वाणिज्य एवं उद्योग विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 25 फरवरी 2025
अधिसूचना
क्रमांक RULE-5/5/2025/COMM.&INDUS. - राज्य शासन, एतद् द्वारा, औद्योगिक विकास नीति 2024-30 की कंडिका (12.5) के क्रमांक 14 के क्रियान्वयन हेतु निम्नानुसार नियम निर्मित करता है, अर्थात-
नियम
1. नाम एवं विस्तार -
(1) ये नियम छत्तीसगढ उद्योग रोजगार अनुदान नियम, 2024 कहे जावेंगे। (2) ये नियम छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवृत्त होंगे।
2. प्रभावी दिनांक-
ये नियम राजपत्र में प्रकाशन के दिनांक से प्रभावी होंगे।
3. परिभाषाएँ -
(1) जब तक संदर्भ से अन्यथा अभिप्रेत हो, इन नियमों में, -
(क) नीति से अभिप्रेत है, औद्योगिक विकास नीति 2024-30। (ख) अनुदान हेतु पात्र कर्मचारी से अभिप्रेत है, नीति अनुसार परिभाषित दिव्यांग (निःशक्त), सेवानिवृत्त अग्निवीर व आत्मसमर्पित नक्सली ।
(2) अन्य प्रयुक्त शब्दों हेतु वही परिभाषाएं लागू होंगी जो नीति के परिशिष्ट-1 में उल्लेखित हैं।
4. पात्रता -
(1) नीति के परिशिष्ट-3 अन्तर्गत अपात्र उद्यमों को छोड़कर सूक्ष्म, लघु, मध्यम, वृहद सेवा उद्यम के नवीन इकाईयों तथा सूक्ष्म, लघु, मध्यम, वृहद विनिर्माण उद्यम के नवीन/विद्यमान इकाईयों (नीति के परिशिष्ट-5 के अन्तर्गत कोर सेक्टर उद्यम सहित) तथा नीति के अन्तर्गत पात्र बंद एवं बीमार उद्यमों को भी अनुदान की पात्रता होगी।
(2) पात्र नवीन एवं विद्यमान उद्यम वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के पश्चात ही अनुदान के लिये आवेदन कर सकेंगे।
(3) उद्यम में कार्यरत अनुदान हेतु पात्र कर्मचारी का कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।
(4) इन नियमों के अन्तर्गत अनुदान नीति के प्रवृत्त रहने की अवधि के रोजगार के संदर्भ में ही प्रदान की जाएगी।
परंतु नीति के प्रवृत्त रहने की अवधि में वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने वाले उद्यम को, वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से 5 वर्ष की अवधि तक इन नियमों के अंतर्गत अनुदान प्रदान की जायेगी। (5) दिनांक 1 नवम्बर 2024 के पूर्व जिन उद्यमों में अनुदान हेतु पात्र कर्मचारी को स्थायी रोजगार में रखा गया है, उन्हें पात्रता नहीं होगी किन्तु इस तिथि के ऐसे कर्मचारियों के संदर्भ में बढ़ायी गई स्थायी रोजगार की संख्या पर अनुदान की पात्रता होगी।
अनुदान स्वीकृति दिनांक, जो पश्चातवर्ती हो, तक इकाई द्वारा उत्पादनरत् रहते हुए
अकुशल, कुशल एवं प्रबंधकीय/प्रशासकीय वर्ग में न्यूनतम क्रमशः 100 प्रतिशत, 70 प्रतिशत एवं 40 प्रतिशत रोजगार राज्य के मूल निवासियों को दिया जाना अनिवार्य होगा। (7) दावा किये गये अनुदान हेतु पात्र कर्मचारियों के विरूद्व, इकाई द्वारा भारत सरकार/राज्य शासन के किसी विभाग/निगम/मंडल/ संस्था/वित्तीय संस्थाओं से, इन नियमों से भिन्न कोई रोजगार अनुदान प्राप्त किये जाने पर, इन नियमों के अंतर्गत अनुदान की पात्रता नहीं होगी। (8) किसी एक उद्यम को अधिकतम 5 वित्तीय वर्ष में इन नियमों के तहत अनुदान प्रदान की जा सकेगी।
पात्र औद्योगिक इकाईयों को नीति में प्रावधानित अनुसार रोजगार अनुदान दिया जावेगा।
(1) पात्र उद्यमों को निम्नांकित आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाईन आवेदन करना होगा। (क) कर्मचारी की पात्रता से संबंधित सक्षम अधिकारी का प्रमाण पत्र । (ख) नियुक्ति आदेश की प्रतियां मय फोटोग्राफ। (ग) के अनुसार निर्धारित प्रारूप पर नोटराईज्ड शपथ पत्र। (घ) अनुसार वित्तीय वर्ष में भुगतान किये गये वेतन से संबंधित पत्रक। (ड़) कर्मचारी हेतु EPFO कार्यालय से प्राप्त यूनिवर्सल अकाउंट नम्बर संबंधी प्रमाण पत्र।
(2) आवेदन/संलग्न दस्तावेजों में त्रुटि/कमी होने पर आवेदन प्राप्ति से 15 दिवस के भीतर इकाई को कमीपूर्ति हेतु वापस किया जायेगा। कमीपूर्ति हेतु वापस किये गये दिनांक से 30 दिवस तक कमीपूर्ति कर पुनः प्रस्तुत न करने की स्थिति में ऑनलाईन आवेदन स्वतः निरस्त हो जायेगा। पूर्ण आवेदन प्रस्तुत करने के दिनांक से 30 दिवस के भीतर निर्णय लिया जाना आवश्यक होगा।
(3) किसी वित्तीय वर्ष में नियोजित रोजगार के संदर्भ में आगामी वित्तीय वर्ष के प्रथम छः माह के भीतर आवेदन प्रस्तुत करना होगा।
(4) सूक्ष्म तथा लघु विनिर्माण/सेवा उद्यम के प्रकरणों में मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा परीक्षण उपरांत नियमानुसार होने पर अनुसार स्वीकृति आदेश जारी किया जावेगा तथा नियमानुसार न होने
पर निरस्तीकरण आदेश जारी किया जावेगा । मध्यम तथा वृहद विनिर्माण/सेवा उद्यम के प्रकरणों में उद्योग संचालनालय, द्वारा ऑनलाईन आवेदन का परीक्षण एवं अभिमत हेतु संबंधित जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र को प्रेषित किया जायेगा। मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा अभिमत के साथ प्रकरण उद्योग संचालनालय को प्रेषित किया जायेगा। नियमानुसार होने पर अनुसार स्वीकृति आदेश जारी किया जावेगा तथा नियमानुसार न होने पर निरस्तीकरण आदेश जारी किया जावेगा। (5) स्वीकृति आदेश जारी होने के पश्चात् उद्योग संचालनालय द्वारा इस अनुदान मद के बजट का आबंटन जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों से प्राप्त मांग के आधार पर बजट उपलब्ध होने पर किया जावेगा।
(6) बजट आंबटन उपलब्ध होने पर ही जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा उद्यम को स्वीकृत अनुदान की राशि वितरित की जावेगी। अनुदान का वितरण उद्यम को
अनुदान स्वीकृति के दिनांक के क्रम में किया जावेगा। अनुदान की राशि नकद में नहीं दी जावेगी।
(7) बजट आबंटन उपलब्ध न होने के कारण अनुदान देने में विलंब होने पर इसका कोई दायित्व विभाग का नहीं होगा।
(1) यदि यह पाया जाता है कि उद्यम द्वारा कोई तथ्य छुपाये गये हैं या तथ्यों को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया है और इस प्रकार गलत तरीके से अनुदान प्राप्त किया गया है तो अनुदान की पूर्ण राशि, 12.5 प्रतिशत वार्षिक दर से साधारण ब्याज सहित, वसूली योग्य होगी व यह वसूली भू-राजस्व के बकाया की वसूली के अनुसार की जा सकेगी।
(2) अनुदान स्वीकृतकर्ता प्राधिकारी को यह अधिकार होगा कि स्वत्व स्वीकृत होने के पश्चात भविष्य में नियमानुसार नहीं पाये जाने पर अनुदान का स्वीकृति आदेश निरस्त कर सकें एवं उपरोक्तानुसार ब्याज सहित अनुदान की वसूली के लिए आदेश जारी कर सकें।
(3) उद्योग में वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से न्यूनतम 5 वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक, जो पश्चातवर्ती हो, तक इकाई द्वारा उत्पादनरत् रहते हुए राज्य के मूल निवासियों को नियमानुसार रोजगार दिया जाना होगा, अन्यथा अनुदान, उपरोक्तानुसार ब्याज सहित, वसूली योग्य होगा।
(4) उद्यम द्वारा राज्य के मूल निवासियों को निर्धारित प्रतिशत में रोजगार उपलब्ध कराने के पश्चात यदि बाद में विधि विरूद्व तरीके से रोजगार से वंचित किया जाता है व इस कारण अकुशल, कुशल व प्रबंधकीय वर्ग में दिये जाने वाले रोजगार का प्रतिशत नियमानुसार कम हो जाता है तो अनुदान की राशि, उपरोक्तानुसार ब्याज सहित वसूल की जा सकेगी/अन्य देय अनुदानों में समायोजित की जा सकेगी।
(1) मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के किसी आदेश के विरूद्ध उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग, उद्योग संचालनालय को तथा उद्योग संचालनालय के किसी आदेश के विरूद्ध राज्य शासन को अपील की जा सकेगी । (2) किसी आदेश के जारी होने के 45 दिवस के भीतर, उक्त आदेश के विरूद्व अपील की जा सकेगी।
(3) सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के प्रकरण में अपील शुल्क रूपये 2000 तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से भिन्न प्रकरणों में रूपये 5000 का भुगतान करने पर ही अपील स्वीकार होगी।
परंतु अनुसूचित जाति/जनजाति/दिव्यांग/महिला उद्यमी/भूतपूर्व सैनिक/ सेवानिवृत्त अग्निवीर/नक्सल प्रभावितों/आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के प्रकरण में अपील शुल्क रूपये 1000 तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से भिन्न प्रकरणों में रूपये 2500 का भुगतान किया जाना होगा।
(4) अपील शुल्क विभाग के प्राप्ति शीर्ष (0852-उद्योग, 08-उपभोक्ता उद्योग, 800-अन्य प्राप्तियां, 0674-अन्य प्राप्तियां) में ऑनलाईन/चालान के माध्यम से जमा कर, पावती अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जावेगा।
(5) अपीलीय अधिकारी द्वारा तथ्यों के आधार पर तथा प्रभावित पक्षकारों को अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान करते हुये अपील प्रकरण का निराकरण किया जावेगा । कार्यकारी निर्देश जारी करने हेतु उद्योग आयुक्त/उद्योग संचालक सक्षम होंगे एवं इन नियमों से संबंधित किसी मुद्दे पर मार्गदर्शन मांगे
जाने पर उद्योग आयुक्त /संचालक उद्योग, उद्योग संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया जा सकेगा।
इन नियमों की व्याख्या, अनुदान की पात्रता या अन्य किसी विवाद की दशा में राज्य शासन का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा। इन नियमों के अलग-अलग भाषाओं में संस्करण जारी करने हेतु उद्योग आयुक्त/ संचालक उद्योग सक्षम होंगे। किसी विवाद की दशा में हिंदी संस्करण मान्य होगा। राज्य शासन द्वारा नीति में संशोधन किये गये जाने की स्थिति में उक्त संशोधन इन
नियमों में यथा-स्थिति लागू होंगे।
(नियम 6 (1) (ग) देखें)
(न्यूनतम 50 रू. के नान-ज्युडिशियल स्टाम्प पर नोटराईज्ड)
1. यह शपथपूर्वक घोषित किया जाता है कि :-
1.1 औद्योगिक विकास नीति 2024-30 एवं छत्तीसगढ उद्योग रोजगार अनुदान नियम, 2024 का पूर्णतः अध्ययन कर लिया है एवं इसके सभी प्रावधानों का पालन औद्योगिक इकाई द्वारा किया जावेगा।
1.2 आवेदन पत्र में दी गई जानकारी एवं आवेदन पत्र के साथ संलग्न स्व-प्रमाणित अभिलेख पूर्ण रूप से सही है।
1.3 औद्योगिक इकाई के संचालन हेतु केंद्र/राज्य के संबंधित विभागों से अनुमति/सम्मति/अनुज्ञा प्राप्त कर लिया गया है।
2. यह भी कि इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से 05 वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक, जो पश्चात्वर्ती हो, तक उत्पादनरत् रहते हुए अकुशल, कुशल एवं प्रबंधकीय/प्रशासकीय वर्ग में न्यूनतम क्रमशः 100 प्रतिशत, 70 प्रतिशत एवं 40 प्रतिशत रोजगार राज्य के मूल निवासियों को दिया गया है। 3. यह भी कि इकाई द्वारा भारत सरकार/राज्य शासन के किसी विभाग/निगम/ मंडल/संस्था/वित्तीय संस्थाओं से, दिव्यांग (निःशक्त), सेवानिवृत्त अग्निवीर व आत्मसमर्पित नक्सली कर्मचारियों के संबंध में, उपरोक्त नियमों से भिन्न कोई रोजगार अनुदान प्राप्त नहीं किया है, न ही इस हेतु आवेदन किया है एवं न ही किया जावेगा।
4. यह भी कि उपरोक्त जानकारी गलत/त्रुटिपूर्ण/मिथ्या पाये जाने पर अन्यथा किसी भी घोषणा का उल्लंघन पाये जाने पर स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा अनुदान राशि, 12.5 प्रतिशत वार्षिक दर साधारण ब्याज सहित, की वसूली के मांग पत्र पर प्राप्त अनुदान की राशि, निर्धारित ब्याज के साथ, 30 दिवसों की अवधि में वापस की जावेगी।
औद्योगिक इकाई के अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर नाम पद औद्योगिक इकाई का नाम व पता दिनांक (नियम 6 (1) (घ)देखें)
| क्र. | कर्मचारी का नाम व पता | पात्रता श्रेणी (दिव्यांग, सेवानिवृत्त अग्निवीर व आत्मसमर्पित नक्सली) | श्रेणी (कुशल/ अकुशल/ प्रबंधकीय) | EPFO कार्यालय से प्राप्त यूनिवर्सल अकाउंट न. | शुद्ध मासिक वेतन | कार्यरत् अवधि | वित्तीय वर्ष का शुद्ध वेतन | ||
| कर्मचारी का मासिक मूल वेतन | महंगाई भत्ता | योग | |||||||
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) | (6) | (7) | (8) | (9) | (10) |
संलग्न - छः माह में भुगतान किया गया वेतन के प्रमाण स्वरूप सत्यापित दस्तावेज
औद्योगिक इकाई के अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर नाम पद औद्योगिक इकाई का नाम व पता दिनांक
(नियम 6 (4) देखें)
1. के नियम 6 में प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुये, इन नियमों के अधीन निम्नानुसार अनुदान के भुगतान की वित्तीय स्वीकृति, एतद् द्वारा, जारी की जाती है ।
(1) औद्योगिक इकाई का नाम व पता - (2) उद्योग का स्वरूप (नवीन/विद्यमान) -
(3) उद्यमी का वर्ग -
(4) उत्पाद व वार्षिक उत्पादन क्षमता -
(5) वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने का दिनांक -
(6) औद्योगिक इकाई का कार्यस्थल (स्थान, विकास खंड व जिला) - (7) अनुदान हेतु पात्र कर्मचारियों को छःमाह में दिया गया शुद्ध वेतन - (8) स्वीकृत अनुदान राशि (अंकों व अक्षरों में) -
2. यह राशि वित्तीय वर्ष- ................. के बजट शीर्ष ................. में विकलनीय होगी। 3. यह स्वीकृति इन शर्तों के अधीन है कि औद्योगिक इकाई को के समस्त प्रावधान का पालन करना होगा, उल्लंघन पर
स्वीकृति आदेश निरस्त किया जावेगा ।
मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र/ अपर संचालक/संयुक्त संचालक/संचालक उद्योग संचालनालय, छत्तीसगढ़