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छत्तीसगढ़ शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015. "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट ) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22-छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 . "
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 546]
नवा रायपुर, शुक्रवार, दिनांक 18 जुलाई 2025- आषाढ़ 27 , शक 1947
छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय
रायपुर, शुक्रवार, दिनांक 18 जुलाई, 2025 (आषाढ़ 27 , 1947)
क्रमांक-10700 /वि.स. /विधान/2025. छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 (क्रमांक 21 सन् 2025) जो शुक्रवार , दिनांक 18 जुलाई, 2025 को पुरःस्थापित हुआ है, को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है ।
हस्ता./-
(दिनेश शर्मा) सचिव.
1091 1092
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्रमांक 21 सन् 2025)
छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक , 2025 छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्र. 7 सन् 2017) को और संशोधन करने हेतु विधेयक
भारत गणराज्य के छिहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो:-
1.
संक्षिप्त नाम एवं प्रारंभ.
(1 ) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) अधिनियम, 2025 कहलाएगा ।
(2) यह ऐसी तारीख को प्रवृत्त होंगे, जिसे राज्य सरकार, राजपत्र में, अधिसूचना द्वारा नियत करे :
परंतु इस अधिनियम के विभिन्न उपबंधो के लिए भिन्न-भिन्न तारीखें नियत की जा सकेंगी और ऐसे उपबंध में इस विधेयक के प्रारंभ के प्रति किसी निर्देश का अर्थान्वयन इस उपबंध के प्रवृत्त होने के प्रतिनिर्देश के रूप में किया जाएगा ।
(क) धारा 6 , 01 अप्रैल, 2025 को प्रवृत्त समझी जायेगी ।
(ख) धारा 2 से धारा 5 और धारा 7 से धारा 15 , ऐसी तारीख को प्रवृत्त होगी , जिसे राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा , नियत करे ।
2.
धारा 2 का संशोधन.
छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में, (जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के रूप में निर्दिष्ट है) कीधारा 2 में,-
(एक) खंड (61 ) में, शब्द एवं अंक "धारा 9 की उपधारा (3 )
या उपधारा (4 )" के स्थान पर, शब्द , अंक एवं कोष्ठक " इस अधिनियम की धारा 9 की उपधारा (3 ) या उपधारा (4) या एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 5 की उपधारा (3) या उपधारा (4 ) प्रतिस्थापित किया जाए , जो 01 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगी ;
1092 ( 1)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2025
(दो) खंड (69) में, -
(क) उपखंड ( ग) में शब्द "ऐसे नगरपालिका " के पश्चात्, शब्द " निधि" अन्तःस्थापित किया जाये :
(ख) उपखंड (ग) के पश्चात्, निम्नलिखित स्पष्टीकरण अंतःस्थापित किया जाए, अर्थात्: -
'स्पष्टीकरण- इस उप- खंड के प्रयोजनों के लिए, -
(क) " स्थानीय निधि" से अभिप्रेत है , किसी पंचायत क्षेत्र के संबंध में, लोक कृत्यों के निर्वहन करने के लिए , और किसी कर, शुल्क, टोल , उपकर या फीस , चाहे वह किसी भी नाम से ज्ञात हो, का उद्ग्रहण , संग्रहण और विनियोजित करने के लिए , शक्तियों वाली विधि द्वारा निहित स्थापित स्थानीय स्वशासन के किसी प्राधिकारी के नियंत्रण या प्रबंध के अधीन कोई निधि:
(ख) " नगरपालिका निधि" से अभिप्रेत है, किसी महानगर क्षेत्र या नगरपालिका क्षेत्र के संबंध में, लोक कृत्यों का निर्वहन करने के लिए और किसी कर , शुल्क, टोल , उपकर या फीस, चाहे वह किसी भी नाम से ज्ञात हो , का उद्ग्रहण , संग्रहण और विनियोजन करने के लिए , शक्तियों वाली विधि द्वारा निहित स्थापित स्थानीय स्वशासन किसी प्राधिकारी के नियंत्रण या प्रबंध के अधीन कोई निधि ;
(तीन) खंड (116 ) के पश्चात्, निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाए , अर्थात्:-
'(116क) "विशिष्ट पहचान चिह्नांकन " से अभिप्रेत है, धारा 148क की उपधारा (2) के खंड (ख ) में निर्दिष्ट विशिष्ट पहचान चिह्नांकन और जिसमें डिजिटल मुहर, डिजिटल चिन्ह या अन्य उसी प्रकार का चिह्नांकन , जो विशिष्ट सुरक्षित और न हटाया जा सकने योग्य हो, भी सम्मिलित है । "
धारा 12 का संशोधन.
3. मूल अधिनियम की धारा 12 की उपधारा (4) का लोप किया जाए ।
धारा 13 का संशोधन.
4. मूल अधिनियम की धारा 13 की उपधारा (4) का लोप किया जाए । 1092 ( 2)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2025
5. मूल अधिनियम की धारा 17 की उपधारा (5) के खंड (घ ) में-
धारा 17 का संशोधन.
(एक) शब्द "संयंत्र और मशीनरी " के स्थान पर, शब्द "संयंत्र एवं मशीनरी " प्रतिस्थापित किया जाए और इन्हें 01 जुलाई 2017 से प्रतिस्थापित किया गया समझा जायेगा :
(दो) शब्द "स्पष्टीकरण ' के पश्चात्, अंक " 1 " को संख्याकित किया जाए और स्पष्टीकरण -1 के पश्चात्, निम्नलिखित स्पष्टीकरण अंतःस्थापित किया जाए , अर्थात्:- "2. खंड (घ) के प्रयोजनों के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि किसी न्यायालय , अधिकरण या किसी अन्य प्राधिकारी के किसी निर्णय , डिक्री या आदेश में अंतर्विष्ट तत्प्रतिकूल किसी बात के होते हुए भी, "संयंत्र या मशीनरी " के किसी प्रतिनिर्देश का अर्थ लगाया जाएगा तथा "संयंत्र और मशीनरी " के प्रतिनिर्देश के रूप में सदैव अर्थ लगाया गया समझा जाएगा ।"
धारा 20 का 6. संशोधन.
मूल अधिनियम की धारा 20 में, जो 1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी होगी-
(एक) उपधारा (1 ) में, शब्द एवं अंक "धारा 9 की उपधारा (3) या उपधारा (4)" के स्थान पर, शब्द, अंक एवं कोष्ठक "इस अधिनियम की धारा 9 की उपधारा (3 ) या उपधारा (4) या एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 5 की उपधारा (३ ) या उपधारा (4 ) प्रतिस्थापित किया जाए ;
(दो) उपधारा (2) में, शब्द एवं अंक "धारा 9. की उपधारा (3 ) या उपधारा (4) " के स्थान पर , शब्द, अंक एवं कोष्ठक "इस अधिनियम की धारा 9 की उपधारा (3) या उपधारा (4) या एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 5 की उपधारा (३ ) या उपधारा (4 ) प्रतिस्थापित किया जाए ;
7.
धारा 34 का संशोधन.
मूल अधिनियम की धारा 34 की उपधारा (2 ) में, परन्तुक के स्थान पर, निम्नलिखित परन्तुक प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात :-
1092 ( 3)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2025
" परंतु प्रदायकर्ता के आउटपुट कर दायित्व में कोई कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी, यदि
(एक) जहां ऐसा प्राप्तकर्ता कोई रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति है, वहां इनपुट कर प्रत्यय को ऐसे किसी जमापत्र के कारण से हुआ माना जा सकता है, यदि प्राप्तकर्ता द्वारा उसका उपभोग कर लिया गया हो और उसे वापस नहीं किया गया है; या
(दो) अन्य मामलों में, ऐसी प्रदाय पर कर का भार किसी अन्य व्यक्ति को संक्रामण कर दिया गया है । "
8. मूल अधिनियम की धारा 38 में,-
धारा 38 का संशोधन.
(एक) उपधारा (1 ) में शब्द "स्वतः जनित विवरण " के स्थान पर, शब्द "कोई विवरण " प्रतिस्थापित किया जाए :
(दो) उपधारा (2 ) में, -
(क) शब्द " के अधीन स्वतः जनित विवरण " के स्थान पर , शब्द " में निर्दिष्ट विवरण " प्रतिस्थापित किया जाए ;
(ख ) खंड (क) में, शब्द "तथा " का लोप किया जाए ;
(ग) खंड (ख) में, शब्द "धारा 37 की उपधारा (1 ) के अधीन उक्त पूर्तियों के ब्यौरे प्रस्तुत किए जाने के कारण " के पश्चात् शब्द " भी सम्मिलित हैं" अन्तःस्थापित किया जाए :
(घ) खंड (ख) के पश्चात्, निम्नलिखित खंड
अंतःस्थापित किया जाए , अर्थात्:-
" (ग) ऐसे अन्य ब्यौरे , जो विहित किए जाएं । "
धारा 39 का संशोधन.
9. मूल अधिनियम की धारा 39 की उपधारा (1 ) में, शब्द "रीति में और ऐसे समय के भीतर " के स्थान पर, शब्द "रीति, ऐसे समय के भीतर और ऐसी शर्तों और निबंधनों के अधीन रहते हुए" प्रतिस्थापित किया जाए ।
10.
धारा 107 का संशोधन.
मूल अधिनियम की धारा 107 की उपधारा (6) में परंतुक के स्थान पर , निम्नलिखित परंतुक प्रतिस्थापित किया जाए , अर्थात्: - 1092( 4)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2025
"परंतु किसी कर की मांग को अंतर्वलित किए बिना शास्ति की मांग करने वाले किसी आदेश के मामले में ऐसे आदेश के विरुद्ध तब तक कोई अपील फाइल नहीं की जाएगी , जब तक अपीलार्थी द्वारा उक्त शास्ति के दस प्रतिशत के बराबर राशि का संदाय न कर दिया गया हो । " धारा 112 का संशोधन.
11. मूल अधिनियम की धारा 112 की उपधारा (8) में, निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाए, अर्थात्ः-
"परंतु किसी कर की मांग को अंतर्वलित किए बिना शास्ति की मांग करने वाले किसी आदेश के मामले में ऐसे आदेश के विरुद्ध तब तक कोई अपील फाइल नहीं की जाएगी, जब तक अपीलार्थी द्वारा धारा 107 की उपधारा (6) के परंतुक के अधीन संदेय रकम के अतिरिक्त उक्त शास्ति के दस प्रतिशत के बराबर राशि का संदाय न कर दिया गया हो । "
धारा 122ख का अंतःस्थापन.
12. मूल अधिनियम की धारा 122क के पश्चात् निम्नलिखित धारा अंतःस्थापित की जाए, अर्थात्:-
खोज और अनुसरण क्रियाविधि के अनुपालन में असफल होने पर शास्ति.
" 122ख. इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां अधिनियम की धारा 148 क की उपधारा (1) के खंड (ख ) में निर्दिष्ट कोई व्यक्ति उक्त धारा के उपबंधों के उल्लंघन में कृत्य करता है, तो वह अध्याय 15 के अधीन या इस अध्याय के उपबंधों के अधीन किसी शास्ति के अतिरिक्त ऐसे माल पर संदेय कर के एक लाख रुपए की रकम के समतुल्य या उसकी दस प्रतिशत रकम, जो भी उच्चतर हो, की शास्ति का संदाय करने के लिए दायीं होगा ।"
13.
धारा 148क का अंतःस्थापन.
मूल अधिनियम की धारा 148 के पश्चात्, निम्नलिखित धारा अंतःस्थापित किया जाए. अर्थात्:-
" 148 क. (1 ) सरकार , परिषद् की सिफारिशों पर, अधिसूचना द्वारा ,
(क) माल ;
कतिपय मामलों के लिए खोज और अनुसरण क्रियाविधि.
(ख) व्यक्ति या व्यक्तियों का वर्ग, जो ऐसे माल को रखता है या उसमें व्यवहार करता है,
को, जिन्हें इस धारा के उपबंध लागू होंगे , 1092 ( 5)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2025
विनिर्दिष्ट कर सकेगी ।
(2) सरकार, उपधारा (1 ) के खंड (क ) में निर्दिष्ट माल
के संबंध में,-
(क) ऐसे व्यक्तियों के माध्यम से, जो विहित किए जाएं, विशिष्ट पहचान चिह्नांकन चिपकाने में तथा इलेक्ट्रानिक भंडारण और उसमें अंतर्विष्ट सूचना तक पहुंच को समर्थ बनाने के लिए, किसी प्रणाली का उपबंध कर सकेगी :
(ख) ऐसे माल के लिए किसी विशिष्ट पहचान चिह्नांकन को विनिर्दिष्ट कर सकेगी, जिसके अंतर्गत उसमें अभिलिखित की जाने वाली जानकारी भी है ।
(3) उपधारा ( 1 ) में विनिर्दिष्टः व्यक्ति, -
(क) उक्त माल या उसके पैकेजों पर ऐसी सूचना को अंतर्विष्ट करते हुए और ऐसी रीति में, कोई विशिष्ट पहचान चिह्नांकन चिपकाएगा :
(ख) ऐसे समय के भीतर, ऐसी जानकारी और ब्यौरे प्रस्तुत करेगा, ऐसे प्ररुप और रीति में, ऐसे अभिलेख या दस्तावेज रखेगा :
(ग) ऐसे माल, जिसके अंतर्गत पहचान, क्षमता, प्रचालन की अवधि और अन्य ब्यौरे या सूचना भी सम्मिलित है, के विनिर्माण के कारबार के स्थान में संस्थापित मशीनरी के ब्यौरे ऐसे समय के भीतर और ऐसे प्ररूप तथा ऐसी रीति में प्रस्तुत करेगा:
(घ) उपधारा (2) में निर्दिष्ट प्रणाली के संबंध में, ऐसी रकम का संदाय करेगा,
जैसी कि विहित किया जाए । "
14. मूल अधिनियम की अनुसूची 3 में,:-
अनुसूची 3 का संशोधन.
(एक) पैरा 8 के खंड (क) के पश्चात्, निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाए और इसे 01 जुलाई, 2017 से अन्तःस्थापित किया हुआ समझा जाए, अर्थात्:-
"(कक) किसी व्यक्ति को या घरेलू टैरिफ क्षेत्र को निर्यात के लिए निकासी से पूर्व विशेष आर्थिक जोन में या किसी मुक्त व्यापार भाण्डागार क्षेत्र में भंडागार में रखे गए माल का प्रदाय :"
(दो) स्पष्टीकरण 2 में, "पैरा 8 के प्रयोजनों के लिए " शब्दों और अंक के स्थान पर, "पैरा 8 के खंड (क) के 1092( 6)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2025
प्रयोजनों के लिए" शब्द , अंक और कोष्ठक 01 जुलाई, 2017 से रखे हुए समझे जाएंगे;
(तीन) स्पष्टीकरण 2 के पश्चात्, निम्नलिखित स्पष्टीकरण अंतःस्थापित किया जाए और इसे 01 जुलाई, 2017 से अंतःस्थापित किया हुआ समझा जाए , अर्थात्:-
"3:-पैरा 8 के खंड (कक) के प्रयोजनों के लिए , "विशेष आर्थिक जोन" "मुक्त व्यापार भाण्डागार क्षेत्र" पदों के वही अर्थ होंगे, जो विशेष आर्थिक जोन अधिनियम, 2005 की धारा 2 में उनके हैं ।'
टीप- सभी ऐसे कर का कोई प्रतिदाय नहीं किया जाएगा, जो संग्रहित किया गया है, किंतु जो इस प्रकार संग्रहित नहीं किया गया होता, यदि धारा 14 सभी तात्विक समय पर प्रवृत्त हुई होती ।" 1092 ( 7)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2025
उद्देश्यों और कारणों का कथन
यतः, छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 ("अधिनियम") को राज्य सरकार द्वारा माल या सेवा या दोनो के अंतरराज्यीय प्रदाय पर कर के उद्ग्रहण और संग्रहण करने हेतु उपबंध करने के विचार से अधिनियमित किया गया था ।
2. और यतः , अंतरराज्यीय प्रदायों के संबंध में इनपुट सेवा वितरक द्वारा इनपुट कर प्रत्यय के वितरण के लिए स्पष्ट रूप से उपबंध हेतु, वाउचरों में संव्यवहार हेतु प्रदाय के समय के लिए उपबंधों का लोप, इनपुट कर प्रत्यय के उपभोग के प्रयोजन के लिए निर्वचन में किसी अस्पष्टता को दूर करने के लिए "संयंत्र और मशीनरी" पद को रखे जाने हेतु, इनपुट सेवा वितरक द्वारा क्रेडिट वितरण के तरीके के संबंध में, विवरणी प्रस्तुत करने के लिए शर्तों और निबंधनों को विहित करने हेतु उपबंध, अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील दायर करने एवं अपीलीय प्राधिकारी के आदेश के विरूद्ध जमा की जाने वाली पूर्व जमा राशि को कम करने हेतु, खोज और अनुसरण क्रियाविधि के उल्लंघन पर शास्तिक उपबंध हेतु एवं अनुसूची 3 का संशोधन करने के लिए मूल अधिनियम में संशोधन किया जाना अपेक्षित है ।
3. उक्त उद्देश्यों की पूर्ति के लिए और केन्द्र सरकार द्वारा वित्त अधिनियम, 2025. के माध्यम से पूर्व में किए गए संशोधनों के अनुक्रम में, छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन किया जाना प्रस्तावित है ।
4. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है ।
ओ.पी. चौधरी
रायपुर,
दिनांक 14 जुलाई, 2025
वाणिज्यिकर मंत्री (भारसाधक सदस्य) 1092 ( 8)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 जुलाई 2025
संविधान के अनुच्छेद 207 (1 ) के अधीन राज्यपाल द्वारा अनुशंसित "
प्रत्यायोजित विधि निर्माण के संबंध में ज्ञापन
छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 के खण्ड-8 एवं खण्ड-13 में विधायनी शक्ति के प्रत्यायोजन की संस्थापनायें है । ये विषय जिनके संबंध में नियम बनाये जा सकेंगे प्रक्रिया और ब्यौरे के विषय हैं और उनके लिए विधेयक में ही उपबंध करना व्यवहार्य नहीं है । अतः विधायी शक्तियों का प्रत्यायोजन सामान्य स्वरूप की है । 1092 ( 9)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2025
उपाबंध
छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 7 सन् 2017 ) से
उद्धरण
अध्याय 1
प्रारंभिक
परिभाषाएं 2. (61 ) "इनपुट सेवा वितरक" से माल या सेवाओं या दोनों के ऐसे प्रदायकर्ता का कार्यालय अभिप्रेत है, जो इनपुट सेवाओं की प्राप्ति के मद्दे, जिसके अंतर्गत धारा 9 की उप-धारा (३) या उप-धारा (4) के अधीन कर से दायी सेवाओं के संबंध में बीजक सम्मिलित हैं, धारा 25 में निर्दिष्ट सुभिन्न व्यक्तियों के निमित्त कर बींजक प्राप्त करता है और धारा 20 में उपबंधित रीति में ऐसे बीजकों के संबंध में इनपुट कर प्रत्यय वितरित करने के लिए दायी है;"
(69) (ग) कोई नगरपालिका समिति और कोई जिला परिषद्, जिला बोर्ड औरं कोई अन्य प्राधिकारी , जो नगरपालिका या स्थानीय निधि के नियंत्रण या प्रबंध करने का कानूनी रूप से हकदार है या जिसे केंद्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार द्वारा ऐसे नगरपालिका या स्थानीय निधि का नियंत्रण या प्रबंध सौंपा गया है ;
*
*
*
अध्याय 4
प्रदाय का समय और मूल्य
(4 ) किसी प्रदायकर्ता द्वारा वाऊचरों के प्रदाय की दशा में प्रदाय का समय होगा,-
माल के 12.. प्रदाय का समय .
(क) वाऊचर जारी करने की तारीख , यदि प्रदाय उस बिंदु पर पहचान योग्य है; या
(ख) अन्य सभी मामलों में, वाऊचर के मोचन की तारीख ।
सेवाओं
के प्रदाय
(4) किसी प्रदायकर्ता द्वारा वाऊचरों के प्रदाय की दशा में प्रदाय का समय होगा,-
का समय. 13.
(क) वाऊचर जारी करने की तारीख, यदि प्रदाय उस बिंदु पर पहचान योग्य है;
या
(ख) अन्य सभी मामलों में, वाऊचर के मोचन की तारीख ।
*
*
*
अध्याय 5
इनपुट कर प्रत्यय
प्रत्यय
17. (5)
और
निरूद्ध
प्रत्ययों
का
(घ) किसी कराधेय व्यक्ति द्वारा , अपने स्वयं के खाते में किसी स्थावर संपत्ति (संयंत्र और मशीनरी से भिन्न) के सन्निर्माण के लिए प्राप्त किया गया माल या सेवाएं या दोनों, जिसके अंतर्गत ऐसा माल या सेवाएं या दोनों भी हैं, जिनका उपयोग कारबार के दौरान या उसे अग्रसर करने के लिए किया जाता है ।
प्रभाजन.
स्प्ष्टीककरण - खंड (ग) और खंड (घ) के प्रयोजनों के लिए, शब्द "सन्निर्माण" के अंतर्गत उक्त स्थावर संपत्ति का पूंजीकरण के विस्तार तक 1092( 10)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2025
पुनर्निर्माण, नवीकरण, परिवर्धन या परिवर्तन या मरम्मत सम्मिलित है ;
20.
इनपुट
सेवा वितरक द्वारा प्रत्यय के वितरण की रीति.
(1) माल या सेवाओं या दोनों के प्रदायकर्ता का कोई कार्यालय , जो इनपुट सेवाओं की प्राप्ति के मद्दे कर बीजक प्राप्त करता है, जिसके अंतर्गत धारा 9 की उप-धारा (३) या उप-धारा (4 ) के अधीन कर से दायी सेवाओं के संबंध में बीजक सम्मिलित हैं, धारा 25 में निर्दिष्ट सुभिन्न व्यक्तियों के निमित्त कर बीजक प्राप्त करता है, से धारा 24 के खंड (आठ) के अधीन इनपुट सेवा वितरक के रूप में पंजीकृत होने की अपेक्षा होगी और ऐसे बीजकों के संबंध में इनपुट कर प्रत्यय का वितरण करेगा ।
(2) इनपुट सेवा वितरक उसके द्वारा प्राप्त बीजकों पर राज्य कर प्रत्यय या प्रभारित एकीकृत कर का, जिसके अंतर्गत धारा 9 की उप-धारा (३ ) या उप-धारा (4) के अधीन उसी राज्य में पंजीकृत सुभिन्न व्यक्ति द्वारा संदत्त कर उदग्रहण के अध्यधीन सेवाओं के संबंध में राज्य या एकीकृत कर के प्रत्यय को उक्त इनपुट सेवा वितरक के रूप में ऐसी रीति में, ऐसे समय के भीतर तथा ऐसे निबंधनों और शर्तों के अध्यधीन रहते हुए , जो विहित की जाये, वितरण करेगा ।
(3) राज्य कर के प्रत्यय का राज्ये कर या एकीकृत कर के रूप में और एकीकृत कर का, एकीकृत कर या राज्य कर के रूप में एक दस्तावेज जारी करके, जिसमें इनपुट कर प्रत्यय की रकम अंतर्विष्ट होंगी, ऐसी रीति में, जो विहित की जाये, वितरण किया जाएगा ।
अध्याय 7
कर बीजक , प्रत्यय और विकलन टिप्पण
जमा और 34.
नामे पत्र.
(2) कोई रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति जो माल या सेवाओं या दोनों की प्रदाय के संबंध में कोई जमा पत्र जारी करता है, ऐसे जमा पत्र के ब्यौरे उस मास की विवरणी में घोषित करेगा जिसके दौरान ऐसा जमा पत्र जारी किया गया है परंतु उस वित्तीय वर्ष जिसमें ऐसी प्रदाय की गई थी , के अंत के पश्चात् तीस नवंबर से अपश्चात् या सुसंगत वार्षिक विवरणी फाइल करने की तारीख , जो भी पूर्वतर हो, तथा कर दायित्व ऐसी रीति, जो विहित की जाए , में समायोजित किया जाएगा:
परंतु यदि ऐसी प्रदाय पर कर और ब्याज का प्रभाव किसी अन्य व्यक्ति को पास किया गया है तो प्रदायकर्ता के आउटपुट कर दायित्व में कोई कमी अनुज्ञात नहीं की जाएगी ।
*
अध्याय 9
विवरणियां
आवक
38.
प्रदायों के ब्यौरे
देना.
(1) धारा 37 की उपधारा (1 ) के अधीन रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों द्वारा प्रस्तुत जावक पूर्तियों तथा ऐसी अन्य पूर्तियों, जो विहित किए जाएं, के ब्यौरे तथा इनपुट कर प्रत्यय के ब्यौरे अंतर्विष्ट करने वाला स्वतः जनित विवरण , ऐसे प्ररूप और रीति में, ऐसे समय के भीतर और ऐसी शर्तों और निर्बंधनों के अध्यधीन रहते हुए , जो विहित की जाएं , ऐसी पूर्तियों के प्राप्तकर्ताओं को इलेक्ट्रॉनिक रूप से उपलब्ध करवाएं जायेंगे । उपधारा (1 ) के अधीन स्वतः जनित विवरण में सम्मिलित होंगेः-
(2)
(क) आवक पूर्तियों के ब्यौरे, जिनके संबंध में इनपुट कर का प्रत्यय प्राप्तकर्ता को उपलब्ध हो सके; तथा
(ख) पूर्तियों के ब्यौरे, जिनके संबंध में ऐसे प्रत्यय का लाभ, प्राप्तकर्ता द्वारा धारा 37 की उपधारा (1 ) के अधीन उक्त पूर्तियों के ब्यौरे प्रस्तुत किए जाने के कारण, चाहे पूर्ण रूप से या भाग रूप से , निम्नलिखित द्वारा नहीं उठाया जा 1092( 11)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2025
सकता;-
(एक) रजिस्ट्रीकरण लेने की ऐसी अवधि के भीतर, जो विहित की जाए , किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा ; यां
(दो) किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा , जिसने कर के संदाय में व्यतिक्रम किया हैं और जहां ऐसा व्यतिक्रम ऐसी अवधि के लिए, जो विहित की जाये, निरंतर रहा है; या
(तीन) किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा , जिसके द्वारा संदेय आउटपुट कर ऐसी अवधि के दौरान, जो विहित की जाए, उक्त उपधारा के अधीन उसके द्वारा प्रस्तुत जावक पूर्तियों के विवरण के अनुसार , ऐसी सीमा द्वारा , जो विहित की जाए, उक्त अवधि के दौरान उसके द्वारा संदत्त आउटपुट कर से अधिक है; या
(चार) किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा , जिसने ऐसी अवधि के दौरान, जो विहित की जाए , उस रकम के इनपुट कर के प्रत्यय का लाभ लिया है, जो उस प्रत्यय से, खंड (क) के अनुसार ऐसी सीमा तक अधिक है, जो विहित की जाए ; या
(पांच) किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा , जिसने ऐसी शतों और निबंधनों के अध्यधीन रहते हुए, जो विहित किए जाएं, धारा 49 की उपधारा (12) के उपबंधों के अनुसार अपने कर दायित्व के निर्वहन में व्यतिक्रम किया है ; या
(छः) ऐसे व्यक्तियों के अन्य वर्ग द्वारा , जो विहित किए जाएं । विवरणिया 39. (1)
* देना.
किसी इनपुट सेवा वितरक या अनिवासी कराधेय व्यक्ति या धारा 10 या 51 या 52के उपबंधों के अधीन कर का संदाय करने वाले व्यक्ति से भिन्न प्रत्येक रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, प्रत्येक कलैंडर मास या उसके किसी भाग के लिए, माल या सेवाओं या दोनों की आवक और जावक प्रदायों, प्राप्त किए गए इनपुट कर प्रत्यय, संदेय योग्य कर, संदत्त कर और ऐसी अन्य विशिष्टियों को ध्यान में रखते हुए , ऐसे प्ररूप एवं रीति में और ऐसे समय के भीतर, जैसा कि विहित किया जाए, इलेक्ट्रॉनिक रूप से विवरणी प्रस्तुत करेगा:
परंतु सरकार, परिषद् की सिफारिश पर , रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों के कतिपय वर्ग को अधिसूचित कर सकेगी, जो ऐसी शर्तों और निर्बंधनों, जो कि उसमें विनिर्दिष्ट किए जाएं, के अध्यधीन रहते हुए , प्रत्येक तिमाही या उसके किसी भाग के लिए विवरणी प्रस्तुत करेगा ।
*
अध्याय 18
अपील और पुनरीक्षण
107 (6) उपधारा (1 ) के अधीन कोई अपील फाइल नहीं की जाएगी जब तक कि अपीलकर्ता ने निम्नलिखित संदाय नहीं किया हैं-
अपीलीय प्राधिकारी कोअपीलें.
(क) अक्षेपित आदेश से उदभूत कोई कर, ब्याज, जुर्माना, फीस और शास्ति की राशिका ऐसा भाग , पूर्णतः, जैसा उसके द्वारा स्वीकारा गया है ; और (ख) उक्त आदेश , जिसके संबंध में अपील फाइल की गई है, से उदभूत विवाद में बकाया कर की रकम के दस प्रतिशत के बराबर राशि, अधिकतम पच्चीस करोड़ रूपये के अध्यधीन रहते हुए ।
परंतु धारा 129 की उपधारा (3) के अधीन, किसी आदेश के विरूद्ध कोई अपील तब तक प्रस्तुत नहीं की जाएगी, जब तक कि शास्ति के बीस प्रतिशत के बराबर राशि का, अपीलार्थी द्वारा संदाय न कर दिया गया हो । 1092 (12)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2025
112
अपीलीय अधिकरण
(8) कोई अपील, उपधारा ( 1 ) के अधीन तब तक फाइल नहीं की जाएगी जब तक अपीलार्थी निम्नलिखित संदत्त न कर दे,--
को
अपील.
(क) पूर्ण कर की रकम का ऐसा कोई भाग , ब्याज , जुर्माना, फीस और आरोपित आदेश से उत्पन्न शास्ति जैसी उसके द्वारा स्वीकार की गई हो; और
(ख) धारा 107 की उपधारा (6 ) के अधीन संदत्त रकम के अतिरिक्त विवाद में कर की शेष रकम के दस प्रतिशत के बराबर राशि, अधिकतम बीस करोड़ रूपए के अध्यधीन रहते हुए, जो उस आदेश जिसके संबंध में अपील फाइल की गई है , से उदभूत हुई है ।
अध्याय 19
अपराध और शास्तियां
माल
122क (1 ) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए , जहाँ कोई व्यक्ति, जो माल . के विनिर्माण में लगा है , जिसके संबंध में धारा 148 के अधीन मशीनों के. पंजीकरण के संबंध में कोई विशेष प्रक्रिया अधिसूचित की गई है, उक्त विशेष प्रक्रिया के उल्लंघन में कार्य करता है, तो वह किसी ऐसी शास्ति के अतिरिक्त, जो अध्याय 15 के अधीन या इस अध्याय के अन्य उपबंधों के अधीन उसके द्वारा संदत्त की गई है या संदेय है, प्रत्येक ऐसी मशीन के लिए , जो ऐसे पंजीकृत नहीं है, एक लाख रूपए की रकम के बराबर किसी शास्ति के लिए दायी होगा । (2) प्रत्येक ऐसी मशीन , जो ऐसे पंजीकृत नहीं है , उप-धारा (1 ) के अधीन शास्ति के अतिरिक्त, अभिग्रहण और अधिहरण के लिए दायी होगी:
परंतु ऐसी मशीन का अधिहरण नहीं किया जाएगा, जहाँ
(क) इस प्रकार अधिरोपित शास्ति का संदाय कर दिया गया है , और
ऐसी मशीन का पंजीकरण; शास्ति के आदेश की संसूचना की प्राप्ति से
(ख) तीन दिन के भीतर , विशेष प्रक्रिया के अनुसार किया गया है । " । विनिर्माण में प्रयुक्त कतिपय मशीनों को विशेष प्रक्रिया के अनुसार रजिस्टर करने में असफलता के लिए शास्ति.
अध्याय 21
प्रकीर्ण
148.
कतिपय प्रक्रियाओं के लिए विशेष पद्धति.
सरकार, परिषद् की सिफारिशों पर और ऐसी शर्तों और सुरक्षा के अधीन जो विहित किए जाए , रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों के कतिपय वर्गों और ऐसे व्यक्तियों द्वारा अनुसरण की जाने वाली विशेष पद्धति जिसमें रजिस्ट्रीकरण से संबंधित, विवरणी का प्रस्तुतीकरण कर का संदाय और ऐसे कराधेय व्यक्तियों का प्रशासन भी शामिल है , को अधिसूचित कर सकेंगी ।
अनुसूची 3
7. भारत के बाहर किसी स्थान से, भारत के बाहर किसी अन्य स्थान पर माल का, ऐसे माल को भारत में प्रवेश किए बिना, प्रदाय ।
8. (क) घरेलू उपभोग के लिए अनुमति प्रदान किए जाने से पूर्व किसी व्यक्ति को भांडागार में रखे गए माल का प्रदाय;
(ख) परेषिती द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को, माल का, भारत से बाहर अवस्थित मूल पत्तन से प्रेषण किए जाने के पश्चात्, किंतु घरेलू उपभोग के लिए अनुमति दिए जाने से पूर्व, माल के मालिकाना हक के दस्तावेज में पृष्ठांकन द्वारा, प्रदाय ।
9. इस शर्त के अध्यधीन रहते हुए कि मुख्य बीमाकर्ता, बीमा किंए गए व्यक्ति द्वारा संदत्त प्रीमियम की संपूर्ण रकम पर केंद्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्यक्षेत्र कर और एकीकृत कर का संदाय करता है, सह बीमा करारों में बीमा किए गए बीमाकर्ता 1092 ( 13)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 जुलाई 2025
को मुख्य बीमाकर्ता और सह- बीमाकर्ता द्वारा संयुक्त रूप से प्रदाय की गई बीमा सेवाओं के लिए मुख्य बीमाकर्ता द्वारा सह- बीमाकर्ता को सह- बीमा प्रीमियम के प्रभाजन का क्रियाकलाप ।
10. इस शर्त के अध्यधीन रहते हुए कि पुनःबीमाकर्ता, बीमा किए गए व्यक्ति द्वारा अध्यर्पित कमीशन या पुनःबीमा कमीशन सहित संदत्त पुनःबीमा प्रीमियम की संपूर्ण रकम पर केंद्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्यक्षेत्र कर और एकीकृत कर का संदाय करता है , बीमाकर्ता द्वारा पुनः बीमाकर्ता की सेवाएं, जिसके लिए अध्यर्पित कमीशन या पुनःबीमा कमीशन पुनःबीमाकर्ता को बीमाकर्ता द्वारा संदत्त पुनः बीमा प्रीमियम से कटौती की जाती है ।
स्पष्टीकरण 1- पैरा 2 के प्रयोजन के लिये, शब्द " न्यायालय " जिसके अंतर्गत जिला न्यायालय , उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय भी सम्मिलित है ।
स्पष्टीकरण 2- पैरा 8 के प्रयोजनों के लिये, शब्द " भांडागार में रखे गए माल" का वही अर्थ होगा, जो सीमाशुल्क अधिनियम, 1962 में उसके लिये समनुदेशित है ।
टीप- (1 ) उपरोक्त पैरा 7, 8 तथा स्पष्टीकरण 2 को 1 जुलाई , 2017 से प्रवृत्त किया गया समझा जायेगा ।
(2) ऐसे सभी कर का कोई प्रतिदाय नहीं किया जाएगा , जिसे संग्रहित किया गया है , किन्तु जिसे संग्रहित नहीं किया गया होता, यदि उपरोक्त टीप के उपबंध, सभी तात्विक समयों पर प्रवृत्त हुई होती ।
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दिनेश शर्मा , सचिव, छत्तीसगढ़ विधान सभा
संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , नवा रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2025 .