महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 2 दिसम्बर 2025
अधिसूचना
क्रमांक एफ 12-4/2020/मबावि/50.— किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 यथा संशोधित 2021 की धारा 27 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये तथा बालक कल्याण समिति के अध्यक्ष/सदस्यों के चयन के लिये गठित राज्य स्तरीय चयन समिति की अनुशंसा के अनुसार, राज्य सरकार, एतद्द्वारा, नीचे उल्लेखित तालिका के कॉलम क्रमांक (3) में उल्लेखित व्यक्तियों को कॉलम क्रमांक (2) में उल्लेखित तत्संबंधी जिले के बालक कल्याण समिति में, क्रमशः अध्यक्ष/सदस्य के रूप में, नीचे उल्लेखित शर्तो के अध्याधीन रहते हुये, नियुक्त करती है,अर्थातः-
| क्र. | जिला | बाल कल्याण समिति के सदस्यों का नाम |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | खैरागढ़-छुईखदान-गडाई 02 सदस्य | श्रीमती पुनम वाल्दे, स्व. श्री कुल प्रकाश वाल्दे 1. 2. श्री प्रशांत अग्रवाल, श्री प्रहलाद अग्रवाल |
| 2. | मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी 01 सदस्य | सुश्री मंजुला देशमुख, स्व.हरप्रसाद देशमुख |
| 3.. | गोरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 04 सदस्य(1 महिला) | 1. श्रीमती सविता तिवारी, श्री सुचन्द्र तिवारी(महिला) श्री कृष्ण कुमार साहू, स्व.सीता राम साहू 2. श्रीमती अर्चना पाण्डेंय, स्व. प्रफुल्ल पाण्डेय 3. श्री नरेन्द्र कुमार बाघमार,श्री अम्बिका प्रसाद बाघमार 4. |
| 4. | सक्ती 02 सदस्य | श्रीमती सुकान्ता दुबे, श्री राधेकृष्ण दुबे 1. श्रीमती वंदना सिंह, श्री राजकिशोर सिंह 2. |
शर्तेंः-
(1) यह नियुक्तियां अभ्यर्थियाें द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र एवं व्यक्तिगत वार्तालाप में दी गई जानकारी तथा उपलब्ध कराये गये दस्तावेजों के आधार पर की गई है। किसी भी स्तर पर गलत जानकारी या विसंगति अथवा शिकायत की दशा मे राज्य शासन को संबंधित व्यक्ति की नियुक्ति निरस्त करने का अधिकार होगा। इस संबंध मे कोई अभ्यावेदन स्वीकार्य नही होगा। (2) बालक कल्याण समिति के अध्यक्ष/सदस्यों की पदावधि, इस आदेश के जारी होने के दिनांक से तीन वर्ष की कालावधि के लिये होगी। नियुक्त अध्यक्ष/सदस्य की आयु जिस दिन 65 वर्ष पूर्ण होगी उस दिन नियुक्ति स्वमेव समाप्त हो जावेगी।
(3) बालक कल्याण समिति, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 यथा संशोधित 2021 की धारा 28 की उप-धारा (1) के अनुसार अपनी बैठक आहूत करेगी, जिसमें विहित तिथि/समय पर अध्यक्ष/सदस्य की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
(4) बालक कल्याण समिति, बाल गृह के परिसर में या जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा विनिश्चित स्थान पर अपनी बैठक आहूत करेगी।
(5) बालक कल्याण समिति के सदस्यों की नियुक्ति, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 यथा संशोधित 2021 की धारा (27) की उप-धारा (7) के प्रावधानों के अनुसार समाप्त की जा सकेगी। (6) किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) नियम 2016 यथा संशोधित 2022 के नियम 15(6) अनुसार समिति के अध्यक्ष/सदस्य राज्य सरकार को एक माह का लिखित नोटिस देकर त्यागपत्र दे सकेंगे। (7) समिति, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 यथा संशोधित 2021 तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) नियम, 2016 यथा संशोधित 2022 के अनुसार बालकों के कल्याण एवं संरक्षण के लिये कार्य करेंगी।
(8) यदि नियुक्त अध्यक्ष/सदस्य, किसी ऐसे व्यवसाय/सेवा में है, जो बालक कल्याण समिति के सदस्य के रूप में उनके कार्यो को प्रभावित कर सकते है, तो उन्हें अपनी वर्तमान सेवा/व्यवसाय का कार्य स्थगित करना होगा, एवं इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
(9) यह नियुक्ति पुलिस सत्यापन होने तक प्रावधिक मानी जायेगी। यदि किसी नियुक्त अभ्यर्थी के पुलिस सत्यापन मे विपरीत टीप प्राप्त होती है, तो उसकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त मानी जायेगी।
(10) नियुक्ति आदेश जारी होने के 15 दिवस के भीतर संबंधित जिले में उपस्थिति दिया जाना अनिवार्य होगा। जिले में उपस्थिति के समय समस्त आवश्यक दस्तावेज एवं फार्म 49 में शपथ पत्र जमा करना होगा। 11) नियुक्त अध्यक्ष/सदस्य को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) नियम, 2016 यथा संशोधित 2022 के नियम 89(3) अनुसार प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
शम्मी आबिदी, सचिव.
नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 2 दिसम्बर 2025
अधिसूचना
क्रमांक एफ 12-4/2020/मबावि/50.— किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 यथा संशोधित 2021 की धारा 04 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये तथा राज्य स्तरीय चयन समिति की अनुशंसा के अनुसार राज्य सरकार एतद्द्वारा नीचे लिखे तालिका के कॉलम क्रमांक (3) में उल्लेखित व्यक्तियों को कॉलम क्रमांक (2) में उल्लेखित तत्संबंधी जिले के किशोर न्याय बोर्ड में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में, नीचे उल्लेखित शर्तो के अध्याधीन रहते हुये, नियुक्त करती है,अर्थातः-
| क्र. | जिला | किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य का नाम |
| 1. | खैरागढ़-छुईखदान-गडई 01 सदस्य | श्रीमती सुनीता यादव, श्री जीवन यादव |
| 2. | कांंकेर 01 सदस्य | श्री विनोद कुमार यादव, स्व.श्री चरण सिंह यादव |
| 3. | गोरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 01 सदस्य(महिला) | श्रीमती अनु गुप्ता, श्री सुरेन्द्र गुप्ता |
शर्तेंः-
(1) यह नियुक्तियां अभ्यर्थियाें द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र एवं व्यक्तिगत वार्तालाप में दी गई जानकारी तथा उपलब्ध कराये गये दस्तावेजों के आधार पर की गई है। किसी भी स्तर पर गलत जानकारी या विसंगति अथवा शिकायत की दशा मे राज्य शासन को संबंधित व्यक्ति की नियुक्ति निरस्त करने का अधिकार होगा। इस संबंध मे कोई अभ्यावेदन स्वीकार्य नही होगा।
(2) किशोर न्याय बोर्ड के सामाजिक कार्याकर्ताओेंं की पदावधि, इस आदेश के जारी होने के दिनांक से तीन वर्ष की कालावधि के लिये होगी। नियुक्त अध्यक्ष/सदस्य की आयु जिस दिन 65 वर्ष पूर्ण होगी उस दिन नियुक्ति स्वमेव समाप्त हो जावेगी।
(3) बोर्ड, बाल संप्रेक्षण गृह के परिसर में या जिला बाल संरक्षण समिति द्वारा विनिश्चत स्थान पर अपना बैठक आहूत करेगा, जिसमें विहित तिथि/समय पर अध्यक्ष/सदस्य की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
(4) किशोर न्याय बोर्ड के सामाजिक कार्याकर्ताओेंं की नियक्ति, किशोर न्याय(बालको की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 यथा संशोधित 2021 की धारा (4) की उपधारा (7) के प्रावधानों के अनुसार समाप्त की जा सकेगी।
(5) किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) नियम, 2016 यथा संशोधित 2022 के नियम 5(3) अनुसार बोर्ड के सामाजिक कार्याकर्ताऔं राज्य सरकार को एक माह का लिखित नोटिस देकर त्याग पत्र दे सकेंगे । (6) नियुक्त सामाजिक कार्यकर्ता किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम, 2015 यथा संशोधित 2021 तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) नियम, 2016 यथा संशोधित 2022 के प्रावधानों के अनुसार कार्य करेंगे।
(7) यदि नियुक्त सामाजिक कार्यकर्ता, किसी ऐसे व्यवसाय/सेवा में है, जो किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य के रूप में उनके कार्यों को प्रभावित कर सकते है, तो उन्हें अपनी वर्तमान सेवा/व्यवसाय का कार्य अनिवार्य रूप से स्थगित करना होगा एवं इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
(8) किशोर न्याय बोर्ड में नियुक्त सामाजिक कार्यकर्ता यदि अधिवक्ता है, तो बोर्ड में अपने कार्यकाल के दौरान प्रेक्टिस नहीं करेंगे तथा इस हेतु उन्हें किशोर न्याय बोर्ड में अपने कार्यकाल की अवधि तक छत्तीसगढ़ राज्य अधिवक्ता परिषद् से अपना पंजीयन/सनद् स्थगित कराना होगा तथा उन्हें इस संबंध में सुसंगत दस्तावेज विभाग को उपलब्ध कराना होगा। इसके पश्चात ही वे किशोर न्याय बोर्ड में उपस्थिति दे सकेंगे। (9) यह नियुक्ति पुलिस सत्यापन होने तक प्रावधिक मानी जायेगी। यदि किसी नियुक्त अभ्यर्थी के पुलिस सत्यापन मे विपरीत टीप प्राप्त होती है, तो उसकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त मानी जायेगी।
(10) नियुक्ति आदेश जारी होने के 15 दिवस के भीतर संबंधित जिले में उपस्थिति दिया जाना अनिवार्य होगा। जिले में उपस्थिति के समय समस्त आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा।
(11) नियुक्त सामाजिक कार्यकर्ता को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) नियम, 2016 यथा संशोधित 2022 के नियम 89(3) अनुसार प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा।
(12) माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण WPS क्रमांक 4536/2024 के परिपेक्ष्य में सामाजिक कार्यकर्ता किशोर न्याय बोर्ड, कांकेर में की गयी नियुक्ति माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्रकरण में लिये गये निर्णय के अध्यधीन होगी।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
शम्मी आबिदी, सचिव.