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Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) विधेयक, 2025 (क्रमांक 1 सन् 2025) संबंधी

Published 13 March 2025

Department
छ.ग. विधान सभा सचिवालय
Type
Extraordinary
Gazette no.
224
Notification no.
क्रमांक-4362/वि.स./विधान/2025
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-03-13.224
Languages
English, Hindi

00000000000

छत्तीसगढ़ शासन

पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015. "

सत्यमेव जयते

"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट ) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22-छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 . "

छत्तीसगढ़ राजपत्र

(असाधारण)

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 224]

नवारायपुर , गुरुवार, दिनांक 13 मार्च 2025- फाल्गुन 22, शक1946

छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय

रायपुर, बुधवार, दिनांक 12 मार्च, 2025 (फाल्गुन 21 , 1946)

क्रमांक-4362 /वि.स. /विधान/2025. छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) विधेयक, 2025 (क्रमांक 1 सन् 2025) जो बुधवार, दिनांक 12 मार्च, 2025 को पुरःस्थापित हुआ है, को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है ।

हस्ता./-

(दिनेश शर्मा) सचिव.

447 448

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 13 मार्च 2025

छत्तीसगढ़ विधेयक

(क्रमांक 1 सन् 2025)

छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) विधेयक, 2025

विधेयक । छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 (क्र. 1 सन् 1994) के अग्रतर संशोधन हेतु भारत गणराज्य के छिहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो:-

1.

(1) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) अधिनियम, 2025 कहलाएगा ।

संक्षिप्त नाम, विस्तार तथा प्रारंभ.

(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में होगा.

(3) यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा.

धारा 2 का संशोधन ।

2. छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 (क्र. 1 सन् 1994) में, (जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के रूप में निर्दिष्ट है), धारा 2 के खण्ड (उन्नीस) के पश्चात्, निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाए, अर्थात्:- "परन्तु, अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या से अभिप्रेत है, ऐसी जनसंख्या के आंकड़े, जिसका निर्धारण विहित रीति से किया गया हो;"

3.

मूल अधिनियम की धारा 13 की उप-धारा (4) के खण्ड (दो) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः- धारा 13 का संशोधन ।

" (दो) किसी ग्राम पंचायत में, जहाँ अनुसूचित जातियों और/ अथवा अनुसूचित जनजातियों के लिये पचास प्रतिशत से कम स्थान आरक्षित किये गए हैं, वहाँ यथासंभव निकटतम रूप से कुल स्थानों की संख्या के पचास प्रतिशत की अधिकतम सीमा के अध्यधीन रहते हुए, शेष स्थान, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए, उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षित किये जाएंगे और ऐसे स्थान उस ग्राम पंचायत के भिन्न वार्डों को विहित रीति में, चक्रानुक्रम में कलेक्टर द्वारा आवंटित किये जाएंगे :

परन्तु, किसी ग्राम पंचायत में, जहाँ अनुसूचित जातियों और/ अथवा अनुसूचित जनजातियों के लिये पचास प्रतिशत या पचास प्रतिशत से अधिक स्थान आरक्षित किये छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 13 मार्च 2025

448(1) गये हैं, वहाँ अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई स्थान आरक्षित नहीं होगा ।"

4.

मूल अधिनियम की धारा 17 की उप-धारा (2) के खण्ड (दो ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

धारा 17 का संशोधन । "(दो) खण्ड में, जहाँ अनुसूचित जातियों और/अथवा अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या पचास प्रतिशत से कम है, वहाँ यथासंभव निकटतम रूप से खण्ड के भीतर ग्राम पंचायतों में सरपंचों के कुल पदों के पचास प्रतिशत की अधिकतम सीमा के अध्यधीन रहते हुए, अनुसूचित जातियों और/ अथवा अनुसूचित जनजातियों के आरक्षण पश्चात् शेष स्थान अन्य पिछड़ा वर्ग, के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षित किए जाएंगेः

परन्तु खण्ड में, जहाँ अनुसूचित जातियों और/ अथवा अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या पचास प्रतिशत या पचास प्रतिशत से अधिक हो, वहाँ अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई स्थान आरक्षित नहीं होगा। "

5.

मूल अधिनियम की धारा 23 की उप-धारा (3 ) के खण्ड (दो) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

धारा 23 का संशोधन । "(दो) किसी जनपद पंचायत में, जहाँ अनुसूचित जातियों और/अथवा अनुसूचित जनजातियों के लिये पचास प्रतिशत से कम स्थान आरक्षित किये गये हैं, वहाँ यथासंभव निकटतम रूप से कुल स्थानों की संख्या के पचास प्रतिशत की अधिकतम सीमा के अध्यधीन रहते हुए, शेष स्थान अन्य पिछड़ा वर्ग, के लिये उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षित किये जाएंगे और ऐसे स्थान भिन्न-भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को विहित रीति में, चक्रानुक्रम में कलेक्टर द्वारा आवंटित किये जाएंगेः

परन्तु, किसी जनपद पंचायत में, जहाँ अनुसूचित जातियों और/अथवा अनुसूचित जनजातियों के लिये पचास प्रतिशत या पचास प्रतिशत से अधिक स्थान आरक्षित किये गये हैं, वहाँ अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई स्थान आरक्षित नहीं होगा । " 448 (2)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 13 मार्च 2025

6.

धारा 25 का संशोधन ।

मूल अधिनियम की धारा 25 की उप- धारा (2) के खण्ड (दो) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

"(दो) जिले में, जहाँ अनुसूचित जातियों और / अथवा अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या पचास प्रतिशत से कम है, वहाँ यथासंभव निकटतम रूप से जिले के भीतर जनपद पंचायतों के अध्यक्षों के कुल पदों में से पचास प्रतिशत की अधिकतम सीमा के अध्यधीन रहते हुए, अनुसूचित जातियों और/ अथवा अनुसूचित जनजातियों के आरक्षण पश्चात् शेष पद अन्य पिछड़ा वर्ग, के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षित किए जाएंगेः

परन्तु, जिले में, जहाँ अनुसूचित जातियों और / अथवा अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या पचास प्रतिशत या पचास प्रतिशत से अधिक हो, वहाँ अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई स्थान आरक्षित नहीं होगा । "

7.

धारा 30 का संशोधन ।

मूल अधिनियम की धारा 30 की उप-धारा (3 ) के खण्ड (दो) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

"(दो) किसी जिला पंचायत में, जहाँ अनुसूचित जातियों और/अथवा अनुसूचित जनजातियों, के लिए पचास प्रतिशत से कम स्थान आरक्षित किए गए हैं, वहाँ यथासंभव निकटतम रूप से कुल स्थानों की संख्या के पचास प्रतिशत की अधिकतम सीमा के अध्यधीन रहते हुए, शेष

स्थान अन्य पिछड़ा वर्ग, के लिये उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षित किए जाएंगे और ऐसे स्थान भिन्न-भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को विहित रीति में, चक्रानुक्रम से कलेक्टर द्वारा आवंटित किए जाएंगेः

परन्तु, किसी जिला पंचायत में, जहाँ अनुसूचित जातियों और/ अथवा अनुसूचित जनजातियों के लिये पचास प्रतिशत या पचास प्रतिशत से अधिक स्थान आरक्षित किये गये हैं, वहाँ अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई स्थान आरक्षित नहीं होगा । "

8.

धारा 32 का संशोधन ।

मूल अधिनियम की धारा 32. की उप-धारा (2) के खण्ड (दो) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः- छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 13 मार्च 2025

448( 3) "(दो) यदि राज्य में अनुसूचित जातियों और/ अथवा अनुसूचित जनजातियों, के लिए पचास प्रतिशत से कम स्थान आरक्षित किए गए हों, तो यथासंभव निकटतम रूप से राज्य के भीतर जिला पंचायतों के अध्यक्षों के कुल स्थानों की संख्या के पचास प्रतिशत की अधिकतम सीमा के अध्यधीन रहते हुए, शेष स्थान अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षित किए जाएंगेः

परन्तु यदि राज्य में, अनुसूचित जातियों और/अथवा अनुसूचित जनजातियों के लिए पचास प्रतिशत या पचास प्रतिशत से अधिक स्थान आरक्षित हों, वहाँ अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई स्थान आरक्षित नहींहोगा ।"

9.

मूल अधिनियम की धारा 129-ङ की उप-धारा (3) का लोप किया जाये ।

धारा 129-ङ. का संशोधन । 10

छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) द्वितीय अध्यादेश, 2025 निरसन (क्र. 1 सन् 2025) एतद्वारा, निरसित किया जाता है । 448( 4)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 13 मार्च 2025

उद्देश्योंऔर कारणों का कथन

माननीय उच्चतम न्यायालय के प्रकरण क्र. SLA(C) 19756/2021 , WPC 980/2019 , WPC 356/1994 में पारित निर्णय में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा नगरीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों में सीटों के आरक्षण के संबंध में निर्णय / निर्देश दिया गया है , जो समस्त राज्यों पर बंधनकारी है । उक्त निर्णय के अनुक्रम में, छत्तीसगढ़ शासन, पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक विकास विभाग के अंतर्गत " छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग " गठित किया गया है । आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायतों एवं नगरीय निकायों के निर्वाचन में अन्य पिछड़ा वर्ग को उनकी जनसंख्या के अनुपात में कुल आरक्षण के 50 प्रतिशत सीमा के अध्यधीन रहते हुए, आरक्षण देने संबंधी प्रतिवेदन दिया गया है ।

उक्त प्रतिवेदन के परिपालन में, त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण संबंधी प्रावधानों में संशोधन किया जाना आवश्यक होने और राज्य विधानसभा सत्र में नहीं होने के कारण, छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) द्वितीय अध्यादेश , 2025 (क्र. 1 : सन् 2025) लाया गया था । संविधान के अनुच्छेद 213 के खण्ड 2 के परिपालन में, उपरोक्त अध्यादेश के स्थान पर समय सीमा में विधेयक लाया जाना आवश्यक है । प्रस्तावित विधेयक से उपरोक्त उद्देश्यों की पूर्ति आशयित है ।

अतः यहविधेयक प्रस्तुत है ।

विजय शर्मा

रायपुर,

दिनांक 22 फरवरी , 2025

उप मुख्यमंत्री

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (भारसाधक सदस्य) 448(5)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 13 मार्च 2025

उपाबंध

छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 (क्रमांक 1 , सन् 1994) की धारा 2 (उन्नीस) , 13 (4) (दो) , 17: (2)(दो), 23 (3 ) (दो), 25 (2 ) (दो), 30 (3 ) (दो) , धारा 32 (2 ) (दो) एवं 129-ङ (3 ) का सुसंगत उद्धरण ।

1. मूल अधिनियम की धारा-2 के खण्ड (उन्नीस) "जनसंख्या से अभिप्रेत है अंतिम पूर्ववर्ती जनगणना में अभिनिश्चित की गई जनसंख्या जिसके सुसंगत आंकड़े प्रकाशित किये जा चुके हैं । "

2. मूल अधिनियम की धारा-13 की उप-धारा (4) के खण्ड (दो)

"किसी ग्राम पंचायत में जहां अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों दोनों के लिये पचास प्रतिशत या पचास प्रतिशत से कम स्थान आरक्षित किये गए हैं, वहां कुल स्थानों की संख्या के पच्चीस प्रतिशत के स्थान अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित किये जाएंगे और ऐसे स्थान उस ग्राम पंचायत के भिन्न वार्डों को विहित रीति में चक्रानुक्रम में कलेक्टर द्वारा आवंटित किये जाएंगे । "

3. मूल अधिनियम की धारा -17 की उप-धारा (2 ) के खण्ड (दो)

"खण्ड में जहां अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की सम्मिलित जनसंख्या पचास प्रतिशत से कम है, वहां खण्ड के भीतर ग्राम पंचायतों में सरपंचों के कुल पदों के पच्चीस प्रतिशत स्थान अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित किए जाएंगे । "

4. मूल अधिनियम की धारा-23 की उप-धारा (3 ) के खण्ड (दो)

"किसी जनपद पंचायत में जहां अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों, दोनों के लिये पचास प्रतिशत या पचास प्रतिशत से कम स्थान आरक्षित किये गये हैं वहां कुल स्थानों की संख्या के पच्चीस प्रतिशत स्थान अन्य पिछड़े वर्गों के लिये आरक्षित किये जाएंगे और ऐसे स्थान भिन्न-भिन्न 448 (6)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 13 मार्च 2025

निर्वाचन क्षेत्रों को विहित रीति में चक्रानुक्रम में कलेक्टर, द्वारा आवंटित किये जाएंगे ।"

5. मूल अधिनियम की धारा-25 की उप-धारा (2) के खण्ड (दो)

"जिले में जहां अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की सम्मिलित जनसंख्या पचास प्रतिशत से कम है, वहां जिले के भीतर जनपद पंचायतों के अध्यक्षों में से पच्चीस प्रतिशत पद अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित किए जाएंगे । "

6. मूल अधिनियम की धारा-30 की उप-धारा (3 ) के खण्ड (दो)

"किसी जिला पंचायत में जहां अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों, दोनों के लिए पचास प्रतिशत या पचास प्रतिशत से कम स्थान आरक्षित किए गए हैं वहां कुल स्थानों की संख्या के पच्चीस प्रतिशत स्थान अन्य पिछड़े वर्गों के लिये आरक्षित किए जाएंगे और ऐसे स्थान भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को विहित रीति में चक्रानुक्रम से कलेक्टर द्वारा आवंटित किए जाएंगे । " 7. मूल अधिनियम की धारा-32 की उप-धारा (2) के खण्ड (दो)

"राज्य के भीतर जिला पंचायतों के अध्यक्षों के पदों में से पच्चीस प्रतिशत पद अन्य पिछड़े वर्गों के लिये आरक्षित किए जाएंगे । "

8. मूल अधिनियम की धारा- 129-(ङ) की उप-धारा (3)

"अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत में, अन्य पिछड़े वर्गों के व्यक्तियों के लिए ऐसी संख्या में स्थान आरक्षित किए जाएंगे जो अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों, यदि कोई हो, के लिए आरक्षित स्थानों के साथ मिलकर उस पंचायत के समस्त स्थानों के तीन चौथाई स्थानों से अधिक नहीं होंगे । "

दिनेश शर्मा सचिव

छत्तीसगढ़ विधान सभा संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , नवा रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2025.

Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 13 March 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-03-13.224/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-03-13.224.