छत्तीसगढ़ शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/ दुर्ग/ 09 / 2013-2015 . "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान ( बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22-छत्तीसगढ़ गजट 38 सि. से. भिलाई . दिनांक 30-05-2001 .
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 388 ]
नवा रायपुर, शुक्रवार, दिनांक 25 अप्रैल 2025- -वैशाख 5 , शक 1947
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग मंत्रालय , महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 25 अप्रैल 2025
अधिसूचना
क्रमांक GENS - 2101 / 1158 / 2025 - COMM . & INDUS.- राज्य शासन , एतद्वारा , औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अध्याय ( स -1 ) में वर्णित फार्मास्युटिकल सेक्टर के वृहद उद्यमों हेतु प्रावधानित क्लिनिकल परीक्षण व्यय प्रतिपूर्ति के क्रियान्वयन हेतु निम्नानुसार नियम लागू करता है: -
नियम
1. नाम
ये नियम छत्तीसगढ़ क्लिनिकल परीक्षण व्यय प्रतिपूर्ति नियम, 2024 कहे जावेंगे ।
प्रभावी दिनांक 2.
ये नियम राजपत्र में प्रकाशन के दिनांक से प्रभावी होंगे ।
3. परिभाषाएं
(1 ) जब तक संदर्भ से अन्यथा अभिप्रेत हो, इन नियमों में, -
(क) नीति से अभिप्रेत है , औद्योगिक विकास नीति 2024-30 ।
(2) अन्य प्रयुक्त शब्दों हेतु वही परिभाषाएं लागू होंगी जो नीति के परिशिष्ट-1 में उल्लेखित हैं ।
4. पात्रता
(1) नीति की कालावधि में वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने वाले फॉर्मास्युटिकल क्षेत्र के वृहद उद्यमों को नीति में वर्णित प्रावधानों के अनुरूपक्लिनिकल परीक्षण व्यय प्रतिपूर्ति की पात्रता होगी ।
(2) पात्र औद्योगिक इकाईयों को इस अधिसूचना के जारी होने के दिनांक / वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक /क्लिनिकल ट्रायल हेतु मान्यता प्राप्त संस्थान से अनुमति मिलने के दिनांक, जो पश्चात्वर्ती हो , से 18 माह के भीतर आवेदन करना होगा ।
यह भी कि नियमों के इस अधिसूचना के अधीन अनुदान हेतु आवेदन किसी भी परिस्थिति में औद्योगिक नीति की समयावधि की समाप्ति / नीति की बढ़ाई गई अवधि के पश्चात् स्वीकार नहीं होंगे । यदि किसी इकाई का वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक से 18 माह की अवधि की समयावधि औद्योगिक नीति की समाप्ति/ नीति की बढ़ाई गई अवधि के पश्चात् आती है , तो संबंधित इकाई के लिए आवेदन की अंतिम तिथि वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने की तिथि से 18 माह मानी जावेगी ।
(3) यह आवश्यक है कि उद्योग में वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से न्यूनतम 5 वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक , जो पश्चातवर्ती हो तक उत्पादनरत रहते हुए नीति में प्रावधानित अनुसार राज्य के मूल निवासियों को निर्धारित प्रतिशत में रोजगार प्रदाय करना होगा ।
775 776
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 25 अप्रैल 2025
5. प्रक्रिया
(1 ) पात्र इकाईयों को निम्नांकित आवश्यक दस्तावेजों के साथ विभागीय वेबसाईट में ऑनलाईन आवेदन करना होगा-
(क) उपाबंध -1 अनुसार निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र ।
(ख) उपाबंध -2 में निर्धारित प्रारूप में क्लिनिकल ट्रायल हेतु व्यय के संबंध में चार्टर्ड एकाउण्टेंट का प्रमाण पत्र ।
(ग ) क्लिनिकल परीक्षण व्यय प्रतिपूर्ति ( क्लिनिकल ट्रायल) हेतु केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ( Central Drugs Standard Control Organization) का अनुमति पत्र ।
(2 ) अपूर्ण / त्रुटिपूर्ण आवेदन की स्थिति में प्रकरण में कमियों को एक साथ बताते हुए आवेदन प्राप्ति दिनांक से 15 दिवस के भीतर कमीपूर्ति हेतु वापिस किए जायेंगे । इकाई द्वारा 30 दिवस की अवधि में प्रकरण की कमियाँ पूर्ण न होने पर अपूर्ण प्रकरण स्वमेव निरस्त मान्य होगा ।
(3 ) प्रकरण पूर्ण एवं नियमानुसार होने पर , परीक्षणोपरांत निर्धारित प्रारूप में स्वीकृति आदेश उपाबंध -3 अनुसार जारी किया जावेगा । पूर्ण आवेदन प्रस्तुत करने के दिनांक से 30 दिवस के भीतर अनुदान की पात्रता संबंधी निर्णय लिया जाना आवश्यक होगा तथा किसी विसंगति की स्थिति में संचालक उद्योग की अनुमति से इकाई का स्थल निरीक्षण किया जा सकेगा ।
(4) स्वत्व के नियमानुसार न होने / अपूर्ण होने पर स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा निरस्तीकरण आदेश जारी किया जावेगा , जिसमें स्वत्व के निरस्तीकरण का कारण व अपील करने संबंधी प्रावधान का भी उल्लेख करना होगा ।
(5 ) उद्योग संचालनालय द्वारा क्लिनिकल परीक्षण व्यय प्रतिपूर्ति का वितरण स्वीकृति के कम में बजट उपलब्ध होने पर किया जावेगा ।
(6) बजट आबंटन के अभाव में प्रतिपूर्ति की राशि देने में विलंब होने पर विभाग का कोई दायित्व नहीं होगा न ही प्रतिपूर्ति राशि पर ब्याज देय होगा ।
6. प्रतिपूर्ति की वसूली
(1 ) प्रतिपूर्ति की राशि औद्योगिक इकाई को स्वीकृत / वितरित हो जाने के पश्चात यदि यह पाया जाता है कि औद्योगिक इकाई द्वारा कोई तथ्य छुपाये गए है , तथ्यों को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया है या सही जानकारी प्रस्तुत नहीं की गयी है व इस प्रकार गलत तरीके से प्रतिपूर्ति प्राप्त किया गया है तो प्रतिपूर्ति की राशि मय 12.5 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से भू- राजस्व के बकाया की भांति वसूल की जा सकेगी / अन्य देय अनुदानों में समायोजित की जा सकेगी ।
(2) औद्योगिक इकाई द्वारा राज्य के मूल निवासियों को निर्धारित प्रतिशत में रोजगार उपलब्ध कराने के पश्चात यदि बाद में रोजगार से वंचित किया जाता है व इस कारण अकुशल , कुशल व प्रबंधकीय वर्ग में दिये जाने वाले रोजगार का प्रतिशत नीति में निर्धारित प्रतिशत से कम हो जाता है तो प्रतिपूर्ति की राशि संबंधित स्वत्व को निरस्त कर वसूली की जा सकेगी । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2025
776 (1 ) (3 ) उद्योग संचालनालय / जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा योजना से संबंधित या कोई जानकारी / अभिलेख मांगे जाने पर औद्योगिक इकाई द्वारा न दी जाये , तो सक्षम अधिकारी प्रकरण पर पुनर्विचार कर निरस्तीकरण आदेश जारी कर सकेंगे । (4 ) यदि औद्योगिक इकाई को पात्रता से अधिक प्रतिपूर्ति प्रदाय की गयी हो, तो अंतर की राशि वसूली / समायोजन योग्य होगी ।
(5 ) उपर्युक्त के अनुसार यथास्थिति निरस्तीकरण / अधिक दिये गये प्रतिपूर्ति की राशि की वसूली के आदेश स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा जारी किये जायेंगे ।
7. अपील
(1 ) आयुक्त / संचालक उद्योग , उद्योग संचालनालय द्वारा जारी किसी आदेश के विरूद्ध अपील भारसाधक सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के समक्ष की जा सकेगी ।
(2) अपील शुल्क रूपये 5000 का भुगतान ऑनलाईन / चालान के माध्यम से करने पर ही अपील स्वीकार होगी ।
परंतु अनुसूचित जाति / जनजाति, निःशक्त ( दिव्यांग) , महिला, तृतीय लिंग , राज्य के सेवानिवृत्त सैनिक, राज्य के सेवानिवृत्त अग्निवीर सैनिक , नक्सलवाद से प्रभावित व्यक्ति के प्रकरणों में अपील शुल्क रूपये 2500 का भुगतान करना होगा । (3 ) अपील शुल्क विभाग के प्राप्ति शीर्ष (0852- उद्योग , 08 - उपभोक्ता उद्योग , 800 - अन्य प्राप्तियां , 0674 - अन्य प्राप्तियां) में ऑनलाईन / चालान के माध्यम से जमा कर, पावती अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जावेगा ।
(4) अपीलीय अधिकारी को अपील करने में हुए विलंब तथा अनुदान हेतु आवेदन प्रस्तुत करने में हुये विलंब एवं प्रकरण के गुण - दोष के आधार पर विचार कर निर्णय लेने का अधिकार होगा । अपीलीय अधिकारी द्वारा तथ्यों के आधार पर तथा प्रभावित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान करते हुये अपील प्रकरण का निराकरण किया जावेगा ।
8. प्रतिपूर्ति प्राप्त औद्योगिक इकाई का दायित्व
(1 ) औद्योगिक इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक अथवा अंतिम प्रतिपूर्ति / अनुदान स्वीकृति दिनांक , जो पश्चातवर्ती हो से 05 वर्ष तक उद्योग चालू रखते हुए , निर्धारित प्रतिशत अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य होगा । (2) वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से 05 वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक , जो पश्चातवर्ती हो तक उद्योग आयुक्त / संचालक उद्योग की लिखित पूर्वानुमति के बिना इकाई के फैक्ट्री स्थल में कोई परिवर्तन नहीं किया जावेगा, फैक्ट्री का कोई भाग अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा तथा ना ही स्वामित्व परिवर्तन किया जा सकेगा तथा फैक्ट्री के अधोसंरचना तथा स्थायी परिसम्पतियों में कोई सारवान परिर्वतन नहीं किया जावेगा । उद्योग आयुक्त/ संचालक उद्योग को प्रकरण के गुण - दोष के आधार पर इन बिन्दुओं पर निर्णय लेने का अधिकार होगा ।
9. स्वप्रेरणा से निर्णय
राज्य शासन , भारसाधक सचिव , वाणिज्य एवं उद्योग विभाग , एवं उद्योग आयुक्त/ संचालक उद्योग किसी भी अभिलेख को बुला सकेंगे तथा नियमानुसार उचित आदेश पारित कर सकेंगे , परन्तु प्रतिपूर्ति को निरस्त करने या उसमें परिवर्तन छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2025
776 (2)
के पूर्व प्रभावित पक्ष को सुनवाई का एक अवसर अवश्य दिया जावेगा । स्वयं के निर्णय की समीक्षा भी राज्य शासन , भारसाधक सचिव, एवं उद्योग आयुक्त / संचालक उद्योग कर सकेंगे ।
10. इन नियमों के अन्तर्गत कार्यकारी निर्देश जारी करने , आवेदन पत्र, निरीक्षण / परीक्षण प्रतिवेदन के प्रारूप में संशोधन हेतु उद्योग आयुक्त / संचालक उद्योग सक्षम होंगे एवं अनुदान से संबंधित किसी मुद्दे पर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों द्वारा मार्गदर्शन मांगे जाने पर उद्योग आयुक्त / संचालक उद्योग द्वारा मार्गदर्शन दिया जावेगा ।
11. नियमों की व्याख्या, प्रतिपूर्ति की पात्रता या अन्य विवाद की दशा में राज्य शासन , वाणिज्य एवं उद्योग विभाग का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा ।
12. नीति में संशोधन किये जाने की स्थिति में उक्त संशोधन इन नियमों में यथास्थिति लागू होंगे ।
13. इन नियमों के अलग - अलग भाषाओं में संस्करण जारी करने हेतु उद्योग आयुक्त / संचालक उद्योग सक्षम होंगे । इन नियमों के तहत जारी हिंदी संस्करण मुख्य संस्करण होगी , जो अलग - अलग भाषाओ में जारी संस्करणों के बीच विसंगति होने पर प्रभावी रहेगा ।
14. इन नियमों के अन्तर्गत राज्य के न्यायालय में ही वाद दायर किया जा सकेगा ।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
रजत कुमार , सचिव.
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2025
776 (3 )
उपाबंध-1
[नियम 5 (1 ) (क) ]
शपथ - पत्र
(न्यूनतम 50 रू . के नान - ज्युडिशियल स्टाम्प पर नोटराईज्ड)
1. यह शपथपूर्वक घोषित किया जाता है कि : -
(1 ) औद्योगिक विकास नीति 2024-30 एवं छत्तीसगढ क्लिनिकल परीक्षण व्यय प्रतिपूर्ति नियम, 2024 का पूर्णतः अध्ययन कर लिया है एवं इसके सभी प्रावधानों का पालन औद्योगिक इकाई द्वारा किया जावेगा ।
(2) आवेदन पत्र में दी गई जानकारी एवं आवेदन पत्र के साथ संलग्न स्व- प्रमाणित अभिलेख पूर्ण रूप से सही है ।
(3 ) औद्योगिक इकाई के संचालन हेतु केन्द्र / राज्य के संबंधित विभागों से अनुमति / सम्मति / अनुज्ञा प्राप्त कर लिया गया है ।
2. यह भी कि इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से 05 वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक , जो पश्चात्वर्ती हो तक , उत्पादनरत् रहते हुए अकुशल, कुशल एवं प्रबंधकीय / प्रशासकीय वर्ग में न्यूनतम क्रमशः 100 प्रतिशत , 70 प्रतिशत एवं 40 प्रतिशत रोजगार राज्य के मूल निवासियों को दिया जाता रहेगा । 4. यह भी कि इकाई द्वारा भारत सरकार / राज्य शासन के अन्य किसी विभाग / निगम / मंडल / संस्था / वित्तीय संस्थाओं से क्लिनिकल परीक्षण व्यय प्रतिपूर्ति प्राप्त नहीं किया है , न ही इस हेतु आवेदन किया है एवं न ही किया जावेगा ।
5. यह भी कि उपरोक्त जानकारी गलत / त्रुटिपूर्ण / मिथ्या पाये जाने पर अन्यथा किसी भी घोषणा का उल्लंघन पाये जाने पर स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा अनुदान राशि की वसूली मय 12.5 प्रतिशत साधारण ब्याज के मांग पत्र पर प्राप्त अनुदान की राशि मय निर्धारित ब्याज के साथ 30 दिवसों की अवधि में वापस की जावेगी ।
औद्योगिक इकाई के अधिकृत व्यक्ति के
हस्ताक्षर
नाम
पद
औद्योगिक इकाई का नाम व पता दिनांक छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2025
776 (4)
उपाबंध-2
[ नियम 5 ( 1 ) (ख) ]
चार्टर्ड एकाउण्टेंट का प्रमाण - पत्र (लेटर हैड पर मूल प्रति में)
औद्योगिक इकाई
जिसका पंजीकृत पता है व फैक्ट्री. में स्थित है , जिसका ई ० एम ० पार्ट-1 / उद्यम आकांक्षा क्रमांक / वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक (अक्षरों में) है एवं क्लिनिकल ट्रायल हेतु किया गया व्यय रूपये है, निम्नानुसार प्रमाणित किया जाता है: -
पंजीयन
क्र०
व्यय राशि भुगतान राशि क्लिनिकल ट्रायल पर किया गया व्यय का विवरण
विभाग / अन्य
एजेंसी जिसे
भुगतान किया गया
है
(4)
( 5 )
(1)
(2)
(3)
1 आवेदन शुल्क
2 लायसेंस शुल्क
3 तकनीकी कन्सलटेंसी व्यय
4 पेटेंट शुल्क
5 अन्य व्यय
योग
स्थान :
दिनांकः
चार्टर्ड एकाउण्टेंट का नाम व पता
सील
हस्ताक्षर
पंजीयन पत्र क्रमांक छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 25 अप्रैल 2025
776(5)
उपाबंध-3
[नियम 5 (3) ]
स्वीकृति आदेश
छत्तीसगढ़ क्लिनिकल परीक्षण व्यय प्रतिपूर्ति नियम , 2024 के नियम 5 में प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुये , इन नियमों के अधीन क्लिनिकल परीक्षण व्यय प्रतिपूर्ति के भुगतान की निम्नानुसार वित्तीय स्वीकृति, एतद् द्वारा , जारी की जाती है : - 1- औद्योगिक इकाई का नाम व पता
2- उद्यम का स्वरूप
3- उद्यमी का वर्ग
4- उत्पाद व वार्षिक उत्पादन क्षमता
5- वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने का दिनांक
6- औद्योगिक इकाई का कार्यस्थल ( स्थान , विकास खंड व जिला ) -
7- क्लिनिकल परीक्षण व्यय प्रतिपूर्ति हेतु अनुमोदित व्यय
स्वीकृत अनुदान / प्रतिपूर्ति राशि (अंकों व अक्षरों में ) 8-
(2) यह राशि वित्तीय वर्ष- के बजट शीर्ष ..में विकलनीय होगी । (3) यह स्वीकृति इन शर्तों के अधीन है कि औद्योगिक इकाई को उपरोक्त नियम के समस्त प्रावधानों का पालन करना होगा , किसी उल्लंघन की स्थिति में स्वीकृति आदेश निरस्त किया जावेगा ।
उद्योग संचालनालय
संचालक , मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय, रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2025 .