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Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 (क्र. 24 सन् 1973) संबंधी

Published 03 November 2025

Department
कृषि विभाग
Type
Extraordinary
Gazette no.
843
Notification no.
क्र./28202/RULE-503/16/Ag. Sec.(Tech.)
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-11-03.843
Languages
English, Hindi

शासन

छत्तीसगढ़

पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/ दुर्ग/ 09 / 2013-2015 ." "बिजनेस पोस्टके अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान ( बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 ."

सत्यमेव जयते

छत्तीसगढ़ राजपत्र

(असाधारण)

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 843]

नवारायपुर, सोमवार, दिनांक 3 नवम्बर 2025 कार्तिक 12, शक 1947

कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर

नवा रायपुर अटल नगर , दिनांक 3 नवम्बर 2025

अधिसूचना

क्र. /28202/RULE - 503/16/Ag. Sec . (Tech. ). छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 (क्र . 24 सन् 1973) की धारा 79 की उप-धारा (2 ) के खण्ड (छः) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा, छत्तीसगढ़ कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति, 2012 के अंतर्गत मंडी शुल्क से छूट नियम, 2014 में निम्नलिखित संशोधन करती है, जो उक्त अधिनियम की धारा 79 की उप -धारा ( 1 ) द्वारा अपेक्षित किये अनुसार पूर्व में प्रकाशित किए जा चुके हैं, अर्थात्ः-

संशोधन

उक्त नियमों में.-

1. नियम 2 के खण्ड (ड) एवं (ढ) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-

(ड) "विद्यमान उद्योग " से अभिप्रेत है ऐसे समस्त उद्योग, जिन्होंने नियत दिनांक अर्थात् 01 नवम्बर, 2019 के पूर्व वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ किया हो;

(ढ) "विद्यमान उद्योग के विस्तार " से अभिप्रेत है ऐसे उद्योग , जिन्होंने नियत दिनांक को अथवा उसके पश्चात् विद्यमान उद्योग में वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक तक प्लांट एवं मशीनरी में मान्य निवेशित राशि के न्यूनतम 25 प्रतिशत राशि का अतिरिक्त निवेश किया हो, जिससे उद्योग विभाग में पंजीकृत क्षमता या औसत उत्पादन (जो अधिक हो) में न्यूनतम 25 प्रतिशत की वृद्धि होती हो एवं कुल रोजगार में 10 प्रतिशत की वृद्धि होती हो, इसके अतिरिक्त विस्तारित क्षमता के उत्पादन प्रारंभ करने की कालावधि वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समय - समय पर जारी औद्योगिक नीति के अनुसार हो। " विस्तारीकरण " की प्रक्रिया प्रारंभ करने के पूर्व विद्यमान

1685 1686

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 3 नवम्बर 2025

इकाई को सक्षम अधिकारी ( जिसने इकाई को उत्पादन प्रमाण पत्र जारी किया हो) इस बाबत् सूचना देकर विस्तार हेतु प्रस्तावित निवेश की निर्धारित मात्रा के लिए पूर्वानुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

2. उक्त नियम 2 के अतिरिक्त अन्य खण्डों में उल्लिखित अन्य परिभाषाएं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, समय- समय पर जारी औद्योगिक नीति के अनुसार मान्य होगी।

3. नियम 3 में, -

(1) उप-नियम ( 1 ) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-

" ( 1 ) वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समय - समय पर जारी औद्योगिक नीति की कालावधि तक वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ करने वाले कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की श्रेणी में आने वाले (औद्योगिक नीति के अनुसार वर्णित अपात्र उद्योगों को छोड़कर) समस्त नवीन उद्योगों की स्थापना एवं विद्यमान उद्योगों के विस्तार/प्रतिस्थापन/शवलीकरण अंतर्गत स्थापित औद्योगिक इकाईयों को मण्डी शुल्क से छूट प्राप्त होगी। "

(2) उप-नियम (7) के स्थान पर , निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

" (7) इकाई को छूट प्रमाण पत्र जारी दिनांक से न्यूनतम पांच वर्षों तक कार्यरत रखना होगा तथा उक्त अवधि में राज्य के मूल निवासियों को स्थायी नियोजन में अकुशल कर्मचारियों/ श्रमिकों के मामलों में 100 प्रतिशत कुशल कर्मचारियों के मामलें में न्यूनतम 70 प्रतिशत तथा प्रशासकीय/प्रबंधकीय कर्मचारियों के मामले में न्यूनतम 40 प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराये जाने पर ही अनुदान की पात्रता होगी। "

4. नियम 4 के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्: -

"4. मण्डी शुल्क से छूट की मात्रा, ( 1 ) पात्र उद्योगों को प्रथम कच्चा माल क्रय अथवा प्रमाण पत्र जारी होने के दिनांक, जो भी पश्चातवर्ती हो, से 5 वर्ष तक के लिये कृषि उत्पादों पर लगने वाले मंडी शुल्क से पूर्ण छूट, अधिकतम राशि रु. 5.00 करोड़ प्रतिवर्ष की सीमा तक प्रदान की जायेगी. साथ ही छूट की कुल अधिकतम सीमा इकाई द्वारा किये गये स्थायी पूंजी निवेश के 75 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।

(2) राज्य के अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमी, भारतीय सेना से सेवानिवृत्त राज्य के सैनिक, सेवानिवृत्त राज्य के अग्निवीर सैनिक एवं नक्सलवाद से प्रभावित व्यक्ति/परिवार एवं निःशक्तजनों, अप्रवासी भारतीय , प्रत्यक्ष विदेशी निवेशकों (एफ.डी.आई. ) निर्यातक उद्यमों तथा विदेशी तकनीक के साथ परियोजनाएं स्थापित उद्योगों के लिए छूट की अवधि 6 वर्ष तक होगी। कृषि उत्पादों पर लगने वाले मंडी शुल्क से पूर्ण छूट, अधिकतम राशि रू. 5.50 करोड़ प्रतिवर्ष की सीमा तक प्रदान की जायेगी, साथ ही छूट की कुल अधिकतम सीमा इकाई द्वारा किये गये स्थायी पूंजी निवेश के 75 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। "

5. नियम 5 में, -

(1) उप-नियम ( 1 ) में, शब्द "औद्योगिक इकाईयों को उपाबंध- दो के अनुसार " के पश्वात्, शब्द " उपाबंध- दो (क ) में नोटराईज्ड शपथ पत्र के साथ " अन्तःस्थापित किया जाए।

(2) उप -नियम ( 1 ) के खण्ड ( 13) के पश्चात्, निम्नलिखित अन्तःस्थापित किया जाए, अर्थात्ः- छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 3 नवम्बर 2025

1686(1) "( 14) अपूर्ण/त्रुटिपूर्ण आवेदन की स्थिति, प्रकरण में कमियों को एक साथ बताते हुए आवेदन प्राप्ति के 10 कार्य दिवस के भीतर इकाई को कमीपूर्ति हेतु वापस किए जायेंगे । इकाई द्वारा 15 कार्य दिवस की अवधि से प्रकरण की कमियाँ पूर्ण न होने पर अपूर्ण प्रकरण स्वमेव निरस्तमान्य होगा। "

(3) उप-नियम (5) में, शब्द " उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग/मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक द्वारा स्वीकृति आदेश उपाबंध- आठ में निर्धारित प्रारूप में जारी किया जायेगा" के स्थान पर, शब्द "उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग/मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक द्वारा मंडी शुल्क से छूट प्रमाण पत्र उपाबंध-सात में लोक सेवा गारण्टी अधिनियम में प्रावधानित समयावधि में ऑनलाईन जारी किया जायेगा " प्रतिस्थापित किया जाए। (4) उप-नियम (5) के द्वितीय पैरा में , शब्द " निर्धारित समयावधि 60 दिवसों " के स्थान पर, शब्द " निर्धारित समयावधि 45 दिवसों " प्रतिस्थापित किया जाए।

6. नियम 6 में, -

(1 ) उप- नियम (1 ) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

" ( 1 ) सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के प्रकरण में, अपील शुल्क रूपये 2000/- (यथा लागू कर अतिरिक्त ) तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से भिन्न प्रकरणों में रूपये 5000/- (यथा लागू कर अतिरिक्त) का भुगतान करने पर ही अपील स्वीकार होगी।

अनुसूचित जाति / जनजाति / दिव्यांग / तृतीय लिंग / महिला उद्यमी / भूतपूर्व सैनिक/ सेवानिवृत्त अग्निवीर/नक्सल प्रभावितों/ आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के प्रकरण में अपील शुल्क रूपये 1000/- (यथा लागू कर अतिरिक्त ) तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से भिन्न प्रकरणों में रूपये 2500/- (यथा लागू कर अतिरिक्त ) का भुगतान किया जाना होगा।

अपील शुल्क उद्योग विभाग के प्राप्ति शीर्ष (0852-उद्योग, 08-उपभोक्ता उद्योग , 800- अन्य प्राप्तियाँ, 0674-अन्य प्राप्तियाँ ) में ऑनलाईन/चालान के माध्यम से जमा किया जायेगा । " (2) उप -नियम (2) का लोप किया जाए।

7. नियम 7 में.-

(1) उप -नियम ( 1 ) के पश्चात्, निम्नलिखित अन्तःस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

" ( 1 -क) मंडी शुल्क छूट से प्राप्त कच्चामाल का व्यापार किये जाने पर।

( 1 -ख) यदि औद्योगिक इकाई अधिसूचना में निहित दायित्वों/ पात्रता की पूर्ति न करें । "

(2) उप- नियम (6 ) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

" (6) उक्त अनुसार, यथास्थिति, निरस्तीकरण की वसूली के आदेश मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र अथवा उद्योग आयुक्त/संचालक उद्योग, उद्योग संचालनालय द्वारा जारी किये जायेंगे । उपरोक्तानुसार छूट की राशि की वसूली भू- राजस्व की तरह, छूट प्राप्ति दिनांक से 12.5 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर सहित वसूली की जायेगी । " 1686( 2)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 3 नवम्बर 2025

(3) उप-नियम (6) के पश्चात्, निम्नलिखित अन्तःस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

" (6- क ) यदि औद्योगिक इकाई द्वारा प्रस्तुत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला उद्यमी, तृतीय लिंग. भारतीय सेना से सेवानिवृत्त राज्य के सैनिक, सेवानिवृत्त अग्निवीर सैनिक एवं नक्सलवाद से प्रभावित व्यक्ति/परिवार एवं निःशक्तजनों, अप्रवासी भारतीय. प्रत्यक्ष विदेशी निवेशकों ( एफ.डी.आई. ) , निर्यातक उद्यमों तथा विदेशी तकनीक के साथ परियोजनाएं स्थापित उद्योगों आदि से संबंधित प्रमाण-पत्र/अभिलेख गलत पाया जाता है, तो इस वर्ग के उद्यमियों को दी गई अतिरिक्त/आधिक्य छूट की राशि वसूली योग्य होगी। "

8. नियम 8 में, -

(1) उप -नियम ( 1 ) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

" ( 1 ) इकाई को छूट प्रमाण पत्र जारी होने के पश्चात्, प्रत्येक वित्तीय वर्ष में प्राप्त छूट का विवरण, जिसमें छूट की राशि की जानकारी होगी, मंडी बोर्ड मे प्रमाणित कराकर संबंधित जिला-व्यापार एवं उद्योग केन्द्र/उद्योग संचालनालय में 30 अप्रैल तक देना होगा। "

(2) उप-नियम (4 ) में, शब्द "वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने " के स्थान पर, शब्द " इकाई को छूट प्रमाण पत्र जारी " प्रतिस्थापित किया जाए ।

(3) उप- नियम (4 ) के पश्वात्, निम्नलिखित अन्तःस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

" (5) मंडी शुल्क छूट से प्राप्त कच्चामाल का सात प्रतिशत उपयोग औद्योगिक इकाई द्वारा उत्पादन/प्रसंस्करण के लिए किया जायेगा। "

9. नियम 10 के पश्चात्, निम्नलिखित अन्तःस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

" 11. मंडी शुल्क से छूट प्रमाण पत्र जारी होने के उपरांत इकाई द्वारा निर्धारित अधिकतम सीमा तक ही छूट प्राप्त किये जाने की पुष्टि मंडी बोर्ड द्वारा की जाएगी। साथ ही पात्रता अवधि में इकाई के निरंतर उत्पादनरत रहने तथा नीति एवं छत्तीसगढ़ राज्य मंडी शुल्क छूट नियम -2024 की शर्तों का पालन करने की पुष्टि हेतु वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा मंडी बोर्ड के द्वारा प्रतिवर्ष इकाई का संयुक्त निरीक्षण किया जायेगा।

12. वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा नीति में संशोधन किये जाने की स्थिति में. उक्त संशोधन इस नियम में यथास्थिति लागू होंगे।

13. इस नियम के अलग-अलग भाषाओं में संस्करण जारी करने हेतु उद्योग आयुक्त/ संचालक उद्योग सक्षम होंगे । इस नियम के तहत् जारी हिंदी संस्करण मुख्य संस्करण होगा, जो अलग-अलग भाषाओं में जारी संस्करणों के बीच विसंगति होने पर प्रभावी रहेगा।

14. इस नियम के अंतर्गत कोई वाद होने पर राज्य के न्यायालय में ही वाद दायर किया जा सकेगा। "

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , विकास मिश्रा, उप-सचिव.

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 3 नवम्बर 2025

1686( 3)

उपाबंध - दो (क)

[नियम 5 ( 1 ) देखिये ]

शपथ पत्र

यह शपथपूर्वक घोषणा की जाती है कि-

1. आवेदन पत्र में दी गयी जानकारी पूर्ण रूप से सही है व किन्हीं भी तथ्यों को नहीं छुपाया गया है ।

2. औद्योगिक विकास नीति, 2024-30 एवं "छत्तीसगढ़ राज्य मंडी शुल्क छूट नियम, 2024 " का पूर्णतः अध्ययन कर लिया है एवं इसके सभी प्रावधानों का पालन औद्योगिक इकाई द्वारा किया जायेगा।

3. उद्योग में मंडी शुल्क छूट प्रमाण पत्र जारी दिनांक से न्यूनतम 05 वर्ष की अवधि तक राज्य के मूल निवासियों को स्थायी नियोजन में अकुशल कर्मचारियों/ श्रमिकों के मामलों में 100 प्रतिशत, कुशल कर्मचारियों के मामले में न्यूनतम 70 प्रतिशत तथा प्रशासकीय/प्रबंधकीय कर्मचारियों के मामले में न्यूनतम 40 प्रतिशत रोजगार प्रदान किया जायेगा।

4. औद्योगिक इकाई द्वारा भारत सरकार/ राज्य सरकार के किसी विभाग/वित्तीय संस्थाओं/मंडल/बोर्ड/निगम में मंडी शुल्क से छूट हेतु कोई आवेदन नहीं किया है एवं न ही छूट स्वीकृत/प्राप्त हुआ है।

5. उद्योग स्थापनार्थ बाबत् औद्योगिक विकास नीति, 2024-30 तथा शासन/स्थानीय निकायों के नियमों/ शर्तों का पूर्ण पालन किया जायेगा।

6. उपरोक्त शर्तों की पूर्ति न करने पर मंडी शुल्क से छूट के संबंध में दी गयी रियायत के समतुल्य राशि छूट दिनांक से 12.50 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज सहित औद्योगिकइकाई/निवेशक द्वारा 30 दिवस की अवधि में वापस किया जायेगा एवं राशि का भुगतान नकरने पर भू राजस्व की बकाया वसूली के तहत वसूल की जा सकेगी।

अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर एवं रबर मुद्रा

स्थान

दिनांक-

नाम

पद

औद्योगिक इकाई का नाम व पता

संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय, नवा रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2025.

Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 03 November 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-11-03.843/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-11-03.843.