शासन
छत्तीसगढ़
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़ / दुर्ग/09/ 2013-2015 ."
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से . भिलाई. दिनांक 30-05-2001 . "
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
अग्रहायण 14 , शक 1947
क्रमांक 943]
नवारायपुर, शुक्रवार , दिनांक 5 दिसम्बर 2025
सहकारिता विभाग मंत्रालय , महानदी भवन , नवा रायपुर अटल नगर
नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 5 दिसम्बर 2025
अधिसूचना
राज्य शासन एतद्वारा " नाबार्ड सहायता से गोदाम क्रमांक / FINACC - 36/ 501 / 2025 - COMM.COOP.DEP . सह- कार्यालय निर्माण योजना 2025 " संलग्न " परिशिष्ट" अनुसार अधिसूचित करता है । संलग्न-परिशिष्ट
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विमला नावरिया, विशेष सचिव.
1885 1886
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 5 दिसम्बर 2025
परिशिष्ट
नाबार्ड सहायता से गोदाम सह- कार्यालय निर्माण योजना, 2025
प्रस्तावना: -
सहकारी साख संरचना अंतर्गत वर्तमान में प्रदेश में 2058 पैक्स/लैम्प्स कार्यरत है। इन समितियों के द्वारा प्रदेश के ग्रामीण कृषकों को नगद एवं वस्तु संबंधी कृषि साख की आवश्यकताओं की पूर्ति, खरीफ धान उपार्जन , सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत दुकानों का संचालन किया जाता है । छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के माध्यम से प्राप्त प्रस्ताव अनुसार राज्य के 100 पैक्स/लैम्प्स के पास भंडारण की व्यवस्था हेतु गोदाम उपलब्ध नहीं है अथवा उनके कार्यालय तथा गोदाम जर्जर हो चुके है, जिससे समितियों द्वारा कार्य संचालन कठिन हो गया है ।
राज्य शासन द्वारा राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक की ग्रामीण अधोसरंचना विकास निधि के माध्यम से ऋण प्राप्त कर गोदाम विहीन/जर्जर गोदाम वाली प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में 200 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम सह कार्यालय के निर्माण की योजना बनाई गई है । इस योजना की कुल लागत राशि रू. 2556.00 लाख है । इस योजना के पूर्ण होने से 20,000 मे. टन की नवीन भंडारण क्षमता समितियों में सृजित की जा सकेगी साथ ही एक कार्यालय भवन भी प्रत्येक सहकारी समितियों को प्राप्त होगा , जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के कृषकों/ग्राहकों को होगा ।
गोदाम विहीन/जर्जर गोदाम वाली समितियों में योजनांतर्गत भंडारण क्षमता सृजित करने से समितियों के कार्यों का सुगम संचालन हो सकेगा । किसानों को सहजता पूर्वक उनकी माँग के अनुरूप रासायनिक खाद, प्रमाणित बीज उपलब्ध कराया जा सकेगा । कार्यालय स्थापित होने पर किसानों को साख की सुगमता के साथ- साथ अन्य बैंकिंग सुविधाएं भी प्राप्त हो सकेंगी । समितियों के माध्यम से माइक्रो एटीएम की सुविधा भी किसानों/ग्राहकों को उपलब्ध हो सकेगी , जिससे वे अपने बैंक खातों से राशि का आहरण आवश्यकता अनुसार कर सकेंगे।
01 सक्षिप्त नाम एवं विस्तार : -
(एक) यह योजना " नाबार्ड सहायता से गोदाम सह- कार्यालय निर्माण योजना 2025" कहलायेगी।
(दो) यह योजना अधिसूचना जारी होने के दिनांक सेलागू होगी। (तीन) इसका विस्तार संपूर्ण छत्तीसगढ़ प्रदेश की सीमा तक होगा ।
02 परिभाषाएं : -
(एक) नाबार्ड - नाबार्ड से अभिप्राय , राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक अधिनियम, 1981 (1981 का 61 ) की धारा 3 के अधीन स्थापित राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक ।
(दो) पंजीयक- पंजीयक का अभिप्राय , सहकारी सोसाइटियों के पंजीयक से है और उसमें सम्मिलित है सहकारी सोसाइटियों के अपर पंजीयक , संयुक्त पंजीयक, उप पंजीयक एवं सहायक पंजीयक अथवा ऐसा कोई अधिकारी जो कंडिका 2 (तीन) (चार ) मे वर्णित बैंक एवं कंडिका 2( पांच) में वर्णित सोसाइटी के लिए रजिस्ट्रार की शंक्तियों को प्रयोग करने के लिए सक्षम हो।
(तीन) अपेक्स बैंक- अपेक्स बैंक से अभिप्राय , छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित, रायपुर। छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 5 दिसम्बर 2025
1886 ( 1) (चार) जिला बैंक - जिला बैंक से अभिप्राय , जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित।
(पांच) "सोसाइटी " - सोसाइटी से अभिप्राय , हितग्राही प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटी/ वृहत्ताकार प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटी/कृषक सेवा सहकारी सोसाइटी/आदिम जाति बहुउद्देशीय सहकारी सोसाइटी।
(3)पात्रता:-
(एक) प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां में से ग्रामीण अधोसंरचना विकास निधि के अंतर्गत गोदाम सह कार्यालय निर्माण हेतु गोदाम विहीन/जर्जर गोदाम वाली समितियां सहायता प्राप्त करने के लिये पात्र होंगी ।
(दो) ग्रामीण अधोसंरचना विकास निधि के अंतर्गत वित्त विभाग द्वारा निर्धारित मापदण्ड अनुसार वित्तीय सहायता प्राप्त होगी।
(तीन) हितग्राही सोसाइटी को गोदाम निर्माण हेतु स्वीकृत राशि का उपयोग गोदाम निर्माण कार्य में ही करना होगा ।
(चार) गोदाम निर्माण कार्य स्वीकृत राशि में ही पूर्ण करना होगा , किसी भी स्थिति में इसके लिए अतिरिक्त राशि की स्वीकृर्ति प्रदान नहीं की जावेगी ।
(4) योजना की लागत एवं वित्तीय उपलब्धता- प्रदेश के 100 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में गोदाम विहीन/जर्जर गोदाम वाली समिति में 200 मे. टन क्षमता के गोदाम सह कार्यालय के निर्माण हेतु वित्त विभाग द्वारा जारी पत्र क्रमांक 2335 / 72 /नाबार्ड ( समन्वय) /वित्त/2025 दिनांक 03.09.2025 में निर्धारित जिलों के वर्गीकरण एवं नाबार्ड के स्वीकृति पत्र क्रमांक Ref . No. NB.SPD/ 38 /RIDF- XXXI ( Chhattisgarh )/ 147th ISC /2025-26 दिनांक 14.11.2025 तथा नाबार्ड व वित्त विभाग के अनुबंध पत्र क्रमांक/2561 /एफ 2025-04-02298 / 2023 /संसा. /ब -4 दिनांक 18.11.2025 अनुसार वित्तीय स्वरूप की स्थिति निम्नानुसार है: -
(राशिरू. लाख में)
नाबार्ड से आरआईडीएफ
काऋण का अंशदान
विवरण
क्र-
राज्य शासन काअंशदान कुल लागत
प्रति ईकाई लागत
समिति के गोदाम सह-कार्यालय निर्माण की संख्या
प्रतिशत राशि
प्रतिशत राशि
63
25.56 100 1610.28 0 0 1610.28 1
ए-श्रेणी के जिलेकी समितियां
25.56 95
898.36
37
945.72 2
5 47.36
बी-श्रेणी के जिले की समितियां
योग
2556.00
2508.64
47.36
100
(5) गोदामों के निर्माण की गुणवत्ता एवं स्पेशिफिकेशन इस योजना के अंतर्गत निर्मित होने वाले गोदाम ढाँचागत रूप से अभियांत्रिकी नजरिये से मजबूत होने चाहिये। जिसमें कार्य करने एवं कृषि आदान सामग्री/ खाद्यान्न का भंडारण आसानी से किया जा सके । वैज्ञानिक भंडारण क्षमता विकसित करने हेतु निम्नलिखित दिशा- निर्देश का पालन किया जाना चाहिए: - 1886 (2)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 5 दिसम्बर 2025
(एक) सोसाइटी के पास गोदाम निर्माण हेतु पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो एवं स्थल चयन के उपरांत ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जावे। गोदाम की भंडारण क्षमता 200 मे.टन होनी चाहिए ।
(दो) गोदाम का निर्माण State Public Works Department के स्पेशिफिकेशन अनुसार किया जायेगा।
(तीन) गोदाम में रोशनी एवं वेन्टीलेशन की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिये । दरवाजे , खिड़की एवं वेन्टीलेटर वाटर प्रूफ होना चाहिये।
(चार) गोदाम कोचूहों से सुरक्षित होना चाहिये ।
(पांच) गोदाम में पक्षियों से पर्याप्त सुरक्षा होना चाहिये । ( खिड़की एवं वेंटीलेटर में जाली लगी होनीचाहिये)
(छः ) गोदाम में इस प्रकार से दरवाजे खिड़की लगाया जाना चाहिये जिससे आवश्यकता पड़ने पर Fumigation हेतु इसे सील किया जा सके ।
(सात) गोदाम में सुविधाजनक एप्रोच रोड/पक्का रोड की व्यवस्था होनी चाहिये । गोदाम परिसर से पर्याप्त जल निकासी की व्यवस्था होनी चाहिये । गोदाम में लोडिग/ अनलोडिग आसानी से होना चाहिये। आग एवं चोरी से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिये ।
(आठ) गोदाम निर्माण स्थल पर " नाबार्ड सहायता से गोदाम निर्माण " के संबंध में बोर्ड का प्रदर्शन किया जावेगा।
(6) भूमि की उपलब्धता - इस योजना अंतर्गत गोदाम निर्माण हेतु आवश्यक भूमि की व्यवस्था सोसाइटी के पास नहीं होने की दशा में सोसाइटी के प्रस्ताव पर उप/सहायक पंजीयक के प्रस्ताव पर जिला कलेक्टर द्वारा आवश्यकतानुसार सोसाइटियों को भूमि उपलब्ध करायी जावेगी ।
(7) निर्माण एजेंसी का निर्धारण - निर्माण एजेंसी का निर्धारण जिले के कलेक्टर द्वारा किया जाएगा । निर्माण एजेंसी निर्धारित करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जावे कि निर्माण एजेंसी द्वारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण निर्धारित समयावधि में अनिवार्यतः पूर्ण कर लिया जावे । (8 ) योजना की मॉनिटरिंग - योजना को समयावधि में पूर्ण करने तथा गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिये यह आवश्यक है कि निर्माण कार्यों की सतत रूप से राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर मॉनिटरिंग की जावे।
(एक) राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग समिति राज्य स्तर पर निर्माण कार्यों की प्रक्रिया एवं योजना की मॉनिटरिंग के लिये निम्नानुसार समिति का गठन किया जावेगाः-
अध्यक्ष
1. सचिव, सहकारिता विभाग , छ.ग. शासन
- सदस्य
2. सचिव, वित्त विभाग , छ.ग. शासन के प्रतिनिधि
- सदस्य ( संयोजक)
3. पंजीयक, सहकारी संस्थाएं , छत्तीसगढ़
- सदस्य
4. सी.जी.एम. नाबार्ड
सदस्य
5. प्रबंध संचालक , अपेक्स बैंक छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 5 दिसम्बर 2025
1886 ( 3) (दो) जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति - जिला स्तर पर निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग हेतु निम्नानुसार समिति गठित की जाती है : -
अध्यक्ष
1. जिला कलेक्टर
2. जिले के उप/सहायक पंजीयक , सहकारी संस्थाएं- सदस्य ( संयोजक)
- सचिव
3. मुख्य कार्यपालन अधिकारी /नोडल अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक (संबंधित जिला)
सदस्य
4. निर्माण एजेंसी का कार्यपालन यंत्री
- सदस्य
5. नाबार्ड का प्रतिनिधि
उपरोक्त समिति निर्माण कार्यों की प्रक्रिया, तकनीकी स्वीकृति , निर्माण कार्यों का मूल्यांकन एवं निर्माण एजेंसी को भुगतान की प्रक्रियाओं का निर्धारण करेगी । निर्माण कार्यों कीसतत् समीक्षा कर गोदाम की पूर्णता समयावधि में सुनिश्चित करेगी ।
(तीन) इस योजना में हितग्राही सोसाइटी के गोदाम निर्माण स्थल में परिवर्तन का अधिकार जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति को होगा ।
(चार) निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात् संबंधित जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक द्वारा पूर्णता एवं संतुष्टि प्रमाण-पत्र पंजीयक एवं सहकारिता विभाग को दिया जाएगा ।
(पाँच) गोदाम् निर्माण पूर्ण होने के पश्चात् हितग्राही सोसाइटी को 15 दिवस के भीतर कब्जा प्राप्त करना होगा।
(9) अनुदान ( आर्थिक सहायता) के निर्गमन की प्रक्रिया एवं शर्ते : -
(एक) योजना के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक बजट प्रावधान सहकारिता विभाग द्वारा किया जावेगा।
(दो) राज्य शासन के बजट में प्रावधानित राशि के आहरण का प्रस्ताव हितग्राही सोसाइटी के स्थल चयन होने के पश्चात् निर्धारित प्रपत्र (परिशिष्ट -1 ) में संबंधित जिला बैंक/अपेक्स बैंक के माध्यम से पंजीयक को प्रेषित किया जावेगा ।
(तीन) राशि के निर्गमन का प्रस्ताव पंजीयक द्वारा अपनी अनुशंसा सहित सहकारिता विभाग को प्रेषित किया जावेगा ।
(चार) निर्गमित अनुदान ( आर्थिक सहायता) की राशि पंजीयक के माध्यम से अपेक्स बैंक/जिला बैंक को प्रदाय की जायेगी । हितग्राही सोसाइटी को राशि समय पर उपलब्ध कराने की जवाबदारी अपेक्स बैंक/जिला बैंक की होगी । (पांच) पंजीयक एवं अपेक्स बैंक द्वारा योजना अंतर्गत निर्गमित राशि का लेखा हितग्राही सोसाइटीवार संधारित किया जावेगा ।
(10) समय सीमा - परियोजना की स्वीकृति पश्चात् निर्माण एजेन्सी को खाद एवं बीज गोदाम के निर्माण कार्य 18 माह की समय सीमा में पूर्ण किया जावेगा।
(11) उपयोगिता प्रमाण पत्र - योजनांतर्गत निर्गमित राशि का उपयोगिता प्रमाण -पत्र निर्धारित प्रपत्र (परिशिष्ट -2 ) में निर्माण एजेंसी के द्वारा प्रदान किया जावेगा जिस पर हितग्राही समिति एवं विभागीय अंकेक्षक द्वारा प्रति हस्ताक्षरित कर संबंधित जिला बैंक/ अपेक्स बैंक के माध्यम से पंजीयक/शासन को प्रेषित करेगा ।
(12) बीमा - योजनांतर्गत निर्मित गोदामों का बीमा कराने का दायित्व संबंधित संस्था का होगा। 1886 (4)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 5 दिसम्बर 2025
(13) विविध : -
(एक) राज्य शासन/पंजीयक को इस नियम के सुचारू रूप से संचालन एवं क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रशासनिक मार्गदर्शन , निर्देश एवं स्पष्टीकरण जारी करने का अधिकार होगा । (दो) इस नियम में संशोधन करने का अधिकार राज्य शासन को होगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 5 दिसम्बर 2025
1886 ( 5)
परिशिष्ट -1
शासकीय अनुदान ( आर्थिक सहायता ) हेतु आवेदन पत्र वर्ष
1. सहकारी सोसाइटी का नाम
2. पंजीयन क्र . एवं दिनांक
3. सम्बद्ध बैंक
4. अध्यक्ष का नाम
प्रबंधक का नाम
5. शासकीय अनुदान (आर्थिक सहायता) हेतु आवेदित राशि
मांग संख्या
योजना क्र.
मुख्य लेखा शीर्ष
6. विभागीय आयोजना बजट का विवरण जिसमें राशि की मांग की गई है ।
7. योजना का नाम -.
8. शासकीय अनुदान ( आर्थिक सहायता) का उपयोग जिस कार्य में किया जावेगा -
1. गोदाम स्थल
2. भंडारण क्षमता
3. साईज
9. सोसाइटी की आर्थिक स्थिति का विवरण दिनांक 31.03.2025 की स्थिति पर
1. अंश पूंजी
2.कार्यशील पूंजी
3. शुद्धलाभ हानि
4. संचित लाभ/हानि
हस्ताक्षर (सोसाइटी सील)
उपरोक्तानुसार सहायता ) प्रदान करने की अनुशंसा की जाती है । की शासकीय अनुदान ( आर्थिक उप /सहायक पंजीयक
मुख्य कार्यपालन अधिकरी जिला बैंक/अपेक्स बैंक 1886 ( 6)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 5 दिसम्बर 2025
परिशिष्ट -2
उपयोगिता प्रमाण-पत्र
प्रमाणित किया जाता है कि, प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटी, मर्यादित .जिला.. सहकारिता विभाग से मांग संख्या लेखाशीर्ष . राशि रुपये है। को छत्तीसगढ़ शासन ....मुख्य योजना क्रमांक...................में प्राप्त अनुदान ..का उपयोग योजना के उद्देश्य अनुसार कर लिया गया
अध्यक्ष/प्रबंधक प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित,
सत्यापन करने वाले अधिकारी का हस्ताक्षर (उप/सहायक पंजीयक)
संचालक , मुद्रण तथालेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय, नवा रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2025 .