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छत्तीसगढ़ शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015. "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट ) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22-छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 . "
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 283 ]
नवारायपुर , गुरुवार, दिनांक 3 अप्रैल 2025- चैत्र 13 , शक 1947
सहकारिता विभाग
मंत्रालय , महानदी भवन , नवा रायपुर अटल नगर
नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 2 अप्रैल 2025
अधिसूचना
क्रमांक एफ15-11 /15-02/ 2025 /2/1052. सहकारी सोसाइटियों के रजिस्ट्रार से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 28.02.2025 से राज्य सरकार को यह समाधान हो गया है कि, लोकहित में विकास कार्यक्रमों के समुचित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के प्रयोजन के लिए यह आवश्यक है कि जिला गरियाबंद छत्तीसगढ़ की कतिपय प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों का पुनर्गठन किया जाए ।
अत्एव छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 16- ग की उप - धारा (1 ) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य शासन एतद्वारा , प्रदेश के प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों को पुनर्गठित करने के लिए पुनर्गठन योजना " जिला गरियाबंद छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना, 2025 " जारी करता है , इस पुनर्गठन योजना को कार्यान्वित किया जाए ।
संलग्न :- पुनर्गठन योजना, 2025
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,
सी.आर. प्रसन्ना , सचिव.
565 566
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 3 अप्रैल 2025
जिला गरियाबंद , छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन
योजना , 2025
01. संक्षिप्त नाम , प्रारंभ तथा विस्तार : -
(क) यह योजना "जिला गरियाबंद , छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना, 2025" कहलाएगी ।
(ख) यह योजना छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावशील होगी ।
(ग) यह योजना छत्तीसगढ़ राज्य के जिला गरियाबंद की उन प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों के लिए लागू होगी , जो अनुसूची एक, दो एवं तीन में अधिकथित है ।
02. परिभाषाएँ: - इस योजना में जब तक कि सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न होः-
(क) " अधिनियम"से अभिप्रेत है , छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम , 1960 (क्र . 17 सन् 1961 ) ।
(ख) " नियम" से अभिप्रेत है, छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी नियम, 1962 ।
(ग) " पुनर्गठन " से अभिप्रेत है, इस योजना में अधिकथित अनुसार किसी विद्यमान सोसाइटी के कार्यक्षेत्र आस्तियों, दायित्वों तथा सदस्यता आदि का किसी अन्य सोसाइटी को भागतः या पूर्णतः अन्तरण अथवा विभाजन द्वारा नवीन सोसाइटी का गठन ।
(घ) "प्रभावित सोसाइटी" से अभिप्रेत है, कोई ऐसी विद्यमान सोसाइटी जिससे किसी अन्य सोसाइटी को कार्यक्षेत्र , आस्तियां, दायित्व तथा सदस्यता आदि अन्तरित की गई हो । (ङ) " परिणामी सोसाइटी" से अभिप्रेत है, कोई ऐसी विद्यमान सोसाइटी जिसे किसी प्रभावित सोसाइटी का कार्यक्षेत्र, आस्तियां, दायित्व तथा सदस्यता आदि अन्तरित की गई हो ।
(च) "नवीन सोसाइटी " से अभिप्रेत है , कोई ऐसी सोसाइटी जो विद्यमान नहीं हो परन्तु जिसे इस योजना के परिणामस्वरूप रजिस्ट्रीकृत किया जाए ।
(छ) "बैंक" से अभिप्रेत है , छत्तीसगढ़ राज्य की जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित , रायपुर । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 3 अप्रैल 2025
566(1) (ज) " रजिस्ट्रार " से अभिप्रेत है, सहकारी सोसाइटियों का रजिस्ट्रार अथवा छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 के अधीन नियुक्त रजिस्ट्रार की शक्तियां जिसे प्रयोक्त हो.
03 पुनर्गठन की रीति : -
(क) किसी विद्यमान सोसाइटी के कार्यक्षेत्र , आस्तियों , दायित्वों, कर्मचारी वृन्द तथा सदस्यता आदि को किसी अन्य एक या अधिक विद्यमान सोसाइटियों को भागतः या पूर्णतः अन्तरित करके , या
(ख) किसी विद्यमान सोसाइटी या सोसाइटियों को विभाजित करके , या
(ग) किसी विद्यमान सोसाइटी या किन्हीं विद्यमान सोसाइटियों को उक्त (क) एवं (ख ) दोनों में उल्लेखित रीतियों से किया जायेगा ।
04. पुनर्गठन:- नियत तिथि से -
(क) " अनुसूची- एक" के कॉलम (2 ) में अधिकथित विद्यमान सोसाइटियों के कार्यक्षेत्र में से कॉलम (3 ) में अधिकथित कार्यक्षेत्र अपवर्जित हो जाएगा और ऐसा अपवर्जित कार्यक्षेत्र उसी के समक्ष कॉलम (4) में अधिकथित विद्यमान सोसाइटियों के कार्यक्षेत्र में सम्मिलित हो जाएगा ।
(ख) "अनुसूची- दो " के कॉलम (2 ) में अधिकथित विद्यमान सोसाइटियों का विभाजन कॉलम (3 ) में अधिकथित नवीन सोसाइटियों में हो जाएगा तथा ऐसी नवीन सोसाइटियों के कार्यक्षेत्र कॉलम (4) में उनके समक्ष अधिकथित अनुसार होंगे । (ग ) "अनुसूची-तीन" के कॉलम (2) में अधिकथित विद्यमान सोसाइटियों के कार्यक्षेत्र में से कॉलम (3 ) में अधिकथित कार्यक्षेत्र अपवर्जित हो जाएगा और ऐसा अपवर्जित कुछ क्षेत्र उन्हीं के समक्ष कॉलम (4) में अधिकथित विद्यमान सोसाइटियों के कार्यक्षेत्र में सम्मिलित हो जाएगा तथा कुछ क्षेत्र उन्हीं के समक्ष कॉलम (5) में अधिकथित नवीन सोसाइटियों का कार्यक्षेत्र हो जाएगा ।
05. पुनर्गठन की प्रक्रिया :-
(क) जिले के उप / सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा जिले की समितियों के पुनर्गठन के संबंध में दावा आपत्ति आमंत्रित करने हेतु सूचना का समाचार पत्र में प्रकाशन एवं समिति / बैंक शाखा एवं बैंक मुख्यालय / विभाग के जिला कार्यालय के सूचना पटल पर चस्पा करने का कार्य " प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना , 2025 " की प्रक्रिया प्रकाशित होने की तारीख से 05 दिवस तक किया जाएगा ।
(ख) सोसाइटी के पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव पर प्रभावित एवं परिणामी सोसाइटी के सदस्य , 566 ( 2)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 3 अप्रैल 2025
सोसाइटियों एवं बैंक शाखा तथा अन्य द्वारा दावा आपत्तियां 15 दिवस की समयावधि में जिले के उप / सहायक पंजीयक, सहकारी संस्थाएं के समक्ष तीन प्रतियों में प्रस्तुत कर सकेंगे ।
(ग) पुनर्गठन प्रस्ताव के संबंध में प्राप्त दावा आपत्तियों का परीक्षण का कार्य संबंधित जिले के उप / सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं के द्वारा बैंक (शाखा प्रबंधकों आदि ) के साथ संयुक्त रूप से पूर्ण किया जाकर, परीक्षण उपरांत दावा- आपत्ति का निराकरण करते हुए आवश्यक टीप सहित संशोधित प्रस्ताव मय अनुसूची 1 , 2 एवं 3 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक को पृष्ठांकित करते हुए संभागीय संयुक्त पंजीयक, सहकारी संस्थाएं को 30 दिवस में प्रेषित किया जाएगा ।
अभ्यावेदन निराकरण के लिए नवीन सोसाइटी के गठन के संबंध में निम्नांकित मार्गदर्शी बिन्दुओं को यथासंभव ध्यान में रखा जावेगा: -
(
एक) सोसाइटी का ऋण वितरण सामान्य क्षेत्र के लिए 1.5 करोड़ रूपये एवं अनुसूचित क्षेत्रों की सोसाइटीयों के लिए 75 लाख रूपये हो ।
(दो
) सोसाइटी के कार्यक्षेत्र में कृषि योग्य रकबा सामान्य क्षेत्र हेतु 750 हेक्टेयर एवं अनुसूचित क्षेत्र के लिए 1000 हेक्टेयर हो ।
(तीन) सोसाइटी की सदस्यता न्यूनतम 500 हो ।
(
चार) मूल सोसाइटी से नवीन सोसाइटी जो प्रस्तावित की जावे, वह एक से अधिक न हो ।
(
पांच) पुनर्गठन मे ग्राम पंचायत एवं पटवारी हल्का का विखण्डन न हो , अर्थात् एक ग्राम पंचायत व एक पटवारी हल्का के समस्त ग्राम एक ही सोसाइटी में हो । (छः) सोसाइटी का कार्यक्षेत्र दो विकासखण्ड या दो तहसीलों में न हो ।
(सात) सोसाइटी के ग्राम यथा संभव एक ही विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हो ।
(आठ) सोसाइटी मुख्यालय में पहुंच हेतु नदी, नाले आदि बाधक न हो ।
(नौ) सोसाइटी का मुख्यालय यथासंभव वहीं हो, जहां पर गोदाम , आधारभूत संरचना निर्मित हो ।
(
घ) जिलों के उप / सहायक पंजीयक द्वारा दावा / आपत्तियों के निराकरण से असंतुष्ट होने पर संबंधित सदस्य / व्यक्ति संबंधित संभागीय संयुक्त पंजीयक , सहकारी संस्थाएं के समक्ष 07 दिवस के भीतर अपील कर सकेगा, जिसका निराकरण संबंधित जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से अभिमत प्राप्त करते हुए संभागीय संयुक्त पंजीयक द्वारा 07 दिवस के भीतर किया जाकर जिलावार अनुसूची 1 , 2 , 3 सहित प्रस्ताव छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक को पृष्ठांकित करते हुए पंजीयक सहकारी संस्थाएं, छत्तीसगढ़ को भेजा जाएगा । उक्त संपूर्ण छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 3 अप्रैल 2025
566( 3) प्रक्रिया / कार्यवाही हेतु समय - सीमा अधिकतम 15 दिवस होगी ।
(ङ) प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के अभिमत के साथ जिलावार अनुसूची 1 , 2 , 3 सहित प्रस्ताव पंजीयक , सहकारी संस्थाएं, छत्तीसगढ़ की ओर 10 दिवस में प्रेषित किया जाएगा ।
(च) पंजीयक, सहकारी संस्थाएं , छत्तीसगढ़ द्वारा राज्य शासन को प्रस्ताव 10 दिवस में प्रेषित किया जाएगा ।
(छ) राज्य शासन द्वारा अभ्यावेदनों का निराकरण अधिकतम 30 दिवस के भीतर किया जाएगा तथा अन्तिम प्रकाशन किया जाएगा ।
(ज) अभ्यावेदनों पर राज्य शासन का विनिश्चय अन्तिम होगा, जो सभी पक्षों पर बंधनकारी होगा, तदुपरान्त संबंधित जिले के सहायक / उप पंजीयक 15 दिवस के भीतर आवश्यक आदेश तथा अन्य अन्य सभी आवश्यक कार्यवाहियाँ करेंगे ।
06. सदस्यता , आस्तियां एवं दायित्व :-
(क) प्रभावित सोसाइटियों के अपवर्जित कार्यक्षेत्र से संबंधित सदस्यता, आस्तियां एवं दायित्व उन परिणामी सोसाइटियों को अन्तरित हो जाएंगे जिन्हें ऐसे अपवर्जित कार्यक्षेत्र अन्तरित हुए हों ।
(ख) प्रभावित सोसाइटियों के ऐसे अपवर्जित कार्यक्षेत्र जिनसे नवीन सोसाइटियों का गठन हो रहा हो , से सम्बंधित सदस्यता , आस्तियां एवं दायित्व नवीन सोसाइटियों की सदस्यता, आस्तियां एवं दायित्व होंगे ।
07. रजिस्ट्रेशन / निरसन :-
(क) इस योजना के कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप जिन नवीन सोसाइटियों का गठन होना आशायित होगा उनके रजिस्ट्रीकरण के आदेश, प्रमाण पत्र तथा उपविधियां रजिस्ट्रार के द्वारा या उसके अधीनस्थ ऐसे संयुक्त / उप / सहायक रजिस्ट्रार के द्वारा तैयार किये एवं जारी किये जाएंगे , जो अधिनियम की धारा 9 के अधीन रजिस्ट्रीकरण करने के लिए सशक्त होगा ।
(ख) जहाँ आवश्यक हो वहाँ ऐसी प्रभावित सोसाइटियों, जिनके अस्तित्व को बनाये रखना आवश्यक नहीं होगा , के रजिस्ट्रीकरण को सक्षम अधिकारी द्वारा संबंधित विधि अनुसार रद्द किया जावेगा । 566(4)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 3 अप्रैल 2025
08. कर्मचारीवृन्द: -
(क) नवीन सोसाइटियों में प्रबन्धक की नियुक्ति नियमों के अनुसार की जाएगी । (ख) प्रभावित सोसाइटियों के कर्मचारीवृन्द मूल सोसाइटियों के कर्मचारी हो जाएंगे । इस संबंध में रजिस्ट्रार के द्वारा जारी किए जाने वाले निर्देशो / मार्गदर्शन के अनुसार कर्मचारीवृन्द परिणामी सोसाइटियों में अन्तरित किए जा सकेंगे ।
अधिकार , हित और कर्तव्य आदि: -
09.
(क) परिणामी सोसाइटियों को अन्तरित कार्यक्षेत्र से सम्बन्धित समस्त अधिकार , हित , कर्तव्य बाध्यताएँ आदि उनमें ही निहित होंगी ।
(ख ) नवीन सोसाइटियों में उनके कार्यक्षेत्र से सम्बन्धित समस्त अधिकार, हित कर्तव्य , बाध्यताएँ आदि निहित होंगी ।
10. विवाद :- इस योजना से प्रभावित सदस्यता, आस्तियों, दायित्यों एवं कर्मचारीवृन्द विषयक कोई भी विवाद छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 64 के अधीन संयुक्त रजिस्ट्रार / रजिस्ट्रार द्वारा निराकृत किया जाएगा ।
11. आदेश जारी करने की शक्तियां: - इस योजना के क्रियान्वयन में आने वाले कठिनाइयों, समस्याओं, विवादों आदि को दूर करने तथा योजना के क्रियान्वयन को सुकर बनाने के लिए राज्य सरकार तथा रजिस्ट्रार ऐसे अनुषांगिक और परिणामिक आदेश कर सकेंगे जैसा कि परिस्थितियों द्वारा अपेक्षित हो , यह और भी कि रजिस्ट्रार समय - समय पर ऐसा निर्देश / मार्गदर्शन भी जारी कर सकेगा , जैसा कि वह आवश्यक समझे ।
संलग्न :- अनुसूची - एक, दो एवं तीन । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 3 अप्रैल 2025
566 ( 5 ) जिला गरियाबंद , छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना , 2025
अनुसूची - एक
संबद्ध बैंक : जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित , रायपुर
क्र.
विद्यमान सोसायटी जो प्रभावित है (प्रभावित सोसायटी)
अपवर्जित कार्यक्षेत्र (ग्रामों का नाम)
विद्यमान सोसायटी जिसमें अपवर्जित क्षेत्र जुड़ा है (परिणामी सोसायटी)
(4)
(2)
(1 )
(3)
निरंक छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 3 अप्रैल 2025
566 ( 6)
जिला गरियाबंद , छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना, 2025
अनुसूची - दो
संबद्ध बैंक : जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, रायपुर
नवीन सोसायटी
क्र.
नवीन सोसायटी का कार्यक्षेत्र (ग्रामों का नाम)
विद्यमान सोसायटी जो प्रभावित है (प्रभावित सोसायटी)
(1)
(3)
(2)
(4)
कोदोबतर
1 सोहगापुर
कोदोबतर, नपटोरा , बारूका , टोईयामुड़ा, विजयनगर , गांहदर, चितईकोना, गहेराबुड़ा, भेजराडीह, घुटकुनवापारा
कोदोपाली
पीपरछेड़ी
2
लोहरी , कोदोपाली , हाटमौहा , डूमरबाहरा , गोड़लबाय , कामरमौदी, बादीमार, तेन्दुबाय , कोचईमुड़ा, बाघमार , पीपलाकन्हार, दांतबाय, लीटीपारा , लीमडीह, बोकरामुड़ा, रायआमा 3
बिन्द्रानवागढ़
धवलपुर
बिन्द्रापवागढ , कामेपार, बोईरगांव खुर्द , मरदाकला, कारीडोंगरी , कर्राबाहरा , मिलकॅआ, मरदाखुर्द, पतोरादादर, कसाबाय, सातधार
4 कोपरा
तर्रा
तर्रा , सुरसाबांधा , कुरूसकेरा
5 भसेरा
सिर्रीकला
सिर्रीकला, पोलकर्रा , रोबा , पेण्ड्रा
रसेला
6
कुड़ेरादादर
कुड़ेरादादर, मुढ़ीपानी, जिडार, कनफाड़, रूवाड , लादाबाहरा
सीनापाली
7 ढोर्रा
सीनापाली, बाडीगांव , मुरगुड़ा, कैटपदर 8
खुटगांव, टीकरापारा , गोहेकला, करचिया
खुटगाँव
गोहरापदर ( देवभोग )
9 पोखरा
रावड़, परसदाजोशी
रावड़
10 रक्शा
खपरी ( दुतकैया)
11 राजिम
बरोण्डा, श्यामनगर , सिंधौरी
श्यामनगर
धुमा
12 बेलटुकरी
किरवई
किरवई
तैतलखुटी
13
चिचिया , डूमरपीटा, बरबाहली , नवागांव
चिचिया
14 धौराकोट
लदरा छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 3 अप्रैल 2025
566 ( 7) जिला गरियाबंद , छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना, 2025
अनुसूची – तीन
संबद्ध बैंक : जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित , रायपुर
क्र.
विद्यमान सोसायटी जो प्रभावित है (प्रभावित क्षेत्र)
नवीन सोसायटी जिसमें अपवर्जित क्षेत्र जुड़ा है
अपवर्जित
कार्यक्षेत्र
(ग्रामों का नाम)
विद्यमान सोसायटी जिसमें अपवर्जित क्षेत्र जुड़ा है (परिणामी सोसायटी)
(3)
(4)
(5) (1)
(2)
निरंक
संचालक , मुद्रण तथालेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय, नवा रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2025.