10000000000
छत्तीसगढ़ शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/ दुर्ग/ 09 / 2013-2015 . " "बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट ) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 . "
सत्यमेव जयते
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 385 ]
नवा रायपुर , शुक्रवार , दिनांक 25 अप्रैल 2025- वैशाख 5, शक 1947
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग
मंत्रालय , महानदी भवन , नवा रायपुर अटल नगर
नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 25 अप्रैल 2025
अधिसूचना
क्रमांक GENS - 1105 /21 /2025 - COMM. & INDUS .- राज्य शासन , एतद्वारा औद्योगिक विकास नीति 2024-30 की कंडिका (12.5) के कमांक 17 में उल्लेखित परिवहन अनुदान के क्रियान्वयन हेतु निम्नानुसार नियम निर्मित करता है, अर्थात्-
नियम
1. नाम एवं विस्तार
यह नियम छत्तीसगढ़ परिवहन अनुदान नियम, 2024 कहे जायेंगे ।
2. परिभाषाएँ
(1) जब तक संदर्भ से अन्यथा अभिप्रेत हो , इन नियमों में, -
(क) नीति से अभिप्रेत है , औद्योगिक विकास नीति 2024-30 ।
(2) अन्य प्रयुक्त शब्दों हेतु वही परिभाषाएं लागू होंगी जो नीति के परिशिष्ट -1 में उल्लेखित हैं ।
3. प्रभावी दिनांक-
ये नियम राजपत्र में प्रकाशन के दिनांक से प्रभावी होंगे ।
4. पात्रता :-
(1) नीति के प्रवृत्त रहने की कालावधि में राज्य में स्थापित नवीन एवं विद्यमान उद्योग के विस्तारीकरण / शवलीकरण / प्रतिस्थापन / आधुनिकीकरण अंतर्गत पात्र सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं वृहद उद्योगों (नीति के अन्तर्गत परिशिष्ट-3 में दर्शाये गये अपात्र उद्यमों तथा परिशिष्ट-5 में दर्शाये गये कोर सेक्टर उद्योगों को छोड़कर) तथा नीति के अध्याय - स में वर्णित विशिष्ट श्रेणी उत्पाद के वृहद उद्योगों द्वारा निर्मित उत्पाद / उत्पादों का निर्यात दिनांक 01.11.2024 के पश्चात् किये जाने पर निर्यात हेतु परिवहन पर हुए वास्तविक व्यय (शासकीय शुल्क एवं करों को छोड़कर) के आधार पर परिवहन अनुदान की पात्रता होगी ।
(2) औद्योगिक इकाईयों को नीति के प्रवृत्त रहने की कालावधि में प्रथम निर्यात दिनांक / वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने का दिनांक / अधिसूचना जारी होने के दिनांक , जो पश्चात्वर्ती हो , से 01 वर्ष की समयावधि के भीतर ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत किया जाना आवश्यक होगा । निर्धारित समयावधि के पश्चात् प्रस्तुत किये गये दावा स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा स्वीकृत नहीं किये जायेंगे । इन नियमों के अंतर्गत प्रस्तुत परिवहन अनुदान दावा में दर्शाये गये प्रथम देयक के दिनांक को प्रथम निर्यात दिनांक माना जावेगा ।
यहां प्रथम दावा से तात्पर्य है , प्रथम निर्यात दिनांक से अधिसूचना जारी होने के दिनांक / वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक / प्रथम निर्यात दिनांक जो पश्चातवर्ती हो , की तिथि को चल रहे वित्तीय वर्ष की अवधि में 30 सितम्बर तक
769 770
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 25 अप्रैल 2025
अथवा 31 मार्च तक , जो पहले हो , की अवधि के लिये प्रस्तुत दावा । आगामी दावा केवल छः माही आधार पर अगले छः माह के भीतर संबंधित जिले के जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र / उद्योग संचालनालय में ऑनलाईन ही प्रस्तुत किया जाना आवश्यक होगा ।
यह भी कि इस अधिसूचना के अधीन परिवहन अनुदान हेतु आवेदन किसी भी परिस्थिति में नीति की समयावधि के पश्चात की अवधि के दावे स्वीकार नहीं होंगे । यदि किसी इकाई का वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक / प्रथम निर्यात दिनांक से एक वर्ष की अवधि की समयावधि नीति की समाप्ति / नीति की बढ़ाई गई अवधि के पश्चात् आती है , तो संबंधित इकाई के लिए आवेदन की अंतिम तिथि वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने की तिथि / प्रथम निर्यात तिथि से एक वर्ष मानी जावेगी ।
(3) भारत शासन / राज्य शासन की अन्य नीतियों / नियमों के तहत् निर्यात पर परिवहन अनुदान की मात्रा में भिन्नता होने पर इन नियमों के तहत् इकाई को अंतर के अनुदान की पात्रता होगी ।
(4) पात्र उद्यमों को केवल पंजीकृत उत्पाद पर ही परिवहन अनुदान की पात्रता होगी । किसी भी मध्यस्थ के माध्यम से किए गए निर्यात पर परिवहन अनुदान की पात्रता नहीं होगी ।
(5) उद्यम में वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ करने के दिनांक से 05 वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक , जो पश्चात्वर्ती हो तक उत्पादनरत रहते हुए नीति में प्रावधानित अनुसार राज्य के मूल निवासियों को निर्धारित प्रतिशत में रोजगार उपलब्ध कराना होगा ।
5. अनुदान की मात्रा
नीति के प्रवृत्त रहने की अवधि में राज्य में स्थापित इकाईयों द्वारा निर्मित उत्पादों (खदान सामग्री छोडकर) के निर्यात के लिये निर्माण स्थान से बन्दरगाह एवं विमानपत्तन पोर्ट जहां से वस्तु का निर्यात होना है तक उत्पाद के परिवहन हेतु व्यय किये गये वास्तविक भाड़ा (शासकीय शुल्क एवं करों को छोड़कर ) के 50 प्रतिशत अथवा उत्पाद के फ्री ऑनबोर्ड मूल्य का 2 प्रतिशत , जो कम हो , के बराबर सहायता प्रदान की जायेगी । सहायता की अधिकतम सीमा 50 लाख रूपये प्रतिवर्ष होगी , अधिकतम 05 वर्ष तक होगी । अनुसूचित जनजाति / जाति हेतु सहायता की अधिकतम सीमा 60 लाख रूपये प्रतिवर्ष होगी ।
6. प्रक्रिया
(1) पात्र औद्योगिक इकाईयों को निम्नांकित दस्तावेजों (यथा स्थिति, जो लागू हों ) के साथ विभागीय वेबसाईट में ऑनलाईन आवेदन करना होगा ।
(क) निर्यात किये गये उत्पाद का फ्री ऑनबोर्ड मूल्य जो कि केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क कार्यालय द्वारा प्रमाणित हो ।
(ख ) निर्यात (क्रय) आदेश की प्रति ।
(ग ) कॉमर्शियल इनवॉइस कम पैकिंग लिस्ट ( Commercial Invoice Cum Packing List ) की प्रति ।
(घ) रेलवे रसीद / लॉरी रसीद ( Railway Receipt/ Lorry Receipt ) की प्रति । (ड. ) शिपिंग बिल / निर्यात बिल ( Shipping Bill / Bill of Export ) की प्रति । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2025
770 (1 ) अपूर्ण प्रकरण प्राप्त होने पर अपूर्णता से संबंधित कमियों को पूर्ण करने / अभिलेख जमा करने हेतु 15 दिवस के भीतर समस्त कमियों को एक साथ बताते हुए संबंधित इकाई कमीपूर्ति हेतु प्रकरण वापस किया जावेगा । इकाई द्वारा 30 दिवसों की अवधि में प्रकरण की कमियाँ पूर्ण कर प्रस्तुत न करने पर अपूर्ण प्रकरण स्वमेव निरस्त मान्य होगा ।
(2) मुख्य महाप्रबंधक / महाप्रबंधक , जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के प्रस्तुत दावा का परीक्षण उपरांत , दावा के नियमों के अधीन होने पर उपाबंध -1 अनुसार स्वीकृति आदेश जारी किया जायेगा ।
उपरोक्त से भिन्न प्रकरणों में अर्थात् मध्यम एवं वृहद उद्यमों के प्रकरणों में उद्योग संचालनालय द्वारा प्रस्तुत स्वत्व का परीक्षण उपरांत " स्वत्व " के नियमों के अधीन होने पर उपाबंध -1 अनुसार स्वीकृति आदेश जारी किया जायेगा । किसी विसंगति की स्थिति में संचालक उद्योग की अनुमति से इकाई का स्थल निरीक्षण किया जा सकेगा ।
पूर्ण आवेदन प्रस्तुत करने के दिनांक से 30 दिवस के भीतर अनुदान की पात्रता संबंधी निर्णय लिया जाना आवश्यक होगा । अनुदान स्वीकृतकर्ता अधिकारी का यह दायित्व होगा कि आवेदन के पूर्ण होने पर पूर्ण आवेदन पत्रों को उनके क्रम में स्वीकृति / अस्वीकृति की कार्यवाही करें ।
(3 ) पूर्व की औद्योगिक नीतियों के अंतर्गत प्राप्त / लंबित आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया व अधिकार भी इस अधिसूचना के अनुरूप होंगे ।
(4) दावा के नियमानुसार न होने / अपूर्ण होने पर स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा निरस्तीकरण आदेश जारी किया जावेगा जिसमें स्वत्व के निरस्तीकरण का कारण व निरस्तीकरण आदेश से औद्योगिक इकाई के सहमत न होने की स्थिति में अपीलीय अधिकारी के समक्ष निर्धारित अवधि 60 दिवसों में अपील करने संबंधी प्रावधान का भी उल्लेख करना होगा ।
(5 ) उद्योग संचालनालय द्वारा परिवहन अनुदान के बजट का आवंटन अनुदान स्वीकृति के आधार पर बजट उपलब्ध होने पर किया जावेगा ।
(6) बजट आबंटन उपलब्ध होने पर अनुदान वितरण स्वीकृति के क्रम में बजट उपलब्ध होने पर ऑनलाइन व्यवस्था द्वारा सीधे इकाई के बैंक खाते में किया किया जावेगा । अनुदान की राशि नगद में नहीं दी जायेगी । अनुदान का वितरण अनुदान स्वीकृति के दिनांक के क्रम में किया जावेगा ।
(7) बजट आवंटन के अभाव में अनुदान की राशि देने में विलंब होने पर विभाग कोई दायित्व नहीं होगा । अनुदान राशि का भुगतान आगामी बजट आबंटन प्राप्त होने पर किया जा सकेगा । का
(8 ) परिवहन अनुदान का आबंटन अग्रिम रूप से भी किया जा सकेगा ।
7. परिवहन अनुदान की वसूली
( 1 ) परिवहन अनुदान की राशि औद्योगिक इकाई को स्वीकृत / वितरण के पश्चात् भी यदि यह पाया जाता है कि औद्योगिक इकाई द्वारा कोई तथ्य छुपाये छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2025
770 (2)
गए है , तथ्यों को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया है या सही जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई है एवं किसी प्रकार गलत तरीके से अनुदान प्राप्त किया गया है तो अनुदान की राशि मय 12.5 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से वसूल की जा सकेगी ।
(2) उपरोक्तानुसार राशि की वसूली भू- राजस्व के बकाया की वसूली की भांति की जा सकेगी ।
(3 ) स्वीकृतकर्ता अधिकारी को यह अधिकार होगा कि अनुदान का स्वत्व स्वीकृत होने के पश्चात भी नियमानुसार नहीं पाये जाने पर अथवा किसी त्रुटिपूर्ण अभिलेख के आधार पर की गयी स्वीकृति आदेश निरस्त कर सकें एवं यदि अनुदान की राशि वित्तीय संस्था / बैंक / इकाई को भुगतान कर दी गई हो तो वसूली आदेश जारी कर सकें ।
(4) औद्योगिक इकाई द्वारा राज्य के मूल निवासियों को निर्धारित प्रतिशत में रोजगार उपलब्ध कराने के पश्चात यदि बाद में रोजगार से वंचित किया जाता है व इस कारण अकुशल , कुशल व प्रबंधकीय वर्ग में दिये जाने वाले रोजगार का प्रतिशत नीति में उल्लेखित प्रतिशत से कम हो जाता है तो ऐसी अवधि में अनुदान की पात्रता नहीं रहेगी तथा अनुदान की राशि से संबंधित स्वत्व को निरस्त कर वापस प्राप्त की जा सकेगी, भविष्य के क्लेमों में समायोजित की जा सकेगी ।
(5 ) यदि औद्योगिक इकाई द्वारा प्रस्तुत निवेशक के वर्ग से संबंधित प्रमाण - पत्र / तथ्य गलत पाये जाते हैं तो इस वर्ग के उद्यमियों को दी गई आधिक्य अनुदान की राशि वसूली योग्य होगी ।
(6) उद्योग संचालनालय / जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा अनुदान से संबंधित जानकारी / अभिलेख मांगे जाने पर औद्योगिक इकाई द्वारा न दी जाये तो सक्षम अधिकारी प्रकरण पर पुनर्विचार कर निरस्तीकरण आदेश जारी कर सकेंगे । (7) यदि औद्योगिक इकाई को पात्रता से अधिक अनुदान की प्राप्ति हो गयी हो तो अंतर की राशि वसूली / समायोजन योग्य होगी ।
(8 ) उपर्युक्त बिन्दुओं के अनुसार यथास्थिति निरस्तीकरण / अधिक दिये गये अनुदान की राशि की वसूली के आदेश स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा जारी किये जायेंगे ।
8. अपील के नियम
(1 ) सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के प्रकरण में मुख्य महाप्रबंधक / महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा जारी किसी आदेश के विरूद्ध अपील उद्योग आयुक्त/ संचालक उद्योग , उद्योग संचालनालय के समक्ष की जा सकेगी ।
(2) मध्यम एवं वृहद उद्यमों के प्रकरण में उद्योग आयुक्त / संचालक के आदेश के विरूद्ध अपील भारसाधक सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के समक्ष की जा सकेगी ।
(3) सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के प्रकरणों में अपील शुल्क रूपये 2000 एवं सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से भिन्न प्रकरणों में रूपये 5000 का भुगतान कर चालान की प्रति प्रस्तुत करने पर ही अपील स्वीकार होगी । अनुसूचित जाति / जनजाति, निःशक्त (दिव्यांग ) , तृतीय लिंग , राज्य के सेवानिवृत्त सैनिक , राज्य के सेवानिवृत्त अग्निवीर छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2025
770 (3 ) सैनिक , नक्सलवाद से प्रभावित व्यक्ति के द्वारा स्थापित सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के प्रकरणों में अपील शुल्क रूपये 1000 तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से भिन्न प्रकरणों में रूपये 2500 का भुगतान होगा ।
(4 ) अपील शुल्क का भुगतान विविध प्राप्तियों के तहत करते हुए चालान के द्वारा स्वत्व निरस्तीकरण अधिकारी / अपीलीय अधिकारी के कार्यालय में प्राप्त किया जावेगा / जमा किया जावेगा ।
(5) अपीलीय अधिकारी द्वारा तथ्यों के आधार पर तथा प्रभावित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान करते हुये अपील प्रकरण का निराकरण किया जावेगा । 9. अनुदान प्राप्त औद्योगिक इकाई का दायित्व : -
( 1 ) जिन औद्योगिक इकाईयों ने रू . 20 लाख वार्षिक से अधिक अनुदान प्राप्त किया है , उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र को अनुदान प्राप्त होने के वर्ष से 5 वर्ष तक स्वप्रमाणित लेखे व उत्पादन / विक्रय विवरण प्रस्तुत करने होंगे ।
(2) औद्योगिक इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से 05 वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक , जो पश्चातवर्ती हो, तक उत्पादनरत रहते हुए नीति में उल्लेखित प्रतिशत अनुसार अकुशल, कुशल तथा प्रबंधकीय वर्ग में राज्य के मूल निवासियों को रोजगार प्रदान किया जाना अनिवार्य होगा ।
(3 ) वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से 05 वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक , जो पश्चातवर्ती हो, तक उद्योग आयुक्त / संचालक उद्योग की लिखित पूर्वानुमति के बिना इकाई के फैक्ट्री स्थल में कोई परिवर्तन नहीं किया जावेगा , फैक्ट्री का कोई भाग अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा तथा ना ही स्वामित्व परिवर्तन किया जा सकेगा तथा फैक्ट्री के अधोसंरचना तथा स्थायी परिसम्पतियों में कोई सारवान परिर्वतन नहीं किया जावेगा । उद्योग आयुक्त / संचालक उद्योग को प्रकरण के गुण - दोष के आधार पर इन बिन्दुओं पर निर्णय लेने का अधिकार होगा ।
10. स्वप्रेरणा से निर्णय : -
राज्य शासन , भारसाधक सचिव , वाणिज्य एवं उद्योग विभाग , उद्योग आयुक्त / संचालक उद्योग किसी भी अभिलेख को बुला सकेंगे तथा नियमानुसार उचित आदेश पारित कर सकेंगे , परन्तु अनुदान को निरस्त करने या उसमें परिवर्तन के पूर्व प्रभावित पक्ष को सुनवाई का अवसर अवश्य दिया जावेगा । स्वयं के निर्णय / आदेश की समीक्षा भी राज्य शासन , भारसाधक सचिव, उद्योग आयुक्त / संचालक उद्योग कर सकेंगे ।
11. इन नियमों के अन्तर्गत कार्यकारी निर्देश जारी करने , आवेदन पत्र, निरीक्षण / परीक्षण प्रतिवेदन के प्रारूप में संशोधन हेतु उद्योग आयुक्त / संचालक उद्योग सक्षम होंगे एवं अनुदान से संबंधित किसी मुद्दे पर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों द्वारा मार्गदर्शन मांगे जाने पर आयुक्त / संचालक उद्योग द्वारा मार्गदर्शन दिया जावेगा ।
12. इन नियमों की व्याख्या , अनुदान की पात्रता या अन्य विवाद की दशा में राज्य शासन , वाणिज्य एवं उद्योग विभाग का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2025
770 (4)
13. नीति में संशोधन किये जाने की स्थिति में उक्त संशोधन इन नियमों में यथास्थिति लागू होंगे ।
14. इन नियमों के अलग - अलग भाषाओं में संस्करण जारी करने हेतु उद्योग आयुक्त / संचालक उद्योग सक्षम होंगे । विभिन्न भाषाओं के संस्करण में किसी विवाद की स्थिति में हिन्दी संस्करण मान्य होगा ।
15. इन नियमों के अन्तर्गत राज्य के न्यायालय में ही वाद दायर किया जा सकेगा ।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रजत कुमार, सचिव.
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2025
770 (5)
उपाबंध -1
(नियम 6 (2) )
स्वीकृति आदेश
1. छत्तीसगढ़ परिवहन अनुदान नियम , 2024 के नियम 6 (2 ) में प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुये , इन नियमों के अधीन निम्नानुसार परिवहन अनुदान के भुगतान की वित्तीय स्वीकृति, एतद् द्वारा , जारी की जाती है : -
1- औद्योगिक इकाई का नाम व पता
2- उद्योग का स्वरूप
3- औद्योगिक इकाई का संगठन -
4- उद्यमी का वर्ग
5- उत्पादन प्रमाण पत्र क्रमांक
6- उत्पाद व वार्षिक उत्पादन क्षमता
7- वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने का दिनांक
8- औद्योगिक इकाई का कार्यस्थल ( स्थान , विकास खंड व जिला)
9- निर्यात आदेश क्रमांक
10- परिवहन अनुदान पर किया गया अनुमोदित व्यय
11- स्वीकृत अनुदान राशि (अंकों व अक्षरों में)
2. यह राशि वित्तीय वर्ष में विकलनीय होगी । के निम्न बजट शीर्ष मांग संख्या-
3. यह स्वीकृति इन शर्तों के अधीन है कि औद्योगिक इकाई को छत्तीसगढ़ परिवहन अनुदान नियम , 2024 की समस्त कंडिकाओं का पालन करना होगा, उल्लंघन पर स्वीकृति आदेश निरस्त किया जावेगा ।
उद्योग संचालनालय, रायपुर / जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र , जिला संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित – 2025 .