RULE-801/205/2025-MED. -
(त) "दस्तावेज'' से अभिप्रेत है, मूल दस्तावेज; (थ) ''अप्रवासी भारतीय (एन.आर.आई.)'' से अभिप्रेत है,, जैसा कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी विधियों/नियमों/ अधिसूचनाओं/आदेशों में परिभाषित/घोषित किया गया हो;
(द) ''अप्रवासी भारतीय (एन.आर.आई.) नियतांश'' से अभिप्रेत है,, निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में अप्रवासी भारतीयों के प्रवेश हेतु निर्धारित 15 प्रतिशत सीटें;
(ध) आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के अभ्यर्थियों से अभिप्रेत है, ऐसा अभ्यर्थी जो छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक एफ-13-5/2019/आ.प्र./1-3 अटल नगर, रायपुर दिनांक 29/05/2019 के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए प्रवेश वर्ष के 31 मार्च के आय गणना के पश्चात् जारी आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिएआय एवं सम्पत्ति प्रमाण पत्र धारित करता हो।
3. प्रवेश हेतु पात्रता :-
(क) भारत का नागरिक हो, (ख) भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद अथवा राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग से अनुमति प्राप्त चिकित्सा महाविद्यालय से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त हो या ऐसा अभ्यर्थी जिन्होने विदेश से चिकित्सा स्नातक की डिग्री प्राप्त की हो तथा स्क्रीनिंग टेस्ट रेगुलेशन, 2002 परीक्षा विदेश स्नातक परीक्षा में पात्र हो,
(ग) केन्द्र सरकार द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों के अनुसार प्रवेश वर्ष के दिनांक तक इंटर्नशिप पूर्ण की हो,
(घ) राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोगया राज्य आयुर्विज्ञान परिषद में पंजीकृत हो, (ड.) प्रवेश परीक्षा में केन्द्र सरकार/केन्द्र सरकार अधिकृत अभिकरण (एजेंसी) या विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त किये हों।
4. अप्रवासी भारतीय नियतांश हेतु पात्रता एवं विषय निर्धारण की अतिरिक्त शर्तेंः-
(क) 1. अभ्यर्थी स्वयं अप्रवासी भारतीय हो अथवा अभ्यर्थी की पीढ़ी अथवा दो पीढ़ी पहले तक के रक्त संबंध रखने वाले अप्रवासी भारतीय द्वारा प्रायोजित किया जाये।
स्पष्टीकरण :- अप्रवासी भारतीय प्रायोजक का अभ्यर्थी से पीढ़ी अथवा अथवा दो पीढ़ी के रक्त संबंध जैसेः-पिता, माता, भाई, बहन, भाई बहन की संतान, चाचा, चाचा की संतान, मामा, मामा की संतान, मौसी, मौसी की संतान, बुआ, बुआ की संतान, नाना, नानी, दादा, दादी। इस हेतु वंशावली वृक्ष प्रमाण पत्र जो कि तहसीलदार अथवा तहसीलदार से वरिष्ठ राजस्व अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो, प्रस्तुत करना होगा।
2. OCI (Overseas citizen of India)के अभ्यर्थी भी सामान्य श्रेणी की NRI सीटों के लिए पात्र होंगे। (माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वाराW.P.C. 891 of 2021 dated 03-02-2023में दिये गये निर्देशों के अनुसार)
(ख) अप्रवासी भारतीय नियतांश के लाभ हेतु आवश्यक दस्तावेज :-
1. विदेश में निवास का प्रमाण हेतु वहाँ का ग्रीन कार्ड/कॉपी ऑफ पासपोर्ट वैध वीसा सहित/नागरिकता संबंधित सक्षम दस्तावेज/181 दिन अथवा अधिक का कार्य प्रमाण हेतु दस्तावेज/अन्य कोई सक्षम दस्तावेज जो इस बिन्दु की पूर्ति करता हो।
2. एन.आर.ई./एन.आर.आई./समकक्ष बैंक एकाउण्ट की स्टेटमेन्ट कॉपी। 3. प्रायोजक की आय, सम्बंधित पाठ्यक्रम के शुल्क देने योग्य हो तथा शुल्क का भुगतान विदेशी मुद्रा में किया जाना होगा एवं प्रवेश के समय इसकी रसीद प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।୧୬୯୬ (୧) (ग) अप्रवासी भारतीय नियतांश में प्रवेश की अंतिम तिथि :- प्रत्येक निजी चिकित्सा महाविद्यालय, प्रवेश की अंतिम तिथि के 10 दिन के पूर्व अप्रवासी भारतीय नियतांश में अभ्यर्थियों को प्रवेश देगा, जो कि अप्रवासी भारतीय नियतांश की अंतिम तिथि होगी।
(घ) अप्रवासी भारतीय नियतांश की विषयवार सीटों का आरक्षण-किसी भी निजी चिकित्सा महाविद्यालय में चिकित्सा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के अंतर्गत अप्रवासी भारतीय नियतांश हेतु सीटों का आरक्षण 2017 में प्रकाशित नियम अनुसार कुल स्वी—त सीटों का 15 प्रतिशत अप्रवासी भारतीय नियतांश के लिए आरक्षित किया जा सकता है। इस आरक्षण को लागू करते समय किसी भी स्नातकोत्तर विषय में कुल स्वीकृत सीटों का 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण अप्रवासी भारतीय नियतांश में नहीं किया जा सकेगा। सीटों की गणना दशमलव में होने की स्थिति में दशमलव के मान को छोड़कर केवल पूर्णांक ही मान्य होगा। विषयवार सीटों का निर्धारण संबंधित निजी चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा किया जा सकेगा, परंतु उपर्युक्त सीमा का पालन करना अनिवार्य होगा।सभी विषय की सीटों के वितरण हेतु निजी चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा काउंसिलिंग प्रारंभ होने के 15 दिन पूर्व आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा द्वारा अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।
उदाहरण :-
1. जैसे यदि किसी महाविद्यालय में जनरल मेडिसीन विषय में कुल 04 सीटें स्वीकृत हैं तो वेअधिकतम 02 सीटों को ही अप्रवासी भारतीय नियतांश हेतु आरक्षित कर सकेंगे।
2. जैसे यदि किसी महाविद्यालय में जनरल मेडिसीन विषय में कुल 03 सीटें स्वीकृत हैं, तो वे अधिकतम 01 सीटों को ही अप्रवासी भारतीय नियतांश हेतु आरक्षित कर सकेंगे।
5. प्रवेश हेतु अपात्रता :-
(एक)ऐसे अभ्यर्थी,जिन्होंने पूर्व में अखिल भारतीय/राज्य कोटे से प्रवेश उपरान्त सीट का परित्याग किया हो या अभ्यर्थी को निष्कासित किया गया हो तो, ऐसे अभ्यर्थी परित्याग/निष्कासन की तिथि से डिग्री हेतु आगामी 03 वर्ष तक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु अपात्र होंगे।
(दो) ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रमपूर्ण कर लिया है, उनके द्वारा पूर्ण किये गये पाठयक्रम के पश्चात् पाठयक्रम पूर्ण करने की दिनांक से आगामी 03 वर्ष तक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु अपात्र होंगे।
(तीन) ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने अखिल भारतीय कोटे से पिछले तीन वर्षोमें राज्य के स्नातकोत्तर पाठयक्रम मे प्रवेश लिया है वे राज्य कोटे की सीटों हेतु अपात्र होंगे।
(चार) छत्तीसगढ़ राज्य के अंतर्गत एमबीबीएस पाठयक्रम पूर्ण करने के पश्चात अनिवार्य शासकीय सेवा हेतु निष्पादित बंधपत्रछत्तीसगढ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आयुक्त का अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुतना करने वाले अभ्यर्थी स्नातकोत्तर पाठयक्रम में प्रवेश हेतु अपात्र होंगे।
6. सीटों का आरक्षण :
(एक) अनुसूचित जनजाति श्रेणी के लिये 30%, विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजाति श्रेणी हेतु 02%, अनुसूचित जाति श्रेणी के लिये 12% तथा अन्य पिछड़ा वर्ग गैरक्रीमीलेयर श्रेणी के लिये 14% आरक्षण होगा। इस हेतु अभ्यर्थी को छत्तीसगढ़ राज्य का स्थायी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
(दो) प्रत्येक श्रेणी में महिला संवर्ग हेतु 30%क्षैतिज आरक्षण होगा।୧୬୯୬ (୨) (तीन) प्रत्येक श्रेणी में निःशक्तजन संवर्ग हेतु 5% क्षैतिज आरक्षण होगा। इसहेतुअभ्यर्थी को छत्तीसगढ़ राज्य मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रवेश वर्ष में जारी दिव्यांग/निःशक्तता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
(चार) यदि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों हेतु,राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग द्वारा अतिरिक्त सीटें सृजित की जाती है, तो कुल सीटों में संस्थावार आर्थिक रूप सेकमजोर वर्गों के लिए 10% आरक्षण होगा।
(पांच) प्रवेश वर्ष में उपलब्ध सीटों को उपरोक्तानुसार आरक्षण के आधार पर महाविद्यालय एवं विषयवार आवंटित किया जायेगा।
7. आरक्षित श्रेणी की रिक्त रह गई सीटों का अन्यश्रेणी में परिवर्तन :-
(एक) विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित सीटों के लिए पर्याप्त संख्या में पात्र अभ्यर्थीना मिलने पर, उन सीटों पर अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जा सकेगा।
(दो) किसी भी आरक्षित श्रेणी की शेष रह गई सीटों के लिये उस श्रेणी के अभ्यर्थी की अनुपलब्धता की दशा में, छत्तीसगढ शैक्षणिक संस्था (प्रवेश में आरक्षण) अधिनियम, 2012 (क्रं.9 सन् 2012) के प्रावधानों के अनुसार श्रेणी परिवर्तन किया जायेगा।
(तीन) ई.डब्लू.एस श्रेणी में पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध न हो तो, रिक्त सीटों को उपरोक्त अनुसार अनारक्षित श्रेणी में परिवर्तित किया जायेगा।
8. आरक्षित श्रेणी के संवर्ग की रिक्त सीटों का परिवर्तन :-आरक्षित संवर्ग की रिक्त सीटों को उसी श्रेणी के बिना संवर्ग में परिवर्तित किया जायेगा।
9. सेवारत अभ्यर्थी को निम्नानुसार बोनस अंक दिये जायेंगे :-
(क) छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित दुर्गम अनुसूचित क्षेत्रमें सेवा के प्रत्येक पूर्ण वर्ष के लिए प्रवेश परीक्षा में प्राप्तांक के 10 प्रतिशत अंक होगा।
(ख) छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित सामान्य अनुसूचित क्षेत्र में सेवा के प्रत्येक पूर्ण वर्ष हेतु प्रवेश परीक्षा में प्राप्तांक के 03 प्रतिशत अंक होगा। (ग) अधिकतम प्रवेश परीक्षा में प्राप्तांक के 30 प्रतिशत अंक हाेंगे। (घ) किसी वर्ष की सेवा उपरोक्त (क) एवं (ख) में चिन्हित क्षेत्रों में संयुक्त रूप से पूर्ण होने की दशा में, उस वर्ष को सामान्य अनुसूचित क्षेत्र में सेवा का वर्ष मानकर बोनस अंक की गणना की जायेगी।
10. प्रावीण्य सूची ः-प्रवेश परीक्षा के प्राप्तांकों में नियम (9) के अन्तर्गत प्राप्त बोनस अंकों को जोड़कर प्रावीण्य सूची बनायी जायेगी।
11. प्रवेश में वरीयता :-
(क) राज्य कोटे में उपलब्ध सीटों पर सर्वप्रथम उन अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जायेगा, जिन्होंने या तो पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से संबद्ध चिकित्सा चिकित्सा महाविद्यालय से एमबीबीएस डिग्री प्राप्त की हो अथवा जो सेवारत अभ्यर्थी हो।
(ख) उपरोक्त उप-नियम (क) में उल्लिखित सभी पात्र अभ्यर्थियों को प्रवेश दिये जाने के उपरान्त यदि सीटें रिक्त रह जाती हैं, तो इन रिक्त सीटों पर, ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जायेगा, जिन्होंने नियम 11 (क) में उल्लेखित के अतिरिक्त किसीअन्य चिकित्सा महाविद्यालय से एमबीबीएस डिग्री प्राप्त की हो।
12. छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालय में उपलब्ध सीटों पर प्रवेश छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा निर्धारित काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से दिया जायेगा, पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया में୧୬୯୬ (୩) यदि किसी अभ्यर्थी को कोई विषय एवं संस्था एक बार आवंटित हो चुका है, तो उसे आगामी किसी भी चरण में पुनः वही विषय एवं संस्था आवंटित नहीं किया जाएगा।
13. शुल्कः-नियम (12) के तहत् काउंसिलिंग प्रक्रिया में केवल वे अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे,जिन्होंने छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा निर्धारित शुल्क का भुगतान किया हो।
14. प्रवेश :-
(क)ऑनलाईन प्रक्रिया चार चरणों में संपन्न की जाएगी प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ। सीटें रिक्त रह जाने पर माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित प्रवेश की अंतिम तिथि से पूर्व चरणों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। काउंसिलिंग के सभी चरण ऑनलाईन होंगे। प्रत्येक चरण में पंजीयन की सुविधा होगी। काउंसिलिंग के प्रथम चरण से प्रवेशित अभ्यर्थियों हेतु द्वितीय चरण एवं तृतीय चरण में अपग्रेडेशन का विकल्प उपलब्ध होगा।प्रथम चरण के उपरांत आगामी सभी चरणों में आवंटन उपरांत प्रवेश नहीं लेने अथवा प्रवेश लेकर सीट त्याग करने पर पंजीयन राशि राजसात की जायेगी। काउंसिलिंग की प्रकिया का विस्तृत विवरण संचालनालय चिकित्सा शिक्षा द्वारा प्रत्येक वर्ष आवेदन की प्रथम सूचना के साथ विवरणिका में प्रकाशित किया जायेगा एवं जिसकोआगामी वर्षाे मेंNMC,MCC एवं क्रेन्द्र/राज्य शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश अनुसार संशोधित किया जा सकेगा। (ख) प्रवेश के पूर्व अभ्यर्थी को संबंधित चिकित्सा महाविद्यालय में प्रवेश पात्रता से संबंधित समस्तमूल दस्तावेजों की स्क्रूटनी करानी होगी। स्क्रूटनी ना कराने की स्थिति अथवा स्क्रूटनी में अपात्र होने पर अथवा निर्धारित तिथि तक फीस जमा कर प्रवेश नहीं लेने पर, अभ्यर्थी, प्रवेश परीक्षा वर्ष में प्रवेश हेतु अपात्र हो जायेगा।
15. छत्तीसगढ़ राज्य के अन्तर्गत सेवा की अनिवार्यता एवं सीट परित्याग नियम :
(क)एम.डी./एम.एस. सीटों के अन्तर्गत राज्य कोटे से अथवा अखिल भारतीय कोटे से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होगा, कि वह स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने के पश्चात, दो वर्षों की कालावधि तकछ.ग. शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन कार्य करेगा। इस हेतु अनारक्षित अभ्यर्थियों को रू.50 लाख एवं आरक्षित अभ्यर्थियों को रू.40 लाख का बंध पत्र निष्पादित करना होगा।
(ख) यदि माननीय उच्चतम न्यायालय/केन्द्र शासन द्वारा इस शैक्षणिक वर्ष हेतु प्रवेश की निर्धारित अंतिम तिथि के उपरांत अभ्यर्थी द्वारा प्रवेशित सीट से त्याग पत्र दिया जाता है, तोरू. 25 लाख (रू.पच्चीस लाख) अनारक्षित वर्ग हेतु एवं रू. 20 लाख (रू. बीस लाख) आरक्षित वर्ग हेतु अभ्यर्थी द्वारा शासन को देय होगा। विशेष परिस्थिति में यदि पाठ्यक्रम के दौरान कोई पूर्व में पात्र मेडिकली फिट छात्र यदि मेडिकली अनफिट (Medically Unfit) हो जाता है, जिसे राज्य मेडिकल बोर्ड द्वारा चिकित्सा पाठ्यक्रम हेतु अनफिट बताया जाता है,तो बंधपत्र (बॉण्ड) में छूट शासन द्वारा दिया जा सकेगा।
16. मिथ्या जानकारी देना अथवा मिथ्या दस्तावेज प्रस्तुत करना :- यदि यह पाया जाता है कि अभ्यर्थी ने किसी महाविद्यालय में मिथ्या जानकारी या दस्तावेज प्रस्तुत कर प्रवेश लिया है, तोसंबंधित महाविद्यालय के अधिष्ठाता द्वारा उसके अध्ययन काल के दौरान किसी भी समय बिना किसी सूचना के उसका प्रवेश रद्द किया जा सकेगा एवं उसके विरूद्ध मिथ्या जानकारी देने अथवा मिथ्या दस्तावेज देने संबंधित विधिक कार्यवाही भी की जा सकेगी।୧୬୯୬ (୪) 17. प्रावीण्य सूची की समाप्ति एवं रिक्त सीटों का कालातीत होना : केन्द्र शासन या राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग या माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी प्रवेश हेतु, समय-सारणी अनुसार प्रवेश की अंतिम तिथि उपरान्त, प्रावीण्यता सूची समाप्त हो जायेगी एवं रिक्त सीटें कालातीत हो जायेंगी। 18. प्रवेश प्रक्रिया में उद्भूत किसी भी विवाद या शंका की स्थिति में,आयुक्त/संचालक चिकित्सा शिक्षा, छत्तीसगढ़ शासन का निर्णय बंधनकारी होगा।
19. निरसन,- छत्तीसगढ़ चिकित्सा स्नातकोत्तर प्रवेश नियम, 2021 एतद्द्वारा निरसित किये जाते है।୧୬୯୬ (୫) परिशिष्ट- एक
छत्तीसगढ़ के वास्तविक निवासी हेतु प्रारूप
क्रमांक .................................... दिनांक......................................... प्रमाणित किया जाता है कि श्री/सुश्री..........................................................आत्मज/आत्मजा/पत्नी............................ ............................................निवासी..........................................................तहसील................................................. जिला ........ .............................छत्तीसगढ़ का वास्तविक निवासी है, क्योंकि वह निम्नलिखित शर्तों में से किसी एक शर्त की पूर्ति करता है :
1. वह (व्यक्ति) छत्तीसगढ़ में पैदा हुआ है/हुई है । 2. (क) वह (व्यक्ति)
अथवा
(ख) उसके पालको में से कोई -
अथवा
(ग) उसके पालकों में से यदि कोई जीवित न हो, तो उसका वैध अभिभावक (गार्जियन) छत्तीसगढ़ में निरंतर कम से कम 15 वर्ष से रह रहा है ।
3. उसके पालकों में से कोई भी -
(क) राज्य शासन का सेवारत या सेवानिवृत्त कर्मचारी है
अथवा
(ख) केन्द्रीय शासन का कर्मचारी है, जो छत्तीसगढ़ राज्य में कार्यरत है,
4. (क) वह स्वयं (व्यक्ति)
अथवा
(ख) उसके पालक राज्य में पिछले पांच वर्षों से कोई अचल संपत्ति, उद्योग अथवा व्यवसाय रखते है। उपरोक्त शर्त के पूर्ति होने के पश्चात्, व्यक्ति, नीचे दिये गये कम से कम एक शर्त की पूर्ति भी करेगा ः
5. उसने छत्तीसगढ़ राज्य अथवा अविभाजित मध्य-प्रदेश के जिलों में स्थित किसी भी शिक्षण संस्था जो वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य में सम्मिलित है, में कम से कम 3 वर्ष तक अपनी शिक्षा प्राप्त की है। 6. उसने छत्तीसगढ़ के किसी भी शिक्षण संस्था से निम्नलिखित परीक्षाएं उत्ती्र्ण की हों, अर्थात :-
(क) यदि किसी संस्था में प्रवेश के लिये या किसी शासकीय संगठन में सेवा के लिये अपेक्षित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता, मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की स्नातक या उससे उच्चतर उपाधि निर्धारित हो, तो उच्चतर माध्यमिक परीक्षा या 8वीं कक्षा की परीक्षा।
(ख) यदि किसी संस्था में प्रवेश के लिये या किसी शासकीय संगठन में सेवा के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता, किसी भी विश्वविद्यालय या बोर्ड की इंटरमीडीयट हायर सेकेण्डरी या कोई और समकक्ष परीक्षा निर्धारित की गई हो, तो आठवीं कक्षा की परीक्षा।
(ग) अन्य मामलों में पांचवीं कक्षा की परीक्षा।୧୬୯୬ (୬) 7. अन्य सभी मामलों के लिये उपरोक्त के अतिरिक्त, निम्नलिखित में से किसी श्रेणी के व्यक्ति भी छत्तीसगढ़ के वास्तवित निवासी होंगे:
(क) छत्तीसगढ़ राज्य को नियुक्त अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की पत्नी/पति अथवा संतान।
(ख) छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारियों/कर्मचारियों की पत्नी/पति अथवा संतान। (ग) छत्तीसगढ़ राज्य में संवैधानिक या अन्य विधिक पदों पर राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त व्यक्तियों की पत्नी/पति अथवा संतान।
(घ) छत्तीसगढ़ राज्य के अधीन स्थापित संस्थाओं या निगम या मंडल या आयोग में पदस्थ पदाधिकारी/अधिकारी/कर्मचारी, उनकी पत्नी/पति अथवा संतान।
ऐसे बाबत्, जो उपरोक्त मापदण्डों के अनुसार वास्तविक निवासी हैं, उसकी पत्नी/पति अथवा संतान भी, छत्तीसगढ़ के वास्तविक निवासी माने जायेंगे।
प्राधि—त अधिकारी के हस्ताक्षर
पदनाम एवं सील୧୬୯୬ (୭) परिशिष्टि - दो
प्रारूप
राज्य मेडिकल बोर्ड प्रमाण-पत्र
छत्तीसगढ़ राज्य मेडिकल बोर्ड संचालनालय चिकित्सा शिक्षा, छत्तीसगढ़ फोन नं.-0771-2234451, फैक्स नं. 0771-2222212 E-mail : cgdme@rediffmail-com क्रमांक/ /संचिशि/2025 रायपुर, दिनांक/
प्रमाण पत्र
दो पासपोर्ट
साईज
फोटोग्राफ यह प्रमाणित किया जाता है कि श्री ............................., पिता- श्री ........................................, उम्र-..................वर्ष (सत्यापित फोटोग्राफ) के आवेदन दिनांक.................पर दिनांक को आवेदक के पूर्ण चिकित्सकीय परीक्षण उपरांत उनकी शारीरिक निःशक्तता ............................पाई गई। उनकी कुल निःशक्तता .....
....... प्रतिशत है । जो कि मेडिकल/डेन्टल/नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु एनएमसी द्वारा निर्धारित नवीनतम मापदंड के अनुसार....................... पाया गया।
पहचान का निशान- .................
(अध्यक्ष) (सदस्य) (सदस्य) राज्य मेडिकल बोर्ड राज्य मेडिकल बोर्ड राज्य मेडिकल बोर्ड୧୬୯୬ (୮) परिशिष्ट- तीन छत्तीसगढ़ शासन के अधीन सेवा करने के प्रमाण-पत्र का प्रारूप "अ"
संचालनालय चिकित्सा शिक्षा
सेवा प्रमाण-पत्र
अद्यतन पासपोर्ट साइज का संचालक द्वारा अभिप्रमाणित रंगीन फोटो प्रमाणित किया जाता है कि डॉ. ..................................................पिता/पति ....................................
ने दिनांक ...................................से दिनांक ...............................की अवधि में कुल .............वर्ष....................माह तक चिकित्सक/शिक्षक के रूप में इस संचालनालय के अधीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय ..............................
(दुर्गम अनुसूचित क्षेत्र/सामान्य अनुसूचित क्षेत्र/गैर अनुसूचित क्षेत्र)में निर्बाध सेवा प्रदान की है ।
उपरोक्तानुसार सेवा के लिये अभ्यर्थी को, जिनका नीट प्राप्तांक ........................है के, प्राप्तांक का लागू बोनस ..............................प्रतिशत % के, बोनस अंक ......................................... (शब्दों में).......................... ................................................................................................... है तथा अभ्यर्थी को उपरोक्त उल्लेखित सेवांक की पात्रता है ।
नोट : "सेवारत अभ्यर्थी" वे ही पात्र होंगे, जिन्होने संचालनालय चिकित्सा शिक्षा के अधीन सेवारत चिकित्सक के रूप में परीक्षा वर्ष की नीट पीजी परीक्षा तिथि तक छ.ग. राज्य की शासकीय सेवा तदर्थ/संविदा/नियमित के 03 वर्ष की अवधि पूर्ण कर ली हो, ऐसे सेवारत अभ्यर्थी ही बोनस अंक हेतु पात्र होंगे।
संचालक चिकित्सा शिक्षा୧୬୯୬ (୯) परिशिष्ट - चार छत्तीसगढ़ शासन के अधीन सेवा करने के प्रमाण-पत्र का प्रारूप "ब"
संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें
सेवा प्रमाण-पत्र
अद्यतन पासपोर्ट साइज का संचालक द्वारा अभिप्रमाणित रंगीन फोटो प्रमाणित किया जाता है कि डॉ. ............................................पिता/पति...........................................ने दिनांक...........................................से दिनांक................................................की अवधि में कुल ........................वर्ष...............
..........माह तक चिकित्सक के रूप में इस संचालनालय के अधीन छत्तीसगढ़ राज्य में निम्न क्षेत्रों में निर्बाध सेवा प्रदान की है।
(क) ..............विकासखंड.............जिला (दुर्गम अनुसूचित क्षेत्र/सामान्य अनुसूचित क्षेत्र/गैर अनुसूचित क्षेत्र)..............वर्ष............माह (ख) ..............विकासखंड.............जिला (दुर्गम अनुसूचित क्षेत्र/सामान्य अनुसूचित क्षेत्र/गैर अनुसूचित क्षेत्र)..............वर्ष............माह (ग) ..............विकासखंड.............जिला (दुर्गम अनुसूचित क्षेत्र/सामान्य अनुसूचित क्षेत्र/गैर अनुसूचित क्षेत्र)..............वर्ष............माह (घ) ..............विकासखंड..............जिला (दुर्गम अनुसूचित क्षेत्र/सामान्य अनुसूचित क्षेत्र/गैर अनुसूचित क्षेत्र)..............वर्ष............माह उपरोक्तानुसार सेवा के लिये अभ्यर्थी को जिनका नीट प्राप्तांक ........................ है,कोप्राप्तांक का लागू बोनस ..............................प्रतिशत % के, बोनस अंक ......................................... (शब्दों में).. ........................................................................................................................... है तथा अभ्यर्थी को उपरोक्त उल्लेखित सेवांक की पात्रता है।
नोट :वे "सेवारत अभ्यर्थी" ही पात्र होंगे, जिन्होने संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें के अधीन सेवारत चिकित्सक के रूप में परीक्षा वर्ष की नीट पीजी परीक्षा तिथि तक छ.ग. राज्य की शासकीय सेवा तदर्थ/संविदा/नियमित कें 03 वर्ष की अवधि पूर्ण कर ली हो, ऐसे सेवारत अभ्यर्थी ही बोनस अंक हेतु पात्र होंगे।
संचालक
स्वास्थ्य सेवायें
परिशिष्ट- पाँच (250/- के नॉनज्युडिशियल स्टाम्प - पर निष्पादित कर नोटरी द्वारा सत्यापित किया जाए) (छत्तीेसगढ़ राज्य के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेशार्थियों द्वारा राज्य- शासन के अधीन सेवा करने हेतु बंध पत्र (बाण्ड) का प्रारूप)୧୬୯୬ (୧୦) 1. मैं.......................................पुत्र/पुत्री/पत्नि श्री........................................................... निवासी.....................................
छत्तीसगढ़ के चिकित्सा महाविद्यालय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेशित अभ्यर्थी हूँ । मेरा चयन एमडी/एमएस पाठ्यक्रम हेतु सामान्य/आरक्षित श्रेणी के अंतर्गत हुआ है ।
2. यह कि मुझे वर्ष ........... में आयोजित ......................... प्रवेश परीक्षा से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय ..............................में शैक्षणिक सत्र ......................... में ........................ सीट आबंटित की गई है । 3. मैं राज्य कोटे/अखिल भारतीय कोटे के सामान्य/आरक्षित श्रेणी का छात्र हूं।
4. यह कि वर्ष ................. की काउंसलिंग के पूर्व मैंने छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग, मंत्रालय, नया रायपुर की अधिसूचना क्रमांक.....................रायपुर दिनांक ................ छत्तीसगढ़ राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों के एमडी/एमएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश नियमों को पढ़कर भली भॉति समझ लिया है। उपरोक्त अधिसूचना की कंडिका .......... जिसमें राज्य शासन के अधीन सेवा करने हेतु बन्ध पत्र निष्पादित करने संबंधित जानकारियॉं दी गई हैं, जिसे मैंने भलीभांति समझ लिया है एवं मैं उक्त नियम के सभी बिन्दुओं से सहमत हूँ ।
5. मैं एतद्द्वारा बन्धन पत्र निम्न शर्तों पर निष्पादित करता/करती हूँ, कि मैं एमडी/एमएस पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लेने के उपरान्त, राज्य शासन के अधीन दो वर्षों की कालावधि तक अनिवार्य रूप से कार्य करूंगा/करूंगी।
6. यह कि इस बन्ध पत्र का उल्लंघन होने की दशा में, शासन को अधिकार होगा कि मेरी चल व अचल संपत्ति से अथवा इस बन्ध पत्र में मेरी प्रतिभूति के रूप में हस्ताक्षरकर्ता श्री.................................
पुत्र/पुत्री/पत्नि श्री............................................................निवासी..................................की चल व अचल संपत्ति (संपत्ति का सम्पू्र्ण विवरण) से इस बन्ध पत्र की राशि रूपये .......................शब्दों में (रूपए............................
................) कि वसूली व साथ ही पाठ्यक्रम अवधि के दौरान शासन द्वारा भुगतान की गई सम्पूर्ण छात्रवृत्ति/शिष्यवृत्ति की सम्पूर्ण राशि की वसूली भू-राजस्व के बकाया के रूप में की जायेगी। 7. जब तक पूरी राशि की वसूली नहीं हो जाती, तब तक मुझे अधिष्ठाता के द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रदान नहीं किया जायेगा।
8. अधिष्ठाता के द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी होने के पश्चात्, मैं संचालक चिकित्सा शिक्षा को उक्त अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करूंगा/करूंगी, जिसकी अनुशंसा पर विश्वविद्यालय द्वारा अंतिम डिग्री प्रदान की जायेगी व राज्य मेडिकल बोर्ड में स्नातकोत्तर योग्यता का स्थायी पंजीयन मुझे प्राप्त अंतिम डिग्री के आधार पर ही किया जायेगा।
9. एमडी/एमएस पाठ्यक्रम के सफलतापूर्वक पूर्ण किये जाने की सूचना, विश्वविद्यालय से प्राप्ति के बारह माह के भीतर यदि छ.ग. शासनके स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा नियुक्ति आदेश जारी नहीं होता है, तो यह बंधपत्र स्वमेव निरस्त समझा जावेगा।
10. यह कि मुझे ज्ञात है, कि विवाद की स्थिति में छत्तीसगढ़ शासन का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा ।୧୬୯୬ (୧୧) हस्ताक्षर गवाह : -
आवेदक/ निष्पादनकर्ता 1.................................हस्तााक्षर
2................................. हस्तासक्षर
आवेदक की फोटो
प्रतिभूतिकर्ता की फोटो
गवाह नं. 1 की फोटो
गवाह नं. 2 की फोटो
प्रतिभूतिकर्ता
गवाह 01
गवाह 02
आवेदक
प्रतिभूतिकर्ता
मैं..................................पुत्र/पुत्री/पत्नी श्री.............................................निवासी .................................
उपरोक्तानुसार बन्ध पत्र के लिए प्रतिभूति तथा बन्ध पत्र के उल्लंघन की दशा में, बन्धपत्र में उल्लिखित राशि मेरी चल व अचल संपत्ति से वसूल की जा सकेगी।
हस्ताक्षर
प्रतिभूतिकर्ता (बिन्दु क्रमांक 05)
परिशिष्ट - छः (250/- के नानज्युडिशियल स्टाम्प पर निष्पादित कर नोटरी द्वारा सत्यापित किया जाए) छत्तीसगढ़ के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में प्रवेशार्थियों द्वारा निष्पादित किए जाने वाले शपथ पत्र का प्रारूप
मेरा पुत्र/पुत्री ................................................आत्मज/आत्मजा श्री....................................................... . निवासी....................................... छत्तीसगढ़ के चिकित्सा महाविद्यालय ........................में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (एम.डी./एम.एस.) में प्रवेश हेतु चयनित अभ्यर्थी हूं।୧୬୯୬ (୧୨) 1. मैंने छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय रायपुर की अधिसूचना क्रमांक ................................
...................... दिनांक ................. '' छत्तीसगढ़ चिकित्सा स्नातकोत्तर प्रवेश नियम - ...............'' एवं ''निर्देशिका'' में निहित प्रावधानों को भली-भांति पढ़कर समझ लिया है।
2. मेरा पुत्र/पुत्री राज्य कोटे की सामान्य/आरक्षित श्रेणी का छात्र/छात्रा है।
3. मैं एतद् द्वारा यह शपथ पत्र निम्न शर्तो पर निष्पादित करता हूं कि :-
"यदि मेरे पुत्र/पुत्री के द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय/राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग(NMC)/चिकित्सा परामर्श समिति (MCC)द्वारा इस शैक्षणिक वर्ष हेतु प्रवेश की निर्धारित अंतिम तिथि के उपरान्त शिक्षण सत्र् ................ हेतु एम.डी./एम.एस. स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की प्रवेशित सीट का परित्याग किया जाता है तो, मेरे द्वारा रू. 25 लाख (रू. पच्चीस लाख) अनारक्षित वर्ग हेतु एवं रू. 20 लाख (रू. बीस लाख) आरक्षित वर्ग हेतु शासन को अभ्यर्थी द्वारा देय होगा "
पता ...............
| प्रतिभूतिकर्ता का फोटो |
| प्रतिभूतिकर्ता |
| अभिभावक का फोटो |
| अभिभावक |
फोन नं. ................ हस्ताक्षर अभिभावक
प्रतिभूतिकर्ता
मैं..................................पुत्र/पुत्री/पत्नी श्री.............................................निवासी .................................
उपरोक्तानुसार शपथ पत्र के उल्लंघन की दशा में शपथ पत्र में उल्लेखित राशि मेरे द्वारा प्रदाय की जायेगी। गवाह : -
1................................. हस्ताक्षर
गवाह नं. 01 का फोटो
गवाह नं. 02 का फोटो
2................................. प्रतिभूतिकर्ता
1. गवाह
2. गवाह
नाम :.....................................
पता :..................................... ............................................... .
୧୬୯୬ (୧୩)परिशिष्ट - सात छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप में स्थायी जाति प्रमाण पत्र।
परिशिष्ट- आठ अन्य पिछड़ा वर्ग अभ्यर्थी की लागू आय सीमा से ज्यादा आय है किन्तु शासन के नियमानुसार किसी प्रकार की छूट या रियायत का पात्र है तो, उस छूट रियायत प्राप्ति हेतु अभ्यर्थी को सक्षम कार्यालय अथवा आयोग से छूट बाबत् प्रमाण पत्र (छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप में)प्रस्तुत करना होगा।
परिशिष्ट - नौ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप मेंEWSप्रमाण पत्र ।