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छत्तीसगढ़ शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015. "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट ) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22-छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 . "
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
आषाढ़ 25 , शक 1947
क्रमांक 539 ]
नवा रायपुर, बुधवार, दिनांक16 जुलाई 2025-
छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय
रायपुर, बुधवार, दिनांक 16 जुलाई, 2025 (आषाढ़ 25, 1947)
क्रमांक-10403 /वि.स. /विधान / 2025 . छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ भू- राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 (क्रमांक 18 सन् 2025) जो बुधवार, दिनांक 16 जुलाई, 2025 को पुरःस्थापित हुआ है, को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है ।
हस्ता./-
(दिनेश शर्मा) सचिव.
1077 1078
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 16 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्रमांक 18 सन् 2025)
छत्तीसगढ़ भू- राजस्व संहिता ( संशोधन) विधेयक, 2025 .
छत्तीसगढ़ भू- राजस्व संहिता, 1959 (क्र . 20 सन् 1959 ) को और संशोधित करने हेतु विधेयक। भारत गणराज्य के छिहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमितहोः-
1.
संक्षिप्त नाम, विस्तार तथा प्रारंभ.
( 1) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ भू- राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम , 2025 कहलायेगा।
( 2) इसका विस्तार संपूर्ण छत्तीसगढ़ पर होगा।
(3 ) यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा ।
2.
धारा 70 का संशोधन .
छत्तीसगढ़ भू- राजस्व संहिता , 1959 ( क्र. 20 सन् 1959 ) ( जो इसमें इसके पश्चात मूल अधिनियम के रूप में निर्दिष्ट है) , की धारा 70 की उप- धारा
(1) के पश्चात, निम्नलिखित परन्तुक अंतःस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-
"परन्तु किसी बात के होते हुए भी कृषि भूमि का ऐसा उप - खण्ड नहीं बनाया जायेगा, जिसका क्षेत्रफल 0.05 एकड़ से कम हो। "
3 .
धारा 107 का संशोधन.
धारा 107 की उप- धारा (5) के पश्चात , निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाए, अर्थात्ः-
"परन्तु किसी बात के होते हुए भी, सर्वे- रिसर्वे के पश्चात किसी ग्राम के लिए अंतिम रूप से तैयार एवं अधिसूचित जियो रिफरेन्सड नक्शे अधिमान्य होंगे। " 1078 ( 1)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 16 जुलाई 2025
धारा 110 का संशोधन.
4. मूल अधिनियम की धारा 110 में, -
(क) उप- धारा ( 7) के पश्चात् निम्नलिखित परन्तुक अंतःस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-
"परन्तु यह कि पंजीकृत अंतरण विलेख , जिसमें भूमि का अंतरण हो, जो कि वाणिज्यकर (पंजीयन) विभाग द्वारा सम्पादित किया जायेगा, का नामांतरण ऐसी रीति से किया जायेगा जैसा राज्य सरकार विहित करे। "
(ख) उप- धारा ( 8 ) के पश्चात् निम्नलिखित उप- धाराएं जोड़ा जाए, अर्थात्ः-
"(9) इस धारा में अंतर्विष्टि किंसी बात के होते हुए भी धारा 164 की उप-धारा (2 ) के अधीन सूचीबद्ध विधिक वारिसानों के पक्ष में ऐसी रीति से जैसा कि राज्य सरकार विहित करे, स्वतः ई- नामांतरण किया जावेगा।
(10) सक्षम प्राधिकारी के स्वीकृति के पश्चात, निर्मित किसी परियोजना की समस्त भूमि में वहाँ के सभी भूखंड/ भवन धारक को उसके धारित भूखंड/ भवन के समानुपात में ऐसी रीति से जैसा कि राज्य सरकार विहित करे, नामांतरण कर सकेगा। "
धारा 164 का संशोधन .
5. (1 ) मूल अधिनियम की धारा 164 में, शब्द " भूमि स्वामी " के पूर्व अंक " ( 1) " अंतः स्थापित किया जाये।
(2) धारा 164 की उप- धारा ( 1 ) के पश्चात्, निम्नलिखित उप- धारा जोड़ा जाए, अर्थात्ः-
"(2 ) भूमिस्वामी अपने जीवनकाल में ऐसी रीति से जैसा कि राज्य संरकार विहित करे, समस्त विधिक वारिसानों को राजस्व अभिलेखों में सक्षम प्राधिकारी के समक्ष सूचीबद्ध करवा सकेगा। "
6. मूल अधिनियम की धारा 172 की उप - धारा ( 1 ) के स्थान पर, निम्नलिखित धारा 172 का संशोधन. उप-धारा प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-
"(1) यदि किसी प्रयोजन के लिए धारित भूमि का भूमिस्वामी अपने खाते या उसके किसी भाग को कृषि के सिवाय किसी अन्य प्रयोजन के लिए 1078 ( 2)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 16 जुलाई 2025
व्यपवर्तित करना चाहता है तो वह विहित रीति से सक्षम प्राधिकारी को आवेदन करेगा, जो इस संहिता के अधीन अनुज्ञा दे सकेगा या अनुज्ञा देने से इंकार कर सकेगा।
परन्तु यह कि यदि ऐसी भूमि छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्र . 23 का 1973 ) के अधीन स्वीकृत विकास योजना (मास्टर प्लान), निवेश क्षेत्र अंतर्गत कृषि भिन्न प्रयोजनार्थ आरक्षित कर दी गई है और/ या नगर विकास योजना ( टी.डी.एस. ) स्वीकृत है और/या छत्तीसगढ़ किफायती जन आवास नियम, 2025 और/ या राज्य की प्रचलित औद्योगिक नीति और/ या ऐसे अन्य क्षेत्रों में , जिन्हें राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा , विनिर्दिष्ट करें, के लिए भू- उपयोग परिवर्तन कराने हेतु अनुज्ञा अपेक्षित नहीं होगी। केवल विहित रीति से पुर्ननिर्धारण कर सकेगा।"
7.
अनुसूची 4 का संशोधन मूल अधिनियम की अनुसूची 4 में, -.
(i ) कॉलम (4) के शीर्षक के अंतर्गत शब्द "योजना" के स्थान पर शब्द "योजना/विशिष्टयाँ " प्रतिस्थापित किया जाये ।
(ii) स.क्र. "स" के कॉलम (4) में शब्द " योजना" के पश्चात, शब्द एवं अंक "दिनांक 31.10.2024 तक गृह निर्माण मंडल को आबंटित भूमियों" जोड़ा जाए। " 1078 ( 3)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 16 जुलाई 2025
उद्देश्यों और कारणों का कथन
यतः , भूमि, उसके स्वामित्व और उसके प्रशासन के संबंध में परिस्थितियों में आए बदलावों के मद्देनजर हमारे कानूनों में बदलाव लाना जरूरी है ।
और चूंकि संशोधन के महत्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार हैं: -
1. मूल अधिनियम की धारा 98 के विलोपन के उपरांत नक्शा बटांकन एवं अभिलेखों के अद्यतनीकरण किये जाने में जन साधारण को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति इस प्रावधान में अवैध प्लांटिंग में रोक लगेगी तथा जनसाधारण के नक्शा बटांकन एवं अभिलेखों के अद्यतनीकरण में सरलीकरण होगा।
2. वर्तमान में सर्वे- रिसर्वे के तहत डिजिटल मेप ( जियोरिफ्रेंसिग मेप ) तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है जिसके संदर्भ में वर्तमान में संहिता में प्रावधान नहीं होने के कारण भविष्य में विधिक विवाद की स्थिति निर्मित हो सकती है उक्त धारा 107 में संशोधन उपरांत विधिक विवाद की स्थिति में कमी आवेगी।
3. धारा 110 ( 7) में परन्तुक जोड़े जाने के संबंध में लेख है कि स्वतः नामांतरण प्रक्रिया किया जाना प्रावधानित है । परन्तु संहिता में व्यक्तिगत नामांतरण सूचना के तामिली नहीं होने के कारण पंजीयन अभिलेखों में स्वतः नामांतरण होने वाले इस प्रक्रिया का पालन नहीं हो पा रहा है। इस समस्या के समाधान हेतु यह प्रावधान संहिता की उक्त धारा में किया गया है ।
4. धारा 110 (9 ) में नवीन उपधारा में आने वाले प्रावधान से भूमि धारक की अचानक मृत्यु से अंतरण करने में संयुक्त खाता धारकों की समस्या में कमी आयेगी । साथ- साथ वैध वारिसानों के पक्ष में नामांरण किया जा सकेगा ।
5. धारा 110( 10) में निहित प्रावधान के अंतर्गत धारित भूखण्ड/ भवन में भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया भूमि के अनुपात में की जा सकेगी।
6. धारा 172 में संशोधन के संबंध में औद्योगिक नीति 2024-30, सार्वजनिक किफायती आवास नियम , 2025 , व्यवसाय सुगमता, नगर एवं ग्राम निवेश के अनुरूप विकास को बढ़ावा देने हेतु प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु यह प्रावधान किया जाना है। संहिता में यह प्रावधान पहले से ही है, किन्तु अस्पष्ट है, जिसे इस प्रावधान के लागू होने के बाद आम जनता के लिए समझना आसान होगा।
7. वर्तमान में फी-होल्ड पश्चात् हितग्राहियों से व्यपवर्तन शुल्क तथा अर्थदण्ड भारित/ वसूली करने से अप्रिय स्थिति बनती है जिससे क्षुब्ध होकर हितग्राही को न्यायालय के शरण में जाने वालों की संख्या अत्यधिक होते जा रही है । अनुसूची में उक्त प्रयोजन के लाने से इस संबंध में कमी आयेगी। अतः , वर्तमान आवश्यकताओं एवं उद्देश्यों के अनुसार पुराने कानून को अद्यतन करने के आलोक में छत्तीसगढ़ भू- राजस्व संहिता, 1959 ( क्रमांक 20 , सन् 1959 ) में संशोधन किया जाना आवश्यक है। अतः , यह विधेयक प्रस्तुत है।
टंकराम वर्मा
रायपुर,
दिनांक 14 जुलाई, 2025
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री (भारसाधक सदस्य) 1078 ( 4)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 16 जुलाई 2025
उपाबंध
छत्तीसगढ़ भू- राजस्व संहिता, 1959 की धारा 70, 107, 110 , 164 172 एवं अनुसूची 4 का उद्धरण-7
धारा. 70 सर्वेक्षण- संख्यांको को पुनर्क्रमांकित या उप -विभाजित या समामेलित करने की शक्ति- (1 ) जिला सर्वेक्षण अधिकारी , भूमि में अधिकारों के अर्जन की दृष्टि से या किसी अन्य कारण से सर्वेक्षण संख्यांको को पुनर्क्रमांकित कर सकेगा एवं उन्हें उतने खण्डों में विभाजित कर सकेगा, जितने की अपेक्षित हो , एवं एक से अधिक सर्वेक्षण संख्यांको को एकल सर्वेक्षण संख्यांक में समामेलित कर सकेगा ।
धारा. 107 भूमि का नक्शा-(1).....
(2) .
(3) .
(4)
(5 ) ऐसा नक्शा भू- सर्वेक्षण के समय जिला सर्वेक्षण अधिकारी द्वारा और समस्त अन्य समयों पर तथा अन्य परिस्थितियों में कलेक्टर द्वारा यथास्थिति तैयार या पुनरीक्षित किया जाएगा । धारा . 110 भू- अभिलेखों में अधिकार अर्जन बाबत् नामांतरण-( 1 )
(2) .
( 4 ).
(5) ....
(6) .
(7) पंजीकृत दस्तावेज के आधार पर किसी भूमि पर नामांतरण के संबंध में इस्तहार का प्रकाशन एवं संबंधित हितबद्ध पक्षकारों को सूचना की तामिली उपरांत, कोई भी आपत्ति प्राप्त 1078 ( 5)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 16 जुलाई 2025
नहीं होने या पक्षकारों के अनुपस्थित रहने पर, प्रकरण में दस्तावेज के आधार पर, समुचित आदेश पारित किये जायेंगे ।
(8 ) इस धारा के अधीन समस्त कार्यवाहियाँ, विहित समयावधि के भीतर पूर्ण की जायेंगी । उस दशा में जहाँ मामले विनिर्दिष्ट कालावधि के भीतर निराकृत नहीं किये जाते है, तो तहसीलदार , लंबित मामलों की जानकारी की रिपोर्ट, ऐसे प्ररूप तथा रीति में, जैसा कि विहित किया जाये , कलेक्टर का देगा ।
धारा . 164 न्यागमन- भूमिस्वामी का हित, उसकी मृत्यु हो जाने पर, उसकी स्वीय विधि के अध्यधीन रहते हुए , यथास्थिति विरासत , उत्तरजीविता या वसीयत द्वारा संक्रान्त होगा।
(1 ) यदि-
धारा. 172 भूमि का व्यपवर्तन-
(एक) नगरीय क्षेत्र में या ऐसे क्षेत्र की बाहरी सीमाओं में 5 मील की त्रिज्या के भीतर, या
(दो) किसी ऐसे ग्राम में जिसकी जनसंख्या गत जनगणना के अनुसार 200 या उससे अधिक हो,
या
(तीन ) ऐसे अन्य क्षेत्रों में जिन्हे राज्य सरकार अधूिसचना द्वारा निर्दिष्ट करें ।
अनुसूची 4-
योजना का नाम (4)
स.क्र . (3)
स.क्र. (1 )
प्राधिकरण का नाम / निगमित निकाय (2)
1
अ
नया रायपुर
नया रायपुर विकास प्राधिकरण
1
ब
कमल विहार इन्टीग्रेटेड रायपुर विकास प्राधिकरण
टाउनशिप योजना ।
1
अटल विहार योजना । स छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल
दिनेश शर्मा,
सचिव ,
छत्तीसगढ़ विधान सभा संचालक, मुद्रण तथालेखन सामग्री, छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , नवा रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2025.