वाणिज्य एवं उद्योग विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 25 फरवरी 2025
अधिसूचना
क्रमांक GENS-1103/3/2025/COMM.&INDUS. - राज्य शासन, एतद् द्वारा, औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में औद्योगिक निवेश हेतु आर्थिक प्रोत्साहन के तहत्े ई.पी.एफ. प्रतिपूर्ति क्रियान्वित करने के लिये निम्नानुसार नियम निर्मित करता है, अर्थात :-
नियम 1. नाम एवं विस्तार -
(1) ये नियम छत्तीसगढ़ ई.पी.एफ. प्रतिपूर्ति नियम, 2024 कहे जावेंगे। (2) ये नियम छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवृत्त होंगे।
2. प्रभावी दिनांक -
ये नियम राजपत्र में प्रकाशन के दिनांक से प्रभावी होंगे।
3. परिभाषाएं -
(1) जब तक संदर्भ से अन्यथा अभिप्रेत हो, इन नियमों में, - (क) नीति से अभिप्रेत है, औद्योगिक विकास नीति 2024-30। (2) अन्य प्रयुक्त शब्दों हेतु वही परिभाषाएं लागू होंगी जो औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के परिशिष्ट-1 में उल्लेखित हैं।
4. पात्रता-
(1) पात्र उद्यमों में नियोजित छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों के ई.पी.एफ. में नियोक्ता का अंशदान/अभिदाय राशि की प्रतिपूर्ति (नीति के परिशिष्ट- 3 पर दर्शित अपात्र उद्यमों की सूची को छोड़कर) नीति में प्रावधानित अनुसार प्रदान किया जावेगा।
(2) विद्यमान उद्यमों के विस्तार/शवलीकरण/प्रतिस्थापन/आधुनिकीकरण के प्रकरणों मेें, विद्यमान उद्यमों के विस्तार/शवलीकरण/प्रतिस्थापन/आधुनिकीकरण अंतर्गत इकाई द्वारा प्रदत्त नये रोजगार (संख्यात्मक वृध्दि) में से राज्य के कर्मचारियों के अंशदान पर ही ई.पी.एफ. प्रतिपूर्ति की पात्रता होगी।
(3) पात्र नवीन एवं विद्यमान उद्यम वाणिज्यिक उत्पादन या सेवा गतिविधि प्रारंभ करने के पश्चात ही अनुदान के लिये आवेदन कर सकेंगे।
(4) इन नियमों के अन्तर्गत अनुदान नीति के प्रवृत्त रहने की अवधि के रोजगार के संदर्भ में ही प्रदान की जाएगी।
गतिविधि प्रारंभ करने वाले उद्यम को, वाणिज्यिक उत्पादन या सेवा गतिविधि
प्रारंभ करने के दिनांक से 5 वर्ष की अवधि तक इन नियमों के अंतर्गत अनुदान प्रदान की जायेगी।
(5) उद्योग में वाणिज्यिक उत्पादन या सेवा गतिविधि प्रारंभ करने के दिनांक से न्यूनतम 5 वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक, जो पश्चातवर्ती हो, तक इकाई द्वारा उत्पादनरत् रहते हुए अकुशल, कुशल एवं प्रबंधकीय/प्रशासकीय वर्ग में न्यूनतम क्रमशः 100 प्रतिशत, 70 प्रतिशत एवं 40 प्रतिशत रोजगार राज्य के मूल निवासियों को दिया जाना अनिवार्य होगा।
(6) दावा किये गये अनुदान हेतु पात्र कर्मचारियों के विरूद्व, इकाई द्वारा भारत सरकार/राज्य शासन के किसी विभाग/निगम/मंडल/ संस्था/वित्तीय संस्थाओं से, इन नियमों से भिन्न कोई ई.पी.एफ. प्रतिपूर्ति अनुदान प्राप्त किये जाने पर, इन नियमों के अंतर्गत अनुदान की पात्रता नहीं होगी।
(7) किसी एक उद्यम को अधिकतम 5 वित्तीय वर्ष में इन नियमों के तहत अनुदान प्रदान की जा सकेगी।
(1) पात्र इकाईयों को निम्नांकित आवश्यक दस्तावेजों के साथ विभागीय वेबसाईट में ऑनलाईन आवेदन करना होगा- (क) में निर्धारित प्ररूप में शपथ पत्र। (ख) में निर्धारित प्ररूप में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को भुगतान की गई नियोक्ता अंशदान/अभिदाय संबंधी प्रमाण पत्र। (ग) में निर्धारित प्ररूप में इकाई में कार्यरत छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों की सूची।
(2) आवेदन अंतर्गत दावा केवल छः माही आधार पर अगले 06 माह के भीतर प्रस्तुत किया जाना आवश्यक होगा।
(3) अपूर्ण/त्रुटिपूर्ण आवेदन की स्थिति में प्रकरण में कमियों को एक साथ बताते हुए आवेदन प्राप्ति दिनांक से 15 दिवस के भीतर कमीपूर्ति हेतु वापस किए जायेंगे। इकाई द्वारा 30 दिवस की अवधि में प्रकरण की कमियाँ पूर्ण न होने पर अपूर्ण प्रकरण स्वमेव निरस्त मान्य होगा।
(4) प्रकरण पूर्ण एवं नियमानुसार होने पर निर्धारित प्रारूप में स्वीकृति आदेश आयुक्त/संचालक उद्योग, उद्योग संचालनालय द्वारा जारी किया जावेगा। पूर्ण आवेदन प्रस्तुत करने के दिनांक से 30 दिवस के भीतर अनुदान की पात्रता संबंधी निर्णय लिया जाना आवश्यक होगा तथा किसी लेखबद्व कारणों से, संचालक उद्योग की अनुमति से, इकाई का स्थल निरीक्षण किया जा सकेगा।
(5) आवेदन के नियमानुसार न होने/अपूर्ण होने पर निरस्तीकरण आदेश जारी किया जावेगा, जिसमें के निरस्तीकरण का कारण एवं अपील के प्रावधान का भी स्पष्ट उल्लेख करना होगा।
(6) उद्योग संचालनालय द्वारा ई.पी.एफ. प्रतिपूर्ति का वितरण स्वीकृति के क्रम में बजट उपलब्ध होने पर किया जावेगा।
(7) बजट आबंटन के अभाव में प्रतिपूर्ति की राशि देने में विलंब होने पर विभाग का कोई दायित्व नहीं होगा, न ही प्रतिपूर्ति राशि पर ब्याज देय होगा।
(1) प्रतिपूर्ति की राशि औद्योगिक इकाई को स्वीकृत/वितरित हो जाने के पश्चात यदि यह पाया जाता है कि औद्योगिक इकाई द्वारा कोेई तथ्य छुपाये गए हैं, तथ्यों को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया है या सही जानकारी प्रस्तुत नहीं की गयी है व इस प्रकार गलत तरीके से प्रतिपूर्ति प्राप्त किया गया है तो प्रतिपूर्ति की राशि, 12.5 प्रतिशत वार्षिक दर से साधारण सहित, भू-राजस्व के बकाया की भांति वसूल की जा सकेगी/अन्य देय अनुदानों में समायोजित की जा सकेगी। (2) औद्योगिक इकाई द्वारा राज्य के मूल निवासियों को निर्धारित प्रतिशत में रोजगार उपलब्ध कराने के पश्चात यदि बाद में रोजगार से वंचित किया जाता है व इस कारण अकुशल, कुशल व प्रबंधकीय वर्ग में दिये जाने वाले रोजगार का प्रतिशत नीति में निर्धारित प्रतिशत से कम हो जाता है तो प्रतिपूर्ति की राशि संबंधित स्वत्व को निरस्त कर वसूली की जा सकेगी।
(3) उद्योग संचालनालय/जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा अनुदान से संबंधित या कोई जानकारी/अभिलेख मांगे जाने पर औद्योगिक इकाई द्वारा न दी जाये, तो प्रतिपूर्ति की राशि संबंधित स्वत्व को निरस्त कर वसूली की जा सकेगी।
(4) यदि औद्योगिक इकाई को पात्रता से अधिक प्रतिपूर्ति प्रदाय की गयी हो, अधिक प्रतिपूर्ति की राशि संबंधित स्वत्व को निरस्त कर वसूली की जा सकेगी। (5) उपर्युक्त अनुसार यथास्थिति निरस्त/अधिक दिये गये प्रतिपूर्ति की राशि की वसूली के आदेश आयुक्त/संचालक उद्योग, उद्योग संचालनालय द्वारा जारी किये जायेंगे। (1) आयुक्त/संचालक उद्योग, उद्योग संचालनालय द्वारा जारी किसी आदेश के विरूद्ध अपील भार-साधक सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के समक्ष की जा सकेगी।
(2) अपील शुल्क रूपये 5000 का भुगतान ऑनलाईन/चालान के माध्यम से करने पर ही अपील स्वीकार होगी। अनुसूचित जाति/जनजाति, निःशक्त (दिव्यांग), महिला, तृतीय लिंग, राज्य के सेवानिवृृत्त सैनिक, राज्य के सेवानिवृृत्त अग्निवीर सैनिक, नक्सलवाद से प्रभावित व्यक्ति के प्रकरणों में अपील शुल्क रूपये 2500 का भुगतान करना होगा। (3) अपील शुल्क विभाग के प्राप्ति शीर्ष (0852-उद्योग, 08-उपभोक्ता उद्योग, 800-अन्य प्राप्तियां, 0674-अन्य प्राप्तियां) में ऑनलाईन/चालान के माध्यम से जमा कर, पावती अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जावेगा।
(4) अपीलीय अधिकारी द्वारा तथ्यों के आधार पर तथा प्रभावित पक्षकार को अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान करते हुये अपील प्रकरण का निराकरण किया जावेगा ।
(1) औद्योगिक इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक अथवा
अंतिम प्रतिपूर्ति/अनुदान स्वीकृति दिनांक, जो पश्चातवर्ती हो से 05 वर्ष तक उद्योग चालू रखते हुए, निर्धारित प्रतिशत अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य होगा।
(2) वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से 05 वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक, जो पश्चातवर्ती हो तक उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग की लिखित पूर्वानुमति के बिना इकाई के फैक्ट्री स्थल में कोई परिवर्तन नहीं किया जावेगा, फैक्ट्री का कोई भाग अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा तथा ना ही स्वामित्व परिवर्तन किया जा सकेगा तथा फैक्ट्री के अधोसंरचना तथा स्थायी परिसम्पतियों में कोई सारवान परिर्वतन नहीं किया जावेगा।
राज्य शासन, भारसाधक सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग किसी भी अभिलेख को बुला सकेंगे तथा नियमानुसार उचित आदेश पारित कर सकेंगे, परन्तु प्रतिपूर्ति को निरस्त करने या उसमें परिवर्तन के पूर्व प्रभावित पक्ष को सुनवाई का एक अवसर अवश्य दिया जावेगा। स्वयं के निर्णय की समीक्षा भी राज्य शासन, भारसाधक सचिव, उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग कर सकेंगे।
नियम के अन्तर्गत कार्यकारी निर्देश जारी करने, आवेदन पत्र, निरीक्षण/परीक्षण प्रतिवेदन के प्ररूप के निर्माण एवं संशोधन हेतु उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग सक्षम होंगे एवं अनुदान से संबंधित किसी मुद्दे पर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों द्वारा मार्गदर्शन मांगे जाने पर उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग द्वारा मार्गदर्शन दिया जावेगा।
नियमों की व्याख्या, प्रतिपूर्ति की पात्रता या अन्य विवाद की दशा में राज्य शासन का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा।
नीति में संशोधन किये जाने की स्थिति में उक्त संशोधन इस अधिसूचना में
यथास्थिति लागू होंगे।
इस नियम के अलग-अलग भाषाओं में संस्करण जारी करने हेतु उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग सक्षम होंगे। इस नियम के तहत जारी हिंदी संस्करण मुख्य संस्करण होगी, जो अलग-अलग भाषाओ में जारी संस्करणों के बीच विसंगति होने पर प्रभावी रहेगा।
इस योजना के अन्तर्गत कोई वाद राज्य के न्यायालय में ही दायर किया जा
सकेगा।
[नियम 5(1)(क)]
(न्यूनतम 50 रू. के नान-ज्युडिशियल स्टाम्प पर नोटराईज्ड)
1. यह शपथपूर्वक घोषित किया जाता है कि, -
1.1 औद्योगिक विकास नीति 2024-30 एवं छत्तीसगढ ई.पी.एफ. प्रतिपूर्ति नियम, 2024 का पूर्णतः अध्ययन कर लिया है एवं इसके सभी प्रावधानों का पालन औद्योगिक इकाई द्वारा किया जावेगा ।
1.2 आवेदन पत्र में दी गई जानकारी एवं आवेदन पत्र के साथ संलग्न स्व-प्रमाणित अभिलेख पूर्ण रूप से सही है।
1.3 औद्योगिक इकाई के संचालन हेतु केन्द्र/राज्य के संबंधित विभागों से अनुमति/सम्मति/अनुज्ञा प्राप्त कर लिया गया है।
2. कि, इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से 05 वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक, जो पश्चात्वर्ती हो तक, उत्पादनरत् रहते हुए अकुशल, कुशल एवं प्रबंधकीय/प्रशासकीय वर्ग में न्यूनतम क्रमशः 100 प्रतिशत, 70 प्रतिशत एवं 40 प्रतिशत रोजगार राज्य के मूल निवासियों को दिया जाता रहेगा।
4. कि, इकाई द्वारा भारत सरकार/राज्य शासन के अन्य किसी विभाग/निगम/ मंडल/संस्था/वित्तीय संस्थाओं से ई.पी.एफ. प्रतिपूर्ति प्राप्त नहीं किया है, न ही इस हेतु आवेदन किया है एवं न ही किया जावेगा ।
5. कि, उपरोक्त जानकारी गलत/त्रुटिपूर्ण/मिथ्या पाये जाने पर अन्यथा किसी भी घोषणा का उल्लंघन पाये जाने पर स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा अनुदान राशि, 12.5 प्रतिशत वार्षिक दर से साधारण ब्याज सहित, के मांग पत्र पर प्राप्त उक्त राशि 30 दिवसों की अवधि में वापस की जावेगी ।
औद्योगिक इकाई के अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर नाम पद औद्योगिक इकाई का नाम व पता दिनांक
[नियम 5(1)(ख)]
1. प्रमाणित किया जाता है कि मेसर्स............................................. प्रोपराईटर/भागीदार/ निदेशक/अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता श्री.................................... पता .................................... जिला................................. (इकाई कार्यालय का पंजीकृत पता)............................................... जिसका ई.पी.एफ.ओ. कार्यालय में पंजीकरण संख्या (Establishment ID) ......................... ........ दिनांक ........................... है। यह इकाई स्थान ................................... जिला.............. ...................... में विनिर्माण/सेवा उद्यम कार्य हेतु स्थापित है।
2. यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त इकाई द्वारा इकाई में नियमानुसार नियोजित एवं वेतन पत्रक में सम्मिलित छत्तीसगढ़ राज्य के कुशल कर्मचारियों के क्लेम अवधि दिनांक......................... से दिनांक.......................तक देय ई.पी.एफ. अभिदाय राशि रू. .................................. (शब्दों में) के विरूद्ध राशि रू. ....................... (शब्दों में) का भुगतान किया गया है एवं अकुशल कर्मचारियों के दावा अवधि दिनांक..................... .... से दिनांक.......................तक देय ई.पी.एफ. अभिदाय राशि रू. .................................. (शब्दों में) के विरूद्ध राशि रू. ....................... (शब्दों में) का भुगतान किया गया है। 3. इकाई देय राशि के भुगतान में किसी प्रकार की चूककर्ता नहीं है।
[नियम 5(1)(ग)]
विनिर्माण/सेवा उद्यम का नाम एवं पता- ................................................................. वाणिज्यिक उत्पादन प्रमाण पत्र क्रमांक एवं दिनांक .................................................. 1. छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों का विवरण (उत्पादन प्रमाण पत्र के अनुसार) -
| क्र. | कर्मचारी का नाम | पद | पदस्थाप ना का दिनांक | यूनिवर्सल एकाउण्ट न ंबर | सकल वेतन (मूल वेतन भत्ते) | नियोक्ता का ई. पी.एफ. अभिदाय राशि |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) | (6) | (7) |
2. छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों का विवरण (उत्पादन प्रमाण पत्र के अनुसार) -
| क्र. | कर्मचारी का नाम | पद | पदस्थाप ना का दिनांक | यूनिवर्सल एकाउण्ट न ंबर | सकल वेतन (मूल वेतन भत्ते) | नियोक्ता का ई. पी.एफ. अभिदाय राशि |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) | (6) | (7) |