त्तीसगढ़शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015. "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट ) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22-छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 . "
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक234]
नवा रायपुर, बुधवार, दिनांक19 मार्च 2025- फाल्गुन 28 , शक 1946
छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय
रायपुर, बुधवार, दिनांक19 मार्च, 2025 (फाल्गुन 28, 1946)
क्रमांक-4717 /वि.स. /विधान/2025. छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ आकस्मिकता निधि (संशोधन ) विधेयक, 2025 (क्रमांक 11 सन् 2025) जो बुधवार, दिनांक19 मार्च, 2025 को पुरःस्थापित हुआ है , को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है ।
हस्ता./-
(दिनेश शर्मा) सचिव.
467 468
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 19 मार्च 2025
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्रमांक 11 सन् 2025)
छत्तीसगढ़ आकस्मिकता निधि (संशोधन) विधेयक , 2025 छत्तीसगढ़ आकस्मिकता निधि अधिनियम, 2001 (क्र. 1 सन् 2001 ) को अग्रतर संशोधन करने हेतु विधेयक ।
भारत गणराज्य के छिहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो:-
संक्षिप्त नाम
1. (1) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ आकस्मिकता निधि तथा प्रारंभ.
(संशोधन) अधिनियम, 2025 कहलाएगा ।
(2) यह राजपत्र में. इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा ।
धारा 3 का संशोधन.
2. छत्तीसगढ़ आकस्मिकता निधि अधिनियम , 2001 (क्र. 1 सन् 2001 ) की धारा 3 में, शब्द " सौ " के स्थान पर, शब्द " एक हजार " प्रतिस्थापित किया जाए । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 19 मार्च 2025
468(1) उद्देश्य और कारणों का कथन
यतः, छत्तीसगढ़ आकस्मिकता निधि अधिनियम , 2001 (क्र. 1 सन् 2001 ) के अधीन राज्य विधानमंडल द्वारा, प्राधिकृत किया जाना लंबित रहने तक, राज्य की संचित निधि में से अग्रिम धन (अग्रदाय ) देने के लिए राज्यपाल को समर्थ बनाने हेतु, राज्य की आकस्मिकता निधि को राज्यपाल के व्ययनाधीन रखा गया है;
यतः, इस निधि का आकार सन् 2015 में राशि 40 करोड़ से संशोधित कर 100 करोड़ किया गया था जिसके पश्चात् राज्य के बजट के आकार में कई गुना वृद्धि हुई है एवं कतिपय परिस्थिति में केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं हेतु अधिक राशि के आकस्मिक बजट की आवश्यकता होती है;
और यतः, राज्य शासन का यह समाधान हो गया है कि समय के साथ उक्त अधिनियम के अंतर्गत राज्य की संचित निधि से अग्रिम हेतु धन (अग्रदाय) की सीमा बढ़ाना आवश्यक है ।
अतः यह विधेयक प्रस्तुत है ।
ओ. पी. चौधरी रायपुर,
वित्त मंत्री दिनांक 07 मार्च, 2025
(भारसाधक सदस्य) "संविधान के अनुच्छेद 207 के अधीन राज्यपाल द्वारा अनुशंसित " 468 ( 2)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 19 मार्च 2025
उपाबंध
छत्तीसगढ़ आकस्मिकता निधि अधिनियम 2001 (संशोधन) अधिनियम 2025 में संशोधन हेतु संबंधित धाराओं का सुसंगत उद्धरण
धारा-3
अंग्रदाय के रूप में 'छत्तीसगढ़ राज्य की आकस्मिकता निधि' नामक एक निधि की स्थापना की जाएगी जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य की संचित निधि में से सौ करोड़ रूपये की धनराशि का भुगतान किया जाएगा ।
दिनेश शर्मा, सचिव, छत्तीसगढ़ विधान सभा संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , नवा रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2025.