छत्तीसगढशासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/ दुर्ग/ 09 / 2013-2015 ."
B
सत्यमेवजयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट ) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 ."
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 670]
नवा रायपुर , गुरुवार, दिनांक 21 अगस्त 2025- श्रावण 30 , शक 1947
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग
मंत्रालय , महानदी भवन , नवा रायपुर अटल नगर
नवा रायपुर अटल नगर , दिनांक 19 अगस्त 2025
अधिसूचना
क्रमांक GENS - 2101 / 1167 / 2025 - COMM . &INDUS . - राज्य शासन , एतद् द्वारा , औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में प्रावधानित औद्योगिक निवेश हेतु आर्थिक प्रोत्साहन के तहत् स्थायी पूंजी निवेश अनुदान योजना, पंजीयन शुल्क व्यय प्रतिपूर्ति, नवीन विद्युत कनेक्शन पर देय शुल्क की प्रतिपूर्ति, अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र ( ईटीपी) व्यय प्रतिपूर्ति, पर्यावरणीय प्रोजेक्ट प्रबंधन अनुदान एवं अनुसंधान एवं विकास की स्थापना में अनुदान को क्रियान्वित करने हेतु नियम निम्नानुसार निर्मित करता है: -
नियम
1. नाम एवं विस्तार -
( 1 ) ये नियम छत्तीसगढ़ स्थायी पूंजी निवेश प्रतिपूर्ति अनुदान नियम , 2024 कहे जायेंगे ।
(2) ये नियम छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवृत्त होंगे ।
2. प्रभावी दिनांक -
ये नियम राजपत्र में प्रकाशन दिनांक से प्रभावशील होंगे ।
3. परिभाषाएं -
( 1 ) जब तक संदर्भ से अन्यथा अभिप्रेत हो, इन नियमों में, -
(क) नीति से अभिप्रेत है, औद्योगिक विकास नीति 2024-30 ।
(2) मदवार स्थायी पूंजी निवेश की परिभाषा छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक उत्पादन / सेवा गतिविधि प्रमाण- पत्र नियम , 2024 में उल्लेखित परिभाषाओं एवं इस नियम के उपाबंध -1 की सूची के अनुसार होगी ।
(3) अन्य प्रयुक्त शब्दों हेतु वही परिभाषाएं लागू होंगी जो नीति के परिशिष्ट -1 में उल्लेखित हैं ।
4. पात्रता एवं अनुदान की मात्रा -
( 1 ) स्थायी पूंजी निवेश अनुदान की पात्रता एवं मात्रा नीति में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार होगी । इकाईयों को प्राप्त होने वाले अनुदान/ प्रतिपूर्ति नीति के अध्याय अ , ब, स , द में उल्लेखित प्रावधानों/ पैकेज की कुल अधिकतम सीमा के अंतर्गत होंगे । नीति की कंडिका ( 12.4 ) के खंड ( स) में उल्लेखित रोजगार गुणक हेतु, नीति के परिशिष्ट -1 की कंडिका ( 17) में उल्लेखित समय सीमा में प्रदान किया गया स्थायी रोजगार मान्य किया जाएगा।
(2) भारत सरकार की किसी नीति / योजना के अंतर्गत लाभान्वित इकाईयों की
1339 1340
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 21 अगस्त 2025
पात्रता औद्योगिक विकास नीति 2024-30 की कंडिका ( 12.26) में उल्लेखित प्रावधान अनुसार होगी ।
(3 ) स्ववित्त पोषित उद्यमों को भी अनुदान की पात्रता होगी ।
(4)राज्य शासन की किसी औद्योगिक नीति के अन्तर्गत अनुदान, छूट एवं रियायतों हेतु अपात्र उद्योग, जिनका उद्योग नीति के अन्तर्गत् विद्यमान उद्योग की परिभाषा में आता है व नीति में संतृप्त ( अपात्र उद्योग ) श्रेणी के उद्यमों/ कोर सेक्टर उद्यमों में सम्मिलित नहीं है, ऐसे विद्यमान उत्पादनरत् उद्यमों को विस्तार/ प्रतिस्थापन/ शवलीकरण/ आधुनिकीकरण पर अनुदान की पात्रता होगी।
(5) पंजीयन शुल्क व्यय प्रतिपूर्ति नीति में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार पात्र औद्योगिक इकाईयों को नीति के परिशिष्ट -1 की कंडिका ( 17) में उल्लेखित समय सीमा में क्रय /पट्टे की भूमि पर देय पंजीयन शुल्क के 50 प्रतिशत राशि की प्रतिपूर्ति, स्थायी पूंजी निवेश अनुदान के अतिरिक्त की जाएगी । भूमि पंजीयन शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु पात्र इकाईयों के स्थायी पूंजी निवेश अनुदान हेतु निवेश की गणना में भूमि पंजीयन शुल्क सम्मिलित नहीं किया जाएगा।
पात्र निजी औद्योगिक पार्क/क्षेत्रों को नीति की कंडिका ( 12.13 ) में उल्लेखित प्रावधान अनुसार पंजीयन शुल्क प्रतिपूर्ति की पात्रता होगी।
(6) नवीन विद्युत कनेक्शन पर देय् शुल्क की प्रतिपूर्ति - नीति में उल्लेखित प्रावधानों केअनुसार पात्र औद्योगिक इकाईयों को नवीन विद्युत कनेक्शन पर देय शुल्क (सुरक्षा निधिकोछोड़कर) के 50 प्रतिशत राशि की प्रतिपूर्ति , स्थायी पूंजी निवेश अनुदान के अतिरिक्त की जाएगी । इस हेतु उद्यम आकांक्षा दिनांक से प्रथम वाणिज्यिक उत्पादन/सेवा गतिविधि प्रारंभ करने के दिनांक तक किया गया निवेश मान्य होगा। पात्र इकाईयों के स्थायी पूंजी निवेश अनुदान हेतु निवेश की गणना में नवीन विद्युत कनेक्शन पर देय शुल्कसम्मिलित नहीं किया जाएगा ।
(7) अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र ( ईटीपी) व्यय प्रतिपूर्ति- नीति में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार पात्र औद्योगिक इकाईयों को नीति के परिशिष्ट-1 की कडिका ( 17) में उल्लेखित समय सीमा में अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (ईटीपी) पर किए गए व्यय प्र 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति, अधिकतम् रु 1 करोड़, स्थायी पूंजी निवेश अनुदान के अतिरिक्त देय होगी। पात्र इकाईयों के स्थायी पूंजी निवेश अनुदान हेतु निवेश की गणना में अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (ईटीपी) परे किए गए व्यय को सम्मिलित नहीं किया जाएगा ।
(8 ) अनुसंधान एवं विकास की स्थापना हेतु निवेश प्रोत्साहन नीति में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार पात्र औद्योगिक इकाईयों को नीति के परिशिष्ट -1 की कंडिका (17) में उल्लेखित समय सीमा में अनुसंधान एवं विकास हेतु क्रय यंत्र संयंत्र /उपकरण व्यय पर अनुदान, स्थायी पूंजी निवेश अनुदान के अतिरिक्त देय होगा । पात्र इकाईयों के स्थायी पूँजी निवेश अनुदान हेतु निवेश की गणना में अनुसंधान एवं विकास हेतु क्रय यंत्र संयंत्र/उपकरण व्यय सम्मिलित नहीं किया जाएगा ।
(9 ) पर्यावरणीय प्रोजेक्ट प्रबंधन अनुदान- नीति के अंतर्गत पात्र सूक्ष्म , लघु एवं मध्यम उद्यमों द्वारा पर्यावरण प्रबंधन की दृष्टि से यदि कोई ऐसी तकनीक अपनाई जाती है, जिससे कार्बन क्रेडिट प्राप्त होता हैं कार्बन फुटप्रिंट कम होता है तो नीति के परिशिष्ट -1 की कंडिका (17 ) में उल्लेखित समय सीमा में ऐसे प्रत्येक तकनीक पर मशीनरी लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 25 लाख रूपये अनुदान, स्थायी पूंजी निवेश अनुदान के अतिरिक्त देय होगा । पात्र इकाईयों के स्थायी पूजी निवेश अनुदान छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 21 अगस्त 2025
1340(1) हेतु निवेश की गणना में उक्त व्यय सम्मिलित नहीं किया जाएगा ।
इनमें औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन , पुनर्चक्रित जल (Recycle water) का औद्योगिक और घरेलू प्रयोजनों के लिए उपयोग , अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (Effluent Treatment Plant) , शून्य तरल डिस्चार्ज (Zero Liquid Discharge ) , शून्य गैस डिस्चार्ज (Zero Gas Discharge ) तथा ऊष्मा पुनर्प्राप्ति (Heat Recovery) हेतु किया गया निवेश भी शामिल होगा ।
( 10) नीति के अंतर्गत नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति का विकल्प चुनने वाली इकाईयों कोपंजीयन शुल्कव्यय प्रतिपूर्ति, नवीन विद्युत कनेक्शन पर देय शुल्क की प्रतिपूर्ति , अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र ( ईटीपी) व्यय प्रतिपूर्ति, पर्यावरणीय प्रोजेक्ट प्रबंधन अनुदान एवं अनुसंधान एवं विकास की स्थापना हेतु निवेश प्रोत्साहन की पात्रता उपरोक्तानुसारहोगी।
(11) इस नियम के अंतर्गत पात्रता हेतु इकाई को उद्यम आकांक्षा की वैधता अवधि में वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करना अनिवार्य होगा। यह अवधि कार्य निष्पादन के गुण- दोष के आधार पर संचालक उद्योग द्वारा बढ़ाई जा सकेगी।
(12) इन नियमों के राजपत्र में प्रकाशन के पश्चात् प्राप्त औद्योगिक नीति 2019-24 के अंतर्गत प्राप्त स्थायी पूंजी निवेश अनुदान आवेदनों का निराकरण हुन् नियमों के नियम 5 में उल्लेखित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा । उक्त प्रकरणों में इकाई की पात्रताएवं अनुदान की मात्रा छत्तीसगढ़ स्थायी पूंजी निवेश अनुदान नियम 2019 के अनुसारहोगी।
5. प्रक्रिया -
( 1 ) नीति के अंतर्गत उत्पादन प्रमाण पत्र धारित पात्र इकाईयों को निम्नांकित दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करना होगा । स्थायी पूंजी निवेश अनुदान एवं इन नियमों में सम्मिलित अन्य अनुदान/ प्रतिपूर्ति हेतु एक साथ अथवा पृथक-पृथक आवेदन करने का विकल्प ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम पर उपलब्धहोगा-
(क) उपाबंध-2 के अनुसार शपथ पत्र।
(ख) पंजीयन शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु भू- पंजीयन विलेख की प्रति एवं निजी औद्योगिक पार्क/क्षेत्र की स्थापना के प्रकरणों में औद्योगिक क्षेत्र/पार्क की स्थापना हेतु स्वीकृति आदेश की प्रति ।
(ग) अपशिष्ट जले उपचार संयंत्र स्थापना व्यय प्रतिपूर्ति हेतु अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र की स्थापना के संबंध में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा जारी प्रमाण पत्र।
(घ) पर्यावरणीय प्रोजेक्ट प्रबंधन अनुदान हेतु पर्यावरणीय प्रोजेक्ट प्रबंधन हेतु उद्योग संचालनालय द्वारा सूचीबद्ध सलाहकार संस्थान द्वारा जारी प्रमाण पत्र।
परन्तुनिजी औद्योगिक पार्क/ क्षेत्र की स्थापना के प्रकरणों में उत्पादन प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी ।
(2) चरणबद्ध तरीके से उत्पादन प्रारंभ करने वाली इकाईयां सभी चरणों के लिए एक साथ अथवा चरणवार आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगी। किसी भी स्थिति में आवेदन की अधिकतम सीमा नीति के परिशिष्ट-1 की कंडिका ( 17 ) में उल्लेखित निवेश की मान्य सीमा अथवा इन नियमों के राजपत्र में प्रकाशन दिनांक, जो पश्चातवर्ती हो, से 6 माह होगी। छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 21 अगस्त 2025
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(3) इकाई द्वारा आवेदन में दी गई जानकारी/उपरोक्तानुसार दस्तावेज अपूर्ण/त्रुटिपूर्ण होने की स्थिति में इकाई का आवेदन, सभी बिंदुओं का स्पष्ट उल्लेख करते हुए, एक बार में ही संबंधित कार्यालय द्वारा इकाई को ऑवेदन प्राप्ति से 15 दिवस के भीतर वाप्सकिया जावेगा । इकाई को किसी भी स्पष्टीकरण हेतु 60 दिवस का समय दिया जायेगा। 60 दिवस के भीतर वांछित स्पष्टीकरण पुनः ऑनलाईन जमा न करने पर आवेदन स्वमेव निरस्त हो जावेगा ।
(4) सूक्ष्म्. एवं लघु इकाईयों के प्रकरण में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र एवं अन्य प्रकरणों में उद्योग संचालनालय द्वारा आवेदन पत्र प्राप्त होने पर अनुदान/प्रतिपूर्ति की गणना उत्पाद्म प्रमाण पत्र में मदवार उल्लेखित निवेश, इकाई द्वारा उत्पादन प्रमाण पत्र आवेदन के साथ प्रस्तुत सी ए प्रमाण पत्र, सी ई प्रमाण पत्र एवं नियम 5(1 ) में उल्लेखित दस्तावेजों (यथा लागू) के आधार पर संबंधित कार्यालय द्वारा की जाएगी । विसंगतिहोने प्र संबंधित कार्यालय द्वारा सूचीबद्ध सी ए/सी ई को पुनः सत्यापन हेतु प्रेषित कर सकेगा । परीक्षणकर्ता अधिकारी की अनुशंसा के आधार पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रकरण पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा । सूक्ष्म एवं लघु इकाईयों के प्रकरणों में सक्षम प्राधिकारी कार्यालय प्रमुख, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र तथा मध्यम एवं वृहद इकाईयों के प्रकरणों में सक्षम प्राधिकारी संचालक उद्योग होंगे। परीक्षणकर्ता अधिकारी , सक्षम प्राधिकारी द्वारा रेंडम अलोकेशन के आधार पर नामांकित किया जाएगा । पूर्ण आवेदन प्राप्ति से 30 दिवस के भीतर प्रकरण पर अंतिम निर्णय लिया जाना अपेक्षित होगा।
(5) विनिर्माण इकाईयों के प्रकरण में स्थायी पूंजी निवेश अनुदान हेतु मान्य स्थायी पूंजी निवेश की गणना में शेड/ भवन मद पर मान्य निवेश की अधिकतम सीमा उत्पादन प्रमाण पत्र में उल्लेखित कुल निवेश की 30 प्रतिशत होगी। सेवा इकाइयों के प्रकरण में शेड/ भवन मद पर मान्य निवेश कुल निवेश के 30% से अधिक होने की स्थिति में (लॉजिस्टिक इकाइयों के प्रकरण में लॉजिस्टिक नीति के अनुसत्र) चार्टेड इंजीनियर प्रमाण पत्र का सत्यापन दर अनुसूची (Schedule of Rates ) के आधार पर संबंधित क्षेत्र के सहायक अभियंता (रु 10 करोड़ तक)/ कार्यपालन अभियंता (रु 10 से 50 करोड़)/ अधीक्षण अभियंता (रु 50 करोड़ से अधिक) द्वारा किया जाएगा। (6) जिन औद्योगिक इकाईयों को अंश पूंजी (मार्जिन मनी) अनुदान वितरित हुआ है, वितरित राशि स्थायी पूंजी निवेश अनुदान में कम कर अनुदान स्वीकृत कियाजायेगा 1
(7) अनुदान/ प्रतिपूर्ति स्वीकृत होने पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृति आदेश जारी किया जाएगा। स्वीकृति आँदेश के प्रारूप का निर्धारण उद्योग संचालनालय द्वारा किया जाएगा ।
(8 ) प्रकरण यदि निरस्तीकरण योग्य है तो इकाई को अपना पक्ष रखने का एक अवसर प्रदान करते हुए प्रकरण पर निर्णय लिया जावेगा ।
6. वितरण की प्रक्रिया -
(1) पंजीयन शुल्कव्यय प्रतिपूर्ति, नवीन विद्युत कनेक्शन पर देय शुल्ककी प्रतिपूर्ति, अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (ईटीपी) व्यय प्रतिपूर्ति, पर्यावरणीय प्रोजेक्ट प्रबंधन अनुदान एवं अनुसंधान एवं विकास की स्थापना हेतु निवेश प्रोत्साहन अनुदान का वितरण स्वीकृति के पश्चात एक किश्त में किया जाएगा । स्थायी निवेश पूंजी अनुदान का वितरण श्रेणीवार नीति में उल्लेखित किश्तों में किया जाएगा।
(2) जिन इकाईयों को एक से अधिक किश्तों में वितरण किया जाना है, उन्हें अनुदान छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 21 अगस्त 2025
1340(3 ) वितरण हेतु निम्नानुसार प्रक्रिया एवं शर्तें निर्धारित की जाती है-
(क) युदि इकाई के पक्ष में कुल स्वीकृत अनुदान रू है एवं इकाई को N किश्तों में भुगतान किया जाना है।है तो प्रथम वित्तीय वर्ष (जिस वित्तीय वर्ष में अनुदान स्वीकृत हुआ है) में इकाई को रू S/N राशि देय (Due) होगी। (ख) आगामी किश्तों के भुगतान के लिए इकाई को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 30 सितंबर के पूर्व विगत वित्तीय वर्ष के उत्पादन एवं टर्नओवर की जानकारी एवं संबंधित दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन क्लेम प्रस्तुत करना होगा।
(ग) प्रथम एवं द्वितीय किश्त के अलावा अन्य सभी किश्तों के भुगतान के लिए यह आवश्यक होगा कि विगत तीन वित्तीय वर्षों में विनिर्माण इकाई द्वारा उत्पादन प्रमाण पत्र में उल्लेखित क्षमता का न्यूनतम 50% औसत उत्पादन किया गया हो एवं विगत तीन वित्तीय वर्षों का औसत टर्नओवर का 30, 20, 10 (लघु, मध्यम्, वृहद हेतु क्रमशः) प्रतिशत किश्त राशिसे अधिक हो। किसी भीकिश्त के भुगतान (यथास्थिति प्रथम किश्त को छोड़कर) के लिए यह आवश्यक होगा कि इकाई के पक्ष में सक्षम अधिकारी द्वारा उत्पादन निरन्तरता प्रमाण पत्र जारी किया गया हो । उपरोक्त शर्तों की पूर्ति न होने की दशा में उस वित्तीय वर्ष हेतु किश्त का क्लेम स्थगित कर दिया जाएगा । (घ) स्थगित क्लेम राशि का वितरण आगामी वित्तीय वर्ष में किया जा सकेगा यदिबिन्दु (ग) में उल्लेखित शर्त की पूर्ति हो ।
(ड) निरंतर तीन वर्षों तक बिन्दु (ग) में उल्लेखित शर्त की पूर्ति न होने पर किश्तका क्लेम निरस्तकर दिया जाएगा ।
(च) शवलीकरण के प्रकरणों में उपरोक्त गणना नवीन उत्पाद की क्षमता के आधार पर ही की जाएगी।
(3) बजट् आबंटन उपलब्ध होने पर अनुदान का वितरण ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से इकाई के सावधि ऋण खाते में किया जाएगा । सावधि ऋण खाता बंद हो जानेकी स्थिति में वितरण कैश क्रेडिट खाते/चालू खाते में किया जा सकेगा । स्ववित्त पोषी इकाईयों के प्रकरण में अनुदान वितरण इकाई के चालू खाते में किया जाएगा । अनुदान की राशि नगद में नहीं दी जायेगी । अनुदान का वितरण औद्योगिक इकाईयों कोअनुदान स्वीकृति के दिनांक के क्रम में किया जावेगा ।
(4) बजट आबंटून के अभाव में अनुदान की राशि देने में विलंब होने पर विभाग का कोई दायित्व नहीं होगा ।
7. समितिका गठन -
(1 ) नीति के अंतर्गत इकाईवार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन की समीक्षा हेतु जिला स्तरीय समिति एवं राज्य स्तरीय समिति का निम्नानुसार गठन किया जाता है- (क) जिला स्तरीय समिति -
1. उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग द्वारा नामांकित अपर संचालक /संयुक्त संचालके - अध्यक्ष
2. उपायुक्त वाणिज्यिक कर अधिकारी , अथवा उनके द्वारा नामांकित अधिकारी - सदस्य
3. लीड बैंक अधिकारी- सदस्य
4. मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक, छत्तीसगढ़ स्टेट इण्डस्ट्रियल डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमि. (जो राज्य शासन उद्योग विभाग के न्यूनतम उप संचालक स्तर का अधिकारी हो) - सदस्य
5. विषयविशेषज्ञ - आमंत्रित सदस्य
6. मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र- छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 21 अगस्त 2025
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सदस्य सचिव
(ख ) राज्य स्त्रीय समिति -
1. उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग - अध्यक्ष
सदस्य 2. अपर आयुक्त , राज्य कर अथवा उनके द्वारा नामांकित अधिकारी - 3. महाप्रबंधक/उप महाप्रबंधक , भारतीय स्टेट बैंक आंचलिक कार्यालय, रायपुर- सदस्य
4. प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ स्टेट इण्डस्ट्रीयल डेव्हलपमेंट कार्पो ० लि० या उनके द्वारा नामांकित अधिकारी जो कार्यपालक संचालक स्तर का हो- सदस्य
5. विषय विशेषज्ञ - आमंत्रित सदस्य
6. अपर संचालक/ संयुक्त संचालक, उद्योग संचालनालय- सदस्य
सचिव
(2) जिला स्तरीय समिति के पास निम्नानुसार शक्तियां होंगी -
(क) सूक्ष्म एवं लघु इकाईयों के प्रकरणों में स्वीकृत एवं वितरित औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन प्रकरणों की समीक्षा करना तथा सक्षम प्राधिकारी के निर्णय से सहमत न होने की स्थिति में निरस्तीकरण एवं वसूली/ समायोजन का आदेश पारित करना।
(ख ) सूक्ष्म एवं लघु इकाईयों के प्रक्रणों में निर्धारित समय सीमा के पश्चात् विलंब से प्राप्त आवेदनों के संबंध में 3 माह तक के विलंब को इकाई को सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए प्रकरण के गुण- दोष के आधार पर विलंब शिथिल करना।
(ग) प्रकरण के निराकरण के प्रयोजन से समिति संबंधित किसी भी बिन्दु/ मद केसंबंध में अतिरिक्त जानकारी/दस्तावेज संबंधित इकाई से प्राप्त करना। ( 3) राज्य स्तरीय समिति के पास निम्नानुसार शक्तियां होंगी -
(क) मध्यम एवं वृहद इकाईयों के प्रकरणों में स्वीकृत एवं वितरित औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन प्रकरणों की समीक्षा करना तथा स्वीकृत प्रकरणों में कोई विसंगति समिति के संज्ञान में आने पर उसका परीक्षण कर निरस्तीकरण एवं वसूली/ समायोजन का आदेश पारित करना ।
(ख) मध्यम एवं वृहद इकाईयों के प्रकरणों में निर्धारित समय सीमा के पश्चात् विलंब से प्राप्त आवेदनों के संबंध में 3 माह तक के विलंब को इकाई को सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए प्रकरण के गुण - दोष के आधार पर विलंब शिथिल करना ।
(ग) प्रकरण के निराकरण के प्रयोजन से समिति संबंधित किसी भी बिन्दु/ मद केसंबंध में अतिरिक्त जानकारी/दस्तावेज संबंधित इकाई से प्राप्त करना। (घ) इस् नियम तथा उसके लागू होने के संबंध में जिला स्तरीय समिति को निर्देश देना ।
(3) जिला स्तरीय समिति तथा राज्य स्तरीय समिति की बैठकों के लिये गणपूर्ति 4 सदस्य से होगी। समिति के निर्णय हेतु समिति सामूहिक उत्तरदायी होगी , सदस्य सचिव अकेला उत्तरदायी नहीं होगा। सदस्य सचिव का दायित्व होगा कि वह प्रकरणवार विस्तृत जानकारी समिति के समक्ष समीक्षा हेतु प्रस्तुतस्तत करें ।
8. अपील- छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 21 अगस्त 2025
1340 ( 5) (1 ) स्थायी पूंजी निवेश अनुदान के प्रकरण में औद्योगिक इकाई द्वारा मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक के किसी आदेश के विरूद्ध राज्य स्तरीय समिति को , आदेश संसूचित किये जाने के दिनांक से 45 दिवसों के भीतर, अपील की जा सकेगी । राज्य स्तरीय समिति के समक्ष अपील करने हेतु उद्योग आयुक्त/ संचालक , उद्योग संचालनालय के कार्यालय में अपील की जा सकेगी। आयुक्त/ संचालक, उद्योग अथवा राज्य स्तरीय समिति के निर्णय के विरुद्ध अपीलीय फोरम के विचारार्थ भारसाधक सचिव , वाणिज्य एवं उद्योग को अपील प्रस्तुत की जा सकेगी । अपीलीय फोरम के अध्यक्ष विभागीय मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन होंगे; वित्त विभाग एवं वाणिज्यिक करविभाग के प्रतिनिधि फोरम के सदस्य होंगे तथा संयुक्त/उप सचिव , वाणिज्य एवं उद्योग विभाग फोरम के सदस्य सचिव होंगे।
(2) अन्य प्रकरण में औद्योगिक इकाई द्वारा मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक के किसी आदेशके विरूद्ध आयुक्त/ संचालक, उद्योग संचालनालय को, आदेश संसूचित किये जानेकेदिनांक से45 दिवसों के भीतर, अपील की जा सकेगी। आयुक्त/ संचालक, उद्योग के किसी आदेश के विरूद्ध भारसाधक सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग को, आदेश संसूचित किये जाने के दिनांक से 45 दिवसों के भीतर, अपील प्रस्तुत की जा सकेगी।
(3) अपील शुल्क सूक्ष्म एवं लघु इकाई के प्रकरण में रु 2000 एवं मध्यम/वृहद इकाई के प्रकरण में रु 5000 भुगतान करने पर ही अपील ग्राह्य होगी । परन्तु अनुसूचित जाति/ जनजाति , निःशक्त/ नक्सलवाद से प्रभावित परिवार/व्यक्ति से संबंधित प्रकरणों में अपील शुल्क उपरोक्त वर्णित शुल्क का 50 प्रतिशत होगा।
(4) राज्यस्तरीय समिति को अपील करने में हुए विलंब तथा अनुदान हेतु आवेदन प्रस्तुत क्रने में हुये विलंब एवं अधिसूचना के अधीन किसी अन्य बिन्दु पर प्रकरण के गुण-दोष के आधार पर विचार/व्याख्या कर निर्णय लेने का अधिकार होगा । समिति द्वारा तथ्यों के आधार पर तथा अपीलार्थी को अपना पक्ष रखने का एक अवसर प्रदान करते हुये अपील प्रकरण का निराकरण किया जावेगा ।
(5) प्रकरण पर समिति/अपीलीय फोरम द्वारा लिये गये निर्णय की सूचना सदस्य सचिव, राज्य स्तरीय समिति द्वारा संबंधित को दी जावेगी।
9. अनुदान की वसूली -
सक्षम प्राधिकारी के आदेश से, अनुदान की राशि, 12.5 प्रतिश्त वार्षिक दर से साधारण ब्याज सहित , निम्नलिखित परिस्थितियों में भू- राजस्व के बकाया की भांति वसूली जा सकेगी अथवा किसी अन्य अनुदान में समायोजित की जा सकेगी - (1) औद्योगिक इकाई के पक्ष में अनुदान की स्वीकृत राशि भुगतान हो जाने के पश्चात् यह पाया जाता है कि औद्योगिक इकाई द्वारा कोई तथ्य छुपाये गए हैं। गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया है या सही जानकारी प्रस्तुत नहीं की गयी है व इस प्रकार गलत तरीके से अनुदान स्वीकृत हुआ है। अनुदान प्राप्त किया गया है ।
(2) औद्योगिक इकाई द्वारा राज्य के मूल निवासियों को निर्धारित प्रतिशत में रोजगार उपलब्धकराने के पश्चात यदि बाद में रोजगार से वंचित किया जाता है व इस कारण अकुशल, कुशल व प्रबंधकीय/प्रशासकीय वर्ग में दिये जाने वाले रोजगार का नीति में उल्लेखित प्रतिशत (न्यूनतम सीमा) से कम हो जाता है ।
(3) जिन औद्योगिक इकाईयों को रोजगार गुणक के अनुसार अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया गया है यदि उनके द्वारा अनुदान स्वीकृति से 5 वर्षों के भीतर रोजगार से वंचित किया जाता है व इस कारण कुल रोजगार की संख्या नीति की कंडिका ( 12.4) के छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 21 अगस्त 2025
1340(6)
खंड (स) में उल्लेखित संख्या (जिसके अंतर्गत अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया गया है) सेकम हो जातीहै।
(3 ) यदि औद्योगिक इकाई द्वारा प्रस्तुत अनुसूचित जाति/जनजाति से संबंधित स्थायी जाति प्रमाण-पत्र/निःशक्तता से संबंधित प्रमाण-पत्र/सेवा-निवृत्त सैनिक से संबंधित प्रमाण-पत्र/नक्सलवाद से प्रभावित व्यक्ति से संबंधित प्रमाण -पत्र /अप्रवासी भारतीय /प्रत्यक्ष विदेशी निवेशक (एफ.डी.आई. ), निर्यातक, विदेशी तकनीक से संबंधित प्रमाण पत्र , महिला उद्यमी , महिला स्व- सहायता समूह आदि से संबंधित प्रमाण-पत्र/ अभिलेख/ घोषणा पत्र गलत पाया जाता है तो इस वर्ग के उद्यमियों को दी गई अतिरिक्त/ आधिक्य अनुदान की राशि वसूली योग्य होगी ।
(4)उद्योग संचालनालय/ जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा इन नियमों से संबंधित कोईजानकारी मांगे जाने पर औद्योगिक इकाई द्वारा न दी जाये ।
(5) यदि औद्योगिक इकाई अधिसूचना में निहित दायित्वों की पूर्ति न करें।
(6) यदि औद्योगिक इकाई को पात्रता से अधिक अनुदान की प्राप्ति हो गयी हो । 10. अनुदान प्राप्त औद्योगिक इकाई का दायित्व -
(1 ) औद्योगिक इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन/ सेवा गतिविधि प्रारंभ दिनांक से न्यूनतम 5 वर्ष अथवा अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक से 5 वर्ष (जो पश्चातवर्ती हो) तके उत्पादनरत रहना/वाणिज्यिक संचालन करना आवश्यक होगा।
(2) उक्त अवधि में औद्योगिक विकास नीति की कंडीका ( 12.19) में उल्लेखित अनुपात में छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को रोजगार प्रदान करना अनिवार्य होगा। (3) उक्त अवधि में उद्योग आयुक्त/ संचालक उद्योग की लिखित् पूर्वानुमति के बिना इकाई के फैक्ट्री स्थल/गतिविधि में कोई परिवर्तन नहीं किया जावेगी, इकाई काकोई भाग अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा तथा ना ही स्वामित्व परिवर्तन किया जा सकेगा तथा इकाई के स्थायी परिसम्पतियों में कोई परिर्वतन नहीं किया जावेगा । 11. स्वप्रेरणा से निर्णय-
राज्य शासन, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग/राज्य स्तरीय समिति किसी भी अभिलेख कोबुला सकेंगे तथा ऐसे आदेश पारित कर सकेंगे जैसा कि वे नियमानुसार उचित समझें, परन्तुअनुदान को निरस्त करने , या उसमें परिवर्तन के पूर्व , प्रभावित पक्ष को सुनवाईका अवसर अवश्य दिया जावेगा।
12. क्रियान्वयन-
(1) इन नियमों का क्रियान्वयन उद्योग संचालनालय व उनके अधीनस्थ जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों द्वारा किया जावेगा ।
(2) इन नियमों के अन्तर्गत कार्यकारी निर्देश जारी क्रने हेतु उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग सक्षम होंगे । अनुदान से संबंधित किसी मुद्दे प्र जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों द्वारा मार्गदर्शन मागे जाने पर उद्योग आयुक्त/उद्योग संचालक द्वारा मार्गदर्शन दियाजावेगा ।
(3) इन नियमों के अलग- अलग भाषाओं में संस्करण जारी करने हेतु उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग सक्षम होंगे । इन नियमों के तहत जारी हिंदी संस्करण मुख्य संस्करण होगी, जो अलग-अलग भाषाओ में जारी संस्करणों के बीच विसंगति होने पर प्रभावी रहेगा ।
विविध -
13.
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 21 अगस्त 2025
1340(7 ) ( 1 ) इन नियमों के अन्र्तगत कोई वाद राज्य के न्यायालयों में ही दायर किया जासकेगा ।
(2) इन नियमों कीव्याख्या, अनुदान की पात्रता या अन्य विवाद की दशा में भी राज्य शासन,शासन, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा दिया गया निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा ।
(3) नीति में संशोधन किये जाने की स्थिति में उक्त संशोधन इन नियमों में यथास्थिति लागूहोंगे ।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,
रजत कुमार, सचिव.
उपाबंध-1
[नियम 3(2) देखें]
मान्य मद
प्लांट एवं मशीनरी/ उपस्कर में मान्य होने वाले मद निम्नानुसार होंगे:-
1. प्लांट और मशीनरी/ उपस्कर का अर्थ है नवीन प्लांट और मशीनरी; यूटिलिटीज, डाई, मोल्ड, जिग्स और फिक्स्चर तथा इसी तरह के उत्पादन उपकरण जो संयंत्र के भीतर उपयोग किए जाते हैं एवं उनके परिवहन एवं स्थापना लागत। ऐसे अन्य उपकरण और औजार जो उत्पादों के निर्माण /सेवा प्रदान करने में सहायक होते हैं, उन्हें भी शामिल किया जाएगा। प्लांट एवं मशीनरी/उपस्कर मद में उत्पाद एवं सेवा शुल्क (GST) सम्मिलित नहीं होगा। आयातित मशीनरी/उपकरण के प्रकरण में सीमा शुल्क (Custom Duty) को लागत में सम्मिलित किया जाएगा। जब तक अन्यथा प्रावधानित न हो, वाहन प्लांट और मशीनरी/ उपस्कर में सम्मिलित नहीं होंगे । 2. प्लांट और मशीनरी/विद्युत आपूर्ति में निम्नलिखित को भी शामिल किया जाएगा:
i. गैर- पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन के लिए प्लांट, जिसमें उत्पन्न कुल बिजली का कम से कम 75% स्वयं औद्योगिक इकाई द्वारा उपयोग किया जाना चाहिए, विद्युत आपूर्ति के अंतर्गत मान्य किए जाएंगे । (कुल प्लांट & मशीनरी निवेश का अधितम 20 %) छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 21 अगस्त 2025
1340( 8)
ii . अनुसंधान एवं विकास (R&D ) के लिए प्लांट एवं मशीनरी । (नियम 4 (8 ) के प्रावधान केसाथपढ़ें)
iii . औद्योगिक उपक्रम परिसर के भीतर स्थापित कैप्टिव पावर जनरेशन/ को-जेनरेशन प्लांट, जिसमें उत्पन्न कुल बिजली का कम से कम 75 % स्वयं औद्योगिक इकाई द्वारा उपयोग किया जाना चाहिए ।
iv. डीजल जनरेटर सेट और बॉयलर ।
3. सेवा इकाईयों के प्रकरण में कंप्युटर हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर प्लांट एवं मशीनरी/ उपस्कर मद में सम्मिलित होंगे परंतु सॉफ्टवेयर के लिए आवर्ती (recurring) शुल्कका भुगतान स्थायी पूंजी निवेश में सम्मिलित नहीं होगा।
4. पर्यटन क्षेत्र कीसेवा इकाईयों के प्रकरण में फर्निचर, लिफ्ट, फ्रिज, एयर कन्डिशनर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण , एडवेंचर स्पोर्ट्स/अम्यूज़्मन्ट पार्क हेतु उपकरण एवं अन्य उपकरण (भवन सम्मिलित) जो सेवा से सीधे संबंधित हैं सम्मिलित होंगे। होटल/रिज़ॉर्ट/एडवेंचर/अम्यूज़्मन्ट पार्क द्वारा संचालित टुरिस्ट बस (इलेक्ट्रिक) , Caravan एवं गोल्फ कार्ट (इलेक्ट्रिक) उपस्कर में सम्मिलित होंगे ।
5. एडवेंचर स्पोर्ट्स के अंतर्गत कैम्पिंग , हाइकिंग , जल क्रीडा( water sports) , सफारी, paragliding, parasailing, hot air balloon, rock climbing एवं अन्य एडवेंचर स्पोर्ट्स से संबंधित उपकरण सम्मिलित होंगे।
6. हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के प्रकरण में मेडिकल उपकरण , naturopathy से संबंधित उपकरण, AYUSH सेवाओं से संबंधित उपकरण, telemedicine से संबंधित उपकरण एवं एम्बुलेंस(आपातकालीन उपकरण युक्त) सम्मिलित होंगे।
7. इंजीनियरिंग सर्विसेज़ की सेवा इकाईयों के प्रकरण में वह उपकरण भी सम्मिलित होंगे जो गतिशील प्रकृति के हैं एवं जो उपभोक्ता के स्थल पर सेवा ( on spot service ) प्रदान करने हेतु आवश्यक हैं । इनमे कस्टमाइज्ड वाहन (Customized Vehicle) सम्मिलित होंगे।
8. पर्यावरण संरक्षण से संबंधित सेवाओं हेतु स्थापित सेवा इकाईयों के प्रकरण में अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित मशीनरी/ उपकरण , waste segregation machine, recycling machine इत्यादि एवं अपशिष्ट संचय (waste collection) हेतु उपयोग होने वाले वाहन सम्मिलित होंगे ।
9. मल्टी-लेवल पार्किंग , होटल/रिज़ॉर्ट/restaurant , शासकीय/निजी कार्यालय अथवा वाणिज्यिक परिसर , औद्योगिक क्षेत्र/ पार्क एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों/परिसर पर थर्ड पार्टी द्वारा स्थापित चार्जिंग स्टेशन सेवा केंद्र अनुदान हेतु पात्र होंगे यदि वे भूमि/ भवन स्वामी से चार्जिंग स्टेशन हेतु परिसर का भाग न्यूनतम 11 वर्ष की लीज़ पर प्राप्त कर संचालन करते हैं ।
10. कार्यशील पूंजी, प्री- आपरेटिव व्यय , कच्चा माल, कंस्यूमेबल सामग्री (यथा पेंट , Lubricant , वैल्डिंग रॉड, कटिंग टूल इत्यादि) , रिहायर्शी भवन (जब तक अन्यथा प्रावधानित न हो) स्थायी पूंजी निवेश के किसी भी मद में मान्य नहीं होंगे। छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 21 अगस्त 2025
1340( 9)
उपाबंध-2
[नियम 6 ( 1 ) देखें ]
शपथ पत्र
1. यह शपथपूर्वक घोषित किया जाता है कि: -
(1) औद्योगिक विकास नीति 2024-30 एवं छत्तीसगढ़ स्थायी पूंजी निवेश अनुदान एवं प्रतिपूर्तिनियम 2024 का पूर्णतः अध्ययन कर लिया है एवं इसके सभी प्रावधानों का पालन औद्योगिक इकाई द्वारा किया जावेगा ।
(2) आवेदन पत्र में दी गई जानकारी एवं आवेदन पत्र के साथ संलग्न अभिलेख पूर्ण रूपसे सही है।
(3) इकाई द्वारा औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत स्थायी पूंजी निवेश अनुदानकेविकल्प का चयन किया जाता है तथा भविष्य में औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति हेतु आवेदन प्रस्तुत नहीं किया जावेगा। (केवल स्थायी पूंजी निवेश अनुदान हेतु)
2. यह भी कि उद्योग में अकुशल , कुशल एवं प्रबंधकीय/प्रशासकीय वर्ग में क्रमशः न्यूनतम 100 प्रतिशत , 70 प्रतिशत एवं 40 प्रतिशत रोजगार वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से न्यूनतम पांच वर्षों तक अनुदान/ प्राप्ति दिनांक तक (जो पश्चातवर्ती हो) राज्यके मूल निवासियों को दिया जाता रहेगा ।
3. यह भी कि भारत सरकार/ राज्य शासन के किसी अन्य विभाग/ निगम/ बोर्ड/ मंडल/ आयोग/ वित्तीय संस्थाओं/ बैंक को स्थायी पूंजी निवेश से संबंधित अनुदान हेतु कोई आवेदन नहीं किया है एवं न ही अनुदान स्वीकृत है/वितरित है।
अथवा
यह भी कि भारत सरकार/ राज्य शासन के किसी अन्य विभाग / निगम/ बोर्ड/ मंडल/ आयोग/ वित्तीय संस्थाओं/ बैंक को स्थायी पूंजी निवेश अनुदान हेतु आवेदन किया है /अनुदान स्वीकृत है/वितरित है।
4. यह भी कि इकाई उत्पादनरत् व कार्यरत् है ।
यह भी कि मेरी /हमारी स्थापना/संचालन हेतु सरकार/ राज्य शासन के द्वारा लागू किये गये नियम/दिशा- निर्देश (जो लागूहो) के अनुसार आवश्यकता होने पर वांछित अनुज्ञप्ति सम्मति/अनापत्ति संबंधित विभाग/संस्था/निकाय के सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त कर लिये गये हैं।
6. यह भी कि उपरोक्त जानकारी गलत /त्रुटिपूर्ण / मिथ्या पाये जाने पर , अन्यथा किसी भी शपथ का उल्लंघन पाये जाने पर स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा अनुदान/प्रतिपूर्ति राशिकी वसूली मांग पत्र पर प्राप्त अनुदान/ प्रतिपूर्ति की राशि नियमानुसार निर्धारित केसाथ30दिवसों की अवधि में वापस कर दी जावेगी। ब्याज
औद्योगिक इकाई के अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर
नाम
पद
औद्योगिक इकाई का नाम व पता
दिनांक
संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , नवा रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2025 .