((तत)) ''''श्शाााससककीीयय अअननुुददाानन पप्र्रााप्प्तत ममहहाावििवद्यद्यााललयय'''' ससेे अअभ्भििापप्र्रेेतत हहैै,, एऐेससाा नििनजजीी चििचकििकत्त्ससाा अअथ्थाववाा ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा अअथ्थाववाा भ्भााौैतिितकक चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय जििजससननेे चचलल ससम्म्पपत्त्तिित,, अअचचलल ससम्म्पपत्त्तिित,, श्शाााससककीीयय अअस्स्पपतताालल अअथ्थाववाा कििकससीी अअन्न्यय श्शाााससककीीयय ससम्म्पपत्त्तिित ककेे उउपपययाोेगग ककाा अअध्धििाककाारर अअथ्थाववाा अआाथ्र्थििाकक ससहहााययतताा ककेे रूरूपप ममेेंं ररााज्ज्यय श्शाााससनन ससेे ककाोेइर्ई भ्भाीी ससहहााययतताा पप्र्रााप्प्तत ककीी हहाोे;;
((थ्था)) ''''वििवश्श्वववििवद्यद्यााललयय'''' ससेे अअभ्भििाप्रप्रेेतत हहैै,, छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ ममेेंं स्स्थ्थििातत पपंं..ददीीननददययाालल उउपपााध्ध्ययाायय स्स्ममृृतिित स्स्ववाास्स्थ्थ्यय वििवज्ञज्ञाानन एएववंं अआाययुुष्षा वििवश्श्वववििवद्यद्यााललयय,, छछत्त्ततीीससगगढढ़़;;
((दद)) ''''ददस्स्ततााववेेजज'''' ससेे अअभ्भििाप्रप्रेेतत हहैै,, ममूूलल ददस्स्ततााववेेजज
((ध्धा)) ''''श्शाााससककीीयय नििनययतताांंश्शा'''' ससेे अअभ्भििाप्रप्रेेतत हहैै,, नििनजजीी चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय,, नििनजजीी ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय एएववंं नििनजजीी फििफजििजययाोेथ्थौैररेेपपीी ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककीी ससीीटटाोेंं ककाा 5500 पप्र्रतिितश्शातत ((एएनन..अआारर..अआाइर्ई.. ससीीटटाोेंं ककाोे छछाोेडड़़ककरर श्शोेष्षा ससीीटटाोेंं ककाा)) श्शाााससककीीयय नििनययतताांंश्शा हहाोेगगाा।।
((नन)) ''''पप्र्रबबंंध्धानन नििनययतताांंश्शा'''' ससेे अअभ्भििाप्रप्रेेतत हहैै,, नििनजजीी चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय,, नििनजजीी ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय एएववंं नििनजजीी फििफजििजययाोेथ्थौैररेेपपीी ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककीी ससीीटटाोेंं ककाा 5500 पप्र्रतिितश्शातत ((एएनन..अआारर..अआाइर्ई.. ससीीटटाोेंं ककाोे छछाोेडड़़ककरर श्शोेष्षा ससीीटटाोेंं ककाा)) पप्र्रबबंंध्धानन नििनययतताांंश्शा हहाोेगगाा।।
((पप)) ''''अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय ((एएनन..अआारर..अआाइर्ई..))'''' ससेे अअभ्भििाप्रप्रेेतत हहैै कििक,, ककेेन्न्दद्र्र ससररककाारर द्वद्वाारराा जजााररीी वििवध्धििाययाोेंं//नििनययममाोेंं//अअध्धििाससूूचचननााअआोेंं//अआाददेेश्शााोेंं ममेेंं पपरििरभ्भाााष्षििातत//घ्घााोेष्षििातत कििकययाा गगययाा हहैै।। ((फफ)) ''''अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय ((एएनन..अआारर..अआाइर्ई..)) नििनययतताांंश्शा'''' ससेे अअभ्भििाप्रप्रेेतत हहैै,, कििक नििनजजीी चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय,, नििनजजीी ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय एएववंं नििनजजीी फििफजििजययाोेथ्थौैररेेपपीी ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककीी ससीीटटाोेंं ककाा 1155 पप्र्रतिितश्शातत अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय ((एएनन..अआारर..अआाइर्ई..)) नििनययतताांंश्शा हहाोेगगाा।। ससााममाान्न्यय :ः--
11.. स्स्ननााततकक डििडगग्र्रीी पपााठठ््ययक्रक्रमम//पप्र्रववेेश्शा पपररीीक्ष्क्षााा,, अआाववंंटटनन एएववंं पप्र्रववेेश्शा,, वििवश्श्वववििवद्यद्यााललयय//भ्भाााररतत ससररककाारर//ररााज्ज्यय ससररककाारर//ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककीी स्स्ववााययत्त्तत ससाोेससााययटटीी ककेे ततत्त्ससममयय ललाागगूू नििनययममाोेंं एएववंं वििवनििनययममाोेंं द्वद्वाारराा श्शााासििसतत एएववंं वििवनििनययमििमतत हहाोेंंगगेे।।
22.. स्स्ननााततकक पपााठठ््ययक्रक्रमम,, पप्र्रववेेश्शा ककीी तिितथ्थििा ससेे वििवश्श्वववििवद्यद्यााललयय//भ्भाााररतत ससररककाारर//ररााज्ज्यय ससररककाारर द्वद्वाारराा ययथ्थााा नििनध्र्धााारििरतत पपूूण्र्णाककाालििलकक अअववध्धििा ककेे पपााठठ््ययक्रक्रमम हहाोेंंगगेे।। ससम्म्पपूूण्र्णा अअध्ध्ययययनन अअववध्धििा ककेे ददाौैरराानन वििवद्यद्यााथ्र्थििाययाोेंं ककाोे अअश्श्ंांाककाालििलकक नििनजजीी पप्र्रैैक्क्टििटसस अअथ्थाववाा अअन्न्यय ककाोेइर्ई जजाॉॅबब ककररननेे ककीी अअननुुममतिित ननहहीींं हहाोेगगीी।।
33.. अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककाोे ययथ्थााा अआाववश्श्ययकक ससहहीी जजााननककााररीी ददेेननाा एएववंं पप्र्रस्स्ततुुतत ककररननाा हहाोेगगाा।। अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे ससललााहह ददीी जजााततीी हहैै कििक,, अआाववेेददनन पप्र्रपपत्रत्र भ्भाररननेे ससेे पपूूवर्व ववेे नििनययममाोेंं ककाोे अअच्च्छछीी ततररहह ससेे पपढढ़़ ललेेंं अआौैरर पपूूण्र्णा एएववंं ससहहीी अआाववश्श्ययकक जजााननककााररीी भ्भाररंेंे अआौैरर ययथ्थााा अआाववश्श्ययकक ददस्स्ततााववेेजज भ्भाीी ससंंललग्ग्नन ककररेेंं,, एऐेससाा ककररननेे ममेेंं वििवफफलल हहाोेननेे पपरर,, अआाववेेददकक,, पप्र्रववेेश्शा पपररीीक्ष्क्षााा,, अआाववंंटटनन एएववंं पप्र्रववेेश्शा अआादििद ककेे हहककददाारर ननहहीींं हहाोेंंगगेे।।
44.. पप्र्रत्त्ययेेकक अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे वििवश्श्वववििवद्यद्यााललयय अआौैरर ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककेे नििनययममाोेंं अआौैरर वििवनििनययममाोेंं ककाा अअनििनववाायर्य रूरूपप ससेे पपााललनन ककररननाा हहाोेगगाा ततथ्थााा नििनध्र्धााारििरतत श्शाुुल्ल्कक ककाा भ्भाुुगगतताानन ककररननाा हहाोेगगाा।। 55.. श्शाााससनन द्वद्वाारराा ससममयय--ससममयय पपरर ससंंबबंंध्धििातत ममहहाावििवद्यद्यााललययाोेंं ककेे लििलएए जजााररीी कििकएए गगएए ससभ्भाीी नििनदर्देेश्शा ललाागगूू हहाोेंंगगेे।।୧୦୭୪ (୨) 33.. पपाात्रत्रतताा :ः--
((अअ)) श्शाााससककीीयय चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय,, श्शाााससककीीयय ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय,, नििनजजीी चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ततथ्थााा नििनजजीी ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककेे श्शाााससककीीयय नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटाोेंं ककेे लििलएए पपाात्रत्रतताा :ः--
ककेेववलल उउससीी अअभ्भ्य्य्ााथ्र्थाीी ककाोे प्रप्रववेेश्शा हहेेततुु पपाात्रत्रतताा हहाोेगगीी जजाोे भ्भाााररतत ककाा ननाागगरििरकक हहाोे,, छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ ककाा ववाास्स्ततवििवकक नििनववााससीी हहाोे अआौैरर जजाोे पपररीीक्ष्क्षााा ववष्र्षा ककेे 3311 दििदससम्म्बबरर ककाोे न्न्ययूूननततमम 1177 ववष्र्षा ककीी अआाययुु पपूूण्र्णा ककररतताा हहाोे।।
ततथ्थााा
जििजससननेे छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ ममााध्ध्ययमििमकक श्शििाक्ष्क्षााा ममण्ण्डड़़लल ककीी बबााररहहववीींं ककक्ष्क्षााा ककीी पपररीीक्ष्क्षााा ययाा छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ श्शाााससनन द्वद्वाारराा ससम्म्ययकक्् रूरूपप ससेे ममाान्न्ययतताा प्रप्रााप्प्तत अअन्न्यय ररााज्ज्ययाोेंं ककेे ममााध्ध्ययमििमकक श्शििाक्ष्क्षााा ममण्ण्डडललाोेंं ककीी ससममककक्ष्क्षा पपररीीक्ष्क्षााा अअंंगग्र्रेेजजीी,, भ्भााौैतिितककीी,, ररससााययनन एएववंं जजीीवव वििवज्ञज्ञाानन//जजैैवव--प्रप्राौैद्यद्याोेगििगककीी वििवष्षाययाोेंं ममेेंं उउत्त्त्ताीीण्र्णा ककीी हहाोे ततथ्थााा वििवष्षायय भ्भााौैतिितककीी,, ररससााययनन एएववंं जजीीवव वििवज्ञज्ञाानन//जजैैवव--प्रप्राौैद्यद्याोेगििगककीी ममेेंं अअननााररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ममेेंं ककुुलल अअंंकक न्न्ययूूननततमम 5500 प्रप्रतिितश्शातत ततथ्थााा अआाररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ममेेंं ककुुलल अअंंकक न्न्ययूूननततमम 4400 प्रप्रतिितश्शातत अअजििर्जतत कििकएए हहाोेंं।।
ततथ्थााा
चििचकििकत्त्ससाा एएववंं ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा पपााठठ््ययक्रक्रममाोेंं ममेेंं प्रप्रववेेश्शा हहेेततुु जििजससननेे पप्र्रववेेश्शा पपररीीक्ष्क्षााा ((NNEEEETT)) नििनययमम 0022 ((कक)) ((ख्खा)) ककेे अअननुुरूरूपप ममेेंं अअननााररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ककेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककेे लििलययेे न्न्ययूूननततमम 5500 प्रप्रतिितश्शाततममकक ((PPeerrcceennttiillee)),, अआाररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ककेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककेे लििलययेे न्न्ययूूननततमम 4400 प्रप्रतिितश्शाततममकक ((PPeerrcceennttiillee)) ततथ्थााा अअननााररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ककेे दििदव्व्ययाांंगगजजनन ससंंववगर्ग ककेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककेे लििलययेे 4455 प्रप्रतिितश्शाततममकक ((PPeerrcceennttiillee)) अअंंकक अअजििर्जतत कििकययेे हहाोेंं अअथ्थाववाा NNEEEETT पप्र्रववेेश्शा पपररीीक्ष्क्षााा द्वद्वाारराा नििनध्र्धााारििरतत श्रश्रेेण्णाीीववाारर न्न्ययूूननततमम अअहर्हतताा अअंंकक,, जजाोे भ्भाीी न्न्ययूूननततमम हहाोेगगाा ववहह ममाान्न्यय कििकययाा जजााययेेगगाा।। ((भ्भााौैतिितकक चििचकििकत्त्ससाा पपााठठ््ययक्रक्रमम ममेेंं पप्र्रववेेश्शा हहेेततुु ककाोेइर्ई न्न्ययूूननततमम अअहर्हततााककााररीी अअंंकक ननहहीींं हहाोेंंगगेे)) ययदििद NNEEEETT ककेे ससममस्स्तत श्रश्रेेण्णाीी//कििकससीी श्रश्रेेण्णाीी ममेेंं प्रप्रतिितश्शाततममकक ((PPeerrcceennttiillee)) ममेेंं ककेेन्न्दद्र्र श्शाााससनन द्वद्वाारराा ककममीी ककीी जजााततीी हहैै तताोे ववहह ममाान्न्यय हहाोेगगीी।।
((बब)) नििनजजीी चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय एएववंं ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककेे पप्र्रबबंंध्धानन नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटाोेंं ककेे लििलएए पपाात्रत्रतताा :ः-- पप्र्रथ्थाममततःः नििनययमम 0033 ((अअ)) ककेे अअननुुससाारर ससभ्भाीी श्रश्रेेण्णाीी ककेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी पपाात्रत्र हहाोेंंगगेे ततथ्थााा छछत्त्ततीीससगगढढ़़ ररााज्ज्यय ककेे बबााहहरर ककेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी पपाात्रत्र हहाोेंंगगेे।। जजाोे कििक नििनययमम 0033 ((अअ)) ररााज्ज्यय ककेे ममूूलल नििनववााससीी ककेे अअतिितरििरक्क्तत अअन्न्यय ससभ्भाीी ययाोेग्ग्ययतताा पपूूण्र्णा ककररततेे हहाांेंे,, कििकन्न्ततुु ररााज्ज्यय ककेे बबााहहरर ककेे अआाररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ककेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे अअहर्हततााककााररीी प्रप्रतिितश्शाततममकक ((PPeerrcceennttiillee)) ततथ्थााा अआाररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ककेे अआाररक्ष्क्षाण्णा ककाा ललााभ्भा ननहहीींं दििदययाा जजााययेेगगाा एएववंं पपररस्स्पपरर ससममाानन पप्र्रााववीीण्ण्ययतताा क्रक्रममााननुुससाारर ((CCoommmmoonn MMeerriitt LLiisstt)) हहीी अआाववंंटटनन पप्र्रााप्प्तत ककरर ससककेेंंगगेे।।
((सस)) नििनजजीी चििचकििकत्त्ससाा एएववंं ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककेे अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय ((NNRRII)) नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटाोेंं ककेे लििलएए पपाात्रत्रतताा :ः-- श्शाााससनन ककेे पप्र्रचचलििलतत नििनययममााननुुससाारर ललाागगूू हहाोेगगाा ततथ्थााा नििनययमम 33 ((अअ)) पपाात्रत्रतताा ककेे ममूूलल नििनववााससीी ककेे अअतिितरििरक्क्तत अअन्न्यय ससभ्भाीी ययाोेग्ग्ययतताा पपूूण्र्णा ककररतताा हहाोे।। नििनययममााननुुससाारर अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय ((NNRRII)) ससीीटटाोेंं ककेे रििरक्क्तत ररहहननेे पपरर पप्र्रबबंंध्धानन नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटाोेंं ममेेंं पपरििरववतििर्ततत कििकययाा जजाा ससककेेगगाा।।୧୦୭୪ (୩) 44.. अअल्ल्पपससंंख्ख्ययकक ममहहाावििवद्यद्यााललययाोेंं ममेेंं प्रप्रववेेश्शा हहेेततुु वििवश्शोेष्षा प्रप्रााववध्धााानन :ः-- अअल्ल्पपससंंख्ख्ययकक ममहहाावििवद्यद्यााललयय प्रप्रववेेश्शा हहेेततुु अअतिितरििरक्तक्त अअन्न्यय अअहर्हततााययेेंं भ्भाीी नििनध्र्धााारििरतत ककरर ससककेेंंगगेे पपररंंततुु उउन्न्हहेेंं एऐेससीी अअहर्हततााअआोेंं ककेे ससंंबबंंध्धा ममेेंं पपररीीक्ष्क्षााा ववष्र्षा ककेे 1155 ममााचर्च ततकक इइसस ससंंबबंंध्धा ममेेंं ससंंचचााललकक ककाोे लििलख्खििातत ससूूचचननाा ददेेननीी हहाोेगगीी जििजससससेे कििक उउन्न्हहेेंं प्रप्रववेेश्शा वििवववररण्णििाककाा ममेेंं ससम्म्मििमलििलतत कििकययाा जजाा ससककेे।।
55.. ससीीटटाोेंं ककाा अआाररक्ष्क्षाण्णा :ः--
((11)) प्रप्रत्त्ययेेकक श्शाााससककीीयय ममहहाावििवद्यद्यााललयय एएववंं नििनजजीी ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककेे श्शाााससककीीयय नििनययतताांंश्शा ममेेंं ससंंस्स्थ्थाााववाारर पप्र्रत्त्ययेेकक ससंंस्स्थ्थााा ककीी ससीीटटाोेंं ममेेंं अअननुुससूूचििचतत जजननजजाातिित ककेे लििलययेे 3322 प्रप्रतिितश्शातत,, अअननुुससूूचििचतत जजाातिित ककेे लििलययेे 1122 प्रप्रतिितश्शातत अआौैरर अअन्न्यय पििपछछडड़़ाा ववगर्ग ((क्रक्रीीममीीललेेययरर ककाोे छछाोेडड़़ककरर)) ककेे लििलययेे 1144 प्रप्रतिितश्शातत ससीीटटेेंं अआाररक्ष्क्षििातत ररहहेेंंगगीी,, पप्र्रत्त्ययेेकक श्शाााससककीीयय ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं ककुुलल ससीीटटाोेंं ककीी 1100 पप्र्रतिितश्शातत ससीीटटेेंं इर्ई..डडब्ब्ललूू..एएसस.. श्रश्रेेण्णाीी हहेेततुु अआाररक्ष्क्षििातत ररहहेेंंगगीी।। इइसस अआाररक्ष्क्षाण्णा ककेे ललााभ्भा हहेेततुु अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे छछत्त्ततीीससगगढढ़़ ररााज्ज्यय ककाा स्स्थ्थाााययीी जजाातिित पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र // इर्ई..डडब्ब्ललूू..एएसस पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र पप्र्रस्स्ततुुतत ककररननाा अअनििनववाायर्य हहाोेगगाा।।
((22)) ससभ्भाीी श्रश्रेेण्णििाययाोेंं ममेेंं ससैैनििनकक ससंंववगर्ग ककेे लििलएए 33 प्रप्रतिितश्शातत,, स्स्ववततंंत्रत्रतताा ससंंगग्र्राामम ससेेननााननीी ससंंववगर्ग हहेेततुु 33 प्रप्रतिितश्शातत,, दििदव्व्ययाांंगगजजनन ससंंववगर्ग हहेेततुु 55 प्रप्रतिितश्शातत एएववंं ममहििहललाा ससववंंगर्ग हहेेततुु 3300 प्रप्रतिितश्शातत क्ष्क्षौैतिितजज अआाररक्ष्क्षाण्णा हहाोेगगाा।।
((33)) दििदव्व्ययाांंगगजजनन ससंंववगर्ग हहेेततुु अआाररक्ष्क्षििातत ससीीटटाोेंं ककाोे (NMC) द्वद्वाारराा नििनध्र्धााारििरतत पपाात्रत्रतताा ककेे अअननुुससाारर भ्भारराा जजााययेेगगाा।।
दििदव्व्ययाांंगगजजनन प्रप्रममााण्णा पपत्रत्र -- छछ..गग.. ररााज्ज्यय ममेेडििडककलल बबाोेडर्ड द्वद्वाारराा जजााररीी प्रप्रममााण्णा पपत्रत्र हहीी स्स्ववीी——तत कििकययाा जजााएएगगाा ।। ययहह प्रप्रममााण्णा पपत्रत्र अअभ्भ्ययथ्र्र्थाीी द्वद्वाारराा अआाववेेददनन ककेे उउपपरराांंतत ररााज्ज्यय ममेेडििडककलल बबाोेडर्ड द्वद्वाारराा ससममस्स्तत जजााँँचच ककेे पपश्श्चचाातत्् जजााररीी कििकययाा जजााएएगगाा।। प्रप्रववेेश्शा ककेे एएकक दििदववसस पपूूवर्व ततकक जजााररीी प्रप्रममााण्णापपत्रत्र ममाान्न्यय हहाोेंंगगेे।।
((44)) ससभ्भाीी श्रश्रेेण्णििाययाोेंं ममेेंं ससैैनििनकक ससंंववगर्ग 33 पप्र्रतिितश्शातत,, स्स्ववततंंत्रत्रतताा ससंंगग्र्राामम ससेेननााननीी ससंंववगर्ग 33 पप्र्रतिितश्शातत,, दििदव्व्ययाांंगगजजनन ससंंववगर्ग हहेेततुु 55 पप्र्रतिितश्शातत क्ष्क्षौैतिितजज अआाररक्ष्क्षाण्णा उउपपललब्ब्ध्धा हहैै।। इइनन ससंंववगर्ग ममेेंं अआाववेेदििदतत अअभ्भ्ययथ्र्थाीी उउक्क्तत ससंंववगर्ग ममेेंं पपाात्रत्र हहाोेननेे पपरर ससंंबबंंध्धििातत ससंंववगर्ग ककीी ससीीटटाोेंं ककाा अआाववंंटटनन पप्र्रााप्प्तत ककरर ससककेेंंगगेे ततथ्थााा ययदििद ससंंववगर्ग ककीी ससीीटटंेंे ससममााप्प्तत हहाोे जजााततीी हहंैंै,, तताोे ससंंववगर्ग ककेे पपाात्रत्र अअभ्भ्ययथ्र्थाीी अअपपननीी श्रश्रेेण्णाीी ककेे पप्र्रााववीीण्ण्यय ससूूचचीी ककीी पप्र्राावििवण्ण्ययततााननुुससाारर अआाववंंटटनन ककेे पपाात्रत्र हहाोेंंगगेे।। कििकन्न्ततुु ययदििद ससंंववगर्ग ममेेंं अआाववेेददनन ककेे उउपपरराान्न्तत ससंंववीीक्ष्क्षााा ममेेंं अअपपाात्रत्र पपााययेे जजााततेे हहैैंं,, तताोे ववेे पप्र्रााववीीण्ण्यय ससूूचचीी ससेे बबााहहरर हहाोे जजााततेे हहैै,, अअथ्र्थााातत ककााउउंंसििसलििलंंगग हहेेततुु अअपपाात्रत्र हहाोे जजााततेे हहंैंै।।
66.. चचययनन प्रप्रक्रििक्रययाा :ः--
((कक)) ररााष्ष्टट्र्रीीयय पपाात्रत्रतताा ससहह पप्र्रववेेश्शा पपररीीक्ष्क्षााा ((NNEEEETT)) // अअध्धििाककृृतत एएजजेेंंससीी ककीी प्रप्रववेेश्शा पपररीीक्ष्क्षााा हहेेततुु अआाववेेददनन :ः--
((11)) प्रप्रववेेश्शा पपररीीक्ष्क्षााा हहेेततुु एएजजेेंंससीी द्वद्वाारराा नििनध्र्धााारििरतत तिितथ्थििा अअननुुससाारर अऑॉननललााइइनन अआाववेेददनन अआाममंंत्रिित्रतत कििकययेे जजााययेेंंगगेे।।୧୦୭୪ (୪) ((22)) अआॉॅननललााइर्ईनन अआाववेेददनन ममेेंं एऐेससीी पप्र्रवििवष्ष्टििटययाॉॅ ((एएन्न्टट्र्रीी)) जजाोे कििक ककेेन्न्दद्र्र श्शाााससनन द्वद्वाारराा उउपपललब्ब्ध्धा ककररााययेे गगययेे पपररीीक्ष्क्षााा पपरििरण्णााामम डडााटटाा ससेे ससीीध्धोे अआाततीी हहैैंं,, उउनन पप्र्रवििवष्ष्टििटययाोेंं ससहििहतत अआाववेेददकक ककाा स्स्ववययंं पप्र्रवििवष्ष्टट कििकययाा गगययाा ममाोेबबााइर्ईलल ननम्म्बबरर,, इर्ई--ममेेलल पपतताा अअपपरििरववतर्तननीीयय ररहहेेंंगगेे।। ((ख्खा)) पपररीीक्ष्क्षााा पपरििरण्णाााममःः एएजजेेंंससीी ससभ्भाीी अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककीी श्रश्रेेण्णाीीववाारर प्रप्रााववीीण्ण्यय ससूूचचीी,, अआौैरर अअंंकक ससूूचचीी घ्घााोेष्षििातत ककररेेगगीी।। उउक्क्त्ता प्रप्रााववीीण्ण्यय ससूूचचीी ममेेंं ससेे पपाात्रत्र अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककीी ससूूचचीी ररााष्ष्टट्र्रीीयय पपररीीक्ष्क्षााा एएजजेेंंससीी द्वद्वाारराा ससंंचचााललननााललयय चििचकििकत्त्ससाा श्शििाक्ष्क्षााा ककाोे उउपपललब्ब्ध्धा ककररााययीी जजााययेेगगीी।। प्रप्रााववीीण्ण्यय ससूूचचीी ममेेंं नििनययमम 33 अआौैरर नििनययमम 44 ककेे अअननुुससाारर पपाात्रत्र अअभ्भ्ययथ्र्थाीी हहीी ससम्म्मििमलििलतत कििकययेे जजााययेेंंगगेे।। ररााज्ज्यय ककाोेटटेे ममेेंं उउपपललब्ब्ध्धा ससीीटटाोेंं पपरर प्रप्रााववीीण्ण्यय ससूूचचीी ककेे अअननुुक्रक्रमम अअननुुससाारर नििनययमम 77 ककेे अअननुुरूरूपप ककााउउंंसििसलििलंंगग ककेे द्वद्वाारराा पपाात्रत्र अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे ममहहाावििवद्यद्यााललयय वव पपााठठ्य्यक्रक्रमम ककाा अआाववंंटटनन कििकययाा जजााययेेगगाा।।
77.. ककााउउंंसििसलििलंंगग प्रप्रक्रििक्रययाा -- एएनन..एएमम..ससीी.. द्वद्वाारराा दििदययेे गगययेे नििनदर्देेश्शाााननुुससाारर ससंंपपूूण्र्णा ककााउउंंसििसलििलंंगग पप्र्रकििक्र्रययाा अआॉॅननललााइर्ईनन ससम्म्पपन्न्नन ककीी जजााएएगगीी।। ररााज्ज्यय ककेे श्शाााससककीीयय चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककीी ससीीटटंेंे,, नििनजजीी चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककेे श्शाााससककीीयय नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटंेंे एएववंं नििनजजीी चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय पप्र्रबबंंध्धानन नििनययतताांंश्शा एएववंं अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटंेंे//ररााज्ज्यय ककेे श्शाााससककीीयय ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककीी ससीीटटंेंे,, नििनजजीी ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककेे श्शाााससककीीयय नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटेेंं एएववंं नििनजजीी ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय पप्र्रबबंंध्धानन नििनययतताांंश्शा एएववंं अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटंेंे//ररााज्ज्यय ककेे श्शाााससककीीयय फििफजििजययाोेथ्थौैररेेपपीी ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककीी ससीीटटंेंे,, नििनजजीी फििफजििजययाोेथ्थौैररेेपपीी ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककेे श्शाााससककीीयय नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटेेंं एएववंं नििनजजीी फििफजििजययाोेथ्थौैररेेपपीी ममहहाावििवद्यद्यााललयय पप्र्रबबंंध्धानन नििनययतताांंश्शा एएववंं अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटेेंं ककेे स्स्ननााततकक पपााठठ््ययक्रक्रममाोेंं ककीी उउपपललब्ब्ध्धा ससीीटटाोेंं ममेेंं प्रप्रववेेश्शा ककेे लििलययेे नििनययमम--66 ककेे अअननुुससाारर ततैैययाारर ककीी गगइर्ई प्रप्रााववीीण्ण्यय ससूूचचीी ककेे अआाध्धााारर पपरर नििनययमम--33 ((अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय हहेेततुु ललाागगूू नििनययमम 1133 ससहििहतत)) ककेे अअननुुससाारर ससंंचचााललननााललयय द्वद्वाारराा नििनम्म्ननााननुुससाारर अऑॉननललााइइनन ककााउउंंसििसलििलंंगग ककीी जजााययेेगगीी --
((ii)) उउपपरराोेक्क्तत उउल्ल्ललेेख्खििातत अअननुुससाारर प्रप्रााववीीण्ण्यय ससूूचचीी घ्घााोेष्षििातत हहाोेननेे ककेे बबाादद,, अआॉॅननललााइर्ईनन अआाववेेददनन छछत्त्ततीीससगगढढ़़ ररााज्ज्यय ककीी ससीीटटाोेंं हहेेततुु अआाममंंत्रिित्रतत कििकययेे जजााययेेंंगगेे।। अआॉॅननललााइर्ईनन अआाववेेददनन ककेे ससममयय पप्र्रवििवष्ष्टट ककीी हहुुइर्ई पपाात्रत्रतताा ययाा अअन्न्यय ककाोेइर्ई भ्भाीी जजााननककााररीी जजैैससेे ःः ममूूलल नििनववााससीी,, श्रश्रेेण्णाीी,, ससंंववगर्ग,, अअपपरििरववतर्तननीीयय हहाोेंंगगेे।। अअततःः वििवश्शोेष्षाककरर अअपपननीी श्रश्रेेण्णाीी,, ससंंववगर्ग चचययनन ककररननेे ककेे पपूूवर्व अअपपननेे ववाांंछििछतत पप्र्राारूरूपप ममेेंं ववाांंछििछतत ससममययााववध्धििा ककेे पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र ककाा नििनररीीक्ष्क्षाण्णा अअववश्श्यय ककरर ललेेंं।। ककााउउंंसििसलििलंंगग ककेे पप्र्रत्त्ययेेकक चचररण्णााोेंं ममेेंं अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककाोे ससंंस्स्थ्थााा चचययनन ककाोे पपरििरववतर्तनन ककररननेे ककाा वििवककल्ल्पप उउपपललब्ब्ध्धा हहाोेगगाा।।
ससंंचचााललननााललयय द्वद्वाारराा पप्र्रथ्थामम,, द्वििद्वततीीयय,, ममाॉॅपप--अअपप ररााउउण्ण्डड एएववंं स्स्टट्र्रेे ररााउउण्ण्डड चचररण्णााोेंं ममेेंं अआॉॅननललााइर्ईनन ककााउउंंसििसलििलंंगग ककीी जजााययेेगगीी,, जििजससककीी ससममयय--ससााररण्णाीी ससंंचचााललननााललयय ककीी ववेेबबससााइइटट पपरर ततत्त्ससममयय प्रप्रककााश्शििातत ((घ्घााोेष्षििातत)) ककीी जजााययेेगगीी;; चचततुुथ्र्था चचररण्णा ककेे पपश्श्चचाातत्् ससीीटटेेंं रििरक्क्त्ता ररहहननेे पपरर पप्र्रववेेश्शा ककीी अअंंतिितमम तिितथ्थििा ककेे पपूूवर्व अआॉॅननललााइइनन ककााउउंंसििसलििलंंगग ककेे चचररण्णााोेंं ककीी ससंंख्ख्ययाा बबढढ़़ााइर्ई जजाा ससककेेगगीी।।
((iiii)) अआाननललााइर्ईनन ककााउउंंसििसलििलंंगग ममेेंं पपंंजजीीययनन,, प्रप्रााथ्थामििमककतताा क्रक्रमम ककाा नििनध्र्धाााररण्णा,, अआाववंंटटनन,, ममूूलल ददस्स्ततााववेेजजाोेंं ककीी ससंंववीीक्ष्क्षााा वव अआाववंंटििटत्ता ससीीटटाोेंं ममेेंं प्रप्रववेेश्शा ककीी प्रप्रक्रििक्रययाा ससम्म्मििमलििलतत हहाोेंंगगीी।। ((iiiiii)) अऑॉननललााइइनन ककााउउंंसििसलििलंंगग श्शाुुल्ल्कक ककेे रूरूपप ममेेंं अअननााररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी एएववंं अअन्न्यय पििपछछडड़़ाा ववगर्ग श्रश्रेेण्णाीी हहेेततुु ररााश्शििा रूरूपपययेे 11000000//-- ((रूरू.. एएकक हहजजाारर ममाात्रत्र)) ततथ्थााा अअननुुससूूचििचतत जजननजजाातिित,, अअननुुससूूचििचतत जजाातिित୧୦୭୪ (୫) हहेेततुु रूरूपपययेे 550000//-- ((रूरू.. पपाांंचच ससाौै ममाात्रत्र)) ततथ्थााा अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय नििनययतताांंश्शा हहेेततुु रूरूपपययेे 1100000000//-- ((रूरू.. ददसस हहजजाारर ममाात्रत्र)) ससंंचचााललकक चििचकििकत्त्ससाा श्शििाक्ष्क्षााा ककाोे ददेेयय हहाोेगगीी।। ((iivv)) अऑॉननललााइइनन अआाववेेददनन एएववंं पपंंजजीीययनन ककीी प्रप्रक्रििक्रययाा ककााउउंंसििसलििलंंगग ककेे पप्र्रत्त्ययेेकक चचररण्णा ममेेंं उउपपललब्ब्ध्धा हहाोेगगीी।। ययदििद पपंंजजीीययनन हहेेततुु चििचकििकत्त्ससाा पपररााममश्र्शा ससमििमतिित ((एएमम..ससीी..ससीी..))द्वद्वाारराा वििवश्शोेष्षा नििनदर्देेश्शा दििदययेे जजााततेे हहैै तताोे उउननककाा पपााललनन कििकययाा जजााएएगगाा।।
((vv)) पप्र्रत्त्ययेेकक चचररण्णा ममेेंं ननववीीनन पप्र्रााववीीण्ण्यय ससूूचचीी जजााररीी ककीी जजााएएगगीी।। ((vvii)) ववेेबबससााइइटट पपरर जजााररीी ककााउउंंसििसलििलंंगग ककीी ससममयय ससााररण्णाीी ककेे अअननुुरूरूपप,, अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे वििवककल्ल्पप भ्भाररककरर ददेेननाा हहाोेगगाा।। अअभ्भ्ययथ्र्थाीी उउपपललब्ब्ध्धा ससममस्स्तत ममहहाावििवद्यद्यााललययाोेंं एएववंं पपााठठ्य्यक्रक्रममाोेंं ककाा वििवककल्ल्पप क्रक्रममााननुुससाारर ददेेननेे हहेेततुु ससममथ्र्था हहाोेंंगगेे।। ननाोेटट ःः-- अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककेेववलल एएकक वििवककल्ल्पप नन भ्भाररेे अअपपननीी इइच्च्छछााननुुससाारर एएककााध्धििाकक वििवककल्ल्पप डडााललेे।।
((vviiii)) प्रप्रााववीीण्ण्यय ससूूचचीी ककेे अअननुुससाारर पपााठठ्य्यक्रक्रमम एएववंं ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककाा अआाववंंटटनन कििकययाा जजााययेेगगाा जजाोे ससंंचचााललननााललयय ककीी ववेेबबससााइइटट पपरर प्रप्रददश्र्शििातत हहाोेगगाा।। जििजससककेे अअननुुससाारर नििनध्र्धााारििरतत ससममययााववध्धििा ममेेंं ससंंववीीक्ष्क्षााा एएववंं पप्र्रववेेश्शा प्रप्रक्रििक्रययाा पपूूण्र्णा ककररननाा अअनििनववाायर्य हहाोेगगाा।। इइसस हहेेततुु अअभ्भ्ययथ्र्थाीी नििनययमििमतत रूरूपप ससेे ववेेबबससााइर्ईटट अअववललाोेककनन ककररेेंं।। इइसस प्रप्रक्रििक्रययाा ममेेंं जजााननककााररीी ललेेननेे ममेेंं अअससफफलल हहाोेननेे ककीी पपूूण्र्णा जििजम्म्ममेेददााररीी अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककीी हहाोेगगीी।।
((vviiiiii)) अआाववंंटटनन हहाोेननेे ककेे पपश्श्चचाात्ता,, अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककाोे अआाववंंटििटत्ता ससंंस्स्थ्थााा ममेेंं अआाववंंटटनन पपत्रत्र ममेेंं उउल्ल्ललेेख्खििातत पप्र्रववेेश्शा ककीी नििनध्र्धााारििरतत अअंंतिितमम तिितथ्थििा ततकक स्स्ववययंं उउपपस्स्थ्थििातत हहाोेककरर ददस्स्ततााववेेजजाोेंं ककीी ससंंववीीक्ष्क्षााा ककररााननाा अअनििनववाायर्य हहाोेगगाा।। अआाववंंटटनन पपश्श्चचाातत ससंंस्स्थ्थााा ममेेंं ससंंववीीक्ष्क्षााा हहेेततुु उउपपस्स्थ्थििातत नन हहाोेननेे ककीी स्स्थ्थििातिित ममेेंं अअभ्भ्ययथ्र्थाीी चचााललूू श्शौैक्ष्क्षाण्णििाकक ससत्रत्र ममेेंं ककााउउंंसििसलििलंंगग वव प्रप्रववेेश्शा प्रप्रक्रििक्रययाा ससेे स्स्ववययममेेवव बबााहहरर हहाोे जजााययेेगगाा।।
श्शाााससककीीयय चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं पप्र्रववेेश्शा ललेेननाा अअनििनववाायर्य हहाोेगगाा,, कििकन्न्ततुु नििनजजीी चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय//श्शाााससककीीयय ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय//नििनजजीी ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललययाोेंं ममेेंं पप्र्रववेेश्शा ललेेननाा अअनििनववाायर्य ननहहीींं हहाोेगगाा कििकन्न्ततुु,, ससभ्भाीी अआाववंंटििटत्ता अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककाोे ससंंववीीक्ष्क्षााा ककररववााननाा ततथ्थााा ससंंववीीक्ष्क्षााा ममेेंं पपाात्रत्र हहाोेननाा अअनििनववाायर्य हहैै।। ततथ्थााापििप अआाववंंटििटत्ता श्शाााससककीीयय चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं प्रप्रववेेश्शा नन ललेेननेे ववााललेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककााउउंंसििसलििलंंगग पप्र्रक्रििक्रययाा ससेे बबााहहरर हहाोे जजााययेेंंगगेे।। ददस्स्ततााववेेजजाोेंं ककीी ससंंववीीक्ष्क्षााा ममेेंं अअहर्ह हहाोेननेे पपरर अअभ्भ्ययथ्र्थाीी अआाववंंटििटत्ता श्शाााससककीीयय चििचकििकत्त्ससाा ससंंस्स्थ्थााा ममेेंं प्रप्रववेेश्शा ललेेककरर ककााउउंंसििसलििलंंगग प्रप्रक्रििक्रययाा ममेेंं बबननेे ररहहननेे ककाा वििवककल्ल्पप ददेे ससककेेंंगगेे।। जजबबकििक श्शाााससककीीयय चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककेे अअतिितरििरक्क्तत अआाववंंटििटत्ता ममहहाावििवद्यद्यााललयय ततथ्थााा ससंंववीीक्ष्क्षााा ममेेंं पपाात्रत्र अअभ्भ्ययथ्र्थाीी बििबननाा ससंंस्स्थ्थााा पप्र्रववेेश्शा लििलएए द्वििद्वततीीयय ककााउउंंसििसलििलंंगग ममेेंं बबननेे ररहहननेे ककाा वििवककल्ल्पप ददेे ससककेेंंगगेे।।
ककााउउंंसििसलििलंंगग ययाा अआाववंंटटनन पप्र्रक्रििक्रययाा ककेे कििकससीी भ्भाीी चचररण्णा ममेेंं कििकससीी वििवष्षायय एएववंं ससंंस्स्थ्थााा ककीी ससीीटट अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे एएकक बबाारर अआाववंंटटनन हहाोेननेे ककेे पपश्श्चचाातत्् पपुुननःः ससममाानन वििवष्षायय एएववंं ससममाानन ससंंस्स्थ्थााा ककीी ससीीटट अआाववंंटििटतत ननहहीींं ककीी जजााययेेगगीी।।
((iixx)) ववेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी जजाोे प्रप्रववेेश्शा ललेेननेे ककेे वििवककल्ल्पप ककाा चचययनन ककररततेे हहैैंं उउन्न्हहेेंं ववेेबबससााइइटट ससेे अआाववंंटटनन पपत्रत्र ककाा प्रििप्रंंटट अआाउउटट ललेेककरर जजााररीी ससममयय ससााररण्णाीी अअननुुरूरूपप अआाववंंटििटतत ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं अअपपननीी प्रप्रववेेश्शा प्रप्रक्रििक्रययाा पपूूण्र्णा ककररााननाा हहाोेगगाा।। पप्र्रववेेश्शा उउपपरराान्न्तत अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककााउउंंसििसलििलंंगग पप्र्रक्रििक्रययाा ममेेंं बबननेे ररहहननेे अअथ्थाववाा अअपपननाा पप्र्रववेेश्शा स्स्थ्थाााययीी ककरर ककााउउंंसििसलििलंंगग ककेे ससममस्स्तत अआागगााममीी चचररण्णााोेंं ससेे बबााहहरर जजााननेे ककेे वििवककल्ल्पप पपाोेटर्टलल पपरर चचययनन ककरर ससककेेंंगगेे;;
୧୦୭୪ (୬)((xx)) ((एएकक)) ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककेे द्वद्वाारराा,, अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककेे प्रप्रस्स्ततुुतत हहाोेननेे पपरर ददस्स्ततााववेेजजाोेंं ककीी ससंंववीीक्ष्क्षााा ककररााययीी जजााययेेगगीी ततथ्थााा अअभ्भ्ययथ्र्थाीी द्वद्वाारराा स्स्ववययंं नििनध्र्धााारििरतत चििचकििकत्त्ससककीीयय पपररीीक्ष्क्षाण्णा श्शाुुल्ल्कक जजममाा ककरर चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय द्वद्वाारराा गगठििठतत ससमििमतिित अअथ्थाववाा जििजललाा चििचकििकत्त्ससाा बबाोेडर्ड ससेे पपााठठ््ययकक्र्रमम हहेेततुु चििचकििकत्त्ससककीीयय पपररीीक्ष्क्षाण्णा ममेेंं पपाात्रत्र ((FFiitt)) पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र पप्र्रस्स्ततुुतत ककररननाा हहाोेगगाा।। ((ददाोे)) ददस्स्ततााववेेजजाोेंं ककीी ससंंववीीक्ष्क्षााा अआौैरर चििचकििकत्त्ससककीीयय पपररीीक्ष्क्षाण्णा ममेेंं अअहर्ह हहाोेननेे पपरर हहीी अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे प्रप्रववेेश्शा दििदययाा जजााययेेगगाा;;
((ततीीनन)) ययदििद उउल्ल्ललेेख्खििातत उउपपरराोेक्तक्त प्रप्रक्रििक्रययाा ममेेंं वििवफफलल अअथ्र्थााातत अअपपाात्रत्र हहाोे जजााततेे हहैैंं तताोे ववेे चचााललूू श्शौैक्ष्क्षाण्णििाकक ससत्रत्र ककेे लििलययेे,, प्रप्रववेेश्शा प्रप्रक्रििक्रययाा ससेे अअपपाात्रत्र घ्घााोेष्षििातत ककरर दििदययेे जजााययेेंंगगेे;;
((चचाारर)) ससममस्स्तत अआौैपपचचाारििरककततााएएंं पपूूण्र्णा ककररततेे हहुुएए,, नििनध्र्धााारििरतत पप्र्रववेेश्शा ककीी अअंंतिितमम तिितथ्थििा ककीी अअववध्धििा ममेेंं अअपपेेक्ष्क्षििातत श्शाुुल्ल्कक जजममाा ककररननाा हहाोेगगाा ततथ्थााा एएततदद्् द्वद्वाारराा अआाववंंटििटत्ता ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं प्रप्रववेेश्शा ललेेननाा हहाोेगगाा।।
((पपॉॉंंचच)) अअपपगग्र्रेेडड हहाोे ककरर ममहहाावििवद्यद्यााललयय//पपााठठ््ययक्रक्रमम पपरििरववतर्तनन हहाोेननेे ककीी स्स्थ्थििातिित ममेेंं पप्र्रथ्थामम चचररण्णा ककााउउंंसििसलििलंंगग द्वद्वाारराा अआाववंंटििटत्ता ममहहाावििवद्यद्यााललययाोेंं ककेे श्शििाक्ष्क्षाण्णा श्शाुुल्ल्कक ककेे अअंंततरर ककीी ररााश्शििा ((ककमम//अअध्धििाकक)) ययथ्थााा स्स्थ्थििातिित क्रक्रममश्शाःः अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे ससाौैंंपप ददीी जजााययेेगगीी अअथ्थाववाा अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ससेे ललीी जजााययेेगगीी।। श्शाााससककीीयय ससंंस्स्थ्थााा हहेेततुु श्शोेष्षा ररााश्शििा पपूूवर्व पप्र्रववेेश्शििातत ससंंस्स्थ्थााा द्वद्वाारराा ननववीीनन अआाववंंटििटत्ता ससंंस्स्थ्थााा ककाोे अअंंततरििरतत ककरर ददीी जजााययेेगगीी ततथ्थााा नििनययममततःः पप्र्राोेससेेसििसंंगग फफीीसस श्शििाक्ष्क्षाण्णा श्शाुुल्ल्कक ककीी 1100 पप्र्रतिितश्शातत ररााश्शििा ककटटाौैततीी ककीी जजााययेेगगीी।।
ककााउउंंसििसलििलंंगग प्रप्रक्रििक्रययाा ममेेंं बबननेे ररहहननेे ककाा वििवककल्ल्पप ददेेननेे ववााललेे अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककाोे,, प्रप्रााववीीण्ण्यय ससूूचचीी ककेे अअननुुक्रक्रमम ममेेंं,, पपााठठ्य्यक्रक्रमम एएववंं ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककाा द्वििद्वततीीयय चचररण्णा ममेेंं अआाववंंटटनन कििकययाा जजााययेेगगाा,, ततथ्थााा पप्र्रथ्थामम चचररण्णा ममेेंं ककााउउंंसििसलििलंंगग ममेेंं अआाववंंटटनन उउपपरराान्न्तत पप्र्रववेेश्शििातत छछाात्रत्र जििजन्न्हहाोेननेे अअपपगग्र्रेेडडेेश्शानन ककाा वििवककल्ल्पप पपाोेटटलर्ल पपरर भ्भारराा हहाोेंं ककेेववलल ववेे हहीी,, द्वििद्वततीीयय ककाांंउउसििसलििलंंगग ममेेंं अअपपगग्र्रेेडडेेश्शानन पप्र्रााप्प्तत ककरर ससककेेंंगगेे एएववंं अअपपगग्र्रेेडडेेश्शानन ममेेंं अआाववंंटििटत्ता वििवष्षायय एएववंं ससंंस्स्थ्थााा ममेेंं पप्र्रववेेश्शा ललेेननाा अअनििनववाायर्य हहाोेगगाा,, क्क्ययाांेंेकििक अअपपगग्र्रेेडडेेश्शानन पप्र्रक्रििक्रययाा ममेेंं जििजसस अआाववेेददकक ककाोे अअपपगग्र्रेेडड ककरर ननययाा वििवष्षायय अआौैरर ससंंस्स्थ्थााा अआाववंंटििटत्ता ककीी जजााततीी हहैै ततत्त्क्ष्क्षाण्णा हहीी उउससककीी पप्र्रथ्थामम ककाांंउउसििसलििलंंगग ककीी ससीीटट रििरक्क्तत ममााननीी जजााततीी हहैै ततथ्थााा पप्र्रााववीीण्ण्ययततााननुुससाारर अअगगललेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे अआाववंंटििटत्ता ककरर ददीी जजााततीी हहैै,, अअततःः पपूूवर्व ममेेंं पप्र्रथ्थामम ककाांंउउसििसलििलंंगग ममेेंं अआाववंंटििटत्ता वििवष्षायय अआौैरर ससंंस्स्थ्थााा ममेेंं बबननेे ननहहीींं ररहह ससककततेे हहंैंै।।
श्शाााससककीीयय//नििनजजीी ससंंस्स्थ्थााा ममेेंं पप्र्रववेेश्शििातत अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ससंंस्स्थ्थााा ससेे ततृृततीीयय चचररण्णा ककेे पप्र्रववेेश्शा ककीी अअंंतिितमम तिितथ्थििा पपूूवर्व ससीीटट ककाा पपरििरत्त्ययाागग ककररतताा हहैै तताोे जजममाा कििकएए गगएए श्शाुुल्ल्कक ममेेंं ससेे अआाददेेश्शििाककाा श्शाुुल्ल्कक ((पप्र्राोेससेेसििसंंगग फफीीसस)) ककेे रूरूपप ममेेंं श्शििाक्ष्क्षाण्णा श्शाुुल्ल्कक ककाा 1100 पप्र्रतिितश्शातत ररााश्शििा ककााटटककरर श्शोेष्षा ररााश्शििा अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे ललाौैटटाा ददीी जजााययेेगगीी;;
((छछःः)) अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककाोे ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं प्रप्रववेेश्शा ककेे ससममयय ससभ्भाीी ममूूलल ददस्स्ततााववेेजजाोेंं ककाोे जजममाा ककररननाा हहाोेगगाा;;
((xxii)) द्वििद्वततीीयय चचररण्णा ककीी ककााउउंंसििसलििलंंगग भ्भाीी अआॉॅननललााइर्ईनन प्रप्रक्रििक्रययाा द्वद्वाारराा ककीी जजााययेेगगीी।। जििजससममेेंं पप्र्रथ्थामम ककााउउंंसििसलििलंंगग अआाववंंटटनन उउपपरराान्न्तत ससंंववीीक्ष्क्षााा ककरराा पपाात्रत्र अअभ्भ्ययथ्र्थाीी,, पप्र्रववेेश्शा नन ललेे ककरर नििनययमम 77 ((vviiiiii)) ककाा पपााललनन ककररततेे हहुुएए ककााउउंंसििसलििलंंगग प्रप्रक्रििक्रययाा ममेेंं बबननेे ररहहननेे ककाा वििवककल्ल्पप ददेेननेे ववााललेे अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककाोे,, प्रप्रााववीीण्ण्यय ससूूचचीी ककेे अअननुुक्रक्रमम ममेेंं,, पपााठठ्य्यक्रक्रमम एएववंं ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककाा द्वििद्वततीीयय चचररण्णा ममेेंं୧୦୭୪ (୭) अआाववंंटटनन कििकययाा जजााययेेगगाा,, ततथ्थााा पप्र्रथ्थामम चचररण्णा ममेेंं ककााउउंंसििसलििलंंगग ममेेंं अआाववंंटटनन उउपपरराान्न्तत पप्र्रववेेश्शििातत छछाात्रत्र जििजन्न्हहाोेननेे अअपपगग्र्रेेडडेेश्शानन ककाा वििवककल्ल्पप भ्भारराा हहाोेंं ककेेववलल ववेे हहीी,, द्वििद्वततीीयय ककाांंउउसििसलििलंंगग ममेेंं अअपपगग्र्रेेडडेेश्शानन पप्र्रााप्प्तत ककरर ससककेेंंगगेे ततथ्थााा पप्र्रााववीीण्ण्ययततााननुुससाारर पपूूवर्व ससेे पपंंजजीीककृृतत अअननााववंंटििटतत अअभ्भ्ययथ्र्थाीी एएववंं ननययेे पपंंजजीीककृृतत अअभ्भ्ययथ्र्थाीी भ्भाीी द्वििद्वततीीयय ककााउउंंसििसलििलंंगग ममेेंं पपाात्रत्र हहाोेंंगगेे;;
((xxiiii)) पप्र्रथ्थामम अआॉॅननललााइर्ईनन ककााउउंंसििसलििलंंगग ममेेंं अआाववंंटटनन उउपपरराान्न्तत ससंंस्स्थ्थााा ममेेंं पप्र्रववेेश्शििातत छछाात्रत्र ककेेववलल द्वििद्वततीीयय अआॉॅननललााइर्ईनन ककााउउंंसििसलििलंंगग ममेेंं हहीी अअपपगग्र्रेेडडेेश्शानन ककेे पपाात्रत्र ररहहेेंंगगेे।।
द्वििद्वततीीयय ककााउउंंसििसलििलंंगग ममेेंं अआाववंंटटनन उउपपरराान्न्तत ससंंस्स्थ्थााा ममेेंं पप्र्रववेेश्शििातत छछाात्रत्र भ्भावििवष्ष्यय ममेेंं हहाोेननेे ववााललीी ककााउउंंसििसलििलंंगग अअथ्थाववाा अअंंतिितमम अआाववंंटटनन ममेेंं ससम्म्मििमलििलतत ननहहीींं हहाोे ससककेेंंगगेे ततथ्थााा ससभ्भाीी पप्र्रववेेश्शििातत अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककेे लििलएए ,, ततृृततीीयय चचररण्णा ककााउउंंसििसलििलंंगग ककेे पपश्श्चचाातत्् नििनध्र्धााारििरतत पप्र्रववेेश्शा ककीी अअंंतिितमम तिितथ्थििा उउपपरराान्न्तत पप्र्रववेेश्शा नििनररस्स्तत ककररननेे हहेेततुु उउल्ल्ललेेख्खििातत नििनध्र्धााारििरतत बबाॉॅण्ण्डड ककीी ररााश्शििा ककाा भ्भाुुगगतताानन ककररननेे ककीी बबााध्ध्ययतताा हहाोेगगीी।।
((xxiiiiii)) द्वििद्वततीीयय चचररण्णा ककीी ककााउउंंसििसलििलंंगग द्वद्वाारराा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं पप्र्रववेेश्शा ककीी अअंंतिितमम तिितथ्थििा ततकक रििरक्क्तत ररहह गगइर्ई ससीीटटाोेंं ककेे लििलएए ततृृततीीयय चचररण्णा ((ममाॉॅपपअअपप ररााउउण्ण्डड)) ककाांंउउसििसलििलंंगग अआॉॅननललााइर्ईनन ककीी जजााययेेगगीी।। ((xxiivv)) ततृृततीीयय चचररण्णा ((ममाॉॅपपअअपप ररााउउण्ण्डड)) पप्र्रववेेश्शा पप्र्रक्रििक्रययाा भ्भाीी अआॉॅननललााइइनन हहाोेगगीी,, जििजससममेेंं ररााज्ज्यय ककेे श्शाााससककीीयय चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककीी ससीीटटंेंे,, नििनजजीी चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककेे श्शाााससककीीयय नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटंेंे,, नििनजजीी चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय पप्र्रबबंंध्धानन नििनययतताांंश्शा एएववंं अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटेेंं//ररााज्ज्यय ककेे श्शाााससककीीयय ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककीी ससीीटटंेंे,, नििनजजीी ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककेे श्शाााससककीीयय नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटंेंे,, नििनजजीी ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय पप्र्रबबंंध्धानन नििनययतताांंश्शा एएववंं अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय नििनययतताांंश्शा ककीी रििरक्क्तत ससीीटटेेंं ससम्म्मििमलििलतत ककीी जजााययेेंंगगीी।।
•• ततृृततीीयय चचररण्णा ((ममाॉॅपपअअपप ररााउउण्ण्डड)) पप्र्रववेेश्शा पप्र्रक्रििक्रययाा ममेेंं ननववीीनन पपंंजजीीककृृतत एएववंं पपूूवर्व ससेे पपंंजजीीककृृतत अअननााववंंटििटतत//अअपप्र्रववेेश्शििातत//ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं पप्र्रववेेश्शििातत अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककेेववलल चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं पप्र्रववेेश्शा हहेेततुु पपाात्रत्र हहाोेंंगगेे।। ((कििकन्न्ततुु जििजन्न्हहेेंं पपूूवर्व ममेेंं श्शाााससककीीयय चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं ससीीटटेे अआाववंंटििटत्ता ककीी गगइर्ई एएववंं पप्र्रववेेश्शा ननहहीींं लििलययाा ववेे अअपपाात्रत्र हहाोेंंगगेे))
•• श्शाााससककीीयय ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय//नििनजजीी ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं पप्र्रववेेश्शा हहेेततुु ततृृततीीयय चचररण्णा ((ममाॉॅपपअअपप ररााउउण्ण्डड)) पप्र्रववेेश्शा पप्र्रक्रििक्रययाा ममेेंं अअननााववंंटििटतत//अअपप्र्रववेेश्शििातत एएववंं ननववीीनन पपंंजजीीककृृतत अअभ्भ्ययथ्र्थाीी हहीी पपाात्रत्र हहाोेंंगगेे।। ((कििकन्न्ततुु जििजन्न्हहेेंं पपूूवर्व ममेेंं श्शाााससककीीयय ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं ससीीटटेेंं अआाववंंटििटत्ता ककीी गगइर्ई एएववंं पप्र्रववेेश्शा ननहहीींं लििलययाा ववेे अअपपाात्रत्र हहाोेंंगगेे)) ।।
उउपपरराोेक्क्ततााननुुससाारर पपाात्रत्र अअभ्भ्ययथ्र्थाीी हहीी ततृृततीीयय चचररण्णा ((ममाॉॅपपअअपप ररााउउण्ण्डड)) अआाववंंटटनन एएववंं पप्र्रववेेश्शा पप्र्रक्रििक्रययाा ममेेंं ससम्म्मििमलििलतत हहाोे ससककेेंंगगेे ।।
((xxvv)) स्स्टट्र्रेे ववेेककेेन्न्ससीी // चचततुुथ्र्था चचररण्णा ककीी ककााउउंंससलििलंंगग ककेे लििलएए पपूूवर्व ससेे पपंंजजीी——तत ववहह अअभ्भ्ययथ्र्र्थाीी जििजन्न्हहेेंं पपूूवर्व ककेे चचररण्णााोेंं ममेेंं अआाववंंटटनन ननहहीी हहुुअआा हहैै एएववंं ननववीीनन पपंंजजीी——तत अअभ्भ्ययथ्र्र्थाीी हहीी पपाात्रत्र हहाोेंंगगेे।। ((xxvvii)) प्रप्रथ्थामम चचररण्णा ककेे उउपपरराान्न्तत कििकससीी भ्भाीी चचररण्णा ममेेंं अआाववंंटटनन ककेे पपश्श्चचाातत्् अअभ्भ्ययथ्र्थाीी द्वद्वाारराा पप्र्रववेेश्शा नन ललेेननेे पपरर ससुुररक्ष्क्षााा ररााश्शििा ररााजजससाातत ककरर ललीी जजााएएगगीी।।୧୦୭୪ (୮) ((xxvviiii)) ककााउउंंसििसलििलंंगग ययाा अआाववंंटटनन पप्र्रक्रििक्रययाा ककेे कििकससीी भ्भाीी चचररण्णा ममेेंं कििकससीी वििवष्षायय एएववंं ससंंस्स्थ्थााा ककीी ससीीटट अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे एएकक बबाारर अआाववंंटटनन हहाोेननेे ककेे पपश्श्चचाातत्् पपुुननःः ससममाानन वििवष्षायय एएववंं ससममाानन ससंंस्स्थ्थााा ककीी ससीीटट अआाववंंटििटतत ननहहीींं ककीी जजााययेेगगीी।।
((xxvviiiiii)) भ्भााौैतिितकक चििचकििकत्त्स्सााा ((फििफजििजययाोेथ्थौैररेेपपीी)) पपााठठ््ययक्रक्रममाोेंं ककीी स्स्ननााततकक ससीीटटाोेंं ममेेंं पप्र्रववेेश्शा हहेेततुु ससममस्स्तत चचररण्णााोेंं हहेेततुु अआॉॅननललााइर्ईनन ककााउउंंसििसलििलंंगग पप्र्रक्रििक्रययाा अआाययाोेजििजतत ककीी जजााययेेगगीी।।
((xxiixx)) ककााउउंंसििसलििलंंगग एएववंं पपाात्रत्रतताा ससंंबबंंध्धाीी नििनदर्देेश्शा पपृृथ्थाकक ससेे ससंंचचााललकक द्वद्वाारराा वििवववररण्णििाककाा ककेे रूरूपप ममेेंं पप्र्रककााश्शििातत कििकययेे जजााययेेंंगगेे,, जजाोे ससंंचचााललननााललयय ककेे ववेेबबससााइर्ईटट पपरर उउपपललब्ब्ध्धा हहाोेगगीी।। अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककाोे नििनदर्देेश्शििातत कििकययाा जजाातताा हहैै कििक,, ववेे अअपपननीी पपाात्रत्रतताा ककेे ससंंबबंंध्धा ममेेंं ततथ्थााा ककााउउंंसििसलििलंंगग पप्र्रक्रििक्रययाा ककेे ससंंबबंंध्धा ममेेंं वििवववररण्णििाककाा भ्भालििल--भ्भााांंतिित अअववललाोेककनन ककरर हहीी अआॉॅननललााइर्ईनन अआाववेेददनन पपत्रत्र ककीी पप्र्रक्रििक्रययाा पप्र्रााररंंभ्भा ककररेेंं।। चचूूंंकििक हहरर ररााउउण्ण्डड ममेेंं पपंंजजीीययनन ककररााययाा जजाातताा हहैै,, इइससलििलएए अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककेे लििलएए अआॉॅननललााइइनन अआाववेेददनन ककेे ससंंपपााददनन ((Edit)) ककाा वििवककल्ल्पप पप्र्रत्त्ययेेकक चचररण्णा ममेेंं उउपपललब्ब्ध्धा ररहहेेगगाा।। ((xxxx)) ((अअ)) ककााउउंंसििसलििलंंगग ककीी ससंंववीीक्ष्क्षााा ककेे लििलएए अआाववश्श्ययकक ददस्स्ततााववेेजजाोेंं ककीी ससूूचचीी :ः-- 11.. ननीीटट पपररीीक्ष्क्षााा पप्र्रववेेश्शा पपत्रत्र 22.. ननीीटट पपररीीक्ष्क्षााा अअंंकक ससूूचचीी 33.. ककक्ष्क्षााा 1100ववीींं ककीी अअंंककससूूचचीी//जजन्न्मम पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र ((अआाययुु हहेेततुु)) 44.. ककक्ष्क्षााा 1122ववीींं ककीी अअंंककससूूचचीी 55.. छछत्त्ततीीससगगढढ़़ ररााज्ज्यय ककाा ववाास्स्ततवििवकक नििनववााससीी पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र ((ययदििद ललाागगूू हहाोे तताोे)) 66.. छछत्त्ततीीससगगढढ़़ ररााज्ज्यय ककाा स्स्थ्थाााययीी जजाातिित पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र ((ययदििद ललाागगूू हहाोे तताोे)) 77.. अअन्न्यय पििपछछडड़़ाा ववगर्ग हहेेततुु जजाातिित पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र एएववंं वििवगगतत ततीीनन ववष्र्षााोेंं ममेेंं ससेे कििकससीी एएकक ववष्र्षा ककाा अआायय प्रप्रममााण्णा पपत्रत्र जजाोे ततहहससीीलल ककाायर्यााललयय द्वद्वाारराा जजााररीी कििकययाा गगययाा हहाोे अअथ्थाववाा फफ़़ाामर्म--1166 जजाोे कििक छछत्त्ततीीससगगढढ़़ ककेे ससााममाान्न्यय पप्र्रश्शाााससनन वििवभ्भााागग ममंंत्रत्रााललयय द्वद्वाारराा जजााररीी अअन्न्यय पििपछछडड़़ाा ववगर्ग गगैैरर क्रक्रीीममीी ललेेययरर ककेे ममाापपददण्ण्डडाोेंं ककेे अअननुुससाारर हहाोे अअथ्थाववाा
अअभ्भ्ययथ्र्र्थाीी ककेे पपााललकक श्शाााससककीीयय ससेेववाा ममेेंं हहाोे तताोे ससेेववाा प्रप्रममााण्णा पपत्रत्र जजाोे कििक ससााममाान्न्यय प्रप्रश्शाााससनन वििवभ्भााागग ममंंत्रत्रााललयय छछ..गग.. द्वद्वाारराा जजााररीी ममाापपददण्ण्डडाोेंं ककेे अअननुुससाारर गगैैरर क्रक्रीीममीी ललेेययरर ममेेंं हहाोेननेे ककीी पपुुष्ष्टििट ककररतताा हहैै।।
88.. ससंंववगर्ग ससैैनििनकक//दििदव्व्ययाांंगगजजनन ((वििवककललाांंगग))//स्स्ववततंंत्रत्रतताा ससंंगग्र्राामम ससेेननााननीी हहेेततुु पपरििरश्शििाष्ष्टट अअननुुससाारर पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र ((ननाोेटट ःः दििदव्व्ययाांंगगजजनन हहेेततुु पपरििरश्शििाष्ष्टट अअननुुससाारर पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र पप्र्रस्स्ततुुतत ककररननाा अअनििनववाायर्य हहैै)) ((ययदििद ललाागगूू हहाोे तताोे))
((बब)) ससंंववीीक्ष्क्षााा उउपपरराान्न्तत ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं पप्र्रववेेश्शा हहेेततुु अआाववश्श्ययकक ददस्स्ततााववेेजज ससूूचचीी एएववंं श्शाुुल्ल्कक :ः-- 11.. अआाववंंटटनन पपत्रत्र 22.. श्शाााससककीीयय ससेेववाा बबंंध्धा पपत्रत्र ((बबाॉॅण्ण्डड)) ((ककेेववलल एएममबबीीबबीीएएसस पपााठठ््ययकक्र्रमम ममेे ललाागगूू)) 33.. पपााठठ््ययकक्र्रमम छछाोेडड़़ननेे ककाा बबंंध्धा पपत्रत्र ((बब्र्रेेककेेजज बबाॉॅण्ण्डड)) ((एएममबबीीबबीीएएसस//बबीीडडीीएएसस//बबीीपपीीटटीी पपााठठ््ययकक्र्रमम ममेे ललाागगूू)) 44.. ममेेडििडककलल फििफटटननेेसस ससटििर्टफििफककेेटट ((ददेेख्खोे नििनययमम क्रक्र.. 77 ((X)) एएकक )) 55.. टट्र्राान्न्ससफफरर ससटििर्टफििफककेेटट//टट्र्राान्न्ससफफरर ससटििर्टफििफककेेटट ममयय चचरििरत्रत्र पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र 66.. चचरििरत्रत्र पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र ((स्स्ककूूलल//ममहहाावििवद्यद्यााललयय//ररााजजपपत्रिित्रतत अअध्धििाककााररीी द्वद्वाारराा जजााररीी)) 77.. ममााइर्ईगग्र्रेेश्शानन ससटििर्टफििफककेेटट ((ययदििद अअन्न्यय वििवश्श्वववििवद्यद्यााललयय ककाा छछाात्रत्र हहैै तताोे श्शापपथ्था पपत्रत्र ससहििहतत ससममयय पप्र्रददाानन कििकययाा जजाा ससककेेगगाा))
88.. गगेेपप ससटििर्टफििफककेेटट ((GGaapp CCeerrttiiffiiccaattee)) ((ययदििद ललाागगूू हहाोे तताोे)) 99.. अआाध्धााारर ककााडर्ड//अअन्न्यय ममाान्न्यय फफाोेटटाोे पपरििरचचयय पपत्रत्र ((जजैैससेे :ः स्स्ककूूलल अअथ्थाववाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय द्वद्वाारराा जजााररीी पपरििरचचयय पपत्रत्र//डड्र्रााययवििवंंगग ललााइर्ईससेेंंसस//पपााससपपाोेटर्ट))୧୦୭୪ (୯) 1100.. पपााससपपाोेटर्ट ससााइर्ईजज ककललरर फफाोेटटाोे 0044 पप्र्रतिित,, जजाोे कििक एएकक हहीी नििनगगेेटििटवव ससेे बबननीी हहाोे।। 1111.. श्शाुुल्ल्कक --((ii)) श्शििाक्ष्क्षाण्णा श्शाुुल्ल्कक।।
((iiii)) नििनजजीी चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय हहेेततुु एएकक ववष्र्षा ककेे श्शििाक्ष्क्षाण्णा श्शाुुल्ल्कक ककीी बबैैंंकक गगाॉॅररण्ण्टटीी।।
((iiiiii)) अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय श्रश्रेेण्णाीी ससेे पप्र्रववेेश्शििातत वििवद्यद्यााथ्र्थििाययाोेंं ककाोे वििवददेेश्शाीी ममुुदद्र्राा ममेेंं भ्भाुुगगतताानन ककररननाा हहाोेगगाा एएववंं पप्र्रववेेश्शा ककेे ससममयय इइससककीी ररससीीदद पप्र्रस्स्ततुुतत ककररननाा अअनििनववाायर्य हहाोेगगाा।।
उउपपरराोेक्क्तत ससभ्भाीी ददस्स्ततााववेेजजाोेंं ककीी स्स्ववययंं अअभ्भििापप्र्रममााण्णििातत ददाोे ससेेटट फफाोेटटाोे ककाॉॅपपीी ललााननाा अआाववश्श्ययकक हहैै।। 88.. अआाररक्ष्क्षििातत ससीीटटाोेंं ककाा अअन्न्यय अआाररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी//अअननााररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ममेेंं पपरििरववतर्तनन//अअंंततररण्णा :ः-- ((11)) द्वििद्वततीीयय चचररण्णा ककीी ककााउउंंसििसलििलंंगग ममेेंं अआाववंंटटनन उउपपरराांंतत कििकससीी भ्भाीी अआाररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ककीी श्शोेष्षा ररहह गगइर्ई ससीीटटाोेंं ककेे लििलययेे उउसस श्रश्रेेण्णाीी ककेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककीी अअननुुपपललब्ब्ध्धातताा ककीी ददश्शााा ममेेंं,, उउनन ससीीटटाोेंं ककाोे छछत्त्त्ताीीससगगढढ श्शौैक्ष्क्षाण्णििाकक ससंंस्स्थ्थााा ((प्रप्रववेेश्शा ममेेंं अआाररक्ष्क्षाण्णा)) अअध्धििानििनययमम,, 22001122 ((क्रक्रंं..99 ससनन्् 22001122)) ककेे प्रप्रााववध्धाााननाोेंं ककेे अअननुुससाारर पपरििरववतििर्ततत//अअंंततरििरतत कििकययाा जजााययेेगगाा एएववंं अआाववंंटटनन ककेे उउपपरराांंतत हहीी अआाववंंटटनन ससूूचचीी जजााररीी ककीी जजााएएगगीी।। नििनजजीी चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककीी पप्र्रबबंंध्धानन नििनययतताांंश्शा एएववंं एएननअआाररअआाइर्ई ककाोेटटाा ककीी अआाररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ससीीटटाोेंं ककाोे अअंंततररण्णा ककेे पपश्श्चचाातत्् पप्र्रथ्थाममततःः ररााज्ज्यय ककेे ववाास्स्ततवििवकक नििनववााससीी अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककाोे अआाववंंटििटतत कििकययाा जजााएएगगाा।।
((22)) कििकससीी भ्भाीी श्रश्रेेण्णाीी ककेे ससंंववगर्ग ममेेंं पपाात्रत्र अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककीी अअननुुपपललब्ब्ध्धातताा ककीी ददश्शााा ममेेंं उउक्क्तत ममूूलल श्रश्रेेण्णाीी ककेे ''''बििबननाा ससंंववगर्ग'''' ममेेंं पपरििरववतििर्ततत कििकययाा जजााययेेगगाा।।
((33)) ससंंववगर्ग//श्रश्रेेण्णाीी पपरििरववतर्तनन ककीी प्रप्रक्रििक्रययाा ममेेंं ससंंववगर्ग पपरििरववतर्तनन पपहहललेे हहाोेगगाा फििफरर श्रश्रेेण्णाीी पपरििरववतर्तनन हहाोेगगाा।।
((44)) ययदििद अआाररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ममेेंं पपाात्रत्र अअभ्भ्ययथ्र्थाीी उउपपललब्ब्ध्धा नन हहाोे तताोे,, रििरक्तक्त ससीीटटाोेंं ककाोे उउपपरराोेक्क्तत उउपपनििनययमम अअननुुससाारर अअन्न्यय श्रश्रेेण्णििाययाोेंं ममेेंं पपरििरववतििर्ततत कििकययाा जजााययेेगगाा।।
उउददााहहररण्णा :ः ममाानन ललाोे,, ययदििद अअननुुससूूचििचतत जजननजजाातिित श्रश्रेेण्णाीी ककीी ''''ससैैनििनकक ससंंववगर्ग'''' ककीी ससीीटट रििरक्क्तत ररहह जजााततीी हहैै तताोे पप्र्रथ्थाममततःः उउससककेे ससंंववगर्ग ममेेंं पपरििरववतर्तनन हहाोेगगाा अआौैरर पपरििरववतििर्ततत हहाोे ककरर,, ववहह ससीीटट ''''बििबननाा ससंंववगर्ग'''' ककीी ससीीटट हहाोे जजााययेेगगीी,, इइसस पप्र्रककाारर ववहह ससीीटट अअननुुससूूचििचतत जजननजजाातिित श्रश्रेेण्णाीी ककीी ''''बििबननाा ससंंववगर्ग'''' ककीी ससीीटट ममेेंं पपरििरववतििर्ततत हहाोे जजााययेेगगीी।। ययदििद अअननुुससूूचििचतत जजननजजाातिित श्रश्रेेण्णाीी ''''बििबननाा ससंंववगर्ग'''' ककीी ससीीटट रििरक्क्तत ररहह जजााततीी हहैै तताोे,, उउससककीी श्रश्रेेण्णाीी पपरििरववतििर्ततत कििकययाा जजााययेेगगाा जििजससससेे ववहह अअननुुससूूचििचतत जजाातिित ककेे ''''बििबननाा ससंंववगर्ग'''' ककीी ससीीटट ममेेंं पपरििरववतििर्ततत हहाोे जजााययेेगगीी।। इइससससेे स्स्पपष्ष्टट हहैै कििक कििकससीी भ्भाीी ''''ससंंववगर्ग'''' ककीी ससीीटट पपहहललेे ''''बििबननाा ससंंववगर्ग'''' ममेेंं पपरििरववतििर्ततत हहाोेगगीी उउससककेे पपश्श्चचाातत्् हहीी उउससककाा श्रश्रेेण्णाीी पपरििरववतर्तनन नििनययममततःः हहाोेगगाा।।
((55)) इर्ई..डडब्ब्ललूू..एएसस श्रश्रेेण्णाीी ममेेंं पपाात्रत्र अअभ्भ्ययथ्र्थाीी उउपपललब्ब्ध्धा नन हहाोे तताोे,, रििरक्तक्त ससीीटटाोेंं ककाोे उउपपरराोेक्क्तत अअननुुससाारर अअननााररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ममेेंं पपरििरववतििर्ततत कििकययाा जजााययेेगगाा।।
99.. श्शाााससककीीयय नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटाोेंं ककाा प्रप्रबबंंध्धानन नििनययतताांंश्शा ससीीटटाोेंं ममेेंं पपरििरववतर्तनन :ः-- श्शाााससककीीयय नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटेेंं ययदििद द्वििद्वततीीयय चचररण्णा ककीी ककााउउंंससलििलंंगग ककेे पपश्श्चचाातत रििरक्क्तत ररहह जजााततीी हहैैंं,, तताोे उउन्न्हहेेंं ररााज्ज्यय ककाोेटटेे ककीी୧୦୭୪ (୧୦) द्वििद्वततीीयय चचररण्णा ककीी ककााउउंंसििसलििलंंगग ममेेंं पप्र्रववेेश्शा हहेेततुु नििनध्र्धााारििरतत अअंंतिितमम तिितथ्थििा पपश्श्चचाातत प्रप्रबबंंध्धानन नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटाोेंं ममेेंं पपरििरववतििर्ततत ककरर दििदययाा जजााववेेगगाा।।
द्वििद्वततीीयय चचररण्णा ककेे पपश्श्चचाातत एएनन..अआारर..अआाइर्ई.. ककाोेटटेे ककीी अआाररक्ष्क्षििातत ससीीटटाोेंं ककेे रििरक्क्तत ररहह जजााननेे पपरर ससीीटटाोेंं ककाा अअन्न्ततररण्णा कििकययाा जजााएएगगाा एएववंं इइनन ससीीटटाोेंं ककाोे पप्र्रथ्थाममततःः ररााज्ज्यय ककेे ववाास्स्ततवििवकक नििनववााससीी अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककाोे अआाववंंटििटतत कििकययाा जजााएएगगाा।।
1100.. ररााज्ज्यय श्शाााससनन ककेे अअध्धाीीनन ससेेववाा ककररननेे हहेेततुु एएमम..बबीी..बबीी..एएसस.. पपााठठ््ययक्रक्रमम ममेेंं पप्र्रववेेश्शा ललेेननेे ववााललेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी हहेेततुु बबंंध्धापपत्रत्र ((बबाॉॅण्ण्डड)) --
((ii)) श्शाााससककीीयय चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललययाोेंं ककेे एएमम..बबीी..बबीी..एएसस.. पपााठठ््ययक्रक्रमम ममेेंं पप्र्रववेेश्शा ललेेननेे ववााललेे छछाात्रत्र ककेे लििलएए अअनििनववाायर्य हहाोेगगाा,, कििक स्स्ननााततकक पपााठठ््ययक्रक्रमम ससफफललतताापपूूवर्वकक पपूूण्र्णा ककररननेे ककेे बबाादद,, श्शाााससनन द्वद्वाारराा नििनदर्देेश्शििातत एएकक ववष्र्षा ककीी ककााललााववध्धििा ततकक चििचकििकत्त्ससाा अअध्धििाककााररीी ककेे रूरूपप ममेेंं श्शाााससककीीयय स्स्ववाास्स्थ्थ्यय ककेेन्न्दद्र्र अअथ्थाववाा श्शाााससककीीयय चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं जजूूनििनययरर ररजििजस्स्टट्र्राारर//पप्र्रददश्र्शाकक//जजूूनििनययरर ररेेसििसडडेेंंटट ककेे रूरूपप ममेेंं ककाायर्य ककररेेगगाा।। अअन्न्यय पपााठठ््ययक्रक्रममाोेंं ((बबीी..डडीी..एएसस..,, फििफजििजययाोेथ्थोेररेेपपीी ((बबीी..पपीी..टटीी..)))) हहेेततुु ययहह अअनििनववाायर्यतताा ननहहीींं हहाोेगगीी।।
((iiii)) श्शाााससनन ककेे अअध्धाीीनन ककाायर्य ककररननेे ककेे लििलएए बबंंध्धापपत्रत्र ((बबाॉॅण्ण्डड)) ((पप्र्राारूरूपप--अअननुुससूूचचीी पपाांंचच)) -- पप्र्रववेेश्शा ककेे ससममयय अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे नििनध्र्धााारििरतत पप्र्रपपत्रत्र ममेेंं ययहह बबंंध्धापपत्रत्र पप्र्रस्स्ततुुतत ककररननाा हहाोेगगाा,, कििक ववेे नििनययमम 1100 ((11)) ककेे पप्र्रााववध्धाााननाोेंं ससेे ससहहममतत हहैै अआौैरर ययदििद ववेे श्शाााससनन ककेे अअध्धाीीनन ककाायर्य नन ककररननेे ककेे वििवककल्ल्पप ककाा चचययनन ककररततेे हहैै,, तताोे ववेे नििनययमम 1100 ((33)) ममेेंं ययथ्थााा नििनध्र्धााारििरतत बबंंध्धापपत्रत्र ररााश्शििा ककाोे जजममाा ककररेेंंगगेे।। उउससककेे द्वद्वाारराा ससम्म्पपूूण्र्णा ददेेयय ररााश्शििा ककेे जजममाा हहाोेननेे ककेे बबाादद हहीी अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे ययथ्थााा नििनध्र्धााारििरतत अअननाापपत्त्तिित पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र जजााररीी कििकययाा जजााएएगगाा।।
((iiiiii)) बबंंध्धापपत्रत्र ((बबाॉॅण्ण्डड)) ककीी ररााश्शििा -- अअननााररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ककेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककेे लििलएए बबंंध्धापपत्रत्र ((बबाॉॅण्ण्डड)) ककीी ररााश्शििा रूरूपपययेे 2255,,0000,,000000//-- ((रूरू.. पपच्च्चचीीसस ललााख्खा ममाात्रत्र)) एएववंं अआाररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ककेे छछाात्रत्र ककेे लििलएए बबंंध्धापपत्रत्र ((बबाॉॅण्ण्डड)) ककीी ररााश्शििा रूरूपपययेे 2200,,0000,,000000//-- ((रूरू.. बबीीसस ललााख्खा ममाात्रत्र)) हहाोेगगीी।।
((iivv)) इइनन नििनययममाोेंं ककेे ततहहतत्् एएमम..बबीी..बबीी..एएसस.. पपााठठ््ययक्रक्रमम ममेेंं पप्र्रववेेश्शा ललेे चचुुककेे अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककाोे पपााठठ््ययक्रक्रमम ककेे ससफफललतताापपूूवर्वकक पपूूरराा ककररननेे ककेे बबाादद अआाररंंभ्भा ममेेंं अअस्स्थ्थाााययीी ((अअननंंतिितमम)) स्स्ननााततकक डििडगग्र्रीी पप्र्रददाानन ककीी जजााएएगगीी।। अआाररंंभ्भा ममेेंं स्स्ननााततकक ययाोेग्ग्ययतताा ककाा ककेेववलल अअस्स्थ्थाााययीी ((अअननंंतिितमम)) पपंंजजीीययनन ररााज्ज्यय चििचकििकत्त्ससाा पपरििरष्षादद्् द्वद्वाारराा ररााज्ज्यय ममेेडििडककलल पपंंजजीी ((ररजििजस्स्टटरर)) ममेेंं कििकययाा जजााएएगगाा।।
((vv)) अअंंतिितमम ववष्र्षा ककेे पपरििरण्णााामम ककीी घ्घााोेष्षाण्णााा ककेे एएकक ममााहह ककेे भ्भाीीततरर स्स्ननााततकक पपााठठ््ययक्रक्रमम ककाोे ससफफललतताापपूूवर्वकक पपूूण्र्णा ककररननेे ववााललेे ससभ्भाीी अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककीी ससूूचचीी अआाययुुक्क्त्ता चििचकििकत्त्ससाा श्शििाक्ष्क्षााा ककाोे ससंंबबंंध्धििातत चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय द्वद्वाारराा पप्र्रेेष्षििातत ककीी जजााएएगगीी।।
((vvii)) एएमम..बबीी..बबीी..एएसस.. पपााठठ््ययक्रक्रमम पपूूण्र्णा ककररननेे ककेे पपश्श्चचाातत्् छछःः ममााहह ककीी ककााललााववध्धििा ककेे भ्भाीीततरर छछ..गग.. श्शाााससनन,, चििचकििकत्त्ससाा श्शििाक्ष्क्षााा वििवभ्भााागग एऐेससेे स्स्ननााततकक डडाॉॅक्क्टटरराोेंं ककाोे नििनययुुक्क्तिित अआाददेेश्शा जजााररीी ककररेेंंगगेे,, एऐेससाा नन ककररननेे ककीी स्स्थ्थििातिित ममेेंं अअभ्भ्ययथ्र्थाीी द्वद्वाारराा भ्भारराा गगययाा बबाॉॅण्ण्डड स्स्ववममेेवव नििनररस्स्तत ससममझझाा जजााएएगगाा।।
((vviiii)) नििनययमम 1100 ((11)) ककेे अअननुुससाारर ससेेववाा अअववध्धििा श्शातर्त पपूूररीी ककररननेे ककेे बबाादद अअथ्थाववाा नििनययमम 1100 ((33)) ककेे अअननुुससाारर ससममस्स्तत ददेेयय ररााश्शििा जजममाा ककरर दििदएए जजााननेे ककेे बबाादद अअथ्थाववाा अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ससेे उउक्क्तत श्शोेष्षा अअववध्धििा୧୦୭୪ (୧୧) ककीी बबैैंंकक गगााररण्ण्टटीी ललेेननेे ककेे बबाादद,, जजैैससीी भ्भाीी स्स्थ्थििातिित हहाोे ((अअभ्भ्ययथ्र्थाीी द्वद्वाारराा लििलएए गगएए वििवककल्ल्पप पपरर नििनभ्र्भारर)) अआाययुुक्क्तत अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे अअननाापपत्त्तिित पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र जजााररीी ककररेेगगाा।।
((vviiiiii)) ततत्त्पपश्श्चचाातत्् अअभ्भ्ययथ्र्थाीी अअपपननेे ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककेे अअध्धििाष्ष्ठठाातताा ककाोे उउक्क्तत अअननाापपत्त्तिित पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र पप्र्रस्स्ततुुतत ककररेेंंगगेे,, जििजननककीी अअननुुश्शांंससाा पपरर वििवश्श्वववििवद्यद्यााललयय द्वद्वाारराा अअंंतिितमम डििडगग्र्रीी पप्र्रददाानन ककीी जजााएएगगीी।। ((iixx)) ररााज्ज्यय ममेेडििडककलल ककााउउंंसििसलल ररजििजस्स्टटरर ((पपंंजजीीययनन)) ममेेंं स्स्ननााततकक ययाोेग्ग्ययतताा ककाा स्स्थ्थाााययीी पपंंजजीीययनन अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे पप्र्रददाायय अअंंतिितमम डििडगग्र्रीी ककेे अआाध्धााारर पपरर हहीी कििकययाा जजााएएगगाा।।
((xx)) नििनययमम 1100 ((ii)) ककाा अअननुुपपााललनन ननहहीींं ककररननेे ककेे लििलएए ददण्ण्डड -- ययदििद ककाोेइर्ई अअभ्भ्ययथ्र्थाीी श्शाााससनन ककेे अअध्धाीीनन ससेेववाा ककररननेे ककाा चचययनन ककररतताा हहैै अआौैरर नििनययमम 1100 ((ii)) ककेे अअननुुपपााललनन नन ककररननेे ककाा ददाोेष्षाीी पपााययाा जजाातताा हहैै,, तताोे नििनययमम 1100 ((iiiiii)) ममेेंं ययथ्थााा उउल्ल्लििलख्खििातत बबाॉॅण्ण्डड ककीी ससम्म्पपूूण्र्णा ररााश्शििा ककीी ववससूूललीी अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ससेे भ्भाूू--ररााजजस्स्वव ककेे बबककााययाा ककेे रूरूपप ममेेंं उउपपरराोेक्क्तत उउपपनििनययमम ((vvii)) ककेे अअननुुससाारर नििनययुुक्क्तिितककतर्ताा ककाायर्यााललयय द्वद्वाारराा ककाायर्यववााहहीी ककीी जजााययेेगगीी।। एऐेससेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे नििनययमम 1100 ((vviiii)) ममेेंं ययथ्थााा उउल्ल्लििलख्खििातत अअननाापपत्त्तिित पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र ततबब ततकक पप्र्रददाानन ननहहीींं कििकएए जजााएएगगाा,, जजबब ततकक कििक ससम्म्पपूूण्र्णा ददेेयय ररााश्शििा ककीी ववससूूललीी ननहहीींं हहाोे जजााततीी।।
1111.. पप्र्रववेेश्शा ककीी नििनध्र्धााारििरतत अअंंतिितमम तिितथ्थििा पपश्श्चचाातत्् श्शाााससककीीयय एएववंं नििनजजीी ममहहाावििवद्यद्यााललययाोेंं ममेेंं पप्र्रववेेश्शििातत एएममबबीीबबीीएएसस ,,बबीीडडीीएएसस एएववंं बबीीपपीीटटीी पपााठठ््ययक्रक्रमम ककेे ममध्ध्यय अअववध्धििा ममेेंं ससीीटट पपरििरत्त्ययाागग ककररननेे हहेेततुु अअथ्र्थाददण्ण्डड बबंंध्धापपत्रत्र ((पप्र्राारूरूपप--अअननुुससूूचचीी 55 ''गग'')) ःः-- ततृृततीीयय चचररण्णा ककीी ककााउउंंसििसलििलंंगग ककेे पप्र्रववेेश्शा ककीी अअंंतिितमम तिितथ्थििा ककेे उउपपरराान्न्तत ससीीटट ककेे पपरििरत्त्ययाागग पपरर नििनम्म्नन तताालििलककाा ककेे अअननुुससाारर अअभ्भ्ययथ्र्थाीी द्वद्वाारराा क्ष्क्षातिितपपूूतििर्त ररााश्शििा ककाा भ्भाुुगगतताानन ककररननाा अअनििनववाायर्य हहाोेगगाा।।
| स..कक्र स ्र.. | पााठठ् प ्ययकक्र ्रमम | अननााररक्ष्क्षििातत श्रश्रे अ ेण्णाीी | े आाररक्ष्क्षििातत श्रश्रे अ ेण्णाीीययाो ं ((इई ं र्..डडब्ब्ललू ू..एएसस श्रे श्र ेण्णाीी ससहििहतत)) |
| 1 | एममबबीीबबीीएएसस ए | रू.. 2255..0000 ललााख्खा रू | रू.. 2200..0000 ललााख्खा रू |
| 2 | बीीडडीीएएसस ब | रू.. 55..0000 ललााख्खा रू | रू.. 44..0000 ललााख्खा रू |
| 3 | बीीपपीीटटीी ब | रू.. 22..55 ललााख्खा रू | रू.. 22..0000 ललााख्खा रू |
वििवश्शोेष्षा पपरििरस्स्थ्थििातिित ममेेंं ययदििद पपााठठ््ययकक्र्रमम ककेे ददाौैरराानन ककाोेइर्ई पपूूवर्व ममेेंं पपाात्रत्र ममेेडििडककललीी फििफटट छछाात्रत्र ययदििद ममेेडििडककललीी अअननफििफटट ((MMeeddiiccaallllyy UUnnffiitt)) हहाोे जजाातताा हहैै जििजससेे ररााज्ज्यय ममेेडििडककलल बबाोेडर्ड द्वद्वाारराा चििचकििकत्त्ससाा पपााठठ््ययकक्र्रमम हहेेततुु अअननफििफटट बबततााययाा जजाातताा हहैै तताोे बबंंध्धापपत्रत्र ((बबाॉॅण्ण्डड)) ररााश्शििा ममेेंं छछूूटट ददीी जजाा ससककेेगगीी।। 1122.. प्रप्रववेेश्शा ररदद््दद ककररननाा ःः-- ययदििद ययहह पपााययाा जजााएए कििक ककाोेइर्ई अअभ्भ्ययथ्र्थाीी कििकससीी ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं झझूूठठीी//गगललतत ससूूचचननाा ददेेककरर ययाा ससुुससंंगगतत ततथ्थ्ययाोेंं ककाोे छििछपपााककरर प्रप्रववेेश्शा ललेेननेे ममेेंं ससफफलल हहाोे गगययाा हहैै ययाा प्रप्रववेेश्शा ककेे पपश्श्चचाातत्् कििकससीी भ्भाीी ससममयय ययहह पपााययाा जजााएए कििक अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे कििकससीी गगललततीी ययाा चचूूकक ववश्शा प्रप्रववेेश्शा मििमलल गगययाा हहैै,, तताोे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाोे दििदययाा गगययाा प्रप्रववेेश्शा ममहहाावििवद्यद्यााललयय प्रप्रममुुख्खा द्वद्वाारराा उउससककेे अअध्ध्ययययनन ककाालल ककेे ददाौैरराानन स्स्ववततःः बििबननाा कििकससीी ससूूचचननाा ककेे ररदद््दद कििकययाा जजाा ससककेेगगाा।। ससंंस्स्थ्थााा पप्र्रममुुख्खा ककेे नििनण्र्णायय ससेे अअससंंततुुष्ष्टट हहाोेननेे पपरर ककाायर्यााललयय अआाययुुक्क्तत//ससंंचचााललकक चििचकििकत्त्ससाा श्शििाक्ष्क्षााा ममेेंं अअपपीीलल ककरर ससककेेंंगगेे।। प्रप्रववेेश्शा ससंंबबंंध्धाीी कििकससीी भ्भाीी वििवववाादद୧୦୭୪ (୧୨) ययाा श्शांंककाा ककीी स्स्थ्थििातिित ममेेंं,, अअपपीीललीीयय अअध्धििाककााररीी अआाययुुक्क्तत//ससंंचचााललकक,, चििचकििकत्त्ससाा श्शििाक्ष्क्षााा,, छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ ककाा नििनण्र्णायय अअंंतिितमम एएववंं ससभ्भाीी ससंंबबंंध्धििातत ललाोेगगाोेंं पपरर बबंंध्धाननककााररीी हहाोेगगाा।।
1133.. अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय नििनययतताांंश्शा हहेेततुु पपाात्रत्रतताा एएववंं नििनययमम जजााननककााररीी :ः--
((अअ)) पपाात्रत्रतताा ःः ककेेववलल उउससीी अअभ्भ्य्य्ााथ्र्थाीी ककाोे प्रप्रववेेश्शा हहेेततुु पपाात्रत्रतताा हहाोेगगीी जजाोे भ्भाााररतत ककाा ननाागगरििरकक हहाोे,, छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ ककाा ववाास्स्ततवििवकक नििनववााससीी हहाोे अअथ्थाववाा ररााज्ज्यय ककेे बबााहहरर ककाा नििनववााससीी हहाोे अआौैरर जििजससननेे पपररीीक्ष्क्षााा ववष्र्षा ककेे 3311 दििदससम्म्बबरर ककाोे न्न्ययूूननततमम 1177 ववष्र्षा ककीी अआाययुु पपूूण्र्णा ककीी हहाोे
ततथ्थााा
जििजससननेे छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ ममााध्ध्ययमििमकक श्शििाक्ष्क्षााा ममण्ण्डड़़लल ककीी बबााररहहववीींं ककक्ष्क्षााा ककीी पपररीीक्ष्क्षााा ययाा छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ श्शाााससनन द्वद्वाारराा ससम्म्ययकक रूरूपप ससेे ममाान्न्ययतताा प्रप्रााप्प्तत अअन्न्यय ररााज्ज्ययाोेंं ककेे ममााध्ध्ययमििमकक श्शििाक्ष्क्षााा ममण्ण्डडललाोेंं ककीी ससममककक्ष्क्षा पपररीीक्ष्क्षााा अअंंगग्र्रेेजजीी,, भ्भााौैतिितककीी,, ररससााययनन एएववंं जजीीवव वििवज्ञज्ञाानन//जजैैवव--प्रप्राौैद्यद्याोेगििगककीी वििवष्षाययाोेंं ममेेंं उउत्त्त्ताीीण्र्णा ककीी हहाोे ततथ्थााा वििवष्षायय भ्भााौैतिितककीी,, ररससााययनन एएववंं जजीीवव वििवज्ञज्ञाानन//जजैैवव--प्रप्राौैद्यद्याोेगििगककीी ममेेंं अअननााररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ममेेंं ककुुलल अअंंकक न्न्ययूूननततमम 5500 प्रप्रतिितश्शातत ततथ्थााा अआाररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ममेेंं ककुुलल अअंंकक न्न्ययूूननततमम 4400 प्रप्रतिितश्शातत अअजििर्जतत कििकएए हहाोेंं।।
ततथ्थााा
चििचकििकत्त्ससाा एएववंं ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा पपााठठ््ययक्रक्रममाोेंं ममेेंं प्रप्रववेेश्शा हहेेततुु जििजससननेे पप्र्रववेेश्शा पपररीीक्ष्क्षााा ((NNEEEETT नििनययमम 0022 ((कक)) ((ख्खा)) ककेे अअननुुरूरूपप)) ममेेंं अअननााररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ककेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककेे लििलययेे न्न्ययूूननततमम 5500 प्रप्रतिितश्शाततममकक ((PPeerrcceennttiillee)),, अआाररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ककेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककेे लििलययेे न्न्ययूूननततमम 4400 प्रप्रतिितश्शाततममकक ((PPeerrcceennttiillee)) ततथ्थााा अअननााररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ककेे दििदव्व्ययाांंगगजजनन ससंंववगर्ग ककेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककेे लििलययेे 4455 प्रप्रतिितश्शाततममकक ((PPeerrcceennttiillee)) अअंंकक अअजििर्जतत कििकययेे हहाोेंं अअथ्थाववाा NNEEEETT पप्र्रववेेश्शा पपररीीक्ष्क्षााा द्वद्वाारराा नििनध्र्धााारििरतत श्रश्रेेण्णाीीववाारर न्न्ययूूननततमम अअहर्हतताा अअंंकक,, जजाोे भ्भाीी न्न्ययूूननततमम हहाोेगगाा ववहह ममाान्न्यय कििकययाा जजााययेेगगाा।। ((भ्भााौैतिितकक चििचकििकत्त्ससाा पपााठठ््ययक्रक्रमम ममेेंं पप्र्रववेेश्शा हहेेततुु ककाोेइर्ई न्न्ययूूननततमम अअहर्हततााककााररीी अअंंकक ननहहीींं हहाोेंंगगेे)) ययदििद NNEEEETT ककेे ससममस्स्तत श्रश्रेेण्णाीी//कििकससीी श्रश्रेेण्णाीी ममेेंं प्रप्रतिितश्शाततममकक ((PPeerrcceennttiillee)) ममेेंं ककेेन्न्दद्र्र श्शाााससनन द्वद्वाारराा ककममीी ककीी जजााततीी हहैै,, तताोे ववहह ममाान्न्यय हहाोेगगीी।।
((बब)) अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय नििनययतताांंश्शा ममेेंं पप्र्रववेेश्शा ककीी अअंंतिितमम तिितथ्थििा,, अआाररक्ष्क्षाण्णा एएववंं श्शाुुल्ल्कक :ः-- छछ..गग..ररााजजपपत्रत्र अअध्धििाससूूचचननाा क्रक्रममाांंकक एएफफ 2211--1100//22001177//ननाौै//5555--44 पप्र्रककााश्शानन क्रक्रममाांंकक 227799 दििदननाांंकक 0033 जजुुललााइर्ई 22001177 ककेे अअननुुससाारर प्रप्रत्त्ययेेकक नििनजजीी ममहहाावििवद्यद्यााललयय ककीी 1155 पप्र्रतिितश्शातत अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय नििनययतताांंश्शा ककीी ससीीटटाोेंं ममेेंं ससंंस्स्थ्थाााववाारर पप्र्रत्त्ययेेकक ससंंस्स्थ्थााा ककीी ससीीटटाोेंं ममेेंं अअननुुससूूचििचतत जजननजजाातिित ककेे लििलययेे 3322 प्रप्रतिितश्शातत,, अअननुुससूूचििचतत जजाातिित ककेे लििलययेे 1122 प्रप्रतिितश्शातत अआौैरर अअन्न्यय पििपछछडड़़ाा ववगर्ग ((क्रक्रीीममीीललेेययरर ककाोे छछाोेडड़़ककरर)) ककेे लििलययेे 1144 प्रप्रतिितश्शातत ससीीटटेेंं अआाररक्ष्क्षििातत ररहहेेंंगगीी।।୧୦୭୪ (୧୩) श्शाुुल्ल्कक ःः-- अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय श्रश्रेेण्णाीी ससेे पप्र्रववेेश्शििातत वििवद्यद्यााथ्र्थििाययाोेंं ककाोे वििवददेेश्शाीी ममुुदद्र्राा ममेेंं भ्भाुुगगतताानन ककररननाा हहाोेगगाा एएववंं पप्र्रववेेश्शा ककेे ससममयय इइससककीी ररससीीदद पप्र्रस्स्ततुुतत ककररननाा अअनििनववाायर्य हहाोेगगाा।। अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय नििनययतताांंश्शा ममेेंं पप्र्रववेेश्शा ककीी अअंंतिितमम तिितथ्थििा ःः-- पप्र्रत्त्ययेेकक नििनजजीी व्व्ययााववससाायिियकक ममहहाावििवद्यद्यााललयय,, पप्र्रववेेश्शा ककीी अअंंतिितमम तिितथ्थििा ककेे 1100 दििदनन ककेे पपूूवर्व अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय नििनययतताांंश्शा ममेेंं अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककाोे पप्र्रववेेश्शा ददेेगगाा,, जजाोे कििक अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय नििनययतताांंश्शा ककीी अअंंतिितमम तिितथ्थििा हहाोेगगीी।।
((सस)) अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय नििनययतताांंश्शा ककेे ललााभ्भा हहेेततुु पपाात्रत्रतताा एएववंं ददस्स्ततााववेेजज :ः--
11.. अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय पप्र्रााययाोेजजकक ककाा अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ससेे अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककीी पपीीढढ़़ीी अअथ्थाववाा ददाोे पपीीढढ़़ीी पपहहललेे ततकक ममेेंं ममाातताा ययाा पििपतताा पपक्ष्क्षा ससेे ररक्क्तत ससंंबबंंध्धा ककीी पपुुष्ष्टििट ककररतताा हहाोे ((जजैैससेे ःः ससंंबबंंध्धा पििपतताा,, ममाातताा,, भ्भाााइर्ई,, बबहहनन,, भ्भाााइर्ई बबहहनन ककीी ससंंतताानन,, चचााचचाा,, चचााचचाा ककीी ससंंतताानन,, ममााममाा,, ममााममाा ककीी ससंंतताानन,, ममाौैससीी,, ममाौैससीी ककीी ससंंतताानन,, बबुुअआा,, बबुुअआा ककीी ससंंतताानन,, ननााननाा,, ननााननीी,, ददााददाा,, ददााददीी ससेे रििरश्श्तताा)) इइसस हहेेततुु ववंंश्शाााववललीी ववृृक्ष्क्षा पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र जजाोे कििक ततहहससीीललददाारर ययाा उउससससेे उउच्च्चच अअध्धििाककााररीी ककाायर्यााललयय द्वद्वाारराा जजााररीी कििकययाा गगययाा हहाोे।।
22.. वििवददेेश्शा ममेेंं नििनववाासस ककेे पप्र्रममााण्णा हहेेततुु ववहहाॉॅ ककाा गग्र्रीीनन ककााडर्ड//ककाॉॅपपीी अआॉॅफफ पपााससपपाोेटर्ट ववैैध्धा ववीीससाा ससहििहतत//ननाागगरििरककतताा ससंंबबंंध्धििातत ससक्ष्क्षामम ददस्स्ततााववेेजज//118811 दििदनन अअथ्थाववाा अअध्धििाकक ककाा ककाायर्य पप्र्रममााण्णा हहेेततुु ददस्स्ततााववेेजज//अअन्न्यय ककाोेइर्ई ससक्ष्क्षामम ददस्स्ततााववेेजज जजाोे इइसस बििबन्न्ददुु ककीी पपूूतििर्त ककररतताा हहाोे।। 33.. OCI (Overseas citizen of India)) ककेे अअभ्भ्ययथ्र्र्थाीी भ्भाीी ससााममाान्न्यय श्रश्रेेण्णाीी ककीी NRI ससीीटटाोेंं ककेे लििलएए पपाात्रत्र हहाोेंंगगेे.. ((ममााननननीीयय ससवर्वााेेच्च्चच न्न्ययााययााललयय द्वद्वाारराा W.P.C. 891 of 2021 dated 0033--0022--22002233 ममेेंं दििदययेे गगययेे नििनदर्देेश्शााोेंं ककेे अअननुुससाारर ))
44.. एएनन..अआारर..इर्ई..//एएनन..अआारर..अआाइर्ई..//ससममककक्ष्क्षा बबैैंंकक एएककााउउण्ण्टट ककीी स्स्टटेेटटममेेन्न्टट ककाॉॅपपीी।। 55.. ववकर्क पपररमििमटट जजाोे कििक न्न्ययूूननततमम 118811 दििदनन अअथ्थाववाा अअध्धििाकक ककाा हहाोे//गग्र्रीीनन ककााडर्ड ककीी ककाॉॅपपीी जजाोे कििक बििबन्न्ददुु क्रक्र.. 0022 ककेे अअननुुससाारर पपूूतििर्त ककररतताा हहाोे।।
66.. पप्र्रााययाोेजजकक ककीी अआायय,, ससम्म्बबंंध्धििातत पपााठठ््ययक्रक्रमम ककेे श्शाुुल्ल्कक ददेेननेे ययाोेग्ग्यय हहाोे ततथ्थााा श्शाुुल्ल्कक ककाा भ्भाुुगगतताानन वििवददेेश्शाीी ममुुदद्र्राा ममेेंं कििकययाा जजााननाा हहाोेगगाा।।
उउपपरराोेक्क्तत ककेे अअतिितरििरक्क्तत नििनययमम 77 ((xx)) ममेेंं उउल्ल्ललेेख्खििातत ददस्स्ततााववेेजजाोेंं ककीी भ्भाीी अआापपूूतििर्त ककररननाा हहाोेगगाा।। ((दद)) अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय नििनययतताांंश्शा ममेेंं पप्र्रववेेश्शा ककीी अअंंतिितमम तिितथ्थििा ःः-- पप्र्रत्त्ययेेकक नििनजजीी व्व्ययााववससाायिियकक ममहहाावििवद्यद्यााललयय,, पप्र्रववेेश्शा ककीी अअंंतिितमम तिितथ्थििा ककेे 1100 दििदनन ककेे पपूूवर्व अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय नििनययतताांंश्शा ममेेंं अअभ्भ्ययथ्र्थििाययाोेंं ककाोे पप्र्रववेेश्शा ददेेगगाा,, जजाोे कििक अअपप्र्रववााससीी भ्भाााररततीीयय नििनययतताांंश्शा ककीी अअंंतिितमम तिितथ्थििा हहाोेगगीी।। 1144.. ककेेन्न्दद्र्र श्शाााससनन द्वद्वाारराा अअथ्थाववाा ररााष्ष्टट्र्रीीयय अआाययुुवििर्वज्ञज्ञाानन अआाययाोेगग अअथ्थाववाा भ्भाााररततीीयय ददंंतत पपरििरष्षादद अअथ्थाववाा ममााननननीीयय ससवर्वाोेच्च्चच न्न्ययााययााललयय द्वद्वाारराा ककााउउंंसििसलििलंंगग तिितथ्थििा,, पप्र्रक्रििक्रययाा,, न्न्ययूूननततमम अअहर्हककााररीी पप्र्रााप्प्तताांंकक,, श्शाुुल्ल्कक इइत्त्ययाादििद अअन्न्यय ससंंबबंंध्धििातत जजााररीी कििकययेे गगययेे अआाददेेश्शा एएववंं नििनदर्देेश्शा ससममययााववध्धििा ममेेंं पप्र्रााप्प्तत हहाोेननेे पपरर ललाागगूू कििकययेे जजााययेेंंगगेे।।
1155.. ककठििठननााइइययाोेंं ककाा नििनररााककररण्णा ःः-- इइनन नििनययममाोेंं ससेे ससंंबबंंध्धििातत कििकससीी भ्भाीी प्रप्रककाारर ककीी ककठििठननााइर्ई उउत्त्पपन्न्नन हहाोेननेे ककीी स्स्थ्थििातिित ममेेंं ररााज्ज्यय श्शाााससनन उउससककेे नििनररााककररण्णा हहेेततुु अआाददेेश्शा जजााररीी ककरर ससककेेगगाा।।୧୦୭୪ (୧୪) 1166.. प्रप्रााववीीण्ण्यय ससूूचचीी ककीी ससममााप्प्तिित :ः-- ममााननननीीयय उउच्च्चचततमम न्न्ययााययााललयय द्वद्वाारराा उउक्क्तत श्शौैक्ष्क्षाण्णििाकक ससत्रत्र हहेेततुु पप्र्रववेेश्शा ककीी नििनध्र्धााारििरतत अअंंतिितमम तिितथ्थििा पपश्श्चचाातत्् प्रप्रााववीीण्ण्यय ससूूचचीी ससममााप्प्तत हहाोे जजााययेेगगीी एएववंं रििरक्तक्त ससीीटट//ससीीटटेेंं ककााललााततीीतत हहाोे जजााययेेगगीी।।
1177.. नििनररससनन :ः-- इइनन नििनययममाोेंं ककेे प्रप्रववृृत्त्त्ता हहाोेननेे ककीी ततााररीीख्खा ससेे ''''छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ चििचकििकत्त्ससाा एएववंं ददन्न्तत चििचकििकत्त्ससाा स्स्ननााततकक//भ्भााौैतिितकक चििचकििकत्त्ससाा ((फििफजििजययाोेथ्थौैररेेपपीी)) प्रप्रववेेश्शा पपररीीक्ष्क्षााा'''' ससेे ससंंबबंंध्धििातत पपूूवर्व ककेे ससममस्स्तत नििनययमम नििनररसििसतत हहाोे जजााएएंंगगेे ततथ्थााापििप उउनन नििनययममाोेंं ककेे अअन्न्ततगर्गतत ककीी गगइर्ई प्रप्रक्रििक्रययाा ममाान्न्यय हहाोेगगीी।।
୧୦୭୪ (୧୫)अअननुुससूूचचीी -- एएकक छछत्त्त्ताीीश्शाससगगढढ़़ ककेे ववाास्स्ततवििवकक नििनववााससीी हहेेततुु प्रप्राारूरूपप
क्रक्रममाांंकक ........................................................................ दििदननाांंकक..................................................................................
प्रप्रममााण्णििातत कििकययाा जजाातताा हहैै कििक श्रश्रीी//ससुुश्रश्रीी....................................................................................................................अआात्त्ममजज//अआात्त्ममजजाा//पपत्त्ननीी ................................................................................................................................................नििनववााससीी....................................................................................................................ततहहससीीलल.................................................................................................. जििजललाा ..........................................................................छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ ककाा ववाास्स्ततवििवकक नििनववााससीी हहैै,, क्क्ययाोेंंकििक :: ववहह नििनम्म्ननलििलख्खििातत श्शातर्ताोे ममेेंं ससेे कििकससीी एएकक श्शातर्त ककीी पपूूतििर्त ककररतताा हहैै :ः
11.. ववहह ((व्व्ययक्तििक्त)) छछत्त्ततीीससगगढढ़़ ममेेंं पपैैददाा हहुुअआा हहैै//हहुुइर्ई हहैै ।। 22.. ((कक)) ववहह ((व्व्ययक्तििक्त))
अअथ्थाववाा
((ख्खा)) उउससककेे पपााललककाोे ममेेंं ससेे ककाोेइर्ई --
अअथ्थाववाा ((गग)) उउससककेे पपााललककाोेंं ममेेंं ससेे ययदििद ककाोेइर्ई जजीीवििवतत नन हहाोे,, तताोे उउससककाा ववैैध्धा अअभ्भििाभ्भाााववकक ((गगााजििर्जययनन)) छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ ममेेंं नििनररंंततरर ककमम ससेे ककमम 1155 ववष्र्षा ससेे ररहह ररहहाा हहैै ।।
33.. उउससककेे पपााललककाोेंं ममेेंं ससेे ककाोेइर्ई भ्भाीी --
((कक)) ररााज्ज्यय श्शाााससनन ककाा ससेेववााररतत ययाा ससेेववाानििनववृृत्त्त्ता ककमर्मचचााररीी हहैै
अअथ्थाववाा
((ख्खा)) ककेेन्न्द्रद्रीीयय श्शाााससनन ककाा ककमर्मचचााररीी हहैै,, जजाोे छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ ररााज्ज्यय ममेेंं ककाायर्यररतत हहैै,,
44.. ((कक)) ववहह स्स्ववययंं ((व्व्ययक्तििक्त))
अअथ्थाववाा
((ख्खा)) उउससककेे पपााललकक ररााज्ज्यय ममेेंं पििपछछललेे पपाांंचच ववष्र्षााोेंं ससेे ककाोेइर्ई अअचचलल ससंंपपत्त्त्तििा,, उउद्यद्याोेगग अअथ्थाववाा व्व्ययववससाायय ररख्खाततेे हहैै ।। उउपपरराोेक्तक्त श्शातर्त ककेे पपूूतििर्त हहाोेननेे ककेे बबाादद,, व्व्ययक्क्तिित,, ननीीचचेे दििदययेे गगययेे ककमम ससेे ककमम एएकक श्शातर्त ककीी पपूूतििर्त भ्भाीी ककररेेगगाा :ः 55.. उउससननेे छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ ररााज्ज्यय अअथ्थाववाा अअवििवभ्भाााजििजतत ममध्ध्ययप्रप्रददेेश्शा ककेे जििजललाोेंं ममेेंं स्स्थ्थििातत कििकससीी भ्भाीी श्शििाक्ष्क्षाण्णा ससंंस्स्थ्थााा जजाोे ववतर्तममाानन ममेेंं छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ ररााज्ज्यय ममेेंं ससम्म्मििमलििलतत हहैै,, ममेेंं ककमम ससेे ककमम 33 ववष्र्षा ततकक अअपपननीी श्शििाक्ष्क्षााा प्रप्रााप्प्तत ककीी हहैै।। 66.. उउससननेे छछत्त्त्ताीीससससगगढढ़़ ककेे कििकससीी भ्भाीी श्शििाक्ष्क्षाण्णा ससंंस्स्थ्थााा ससेे नििनम्म्नन लििलख्खििातत पपररीीक्ष्क्षाााएएंं उउत्त्त्ताीी््ण्र्णा ककीी हहाोेंं,, अअथ्र्थााातत :ः-- ((कक)) ययदििद कििकससीी ससंंस्स्थ्थााा ममेेंं प्रप्रववेेश्शा ककेे लििलययेे ययाा कििकससीी श्शाााससककीीयय ससंंगगठठनन ममेेंं ससेेववाा ककेे लििलययेे अअपपेेक्ष्क्षििातत न्न्ययूूननततमम श्शौैक्ष्क्षाण्णििाकक ययाोेग्ग्ययतताा,, ममाान्न्ययतताा प्रप्रााप्प्तत वििवश्श्वववििवद्यद्यााललयय ककीी स्स्ननााततकक ययाा उउससससेे उउच्च्चचततरर उउपपााध्धििा नििनध्र्धााारििरतत हहाोे,, तताोे उउच्च्चचततरर ममााध्ध्ययमििमकक पपररीीक्ष्क्षााा ययाा 88ववीींं ककक्ष्क्षााा ककीी पपररीीक्ष्क्षााा।।
((ख्खा)) ययदििद कििकससीी ससंंस्स्थ्थााा ममेेंं प्रप्रववेेश्शा ककेे लििलययेे ययाा कििकससीी श्शाााससककीीयय ससंंगगठठनन ममेेंं ससेेववाा ककेे लििलएए अअपपेेक्ष्क्षििातत न्न्ययूूननततमम श्शौैक्ष्क्षाण्णििाकक ययाोेग्ग्ययतताा,, कििकससीी भ्भाीी वििवश्श्वववििवद्यद्यााललयय ययाा बबाोेडर्ड ककीी इइंंटटररममीीडडीीययटट हहााययरर ससेेककेेण्ण्डडररीी ययाा ककाोेइर्ई अआौैरर ससममककक्ष्क्षा पपररीीक्ष्क्षााा नििनध्र्धााारििरतत ककीी गगइर्ई हहाोे,, तताोे अआाठठववीींं ककक्ष्क्षााा ककीी पपररीीक्ष्क्षााा।।
((गग)) अअन्न्यय ममााममललाोेंं ममेेंं पपाांंचचववीींं ककक्ष्क्षााा ककीी पपररीीक्ष्क्षााा।।
77.. अअन्न्यय ससभ्भाीी ममााममललाोेंं ककेे लििलययेे उउपपरराोेक्तक्त ककेे अअललााववाा नििनम्म्ननलििलख्खििातत ममेेंं ससेे कििकससीी श्रश्रेेण्णाीी ककेे व्व्ययक्तििक्त भ्भाीी छछत्त्त्ताीी््ससगगढढ ककेे ववाास्स्ततवििवतत नििनववााससीी हहाोेंंगगेे:: ((कक)) छछत्त्त्ताीीससगगढढ ररााज्ज्यय ककाोे नििनययुुक्तक्त अअख्खििालल भ्भाााररततीीयय ससेेववााअआोेंं ककेे अअध्धििाककरििरययाोेंं ककीी पपत्त्ननीी//पपतिित अअथ्थाववाा ससंंतताानन।। ((ख्खा)) छछत्त्त्ताीीससगगढढ श्शाााससनन ककेे अअध्धििाककाारििरययाोेंं//ककमर्मचचाारििरययाोेंं ककीी पपत्त्ननीी//पपतिित अअथ्थाववाा ससंंतताानन।। ((गग)) छछत्त्त्ताीीससगगढढ ररााज्ज्यय ममेेंं ससंंववैैध्धााानििनकक ययाा अअन्न्यय वििवध्धििाकक पपददाोेंं पपरर ररााष्ष्टट्र्रपपतिित द्वद्वाारराा नििनययुुक्तक्त व्व्ययक्तििक्तययाोेंं ककीी पपत्त्ननीी//पपतिित अअथ्थाववाा ससंंतताानन।।
((घ्घा)) छछत्त्त्ताीीससगगढढ ररााज्ज्यय ककेे अअध्धाीीनन स्स्थ्थााापििपतत ससंंस्स्थ्थाााअआोेंं ययाा नििनगगमम ययाा ममंंडडलल ययाा अआाययाोेगग ममेेंं पपददस्स्थ्थाीी पपददााध्धििाककााररीी//अअध्धििाककााररीी//ककमर्मचचााररीी,, उउननककीी पपत्त्ननीी//पपतिित अअथ्थाववाा ससंंतताानन।।
एऐेससेे बबााबबतत्् जजाोे उउपपरराोेक्तक्ताा ममाापपददण्ण्डडाोेंं ककेे अअननुुससाारर ववाास्स्ततवििवकक नििनववााससीी हहैैंं,, उउससककीी पपत्त्ननीी//पपतिित अअथ्थाववाा ससंंतताानन भ्भाीी,, छछत्त्त्ताीीससगगढढ ककेे ववाास्स्ततवििवकक नििनववााससीी ममााननेे जजााययेेंंगगेे।।
प्रप्रााध्धििा——तत अअध्धििाककााररीी ककेे हहस्स्ततााक्ष्क्षारर पपददननाामम एएववंं ससीीलल୧୦୭୪ (୧୬) अअननुुससूूचचीी -- ददाोे
पप्र्राारूरूपप ((अअ))
ससैैनििनकक ववगर्ग हहेेततुु पप्र्रममााण्णा--पपत्रत्र
भ्भाूूततपपूूवर्व ममृृतत पप्र्रतिितररक्ष्क्षााा ककमर्मचचााररीी अअथ्थाववाा स्स्थ्थाााययीी रूरूपप ससेे नििनःःश्शाक्क्तततताा ससेे बबााध्धििातत
पप्र्रतिितररक्ष्क्षााा ककाामििर्मकक ककीी ससंंतताानन हहेेततुु
ससंंददभ्र्भा क्रक्रममाांंकक ........................................................................ दििदननाांंकक..................................................................................
ययहह प्रप्रममााण्णििातत कििकययाा जजाातताा हहैै कििक श्रश्रीी//श्रश्रीीममततीी ((ममाातताा//पििपतताा ककाा ननाामम)) ............................................................................................
जजाोे कििक छछत्त्ततीीससगगढढ़़ व्व्ययााववससाायिियकक पपररीीक्ष्क्षााा ममंंडडलल ररााययपपुुरर द्वद्वाारराा ससंंचचाालििलतत ........................................................................ पपररीीक्ष्क्षााा ककेे अआाध्धााारर पपरर स्स्ननााततकक पपााठठ््ययक्रक्रमम ममेेंं पप्र्रववेेश्शा ककेे लििलएए अअभ्भ्ययथ्र्थाीी श्रश्रीी//ककुुममााररीी ((छछाात्रत्र//छछाात्रत्राा ककाा ननाामम)) ........................................................ ककेे पििपतताा//ममाातताा हहैै।।
((अअ)) थ्थाललससेेननाा//ववााययुुससेेननाा//ननाौै ससेेननाा ककेे//ककीी एएकक भ्भाूूततपपूूवर्व ससैैनििनकक हहैै।। ससेेववाानििनववृृत्त्तत//ससेेववााममृृक्क्तिित ककेे ससममयय ववेे ....................................
..पपदद पपरर थ्थोे//थ्थाीी अआौैरर उउननककाा ससवििर्वसस क्रक्रममाांंकक ............................................ थ्थााा।।
((बब)) उउन्न्हहाोेंंननेे थ्थाललससेेननाा//ववााययुुससेेननाा//ननाौै ससेेननाा ममेेंं .............................................................. पपदद पपरर ससवििर्वसस क्रक्रममाांंकक .............................................. ककेे अअध्धाीीनन ससेेववाा ककीी हहैै।। ससेेववाा ककेे ददाौैरराानन ववेे स्स्थ्थाााययीी रूरूपप ससेे नििनःःश्शाक्क्ततजजनन हहाोे गगएए हहैै//ससेेववाा ककेे ददाौैरराानन ववेे स्स्थ्थाााययीी रूरूपप ससेे नििनःःश्शाक्क्ततजजनन हहाोे गगएए हहैै//ससेेववाा ककेे ददाौैरराानन उउननककीी ममृृत्त्ययुु ववष्र्षा .............................................. ममेेंं हहाोे चचुुककीी हहैै।।
स्स्थ्थााानन .......................................... जििजललाा ससैैनििनकक ककल्ल्ययााण्णा अअध्धििाककााररीी ककेे हहस्स्ततााक्ष्क्षारर दििदननाांंकक ...................................... ककाायर्यााललयय ससीीलल୧୦୭୪ (୧୭) अअननुुससूूचचीी -- ददाोे
पप्र्राारूरूपप ((बब))
ससैैनििनकक ववगर्ग हहेेततुु पप्र्रममााण्णा--पपत्रत्र
भ्भाूूततपपूूवर्व पप्र्रतिितररक्ष्क्षााा ककमर्मचचााररीी द्वद्वाारराा स्स्थ्थाययीी रूरूपप ससेे छछत्त्ततीीससगगढढ़़ ममेेंं व्व्ययववस्स्थ्थााापििपतत हहाोेननेे ससंंबबंंध्धाीी पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र ससंंददभ्र्भा क्रक्रममाांंकक ........................................................................ दििदननाांंकक..................................................................................
ययहह प्रप्रममााण्णििातत कििकययाा जजाातताा हहैै कििक श्रश्रीी//ससुुश्रश्रीी ............................................................................................................ ((अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककेे ममाातताा//पििपतताा ककाा ननाामम)) जजाोे कििक स्स्ननााततकक पप्र्रथ्थामम ववष्र्षा ममेेंं पप्र्रववेेश्शा ककेे लििलएए अअभ्भ्ययथ्र्थाीी श्रश्रीी//ससुुश्रश्रीी ..............................................................................................
((अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाा ननाामम)) ककेे ममाातताा//पििपतताा हहैै,, भ्भाूूततपपूूवर्व पप्र्रतिितररक्ष्क्षााा ककाामििर्मकक हहैै अआौैरर स्स्थ्थाााययीी रूरूपप ससेे .................................................................... ((स्स्थ्थााानन)) ततहहससीीलल .......................................................................... जििजललाा ............................................................................................ छछत्त्ततीीससगगढढ़़ ररााज्ज्यय ममेेंं व्व्ययववस्स्थ्थााापििपतत हहैै।। स्स्थ्थााानन .......................................... जििजललाा ससैैनििनकक ककल्ल्ययााण्णा अअध्धििाककााररीी ककेे हहस्स्ततााक्ष्क्षारर दििदननाांंकक ...................................... ((हहस्स्ततााक्ष्क्षारर एएववंं पपददममुुदद्र्राा)) ककाायर्यााललयय ससीीलल,, ससैैनििनकक ककल्ल्ययााण्णा अअध्धििाककााररीी୧୦୭୪ (୧୮) अअननुुससूूचचीी -- ददाोे
पप्र्राारूरूपप ((सस))
ससैैनििनकक ववगर्ग हहेेततुु पप्र्रममााण्णा--पपत्रत्र
ककाायर्यररतत पप्र्रतिितररक्ष्क्षााा ककमर्मचचााररीी ककीी ससंंतताानन हहेेततुु
ससंंददभ्र्भा क्रक्रममाांंकक ........................................................................ दििदननाांंकक..................................................................................
ययहह प्रप्रममााण्णििातत कििकययाा जजाातताा हहैै कििक श्रश्रीी//ससुुश्रश्रीी ............................................................................................................ ((अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककेे ममाातताा//पििपतताा ककाा ननाामम)) जजाोे कििक स्स्ननााततकक पप्र्रथ्थामम ववष्र्षा ममेेंं पप्र्रववेेश्शा ककेे लििलएए अअभ्भ्ययथ्र्थाीी श्रश्रीी//ससुुश्रश्रीी ..............................................................................................
((अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाा ननाामम)) ककेे ममाातताा//पििपतताा ((जजाोे ललाागगूू नन हहाोे उउससेे ककााटट ददेेंं)) हहैै,, ववहह थ्थालल ससेेननाा//ववााययुु ससेेननाा//ननाौै ससेेननाा ममेेंं ................
.............................................. अआोेहहददेे पपरर ससवििर्वसस कक्र्रममाांंकक .................................................. ककेे अअध्धाीीनन ककाायर्यररतत पप्र्रतिितररक्ष्क्षााा ककाामििर्मकक हहैै अआौैरर ववहह पप्र्रतिितररक्ष्क्षााा ........
................................................ इइककााइर्ई ममेेंं पपददस्स्थ्था हहैैंं।। ववेे इइसस इइककााइर्ई ममेेंं दििदननाांंकक ............................................................ ससेे ससेेववााररतत हहैै।।
स्स्थ्थााानन .......................................... ((हहस्स्ततााक्ष्क्षारर एएववंं पपददममुुदद्र्राा)) दििदननाांंकक ......................................
ककाायर्यााललयय ससीीलल,, ककममााडििडंंगग अआॉॅफििफससरर୧୦୭୪ (୧୯) अअननुुससूूचचीी -- ततीीनन
पप्र्राारूरूपप
स्स्ववततंंत्रत्रतताा ससंंगग्र्राामम ससेेननााननीी ववगर्ग हहेेततुु पप्र्रममााण्णा -- पपत्रत्र
ससंंददभ्र्भा क्रक्रममाांंकक ........................................................................ दििदननाांंकक..................................................................................
ययहह प्रप्रममााण्णििातत कििकययाा जजाातताा हहैै कििक श्रश्रीी//ससुुश्रश्रीी ((अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककाा ननाामम)) ............................................................................................................
श्रश्रीी//ससुुश्रश्रीी ..................................................................................................((अअभ्भ्ययथ्र्थाीी ककेे ममाातताा//पििपतताा ककाा ननाामम)) ककेे//ककीी ववैैध्धा ससंंतताानन हहैै।। जजाोे श्रश्रीी//ससुुश्रश्रीी ((स्स्ववततंंत्रत्रतताा ससंंगग्र्राामम ससेेननााननीी ककाा ननाामम)) ककेे//ककीी ववैैध्धा ससंंतताानन हहैै श्रश्रीी//ससुुश्रश्रीी ............................................................ ((स्स्ववततंंत्रत्रतताा ससंंगग्र्राामम ससेेननााननीी ककाा ननाामम)) ककाा ननाामम छछत्त्ततीीससगगढढ़़ ककेे जििजललाा .......................................................................... ककेे ककललेेक्क्टटरर ककाायर्यााललयय ममेेंं ससंंध्धााारििरतत स्स्ववततंंत्रत्रतताा ससंंगग्र्राामम ससेेननााननीी ककीी पपंंजजीी ममेेंं क्रक्रममाांंकक .............................................. पपरर पपंंजजीीककृृतत हहैै।।
स्स्थ्थााानन .......................................... ((हहस्स्ततााक्ष्क्षारर एएववंं पपददममुुदद्र्राा)) दििदननाांंकक ......................................
ककललेेक्क्टटरर अअथ्थाववाा ककललेेक्क्टटरर द्वद्वाारराा पप्र्रााध्धििाककृृतत
डििडप्प्टटीी ककललेेक्क्टटरर ससेे अअन्न्ययूूनन स्स्ततरर ककाा
ररााजजस्स्वव अअध्धििाककााररीी पपददननाामम एएववंं ससीीलल ୧୦୭୪ (୨୦) अअननुुससूूचचीी -- चचाारर
प्रप्राारूरूपप
ररााज्ज्यय ममेेडििडककलल बबाोेडर्ड प्रप्रममााण्णा--पपत्रत्र
छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ ररााज्ज्यय ममेेडििडककलल बबाोेडर्ड ससंंचचााललननााललयय चििचकििकत्त्ससाा श्शििाक्ष्क्षााा,, छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ फफाोेनन ननंं..--00777711--22223344445511,, फफैैक्क्सस ननंं.. 00777711--22222222221122 EE--mmaaiill :: ccggddmmee@@rreeddiiffffmmaaiill--ccoomm
क्रक्रममाांंकक// //ससंंचििचश्शििा// ररााययपपुुरर,, दििदननाांंकक//
प्रप्रममााण्णा पपत्रत्र
दो पासपोर्ट
साईज
फोटोग्राफ
ययहह प्रप्रममााण्णििातत कििकययाा जजाातताा हहैै कििक श्रश्रीी ..........................................................,, पििपतताा-- श्रश्रीी ................................................................................,, उउमम्र्र--......
..............................ववष्र्षा ((ससत्त्ययाापििपतत फफाोेटटाोेगग्र्रााफफ)) ककेे अआाववेेददनन दििदननाांंकक..................................ककेे ससााथ्था ससंंललग्ग्नन जििजललाा//ससंंभ्भााागगीीयय ममेेडििडककलल बबाोेडर्ड ककेे प्रप्रममााण्णा पपत्रत्र क्रक्रममाांंकक..................................,, दििदननाांंकक............................................ककेे पपररीीक्ष्क्षाण्णा एएववंं अआाववेेददकक ककेे पपूूण्र्णा पपररीीक्ष्क्षाण्णा उउपपरराांंतत उउननककीी श्शाााररीीरििरकक नििनःःश्शाक्तक्ततततताा ........................................................पपााइर्ई गगइर्ई।। उउननककीी ककुुलल नििनःःश्शाक्तक्ततततताा ........................ प्रप्रतिितश्शातत हहैै,, जजाोे कििक एएनन..एएमम..ससीी.. द्वद्वाारराा नििनध्र्धााारििरतत दििदव्व्ययाांंगग श्रश्रेेण्णाीी ककीी पपाात्रत्रतताा ककेे ननववीीननततमम ममाापपददण्ण्डडाोेंं ककेे अअननुुससाारर ममाान्न्यय हहैै।।
पपहहचचाानन ककाा नििनश्शााानन-- ..................................
((अअध्ध्ययक्ष्क्षा)) ((ससददस्स्यय)) ((ससददस्स्यय)) ररााज्ज्यय ममेेडििडककलल बबाोेडर्ड ररााज्ज्यय ममेेडििडककलल बबाोेडर्ड ररााज्ज्यय ममेेडििडककलल बबाोेडर्ड୧୦୭୪ (୨୧) अअननुुससूूचचीी -- पपाांंचच ((कक)) ((225500//-- ककेे ननााननज्ज्ययुुडििडश्शििाययलल स्स्टटााम्म्पप -- पपरर नििनष्ष्पपाादििदतत ककरर ननाोेटटररीी द्वद्वाारराा ससत्त्ययाापििपतत कििकययाा जजााएए)) ((छछत्त्त्ताीीेेससगगढढ़़ ककेे श्शाााससककीीयय चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललययाोेंं ममेेंं स्स्ननााततकक पपााठठ्य्यक्रक्रमम ममेेंं प्रप्रववेेश्शाााथ्र्थििाययाोेंं द्वद्वाारराा ररााज्ज्यय-- श्शाााससनन ककेे अअध्धाीीनन ससेेववाा ककररननेे हहेेततुु बबंंध्धा पपत्रत्र ((बबााण्ण्डड््)) ककाा प्रप्राारूरूपप))
11.. ममैैंं..............................................................................पपुुत्रत्र//पपुुत्रत्रीी//पपत्त्नििन श्रश्रीी...................................................................................................................... नििनववााससीी..........................................................................
छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ ककेे चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं स्स्ननााततकक पपााठठ्य्यक्रक्रमम ममेेंं प्रप्रववेेश्शििातत अअभ्भ्ययथ्र्थाीी हहूूँँ ।। ममेेरराा चचययनन एएममबबीीबबीीएएसस पपााठठ्य्यक्रक्रमम हहेेततुु ससााममाान्न्यय//अआाररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ककेे अअंंततगर्गतत हहुुअआा हहैै ।।
22.. ययहह कििक ममुुझझेे ववष्र्षा .................................. ममेेंं अआाययाोेजििजतत ""ननीीटट --..............................'''' प्रप्रववेेश्शा पपररीीक्ष्क्षााा ससेे श्शाााससककीीयय चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ............................................................ममेेंं श्शौैक्ष्क्षाण्णििाकक ससत्रत्र .......................................... ममेेंं ................................................ ससीीटट अआाववंंटििटत्ता ककीी गगइर्ई हहैै ।। 33.. ययहह कििक ववष्र्षा .............................. ककीी ककााउउंंससलििलंंगग ककेे पपूूवर्व ममैैंंननेे छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ श्शाााससनन,, चििचकििकत्त्ससाा श्शििाक्ष्क्षााा वििवभ्भााागग,, ममंंत्रत्रााललयय,, ननययाा ररााययपपुुरर ककीी अअध्धििाससूूचचननाा क्रक्रममाांंकक................................................................ररााययपपुुरर दििदननाांंकक ............................................ छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ ररााज्ज्यय ककेे चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललययाोेंं ककेे एएममबबीीबबीीएएसस पपााठठ्य्यक्रक्रममाोेंं ममेेंं प्रप्रववेेश्शा नििनययममाोेंं ककाोे पपढढ़़ककरर भ्भाललीी भ्भाॉॉतिित ससममझझ लििलययाा हहैै।। उउपपरराोेक्तक्त अअध्धििाससूूचचननाा ककेे ककंंडििडककाा .................. जििजससममेेंं ररााज्ज्यय श्शाााससनन ककेे अअध्धाीीनन ससेेववाा ककररननेे हहेेततुु बबन्न्ध्धा पपत्रत्र नििनष्ष्पपाादििदतत ककररननेे ससंंबबंंध्धििातत जजााननककाारििरययॉॉंं ददीी गगइर्ई हहैैंं,, जििजससेे ममैैंंननेे भ्भाललीी--भ्भाॉॉंंतिित ससममझझ लििलययाा हहैै एएववंं ममैैंं उउक्तक्त नििनययमम ककीी ससभ्भाीी बििबन्न्ददुुअआोेंं ससेे ससहहममतत हहूूँँ ।।
44.. ममैैंं एएततदद्् द्वद्वाारराा बबन्न्ध्धा पपत्रत्र नििनम्म्नन श्शातर्ताोेंं पपरर नििनष्ष्पपाादििदतत ककररतताा//ककररततीी हहूूँँ,, कििक ममैैंं एएममबबीीबबीीएएसस पपााठठ्य्यक्रक्रमम ककाोे ससफफललतताापपूूवर्वकक पपूूण्र्णा ककरर ललेेननेे ककेे उउपपरराान्न्तत ररााज्ज्यय श्शाााससनन ककेे अअध्धाीीनन एएकक ववष्र्षा ककीी ककााललााववध्धििा ततकक अअनििनववाायर्य रूरूपप ससेे ककाायर्य ककरूरूंंगगाा//ककरूरूंंगगीी।।
55.. ययदििद अअनििनववाायर्य श्शाााससककीीयय ससेेववाा अअववध्धििा ककेे ददाौैरराानन ममेेरराा चचययनन चििचकििकत्त्ससाा स्स्ननााततककाोेत्त्ततरर पपााठठ््ययक्रक्रमम हहेेततुु हहाोे जजाातताा हहैै तताोे अअनििनववाायर्य श्शाााससककीीयय ससेेववाा ककीी श्शोेष्षा अअववध्धििा ममेेररेे द्वद्वाारराा चििचकििकत्त्ससाा स्स्ननााततककाोेत्त्ततरर पपााठठ््ययक्रक्रमम पपूूण्र्णा ककररननेे पपश्श्चचाातत्् कििकययाा जजााययेेगगाा।।
66.. ययहह कििक इइसस बबन्न्ध्धा पपत्रत्र ककाा उउल्ल्ललंंघ्घानन हहाोेननेे ककीी ददश्शााा ममेेंं श्शाााससनन ककाोे अअध्धििाककाारर हहाोेगगाा कििक ममेेररीी चचलल वव अअचचलल ससंंपपत्त्त्तििा ससेे अअथ्थाववाा इइसस बबन्न्ध्धा पपत्रत्र ममेेंं ममेेररेे प्रप्रतिितभ्भाूूतिित ककेे रूरूपप ममेेंं हहस्स्ततााक्ष्क्षाररककतर्ताा श्रश्रीी..................................................................
पपुुत्रत्र//पपुुत्रत्रीी//पपत्त्नििन श्रश्रीी........................................................................................................................नििनववााससीी....................................................................ककीी चचलल वव अअचचलल ससंंपपत्त्त्तििा ((ससंंपपत्त्त्तििा ककाा ससम्म्पपूू््ण्र्णा वििवववररण्णा)) ससेे इइसस बबन्न्ध्धा पपत्रत्र ककीी ररााश्शििा रूरूपपययेे ..............................................श्शाब्ब्ददाोेंं ममेेंं ((रूरूपपएए....................................................................
........ ............)) कििक ववससूूललीी वव ससााथ्था हहीी पपााठठ्य्यक्रक्रमम अअववध्धििा ककेे ददाौैरराानन श्शाााससनन द्वद्वाारराा भ्भाुुगगतताानन ककीी गगइर्ई ससम्म्पपूूण्र्णा छछाात्रत्रववृृत्त्त्तििा//श्शििाष्ष्ययववृृत्त्त्तििा ककीी ससम्म्पपूूण्र्णा ररााश्शििा ककीी ववससूूललीी भ्भाूू--ररााजजस्स्वव ककेे बबककााययाा ककेे रूरूपप ममेेंं ककीी जजााववेेगगीी।। 77.. जजबब ततकक पपूूररीी ररााश्शििा ककीी ववससूूललीी ननहहीींं हहाोे जजााततीी ततबब ततकक ममुुझझेे अअध्धििाष्ष्ठठाातताा ककेे द्वद्वाारराा अअननाापपत्त्त्तििा प्रप्रममााण्णा पपत्रत्र प्रप्रददाानन ननहहीींं कििकययाा जजााययेेगगाा।। ୧୦୭୪ (୨୨) 88.. अअध्धििाष्ष्ठठाातताा ककेे द्वद्वाारराा अअननाापपत्त्त्तििा प्रप्रममााण्णा पपत्रत्र जजााररीी हहाोेननेे ककेे पपश्श्चचाा््तत्् ममैैंं ससंंचचााललकक चििचकििकत्त्ससाा श्शििाक्ष्क्षााा ककाोे उउक्तक्त अअननाापपत्त्त्तििा प्रप्रममााण्णा पपत्रत्र प्रप्रस्स्ततुुतत ककरूरूंंगगाा//ककरूरूंंगगीी जििजससककीी अअननुुश्शांंससाा पपरर वििवश्श्वववििवद्यद्यााललयय द्वद्वाारराा अअंंतिितमम डििडगग्र्रीी प्रप्रददाानन ककीी जजााववेेगगीी वव छछ..गग.. ररााज्ज्यय अआाययुुवििर्वज्ञज्ञाानन पपरििरष्षादद ममेेंं स्स्ननााततकक ययाोेग्ग्ययतताा ककाा स्स्थ्थाााययीी पपंंजजीीययनन ममुुझझेे प्रप्रााप्प्तत अअंंतिितमम डििडगग्र्रीी ककेे अआाध्धााारर पपरर हहीी कििकययाा जजााववेेगगाा ।।
99.. एएममबबीीबबीीएएसस पपााठठ्य्यक्रक्रमम ककेे ससफफललतताा पपूूवर्वकक पपूूण्र्णा कििकययेे जजााननेे ककीी ससूूचचननाा वििवश्श्वववििवद्यद्यााललयय ससेे प्रप्रााप्प्तिित ककेे छछःः ममााहह ककेे भ्भाीीततरर ययदििद अआाययुुक्तक्त,, स्स्ववाास्स्थ्थ्यय एएववंं पपरििरववाारर ककल्ल्ययााण्णा वििवभ्भााागग नििनययुुक्तििक्त अआाददेेश्शा जजााररीी ननहहीींं ककररततेे हहैै तताोे ययहह बबन्न्ध्धापपत्रत्र स्स्ववममेेवव नििनररस्स्तत ससममझझाा जजााववेेगगाा।।
1100.. ययहह कििक ममुुझझेे ज्ञज्ञाातत हहैै,, कििक वििवववाादद ककीी स्स्थ्थििातिित ममेेंं छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ श्शाााससनन ककाा नििनण्र्णायय अअंंतिितमम एएववंं ममाान्न्यय हहाोेगगाा ।।
हस्ताक्षर गगववााहह :ः --
आवेदक/निष्पादनकर्ता 11..................................................................हहस्स्ततााक्ष्क्षारर
22.................................................................. हहस्स्ततााक्ष्क्षारर
आवेदक का फोटो
प्रतिभूतिकर्ता का फोटो
गवाह नं. 1 का फोटो
गवाह नं. 2 का फोटो
प्रतिभूतिकर्ता
गवाह 01
गवाह 02
आवेदक
प्रप्रतिितभ्भाूूतिितककतर्ताा
ममैैंं....................................................................पपुुत्रत्र//पपुुत्रत्रीी//पपत्त्ननीी श्रश्रीी..........................................................................................नििनववााससीी ..................................................................
उउपपरराोेक्तक्तााननुुससाारर बबन्न्ध्धा पपत्रत्र ककेे लििलएए प्रप्रतिितभ्भाूूतिित ततथ्थााा बबन्न्ध्धा पपत्रत्र ककेे उउल्ल्ललंंघ्घानन ककीी ददश्शााा ममेेंं बबन्न्ध्धा पपत्रत्र ममेेंं उउल्ल्ललेेख्खििातत ररााश्शििा ममेेररीी चचलल वव अअचचलल ससंंपपत्त्त्तििा ससेे ववससूूलल ककीी जजाा ससककेेगगीी ।।
हस्ताक्षर
प्रतिभूतिकर्ता୧୦୭୪ (୨୩) अअननुुससूूचचीी--पपाांंचच ((ख्खा)) ((225500//-- ककेे ननााननज्ज्ययुुाोेडडश्शििाययलल स्स्टटााम्म्पप पपरर नििनष्ष्पपाादििदतत ककरर ननाोेटटररीी द्वद्वाारराा ससत्त्ययाापििपतत कििकययाा जजााएए)) छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ ककेे श्शाााससककीीयय चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं प्रप्रववेेश्शाााथ्र्थििाययाोेंं द्वद्वाारराा नििनष्ष्पपाादििदतत कििकएए जजााननेे ववााललेे श्शापपथ्था पपत्रत्र ककाा प्रप्राारूरूपप
ममेेरराा पपुुत्रत्र//पपुुत्रत्रीी ................................................................................................अआात्त्ममजज//अआात्त्ममजजाा श्रश्रीी................................................................................................................ नििनववााससीी.............................................................................. छछत्त्ततीीससगगढढ़़ ककेे चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ................................................ममेेंं स्स्ननााततकक पपााठठ्य्यक्रक्रमम ((एएममबबीीबबीीएएसस)) ममेेंं प्रप्रववेेश्शा हहेेततुु चचययनििनतत अअभ्भ्ययथ्र्थाीी हहूूंं।। 11.. ममैैंंननेे छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ श्शाााससनन चििचकििकत्त्ससाा श्शििाक्ष्क्षााा वििवभ्भााागग ममंंत्रत्रााललयय ररााययपपुुरर ककीी अअध्धििाससूूचचननाा क्रक्रममाांंकक ............................................................................
................................ दििदननाांंकक .................................. ''''छछत्त्त्ताीीससगगढढ़़ चििचकििकत्त्ससाा,, ददंंतत चििचकििकत्त्ससाा एएववंं भ्भााौैतिितकक चििचकििकत्त्ससाा,, स्स्ननााततकक प्रप्रववेेश्शा नििनययमम -- ..............................'''' एएववंं ''''नििनदर्देेश्शििाककाा'''' ममेेंं नििनहििहतत पप्र्रााववध्धाााननाोेंं ककाोे भ्भाललीी--भ्भााांंतिित पपढढ़़ककरर ससममझझ लििलययाा हहैै।। 22.. ममेेरराा पपुुत्रत्र//पपुुत्रत्रीी ररााज्ज्यय ककाोेटटेे ककीी ससााममाान्न्यय//अआाररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी ककाा छछाात्रत्र//छछाात्रत्राा हहैै।। 33.. ममैैंं एएततदद्् द्वद्वाारराा ययहह श्शापपथ्था पपत्रत्र नििनम्म्नन श्शातर्ताोे पपरर नििनष्ष्पपाादििदतत ककररतताा हहूूंं कििक :ः--
((कक)) ममेेरराा पपुुत्रत्र//पपुुत्रत्रीी स्स्ननााततकक पपााठठ््ययक्रक्रमम ससफफललतताा पपूूवर्वकक पपूूण्र्णा ककररननेे ककेे पपश्श्चचाातत््,, श्शाााससनन द्वद्वाारराा दििदएए गगएए नििनदर्देेश्शाााननुुससाारर एएकक ((0011)) ववष्र्षा ककीी ककााललााववध्धििा ततकक चििचकििकत्त्ससाा अअध्धििाककााररीी ककेे रूरूपप ममेेंं श्शाााससककीीयय स्स्ववाास्स्थ्थ्यय ककेेन्न्दद्र्र अअथ्थाववाा श्शाााससककीीयय चििचकििकत्त्ससाा ममहहाावििवद्यद्यााललयय ममेेंं जजूूनििनययरर ररजििजस्स्टट्र्राारर//पप्र्रददश्र्शाकक//जजूूनििनययरर ररेेसििसडडेेंंटट ककेे रूरूपप ममेेंं ककाायर्य ककररेेगगाा//ककररेेगगीी।।
((ख्खा)) ममेेरराा पपुुत्रत्र//पपुुत्रत्रीी ककेे द्वद्वाारराा उउपपरराोेक्क्तत अअववध्धििा ततकक श्शाााससककीीयय ससेेववाा ककररननेे ककाा पप्र्रममााण्णा पपत्रत्र जििजससेे अआाययुुक्क्तत स्स्ववाास्स्थ्थ्यय ससेेववााययेेंं ककेे द्वद्वाारराा पप्र्रददाानन कििकययाा जजााययेेगगाा ककेे पप्र्रस्स्ततुुतत ककररननेे ककेे पपश्श्चचाातत्् हहीी उउससेे स्स्ननााततकक ककीी उउपपााध्धििा ककीी पप्र्रााप्प्तिित हहेेततुु ससंंस्स्थ्थााा पप्र्रममुुख्खा द्वद्वाारराा अअननाापपत्त्तिित पप्र्रददाानन ककीी जजााययेेगगीी।।
((गग)) ममेेररेे पपुुत्रत्र//पपुुत्रत्रीी ककेे द्वद्वाारराा श्शाााससककीीयय ससेेववाापपूूण्र्णा नन ककररननेे ककीी ददश्शााा ममेेंं ममेेररेे पपुुत्रत्र//पपुुत्रत्रीी ककीी स्स्ननााततकक उउपपााध्धििा वव ममूूलल अअभ्भििाललेेख्खा ररााजजससाातत कििकययेे जजाा ससककेेंंगगेे।।
((घ्घा)) ययदििद ममेेररेे पपुुत्रत्र//पपुुत्रत्रीी ककेे द्वद्वाारराा ततृृततीीयय चचररण्णा ककीी ककााउउंंसििसलििलंंगग ककीी पप्र्रववेेश्शा ककीी अअंंतिितमम तिितथ्थििा उउपपरराान्न्तत श्शििाक्ष्क्षाण्णा ससत्रत्र्् ................................ हहेेततुु एएममबबीीबबीीएएसस पपााठठ््ययक्रक्रमम ककीी पप्र्रववेेश्शििातत ससीीटट ककाा पपरििरत्त्ययाागग कििकययाा जजाातताा हहैै तताोे,, ममेेररेे द्वद्वाारराा अअननााररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी हहेेततुु रूरू.. 2255 ललााख्खा अअथ्थाववाा अआाररक्ष्क्षििातत श्रश्रेेण्णाीी हहेेततुु रूरू.. 2200 ललााख्खा ततथ्थााा छछाात्रत्रववृृत्त्तिित ककीी ससम्म्पपूूण्र्णा ररााश्शििा ((ययदििद ककाोेइर्ई हहाोे तताोे)) श्शाााससनन ककाोे ददेेयय हहाोेगगीी।।
पपतताा ..............................
फफाोेनन ननंं.. ................................ हहस्स्ततााक्ष्क्षारर अअभ्भििाभ्भाााववकक
| प्रतिभूतिकर्ता का फोटो |
| प्रतिभूतिकर्ता |
| अभिभावक का फोटो |
| अभिभावक |
प्रप्रतिितभ्भाूूतिितककतर्ताा
ममैैंं....................................................................पपुुत्रत्र//पपुुत्रत्रीी//पपत्त्ननीी श्रश्रीी..........................................................................................नििनववााससीी .................................................................. उउपपरराोेक्तक्तााननुुससाारर श्शापपथ्था पपत्रत्र ककेे उउल्ल्ललंंघ्घानन ककीी ददश्शााा ममेेंं श्शापपथ्था पपत्रत्र ममेेंं उउल्ल्ललेेख्खििातत ररााश्शििा ममेेररेे द्वद्वाारराा पप्र्रददाायय ककीी जजााययेेगगीी।। गगववााहह ककेे हहस्स्ततााक्ष्क्षारर ननाामम एएववंं पपतताा ससहििहतत :ः --
11.................................................................. हहस्स्ततााक्ष्क्षारर 22.................................................................. पप्र्रतिितभ्भाूूतिितककतर्ताा
गवाह नं. 01 का फोटो
गवाह नं. 02 का फोटो
1. गवाह
2. गवाह
ननाामम :ः...................................................................................... पपतताा :ः...................................................................................... ..........................................................................................................
୧୦୭୪ (୨୪)
अअननुुससूूचचीी--पपाांंचच
୧୦୭୪ (୨୫)୧୦୭୪ (୨୬)
୧୦୭୪ (୨୭)୧୦୭୪ (୨୮)
୧୦୭୪ (୨୯)୧୦୭୪ (୩୦)
୧୦୭୪ (୩୧)୧୦୭୪ (୩୨)
୧୦୭୪ (୩୩)୧୦୭୪ (୩୪)
୧୦୭୪ (୩୫)୧୦୭୪ (୩୬)
୧୦୭୪ (୩୭)୧୦୭୪ (୩୮)
୧୦୭୪ (୩୯)