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Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

"जिला कबीरधाम छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना, 2025" संबंधी

Published 03 April 2025

Department
सहकारिता विभाग
Type
Extraordinary
Gazette no.
292
Notification no.
क्रमांक एफ 15-11/15-02/2025/12/1064
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-04-03.292
Languages
English, Hindi

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 सहकारिता विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर

नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 2 अप्रैल 2025

अधिसूचना

क्रमांक एफ 15-11/15-02/2025/12/1064.— सहकारी सोसाइटियों के रजिस्ट्रार से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक 28.02.2025 से राज्य सरकार को यह समाधान हो गया है कि, लोकहित में विकास कार्यक्रमों के समुचित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के प्रयोजन के लिए यह आवश्यक है कि जिला कबीरधाम छत्तीसगढ़ की कतिपय प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों का पुनर्गठन किया जाए।

अत्‌एव छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 16-ग की उप-धारा (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन एतद्‌द्वारा, प्रदेश के प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों को पुनर्गठित करने के लिए पुनर्गठन योजना ''जिला कबीरधाम छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना, 2025" जारी करता है, इस पुनर्गठन योजना को कार्यान्वित किया जाए।

संलग्न :- पुनर्गठन योजना, 2025

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

सी.आर. प्रसन्ना, सचिव.

जिला कबीरधाम, छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना, 2025 ------------------------------------------------- 01. संक्षिप्त नाम, प्रारंभ तथा विस्तार :-

(क) यह योजना ''जिला कबीरधाम, छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना, 2025''कहलाएगी।

(ख) यह योजना छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावशील होगी। (ग) यह योजना छत्तीसगढ़ राज्य के जिला कबीरधाम की उन प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों के लिए लागू होगी, जो अनुसूची एक, दो एवं तीन में अधिकथित है।

02. परिभाषाएॅः-इस योजना में जब तक कि सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न होः-

(क) ''अधिनियम''से अभिपे्रत है, छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 (क्र. 17 सन्‌ 1961)। (ख) ''नियम'' से अभिपे्रत है, छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी नियम, 1962 ।

(ग) ''पुनर्गठन'' से अभिप्रेत है, इस योजना में अधिकथित अनुसार किसी विद्यमान सोसाइटी के कार्यक्षेत्र आस्तियों, दायित्वों तथा सदस्यता आदि का किसी अन्य सोसाइटी को भागतः या पूर्णतः अन्तरण अथवा विभाजन द्वारा नवीन सोसाइटी का गठन।

(घ) ''प्रभावित सोसाइटी'' से अभिप्रेत है, कोई ऐसी विद्यमान सोसाइटी जिससे किसी अन्य सोसाइटी को कार्यक्षेत्र, आस्तियां, दायित्व तथा सदस्यता आदि अन्तरित की गई हो।

(ङ) ''परिणामी सोसाइटी'' से अभिप्रेत है, कोई ऐसी विद्यमान सोसाइटी जिसे किसी प्रभावित सोसाइटी का कार्यक्षेत्र, आस्तियां, दायित्व तथा सदस्यता आदि अन्तरित की गई हो।

(च) ''नवीन सोसाइटी'' से अभिप्रेत है, कोई ऐसी सोसाइटी जो विद्यमान नहीं हो परन्तु जिसे इस योजना के परिणामस्वरूप रजिस्ट्रीकृत किया जाए।

(छ) ''बैंक'' से अभिप्रेत है, छत्तीसगढ़ राज्य की जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, राजनांदगांव। (ज) "रजिस्ट्रार" से अभिप्रेत है, सहकारी सोसाइटियों का रजिस्ट्रार अथवा छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 के अधीन नियुक्त रजिस्ट्रार की शक्तियां जिसे प्रयोक्त हो.

03 पुनर्गठन की रीति :-

(क) किसी विद्यमान सोसाइटी के कार्यक्षेत्र, आस्तियों, दायित्वों, कर्मचारी वृन्द तथा सदस्यता आदि को किसी अन्य एक या अधिक विद्यमान सोसाइटियों को भागतः या पूर्णतः अन्तरित करके, या (ख) किसी विद्यमान सोसाइटी या सोसाइटियों को विभाजित करके, या

(ग) किसी विद्यमान सोसाइटी या किन्हीं विद्यमान सोसाइटियों को उक्त (क) एवं (ख) दोनों में उल्लेखित रीतियों से किया जायेगा।

04. पुनर्गठन :- नियत तिथि से -

(क) ''अनुसूची-एक''के कॉलम (2) में अधिकथित विद्यमान सोसाइटियों के कार्यक्षेत्र में से कॉलम (3) में अधिकथित कार्यक्षेत्र अपवर्जित हो जाएगा और ऐसा अपवर्जित कार्यक्षेत्र उसी के समक्ष कॉलम (4) में अधिकथित विद्यमान सोसाइटियों के कार्यक्षेत्र में सम्मिलित हो जाएगा।

(ख) ''अनुसूची-दो'' के कॉलम (2) में अधिकथित विद्यमान सोसाइटियों का विभाजन कॉलम (3) में अधिकथित नवीन सोसाइटियों में हो जाएगा तथा ऐसी नवीन सोसाइटियों के कार्यक्षेत्र कॉलम (4) में उनके समक्ष अधिकथित अनुसार होंगे।

(ग) ''अनुसूची-तीन'' के कॉलम (2) में अधिकथित विद्यमान सोसाइटियों के कार्यक्षेत्र में से कॉलम (3) में अधिकथित कार्यक्षेत्र अपवर्जित हो जाएगा और ऐसा अपवर्जित कुछ क्षेत्र उन्हीं के समक्ष कॉलम (4) में अधिकथित विद्यमान सोसाइटियों के कार्यक्षेत्र में सम्मिलित हो जाएगा तथा कुछ क्षेत्र उन्हीं के समक्ष कॉलम (5) में अधिकथित नवीन सोसाइटियों का कार्यक्षेत्र हो जाएगा। (क) जिले के उप/सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा जिले की समितियों के पुनर्गठन के संबंध में दावा आपत्ति आमंत्रित करने हेतु सूचना का समाचार पत्र में प्रकाशन एवं समिति/बैंक शाखा एवं बैंक मुख्यालय/विभाग के जिला कार्यालय के सूचना पटल पर चस्पा करने का कार्य ''प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना, 2025" की प्रक्रिया प्रकाशित होने की तारीख से 05 दिवस तक किया जाएगा।

(ख) सोसाइटी के पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव पर प्रभावित एवं परिणामी सोसाइटी के सदस्य, सोसाइटियों एवं बैंक शाखा तथा अन्य द्वारा दावा आपत्तियां 15 दिवस की समयावधि में जिले के उप/सहायक पंजीयक, सहकारी संस्थाएं के समक्ष तीन प्रतियों में प्रस्तुत कर सकेंगे।

(ग) पुनर्गठन प्रस्ताव के संबंध में प्राप्त दावा आपत्तियों का परीक्षण का कार्य संबंधित जिले के उप/सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं के द्वारा बैंक (शाखा प्रबंधकों आदि) के साथ संयुक्त रूप से पूर्ण किया जाकर, परीक्षण उपरांत दावा-आपत्ति का निराकरण करते हुए आवश्यक टीप सहित संशोधित प्रस्ताव मय अनुसूची 1, 2 एवं 3 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक को पृष्ठांकित करते हुए संभागीय संयुक्त पंजीयक, सहकारी संस्थाएं को 30 दिवस में प्रेषित किया जाएगा।

अभ्यावेदन निराकरण के लिए नवीन सोसाइटी के गठन के संबंध में निम्नांकित मार्गदर्शी बिन्दुओं को यथासंभव ध्यान में रखा जावेगा :-

(एक) सोसाइटी का ऋण वितरण सामान्य क्षेत्र के लिए 1.5 करोड़ रूपये एवं अनुसूचित क्षेत्राें की सोसाइटीयों के लिए 75 लाख रूपये हो।

(दो) सोसाइटी के कार्यक्षेत्र में कृषि योग्य रकबा सामान्य क्षेत्र हेतु 750 हेक्टेयर एवं अनुसूचित क्षेत्र के लिए 1000 हेक्टेयर हो।

(तीन) सोसाइटी की सदस्यता न्यूनतम 500 हो।

(चार) मूल सोसाइटी से नवीन सोसाइटी जो प्रस्तावित की जावे, वह एक से अधिक न हो। (पांच) पुनर्गठन मे ग्राम पंचायत एवं पटवारी हल्का का विखण्डन न हो, अर्थात्‌ एक ग्राम पंचायत व एक पटवारी हल्का के समस्त ग्राम एक ही सोसाइटी में हो।

(छः) सोसाइटी का कार्यक्षेत्र दो विकासखण्ड या दो तहसीलों में न हो।

(सात) सोसाइटी के ग्राम यथा संभव एक ही विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हो।

(आठ) सोसाइटी मुख्यालय में पहुंच हेतु नदी, नाले आदि बाधक न हो।

(नौ) सोसाइटी का मुख्यालय यथासंभव वहीं हो, जहां पर गोदाम, आधारभूत संरचना निर्मित हो।

(घ) जिलों के उप/सहायक पंजीयक द्वारा दावा/आपत्तियों के निराकरण से असंतुष्ट होने पर संबंधित सदस्य/व्यक्ति संबंधित संभागीय संयुक्त पंजीयक, सहकारी संस्थाएं के समक्ष 07 दिवस के भीतर अपील कर सकेगा, जिसका निराकरण संबंधित जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से अभिमत प्राप्त करते हुए संभागीय संयुक्त पंजीयक द्वारा 07 दिवस के भीतर किया जाकर जिलावार अनुसूची 1, 2, 3 सहित प्रस्ताव छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक को पृष्ठांकित करते हुए पंजीयक सहकारी संस्थाएं, छत्तीसगढ़ को भेजा जाएगा। उक्त संपूर्ण प्रक्रिया/कार्यवाही हेतु समय-सीमा अधिकतम 15 दिवस होगी।

(ङ) प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के अभिमत के साथ जिलावार अनुसूची 1, 2, 3 सहित प्रस्ताव पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, छत्तीसगढ़ की ओर 10 दिवस में प्रेषित किया जाएगा। (च) पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, छत्तीसगढ़ द्वारा राज्य शासन को प्रस्ताव 10 दिवस में प्रेषित किया जाएगा।

(छ) राज्य शासन द्वारा अभ्यावेदनों का निराकरण अधिकतम 30 दिवस के भीतर किया जाएगा तथा अन्तिम प्रकाशन किया जाएगा।

(ज) अभ्यावेदनों पर राज्य शासन का विनिश्चय अन्तिम होगा, जो सभी पक्षों पर बंधनकारी होगा, तदुपरान्त संबंधित जिले के सहायक/उप पंजीयक 15 दिवस के भीतर आवश्यक आदेश तथा अन्य अन्य सभी आवश्यक कार्यवाहियाँ करेंगे। (क) प्रभावित सोसाइटियों के अपवर्जित कार्यक्षेत्र से संबंधित सदस्यता, आस्तियां एवं दायित्व उन परिणामी सोसाइटियों को अन्तरित हो जाएंगे जिन्हें ऐसे अपवर्जित कार्यक्षेत्र अन्तरित हुए हों।

(ख) प्रभावित सोसाइटियों के ऐसे अपवर्जित कार्यक्षेत्र जिनसे नवीन सोसाइटियों का गठन हो रहा हो, से सम्बंधित सदस्यता, आस्तियां एवं दायित्व नवीन सोसाइटियों की सदस्यता, आस्तियां एवं दायित्व होंगे।

(क) इस योजना के कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप जिन नवीन सोसाइटियों का गठन होना आशायित होगा उनके रजिस्ट्रीकरण के आदेश, प्रमाण पत्र तथा उपविधियां रजिस्ट्रार के द्वारा या उसके अधीनस्थ ऐसे संयुक्त/उप/सहायक रजिस्ट्रार के द्वारा तैयार किये एवं जारी किये जाएंगे, जो अधिनियम की धारा 9 के अधीन रजिस्ट्रीकरण करने के लिए सशक्त होगा।

(ख) जहॉ आवश्यक हो वहॉ ऐसी प्रभावित सोसाइटियों, जिनके अस्तित्व को बनाये रखना आवश्यक नहीं होगा, के रजिस्ट्रीकरण को सक्षम अधिकारी द्वारा संबंधित विधि अनुसार रद्‌द किया जावेगा।

(क) नवीन सोसाइटियों में प्रबन्धक की नियुक्ति नियमों के अनुसार की जाएगी।

(ख) प्रभावित सोसाइटियों के कर्मचारीवृन्द मूल सोसाइटियों के कर्मचारी हो जाएंगे। इस संबंध में रजिस्ट्रार के द्वारा जारी किए जाने वाले निर्देशो/मार्गदर्शन के अनुसार कर्मचारीवृन्द परिणामी सोसाइटियों में अन्तरित किए जा सकेंगे।

(क) परिणामी सोसाइटियों को अन्तरित कार्यक्षेत्र से सम्बन्धित समस्त अधिकार, हित, कत्र्तव्य बाध्यताएॅ आदि उनमें ही निहित होंगी।

(ख) नवीन सोसाइटियों में उनके कार्यक्षेत्र से सम्बन्धित समस्त अधिकार, हित कत्र्तव्य, बाध्यताएॅ आदि निहित होंगी।

इस योजना से प्रभावित सदस्यता, आस्तियों, दायित्यों एवं कर्मचारीवृन्द विषयक कोई भी विवाद छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 64 के अधीन संयुक्त रजिस्ट्रार /रजिस्ट्रार द्वारा निराकृत किया जाएगा।

इस योजना के क्रियान्वयन में आने वाले कठिनाइयों, समस्याओं, विवादों आदि को दूर करने तथा योजना के क्रियान्वयन को सुकर बनाने के लिए राज्य सरकार तथा रजिस्ट्रार ऐसे अनुषांगिक और परिणामिक आदेश कर सकेंगे जैसा कि परिस्थितियों द्वारा अपेक्षित हो, यह और भी कि रजिस्ट्रार समय-समय पर ऐसा निर्देश/मार्गदर्शन भी जारी कर सकेगा, जैसा कि वह आवश्यक समझे। संलग्न :- अनुसूची - एक, दो एवं तीन।जिला कबीरधाम, छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना, 2025

अनुसूची - एक

संबद्ध बैंक : जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, राजनांदगांव

क्र. विद्यमान सोसायटी जो प्रभावित है (प्रभावित सोसायटी) अपवर्जित कार्यक्षेत्र (ग्रामों का नाम) विद्यमान सोसायटी जिसमें अपवर्जित क्षेत्र जुड़ा है (परिणामी सोसायटी)
(1) (2) (3) (4)
निरंक
जिला कबीरधाम, छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना, 2025

अनुसूची - दो

संबद्ध बैंक : जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, राजनांदगांव

क्र. विद्यमान सोसायटी जो प्रभावित है (प्रभावित सोसायटी) नवीन सोसायटी नवीन सोसायटी का कार्यक्षेत्र (ग्रामों का नाम)
(1) (2) (3) (4)
1 बम्हनी धमकी धमकी, कुटेली, बीरूटोला, बाघुटोला, नवापारा, झलका
2 नेवारी कोठार कोठार, घुघरीखुर्द, चरडोंगरी, दुल्लापुर,नवागांव(फ.), मरपा,
3 मैनपुरी छांटा झा छांटा झा, लासाटोला
4 रौचन बरहट्‌टी ढोगईटोला, बरहट्‌टी, अचानकपुर, सेवईकछार, अमरौडी
5 लालपुर कला बेंदरची बेंदरची, चिमरा, जैतपुरी
6 उसरवाही निवासपुर निवासपुर ,बहेराखार ,खारा ,डोंगरीया ,पंडरीया ,मोतिमपुर
7 समनापुर बम्हनी बम्हनी, लहबर, अगरी, सुतिया, तितरी, प्लाट तितरी, उमरिया, तरमा, रोल, प्लाट रोल, सूपखार, अडवार, नागवाही
8 कुसुमघटा खड़ौदाकला खड़ौदाकला, सिल्हाटी, गण्डईकला, गण्डईखुर्द,
9 सारंगपुर कला खरहटा खरहटा, कारेसरा, भरेली
10 प्रभाटोला बैहरसरी बैहरसरी, बघर्रा, उसलापुर
11 हरिनछपरा भालुचुंवा राम्हेपुर, चण्डालपुर, भालुचुंवा, तिलईभांठ
12 भलपहरी कबराटोला कबराटोला, बोईरकछरा, अचानकपुर
13 सहसपुर लोहारा बासिनझोरी लखनपुर, बासिनझोरी, पीपरटोला छोटे, केजादाह, बनखैरा
14 बिरनपुरकला बुधवारा कारेसरा, चिलमखोदरा, बनिया, कुम्हार दनिया, बुधवारा
15 बचेड़ी छीरबांधा छीरबांधा, किनारीटोला, कुरलू, महराटोला, रेलई, कुटकीपारा, सिंघरापारा
16 बडौदाकला दैहानडीह बडौदाखुर्द, पड़कीपारा, सहसपुर, दैहानडीह
17 बैजलपुर पं.क्र.2017 खडौदाखुर्द कामाडबरी, काशीपानी प्लाट, काशीपानी, कोकदाखार, खडौदाखुर्द, कांदापारा, गांगीडबरी, साजाटोला, खरिया, मांदीभाटा कला, मुडघुसरी प्लाट, मुडघुसरी, सरई,
18 बोदा पं.क्र. 2056 (तरेगांव जंगल) सिली पचराही मुडघुसरी जगंल, ठाकुरटोला, कोमो, मगरवाडा, अमेरा, दुल्लापुर, सोनतरा, बोदा03, पचराही, सिली, बसोहरसिली, लब्दा, पुतकी, जोकपानी,
19 रबेली सूखाताल सूखाताल, खड़ौदाखुर्द,
20 लखनपुर कान्हाभैरा कान्हाभैरा, नेवारीगुड़ा, दूल्लापुर
21 सोनबरसा जरती जरती, नाऊडीह, बोधाईकुण्डा, दौजरी, दशरंगपुर, खैरीपार, सिंघनपुरी
22 मोहगाव रैतापारा अधियारखोर ,पलानसरी ,रैतापारा
23 करपीगोडान पाढ़ी क े शलीगोडान पाढी , रहमानकापा , बिराकोना ,गांगपुर, पंडरीपथरा, लडुवा लाडंगपुर
24 कुकदूर महिडबरा महिडबरा, अमनिया, नेउर, कुशियारी. बदना. घोघरा खुर्द.
25 कामठी मुनगाडीह सिंगपुर, मुनगाडीह, मुनमुना, कुल्हीडोंगरी, छिरहा, पीपरहा, टिकरवा, कमराखोल, सगौना, बदौरा., गरगरा
26 कोदवागाडान चतरी तेलियापानी, मराडबरा, अंजबाइनबांह, चियाडाढ, भैसाडवरा, टकटोइया, विचारपुर, चतरी, मंगली, मंझोलीरवन, गुढा
27 चांटा आगरपानी सेन्दुरखार. बांगर. कोटनापानी. सारपानी. सराईपानी. छिन्दीडिह. अध्चरा. भेलकी. देवानपटपर. बोहिल. आगरपानी. तेलियापानी.
28 सरईसेत छिरपानी अमरपुर, मदनपुर, छिरपानी, खैरडोंगरी, सरैहा,
29 रणवीरपुर पैलपार पैलपार, बनिया, गोरखपुर खुर्द, उसलापुर
30 रणजीतपुर गौरमाटी गौरमाटी, गौरझुमर, कोटगांव
31 सिंगारपुर (खै.) सिंगारपुर ( खै.) , खैरबना, दैहानडीह, बाजगुडा़, सुकतरा, भण्डारपुर
32 विरेन्द्रनगर र Ő गाटोला दारगांव, दरीगवां, नवघटा, पटपर, रŐ गाटोला, सबराटोला
33 धरमगढ़ टाटीकसा़ टाटीकसा , मोहनपुर, दनियाखुर्द , खपरी ,बिरनपुरखुर्द
34 सोनपुरी गुढ़ा बानो तमŜआ, चुचŜं गपुर, बानो, कु आ
35 गैंदपुर गोरखपुर कला गोरखपुर, देवदहरा, सिंघौरी, रूसे, कुंआ, करही
36 गोछिया सेमरिया सेमरिया, मुंगेलीडीह, खैरझिटी
37 चारभांठा राजपुर राजपुर, अचानकपुर ,गांगीबाहरा, धनेली
38 पिपरिया मोहगांव नवघटा, मोहगांव, गांगपुर
39 कोको पथर्रा मक्के, पथर्रा, खैरवार, जोगीपुर, आंछी
40 मरका लघान खैरझीटी, घिरघोसा, लघान, घोरेवारा, पण्डरिया
41 बिडोरा रक्से नरोधी, बबई, रक्से, भइसबोड़
42 मोहगांव बीसाटोला बीसाटोला, कोटराबुन्देली, ग0खम्हरिया
43 कुरूवा कल्याणपुर खजरीकला , कल्याणपुर , बामी , भैसबोड
44 सुरजपुरा मोतिमपुर कनवाटोला, मोतिमपुर, रानीदाहरा, बोटेसुर, नवागांव, भेण्ड्रा नवागांव, सोन्झरी, बिगारभर्री, सरईपतेरा
45 खोलवा टाटावाही, धनौरा, खोलवा, कटोरी, रेन्दाखाम्ही,
46 जुनवानी घानीखुटा कन्हारी, घानीखुटा, पण्डरीपानी, रानीगुडा, खमहरा, छितपुरीखुर्द र् र् र् छितपुरीकला, कोयलारझोरी, छिरहा, बेरला ,पण्डरीपानी, करमदा, बोल्दा, चंलीकामा ,बाईरहा, लावा,
47 महली रेंगाबोड़ अखरा, खम्हरिया, गुंझेटा, बनियाकुबा, रेगाबोंड़, केशलीखुर्द
48 राजानवागांव खिरसाली खिरसाली, बाघुटोला, छपरी, चौरा, दियाबार, छरकीकछार, रजपुरा, थवरझोल, सिंगपुर
जिला कबीरधाम, छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना, 2025

अनुसूची - तीन

संबद्ध बैंक : जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, राजनांदगांव

क्र. विद्यमान सोसायटी जो प्रभावित है (प्रभावित क्षेत्र) अपवर्जित कार्यक्षेत्र (ग्रामों का नाम) विद्यमान सोसायटी जिसमें अपवर्जित क्षेत्र जुड़ा है (परिणामी सोसायटी) नवीन सोसायटी जिसमें अपवर्जित क्षेत्र जुड़ा है
(1) (2) (3) (4) (5)
निरंक
Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 03 April 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-04-03.292/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-04-03.292.