शासन
छत्तीसगढ़
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/ दुर्ग/ 09 / 2013-2015 . "
सत्यमेव जयते
" बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान ( बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 . "
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 813]
नवारायपुर, बुधवार, दिनांक 15 अक्टूबर 2025 अश्विन 23 , शक1947
सहकारिता विभाग
मंत्रालय , महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 15 अक्टूबर 2025
अधिसूचना
क्रमांक / एफ 15-11 /15-02 / 2025 / 21 / 3136 .- छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 16 - ग की उप- धारा (1 ) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन द्वारा प्रदेश के प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों को पुनर्गठित करने के लिये "जिला बस्तर, छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना, 2025 " विभाग के अधिसूचना क्रमांक / एफ 15-11 /15-02 / 2025 / 21 / 1106 दिनांक 02.04.2025 जारी की गई थी ।
2// पंजीयक, सहकारी संस्थाएं , छत्तीसगढ़ के प्रस्ताव दिनांक 23.06.2025 द्वारा जिला बस्तर में विद्यमान 52 सोसाइटियों का पुनर्गठन कर 09 नवीन सोसाइटियों का गठन करना प्रस्तावित किया है , जिसके लिए विभाग द्वारा जिला बस्तर के समितियों के पुनर्गठन हेतु अधिसूचना क्रमांक एफ / एफ 15-11 /15-02 / 2025 / 21 / 1912 दिनांक 07.08.2025 जारी की गई , जिसमें संबंधित सदस्य / व्यक्ति या हितबद्ध पक्षकार से दिनांक 22.08.2025 तक अभ्यावेदन , दावा या आपत्ति प्रस्तुत करने हेतु समयावधि निर्धारित की गई थी ।
3 // निर्धारित समयावधि में जिला बस्तर की समितियों के पुनर्गठन हेतु 05 अभ्यावेदन, दावा या आपत्ति प्राप्त हुई , जिसमें से सभी 05 आवेदनों को अमान्य किया गया ।
4// विभाग द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक / एफ 15-11 /15-02 / 2025 / 21 /1106 दिनांक 02.04.2025 की कंडिका क्रमांक -5 की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात राज्य शासन , एतद्वारा , जिला बस्तर में विद्यमान 52 सोसाइटियों का पुनर्गठन कर अनुसूची दो में उल्लेखित 09 नवीन सोसाइटियों का गठन करने की कार्यवाही हेतु " जिला बस्तर छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना , 2025 " एवं अनुसूची एक, दो एवं तीन को अंतिम रूप से अभिप्रमाणित कर प्रकाशित करता है ।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
सी.आर. प्रसन्ना, सचिव.
1625 1626
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2025
जिला बस्तर , छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन
योजना , 2025
01. संक्षिप्त नाम , प्रारंभ तथा विस्तार :-
(क) यह योजना "जिला बस्तर , छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना, 2025 " कहलाएगी ।
(ख) यह योजना छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण ) में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावशील होगी ।
(ग) यह योजना छत्तीसगढ़ राज्य के जिला बस्तर की उन प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों के लिए लागू होगी , जो अनुसूची एक, दो एवं तीन में अधिकथित है ।
02. परिभाषाएँ:- इस योजना में जब तक कि सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न होः-
(क) "अधिनियम" से अभिप्रेत है , छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम , 1960 (क्र. 17 सन् 1961 ) ।
(ख) " नियम " से अभिप्रेत है , छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी नियम , 1962 ।
(ग) " पुनर्गठन" से अभिप्रेत है, इस योजना में अधिकथित अनुसार किसी विद्यमान सोसाइटी के कार्यक्षेत्र आस्तियों , दायित्वों तथा सदस्यता आदि का किसी अन्य सोसाइटी को भागतः या पूर्णतः अन्तरण अथवा विभाजन द्वारा नवीन सोसाइटी का गठन ।
(घ) " प्रभावित सोसाइटी" से अभिप्रेत है, कोई ऐसी विद्यमान सोसाइटी जिससे किसी अन्य सोसाइटी को कार्यक्षेत्र , आस्तियां, दायित्व तथा सदस्यता आदि अन्तरित की गई हो ।
(ङ) " परिणामी सोसाइटी " से अभिप्रेत है , कोई ऐसी विद्यमान सोसाइटी जिसे किसी प्रभावित सोसाइटी का कार्यक्षेत्र , आस्तियां, दायित्व तथा सदस्यता आदि अन्तरित की गई हो ।
(च ) " नवीन सोसाइटी" से अभिप्रेत है , कोई ऐसी सोसाइटी जो विद्यमान नहीं हो परन्तु जिसे इस योजना के परिणामस्वरूप रजिस्ट्रीकृत किया जाए ।
(छ) "बैंक" से अभिप्रेत है , छत्तीसगढ़ राज्य की जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित , जगदलपुर ।
(ज ) "रजिस्ट्रार" से अभिप्रेत है , सहकारी सोसाइटियों का रजिस्ट्रार अथवा छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 के अधीन नियुक्त रजिस्ट्रार की शक्तियां जिसे प्रयोक्त हो.
03 पुनर्गठन की रीति : -
(क) किसी विद्यमान सोसाइटी के कार्यक्षेत्र , आस्तियों , दायित्वों , कर्मचारी वृन्द तथा सदस्यता आदि को किसी अन्य एक या अधिक विद्यमान सोसाइटियों को भागतः या पूर्णतः अन्तरित करके , या
(ख) किसी विद्यमान सोसाइटी या सोसाइटियों को विभाजित करके , या 1626 ( 1)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2025
(ग ) किसी विद्यमान सोसाइटी या किन्हीं विद्यमान सोसाइटियों को उक्त (क) एवं (ख ) दोनों में उल्लेखित रीतियों से किया जायेगा ।
04. पुनर्गठन : - नियत तिथि से -
(क) "अनुसूची- एक"के कॉलम (2) में अधिकथित विद्यमान सोसाइटियों के कार्यक्षेत्र में से कॉलम (3) में अधिकथित कार्यक्षेत्र अपवर्जित हो जाएगा और ऐसा अपवर्जित कार्यक्षेत्र उसी के समक्ष कॉलम (4) में अधिकथित विद्यमान सोसाइटियों के कार्यक्षेत्र में सम्मिलित हो जाएगा ।
(ख) " अनुसूची - दो " के कॉलम (2 ) में अधिकथित विद्यमान सोसाइटियों का विभाजन कॉलम ( 3 ) में अधिकथित नवीन सोसाइटियों में हो जाएगा तथा ऐसी नवीन सोसाइटियों के कार्यक्षेत्र कॉलम (4) में उनके समक्ष अधिकथित अनुसार होंगे । (ग ) " अनुसूची - तीन " के कॉलम (2 ) में अधिकथित विद्यमान सोसाइटियों के कार्यक्षेत्र में से कॉलम (3 ) में अधिकथित कार्यक्षेत्र अपवर्जित हो जाएगा और ऐसा अपवर्जित कुछ क्षेत्र उन्हीं के समक्ष कॉलम (4 ) में अधिकथित विद्यमान सोसाइटियों के कार्यक्षेत्र में सम्मिलित हो जाएगा तथा कुछ क्षेत्र उन्हीं के समक्ष कॉलम (5 ) में अधिकथित नवीन सोसाइटियों का कार्यक्षेत्र हो जाएगा ।
05. सदस्यता , आस्तियां एवं दायित्व :-
(क) प्रभावित सोसाइटियों के अपवर्जित कार्यक्षेत्र से संबंधित सदस्यता, आस्तियां एवं दायित्व उन परिणामी सोसाइटियों को अन्तरित हो जाएंगे जिन्हें ऐसे अपवर्जित कार्यक्षेत्र अन्तरित हुए हों ।
(ख) प्रभावित सोसाइटियों के ऐसे अपवर्जित कार्यक्षेत्र जिनसे नवीन सोसाइटियों का गठन हो रहा हो , से सम्बंधित सदस्यता , आस्तियां एवं दायित्व नवीन सोसाइटियों की सदस्यता , आस्तियां एवं दायित्व होंगे ।
(ग ) आस्तियों तथा दायित्वों का विभाजन सामान्यतया दिनांक 31 मार्च , 2026 की स्थिति में किया जाएगा ।
06. रजिस्ट्रेशन / निरसन :-
(क) इस योजना के कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप जिन नवीन सोसाइटियों का गठन होना आशायित होगा उनके रजिस्ट्रीकरण के आदेश, प्रमाण पत्र तथा उपविधियां रजिस्ट्रार के द्वारा या उसके अधीनस्थ ऐसे संयुक्त / उप / सहायक रजिस्ट्रार के द्वारा तैयार किये एवं जारी किये जाएंगे , जो अधिनियम की धारा 9 के अधीन रजिस्ट्रीकरण करने के लिए सशक्त होगा ।
(ख) जहाँ आवश्यक हो वहाँ ऐसी प्रभावित सोसाइटियों , जिनके अस्तित्व को बनाये रखना आवश्यक नहीं होगा , के रजिस्ट्रीकरण को सक्षम अधिकारी द्वारा संबंधित विधि अनुसार रद्द किया जावेगा ।
07. कर्मचारीवृन्द:-
(क) नवीन सोसाइटियों में प्रबन्धक की नियुक्ति नियमों के अनुसार की जाएगी । 1626 ( 2)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2025
(ख ) प्रभावित सोसाइटियों के कर्मचारीवृन्द मूल सोसाइटियों के कर्मचारी हो जाएंगे । इस संबंध में रजिस्ट्रार के द्वारा जारी किए जाने वाले निर्देशो / मार्गदर्शन के अनुसार कर्मचारीवृन्द परिणामी सोसाइटियों में अन्तरित किए जा सकेंगे ।
08. अधिकार, हित और कर्तव्य आदि : -
(क) परिणामी सोसाइटियों को अन्तरित कार्यक्षेत्र से सम्बन्धित समस्त अधिकार , हित , कर्तव्य बाध्यताएँ आदि उनमें ही निहित होंगी ।
(ख) नवीन सोसाइटियों में उनके कार्यक्षेत्र से सम्बन्धित समस्त अधिकार, हित कर्तव्य , बाध्यताएँ आदि निहित होंगी ।
09. विवाद :- इस योजना से प्रभावित सदस्यता , आस्तियों , दायित्यों एवं कर्मचारीवृन्द विषयक कोई भी विवाद छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम , 1960 की धारा 64 के अधीन संयुक्त रजिस्ट्रार / रजिस्ट्रार द्वारा निराकृत किया जाएगा ।
10. आदेश जारी करने की शक्तियां : - इस योजना के क्रियान्वयन में आने वाले कठिनाइयों, समस्याओं , विवादों आदि को दूर करने तथा योजना के क्रियान्वयन को सुकर बनाने के लिए राज्य सरकार तथा रजिस्ट्रार ऐसे अनुषांगिक और परिणामिक आदेश कर सकेंगे जैसा कि परिस्थितियों द्वारा अपेक्षित हो , यह और भी कि रजिस्ट्रार समय - समय पर ऐसा निर्देश / मार्गदर्शन भी जारी कर सकेगा , जैसा कि वह आवश्यक समझे ।
संलग्न :- अनुसूची - एक, दो एवं तीन । 1626 (3)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2025
जिला बस्तर , छत्तीसगढ. की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन
योजना 2025
अनुसूची - एक
संबद्ध बैंक – जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर
क्र.
विद्यमान सोसायटी जिसमें अपवर्जित क्षेत्र जुड़ा है (परिणामी सोसायटी)
अपवर्जित कार्यक्षेत्र (ग्रामों
का नाम)
विद्यमान सोसायटी जो प्रभावित है (प्रभावित सोसायटी)
4
2
3
1
1
निंरक 1626( 4)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2025
जिला बस्तर , छत्तीसगढ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसायटियों की पुर्नगठन
योजना-2025
अनुसूची-दो
संबद्ध बैंक : जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर
क्रमांक
नवीन सोसायटी
विद्यमान सोसायटी जो प्रभावित है (प्रभावित सोसायटी)
1
2
1
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या. बजावंण्ड
नवीन सोसायटी की कार्यक्षेत्र (ग्गप्रमो का नाम) 3
4
उलनार
पाईपपाल
आदिम जाति सेवा
सहकारी समिति मर्या.
उलनार
2
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या . लामकेर
टलनार
नदीसागर
पराली
बोडनपाल
आदिम जाति सेवा
सहकारी समिति मर्या .
नदीसागर
3
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या . रेटावंण्ड
पल्लीचकवा
बडेचकवा
खोरखोसा
मावलीगुडा
पिपलावंण्ड
सितलावंण्ड
आदिम जाति सेवा
सहकारी समिति मर्या.
खोरखोसा
4
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या. कोलचूर
बालेगा
दुबेउमरगांव
गुफनी
चोकर
महुपालवारी
घाटकवाली
आदिम जाति सेवा
सहकारी समिति मर्या.
चोकर
5
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या. भानपुरी
मुंण्डापाल
मरलेगा
बाकेल
कुगारपाल
गुमगा
आदिम जाति सेवा
सहकारी समिति मर्या.
बाकेल
6
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या. जैबेल
बेसोली
बोडनपाल
छिन्दगांव
सौरा
तोगकोगेरा
आदिम जाति सेवा
सहकारी समिति मर्या.
छिन्दगांव
आमादुला 1626 (5)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2025
सुवाचोण्ड
चिउरगांव
बागराय
7
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या. करपावंण्ड
बगलाडोगरी
आदिम जाति सेवा
सहकारी समिति मर्या.
चिउरगांव
चोकनार
मारीगुडा
छापरभानुपरी -01
छापरभानुपरी-02
चोण्डीमेटावाडा
सोनारपाल
सिंगनपुर
तारागांव
8
घाटधनोरा
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या. सिरिसगुडा
टिकराधनोरा
आदिम जाति सेवा
सहकारी समिति मर्या .
छापरभानपुरी
घाटसरगीपाल
मरकापाल
तोतर
छिन्दबाहर
कोण्डालूर
कलचा
कुम्हरावंण्ड
गरावंण्ड कला
भाटागुडा
9
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या . माड़पाल
तुरेनार
आदिम जाति सेवा
सहकारी समिति मर्या.
गरावंड कला
मोरठपाल
नेगीगुडा
गरावंण्ड खुर्द 1626 ( 6)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2025
जिला बस्तर, छत्तीसगढ. की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना 2025
अनुसूची - तीन
संबद्ध बैंक – जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर
क्र.
अपवर्जित कार्यक्षेत्र (ग्रामों का नाम)
विद्यमान सोसायटी जो प्रभावित है (प्रभावित सोसायटी)
नवीन सोसायटी जिसमें आपवर्जित क्षेत्र जुडा है ।
विद्यमान सोसायटी जिसमें अपवर्जित क्षेत्र जुड़ा है (परिणामी सोसायटी)
4
5
2
1
3
1
निंरक
संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय, नवा रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2025.