त्तीसगढ़शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015. "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट ) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22-छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 . "
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 223]
नवारायपुर , गुरुवार, दिनांक 13 मार्च 2025- फाल्गुन 22, शक1946
छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय
रायपुर, बुधवार, दिनांक 12 मार्च, 2025 (फाल्गुन 21 , 1946)
क्रमांक-4364 /वि.स./विधान/2025. छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक, 2025 ( क्रमांक 5 सन् 2025) जो बुधवार, दिनांक 12 मार्च, 2025 को पुरःस्थापित हुआ है , को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है ।
हस्ता./-
(दिनेश शर्मा) सचिव.
445 446
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 13 मार्च 2025
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्रमांक 5 सन् 2025)
छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक , 2025 खण्ड
1. संक्षिप्त नाम , विस्तार तथा प्रारंभ.
2. परिभाषाएं .
3. सम्मान राशि की पात्रता.
4. सम्मान राशि की अपात्रता.
5. सम्मान राशि का नियतन.
6. आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की रीति.
7 . सम्मान राशि स्वीकृत करने की शक्ति तथा प्रक्रिया.
8. अभ्यावेदन.
9. सम्मान राशि के आदेश का निरस्त किया जाना.
10. नियम बनाने की शक्ति.
11. कठिनाइयाँ दूर करने की शक्ति.
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 13 मार्च 2025
446 ( 1)
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्रमांक 5 सन् 2025)
छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक , 2025
ऐसे लोकतंत्र सेनानियों को , जिन्हें 25 जून, 1975 से 31 मार्च, 1977 के अपातकाल के दौरान आंतरिक सुरक्षा अधिनियम, 1971 ( 1971 का 26) (निरसित) तथा भारत रक्षा नियम, 1971 (निरसित) के उपबंधों के अधीन विनिर्दिष्ट प्रतिबंधित गतिविधियों के लिए जेलों या पुलिस थानों में निरूद्ध किया गया था , सम्मान राशि, सुविधाएं तथा संबंधित विषयों का उपबंध करने हेतु विधेयक ।
भारत गणराज्य के छिहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधान मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो:-
1.
संक्षिप्त नाम, (1) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी सम्मान अधिनियम, 2025 कहलायेगा ।
विस्तार तथा प्रारंभ.
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में होगा ।
(3) यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा ।
परिभाषाएँ.
2. इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(क) "समिति" से अभिप्रेत है धारा 7 के अधीन गठित समितिः
(ख) "डी.आई.आर. " से अभिप्रेत है भारत रक्षा नियम, 1971 (निरसित) ;
(ग) "आपातकाल अवधि से अभिप्रेत है 25 जून, 1975 से प्रारंभ होकर 31 मार्च, 1977 तक की अवधिः
(घ) "लोकतंत्र सेनानी" से अभिप्रेत है ऐसा व्यक्ति, जो छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो और आपातकाल की अवधि के दौरान राजनैतिक और / या सामाजिक कारणों से मीसा या डी.आइ.आर. के अधीन इतनी न्यूनतम विहित अवधि तक, जैसा कि राज्य सरकार नियत करे , जेल या पुलिस थाने में निरूद्ध रहा हो; (ङ) " सम्मान राशि' से अभिप्रेत है ऐसी राशि, जो लोकतंत्र सेनानी को सम्मान के रूप में प्रदान की जाए , जैसा कि राज्य सरकार नियम द्वारा , समय -समय पर निर्धारित करे । 446 ( 2)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 13 मार्च 2025
(च) "मीसा" से अभिप्रेत है आंतरिक सुरक्षा अधिनियम , 1971 ( 1971 का 26) (निरसित ) ,
3.
सम्मान राशि की पात्रता.
निम्नलिखित व्यक्ति, अपने संपूर्ण जीवनकाल के लिए सम्मान राशि प्राप्त करने के पात्र होंगे,-
(एक) लोकतंत्र सेनानी;
(दो) दिवंगत लोकतंत्र सेनानी के पति या पत्नी को , विनिर्दिष्ट सम्मान राशि के आधे की पात्रता होगी । 4.
सम्मान राशि की अपात्रता.
निम्नलिखित व्यक्ति सम्मान राशि प्राप्त करने के लिए अपात्र होंगे:-
(एक) कोई व्यक्ति, जो सामाजिक और / या राजनीतिक कारणों से मीसा या डी.आई.आर के अधीन विशेष रूप से जेल या पुलिस थाने में निरूद्ध ना किये गये हो;
(दो) कोई व्यक्ति, जिसने सम्मान राशि व सुविधाएँ प्राप्त करने के लिए अपनी या किसी अन्य व्यक्ति का अधिकार स्थापित करने के संबंध में मिथ्या जानकारी या प्रमाण - पत्र या गलत ब्यौरे प्रस्तुत किये हों ।
सम्मान राशि का नियतन.
5. (1 ) लोकतंत्र सेनानी अथवा उसका पति या उसकी पत्नी जिला मजिस्ट्रेट या राज्य शासन द्वारा जारी स्वीकृति आदेश की तारीख से सम्मान राशि प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे ।
(2) लोकतंत्र सेनानी के अंतिम संस्कार के समय में दिया जाने वाला सम्मान, चिकित्सा एवं अन्य सुविधाएं ऐसी होंगी, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा समय- समय पर विहित किया जाए ।
6.
आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की रीति.
लोकतंत्र सेनानी, राजनैतिक या सामाजिक कारणों से जेल या पुलिस थाने में निरूद्ध रहने के प्रमाण पत्र के साथ, ऐसे प्रारूप में जैसा कि विहित किया जाए , आवेदन करेगा । जेल की दशा में, जेल अधीक्षक तथा पुलिस थाने की दशा में, जिला पुलिस अधीक्षक का प्रमाण पत्र संलग्न कर संबंधित जिला मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा ।
सम्मान राशि स्वीकृत करने की शक्ति तथा प्रक्रिया.
7. (1 ) जिला स्तर पर, सम्मान राशि की स्वीकृति के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच और आवेदक की पात्रता अथवा अपात्रता की अनुशंसा करने हेतु ऐसी समिति गठित की जाएगी, जैसा कि इस अधिनियम के अधीन निर्मित नियमों द्वारा विहित किया जाए ।
(2) समिति की अनुशंसा के आधार पर, जिला मजिस्ट्रेट द्वारा सम्मान राशि स्वीकृत या अस्वीकृत किए जाने का आदेश जारी किया जाएगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 13 मार्च 2025
446( 3) (3 ) दिवंगत लोकतंत्र सेनानी के पति या पत्नी को स्वीकृत सम्मान राशि का संदाय , उसकी मृत्यु पर स्वतः ही बंद हो जाएगा ।
(4) यदि जेल में निरूद्ध होने या जेल से छूटने का अभिलेख उपलब्ध है और जेल अधीक्षक प्रमाणित करता है कि जेल में, शेष सुसंगत अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं, तो ऐसे निरूद्ध रहने की अवधि को न्यूनतम अवधि मानकर सम्मान राशि स्वीकृत की जाएगी ।
(5) दिवंगत लोकतंत्र सेनानी के पति या पत्नी को उनकी सम्मान राशि की स्वीकृति के लिए मात्र सूचना देनी होगी, इन प्रकरणों में विहित प्रारूप में आवेदन देने की आवश्यकता नहीं है ।
8.
अभ्यावेदन.
समिति की अनुशंसाओं के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए आदेश से व्यथित कोई संबंधित व्यक्ति, आदेश की तारीख से 30 दिन के भीतर राज्य सरकार को ऐसे प्रारूप में, जैसा कि विहित किया जाए अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकेगा । राज्य सरकार , अभ्यावेदन प्राप्ति की तारीख से 45 दिन के भीतर गुणदोष के आधार पर अभ्यावेदन पर विचार करेगी और उसका विनिश्चय करेगी और राज्य सरकार का विनिश्चय अंतिम एवं संबंधित व्यक्ति पर बंधनकारी होगा ।
सम्मान राशि के आदेश का निरस्त किया जाना.
9. (1 ) इस अधिनियम के अधीन स्वीकृत सम्मान राशि का आदेश , निम्नलिखित आधारों पर रोका या निरस्त किया जा सकेगा:-
(क) लोकतंत्र सेनानी की भागीदारी या उसके पति या पत्नी द्वारा दिए गए आवेदन की दशा में, उसका नैतिक अधमता के किसी अपराध तथा राष्ट्र विरोधी
क्रियाकलापों में भाग लेना;
(ख) किसी अपराध में दण्ड;
(ग) अधिनियम के अधीन किसी अपात्रता के बाद भी सम्मान राशि प्राप्त करना;
(घ) मिथ्या जानकारी तथा मिथ्या शपथ- पत्र प्रस्तुत करना ।
(2) उप-धारा (1 ) में उल्लिखित आधारों या किसी सुसंगत शिकायत या अभ्यावेदन या स्वप्रेरणा से प्राप्त की गई सूचना के आधार पर, समिति सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर प्रदान करने के पश्चात्, उस संबंधित व्यक्ति के प्रकरण की, जिसकी सम्मान राशि स्वीकृत की गई है, जांच कर सकेगी । जिला मजिस्ट्रेट को समिति की अनुशंसा के उपरांत स्वीकृति आदेश निरस्त करने का अधिकार होगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 13 मार्च 2025
446( 4)
इस आदेश से व्यथित संबंधित व्यक्ति अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकेगा, जो धारा 8 के उपबंधों के अनुसार निराकृत किया जा सकेगा ।
(3 ) यदि कोई व्यक्ति, जो मिथ्या दस्तावेजों के आधार पर सम्मान राशि या सुविधाएं प्राप्त करता है, तो यह उससे भू- राजस्व बकाया के रूप में वसूली योग्य होगा ।
नियम बनाने की शक्ति.
10. (1 ) राज्य सरकार पूर्व प्रकाशन की शर्त के अध्यधीन, इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के प्रयोजन हेतु नियम बना सकेगी ।
(2) विशिष्टतया तथा पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित समस्त या इनमें से किन्हीं विषयों के लिए उपबंध कर सकेंगे , अर्थात्:-
(क) धारा 2 के खण्ड (घ) के अधीन जेल या पुलिस थाने में निरूद्ध रहने की न्यूनतम कालावधि;
(ख) धारा 5 की उप- धारा (2) के अधीन अंतिम संस्कार के समय सम्मान , चिकित्सीय एवं अन्य सुविधाएँ;
(ग) धारा 6 के अधीन सम्मान राशि प्रदान करने के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले आवेदन पत्र का प्ररूप;
(घ) धारा 7 की उप- धारा (1 ) के अधीन गठित की जाने वाली समिति का स्वरूप ;
(ङ) धारा 8 के अधीन प्रस्तुत किए जाने वाले अभ्यावेदन का प्ररूप;
(च ) कोई अन्य विषय , जो कि विहित किया गया हो
या समय-समय पर निर्धारित किया जाए ।
(3) इस अधिनियम के अधीन निर्मित प्रत्येक नियम विधान सभा के समक्ष रखा जाएगा ।
11. (1 )
कठिनाइयाँ दूर करने की शक्ति.
इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने में यदि कोई कठिनाई उद्भूत होती है, तो राज्य सरकार, राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा , इस अधिनियम की भावना और आशय से असंगत न हो, ऐसे उपबंध कर सकेगी जैसे कि कठिनाई को दूर करने के लिए उसे आवश्यक या समीचीन प्रतीत हों:
परन्तु ऐसा कोई आदेश इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तारीख से दो वर्ष के अवसान के पश्चात् नहीं किया जाएगा ।
(2) इस धारा के अधीन किया गया प्रत्येक आदेश, इसके निर्मित किए जाने के पश्चात्, यथाशक्य शीघ्र विधान सभा के समक्ष रखा जाएगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 13 मार्च 2025
446(5) उद्देश्यों और कारणों का कथन
यतः , अपातकाल दिनांक 25 जून, 1975 से 31 मार्च, 1977 के दौरान लोकतंत्र सेनानियों को आंतरिक सुरक्षा अधिनियम , 1971 (क्र. 26 का 1971 ) अथवा डिफेन्स ऑफ इंडिया रूल्स, 1971 ( निरसित) के उपबंधों के अधीन विनिर्दिष्ट प्रतिबंधित गतिविधियों के लिए जेलों या पुलिस थानों में निरूद्ध किया गया था, सम्मान राशि, सुविधाएँ तथा संबंधित विषयों के उपबंध करने का विनिश्चय किया है । तद्नुसार, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लोकनायक जयप्रकाश नारायण ( मीसा / डी.आई.आर राजनैतिक या सामाजिक कारणों से निरूद्ध व्यक्ति ) सम्मान निंधि नियम , 2008 बनाए गए थे और छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) , दिनांक 05 अगस्त, 2008 में प्रकाशित किए गए थे । अब राज्य सरकार ने उक्त नियमों के स्थान पर एक अधिनियम अधिनियमित करने का विनिश्चय किया है ।
2.
अतः यह विधेयक प्रस्तुत है ।
विष्णुदेव साय रायपुर,
दिनांक 04 मार्च , 2025
मुख्यमंत्री
(भारसाधक सदस्य) "संविधान के अनुच्छेद 207 (1 ) के अधीन राज्यपाल द्वारा अनुशंसित " 446 (6)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 13 मार्च 2025
वित्तीय ज्ञापन
: प्रस्तावित छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक, 2025 पूर्व प्रचलित लोकनायक जयप्रकाश नारायण ( मीसा /डीआईआर राजनैतिक या सामाजिक कारणों से निरूद्ध व्यक्ति) सम्मान निधि नियम , 2008 के स्थान पर एक अधिनियम अधिनियमित करने के लिए लाया जा रहा है ।
उक्त विधेयक के प्रभावशील होने पर राज्य शासन पर प्रतिवर्ष रूपये 680.00 लाख ( रूपये छः करोड़ अस्सी लाख मात्र ) का व्यय भार संभावित है ।
प्रत्यायोजित विधि निर्माण के संबंध में ज्ञापन
छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक , 2025 के खंड- 10 में विधायनी शक्ति के प्रत्यायोजन की संस्थापनायें है , जो सामान्य स्वरूप की है ।
दिनेश शर्मा
सचिव
छत्तीसगढ़ विधान सभा संचालक , मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , नवा रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2025 .