महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 7 अक्टूबर 2025
अधिसूचना
क्रमांक एफ 11-2/2019/मबावि/50.— राज्य शासन एतद् द्वारा निम्नलिखित बाल देखरेख संस्थाओं को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 यथा संशोधित 2021 की धारा 65 (2) एवं दत्तक ग्रहण विनियम 2022 के विनियम 25 के अनुसार अंतर्देशीय और अंतर -देशीय दत्तक ग्रहण में बालको के स्थापन के लिए विशिष्ट दत्तक अभिकरण के रूप मेंं मान्यता का नवीनीकरण करता है विवरण निम्नानुसार हैं :-
| क्र. | स्वैच्छिक संगठन का नाम | विषिष्ट दत्तक ग्रहण का पता | जिले का नाम | स्वीकृत क्षमता |
| 1 | बिलासपुर सेवा भारती | वार्ड नं. 39, रानीसागर के नीचे शासकीय होम्योपैथी हास्पिटल के बाजू में राजनांदगांव | राजनांदगांव | 10 |
| 2 | बिलासपुर सेवा भारती | विवेकानंद कुआं भट्ठा मार्ग बुधवारी बायपास रोड जिला कोरबा | कोरबा | 10 |
| 3 | उन्नायक सेवा समिति | मातृ निलयम केलो विहार कालोनी जिला-रायगढ़ छ. ग. | रायगढ़ | 10 |
| 4 | स्नेह सर्वोदय सेवा संस्था | वार्ड नं. 8, शिक्षक कालोनी, महिन्द्रा भवन के सामने कबीरधाम | कबीरधाम | 10 |
| 5 | जिला प्रशासन | विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण गणेश मंदिर के पीछे शिव नगर कांकेर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर | कांकेर | 10 |
यह मान्यता निम्न शर्ताे के अधीन प्रदान की जाती हैः-
1. जिला प्रशासन द्वारा संचालित विशेषीकृत दत्तक ग्रहण अभिकरण कांकेर को यह मान्यता प्रमाणपत्र जारी होने की तिथि से 5 वर्ष के लिए अथवा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 यथा संशोधित 2021 की धारा 41 के तहत् पंजीकरण समाप्ति तक जो भी पहले हो वैध होगी। निर्धारित समयावधि पश्चात् संस्था द्वारा बच्चों के दत्तक ग्रहण विनियम 2022 के विनियम 25के प्रावधानानुसार नवीनीकरण कराया जा सकेगा। अथवा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 यथा संशोधित 2021 की धारा 41 के तहत् पंजीकरण समाप्ति तक जो भी पहले हो वैध होगी। निर्धारित समयावधि पश्चात् संस्था द्वारा बच्चों के दत्तक ग्रहण विनियम 2022 के विनियम 25के प्रावधानानुसार नवीनीकरण कराया जा सकेगा।
3. दत्तक ग्रहण प्रक्रिया में दत्तक ग्रहण विनियम 2022 के विनियम 46 के प्रावधान अनुसार समय सीमा का पालन करना होगा।
4. किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 यथा संशोधित 2021 की धारा 65 (4) तथा दत्तक ग्रहण विनियम 2022 के विनियम 26 के प्रकाश में संस्था की मान्यता निलंबित अथवा प्रतिसंहरण की जा सकेगी ।
5. संस्था को निर्धारित मापदण्ड अनुसार बच्चों के लिए सुविधाएॅ उपलब्ध कराया जाना आवश्यक होगा । 6. मान्यता प्रदान की जाने वाली विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरणों द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 यथा संशोधित 2021 किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) नियम 2016 यथा संशोधित 2022 दत्तक ग्रहण विनियम 2022 तथा बच्चों की सुरक्षा देखरेख एवं संरक्षण के लिए विद्यमान सभी कानूनो/वैधानिक प्रावधानो का पालन किया जाना अनिवार्य होगा ।
7. संस्था के कर्मचारियों व पदाधिकारियों को बैठक व प्रशिक्षण हेतु नामांकित किये जाने की दशा में उपस्थिति अनिवार्य होगी।
8. संस्था दत्तक ग्रहण हेतु दत्तक ग्रहण विनियम 2022 के विनियम 49 के लिए प्रावधान अनुसार निर्धारित शुल्क लेने का अधिकार होगा। प्रत्येक शुल्क/दान का विवरण राज्य बाल संरक्षण समिति को उपलब्ध कराया जाना आवश्यक होगा। प्राप्त शुल्क/दान का उपयोग बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण पर किया जाना होगा। 9. संस्था के संचालन/बच्चों की देखरेख व संरक्षण /अन्य प्रशासकीय कार्यवाहियों के लिएकेन्द्र सरकार/राज्य सरकार/जिला प्रशासन द्वारा समय समय पर प्रसारित निर्देशो का पालन अनिवार्य होगी ।
10. संस्था को निर्दिष्ट स्थानो में " क्रेडल बेबी रिसेप्शन सेंटर" की स्थापना करनी होगी।
11. संस्था को केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण नई दिल्ली के द्वारा बनाये गये केयरिग्स वेबसाइट पर पंजीयन कराते हुए सभी सुसंगत विवरण दर्ज करना अवश्यक होगा। 12. संस्था का निरीक्षण राज्य/जिला स्तर पर नामांकित अधिकारियों/प्रतिनिधियों /समितियों द्वारा किया जायेगा। संस्था निरीक्षण में सहयोग करेगी तथा निरीक्षण/परीक्षण/अवलोकन के लिए सभी दस्तावेज उपलब्ध करायेगी। 13. संस्था के अंतिम लेख व सुसंगत ब्यय की जानकारी सभी निरीक्षणकर्ताओं के अवलोकन हेतु उपलब्ध कराना होगा भले ही संस्था शासकीय अनुदान प्राप्त न करती हो।
14. संस्था के संचालन/बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण/अन्य प्रशासकीय कार्यवाहियों के लिए केन्द्र सरकार /राज्य सरकार /जिला प्रशासन द्वारा समय -समय पर प्रसारित निर्देशो का पालन अनिवार्य होगा। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
शम्मी आबिदी, सचिव.