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Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

"छत्तीसगढ़ मिनी-मॉल निवेश प्रोत्साहन नियम, 2025" संबंधी

Published 14 October 2025

Department
वाणिज्य और उद्योग विभाग
Type
Extraordinary
Gazette no.
799
Notification no.
क्रमांक GENS-2101/5153/2025-COMM. & INDUS
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-10-14.799
Languages
English, Hindi

00000

छत्तीसगढशासन

पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/ दुर्ग/ 09 / 2013-2015. "

B

सत्यमेव जयते

"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 ."

छत्तीसगढ़ राजपत्र

(असाधारण)

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 799]

नवा रायपुर, मंगलवार, दिनांक 14 अक्टूबर 2025- अश्विन 22 , शक 1947

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग मंत्रालय , महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर

नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 14 अक्टूबर 2025

अधिसूचना

क्रमांक GENS - 2101 / 5153 /2025 - COMM . & INDUS.- राज्य शासन , एतद् द्वारा , औद्योगिक विकास नीति 2024-30 की कंडिका ( 12.13) ( ई) के अंतर्गत मल्टीप्लेक्स युक्त मिनी-मॉल की स्थापना में प्रोत्साहन हेतु निम्नानुसार नियम निर्मित करता है , अर्थात -

नियम

1. नाम एवं प्रभावी दिनांक -

(1) (1 ) ये नियम " छत्तीसगढ़ मिनी -मॉल निवेश प्रोत्साहन नियम , 2025 " कहलाएंगे ।

(2) ये नियम राजपत्र में प्रकाशन दिनांक से प्रभावशील होंगे ।

2. परिभाषा -

(1) " मल्टीप्लेक्स युक्त मिनी- मॉल " से आशय ऐसे व्यावसायिक परिसर से है जिसमें कम से कम 8000 वर्ग फीट का कारपेट एरिया ( आबंटन योग्य एरिया , कॉमन एरिया, पार्किंग को छोड़कर) हो और जिसमें एक मल्टीप्लेक्स (एक से अधिक स्क्रीन सहित सिनेमा हॉल) सम्मिलित हो , साथ ही अन्य व्यावसायिक इकाइयाँ जैसे न्यूनतम 5 रिटेल स्टोर , फूड कोर्ट (रिटेल स्टोर के अतिरिक्त) , भी सम्मिलित हों ।

(2) "नीति" से आशय है , औद्योगिक विकास नीति 2024-30

(3) अन्य शब्दों की परिभाषाएँ नीति के परिशिष्ट-1 के अनुसार होगी ।

3. पात्रता की शर्तें -

(1) इन नियमों के अंतर्गत निवेश प्रोत्साहन प्राप्त करने हेतु यह आवश्यक होगा कि परियोजना को नीति कीकालावधि में सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई हो ।

(2 ) मल्टीप्लेक्स युक्त मिनी - मॉल की इकाई केवल उन क्षेत्रों में पात्र मानी जाएगी , जहाँ पहले से कोई मल्टीप्लेक्स युक्तमिनी- मॉल संचालित नहीं है । इसकी प्रमाणिकता संबंधित जिला प्रशासन द्वारा निर्गत प्रमाणपत्र से निर्धारित की जाएगी ।

(3 ) मुल्टीप्लेक्स में न्यूनतम 35 फुट (चौड़ाई) एवं 15 फुट (ऊंचाई) के स्क्रीन एवं कुल न्यूनतम् 100 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होना अनिवार्य होगा । मिनी- मॉल में न्यूनतम 5 रिटेल स्टोर (फूड कोर्ट के अतिरिक्त) होना आवश्यक होगा । साथ ही अनुमोदित मानचित्र अनुसार पार्किंग की उपयुक्त व्यवस्था एवं अग्नि सुरक्षा की व्यवस्था अनिवार्य होगी ।

(4) केवल वही निजी निवेशक इस योजना के अंतर्गत लाभ हेतु पात्र होंगे जो कुम से कम ₹ 5 करोड़ की न्यूनतम पूंजीगत निवेश ( भूमि लागत को छोड़कर ) करें । स्थायी पूंजी निवेश में भवन निर्माण, आंतरिक ढाँचा, उपस्कर, फर्नीचर, मल्टीप्लेक्स प्रक्षेपण यंत्रणा, एस्केलेटर , लिफ्ट, पार्किंग ढांचा, अग्नि सुरक्षा यंत्र सम्मिलित होंगे । भूमि की लागत , कार्यशील पूंजी, प्री - आपरेटिव व्यय इस पूंजीगत व्यय में सम्मिलित नहीं मानी जाएगी ।

पट्टे की भूमि/ भवन पर स्थापित होने वाले मल्टीप्लेक्स युक्त मिनी - मॉल हेतु आवश्यक होगा कीपट्टे की अवधिन्यूनतम 11 वर्ष हो ।

4. प्रक्रिया -

(1 ) उद्योग संचालनालय द्वारा इस नियम के राजपत्र में प्रकाशन के पश्चात सभी जिलों से पात्र नगरीय क्षेत्रों एवं नगरीय क्षेत्रों से भिन्न विकासखण्ड मुख्यालयों हेतु जिला प्रशासन से नीति की शर्तों के

1597 1598

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 14 अक्टूबर 2025

अनुसार प्रमाण पत्र प्राप्त कर मल्टीप्लेक्स युक्त मिनी - मॉल की स्थापना हेतु निजी निवेशकों से आवेदन प्राप्त करने हेतु विज्ञापन जारी किया जाएगा।

22 उद्योग संचालनालय जिला प्रशासन की अनुशंसा पर किसी पूर्व निर्धारित स्थल पर निजी निवेशक द्वारा मल्टीप्लेक्स युक्त मिनी - मॉल की स्थापना हेतु भी विज्ञापन जारी कर सकेगा । विज्ञापन जारी होने के दिनांक से न्यूनतम 45 दिवस का समय आवेदन प्राप्ति हेतु प्रदान किया जाएगा । निर्धारित समयावधि में एक भी आवेदन प्राप्त न होने की स्थिति में उद्योग सँचालनालय द्वारा अवधि 45-45 दिवस बढ़ाई जा सकेगी ।

(3) इच्छुक निवेशकों को आवेदन , उद्यम आकांक्षा प्रमाण पत्र तथा विस्तृत परियोजना का प्रतिवेदन के साथ उद्योग संचालनालय में प्रस्तुत करना होगा। प्रस्ताव में परियोजना की संक्षिप्त रूपरेखा , निवेश लागत का विवरण , स्थल का चयन , आर्किटेक्चरल प्लान , संभावित रोजगार के आंकड़े , सम्मिलित होनी चाहिए ।

(4) आवेदन प्राप्त होने पर उद्योग संचालनालय द्वारा आवेदन का परीक्षण कर जानकारी /उपरोक्तानुसार दस्तावेज अपूर्ण/त्रुटिपूर्ण होने की स्थिति में इकाई का आवेदन , सभी बिंदुओं का स्पष्ट उल्लेख करते हुए , इकाई को आवेदन प्राप्ति से 15 दिवस के भीतर वापस किया जावेगा । 60 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण का जवाब प्रस्तुत न करने पर आवेदन स्वमेय निरस्त हो जाएगा । पूर्ण आवेदन प्राप्त होने पर आवेदन राज्य स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा । राज्य स्तरीय समिति का गठन निम्नानुसार किया जाता है , -

(i) आयुक्त/संचालक उद्योग अथवा उनके द्वारा नामांकित प्रतिनिधि अध्यक्ष

(ii) संबंधित जिले के कलेक्टर अथवा उनके प्रतिनिधि सदस्य

(iii) प्रबंध संचालक , सीएसआईडीसी अथवा उनके प्रतिनिधि, जो मुख्य महाप्रबंधक से अनिम्न स्तर के हों सदस्य

(iv) मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग अथवा उनके प्रतिनिधि, जो कार्यपालन अभियंता से अनिम्न स्तर के हों - सदस्य

(v) संचालक नगर तथा ग्राम निवेश अथवा उनके प्रतिनिधि , जो उपसंचालक से अनिम्न स्तरके हों - सदस्य

( vi ) . संचालक, नगरीय प्रशासन/ पंचायत एवं ग्रामीण विकास अथवा उनके प्रतिनिधि , जो उपसंचालक से अनिम्न स्तर के हों सदस्य

(vii ) उद्योग संचालनालय के अधिकारी , जो उपसंचालक से अनिम्न स्तर के हों - सदस्य सचिव

समिति का कोरम 4 होगा । समिति आवश्यक्तानुसार किसी विषय विशेषज्ञ /विशेष सदस्य को आमंत्रित कर सकेगी ।

राज्य स्तरीय समिति प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन कर पात्र आवेदनों का चयन करेगी । पात्र आवेदनों को प्रस्तावित निवेश के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा एवं उनके प्रस्ताव का तकनीकी रूप से परीक्षण किया जाएगा । पात्र आवेदनों में सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव को समिति द्वारा चयनित किया जाएगा । निवेश की गणना में नियम 3 (4) में उल्लेखित मदों में निवेश को मान्य किया जाएगा । प्रस्तावित निवेश की गणना लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी दर अनुसूची ( SOR ) अथवा रु 3000 प्रति वर्गफुट , जो न्यूनतम हो , के आधार पर किया जाएगा। समिति की अनुशंसा के आधार पर उद्योग संचालनालय द्वारा आवेदक के पक्ष में सैद्धांतिक स्वीकृति जारी किया जाएगा ।

(5) . सैद्धांतिक स्वीकृति के पश्चात इकाई को स्टाम्प शुल्क से पूर्ण छूट हेतु , प्रमाण पत्र जारी होने के दिनांक से 6 माह के र्भीतर् संबंधित् जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र/ उद्योग संचालनालय में ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करना होगा । आवेदनों का निराकरण स्टाम्प शुल्क छूट हेतु जारी अधिसूचना के अनुसार किया जाएगा .

(6 ) सैद्धांतिक स्वीकृति के पश्चात भू- पुनर्निधारण कर ( डायवर्सन शुल्क) में 100 प्रतिशत की छूट हेतु पात्र होगी ।

(7) भू- पंजीयन शुल्क प्रतिपूर्ति एवं अधोसंरचना अनुदान की प्रक्रिया नियम 5 के अनुसार होगी । (8) निवेश प्रोत्साहन हेतु पात्र होने के लिए डेवलपर को , सैद्धांतिक स्वीकृति के पश्चात अधिकतम 1598 ( 1 )

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36 माह में परियोजना पूर्ण कर संचालन प्रारंभ करना अनिवार्य होगा । यह अवधि गुण दोष के आधार पर संचालक उद्योग द्वारा 2 बार 12-12 माह के लिए बढ़ाई जा सकेगी ।

5. अधोसंरचना अनुदान एवं भू- पंजीयन शुल्क प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया

(1) अधोसंरचना अनुदान हेतु मल्टीप्लेक्स युक्तमिनी - मॉल की स्थापना का कार्य पूर्ण होने के पश्चात निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन आवेदन करना होगा । आवेदन पत्र के साथ निम्नांकित अभिलेख संलग्न करने होंगे -

(i) निर्धारित प्रारूप में चार्टर्ड एकाउंटेड का निवेश प्रमाण पत्र ।

(ii ) निर्धारित प्रारूप में चार्टर्ड इंजीनियर का वैल्युएशन प्रमाण पत्र।

(iii ) निर्धारित प्रारूप में शपथ - पत्र ।

(2) अधोसंरचनाना अनुदान की दर एवं अधिकतम सीमा नीति के अनुसार होगी । प्राप्त आवेदनों को सदस्य सचिव द्वारा जिला स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा ।

(3) मल्टीप्लेक्स युक्त मिनी- मॉल की स्थापना हेतु किये गये व्ययों के संबंध में समिति द्वारा चार्टर्ड अकाउंटेंट, चार्टर्ड इंजीनियर के प्रमाण पत्र एवं निरीक्षण दल के प्रतिवेदन के आधार पर निर्णय लिया जाएगा । निरीक्षण दल में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, लोक निर्माण विभाग तथा संबंधित स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि होंगे । निवेश की गणना लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी दर अनुसूची ( SOR ) के आधार पर किया जाएगा ।

(4) अधोसंरचना अनुदान की स्वीकृति व वितरण निम्नानुसार 5 किश्तों में किया जाएगा-

(क) प्रथम किश्त 40 प्रतिशत , सैद्धांतिक स्वीकृति में उल्लेखित निवेश के अनुसार परियोजना पूर्ण होने पर तथा सक्षम अधिकारी द्वारा अधिभोग प्रमाणपत्र (Occupancy Certificate)/ पूर्णता प्रमाणपत्र ( Completion Certificate ) जारी होने पर । सैद्धांतिक स्वीकृति में उल्लेखित निवेश से अधिकतम 10 % विचलन मान्य होगा, परंतु यह निवेश प्राप्त निवेश प्रस्तावों में द्वितीय अधिकतम निवेश से अधिक होना अनिवार्य है ।

(ख) भू- पंजीयन शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान् प्रथम किश्त के साथ किया जाएगा । भू- पंजीयन शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु आवेदक को आवेदन के साथ डीड प्रस्तुत करना होगा ।

(ग) द्वितीय किश्त 30 प्रतिशत की स्वीकृति एवं मल्टीप्लेक्स का संचालन प्रारंभ होने तथा न्यूनतम 50 % ( आबंटन योग्य) क्षेत्र आबंटित होने पर किया जाएगा ।

(घ) तृतीय किश्त, चतुर्थ किश्त एवं पंचम किश्त (प्रत्येक 10 प्रतिशत) , द्वितीय किश्त के पश्चात आगामी 3 वित्तीय वर्षों में, मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक संबंधित जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा मल्टीप्लेक्स युक्त मिनी- मॉल के संचालन की पुष्टि उपरांत ।

(5) प्रकरण स्वीकृति योग्य होने पर सदस्य सचिव द्वारा निर्धारित प्रारूप में स्वीकृति आदेश जारी कियेजायेंगे।

(6) प्रकरण निरस्तीकरण योग्य होने पर आवेदक को अपना पक्ष रखने का एक मौका देते हुए समिति द्वारा निर्णय लिया जाएगा ।

(7) भारत शासन/राज्य शासन के किसी अन्य विभाग/निगम/मण्डल/बोर्ड/आयोग/संस्था से समान प्रकृति का अनुदान प्राप्त होने की दशा में इस नियम के तहत् अंतर की राशि देय होगी ।

(8) उद्योग संचालनालय द्वारा अधोसंरचना अनुदान स्वीकृति के क्रम के आधार पर बजट में राशि कीउपलब्धता होने पर वित्रण किया जावेगा । बजट उपलब्धता के अभाव में अनुदान की राशि देने में विलंब होने पर विभाग का कोई दायित्व नहीं होगा ।

(9) बजट आबंटन उपलब्ध होने पर उद्योग संचालनालय द्वारा संबंधित वित्तीय संस्था/बैंक को अनुदान की राशि सीधे डेवलपर के ऋण खाते में जमा करने हेतु आर.टी.जी.एस. (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) पद्धति अथवा तत्समय इकाई के खाते में सीधे अनुदान जमा करने की पद्धति अनुसार प्रेषित की जावेगी , जिसे सबंधित वित्तीय संस्था/बैंक द्वारा तुरंत औद्योगिक इकाई के ऋण खाते में जमा 1598 ( 2)

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करना होगा ।

6. अपील -

(1) उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग द्वारा पारित किसी आदेश के विरूद्ध भारसाधक मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग को , आदेश संसूचित किये जाने के दिनांक से 45 दिवसों के भीतर अपील की जा सकेगी ।

(2) अपील शुल्क रुपये 5000 का भुगतान करने पर ही अपील स्वीकार होगी । परन्तु, अनुसूचित जाति/जनजाति, निःशक्त , नक्सलवाद से प्रभावित परिवार/व्यक्ति अथवा आत्मसमर्पित नक्सली वर्ग के अपीलार्थी हेतु अपील शुल्क रुपये 2500 देय होगा ।

7. मल्टीप्लेक्स युक्त मिनी - मॉल के डेवलपर के अधिकार एवं दायित्व -

(1) डेवलपर द्वारा मल्टीप्लेक्स , रिटेल स्टोर, फूड कोर्ट को विक्रय किया जा सकेगा अथवा किराये/लीज़ पर दिया जा सकेगा ।

(2) डेवलपर् द्वारा परियोजना हेतु उनके स्थायी नियोजन में नीति की कंडिका ( 12.19 ) में उल्लेखित प्रावधान के अनुसार राज्य के मूल निवासियों को रोजगार प्रदान करना आवश्यक होगा । (3) अंतिम अनुदान स्वीकृत दिनांक से न्यूनतम 5 वर्षों तक मल्टीप्लेक्स युक्त मिनी - मॉल के संचालन का दायित्व डेवलपर का होगा ।

(4) अंतिम अनुदान स्वीकृति दिनांक से न्यूनतम 5 वर्षों तक मिनी - मॉल का प्रबंधन किसी और व्यक्ति/ संस्था/ कंपनी को, आँयुक्त/संचालक उद्योग की पूर्वानुमति के बिना, स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।

8. छूट/अनुदान की वसूली -

( 1 ) अनुदान की वसूली की जा सकेगी यदि

कि (i ) डेवलपर के पक्ष में अनुदान की स्वीकृत राशि भुगतान हो जाने के पश्चात यह पाया जाता है कि डेवलपर द्वारा कोई तथ्य छुपाये गये है/तथ्यों को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया है या सही जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई है व इस प्रकार गलत तरीके से अनुदान स्वीकृत हुआ है/अनुदान प्राप्त किया गया है ।

(ii ) डेवलपर द्वारा राज्य के मूल निवासियों को निर्धारित प्रतिशत में रोजगार उपलब्ध कराने के पश्चात यदि बाद में रोजगार से वंचित किया जाता है व इस कारण अकुशल, कुशल व प्रबंधकीय/प्रशासकीय वर्ग में दिये जाने वाले रोजगार का प्रतिशत नीति में निर्धारित प्रतिशत (न्यूनतम सीमा ) से कम हो जाता है ।

(iii ) मल्टीप्लेक्स युक्त मिनी- मॉल की स्थापना से संबंधित प्रगति/ सुविधाओं को दर्शाने वाली स्थिति विवरण उद्योग संचालनालय को पार्क की स्थापना से 5 वर्ष की अवधि तक उपलब्ध न कराई जाए ।

(iv ) डेवलपर को पात्रता से अधिक अनुदान की प्राप्ति हो गई हो तो अतिरिक्त राशि वसूली योग्यहोगी।

(v ) यदि डेवलपर द्वारा मल्टीप्लेक्स युक्त मिनी- मॉल की स्थापना का कार्य प्रारम्भ करने के पश्चात मध्य अवधि में छोड़ दिया जाता है/नहीं किया जाता है ।

(2) उपरोक्त अनुसार उद्योग आयुक्त/ संचालक द्वारा सुनवाई पश्चात स्वीकृति आदेश के निरस्तीकरण आदेश जारी किये जायेंगे/निरस्तीकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही की जावेगी एवं दी गई अनुदान / छूट की राशि 12.5 % वार्षिक साधारण ब्याज के साथ वसूल की जावेगी ।

(3 ) वसूल की जाने वाली राशि भू- राजस्व के बकाया की वसूली के सदृश्य भी की जा सकेगी । 9. क्रियान्वयन-

( 1 ) इन नियमों के अन्तर्गत कार्यकारी निर्देश जारी करने , आवेदन पत्र, निरीक्षण / परीक्षण प्रतिवेदन के 1598 ( 3)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 14 अक्टूबर 2025

प्ररूप में संशोधन हेतु आयुक्त/संचालक उद्योग सक्षम होंगे एवं क्रियान्वयन से संबंधित किसी मुद्दे पर जिला व्यापार एवं उद्योग केंन्द्रों द्वारा मार्गदर्शन मांगे जाने पर आयुक्त/ संचालक उद्योग द्वारा मार्गेदर्शन दिया जाएगा ।

(2 ) इन नियमों की व्याख्या , प्रतिपूर्ति की पात्रता या अन्य विवाद की दशा में राज्य शासन का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा ।

(3 ) इस नियम के अंतर्गत आवेदन , निरीक्षण प्रतिवेदन एवं प्रमाण पत्र के प्रारूप निर्धारित करने हेतु संचालक उद्योग सक्षम होंगे ।

(4) राज्य शासन द्वारा नीति में संशोधन किए जाने की स्थिति में उक्त संशोधन इस नियम में यथास्थिति लागू होंगे ।

(5) नीति की कालावधि में प्राप्त होने वाले आवेदनों तथा इस नियम के राजपत्र में प्रकाशन दिनांक को लंबित सभी आवेदनों का निराकरण इस नियम के अनुसार किया जाएगा ।

( 6 ) इन नियमों का क्रियान्वयन उद्योग संचालनालय एवं उनके अधीनस्थ जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों द्वारा किया जाएगा ।

10. विविध-

(1 ) इन नियमों के अलग- अलग भाषाओं में संस्करण जारी करने हेतु आयुक्त/संचालक उद्योग सक्षम होंगे । विभिन्न भाषाओं के संस्करण में किसी विवाद की स्थिति में हिन्दी संस्करण मान्य होगा ।

(2 ) इन नियमों के अन्तर्गत राज्य के न्यायालय में ही कोई वाद दायर किया जा सकेगा।

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रजत कुमार , सचिव.

संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , नवा रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2025 .

Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 14 October 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-10-14.799/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-10-14.799.