंगे।
63-ठ. नेत्रहीन या अशक्त मतदाताओं के मतदान का अभिलिखित किया जाना.- (1) यदि पीठासीन अधिकारी का समाधान हो जाए कि अंधेपन या अन्य किसी शारीरिक अशक्तता के कारण कोई मतदाता, मतदान मशीन की मतदान यूनिट प्रतीक की पहचान करने में असमर्थ है या बिना सहायता समुचित बटन दबाकर अपना मतदान अभिलिखित करने में असमर्थ है, तब पीठासीन अधिकारी उसे अनुमति देगा ୮୨ (୮) कि वह अपना एक साथी जिसकी उम्र अठारह वर्ष से कम न हो अपनी ओर से, अपनी इच्छा के अनुसार, मतदान अभिलिखित करने के लिए मतदान कक्ष तक ले जा सकेगाः
परन्तु किसी मतदान केन्द्र पर उसी दिन एक से अधिक मतदाता के साथी के रूप में कार्य करने की अनुमति नहीं दी जाएगीः
परन्तु यह और कि इस नियम के अंतर्गत जिस दिन किसी व्यक्ति के साथी के रूप में काम करने की अनुमति दी जाए तब पहले उसे यह घोषणा करनी होगी कि उसके द्वारा मतदाता की ओर से अभिलिखित किये जाने वाले मत को गुप्त रखेगा और यह कि उसने उस दिन किसी दूसरे मतदान केन्द्र पर किसी मतदाता के साथी के रूप में काम नहीं किया है।
(2) पीठासीन अधिकारी इन नियमों के अधीन सभी मामलों का अभिलेख प्ररूप-16क में रख्ेागा ।
63-ड. निविदा मत.- (1) यदि कोई दूसरा व्यक्ति मतदाता के रूप में पहले ही मतदान कर चुका हो, उसके बाद कोई व्यक्ति स्वयं का वह मतदाता विशेष बताकर मतदान करने आता है तो वह उसकी पहचान से संबंधित पीठासीन अधिकारी द्वारा पूछे गए प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर देने के बाद मतदान यूनिट द्वारा मतदान करने की अनुमति देने के स्थान पर उसे निविदा मतपत्र दिया जायेगा, जो ऐसी डिजाईन का होगा और उसका विवरण ऐसी भाषा या भाषाओं में होगा जिसे निर्वाचन आयोग विनिर्दिष्ट करे। ऐसे निविदा मतपत्र और इनके प्रतिपूर्ण के पृष्ठभाग पर पीठासीन अधिकारी द्वारा शब्द निविदा मतपत्र पृष्ठांकित किये जायेंगे और उनके द्वारा हस्ताक्षरित किए जाएंगे।
(2) ऐसे प्रत्येक मतदाता को निविदा मतपत्र दिए जाने के पहले प्ररूप -17क में उससे संबंधित प्रविष्टि के सामने उसका नाम लिखेगा एवं हस्ताक्षर करेगा अथवा अंगूठे का निशान लगाएगा।
(3) मतपत्र प्राप्त करते ही तुरंत उसे -୮୨ (୯) (क) मतदान कक्ष में जाना होगा;
(ख) वहां मतपत्र पर इस प्रयोजन हेतु दिए गए उपकरण या वस्तु द्वारा क्रास का चिन्ह ''X'' अभ्यर्थी, जिसको मत देना चाहता है, के प्रतीक पर या निकट लगाकर अपना मतदान अभिलिखित करेगा;
(ग) मतपत्र इस तरह मोड़ेगा कि उसका मत छिप जाए;
(घ) यदि आवश्यक हो, तब मतपत्र पर सुभिन्न चिन्ह पीठासीन अधिकारी को
दिखाएगा;
(ङ) इसे पीठासीन अधिकारी को देगा, जो इस प्रयोजन के लिए विशेष तौर पर रखे गये लिफाफे में रखेगा; और
(च) मतदान केन्द्र के बाहर चला जाएगा ।
(4) यदि नेत्रहीन या शारीरिक रूप से निःशक्तता के कारण, ऐसा मतदाता बिना सहायता के मतदान अभिलिखित करने में असमर्थ रहता है, तो पीठासीन अधिकारी उसे उसी शर्तों के अध्यधीन रहते हुए तथा नियम 63-ठ में दी गई प्रक्रिया का पालन करते हुए एक साथी ले जाने की अनुमति देगा, जो उसकी इच्छा के अनुसार उसका मत अभिलिखित करेगा ।
63-ढ . मतदान के दौरान पीठासीन अधिकारी का मतदान कक्ष में प्रवेश.- (1) पीठासीन अधिकारी, जब कभी वह ऐसा करना आवश्यक समझे, मतदान के दौरान मतदान कक्ष में प्रवेश कर सकेगा तथा ऐसे कदम उठा सकेगा, जो यह सुनिश्चित करना आवश्यक हो कि मतदान यूनिट में छेड़छाड़ नहीं की गई या किसी अन्य प्रकार से बाधा नहीं पहुंचाई गई है।
(2) यदि पीठासीन अधिकारी को यह संदेह हो कि कोई मतदाता जो मतदान कक्ष में प्रवेश कर चुका है वह मतदान यूनिट में छेड़छाड़ कर रहा है या अन्यथा बाधा डाल रहा हैै या मतदान कक्ष के भीतर अनावश्यक लम्बी अवधि तक है तो वह मतदान कक्ष୮୨ (୧୦) में प्रवेश करेगा और ऐसे कदम उठा सकेगा, जो मतदान की प्रगति साधारणतया शांतिपूर्ण और नियमानुसार रहे यह सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक हो।
(3) जब कभी भी पीठासीन अधिकारी इस नियम के अधीन मतदान कक्ष में प्रवेश करेगा, तो वह उपस्थित मतदान अभिकर्ता को, यदि वे वांछा करे तो साथ चलने की अनुमति देगा।
63-ण. मतदान का बंद किया जाना.- (1) पीठासीन अधिकारी, इस निमित्त निर्धारित समय पर मतदान केन्द्र बंद कर देगा और उसके बाद, वह किसी मतदाता को मतदान केन्द्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देगाः
परन्तु यह कि सभी मतदाता, जो मतदान केन्द्र पर मतदान समाप्त होने के पूर्व उपस्थित हो उन्हें अपना मतदान करने की अनुमति दी जाएगी।
(2) यदि यह प्रश्न उदभूत होता है कि क्या कोई मतदाता मतदान केन्द्र पर मतदान समाप्त होने के पूर्व उपस्थित था, तो इसका निर्णय पीठासीन अधिकारी द्वारा किया जाएगा और उसका निर्णय अंतिम होगा ।
63-त. अभिलिखित मतों का लेखा.- पीठासीन अधिकारी मतदान समाप्त होने पर प्ररूप-18क में अभिलिखित मतों का लेखा तैयार करेगा और इसे अलग लिफाफे मेंं रख कर उसके ऊपर ''अभिलिखित मतों का लेखा'' लिखेगा।
63-थ. मतदान के बाद मतदान मशीन का सीलबंद किया जाना.- (1) यथासाध्य शीघ्र, मतदान बंद होने के बाद, पीठासीन अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए कि आगे और मतदान अभिलिखित न हो सके, नियंत्रण यूनिट बंद कर देगा और मतदान यूनिट कन्ट्रोल यूनिट से अलग कर देगा।
(2) इसके बाद कन्ट्रोल यूनिट और मतदान यूनिट सीलबंद कर दिये जाऐंगे और उन्हें ऐसी रीति में अलग-अलग सुरक्षित रखा जाएगा, जैसा कि निर्वाचन आयोग निर्देशित करें और उन्हें सुरक्षित रखने वाली सील ऐसी चिपकाई जाएगी कि बिना सील तोड़े यूनिट का खोलना संभव नहीं होगा।
(3) मतदान केन्द्र पर उपस्थित मतदान अभिकर्ता, जो अपनी सील लगाने के इच्छुक हों, को भी ऐसा करने की अनुमति दी जाएगी।୮୨ (୧୧) 63-द. अन्य पैकटों का सीलबंद किया जाना.- (1) तत्पश्चात्, पीठासीन अधिकारी निम्नानुसार अलग-अलग पैकेट बनाएगा,-
(क) मतदाता सूची की मार्क की हुई प्रति;
(ख) मतदाता रजिस्टर;
(ग) निविदत्त मतपत्रों को तथा प्ररूप-17क को अंंतर्विष्ट करने वाले लिफाफे;
(घ) अभ्याक्षेपित मतों की सूची;
(ड.) शेष बचे हुए निविदत्त मतपत्र, जो उपयोग में नहीं लाए गए; और
(च) कोई अन्य कागजात, जिन्हें सील्ड पैकेट में रखने हेतु निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देशित किया गया हो ।
(2) ऐसा प्रत्येक पैकेट, पीठासीन अधिकारी की सील द्वारा तथा अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता या मतदान अभिकर्ता, जो मतदान केन्द्र पर उपस्थित हो और जो अपनी सील लगाने के इच्छुक हो, की सील लगाकर सीलबंद किए जाएंगे।
63-ध. मतदान मशीनें आदि रिटर्निंग आफिसर को भेजा जाना.- (1) इसके बाद, पीठासीन अधिकारी ऐसे स्थान पर रिटर्निंग आफिसर को मतदान मशीन सौंप देगा या सौंपने के लिए भेज देगा, जैसा कि रिटर्निंग आफिसर निर्देश दे,-
(क) मतदान मशीन;
(ख) अभिलिखित मतों का लेखा;
(ग) नियम 63-द में निर्दिष्ट सील्ड बंद पैकेट्स; और
(घ) सभी अन्य कागजात जिनका उपयोग मतदान में हुआ है।
(2) रिटर्निंग आफिसर मतदान मशीन, पैकेट्स तथा अन्य कागजातों को मतगणना प्रारंभ होने तक के लिये सुरक्षित अभिरक्षा में रखे जाने के लिये सुरक्षित परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था करेगा।
63-न. आपात स्थिति में मतदान का स्थगन एवं उसका पुनः आरम्भ.- (1) यदि किसी निर्वाचन में, किसी मतदान केन्द्र की कार्यवाहियों में बलवे या खुली हिंसा के द्वारा विघ्न या बाधा पड़ जाए या यदि किसी निर्वाचन में किसी केन्द्र में किसी प्राकृतिक विपत्ति के कारण या किसी अन्य पर्याप्त कारण से मतदान कराया जाना संभव नहीं हो तो, रिटर्निंग आफिसर या ऐसे मतदान केन्द्र के लिए पीठासीन अधिकारी तत्पश्चात् अधिसूचित की जानी वाली तारीख तक मतदान स्थगित किये जाने की घोषणा करेगा और जहाँ୮୨ (୧୨) पीठासीन अधिकारी द्वारा मतदान इस प्रकार स्थगित किया जाता है, वहाँ वह संबंधित रिटर्निंग आफिसर को तत्काल सूचित करेगा।
(2) जब कभी मतदान उप-नियम (1) के अधीन स्थगित किया जाए तब रिटर्निंग आफिसर परिस्थितियों की रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से निर्वाचन आयोग को अविलम्ब करेगा और तत्पश्चात् निर्वाचन आयोग यथाशीघ्र वह दिन नियत करेगा जिस पर मतदान पुनः आरंभ होगा और वह मतदान केन्द्र, जहाँ, तथा वह समय जिसके भीतर, मतदान कराया जाएगा, नियत करेगा। रिटर्निंग आफिसर ऐसे निर्वाचन में दिए गए मतों की गणना तब तक नही करेगा जब तक कि ऐसा मतदान पूरा न हो गया हो ।
(3) स्थगित मतदान की दशा में, पीठासीन अधिकारी मतदान मशीन और अन्य पैकेटों के सील बंद करने, अभिलिखित मतों का लेखा तैयार करने और मतदान मशीन तथा अन्य मतदान सामग्री को परिदत्त करने में नियम 63-त से 63 -ध के उपबंधों का यथाशीघ्र उसकी प्रकार अनुसरण करेगा मानो कि मतदान नियम 21 के अधीन इस निमित्त नियत समय पर बंद हुआ है।
(4) यथा पूर्वोक्त प्रत्येक मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी मतदान के लिए ऐसी रीति में जैसा की निर्वाचन आयोग निर्देशित करें, और ऐसी तारीख, स्थान एवं समय, जो उप-नियम (2) के अधीन नियत किया गया है, अधिसूचित करेगा और मूल मतदान को शासित करने वाले नियमों के उपबंध इस नियम के अधीन पुनः प्रारंभ किये गये मतदान के संबंध में यथावश्यक परिवर्तनाें सहित लागू होंगे।
(5) जब कोई मतदान जिसे उप-नियम (1) के अधीन स्थगित कर दिया गया था पुनः आरंभ किया जाता है तो उन मतदाताओं को, जिन्होंने इस प्रकार स्थगित मतदान के पहले ही अपने मत दे दिये हों, पुनः मत देने की अनुज्ञा नहीं दी जाएगी।
(6) रिटर्निंग आफिसर उस मतदान केन्द्र, जिस पर स्थगित मतदान आरंभ किया जाए, के पीठासीन अधिकारी को सील बंद पैकेट, जिसमें मतदाता सूची की चिन्हांकित प्रति, प्ररूप-14क में मतदाता रजिस्टर, और एक नई मतदान मशीन देगा।
(7) पीठासीन अधिकारी उपस्थित अभ्यर्थियों या उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं या मतदान अभिकर्ताओं की उपस्थिति में मतदाता सूची की चिन्हांकित प्रति का सील बंद पैकेट खोलेगा और उस समय, शेष रहे मतदाताओं के नाम, जिन्हें मतदान की अनुज्ञा दी जाती है, चिन्हित करने के लिए उपयोग करेगा।
(8) नियम 63-ख से 63-ध के उपबंध स्थगित मतदान के संचालन के संबंध में उसी प्रकार लागू होंगे जिस प्रकार कि मतदान के संबंध में, उसे इस प्रकार स्थगित किये जाने के पूर्व लागू थे।୮୨ (୧୩) 63-प. बूथ पर कब्जा करने की स्थिति, में मतदान मशीन को बंद किया जाना.- जहाँ पीठासीन अधिकारी की यह राय हो कि मतदान केन्द्र पर या मतदान हेतु नियम किसी स्थान पर, बूथ पर कब्जा किया जा रहा है, तो वह तुरंत मतदान मशीन की नियंत्रण यूनिट बंद कर देगा ताकि यह सुनिश्चित हो जाए कि आगे कोई मतदान अभिलिखित न हो सके और मतदान यूनिट को नियंत्रण यूनिट से अलग कर देगा ।
63-फ. मतदान मशीन की क्षति, विनष्ट हो जाने या गड़बड़ी आदि होने की दशा में या प्रक्रियात्मक अनियमितता के कारण नया मतदान.- (1) यदि किसी निर्वाचन में,-
(क) मतदान केन्द्र में उपयोग में लाई गई कोई मतदान मशीन, पीठासीन अधिकारी या रिटर्निंग आफिसर की अभिरक्षा में से गैर कानूनी तरीके से निकाल ली जाती है या घटनावश या सआशय विनिष्ट हो जाती है या खो जाती है अथवा उसे इस सीमा तक क्षति पहुंचाई जाती है या उसमें गड़बड़ कर दी जाती है कि उस मतदान केन्द्र का परिणाम अभिनिश्चित नहीं किया जा सके; या
(ख) मतदान केन्द्रों में प्रक्रिया संबंधी ऐसी कोई गलती या अनियमितता की जाती है जिससे यह संभाव्य है कि मतदान दूषित हो जाए, तो रिटर्निंग ऑफिसर उस मामले की रिपोर्ट, जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से निर्वाचन आयोग को तत्काल करेगा। (2) निर्वाचन आयोग के उप-नियम (1) के अधीन रिपोर्ट प्राप्त होने पर समस्त सारवान परिस्थितियों को ध्यान में रखकर या तो,-
(क) उस मतदान केन्द्र मे उस मतदान को शून्य घोषित करेगा, उस मतदान केन्द्र में नवीनतम मतदान के लिए दिन और समय नियत करेगा और जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देश देगा कि वह ऐसे नियत दिन और नियत समय को ऐसी रीति से अधिसूचित करे, जैसा वह ठीक समझे; या
(ख) यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि उस मतदान केन्द्र में मतदान के परिणाम से निर्वाचन परिणाम किसी भी प्रकार प्रभावित नहीं होगा या प्रक्रिया संबंधी गलती या अनियमितता सारवान नहीं है तो जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्वाचन के आगे संचालन और पूरा किये जाने के लिए ऐसे निर्देश जारी करेगा जैसा कि वह उचित समझे ।
(3) उप-नियम (2) के खण्ड (क) के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार नये निर्वाचन के संचाालन୮୨ (୧୪) की कार्यवाही करेगा और नियम 63-ख से 63-ध के उपबंध ऐसे नये निर्वाचन को लागू होंगे ।
63-ब. निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र.- कोई व्यक्ति, जो एक मतदाता के रूप में किसी नगरपालिका में रजिस्ट्रीकृत है और निर्वाचन की तारीख को निर्वाचन कर्तव्यारूढ़ होने के कारण उस मतदान केन्द्र पर जहां कि वह मतदाता के रूप में मतदान का हकदार है, मतदान करने में असमर्थ है, निर्वाचन कर्तव्यारूढ़ मतदाता के रूप में जाना जाएगा और उसका मत नियम 63 में यथा उपबंधित रीति में अभिलिखित किया जाएगा।'' 2. नियम 67-क के स्थान पर, निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः- ''67-क. मतदान मशीन की संवीक्षा और निरीक्षण.- (1) रिटर्निंग आफिसर के पास मतदान मशीन की नियंत्रण यूनिट होगी, जिसका उपयोग एक से अधिक मतदान केन्द्रों पर संवीक्षा और निरीक्षण के लिए किया जाएगा और ऐसी यूनिटों में अभिलिखित मतों की गणना एक साथ होगी।
(2) उप-नियम (1) के अधीन किसी नियंत्रण यूनिट में अभिलिखित मतों की गणना के पूर्व, अभ्यर्थी या गणना टेबल पर उपस्थित उसके गणना अभिकर्ता को निरीक्षण करने की अनुमति दी जाएगी कि कागज की सीलें तथा ऐसी अन्य मुख्य सीलें, जो यूनिट पर लगी होंगी उनसे वे संतुष्ट है कि वे ज्यों का त्यों हैं।
(3) रिटर्निंग आफिसर अपने को संतुष्ट करेगा कि किसी मतदान मशीन में वस्तुतः छेड़छाड़ नहीं की गई है।
(4) रिटर्निंग आफिसर संतुष्ट हो जाता है कि किसी मतदान मशीन में वस्तुतः छेड़छाड़ की गई है तो वह उस मशीन में अभिलिखित मतों की गणना नहीं करेगा और मतदान केन्द्र, जहाँ उस मशीन का उपयोग हुआ था, के संबंध में यथा लागू नियम 63-फ में अभिकथित प्रक्रिया का पालन करेगा।''୮୨ (୧୫) 3. नियम 69 के स्थान पर, निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः- ''69-क. मतों की गणना, जब इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन का उपयोग किया गया है.- (1) रिटर्निंग आफिसर का यह समाधान हो जाने के पश्चात् कि मतदान मशीन से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है तो, वह नियंत्रण यूनिट में लगे ''परिणाम'' अंकित समुचित बटन को दबा कर उसमें अभिलिखित किए गए मतों की गणना कराएगा, जिससे यूनिट में इस प्रयोजन के लिए उपबंधित प्रदर्शन पैनल पर मतांकित कुल मत और प्रत्येक अभ्यर्थी तथा ''उपर्युक्त में से कोई नहीं'' के पक्ष में दिये गये मत प्रदर्शित होंगे :
परन्तु किसी लिफाफे को जिसमें निविदत्त मतपत्र अन्तर्विष्ट हैं, खोला नहीं जाएगा और ऐसी किसी मतपत्र की गणना नहीं की जाएगी।
(2) जब प्रत्येक अभ्यर्थी तथा ''उपर्युक्त में से कोई नहीं'' को प्राप्त मत नियंत्रण यूनिट पर प्रदर्शित हो जाएंगे तब रिटर्निंग आफिसर :-
(क) प्ररूप-18क के भाग - 2 में प्रत्येक अभ्यर्थी तथा ''उपर्युक्त में से कोई नहीं'' के पक्ष में डाले गए हों, के संबंध में ऐसे मतों की संख्या अलग-अलग अभिलिखित कराएगा;
(ख) प्ररूप-18क का भाग - 2 अन्य संदर्भ में पूर्ण कराएगा और गणना पर्यवेक्षक द्वारा हस्ताक्षर और उपस्थित अभ्यर्थियों या उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं या उनके गणना अभिकर्ताओं द्वारा भी हस्ताक्षर कराएगा, और
(ग) परिणाम शीट प्ररूप - 21क में तत्स्थानी प्रविष्टियां कराएगा और परिणाम शीट प्ररूप -22क में इस प्रकार दर्ज विशिष्टियों की घोषणा कराएगा।'' 4. नियम 73 में शब्द ''प्ररूप 23'' के पश्चात्, शब्द तथा अंक ''तथा मतदान मशीन के माध्यम से मतदान के मामले में प्ररूप 23क'' अंतःस्थापित किया जाये।
5. नियम 73-क के स्थान पर, निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-୮୨ (୧୬) ''73-क. मतदान मशीन को सील किया जाना.- (1) अभ्यर्थीवार नियंत्रण यूनिट में अभिलिखित मतदान परिणाम सुनिश्चित करने और नियम 69-क के उप-नियम (2) के खण्ड (ग) के प्ररूप - 21क एवं 22 - क में दर्ज करने के पश्चात् रिटर्निंग आफिसर द्वारा, अपनी सील तथा वहां उपस्थित ऐसे अभ्यर्थीगण या उसके निर्वाचन अभिकर्तागण, जो अपनी-अपनी सीलें उस पर लगाने के इच्छुक हों, के सील के साथ नियंत्रण यूनिट को पुनः सील बंद इस तरह किया जाएगा कि मतदान परिणाम जो यूनिट में अभिलिखित हैं मिटने न पाये और यूनिट में ऐसे परिणाम की मेमोरी बनी रहें। (2) इस प्रकार सीलबंद नियंत्रण यूनिट विशेष तौर से बनाई गई पेटी में रखी जाएगी जिस पर रिटर्निंग आफिसर निम्नलिखित विवरण अभिलिखित करेगा, अर्थात् :-
(क) वार्ड का नाम;
(ख) मतदान केन्द्र या केन्द्रों जहां नियंत्रण (कंट्रोल) यूनिट का उपयोग हुआ है, का विवरण;
(ग) नियंत्रण (कंट्रोल) यूनिट कर अनुक्रमांक;
(घ) मतदान की तारीख; और
(ड़) मतगणना की तारीख।
(3) नियम 64 से 66 तथा 70 से 75 के उपबंध जहाँ तक हो सकें, मतदान मशीनों द्वारा मतदान करने के संबंध में लागू होंगे और उन नियमों में कोई संदर्भः- (क) मतपत्र को ऐसी मतदान मशीन के संदर्भ में यथा सम्मिलित समझा जाए;
(ख) किसी नियम को, यथास्थिति, नियम 67-क या 69-क या 73-क के तत्स्थानी नियम के संदर्भ के रूप में समझा जाएगा।''
6. नियम 74 में, शब्द ''प्ररूप 23'' के पश्चात्, शब्द तथा अंक ''तथा मतदान मशीन के माध्यम से मतदान के मामले में प्ररूप 23क'' अंतःस्थापित किया जाये।
7. नियम 74-क के उप-नियम (1) में,-୮୨ (୧୭) (एक) शब्द ''प्ररूप 21'' के पश्चात्, शब्द तथा अंक ''एवं 21क'' अंतःस्थापित किया जाये।
(दो) शब्द ''प्ररूप 22'' के पश्चात्, शब्द तथा अंक ''एवं 22क'' अंतःस्थापित किया जाये।
(तीन) शब्द ''प्ररूप 23'' के पश्चात्, शब्द तथा अंक ''एवं 23क'' अंतःस्थापित किया जाये।
8. नियम 77-क के स्थान पर, निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः- ''77-क. निर्वाचन संबंधी कागज पत्रों की अभिरक्षा.- जिला निर्वाचन अधिकारी, नियम 63-द तथा 63-ध में निर्दिष्ट पैकेटों और उपयोग में लाई गई सभी मतदान मशीनों को तथा निर्वाचन संबंधी अन्य कागज पत्रों को, अपनी अभिरक्षा में रखेगा।'' 9. नियम 78-क के स्थान पर, निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः- ''78-क. निर्वाचन संबंधी कागज पत्रों को प्रस्तुत किया जाना तथा उनका निरीक्षण--
(1) जिला निर्वाचन अधिकारी की अभिरक्षा में रखे गए,-
(क) मतदाता सूचियों की चिन्हांकित प्रतियों के लिफाफे;
(ख) निविदत्त मतपत्रों और प्ररूप-17क में उनकी सूची के लिफाफे;
(ग) अभ्याक्षेपित मतों की सूची;
(घ) उपयोग में लाई गई नियंत्रण यूनिट;
(ड.) प्ररूप-14क में मतदाता रजिस्टर;
(च) कोई अन्य कागज पत्रों, जिन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा सील बंद लिफाफे में रखे जाने के लिए निर्देशित किया गया हो;
୮୨ (୧୮)सक्षम न्यायालय या प्राधिकारी के अलावा किसी व्यक्ति या प्राधिकारी द्वारा खोली नहीं जाएगी और उनकी अंर्तवस्तुओं का निरीक्षण नहीं किया जाएगा और उन्हें उनके समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जाएगा। (2) नियम 76 एवं 79 के उपबंध, जहाँ तक हो सके, मतदान मशीनों द्वारा मतदान के संबंध में लागू होंगे और उन नियमों में कोई संदर्भ :-
(क) मतपत्रों को ऐसी मतदान मशीन के संदर्भ में यथा सम्मिलित समझा जाएगा, तथा;
(ख) किसी नियम को, यथास्थिति, नियम 77-क एवं 78-क के उप-नियम (1) के संबंध में निर्देश के संबंध के रूप में समझा जाएगा।'' 10. प्ररूप 14-क के स्थान पर, निम्नलिखित प्ररूप प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
''प्ररूप 14-क (नियम 63-ञ (1) (क) देखिए) मतदाता रजिस्टर नगर पालिक निगम ................... के महापौर/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत ........ के अध्यक्ष का निर्वाचन,एवं नगर पालिक निगम /परिषद/नगर पंचायत ................के वार्ड क्रमांक .......... से पार्षद का निर्वाचन और मतदान केन्द्र का क्रमांक और नाम .. .......... मतदाता सूची के भाग संख्या ............
| स.क्र. | मतदाता सूची में मतदाता का सरल क्रमांक | मतदाता के हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान | टिप्पणियां |
| (1) | (2) | (3) | (4) |
| 1. | |||
| 2. | |||
| 3. | |||
| 4. |
इत्यादि,
पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर जो विकल्प अप्रयोज्य हो उसे काट दीजिए।''
11. प्ररूप 15-क के स्थान पर, निम्नलिखित प्ररूप प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
''प्ररूप 15-क
(नियम 63-ज (2) (ग))
अभ्याक्षेपित मतो की सूची
୮୨ (୧୯)नगर पालिक निगम .................... के महापौर/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत ........ के अध्यक्ष का निर्वाचन तथा नगर पालिक निगम/परिषद/नगर पंचायत ................ के वार्ड क्रमांक ......................... से पार्षद का निर्वाचन
| प्रविष्टि का सरल क्रमांक | मतदाता का नाम | मतदाता सूची की प्रविष्टि की विशिष्टियां | अभ्याक्षेपित व्यक्ति के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान | |
| मतदाता सूची का भाग संख्या | मतदाता का सरल क्रमांक | |||
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) |
| 1. | ||||
| 2. | ||||
| 3. | ||||
| 4. | ||||
| 5. | ||||
| अभ्याक्षेपित व्यक्ति का नाम | पहचानकर्ता यदि कोई हो का नाम | अभ्याक्षेपकर्ता का नाम | पीठासीन अधिकारी का आदेश | निक्षेप वापस प्राप्त करने पर अभ्याक्षेपकर्ता के हस्ताक्षर |
| (6) | (7) | (8) | (9) | (10) |
तारीख ------ नाम..................................... जो विकल्प उचित न हो, उसे काट दीजिए।''
12. प्ररूप 16-क के स्थान पर, निम्नलिखित प्ररूप प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
''प्ररूप 16-क (नियम 63-ठ (2) देखिए) अंधे/निःशक्त मतदाता के साथी द्वारा घोषणा-पत्र
नगर पालिक निगम .................... के महापौर/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत ............. के अध्यक्ष का निर्वाचन तथा नगर पालिक निगम/परिषद/नगर पंचायत ......... के वार्ड क्रमांक ......................... से पार्षद का निर्वाचन ୮୨ (୨୦) मैं, ...................................पिता............................................. आयु.............................................. पता.............................................................................................का निवासी, एतद्द्वारा यह घोषणा करता/करती हूँ कि - (क) मैंने आज किसी मतदान केन्द्र पर अन्य मतदाता के साथी के रूप में कार्य नहीं किया है; (ख) मैं, ................................ (नाम)........................................ मतदाता सूची का सरल क्रमांक ................. एवं भाग संख्या ................................... की ओर से मेरे द्वारा अभिलिखित किये गये मत को गुप्त रखूंगा/रखूंगी। स्थान .............................. तारीख ............................ ................................. प्रतिहस्ताक्षरित (साथी के हस्ताक्षर) पीठासीन अधिकारी नाम ...................... मतदान केन्द्र क्रमांक........................... 'जो विकल्प अप्रयोज्य हो उसे काट दीजिए।''
13. प्ररूप 17-क के स्थान पर, निम्नलिखित प्ररूप प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
''प्ररूप 17-क
(नियम 63-ड (2) देखिए)
निविदत्त मतों की सूची
नगर पालिक निगम .................... के महापौर/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत ............. के अध्यक्ष का निर्वाचन तथा नगर पालिक निगम/परिषद/नगर पंचायत .........के वार्ड क्रमांक ......................... से पार्षद का निर्वाचन मतदान केन्द्र क्रमांक और नाम ...................................................................................................... मतदाता सूची का भाग संख्या .......................................................................................................
| सरल क्रमांक | मतदाता का नाम | मतदाता सूची में मतदाता का सरल क्रमांक | उस व्यक्ति का मतदाता रजिस्टर (प्ररूप 14-क) में सरल क्रमांक जिसने मतदाता के बदले में पहले ही मतदान कर दिया है | मतदाता के हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) |
| 1. | ||||
| 2. | ||||
| 3. | ||||
| 4. |
पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर तारीख ------ .
୮୨ (୨୧)जो विकल्प अप्रयोज्य हो उसे काट दीजिए।''
14. प्ररूप 18-क के स्थान पर, निम्नलिखित प्ररूप प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थातः-
''(प्ररूप 18-क) ( नियम 63-त देखिए) भाग-1 रिकार्ड किये गये मतों का लेखा
नगरपालिक निगम.......................... के महापौर नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत........... के अध्यक्ष का निर्वाचन तथा नगरपालिक निगम/परिषद/नगर पंचायत ....................... के वार्ड क्रमांक...... .................................. से पार्षद का निर्वाचन मतदान केन्द्र क्रमांक और नाम ...................................................................................................... मतदान केन्द्र में प्रयुक्त मतदान मशीन की पहचान संख्या नियंत्रण यूनिट- मतदान यूनिट-
1. मतदान केन्द्र को समनुदेशित मतदाताओं की कुल संख्या ...............................................
2. मतदाताओं के लिए रजिस्टर (प्ररूप 14-क) में यथा प्रविष्ट ...............................................
मतदाताओं की कुल संख्या
3. नियम 63-ट के उप-नियम (6) के अधीन मतदान करने के ............................................................
लिए अनुज्ञात न किए गए मतदाताओं की संख्या
4. मतदान मशीन के अनुसार रिकार्ड किये गये मतों की कुल
संख्या
5. क्या मद 4 के सामने यथा दर्शित मतों की कुल संख्या, मद
2 के सामने दर्शित मतदाताओं की कुल संख्या से, मद 3 के
सामने यथा दर्शित मतदान करने के लिए अनुज्ञात न किए
गये मतदाताओं की संख्या से घटाने पर, मेल करती है
अथवा देखने में कोई अंतर आ रहा है
6. उन मतदाताओं की संख्या जिन्हें निविदत्त मतपत्र नियम
63-ड के अधीन जारी किए गए
7. निविदत्त मतपत्रों की संख्या सरल क्रमांक
से तक (क) प्रयोग के लिए प्राप्त............................. ................ ................
(ख) मतदाताओं को जारी किये गये............................. ................ ................
(ग) अप्रयुक्त और वापिस किये गये ............................. ................ ................
୮୨ (୨୨) 8. पेपर सीलों का लेखा
सरल क्रमांक
............. से .............. तक
1. प्रदाय की गयी पेपर सीलों का सरल क्रमांक ........
........... से ................................तक
2. प्रदाय किये गये पेपर सील की कुल संख्या .........................
3. प्रयुक्त पेपर सील की संख्या (................ से ................ तक)
4. रिटर्निंग ऑफिसर को वापस की गई अप्रयुक्त पेपर सीलों की
संख्या ......................... (मद 2 में से मद 3 को घटाए)
5. क्षतिग्रस्त पेपर सील का सरल क्रमांक, यदि कोई हो. क्र............
मतदान अभिकर्ता के हस्ताक्षर 1. 2. 3. 4. 5. 6. तारीख स्थान पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर नाम ............................................ मतदान केन्द्र क्रमांक 'जो विकल्प अप्रयोज्य हो उसे काट दीजिए।
भाग-2
गणना का परिणाम
| सरल क्रमांक | अभ्यर्थियो का नाम/उपयु ं क्त मे र् से कोई नहीं ं | अभिलिखित मतों की संख्या |
| (1) | (2) | (3) |
| 1. | ||
| 2. | ||
| 3. | ||
| 4. | ||
| 5. | ||
| 6. | ||
| 7. | ||
| 8. | ||
| 9. |
अंतिम अभ्यर्थी के पश्चात्, ''उपर्युक्त में से कोई नहीं'' के विवरण का उल्लेख करें।
क्या उपर्युक्त दर्शित मतों की कुल संख्या भाग 1 की मद 5 के सामने दर्शित मतों की कुल संख्या से मेल करती है या दोनों के बीच कोई अन्तर देखने में आया है।
तारीख ............
स्थान ...............
गणना सुपरवाइजर के पूर्ण हस्ताक्षर अभ्यर्थी/निर्वाचन अभिकर्ता/गणन अभिकर्ता का नाम
1.
2.
3.
4.
5.
6.
7.
8.
तारीख ............
स्थान ...............
रिटर्निंग आफिसर के हस्ताक्षर'' 15. प्ररूप 21-क के स्थान पर, निम्नलिखित प्ररूप प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
''प्ररूप 21-क
(नियम 69 क (2) ग देखिए) गणना का परिणाम नगर पालिक निगम ...................... के महापौर/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत के अध्यक्ष का निर्वाचन तथा नगर पालिक निगम/नगर पालिका परिषद /नगर पंचायत .....................के वार्ड क्र. .......... से पार्षद का निर्वाचन
मतदान केन्द्र क्रमांक .........................
| सरल क्रमांक | अभ्यर्थी का नाम/उपर्युक्त में से कोई नहीं | अभ्यर्थी के पक्ष में डाले गये वैध मतो ं की संख्या |
| (1) | (2) | (3) |
| 1. |
୮୨ (୨୪)
| 2. | ||
| 3. | ||
| 4. | ||
| 5. | ||
| 6. | ||
| 7. | ||
| 8. | ||
| 9. |
अंतिम अभ्यर्थी के पश्चात् "उपर्युक्त में से कोई नहीं" के विवरण का उल्लेख किया जाये । 2.(क) विधिमान्य मतों की कुल संख्या ............................ (ख) अविधिमान्य मतों की कुल संख्या ............................ (ग) डाले गये मतों की संख्या ............................ (घ) "उपर्युक्त में से कोई नहीं" के पक्ष में डाले गए कुल मतों की संख्या ............................ (ड.) अंडर वोट/नो वोट की कुल संख्या ............................ (च) अनफिनिश्ड (अधूरे) मतों की कुल संख्या ............................
स्थान ............................ तारीख ............................. .................................................. गणना पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर (नाम .............................................) रिटर्निग ऑफिसर (नगर पालिका) के हस्ताक्षर (नाम .............................................) जो विकल्प उचित न हो उसे काट दीजिए।''
16. प्ररूप 22-क के स्थान पर, निम्नलिखित प्ररूप प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
''प्ररूप 22-क
(नियम 69 क (2) (ग) देखिए)
अंतिम परिणाम पत्रक
नगर पालिक निगम ...................... के महापौर/नगर पालिका परिषद्/नगर पंचायत ................... के अध्यक्ष का निर्वाचन तथा नगर पालिक निगम/नगर पालिका परिषद्/नगर पंचायत .....................के वार्ड क्र. ..........से पार्षद का निर्वाचन
| स .क्र. | अभ्यर्थी का नाम/उपयु र्क्त में से कोई नहीं | अभ्यर्थी के पक्ष में डाले गए विधिमान्य निर्वाचन कर्तव्य मतों की संख्या | अभ्यर्थी के पक्ष में डाले गए विधिमान्य मतों की संख्या मतदान केन्द्रवार | कुल योग | ||
| मतदान केन्द्र का स.क्र. | मतदान केन्द्र का स.क्र. | मतदान केन्द्र का स.क्र. | ||||
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) | (6) | (7) |
| 1. | ||||||
| 2. | ||||||
| 3. |
अंतिम अभ्यर्थी के पचात "उपर्युक्त में से कोई नहीं" के विवरण का उल्लेख किया जाये । 2.(क) विधिमान्य मतों की कुल संख्या .......................... (ख) डाले गये मतों की कुल संख्या .......................... (ग) अविधिमान्य निर्वाचन कर्तव्य मतों की कुल संख्या .......................... (घ) डाले गये निर्वाचन कर्तव्य मतों की संख्या .......................... (ड.) "उपर्युक्त में से कोई नहीं" के पक्ष में डाले गए कुल मतों की संख्या .......................... (च) अंडर वोट/नो वोट की कुल संख्या .......................... (छ) अनफिनिश्ड (अधूरे) मतों की कुल संख्या ..........................
स्थान ............................ तारीख ............................. .................................................. गणना पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर (नाम .............................................) रिटर्निग ऑफिसर (नगर पालिका) के हस्ताक्षर (नाम .............................................) जो विकल्प उचित न हो उसे काट दीजिए।''
17. प्ररूप 23-क के स्थान पर, निम्नलिखित प्ररूप प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थातः-
''प्ररूप 23-क (नियम 74 देखिए) निर्वाचन की घोषण सह-विवरणी नगर पालिक निगम के महापौर/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत................. के अध्यक्ष का निर्वाचन नगर पालिक निगम/परिषद/नगर पंचायत................. के वार्ड क्रमांक .................... से पार्षद का निर्वाचन
(1) निर्वाचन की विवरणी
स.क्र. अभ्यर्थी का नाम
प्राप्त हुए मतों की संख्या "उपयुक्त में से कोई नहीं"
दल से सम्बद्धता की संख्या
(1) (2) (3) (4) मतदाताओं की कुल संख्या ...................................................................................... डाले गये विधिमान्य मतों की कुल संख्या ......................................................................... अविधिमान्य मतों की कुल संख्या ........................................................ "उपर्युक्त में से कोई नहीं" के पक्ष में डाले गए मतों की कुल संख्या .................... अंडर वोट/नो वोट की कुल संख्या .............................................................................. अधूरे मतों की कुल संख्या ..........................................................................
୮୨ (୨୬) (2) विवरणी के आधार पर निर्वाचन की घोषणा
मैं घोषित करता हूॅ कि ........................................................... (नाम) .......................................................... (पिता) सम्यक् रूप से निर्वाचित हुए है/हुई है ।
स्थान ............................ तारीख .......................... रिटर्निग ऑफिसर (नगर पालिका) नाम ..................................... सील .............................................
जो विकल्प उचित न हो उसे काट दीजिए।''