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Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 अंतर्गत छत्तीसगढ राज्य परियोजना प्रतिवेदन अनुदान, गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान, तकनीकी पेटेंट अनुदान तथा प्रौद्योगिकी क्रय अनुदान नियम, 2024 संबंधी

Published 14 February 2025

Department
वाणिज्य और उद्योग विभाग
Type
Extraordinary
Gazette no.
112
Notification no.
क्रमांक GENS/32/2025-COMM.&INDUS
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-02-14.112
Languages
English, Hindi

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 वाणिज्य एवं उद्योग विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर

नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 14 फरवरी 2025

अधिसूचना

क्रमांक GENS/32/2025-COMM.&INDUS . - राज्य शासन, एतद्‌द्वारा, औद्योगिक विकास नीति 2024-30 की कंडिका (12.5) के क्रमांक 9, 10, 11 एवं 12 के क्रियान्वयन के लिये, निम्नानुसार नियम निर्मित करता है, अर्थात :-

नियम

1. नाम एवं विस्तार -

(1) ये नियम छत्तीसगढ राज्य परियोजना प्रतिवेदन अनुदान, गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान, तकनीकी पेटेंट अनुदान तथा प्रौद्योगिकी क्रय अनुदान नियम, 2024 कहे जाएंगे । (2) ये नियम छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवृत्त होंगे।

2. परिभाषाएं -

(1) इन नियमों में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, (क) नीति से अभिप्रेत है औद्योगिक विकास नीति 2024-30 (ख) विशेष वर्ग के उद्यमी से अभिप्रेत है अप्रवासी भारतीय, प्रत्यक्ष विदेशी निवेशकों (एफ.डी.आई.), निर्यातक उद्यमों या विदेशी तकनीक के साथ परियोजनाएं स्थापित करने वाले निवेशक, राज्य के अनुसूचित जनजाति/जाति वर्ग के उद्यमी, महिला उद्यमी, तृतीय लिंग, राज्य के महिला स्व-सहायता समूह, राज्य के सेवानिवृत्त सैनिक, राज्य पुलिस, अध्र्द सैनिक बलों के सेवानिवृत व्यक्ति, सेवानिवृत अग्निवीर सैनिक, नक्सलवाद से प्रभावित व्यक्ति/परिवार एवं/अथवा दिव्यांग (निःशक्त) उद्यमी। (2) अन्य प्रयुक्त शब्दों की परिभाषाएं नीति के परिशिष्ट-1 के अनुसार होगी।

3. प्रभावी दिनांक -

ये नियम राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावशील होंगे।

4. पात्रता - नीति के प्रभावशील रहने की कालावधि के भीतर, वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने वाले उद्यमों (नीति के परिशिष्ट 3 पर दर्शित अपात्र उद्यम एवं परिशिष्ट-5 पर दर्शित कोर सेक्टर के उद्यमों को छोड़कर) की पात्रता निम्नानुसार हैः-

(1) परियोजना प्रतिवेदन अनुदान- नवीन सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों/सेवा उद्यमों की स्थापना, नीति के ''अध्याय-स'' में वर्णित विशिष्ट उत्पाद श्रेणी उद्यमों एवं स्टार्टअप इकाईयों को पात्रता होगी। उद्योग स्थापित होने के उपरांत ही परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने हेतु किये गये व्यय की प्रतिपूर्ति की जावेगी ।

नवीन उद्यम की स्थापना हेतु राज्य के किसी विभाग/उद्यमिता विकास केन्द्र/EDII/ CITCON/ MSME संस्थान, राष्ट्रीय स्तर की वित्तीय संस्थाओं द्वारा अनुमोदित व्यावसायिक कंसल्टेंट या निजी क्षेत्र के किसी कंसलटेंट, चार्टर्ड अकाउन्टेंट, चार्टर्ड इंजीनियर से तैयार कराया गया, परियोजना प्रतिवेदन जिसमें परियोजना की वित्तीय लागत, विपणन की संभावनाएं, कच्चा माल की उपलब्धता तकनीकी पहलुओं, लाभ-हानि आदि का उल्लेख हो। अन्य स्त्रोतों से परियोजना प्रतिवेदन पर लागत अनुदान प्राप्त किये जाने पर अनुदान की पात्रता नहीं होगी ।

(2) गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान- नवीन स्थापना/विस्तार/शवलीकरण /प्रतिस्थापन करने वाले सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों तथा नवीन सेवा उद्यमों की स्थापना, सामान्य श्रेणी एवं थ्रस्ट सेक्टर के विनिर्माण वृहद उद्यमों तथा ''अध्याय-स'' में वर्णित विशिष्ट उत्पाद श्रेणी के नवीन उद्यमों एवं स्टार्टअप इकाईयों को पात्रता होगी।

आई.एस.ओ.-9000, आई.एस.ओ.-14000, आई.एस.ओ.-18000, आई.एस. ओ.-22000 श्रेणी, बी.आई.एस. प्रमाणीकरण, जेड (ZED) प्रमाणीकरण, ऊर्जा दक्षता ब्यूरो प्रमाणन (बी.ई.ई.), नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एल.ई.बी.पी प्रमाणीकरण, एगमार्क, यूरो मानक एवं अन्य समान राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय प्रमाणीकरण प्राप्त करने पर अनुदान की पात्रता होगी ।

भारत सरकार/राज्य शासन के किसी विभाग, ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेण्डर्ड या भारत सरकार/राज्य शासन की अधिकृत एजेन्सी से गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्राप्त करने पर ही अनुदान की पात्रता होगी।

(3) तकनीकी पेटेंट अनुदान - नवीन स्थापना/विस्तार/शवलीकरण/ प्रतिस्थापन करने वाले सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों तथा नवीन सेवा उद्यमों की स्थापना, सामान्य श्रेणी एवं थ्रस्ट सेक्टर के विनिर्माण वृहद उद्यमों तथा ''अध्याय-स'' में वर्णित विशिष्ट उत्पाद श्रेणी के नवीन उद्यमों एवं स्टार्टअप इकाईयों को पात्रता होगी।

भारत सरकार, उद्योग मंत्रालय/अन्य मंत्रालयों/पंजीकृत पेटेन्ट हाउस/अनुसंधान केन्द्रों से पेटेन्ट/अनुसंधान पंजीकृत कराने पर ही अनुदान की पात्रता होगी। औद्योगिक इकाई को प्रति उत्पाद/प्रक्रिया/शोध पर केवल एक बार ही अनुदान की पात्रता उद्यम स्थापना के उपरांत होगी।

विकसित उत्पाद/ प्रक्रिया, जिसका पेटेन्ट कराया गया है या "अनुसंधान" स्वीकृत हुआ है, का वाणिज्यिक उत्पादन /उपयोग औद्योगिक इकाई द्वारा ही किया जाना आवश्यक होगा।

(4) प्रौद्योगिकी क्रय अनुदान- नवीन स्थापना/विस्तार/शवलीकरण/ प्रतिस्थापन करने वाले सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों तथा नवीन सेवा उद्यमों की स्थापना, सामान्य श्रेणी एवं थ्रस्ट सेक्टर के विनिर्माण वृहद उद्यमों तथा ''अध्याय-स'' में वर्णित विशिष्ट उत्पाद श्रेणी के नवीन उद्यमों एवं स्टार्टअप इकाईयों को पात्रता होगी।

शासकीय अनुसंधान केन्द्रों, एन.आर.डी.सी. से प्रौद्योगिकी क्रय पर ही अनुदान की पात्रता उद्यम स्थापना उपरांत होगी। क्रय प्रौद्योगिकी का उपयोग केवल स्वयं के उद्योग में ही करना होगा।୨୨୪ (୧) 5. प्रक्रिया -

(1) परियोजना प्रतिवेदन/प्रौद्योगिकी क्रय हेतु वाणिज्यिक उत्पादन/सेवा गतिविधि प्रारंभ करने के दिनांक से 06 माह के भीतर आवेदन करना होगा।

गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान एवं तकनीकी पेटेंट अनुदान हेतु गुणवत्ता प्रमाणीकरण/तकनीकी पेटेंट प्राप्त करने के दिनांक से 06 माह के भीतर आवेदन करना होगा।

यह स्पष्ट किया जाता है कि इस अधिसूचना के अधीन अनुदान हेतु आवेदन किसी भी परिस्थिति में नीति के प्रवृत्त रहने की समयावधि की समाप्ति के दिनांक से 01 वर्ष के पश्चात्‌ स्वीकार नहीं होंगे।

(2) पात्र इकाईयों को निम्नांकित आवश्यक दस्तावेजों (यथा स्थिति, जो लागू हो) के साथ विभागीय वेबसाईट में ऑनलाईन आवेदन करना होगा-

(क) उपाबंध-1 के अनुसार शपथ पत्र।

(ख) उपाबंध-2(1) के अनुसार चार्टर्ड एकाउण्टेंट प्रमाण पत्र, परियोजना प्रतिवेदन अनुदान हेतु परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने हेतु प्राप्त देयक व भुगतान प्राप्ति की रसीद एवं व्यय का साक्ष्य।

(ग) उपाबंध-2(2) के अनुसार गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान हेतु गुणवत्ता प्रमाणीकरण से संबंधित प्रमाण पत्र की प्रति एवं व्यय का साक्ष्य।

(घ) उपाबंध-2(3) के अनुसार तकनीकी पेटेंट अनुदान हेतु तकनीकी पेटेंट/ अनुसंधान स्वीकृति से संबंधित प्रमाण पत्र एवं व्यय का साक्ष्य।

(ड.) उपाबंध-2(4) के अनुसार प्रौद्योगिकी क्रय अनुदान हेतु प्रौद्योगिकी क्रय से अनुबंध/ देयक तथा उनकी राशि संस्था को भुगतान संबंधी प्रमाण पत्र एवं व्यय का साक्ष्य।

(3) सूक्ष्म एवं लद्यु उद्यमों को आवेदन जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में तथा मध्यम एवं वृहद उद्यमों को आवेदन उद्योग संचालनालय में प्रस्तुत करना होगा।

(4) आवेदन/संलग्न दस्तावेजों में त्रुटि/कमी होने पर आवेदन प्राप्ति से 15 दिवस के भीतर इकाई को कमीपूर्ति हेतु, कमियां एक साथ बताते हुए वापस किया जाएगा। इकाई द्वारा कमीपूर्ति हेतु वापस किये गये दिनांक से 20 दिवस तक कमीपूर्ति कर पुनः प्रस्तुत न किये जाने की स्थिति में ऑनलाईन आवेदन स्वतः निरस्त मान्य होगा।

(5) संचालक उद्योग, उद्योग संचालनालय/मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों द्वारा प्राप्त आवेदन नियमों के अधीन होने पर, उपाबंध-3 में निर्धारित प्ररूप पर स्वीकृति आदेश जारी किया जावेगा।

अनुदान हेतु प्राप्त आवेदन नियमानुसार न होने पर निरस्तीकरण आदेश जारी किया जावेगा, जिसमें आवेदन के निरस्तीकरण का कारण एवं अपील संबंधी प्रावधान का स्पष्ट उल्लेख होगा।

(6) आवेदन, प्राप्ति से 30 दिवस के भीतर, स्वीकृत या निरस्त किया जावेगा। (7) स्वीकृति आदेश जारी होने के पश्चात्‌ उद्योग संचालनालय द्वारा उक्त अनुदान मदों के बजट का आवंटन जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों से प्राप्त मांग के आधार पर बजट उपलब्ध होने पर किया जावेगा । ୨୨୪ (୨) (8) बजट आबंटन उपलब्ध होने पर उद्योग संचालनालय/जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा अनुदान का वितरण औद्योगिक इकाइयों को अनुदान स्वीकृति के दिनांक के क्रम में किया जावेगा। अनुदान की राशि इकाई के ऋण खाते में सीधे अनुदान जमा करने की पद्धति अनुसार प्रेषित की जावेगी। अनुदान की राशि नगद में नहीं दी जायेगी। सावधि ऋण का पूर्ण भुगतान की स्थिति में यदि सावधि ऋण खाता बंद हो जाता है तो इकाई के अन्य किसी खाते में अनुदान राशि उपरोक्तानुसार जमा की जा सकेगी।

(9) बजट आवंटन उपलब्ध न होने के कारण अनुदान देने में विलंब होने पर इसका कोई दायित्व विभाग का नहीं होगा ।

6. अनुदान की दर व मात्रा-

(1) परियोजना प्रतिवेदन अनुदान -

स्टार्टअप इकाई को छोड़कर, पात्र इकाई को परियोजना में किये गये स्थायी पूंजी निवेश का 01 प्रतिशत, अधिकतम 10 लाख रूपये, जो कम हो, परियोजना प्रतिवेदन अनुदान देय होगा। राज्य में स्थापित नवीन स्टार्टअप इकाई को स्थायी पूंजी निवेश का 1 प्रतिशत, अधिकतम 5 लाख रूपये, जो कम हो, ।

विशेष वर्ग के उद्यमी को स्थायी पूंजी निवेश का 1.10 प्रतिशत, अधिकतम 11 लाख रूपये, जो कम हो, परियोजना प्रतिवेदन अनुदान देय होगा।

(2) गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान -

पात्र इकाई को मान्य संस्था से गुणवत्ता प्रमाणीकरण प्राप्त करने पर हुये व्यय की 50 प्रतिशत, अधिकतम 10 लाख रूपये, जो कम हो, की प्रतिपूर्ति प्रत्येक प्रमाणीकरण प्राप्त करने पर देय होगी। स्टार्टअप इकाई को गुणवत्ता प्रमाणीकरण प्राप्त करने हेतु किये गये व्यय का 80 प्रतिशत, अधिकतम राशि 10 लाख रूपये, जो कम हो, देय होगी।

विशेष वर्ग के उद्यमी को गुणवत्ता प्रमाणीकरण प्राप्त करने पर हुये व्यय की 55 प्रतिशत, अधिकतम 11 लाख रूपये, जो कम हो, की प्रतिपूर्ति प्रत्येक प्रमाणीकरण प्राप्त करने पर देय होगी।

(3) तकनीकी पेटेंट अनुदान -

पात्र इकाई को मान्य संस्था से तकनीकी पेटेंट प्राप्त करने पर, पेटेंट स्वीकृति/अनुसंधान स्वीकृति पर किये गये व्यय की 50 प्रतिशत राशि, अधिकतम 20 लाख रूपये, जो कम हो, देय होगी। राज्य में स्थापित नवीन स्टार्टअप इकाई को पेटेंट प्राप्त करने पर, पेटेंट स्वीकृति/अनुसंधान स्वीकृति पर किये गये व्यय की 50 प्रतिशत राशि, अधिकतम 10 लाख रूपये, जो कम हो, देय होगी।

विशेष वर्ग के उद्यमी को पेटेंट स्वीकृति/अनुसंधान स्वीकृति पर किये गये व्यय की 55 प्रतिशत राशि, अधिकतम 22 लाख रूपये, जो कम हो, देय होगी। (4) प्रौद्योगिकी क्रय अनुदान- पात्र इकाई को एन.आर.डी.सी. या अन्य शासकीय अनुसंधान केन्द्रो से प्रौद्योगिकी क्रय हेतु किये गये व्यय की 50 प्रतिशत राशि, अधिकतम 10 लाख रूपये, जो कम हो, की प्रतिपूर्ति की जावेगी। स्टार्टअप इकाईयों को 50 प्रतिशत राशि, अधिकतम 10 लाख रूपये, जो कम हो, अनुदान देय होगी।୨୨୪ (୩) विशेष वर्ग के उद्यमी को एन.आर.डी.सी. या अन्य शासकीय अनुसंधान केन्द्रों से प्रौद्योगिकी क्रय हेतु किये गये व्यय की 55 प्रतिशत राशि, अधिकतम 11 लाख रूपये, जो कम हो, की प्रतिपूर्ति की जावेगी।

7. अनुदान प्राप्त औद्योगिक इकाई का दायित्व -

(1) औद्योगिक इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक/सेवा गतिविधि प्रारंभ करने के दिनांक से न्यूनतम पांच वर्षों तक उद्योग चालू रखते हुए, नियमानुसार राज्य के मूलनिवासियों को रोजगार उपलब्ध कराना होगा। इकाई द्वारा उपलब्ध कराये गये रोजगार की जानकारी प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पश्चात 30 दिवस के भीतर अनुदान स्वीकृतकर्ता अधिकारी को प्रदान करना होगा।

(2) इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक/सेवा गतिविधि प्रारंभ करने के दिनांक से पांच वर्ष तक उद्योग आयुक्त/ संचालक उद्योग की लिखित पूर्वानुमति के बिना इकाई के फैक्ट्री स्थल/गतिविधि में कोई परिवर्तन नहीं किया जावेगा, इकाई का कोई भाग अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा तथा ना ही स्वामित्व परिवर्तन किया जा सकेगा तथा इकाई के स्थायी परिसम्पतियों में कोई परिर्वतन नहीं किया जावेगा।

(3) इकाई द्वारा अनुदान प्राप्त करने के पश्चात इसी विषय में अन्य किसी विभाग/निगम/ मंडल/संस्था/वित्तीय संस्थाओं से अनुदान प्राप्त नहीं किया जायेगा।

(4) अनुदान संबंधी निरीक्षण हेतु परिसर एवं दस्तावेजों तक शासन एवं स्वीकृतकर्ता अधिकारी की पहुंच सुनिश्चित करेगा।

8. अनुदान की वसूली -

(1) अनुदान की राशि औद्योगिक इकाई को स्वीकृत/वितरित हो जाने के पश्चात यदि यह पाया जाता है कि औद्योगिक इकाई द्वारा कोेई तथ्य छुपाये गए हैं, तथ्यों को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया है या सही जानकारी प्रस्तुत नहीं की गयी है एवं इस प्रकार गलत तरीके से अनुदान प्राप्त किया गया है तो अनुदान की राशि, 12.5 प्रतिशत वार्षिक दर से साधारण ब्याज सहित, की वसूली भू-राजस्व के बकाया की भांति की जा सकेगी/अन्य देय अनुदानों में समायोजित की जा सकेगी। (2) औद्योगिक इकाई द्वारा राज्य के मूल निवासियों को निर्धारित प्रतिशत में रोजगार उपलब्ध कराने के पश्चात, यदि बाद में विधि विरूद्व तरीके से, रोजगार से वंचित किया जाता है एवं इस कारण अकुशल, कुशल व प्रबंधकीय वर्ग में दिये जाने वाले रोजगार का प्रतिशत निर्धारित प्रतिशत से कम हो जाता है तो अनुदान की राशि संबंधित स्वत्व को निरस्त कर वसूली की जा सकेगी/अन्य देय अनुदानों में समायोजित की जा सकेगी।

(3) यदि औद्योगिक इकाई द्वारा प्रस्तुत निवेशक से वर्ग से संबंधित प्रमाण-पत्र/तथ्य गलत पाये जाते हैं या पात्रता से अधिक अनुदान की प्राप्ति हो गयी हो, तो दी गई अतिरिक्त अनुदान की राशि वसूली योग्य होगी।

(4) उद्योग संचालनालय/ जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा अनुदान से संबंधित या कोई जानकारी/अभिलेख मांगे जाने पर औद्योगिक इकाई द्वारा न दी जाये तो अनुदान की राशि संबंधित स्वत्व को निरस्त कर वसूली की जा सकेगी। (5) उपरोक्त अनुसार यथास्थिति निरस्तीकरण/अधिक दिये गये अनुदान की राशि की वसूली के आदेश स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा जारी किये जायेंगे। ୨୨୪ (୪) 9. अपील -

(1) सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों/सेवा उद्यमों के प्रकरणों पर मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा जारी किसी आदेश से असहमत होने पर आदेश संसूचित किये जाने के दिनांक से 60 दिवसों के भीतर अपील उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग, उद्योग संचालनालय को की जा सकेगी।

(2) मध्यम एवं वृहद, उद्यमों/सेवा उद्यमों के प्रकरणों पर संचालक उद्योग, उद्योग संचालनालय द्वारा जारी किसी आदेश से असहमत होने पर आदेश संसूचित किये जाने के दिनांक से 60 दिवसों के भीतर अपील भारसाधक सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, मंत्रालय को की जा सकेगी।

(3) सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के प्रकरण में अपील शुल्क रूपये तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से भिन्न प्रकरणों में रूपये 5000 का भुगतान करने पर ही अपील स्वीकार होगी। अनुसूचित जाति/जनजाति/दिव्यांग/तृतीय लिंग/महिला उद्यमी/भूतपूर्व सैनिक/ सेवानिवृत्त अग्निवीर/नक्सल प्रभावितों/आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के प्रकरण में अपील शुल्क रूपये 1000 तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से भिन्न प्रकरणों में रूपये 2500 का भुगतान किया जाना होगा। (4) अपील शुल्क विभाग के प्राप्ति शीर्ष (0852-उद्योग, 08-उपभोक्ता उद्योग, 800-अन्य प्राप्तियां, 0674-अन्य प्राप्तियां) में ऑनलाईन/चालान के माध्यम जमा कर, पावती अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जावेगा।

(5) अपीलीय अधिकारी को अपील करने में हुए विलंब तथा अनुदान हेतु आवेदन प्रस्तुत करने में हुये विलंब एवं अधिसूचना के अधीन किसी अन्य बिन्दु पर प्रकरण के गुण-दोष के आधार पर विचार कर निर्णय लेने का अधिकार होगा। अपीलीय अधिकारी द्वारा तथ्यों के आधार पर तथा अपीलार्थी को अपना पक्ष रखने का एक अवसर प्रदान करते हुये अपील प्रकरण का निराकरण किया जावेगा ।

10. स्वप्रेरणा से निर्णय -

राज्य शासन वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, प्रमुख सचिव/सचिव/उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग किसी भी अभिलेख को बुला सकेंगे, स्वयं के निर्णय की/स्वीकृतकर्ता अधिकारी के निर्णय की समीक्षा कर सकेंगे तथा ऐसे आदेश पारित कर सकेंगे जैसा कि वे नियमानुसार उचित समझें, परन्तु अनुदान को निरस्त करने या उसमें कमी करने के पूर्व प्रभावित पक्ष को सुनवाई का एक अवसर अवश्य दिया जावेगा ।

11. कार्यकारी निर्देश -

योजना के अन्तर्गत कार्यकारी निर्देश जारी करने हेतु उद्योग आयुक्त/ संचालक उद्योग सक्षम होंगे एवं उक्त अनुदान से संबंधित किसी मुद्‌दे पर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों द्वारा मार्गदर्शन मांगे जाने पर उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग द्वारा मार्गदर्शन दिया जावेगा। उपरोक्त वर्णित नियमों में परिवर्तन किये बिना आवेदन की प्रक्रिया में संशोधन का अधिकार उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग को होगा।

12. नियमों की व्याख्या, अनुदान की पात्रता या अन्य किसी विवाद की दशा में राज्य शासन का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा।୨୨୪ (୫) 13. इस नियम के अलग-अलग भाषाओं में संस्करण जारी करने हेतु उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग सक्षम होंगे। इस नियम के तहत जारी हिंदी संस्करण मुख्य संस्करण होगी, जो अलग-अलग भाषाओं में जारी संस्करणों के बीच विसंगति होने पर प्रभावी रहेगा।

14. नीति में संशोधन किये जाने की स्थिति में उक्त संशोधन इस नियम में यथास्थिति लागू होंगे।

15. इस योजना के अन्तर्गत कोई वाद राज्य के न्यायालय में ही दायर किया जा सकेगा । ୨୨୪ (୬) उपाबंध-1 [नियम 5(2)(क)] शपथ-पत्र (न्यूनतम 50 रू. के नान-ज्युडिशियल स्टाम्प पर नोटराईज्ड)

1. यह शपथपूर्वक घोषित किया जाता है कि :-

1.1 औद्योगिक विकास नीति 2024-30 एवं छत्तीसगढ राज्य परियोजना प्रतिवेदन अनुदान, गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान, तकनीकी पेटेंट अनुदान तथा प्रौद्योगिकी क्रय अनुदान नियम, 2024 का पूर्णतः अध्ययन कर लिया है एवं इसके सभी प्रावधानों का पालन औद्योगिक इकाई द्वारा किया जावेगा । 1.2 आवेदन पत्र में दी गई जानकारी एवं आवेदन पत्र के साथ संलग्न स्व-प्रमाणित अभिलेख पूर्ण रूप से सही है।

1.3 औद्योगिक इकाई के संचालन हेतु केन्द्र/राज्य के संबंधित विभागों से अनुमति/सम्मति/अनुज्ञा प्राप्त कर लिया गया है।

2. यह भी कि इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से 05 वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक, जो पश्चात्‌वर्ती हो तक, उत्पादनरत्‌ रहते हुए अकुशल, कुशल एवं प्रबंधकीय/प्रशासकीय वर्ग में न्यूनतम क्रमशः 100 प्रतिशत, 70 प्रतिशत एवं 40 प्रतिशत रोजगार राज्य के मूल निवासियों को दिया जाता रहेगा। रोजगार की जानकारी नियमानुसार नियमित रूप से प्रदान की जायेगी। 4. यह भी कि इकाई द्वारा भारत सरकार/राज्य शासन के अन्य किसी विभाग/निगम/ मंडल/संस्था/वित्तीय संस्थाओं से छत्तीसगढ राज्य परियोजना प्रतिवेदन अनुदान/गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान/तकनीकी पेटेंट अनुदान/ प्रौद्योगिकी क्रय अनुदान प्राप्त नहीं किया है, न ही इस हेतु आवेदन किया है एवं न ही किया जावेगा ।

5. यह भी कि उपरोक्त जानकारी गलत/त्रुटिपूर्ण/मिथ्या पाये जाने पर अन्यथा किसी भी घोषणा का उल्लंघन पाये जाने पर स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा अनुदान राशि, 12.5 प्रतिशत वार्षिक दर से साधारण ब्याज सहित, की वसूली के मांग पत्र पर यह राशि 30 दिवसों की अवधि में वापस की जावेगी ।

6. यह भी कि नियम के पालन के संबंध में परिसर एवं दस्तावेजों के निरीक्षण हेतु पहुंच/उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी।

स्थान -

दिनांक -

औद्योगिक इकाई के अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर नाम पद औद्योगिक इकाई का नाम व पता୨୨୪ (୭) उपाबंध-2(1) [नियम 5(2)(ख)] परियोजना प्रतिवेदन पर व्यय का प्रमाण पत्र (चार्टर्ड एकाउण्टेंट के लेटर-हेड पर)

औद्योगिक इकाई ......................................... जिसका पंजीकृत पता .................................... ................... है व फैक्ट्री.................में स्थित है व जिसका उद्योग आकांक्षा .................................. ........,व वाणिज्यिक उत्पादन प्रमाण पत्र क्रमांक ................................................................... है, ने परियोजना प्रतिवेदन, कन्सलटेन्ट......................................................................................से तैयार करवाया है, जिस पर वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक................................तक किया गया व्यय रूपये..................................(अक्षरों में)............................ निम्नानुसार प्रमाणित किया जाता है :-

क्र. परियोजना प्रतिवेदन एजेन्सी का नाम एवं परियोजना प्रतिवेदन की विषय वस्तु देयक क्रमांक/ रसीद नं. परियोजना प्रतिवेदन पर हुए व्यय की राशि वास्तविक भुगतान की गयी राशि
(1) (2) (3) (4) (5)
1
2
3
4
5
6
7
8
योग

स्थान - दिनांक -

चार्टर्ड एकाउण्टेंट का नाम व पता सील हस्ताक्षर यूडीआई नं./पंजीयन पत्र क्रमांक ୨୨୪ (୮) उपाबंध-2(2) [नियम 5(2)(ग)] गुणवत्ता प्रमाणीकरण पर व्यय का प्रमाण-पत्र (चार्टर्ड एकाउण्टेंट के लेटर-हेड पर, मूल प्रति में)

औद्योगिक इकाई ....................................................................................................................................... .......जिसका पंजीकृत पता ....................................................... है व फैक्ट्री................. में स्थित है, जिसका ई.एम.पार्ट-1/उद्यम आकांक्षा क्रमांक ............................................दिनांक ........................ .. एवं वाणिज्यिक उत्पादन प्रमाण पत्र क्रमांक................. दिनांक .................. है, ने गुणवत्ता प्रमाणीकरण प्रमाण पत्र .......................................................................................... प्राप्त किया है जिस पर दिनांक...........................तक किया गया व्यय रूपये..................................(अक्षरों में)......... ................... निम्नानुसार शपथ पूर्वक प्रमाणित किया जाता है ।

क्र. गुणवत्ता प्रमाणीकरण पर व्यय का विवरण प्रमाणन एजेंसी/ संस्था जिसे भुगतान किया गया है व्यय की गई राशि भुगतान की गयी राशि
(1) (2) (3) (4) (5)
1 आवेदन शुल्क
2 अ केक्षण शुल्क ं
3 लायसेंस शुल्क
4 प्रशिक्षण व्यय
5 तकनीकी कन्सलटेंसी व्यय
6 गुणवत्ता प्रमाणीकरण प्रमाण पत्र प्राप्ति शुल्क
7 अन्य व्यय
योग

स्थान - चार्टर्ड एकाउण्टेंट का नाम व पता दिनांक - सील हस्ताक्षर

पंजीयन पत्र क्रमांक୨୨୪ (୯) उपाबंध-2(3) [नियम 5(2)(घ)] तकनीकी पेटेंट/अनुसंशाधन पर व्यय का प्रमाण-पत्र (चार्टर्ड एकाउण्टेंट के लेटर-हेड पर) औद्योगिक इकाई ....................................................................................................................................... .......जिसका पंजीकृत पता ....................................................... है व फैक्ट्री.................... में स्थित है, जिसका ई.एम.पार्ट-1/उद्यम आकांक्षा क्रमांक ............................................ दिनांक ............... ......... एवं वाणिज्यिक उत्पादन प्रमाण पत्र क्रमांक .................. है, ने पेटेन्ट पंजीयन प्रमाण पत्र/पेटेन्ट स्वीकृति प्रमाण पत्र क्रमांक ........................................................ दिनांक....................... ........... प्राप्त किया है, जिस पर दिनांक...........................तक किया गया व्यय रूपये.................... ..............(अक्षरों में)............................ है निम्नानुसार प्रमाणित किया जाता हैः-

क्र0 पेटेन्ट पंजीयन/अनुसंधान पर व्यय का विवरण पेटेन्ट पंजीयन/अनुसंधान विभाग/पेटेन्ट एजेन्ट जिसे भुगतान किया गया है व्यय राशि भुगतान राशि
(1) (2) (3) (4) (5)
1 आवेदन शुल्क
2 अंकेक्षण शुल्क
3 लायसेंस शुल्क
4 प्रशिक्षण व्यय
5 तकनीकी कन्सलटेंसी व्यय
6 पेटेन्ट एजेन्ट कमीशन व्यय
7 अनुसंधान एवं शोध हेतु स्थापित यंत्र एवं साज सज्जा संबंधी व्यय
8 पेटेंट शुल्क
9 अन्य व्यय
योग

स्थान - दिनांक -

चार्टर्ड एकाउण्टेंट का नाम व पता सील हस्ताक्षर पंजीयन पत्र क्रमांक୨୨୪ (୧୦) उपाबंध-2(4) [नियम 5(2)(ड.)] प्रौद्योगिकी क्रय पर व्यय का प्रमाण-पत्र (चार्टर्ड एकाउण्टेंट के लेटर-हेड पर) औद्योगिक इकाई ....................................................................................................................................... .......जिसका पंजीकृत पता ....................................................... है व फैक्ट्री.................... में स्थित है, जिसका ई.एम.पार्ट-1 /उद्यम आकांक्षा क्रमांक ............................................दिनांक ............... .........एवं वाणिज्यिक उत्पादन प्रमाण पत्र क्रमांक .................................दिनांक ............................... है, ने ..............................................से प्रौद्योगिकी दिनांक.................................. को प्राप्त किया है, जिस पर दिनांक...........................तक किया गया व्यय रूपये..................................(अक्षरों में)......... ................... है, मदवार विवरण निम्नानुसार प्रमाणित किया जाता हैः-

क्र0 विवरण प्रौद्योगिकी क्रय पर किया गया व्यय व्यय राशि भुगतान राशि
(1) (2) (3) (4)
1 आवेदन शुल्क
2 प्रौद्योगिकी क्रय राशि
3 प्रौद्योगिकी क्रय हेतु किये गये अनुबंध व अनुबंध का पंजीयन शुल्क
4 प्रशिक्षण व्यय
5 कन्सल्टेन्सी कंपनी को दिया गया फीस
6 प्रौद्योगिकी क्रय से संबंधित अन्य व्यय
7 प्रौद्योगिकी स्थापना व्यय
8 अन्य संबंधित व्यय
योग

स्थान - दिनांक -

चार्टर्ड एकाउण्टेंट का नाम व पता सील हस्ताक्षर पंजीयन पत्र क्रमांक୨୨୪ (୧୧)

उपाबंध-3

[नियम 5(5)]

स्वीकृति आदेश

1. छत्तीसगढ़ राज्य परियोजना प्रतिवेदन, गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान, तकनीकी पेटेंट अनुदान तथा प्रौद्योगिकी क्रय अनुदान नियम, 2024 के नियम 5 में प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुये, परियोजना प्रतिवेदन अनुदान/ गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान/ तकनीकी पेटेंट अनुदान/ प्रौद्योगिकी क्रय अनुदान के भुगतान की निम्नानुसार वित्तीय स्वीकृति, एतद्‌ द्वारा, जारी की जाती है :-

(1) औद्योगिक इकाई का नाम व पता -

(2) उद्यम का स्वरूप -

(3) उद्यमी का वर्ग -

(4) उत्पाद व वार्षिक उत्पादन क्षमता -

(5) वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने का दिनांक -

(6) औद्योगिक इकाई का कार्यस्थल (स्थान, विकास खंड व जिला) - (7) परियोजना प्रतिवेदन/ गुणवत्ता प्रमाणीकरण/ तकनीकी पेटेंट/ प्रौद्योगिकी क्रय पर किया गया अनुमोदित व्यय -

(8) स्वीकृत अनुदान राशि (अंकों व अक्षरों में) -

2. यह राशि वित्तीय वर्ष- ................. के निम्न बजट शीर्ष में विकलनीय होगी ..................................................................

........................................................................................ 3. यह स्वीकृति इन शर्तों के अधीन है कि औद्योगिक इकाई को उक्त नियम के समस्त प्रावधानों का पालन करना होगा, उल्लंघन पर स्वीकृति आदेश निरस्त किया जावेगा।

उद्योग संचानालय, रायपुर/ जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, जिला- ......................

Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 14 February 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-02-14.112/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-02-14.112.