Servants of Knowledge
Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

छत्तीसगढ निर्यात हेतु प्रमाण पत्र व्यय प्रतिपूर्ति अनुदान नियम, 2024 संबंधी

Published 25 February 2025

Department
वाणिज्य और उद्योग विभाग
Type
Extraordinary
Gazette no.
166
Notification no.
क्रमांक GENS-2101/206/2025-COMM.&INDUS
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-02-25.166
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

 वाणिज्य एवं उद्योग विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर

नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 25 फरवरी 2025

अधिसूचना

क्रमांक GENS-2101/206/2025-COMM.&INDUS. - राज्य शासन, एतद्‌ द्वारा, औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अध्याय (स) अंतर्गत विशिष्ट उत्पाद श्रेणी के वृहद उद्यमों हेतु प्रावधानित ''निर्यात हेतु प्रमाण पत्र व्यय प्रतिपूर्ति'' के क्रियान्वयन हेतु निम्नानुसार नियम निर्मित करता है, अर्थात -

नियम

1. नाम एवं विस्तार-

(1) ये नियम छत्तीसगढ निर्यात हेतु प्रमाण पत्र व्यय प्रतिपूर्ति अनुदान नियम, 2024 कहे जावेंगे। (2) ये नियम छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवृत्त होंगे।

2. प्रभावी दिनांक-

ये नियम राजपत्र में प्रकाशन के दिनांक से प्रभावी होंगे।

3. परिभाषाएँ -

(1) जब तक संदर्भ से अन्यथा अभिप्रेत हो, इन नियमों में, - (क) नीति से अभिप्रेत है, औद्योगिक विकास नीति 2024-30। (2) अन्य प्रयुक्त शब्दों हेतु वही परिभाषाएं लागू होंगी जो नीति के परिशिष्ट-1 में उल्लेखित हैं।

4. पात्रता-

(1) नीति के प्रवृत्त रहने की कालावधि में वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने वाले, अध्याय (स) में वर्णित विशिष्ट उत्पाद श्रेणी के वृहद उद्यमों को दिनांक 01.11.2024 के पश्चात्‌ उत्पादन प्रमाण पत्र में उल्लेखित उत्पाद/उत्पादों के लिये निर्यात प्रमाण पत्र प्राप्ति पर व्यय प्रतिपूर्ति की पात्रता होगी।

(2) पात्र औद्योगिक इकाईयों को इस अधिसूचना के जारी होने के दिनांक/वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक/निर्यात प्रमाण पत्र प्राप्ति दिनांक, जो पश्चात्‌वर्ती हो, से 06 माह के भीतर आवेदन करना होगा। (3) यह आवश्यक है कि उद्योग में वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से न्यूनतम 5 वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक, जो पश्चातवर्ती हो, तक उत्पादनरत रहते हुए नीति में प्रावधानित अनुसार राज्य के मूल निवासियों को निर्धारित प्रतिशत में रोजगार प्रदाय करना होगा।

5. प्रक्रिया -

(1) पात्र इकाईयों को निम्नांकित आवश्यक दस्तावेजों के साथ विभागीय वेबसाईट में ऑनलाईन आवेदन करना होगा- (क) उपाबंध-1 अनुसार निर्धारित प्ररूप में शपथ पत्र।

(ख) में निर्धारित प्ररूप में निर्यात प्रमाण पत्र प्राप्ति हेतु व्यय सम्बन्धी चार्टर्ड अकाउंटेंट का प्रमाण पत्र।

(ग) प्रति उत्पाद राशि रू. 50 करोड़ अथवा इससे अधिक व्यावसायिक निर्यात का प्रमाण पत्र।

(घ) निर्यात हेतु उत्पादों के अंतर्राष्ट्रीय अनुमोदन/प्रमाणन संबंधी प्रमाण पत्र। (ड़) आयात निर्यात कोड (Import Export Code) की वैध प्रति। (च) पेटेंट पंजीकरण प्रमाण पत्र (यथा लागू)। (2) अपूर्ण/त्रुटिपूर्ण आवेदन की स्थिति में प्रकरण में कमियों को एक साथ बताते हुए आवेदन प्राप्ति दिनांक से 15 दिवस के भीतर कमीपूर्ति हेतु वापिस किए जायेंगे। इकाई द्वारा 30 दिवस की अवधि में प्रकरण की कमियाँ पूर्ण न होने पर अपूर्ण प्रकरण स्वमेव निरस्त मान्य होगा। (3) प्रकरण पूर्ण एवं नियमानुसार होने पर उपरोक्त दस्तावेजों के परीक्षणोपरांत निर्धारित प्रारूप में स्वीकृति आदेश अनुसार जारी किया जावेगा। पूर्ण आवेदन प्रस्तुत करने के दिनांक से 30 दिवस के भीतर अनुदान की पात्रता संबंधी निर्णय लिया जायेगा तथा किसी विसंगति की स्थिति में आयुक्त/संचालक उद्योग की अनुमति से इकाई का स्थल निरीक्षण किया जा सकेगा।

(4) स्वत्व के नियमानुसार न होने/अपूर्ण होने पर आयुक्त/संचालक उद्योग द्वारा निरस्तीकरण आदेश जारी किया जावेगा, जिसमें स्वत्व के निरस्तीकरण का कारण व अपील के प्रावधान का भी स्पष्ट उल्लेख करना होगा।

(5) उद्योग संचालनालय द्वारा निर्यात प्रमाण पत्र प्रतिपूर्ति का वितरण स्वीकृति के क्रम में बजट उपलब्ध होने पर किया जावेगा।

(6) बजट आबंटन के अभाव में प्रतिपूर्ति की राशि देने में विलंब होने पर विभाग का कोई दायित्व नहीं होगा न ही प्रतिपूर्ति राशि पर ब्याज देय होगा। पात्र इकाईयों को नीति में प्रावधानित अनुसार निर्यात प्रमाण पत्र हेतु व्यय प्रतिपूर्ति की पात्रता होगी।

(1) प्रतिपूर्ति की राशि औद्योगिक इकाई को स्वीकृत/वितरित हो जाने के पश्चात यदि यह पाया जाता है कि औद्योगिक इकाई द्वारा कोेई तथ्य छुपाये गए है, तथ्यों को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया है या सही जानकारी प्रस्तुत नहीं की गयी है व इस प्रकार गलत तरीके से प्रतिपूर्ति प्राप्त किया गया है तो प्रतिपूर्ति की राशि, 12.5 प्रतिशत वार्षिक दर से साधारण ब्याज सहित, भू-राजस्व के बकाया की वसूली की भांति वसूल की जा सकेगी/अन्य देय अनुदानों में समायोजित की जा सकेगी। (2) उद्यम द्वारा राज्य के मूल निवासियों को निर्धारित प्रतिशत में रोजगार उपलब्ध कराने के पश्चात यदि बाद में विधि विरूद्व तरीके से रोजगार से वंचित किया जाता है व इस कारण अकुशल, कुशल व प्रबंधकीय वर्ग में दिये जाने वाले रोजगार का प्रतिशत नियमानुसार कम हो जाता है तो अनुदान की राशि, उपरोक्तानुसार ब्याज सहित, वसूल की जा सकेगी/अन्य देय अनुदानों में समायोजित की जा सकेगी।

(3) उद्योग संचालनालय/जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा योजना से संबंधित या कोई जानकारी/अभिलेख मांगे जाने पर औद्योगिक इकाई द्वारा न दी जाये, तो अनुदान निरस्त कर अनुदान की राशि, उपरोक्तानुसार ब्याज सहित, वसूल की जा सकेगी/अन्य देय अनुदानों में समायोजित की जा सकेगी। (4) यदि औद्योगिक इकाई को पात्रता से अधिक प्रतिपूर्ति प्रदाय की गयी हो, तो अनुदान की अतिरिक्त राशि, उपरोक्तानुसार ब्याज सहित, वसूल की जा सकेगी/अन्य देय अनुदानों में समायोजित की जा सकेगी।

(5) यदि औद्योगिक इकाई द्वारा नियम 9 में उल्लेखित किसी दायित्व का निर्वहन नहीं किया जाता है, तो अनुदान निरस्त कर अनुदान की राशि, उपरोक्तानुसार ब्याज सहित, वसूल की जा सकेगी/अन्य देय अनुदानों में समायोजित की जा सकेगी। (6) उपर्युक्त के अनुसार यथास्थिति निरस्तीकरण/अधिक दिये गये प्रतिपूर्ति की राशि की वसूली के आदेश आयुक्त/संचालक उद्योग द्वारा जारी किये जायेंगे। (1) आयुक्त/संचालक उद्योग, उद्योग संचालनालय द्वारा जारी किसी आदेश के विरूद्ध अपील भार-साधक सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के समक्ष की जा सकेगी। (2) अपील शुल्क रूपये 5000 का भुगतान ऑनलाईन/चालान के माध्यम से करने पर ही अपील स्वीकार होगी। अनुसूचित जाति/जनजाति, निःशक्त (दिव्यांग), महिला, तृतीय लिंग, राज्य के सेवानिवृृत्त सैनिक, राज्य के सेवानिवृृत्त अग्निवीर सैनिक, नक्सलवाद से प्रभावित व्यक्ति के प्रकरणों में अपील शुल्क रूपये 2500 का भुगतान करना होगा।

(3) अपील शुल्क विभाग के प्राप्ति शीर्ष (0852-उद्योग, 08-उपभोक्ता उद्योग, 800-अन्य प्राप्तियां, 0674-अन्य प्राप्तियां) में ऑनलाईन/चालान के माध्यमसे जमा कर, पावती अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जावेगा।

(4) अपीलीय अधिकारी द्वारा तथ्यों के आधार पर तथा अपीलार्थी को अपना पक्ष रखने का एक अवसर प्रदान करते हुये अपील प्रकरण का निराकरण किया जावेगा । (1) औद्योगिक इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक अथवा अंतिम प्रतिपूर्ति/अनुदान स्वीकृति दिनांक, जो पश्चातवर्ती हो से 05 वर्ष तक उद्योग चालू रखते हुए, निर्धारित प्रतिशत अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य होगा। (2) वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से 05 वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक, जो पश्चातवर्ती हो तक उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग की लिखित पूर्वानुमति के बिना इकाई के फैक्ट्री स्थल में कोई परिवर्तन नहीं किया जावेगा, फैक्ट्री का कोई भाग अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा तथा ना ही स्वामित्व परिवर्तन किया जा सकेगा तथा फैक्ट्री के अधोसंरचना तथा स्थायी परिसम्पतियों में कोई सारवान परिवर्तन नहीं किया जावेगा।

(3) औद्योगिक इकाई द्वारा उपाबंध-1 मेें प्रस्तुत शपथ-पत्र का पालन किया जायेगा। राज्य शासन, भारसाधक सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, उद्योग आयुक्त/ संचालक उद्योग किसी भी अभिलेख को बुला सकेंगे तथा नियमानुसार उचित आदेश पारित कर सकेंगे, परन्तु प्रतिपूर्ति को निरस्त करने या उसमें परिवर्तन के पूर्व प्रभावित पक्ष को सुनवाई का अवसर अवश्य दिया जावेगा। स्वयं के निर्णय की समीक्षा भी राज्य शासन, भारसाधक सचिव, उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग कर सकेंगे। इन नियमों के अन्तर्गत कार्यकारी निर्देश जारी करने, आवेदन पत्र, निरीक्षण/परीक्षण प्रतिवेदन के प्रारूप में संशोधन हेतु उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग सक्षम होंगे एवं अनुदान से संबंधित किसी मुद्‌दे पर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों द्वारा मार्गदर्शन मांगे जाने पर उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग द्वारा मार्गदर्शन दिया जावेगा। इन नियमों की व्याख्या, प्रतिपूर्ति की पात्रता या अन्य विवाद की दशा में राज्य शासन का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा। नीति में संशोधन किये जाने की स्थिति में उक्त संशोधन इन नियमों में यथास्थिति लागू होंगे। इन नियमों के अलग-अलग भाषाओं में संस्करण जारी करने हेतु उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग सक्षम होंगे।इस नियम के तहत जारी हिंदी संस्करण मुख्य संस्करण होगी, जो अलग-अलग भाषाओ में जारी संस्करणों के बीच विसंगति होने पर प्रभावी रहेगा। इन नियमों के अन्तर्गत कोई वाद होने पर राज्य के न्यायालय में ही वाद दायर किया जा सकेगा। [नियम 5(1)(क)] (न्यूनतम 50 रू. के नान-ज्युडिशियल स्टाम्प पर नोटराईज्ड)

1. यह शपथपूर्वक घोषित किया जाता है कि :-

1.1 औद्योगिक विकास नीति 2024-30 एवं छत्तीसगढ निर्यात हेतु प्रमाण पत्र व्यय प्रतिपूर्ति अनुदान नियम, 2024 का पूर्णतः अध्ययन कर लिया है एवं इसके सभी प्रावधानों का पालन औद्योगिक इकाई द्वारा किया जावेगा । 1.2 आवेदन पत्र में दी गई जानकारी एवं आवेदन पत्र के साथ संलग्न स्व-प्रमाणित अभिलेख पूर्ण रूप से सही है।

1.3 औद्योगिक इकाई के संचालन हेतु केन्द्र/राज्य के संबंधित विभागों से अनुमति/सम्मति/अनुज्ञा प्राप्त कर लिया गया है।

2. यह भी कि इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से 05 वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक, जो पश्चात्‌वर्ती हो, तक उत्पादनरत्‌ रहते हुए अकुशल, कुशल एवं प्रबंधकीय/प्रशासकीय वर्ग में न्यूनतम क्रमशः 100 प्रतिशत, 70 प्रतिशत एवं 40 प्रतिशत रोजगार राज्य के मूल निवासियों को दिया जाता रहेगा। 3. यह भी कि इकाई द्वारा भारत सरकार/राज्य शासन के अन्य किसी विभाग/निगम/ मंडल/संस्था/वित्तीय संस्थाओं से निर्यात प्रमाण पत्र प्रतिपूर्ति प्राप्त नहीं किया है, न ही इस हेतु आवेदन किया है एवं न ही किया जावेगा । 4. यह भी कि उपरोक्त जानकारी गलत/त्रुटिपूर्ण/मिथ्या पाये जाने पर अन्यथा किसी भी घोषणा का उल्लंघन पाये जाने पर स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा अनुदान राशि, 12.5 प्रतिशत वार्षिक दर से साधारण ब्याज सहित, की वसूली के मांग पत्र पर उक्त राशि निर्धारित ब्याज के साथ 30 दिवसों की अवधि में वापस की जावेगी ।

औद्योगिक इकाई के अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर नाम पद औद्योगिक इकाई का नाम व पता दिनांक [नियम 5(1)(ख)] (चार्टर्ड एकाउंटेंट के लेटर हेड पर) औद्योगिक इकाई ....................................................................................................................................... जिसका पंजीकृत पता ............................................................................................ है व फैक्ट्री ......... .................................................. में स्थित है, जिसका उद्यम आकांक्षा क्रमांक .............................. दिनांक ......................... एवं वाणिज्यिक उत्पादन प्रमाण पत्र क्रमांक ............................................. दिनांक ......................... है, ने निर्यात हेतु प्रमाण पत्र क्रमांक..............................................दिनांक ............... प्राप्त किया है जिस पर दिनांक .............................. तक किया गया व्यय रूपये ....... .................(अक्षरों में) ....................................................... निम्नानुसार शपथ पूर्वक प्रमाणित किया जाता है।

क्र . निर्यात प्रमाणीकरण पर किया गया व्यय का विवरण प्रमाणन एजं सी/संस्था, े जिसे भुगतान किया गया है व्यय की गयी राशि (रू.) भुगतान की गयी राशि (रू.)
(1) (2) (3) (4) (5)
1 आवेदन शुल्क
2 अन्य व्यय

स्थान ः दिनांक :

चार्टर्ड एकाउण्टेंट का नाम व पता सील हस्ताक्षर पंजीयन पत्र क्रमांक [नियम 5(3)] 1. छत्तीसगढ निर्यात हेतु प्रमाण पत्र व्यय प्रतिपूर्ति अनुदान नियम, 2024 के नियम 5(3) में प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुये, इन नियमों के अधीन निम्नानुसार निर्यात प्रमाण पत्र व्यय प्रतिपूर्ति के भुगतान की वित्तीय स्वीकृति, एतद्‌ द्वारा, जारी की जाती है :-

1- औद्योगिक इकाई का नाम व पता -

2- उद्योग का स्वरूप-

3- औद्योगिक इकाई का संगठन-

4- उद्यमी का वर्ग-

5- उत्पादन प्रमाण पत्र क्रमांक -

6- उत्पाद व वार्षिक उत्पादन क्षमता-

7- वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने का दिनांक-

8- औद्योगिक इकाई का कार्यस्थल (स्थान, विकास खंड व जिला )-

9- निर्यातप्रमाण पत्र क्रमांक व दिनांक-

10- निर्यात प्रमाण पत्र प्रतिपूर्ति पर किया गया अनुमोदित व्यय-

11- स्वीकृत प्रतिपूर्ति/अनुदान राशि (अंकों व अक्षरों में)-

2. यह राशि वित्तीय वर्ष- ......................... के बजट शीर्ष मांग संख्या- ..................................... में विकलनीय होगी।

3. यह स्वीकृति इन शर्तों के अधीन है कि औद्योगिक इकाई को छत्तीसगढ निर्यात हेतु प्रमाण पत्र व्यय प्रतिपूर्ति अनुदान नियम, 2024 के समस्त प्रावधानों का पालन करना होगा, किसी उल्लंघन पर स्वीकृति आदेश निरस्त किया जावेगा।

Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 25 February 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-02-25.166/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-02-25.166.