छत्तीसगढ शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़ /दुर्ग/09 / 2013-2015. " "बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत . क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 . "
सत्यमेव जयते
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 753]
नवारायपुर, गुरुवार, दिनांक 25 सितम्बर 2025- अश्विन 3 , शक 1947
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग मंत्रालय , महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 25 सितम्बर 2025
अधिसूचना
क्रमांक GENS - 1103 / 9 / 2025 - COMM . & INDUS . राज्य शासन , एतद् द्वारा , औद्योगिक विकास नीति 2024-30 की कंडिका ( 12.5 ) के क्रमांक -1 में प्रावधानित "नेट राज्य वस्तु एवं सेवाकर (नेट एसजीएसटी) प्रतिपूर्ति " के क्रियान्वयन हेतु निम्नानुसार नियम निर्मित करता है , अर्थात –
नियम
नाम एवं विस्तार- 1.
(1) येनियम छत्तीसगढ़ नेट राज्य वस्तु एवं सेवाकर ( नेट एसजीएसटी) प्रतिपूर्ति अनुदान नियम, 2024 कहे जाएंगे । ये नियम छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवृत्त होंगे । (2)
2. प्रभावीदिनांक-
येनियम राजपत्र में प्रकाशन दिनांक से प्रभावशील होंगे ।
3. परिभाषाएं-
( 1 ) जब तक संदर्भ से अन्यथा अभिप्रेत हो, इन नियमों में, -
(क) नीति से अभिप्रेत है, औद्योगिक विकास नीति 2024-301
(2) मदवार स्थायी पूंजी निवेश की परिभाषा छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक उत्पादन/सेवा गतिविधि प्रमाण- पत्र नियम, 2024 के अनुसार होगी ।
(3 ) अन्य शब्दोंके लिए वही परिभाषाएं लागू होंगी जो नीति के परिशिष्ट -1 पर उल्लेखित हैं ।
4. पात्रता एवं प्रतिपूर्ति की मात्रा-
इन नियमों के अंतर्गत प्रतिपूर्ति की पात्रता एवं मात्रा नीति के अध्याय अ, ब, स एवं द में नेट राज्य वस्तु एवं सेवाकर (नेट एसजीएसटी) प्रतिपूर्ति हेतु उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार होगी । इसके अतिरिक्त नियम के अंतर्गत निम्नांकित पात्रता/शर्तें निर्धारित की जाती है: - (1) नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति प्राप्त करने हेतु इकाई को पृथक जीएसटी पंजीयन प्राप्त करना होगा। इस जीएसटी नंबर से इकाई केवल राज्यमें अंतिम उपभोग हेतु उपभोक्ता को विक्रय ( B2C) करेगी ।
(2) अंतिम उपभोग हेतु उपभोक्ता को विक्रय पर भुगतान किया गया नेट एसजीएसटी (इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर से भुगतान) ही प्रतिपूर्ति हेतु मान्य होगी ।
(3) यदि एक विनिर्माण इकाई का अंतिम उत्पाद दूसरी इकाई का कच्चा माल है तो यह विक्रय प्रतिपूर्ति हेतु पात्र नहीं होगा। (4) ऐसा कोई भी विक्रय जिस पर क्रेता द्वारा इन्पुट टैक्स क्रेडिट ( Input Tax Credit) क्लेम (दावा) किया जा सकेगा, प्रतिपूर्ति हेतु पात्र नहीं होगा ।
(5) जीएसटी अधिनियम के अंतर्गत अधिरोपित ब्याज , शास्ति एवं रिवर्स मेकेनिज्म के अंतर्गत भुगतान की गई राशि इत्यादि प्रतिपूर्ति हेतु पात्र नहीं होंगे ।
(6) स्ववित्त पोषित उद्यमों को भी नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति की पात्रता होगी ।
1505 1506
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 25 सितम्बर 2025
प्रक्रिया-
5.
( 1 ) नीति के अंतर्गत उत्पादन प्रमाण पत्र/ उत्पादन निरंतरता प्रमाण पत्र धारित इकाइयों को निम्नलिखित दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करना होगा- (क) उपाबंध -1 के अनुसार शपथ पत्र ।
(ख) उपाबंध -2 के अनुसार उपायुक्त , राज्य कर द्वारा जारी प्रमाण पत्र ।
(2) औद्योगिक इकाई द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के उपरांत प्रतिपूर्ति संबंधी आवेदन वाणिज्यिक उत्पादन/ सेवा गतिविधि प्रारंभ करने के प्रथम दिनांक के पश्चात छः माही आधार पर उद्योग संचालनालय में प्रस्तुत किया जाएगा । प्रारंभ में प्रस्तुत किया गया प्रथम नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति क्लेम (दावा) वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ होने के दिनांक से वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ होने के दिनांक या नियम जारी होने के दिनांक , जो पश्चातवर्ती हो , की तिथि को चल रहे वित्तीय वर्ष की अवधि में 30 सितम्बर तक अथवा 31 मार्च तक ( जो पहले हो ) प्रस्तुत किया जाएगा । पश्चातवर्ती छःमाही क्लेम 01 अप्रैल से 30 सितम्बर तक की अवधि हेतु एवं 01 अक्टूबर से 31 मार्च तक की अवधि के होंगे ।
( 3 ) प्रथम नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति हेतु क्लेम (दावा) पात्र औद्योगिक इकाईयों के वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ होने के दिनांक/ नियम जारी होने के दिनांक जो पश्चातवर्ती हो , से 1 वर्ष के भीतर ऑनलाईन प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है । आगामी क्लेम ( दावा ) केवल छः माही आधार पर अगले छः माह के भीतर ऑनलाईन प्रस्तुत किया जाना आवश्यक होगा । निर्धारित कालावधि के पश्चात प्रस्तुत किए गए क्लेम (दावा) स्वीकृतकर्ता अधिकारी अर्थात आयुक्त/संचालक , उद्योग संचालनालय द्वारा स्वीकृत नहीं किए जाएंगे ।
(4) आवेदन प्राप्त होने के पश्चात् प्रकरण अपूर्ण होने की स्थिति में , प्रकरण में कमियों को एक साथ बताते हुए आवेदन प्राप्ति दिनांक से 10 कार्य दिवस के भीतर कमी पूर्ति हेतु वापस किए जाएंगे । इकाई द्वारा 60 दिवसों की अवधि में कमियों की पूर्ति नहीं करने पर अपूर्ण प्रकरण स्वमेव निरस्त मान्य होगा ।
(5 ) आवेदन पत्र प्राप्त होने पर प्रतिपूर्ति की गणना उत्पादन् प्रमाण पत्र में मदद्वार उल्लेखित निवेश , इकाई द्वारा उत्पादन प्रमाण पत्र आवेदन के साथ प्रस्तुत सी.ए. प्रमाण पत्र, सी.ई. प्रमाण पत्र एवं नियम 5 ( 1 ) में उल्लेखित दस्तावेजों के आधार पर परीक्षणकर्ता अधिकारी द्वारा की जाएगी । विसंगति होने पर परीक्षणकर्ता अधिकारी द्वारा सूचीबद्ध सी.ए./ सी.ई. को पुनः सत्यापन हेतु प्रेषित कर सकेगा । विनिर्माण इकाइयों के प्रकरणों में शेड/ भवन मद अंतर्गत मान्य निवेश की अधिकतम सीमा , उत्पादन प्रमाण पत्र में उल्लेखित कुल निवेश की 30 प्रतिशत तक होगी । परीक्षणकर्ता अधिकारी की अनुशंसा के आधार पर संचालक उद्योग द्वारा प्रतिपूर्ति की अधिकतम सीमा , पात्रतानुसार निर्धारित की जाएगी । सेवा इकाइयों के प्रकरण में शेड/ भवन मद पर मान्य निवेश कुल निवेश के 30% से अधिक होने की स्थिति में (लॉजिस्टिक इकाइयों के प्रकरण में लॉजिस्टिक नीति के अनुसार ) चार्टेड इंजीनियर प्रमाण पत्र का सत्यापन लोक निर्माण विभाग की दर अनुसूची ( Schedule of Rates ) के आधार पर लोक निर्माण विभाग के संबंधित क्षेत्र के सहायक अभियंता (रु . 10 करोड़ तक)/ कार्यपालन अभियंता ( रु . 10 करोड़ से 50 करोड़) / अधीक्षण अभियंता ( रु . 50 करोड़ से अधिक) द्वारा किया जाएगा ।
(6 ) प्रतिपूर्ति की अधिकतम सीमा के पश्चात प्रत्येक क्लेम ( दावा ) में प्रतिपूर्ति राशि की गणना परीक्षणकर्ता अधिकारी द्वारा संयुक्त आयुक्त/उपायुक्त, राज्य कर द्वारा जारी छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 25 सितम्बर 2025
1506( 1) प्रमाण पत्र के आधार पर की जाएगी ।
(7) प्रत्येक क्लेम (दावा ) के पश्चात इकाई को प्राप्त प्रतिपूर्ति की राशि की प्रविष्टि उद्योग संचालनलय द्वारा निर्धारित प्ररूप में पासबुक में की जाएगी । पासबुक में प्रत्येक छ: माही की गणना के आधार पर भुगतान की गई राशि एवं शेष पात्रता राशि का उल्लेख होगा ।
( 8 ) नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति क्लेम (दावा ) नियमानुसार होने पर स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा उपाबंध -3 अनुसार स्वीकृति आदेश जारी किया जाएगा ।
(9 ) प्रकरण यदि निरस्तीकरण योग्य है तो इकाई को अपना पक्ष रखने का एक अवसर प्रदान करते हुए प्रकरण पर निर्णय लिया जाएगा ।
(10 ) बजट आबंटन उपलब्ध होने पर स्वीकृत प्रतिपूर्ति की राशि का वितरण ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से इकाई के सावधि ऋण खाते में किया जाएगा । सावधि ऋण खाता बंद हो जाने की स्थिति में वितरण कैश क्रेडिट खाते/ चालू खाते में किया जा सकेगा । स्ववित्त पोषी इकाइयों के प्रकरण में स्वीकृत प्रतिपूर्ति की राशि का वितरण चालूखाते में किया जाएगा । प्रतिपूर्ति की राशि नगद में नहीं दी जाएगी। ( 11 ) औद्योगिक इकाइयों को प्रतिपूर्ति की राशि का वितरण , क्लेम ( दावा) स्वीकृति के दिनांक के क्रम में किया जाएगा ।
6. प्रतिपूर्ति अनुदान की वसूली-
( 1) प्रतिपूर्ति की राशि औद्योगिक इकाई के ऋण खाते में जमा हो जाने के पश्चात् भी यदि यह पाया जाता है कि औद्योगिक इकाई/बैंक/वित्तीय संस्था द्वारा कोई तथ्य छुपाए गए हैं , तथ्यों को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया है या सही जानकारी प्रस्तुत नहीं की गयी है व इस प्रकार गलत तरीके से प्रतिपूर्ति प्राप्त किया गया है तो प्रतिपूर्ति की राशि मय 12.5 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से वसूल की जा सकेंगी अथवा आगामी क्लेम / अन्य अनुदानों में समायोजित की जा सकेगीं ।
( 2 ) उपरोक्तानुसार वसूली राशि भू- राजस्व के बकाया की वसूली की भांति की जा सकेगी।
( 3 ) स्वीकृतकर्ता अधिकारी को यह अधिकार होगा कि प्रतिपूर्ति का क्लेम (दावा) स्वीकृत होने के पश्चात भी नियमानुसार नहीं पाए जाने अथवा किसी त्रुटिपूर्ण अभिलेख के आधार पर की गयी स्वीकृति आदेश , निरस्त कर सके एवं यदि प्रतिपूर्ति की राशि संबंधित वित्तीय संस्था/बैंक को भुगतान कर दी गई हो तो वसूली आदेश जारी कर सकेगा।
(4) औद्योगिक इकाई द्वारा राज्य के मूल निवासियों को नीति के अनुसार निर्धारित प्रतिशत में रोजगार उपलब्ध कराने के पश्चात् यदि बाद में आगामी क्लेमों (दावों ) की अवधि के दौरान रोजगार से वंचित किया जाता है व इस कारण अकुशल, कुशल व प्रबंधकीय वर्ग में रोजगार, नीति में निर्धारित प्रतिशत से कम हो जाता है तो ऐसी अवधि में प्रतिपूर्ति की पात्रता नहीं होगी तथा प्रतिपूर्ति की राशि संबंधित क्लेम (दावे) को निरस्त कर वसूल की जा सकेगी अथवा भविष्य के क्लेमों में समायोजित की जा सकेगी ।
( 5 ) यदि औद्योगिक इकाई द्वारा प्रस्तुत निवेशक के वर्ग से संबंधित प्रमाण - पत्र/ तथ्य गलत पाए जाते हैं तो इस वर्ग के उद्यमियों को दी गई अतिरिक्त प्रतिपूर्ति की राशि भू- राजस्व की तरह वसूली योग्य होगी अथवा भविष्य के क्लेमों में समायोजित की जा सकेगी ।
(6) उद्योग संचालनालय / जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा नियम से संबंधित या छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 25 सितम्बर 2025
1506 (2)
कोई जानकारी / अभिलेख मांगे जाने पर औद्योगिक इकाई द्वारा न दी जाये तो स्वीकृतकर्ता अधिकारी प्रकरण पर पुनर्विचार कर उसे निरस्त कर वसूली आदेश जारी कर सकेगा ।
(7) यदि औद्योगिक इकाई को पात्रता से अधिक प्रतिपूर्ति की प्राप्ति हो गयी हो अंतर की राशि वसूली योग्य होगी अथवा भविष्य के क्लेमों/ अन्य अनुदानों में समायोजित की जा सकेगी ।
(8 ) उपरोक्त बिंदुओं के अनुसार यथास्थिति निरस्तीकरण/ संशोधन / अधिक दिये गये प्रतिपूर्ति की राशि की वसूली के आदेश स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा जारी किए जाएंगे ।
7. अपील-
(1 ) आयुक्त/संचालक, उद्योग संचालनालय के द्वारा जारी किसी आदेश के विरूद्ध अपील भारसाधक सचिव , वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के समक्ष की जा सकेगी । (2) सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के प्रकरणों में अपील शुल्क रूपये 2000 एवं सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से भिन्न प्रकरणों में रूपये 5000 का भुगतान कर चालान की प्रति प्रस्तुत करने पर ही अपील स्वीकार होगी । अनुसूचित जाति/ जनजाति, निःशक्त (दिव्यांग) , तृतीय लिंग , राज्य के सेवानिवृत्त सैनिक , राज्य के सेवानिवृत्त अग्निवीर सैनिक , नक्सलवाद से प्रभावित व्यक्ति, अथवा आत्मसमर्पित नक्सली के द्वारा स्थापित , सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के प्रकरणों में अपील शुल्क रूपये 1000 तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से भिन्न प्रकरणों में रूपये 2500 का भुगतान किया जाना होगा ।
(3 ) अपील शुल्क का भुगतान विविध प्राप्तियों के तहत स्वीकार करते हुए चालान के द्वारा क्लेम (दावे ) निरस्तीकरण अधिकारी / अपीलीय अधिकारी के कार्यालय में प्राप्त किया जाएगा/ जमा किया जाएगा ।
(4 ) अपीलीय अधिकारी को, इन नियमों के अधीन , किसी बिन्दु पर प्रकरण के गुण- दोष के आधार पर निर्णय लेने का अधिकार होगा । अपीलीय अधिकारी द्वारा तथ्यों के आधार पर तथा प्रभावित पक्षकार को अवसर प्रदान करते हुए अपील प्रकरण का निराकरण किया जाएगा ।
8. प्रतिपूर्ति प्राप्त औद्योगिक इकाई का दायित्व-
( 1 ) प्रतिपूर्ति प्राप्त इकाई को जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में अंतिम स्वीकृति दिनांक से 5 वर्ष तक स्व - प्रमाणित लेखे व उत्पादन/ विक्रय विवरण प्रस्तुत करना होगा ।
( 2 ) औद्योगिक इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन / सेवा गतिविधि प्रारंभ करने के दिनांक या अंतिम प्रतिपूर्ति स्वीकृति दिनांक , जो पश्चातवर्ती हो , से 05 वर्ष तक उत्पादनरत रहते हुए नीति में उल्लेखित प्रतिशत अनुसार अकुशल, कुशल तथा प्रबंधकीय वर्ग में राज्य के मूल निवासियों को रोजगार प्रदान किया जाना अनिवार्य होगा ।
(3 ) वाणिज्यिक उत्पादन / सेवा गतिविधि प्रारंभ करने के दिनांक से 05 वर्ष अथवा अंतिम प्रतिपूर्ति स्वीकृति दिनांक से 5 वर्ष , जो पश्चातवर्ती हो , तक आयुक्त/संचालक उद्योग की लिखित पूर्वानुमति के बिना इकाई के फैक्ट्री स्थल में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा , फैक्ट्री का कोई भाग अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा तथा ना ही स्वामित्व परिवर्तन किया जा सकेगा तथा फैक्ट्री के अधोसंरचना तथा स्थायी परिसम्पतियों में कोई सारवान परिर्वतन नहीं किया जाएगा । आयुक्त/ संचालक उद्योग को प्रकरण के गुण -दोष के आधार पर इन बिन्दुओं पर निर्णय लेने का अधिकार छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 25 सितम्बर 2025
1506 ( 3) होगा ।
9. स्वप्रेरणा से निर्णय-
भारसाधक सचिव , वाणिज्य एवं उद्योग विभाग , आयुक्त/ संचालक उद्योग किसी भी अभिलेख को बुला सकेंगे तथा ऐसे आदेश पारित कर सकेंगे जैसा कि वे नियमानुसार उचित समझें , परन्तु प्रतिपूर्ति को निरस्त करने या उसमें परिवर्तन के पूर्व प्रभावित पक्ष को सुनवाई का एक अवसर अवश्य दिया जाएगा। स्वयं के निर्णय/ आदेश की समीक्षा भी राज्य शासन , भारसाधक सचिव , उद्यम आयुक्त/ संचालक उद्योग कर सकेंगे ।
10. क्रियान्वयन-
( 1 ) इन नियमों के अन्तर्गत कार्यकारी निर्देश जारी करने , आवेदन पत्र , निरीक्षण /परीक्षण प्रतिवेदन के प्ररूप में संशोधन हेतु आयुक्त/संचालक उद्योग सक्षम होंगे एवं प्रतिपूर्ति से संबंधित किसी मुद्दे पर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों द्वारा मार्गदर्शन मांगे जाने पर आयुक्त/संचालक उद्योग द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। ( 2 ) इन नियमों की व्याख्या , प्रतिपूर्ति की पात्रता या अन्य विवाद की दशा में राज्य शासन का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा ।
( 3 ) राज्य शासन द्वारा नीति में संशोधन किए जाने की स्थिति में उक्त संशोधन इस नियम में यथास्थिति लागू होंगे।
11. विविध-
( 1 ) इन नियमों के अलग- अलग भाषाओं में संस्करण जारी करने हेतु आयुक्त/संचालक उद्योग सक्षम होंगे । विभिन्न भाषाओं के संस्करण में किसी विवाद की स्थिति में हिन्दी संस्करण मान्य होगा ।
(2) इन नियमों के अन्तर्गत राज्य के न्यायालय में ही कोई वाद दायर किया जा सकेगा ।
(3 ) इन नियमों का क्रियान्वयन उद्योग संचालनालय एवं उनके अधीनस्थ जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों द्वारा किया जाएगा ।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,
रजत कुमार , सचिव.
1506( 4)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 25 सितम्बर 2025
उपाबंध -1
[नियम 5 ( 1 ) (क) ]
शपथ पत्र
1. यह शपथपूर्वक घोषित किया जाता है कि-
( 1 ) औद्योगिक विकास नीति 2024-30 एवं छत्तीसगढ़ नेट राज्य वस्तु एवं सेवाकर (नेट एसजीएसटी) प्रतिपूर्ति अनुदान नियम , 2024 का पूर्णतः अध्ययन कर लिया है एवं इसके सभी प्रावधानों का पालन औद्योगिक इकाई द्वारा किया जाएगा ।
(2) आवेदन पत्र में दी गई जानकारी एवं आवेदन पत्र के साथ संलग्न अभिलेख पूर्ण रूप से सही है ।
(3 ) इकाई द्वारा नीति के अंतर्गत नेट राज्य वस्तु एवं सेवाकर ( नेटएसजीएसटी) प्रतिपूर्ति के विकल्प का चयन किया जाता है तथा भविष्य में नीति के अंतर्गत स्थायी पूंजी निवेश अनुदान हेतु आवेदन प्रस्तुत नहीं किया जाएगा ।
2. यह भी कि उद्योग में अकुशल, कुशल एवं प्रबंधकीय / प्रशासकीय वर्ग में क्रमशः न्यूनतम 100 प्रतिशत , 70 प्रतिशत एवं 40 प्रतिशत रोजगार वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से न्यूनतम पांच वर्षों तक अनुदान /प्राप्ति दिनांक , जो पश्चातवर्ती हो , तक राज्य के मूल निवासियों को रोजगार प्रदान किया जाएगा । 3. यह भी कि भारत सरकार / राज्य शासन के किसी अन्य विभाग /निगम/ बोर्ड / मंडल/ आयोग / वित्तीय संस्थाओं / बैंक को स्थायी पूंजी निवेश से संबंधित अनुदान / नेट राज्य वस्तु एवं सेवाकर ( नेटएसजीएसटी ) प्रतिपूर्ति हेतु कोई आवेदन नहीं किया है एवं न ही अनुदान स्वीकृत है / वितरित है ।
4. यह भी कि इकाई उत्पादनरत व कार्यरत है ।
5. यह भी कि मेरी / हमारी इकाई की स्थापना/संचालन हेतु केन्द्र सरकार/ राज्य शासन के द्वारा लागू किए गए नियम/ दिशा -निर्देश (जो लागू हो) के अनुसार आवश्यकता होने पर वांछित अनुज्ञप्ति/ सम्मति/ अनापत्ति संबंधित विभाग / संस्था/ निकाय के सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त कर लिए गए हैं ।
6. यह भी कि उपरोक्त जानकारी गलत / त्रुटिपूर्ण/ मिथ्या पाए जाने पर , अन्यथा किसी भी शपथ का उल्लंघन पाए जाने पर स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा अनुदान/प्रतिपूर्ति राशि की वसूली मांग पत्र पर प्राप्त अनुदान/ प्रतिपूर्ति की राशि नियमानुसार निर्धारित ब्याज के साथ 30 दिवसों की अवधि में वापस कर दी जाएगी । दिनांक-
स्थान -
औद्योगिक इकाई के अधिकृत व्यक्ति के नाम व हस्ताक्षर औद्योगिक इकाई का नाम व पता छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 25 सितम्बर 2025
1506 ( 5)
उपाबंध-2
[नियम 5 (2 ) (क) ]
प्रमाण पत्र
प्रमाणित किया जाता है कि औद्योगिक इकाई मे . है , के द्वारा अवधि GST पंजीयन तक राशि रु जिसका से का नेट राज्य वस्तु एवं सेवाकर भुगतान किया गया है । उक्त राशि सभी इनपुट टैक्स क्रेडिट को समायोजित कर राज्य को किया गया शुद्ध कर (Net GST ) भुगतान है । यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उक्त राशि राज्य में अंतिम उपभोग हेतु उपभोक्ता को विक्रय (B2C ) पर भुगतान की गई है । इस राशि पर क्रेता द्वारा कोई भी इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम किया जाना संभव नहीं है। उक्त राशि में पेनाल्टी/ ब्याज/ रीवर्स भुगतान इत्यादि सम्मिलित नहीं है।
संयुक्त आयुक्त/ उपायुक्त राज्य कर सभाग ......
1506 ( 6)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 25 सितम्बर 2025
उपाबंध -3
[नियम 5(7)]
स्वीकृति आदेश
छत्तीसगढ़ नेट राज्य वस्तु एवं सेवाकर (नेट एसजीएसटी) प्रतिपूर्ति अनुदान नियम, 2024 के नियम 5 (7 ) में प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए , नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति की राशि के भुगतान की निम्नानुसार वित्तीय स्वीकृति , एतद् द्वारा , जारी की जाती है –
( 1 ) औद्योगिक इकाई का नाम व पता :
(2) उद्योग का संगठन :
(3 ) वाणिज्यिक उत्पादन / सेवा गतिविधि प्रारंभ करने का दिनांक :
(4 ) उत्पाद व वार्षिक उत्पादन क्षमता :
(5 ) औद्योगिक इकाई का कार्यस्थल ( स्थान , विकास खंड व जिला) :
(6 ) मान्य स्थायी पूंजी निवेश :
( 7) पात्रता अवधि (वाणिज्यिक उत्पादन /सेवा गतिविधि प्रारंभ दिनांक........ से ...... तक ) :
(8) इस क्लेम अवधि के पूर्व में स्वीकृत राशि एवं अवधि :
(9) वर्तमान में स्वीकृत क्लेम अवधि :
(10) वितरण हेतु स्वीकृत प्रतिपूर्ति की राशि ( अंकों व शब्दों में) :
2. यह राशि वित्तीय वर्ष- के बजट शीर्ष में विकलनीय होगी । 3. यह स्वीकृति छत्तीसगढ़ नेट राज्य वस्तु एवं सेवाकर (नेट एसजीएसटी) प्रतिपूर्ति अनुदान नियम , 2024 के प्रावधानों एवं शर्तों के अधीन है। औद्योगिक इकाई द्वारा किसी भी शर्त/ नियम का उल्लंघन पाए जाने पर यह स्वीकृति आदेश निरस्ती योग्य होगा ।
संचालक उद्योग उद्योग संचालनालय , रायपुर संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय, नवा रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2025.