कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 13 जून 2025
अधिसूचना
क्र./2027/एफ-02/40/2013/14-2.— छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 (क्र. 24 सन् 1973) की धारा 79 की उप-धारा (2) के खण्ड (छ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्द्वारा, छत्तीसगढ़ कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति, 2012 के अंतर्गत मंडी शुल्क से छूट नियम, 2014 में निम्नलिखित संशोधन करती है, जो उक्त अधिनियम की धारा 79 की उप-धारा (1) द्वारा अपेक्षित किये अनुसार पूर्व में प्रकाशित किए जा चुके हैं, अर्थात्ः-
संशोधन
उक्त नियमों में, -
1. नियम 1 के उप-नियम (1) के स्थान पर, निम्नलिखित उप-नियम प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात् :-
''(1) ये नियम ''छत्तीसगढ़ कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति, 2019-24 के अंतर्गत मंडी शुल्क से छूट नियम, 2019'' कहलायेंगे।''
2. नियम 2 के खण्ड (ड) एवं (ढ) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
''(ड) ''विद्यमान उद्योग'' से अभिप्रेत है ऐसे समस्त उद्योग, जिन्हाेंने नियत दिनांक अर्थात् 01 नवम्बर, 2019 के पूर्व वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ किया हो। किया हो) से इस बाबत् सूचना देकर विस्तार हेतु प्रस्तावित निवेश की निर्धारित मात्रा के लिए पूर्वानुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। 3. नियम 2 के खण्ड (ध) के पश्चात्, निम्नलिखित खण्ड (न) अंतःस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
''(न) अन्य परिभाषाएं औद्योगिक नीति 2019-24 के अनुसार मान्य होगी।''
4. नियम 3 के खण्ड (1) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
''(1) औद्योगिक नीति 2019-24 के अंतर्गत कालावधि 01 नवम्बर, 2019 से 31 अक्टूबर, 2024 तक वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ करने वाले कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की श्रेणी में आने वाले (औद्योगिक नीति 2019-24 के परिशिष्ट-4 में वर्णित अपात्र उद्योगों को छोड़कर) समस्त नवीन उद्योगों की स्थापना एवं विद्यमान उद्योगों के विस्तार/प्रतिस्थापन/शवलीकरण के अंतर्गत स्थापित औद्योगिक इकाईयों को मण्डी शुल्क से छूट प्राप्त होगी।''
5. नियम 4 के स्थान पर, निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
''4. मण्डी शुल्क से छूट की मात्रा -
4.1 सामान्य वर्ग के उद्यमियों द्वारा राज्य में स्थापित होने वाले नवीन/विद्यमान उद्योगों के विस्तार/प्रतिस्थापन/शवलीकरण के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं वृहद श्रेणी के कृषि एवं खाद्य उत्पादों के प्रसंस्करण उद्योगों को राज्य की मंडियों/सीधे उत्पादनकर्ता कृषक/इकाई/राज्य के बाहर से कच्चामाल क्रय करने पर मंडी शुल्क से छूट प्रमाण पत्र जारी होने के दिनांक से 5 वर्ष तक के लिये कृषि उत्पादों (औद्योगिक नीति 2019-24 के परिशिष्ट-4 में वर्णित अपात्र उद्योगों को छोड़कर) पर लगने वाले मंडी शुल्क से पूर्ण छूट, अधिकतम राशि रू. 2.00 करोड़ प्रतिवर्ष की सीमा तक प्रदान की जायेगी, साथ ही छूट की कुल अधिकतम सीमा इकाई द्वारा किये गये स्थायी पूंजी निवेश के 75% से अधिक नहीं होगी।
4.2 अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के उद्यमियों द्वारा राज्य में स्थापित होने वाले नवीन/विद्यमान उद्योगों के विस्तार/प्रतिस्थापन/शवलीकरण के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं वृहद श्रेणी के कृषि एवं खाद्य उत्पादों के प्रसंस्करण उद्योगों को राज्य की मंडियों/सीधे उत्पादनकर्ता कृषक/इकाई/राज्य के बाहर से कच्चामाल क्रय करने पर मण्डी शुल्क से छूट प्रमाण पत्र जारी होने के दिनांक से 7 वर्ष तक के लिये कृषि उत्पादों (औद्योगिक नीति 2019-24 के परिशिष्ट-4 में वर्णित अपात्र उद्योगों को छोड़कर) पर लगने वाले मंडी शुल्क से पूर्ण छूट, अधिकतम राशि रू. 3. 00 करोड़ प्रतिवर्ष की सीमा तक प्रदान की जायेगी, साथ ही छूट की कुल अधिकतम सीमा इकाई द्वारा किये गये स्थायी पूंजी निवेश के 100% से अधिक नहीं होगी।''
यह अधिसूचना दिनांक 01 नवम्बर, 2019 से प्रभावशील होगी।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
विकास मिश्रा, उप-सचिव.