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Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक, 2026 (क्रमांक 4 सन् 2026) संबंधी

Published 17 March 2026

Department
छ.ग. विधान सभा सचिवालय
Type
Extraordinary
Gazette no.
133
Notification no.
क्रमांक 4770/ वि.स./ विधान/ 2026
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2026-03-17.133
Languages
English, Hindi

10000

0000

छत्तीसगढ़शासन

पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015 . "

सत्यमेव जयते

"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान ( बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 ."

छत्तीसगढ़ राजपत्र

(असाधारण)

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 133 ]

नवा रायपुर, मंगलवार, दिनांक 17 मार्च 2026- -फाल्गुन 26, शक 1947

छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय

रायपुर, मंगलवार, दिनांक 17 मार्च, 2026 (फाल्गुन 26, 1947)

क्रमांक-4770/वि.स./विधान / 2026.- छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक, 2026 (क्रमांक 4 सन् 2026) जो मंगलवार, दिनांक 17 मार्च, 2026 को पुरःस्थापित हुआ है , को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है ।

हस्ता./- (दिनेश शर्मा) सचिव.

265 266

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 17 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ विधेयक

(क्रमांक 4 सन् 2026)

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक, 2026

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम , 1972 (क्र. 3 सन् 1973 ) में और संशोधन करने हेतु विधेयक । भारत गणराज्य के सतहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो। 1 .

(1)

संक्षिप्त नाम तथाप्रारंभ.

यह अधिनियम छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) अधिनियम, 2026

कहलाएगा।

यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा।

(2)

प्रोद्धरण का संशोधन.

2. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 (क्र. 3 सन् 1973) के उद्धरण (जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के रूप में निर्दिष्ट है) में, शब्द एवं अंक "छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 " के स्थान पर , शब्द एवं अंक "छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल अधिनियम, 1972 " प्रतिस्थापित किए जाएं ।

वृहत नाम का प्रतिस्थापन.

3. मूल अधिनियम के वृहत नाम के स्थान पर, निम्नलिखित वृहत नाम प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

"छततीसगढ़ राज्य में आवासीय आवश्यकता के समाधान और उसके संबंध में उपाय करने एवं अधोसंरचना विकास स्कीमों को उपक्रमित करने हेतु गृह निर्माण और अधोसरंचना विकास मण्डल के, निगमन तथा विनियमन के लिए तथा उससे संबंधित विषयों के लिए उपबंध करने हेतु अधिनियम । "

4.

धारा 1 का संशोधन, मूल अधिनियम की धारा 1 की उप- धारा ( 1 ) में, शब्द एवं अंक "छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम , 1972 " के स्थान पर, शब्द एवं अंक "छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल अधिनियम, 1972 " प्रतिस्थापित किए जाएं ।

5. मूल अधिनियम की धारा 2 में,

धारा 2 का संशोधन.

(क) खण्ड (3 ) में, शब्द "गृह निर्माण मण्डल" के स्थान पर शब्द "गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल " प्रतिस्थापित किये जाएं; (ख) खण्ड (7- क) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्:-

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 17 मार्च 2026

266( 1)

"(7-क) "अधोसंरचना विकास स्कीमों " से अभिप्रेत है तथा इसमें सम्मिलित है सड़कों, पुलों, हवाई अड्डों, मलजल एवं नगर स्तर की जल प्रदाय प्रणालियों के निर्माण की स्कीमें तथा अन्य अधोसंरचना विकास स्कीमें;"

(ग) खण्ड (9) में , शब्द "गृह निर्माण स्कीम" जहां कही भी आये हो के स्थान पर, शब्द "गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास स्कीम" प्रतिस्थापित किये जाएं।

6.

धारा 3 का संशोधन.

मूल अधिनियम की धारा 3 में, शब्द " गृह निर्माण मण्डल " जहां कहीं भी आये हों , के स्थान पर शब्द "गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल" प्रतिस्थापित किये जाएं।

7 .

मूल अधिनियम के अध्याय 5 के शीर्षक के स्थान पर निम्नलिखित शीर्षक प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

अध्याय 5 के शीर्षकका संशोधन.

"गृह निर्माण और अधोसंरचना विकास स्कीमों पर व्यय करने और संविदा करने की मण्डल, अध्यक्ष तथा गृह निर्माण आयुक्त की शक्तियाँ । "

8.

अध्याय 6 के मूल अधिनियम के अध्याय 6 के शीर्षक के स्थान पर निम्नलिखित शीर्षक प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

शीर्षकका संशोधन.

"गृह निर्माण स्कीमें तथा अधोसंरचना विकास स्कीमें। "

9.

धारा 31 का संशोधन.

मूल अधिनियम की धारा 31 में, शब्द "गृह निर्माण स्कीमों और विकास स्कीमों " जहां कहीं भी आये हों के स्थान पर शब्द एवं चिन्ह "गृह निर्माण स्कीमों तथा/या अधोसंरचना विकास स्कीमों " प्रतिस्थापित किये जाएं ।

10.

धारा 32 का संशोधन, मूल अधिनियम की धारा 32 में , शब्द "गृह निर्माण स्कीमों और विकास स्कीमों" जहां कहीं भी आये हों के स्थान पर शब्द एवं चिन्ह "गृह निर्माण स्कीमों तथा/या अधोसंरचना विकास स्कीमों" प्रतिस्थापित किये जाएं ।

11.

धारा 33-क की मूल अधिनियम की धारा 33 के पश्चात्, निम्नलिखित धारा अंतःस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

नई धारा का अंतःस्थापन.

"33-क. अधोसंरचना विकास स्कीमों द्वारा किये जाने वाले विषय- तत्समय प्रवृत किसी अन्य विधि में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी अधोसंरचना विकास स्कीम में निम्नलिखित समस्त विषयों या उनमें से किसी 266 ( 2)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 17 मार्च 2026

भीविषय के लिये उपबंध हो सकेंगे , अर्थात्:-

(क) अधोसंरचना विकास हेतु, जिसमें पुलों, सड़कों, राजमार्गों , हवाई अड्डों, जल प्रदाय तथा मलवहन प्रणालियाँ अथवा अन्य अधोसंरचना विकास गतिविधियाँ सम्मिलित हों, स्कीमों एवं परियोजनाओं को तैयार करना, सूत्रबद्ध करना तथा कार्यान्वित करना ।

(ख) मास्टर प्लान कार्यान्वित तथा नगर निवेश स्कीमों (टी.पी.एस. )/नगर विकास स्कीमों (टी.डी.एस. ) को तैयार करना, सूत्रबद्ध करना तथा कार्यान्वित करना ।

(ग) छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 (क्र. 23 सन् 1956) छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 (क्र. 37 सन् 1961)और छत्तीसगढ़ पंचायती राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 (क्र. 1 सन् 1994) के अधीन गठित स्थानीय निकायों, छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्र. 3 सन् 1973 ) के अधीन गठित नगर विकास प्राधिकरणों तथा ऐसे ही अन्य संगठनों को उनकी तकनीकी तथा आंतरिक क्षमताओं तथा उनके वित्तीय संसाधनों में सुधार के लिये सहायता तथा परामर्श सेवाएँ उपलब्ध कराना ।

(घ) मंडल , विद्यमान कॉलोनियों, जीर्ण-शीर्ण भवनों अथवा अल्पप्रयुक्त भूमेियों के पुनर्विकास की परियोजनाओं को उपक्रमित कर सकेगा; आवास तथा संबद्ध अधोसंरचना हेतु सार्वजनिक-निजी भागीदारी आधारित परियोजनाओं को उपक्रमित कर सकेगा; तथा स्लम के पुनर्विकास सहित राज्य शासन द्वारा सौंपे गए किसी अन्य परियोजना का भी क्रियान्वयन कर सकेगा । "

12.

मूल अधिनियम की धारा 34-क में

धारा 34-क का संशोधन, (क) पार्श्व शीर्षक के स्थान पर, निम्नलिखित पार्श्व शीर्षक प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

"अधोसंरचना विकास स्कीमें। "

(ख) उप-धारा (1 ) के स्थान पर, निम्लिखित उप-धारा प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्: -

"( 1 ) मंडल की, जब कभी राज्य सरकार या स्थानीय निकाय या विकास प्राधिकरण के अनुरोध पर या स्वविवेक पर यह राय हो कि छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 17 मार्च 2026

266 ( 3)

किसी क्षेत्र में अधोसंरचना विकास स्कीम आरंभ करना समीचीन है तोमण्डल ऐसीविकास स्कीम बना सकेगा। "

(ग) उप-धारा (4 ) में, शब्द "विकास स्कीम" के स्थान पर, शब्द "अधोसंरचना विकास स्कीम" प्रतिस्थापित किये जाएं ।

13.

धारा 35 का संशोधन.

मूल अधिनियम की धारा 35 की उप - धारा (2 ) के खण्ड (क) में , शब्द "विकास स्कीमों" के स्थान पर , शब्द "अधोसंरचना विकास स्कीमों " प्रतिस्थापित किये जाएं।

14.

धारा 37 का संशोधन, मूल अधिनियम की धारा 37 मे प्रथम परंतुक में शब्द "विकास स्कीमों" के स्थान पर, शब्द "अधोसंरचना विकास स्कीमों" प्रतिस्थापित किये जाएं।

15.

धारा 44 का संशोधन, मूल अधिनियम की धारा 44 में शब्द "गृह निर्माण स्कीमों" जहां कहीं भी आए हों, के स्थान पर, शब्द "गृह निर्माण स्कीमों एवं अधोसंरचना विकास स्कीमों" प्रतिस्थापित किये जाएं।

16.

धारा 50 का संशोधन, मूल अधिनियम की धारा 50 की उप - धारा ( 1 ) के स्थान पर, निम्लिखित उप- धारा प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

" ( 1 ) मण्डल किसी गृह निर्माण स्कीम से समाविष्ट किए गये क्षेत्र में या किसी लगे हुए क्षेत्र में या किसी अन्य गैर-आवासीय स्कीम में, या राज्य शासन द्वारा सौंपे / प्रस्तावित किये गये किसी अन्य परियोजना में स्थित किसी भूमि या भूमि काभाग, विकसित भू-खण्ड, भवन या उसके किसी प्रकोष्ठ या अन्य संपत्ति को रखे रह सकेगा, या पट्टे पर दे सकेगा, उसका विक्रय कर सकेगा , विनिमय कर सकेगा या पुनर्गठन कर सकेगा या अन्यथा व्ययन कर सकेगा " ।

17.

धारा 62 का संशोधन.

मूल अधिनियम की धारा 62 की उप- धारा (3 ) में, शब्द "गृह निर्माण स्कीम" के स्थान पर, शब्द "गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास स्कीम" प्रतिस्थापित किये जाएं।

18.

धारा 76 का संशोधन.

मूल अधिनियम की धारा 76 में, शब्द ' गृह निर्माण स्कीमों " के स्थान पर, शब्द "गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास स्कीमों" प्रतिस्थापित किये जाएं। छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 17 मार्च 2026

266( 4)

उ‌द्देश्यों और कारणों का कथन

राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल का गठन, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल अधिनियम, 1972 की धारा 03 के अधीन विभागीय अधिसूचना क्र.177/3236/32/2003 , रायपुर, दिनांक 12.02.2004 द्वारा किया गया था । मध्यप्रदेश गृह निर्माण मण्डल से पृथक होने के पश्चात् नवगठित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा अधिनियम में प्रदत्त शक्तियों, कर्तव्यों एवं दायित्वों का प्रयोग करते हुए राज्य में विभिन्न आवासीय योजनाओं एवं संबंधित कार्यकलापों का संचालन किया जा रहा है ।

छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के परिप्रेक्ष्य में शहरी क्षेत्रों को एकीकृत एवं सुव्यवस्थित रूप से क्रियान्वित करने हेतु, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा प्रभावी कार्यप्रणाली लागू करने की आवश्यकता महसूस की गई है। राज्य में शहरीकरण की तीव्र गति को देखते हुए अनुमान है कि वर्ष 2031 तक भिलाई , रायपुर, नया रायपुर, स्मार्ट सिटी क्षेत्र, टाउन प्लानिंग स्कीम क्षेत्रों तथा राज्य राजधानी क्षेत्र ( SCR ) में क्रमिक रूप से बढ़ती जनसंख्या के परिणामस्वरूप क्षेत्र की कुल आबादी लगभग। करोड़ तक पहुँच जाएगी । ऐसी स्थिति में बड़े पैमाने पर आवासीय , व्यावसायिक एवं सामाजिक अधोसंरचना की आवश्यकता होगी , इस संदर्भ में मण्डल की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है ।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण भण्डल अधिनियम, 1972 में समयानुसार आवश्यक व्यवहारिक परिवर्तन स्थापित करना समुचित एवं सार्वजनिक हित में होगा , तथा मण्डल के कार्यक्षेत्र का विस्तार और कार्यप्रणाली का सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित किया जा सकेगा । इस परिप्रेक्ष्य में यह उल्लेखनीय होगा कि देश के विभिन्न राज्यों में गृह निर्माण मण्डल समय- समय पर अपने अधिनियमों में संशोधन करते रहे हैं और भविष्य में भी नवीन गतिविधियों, परियोजनाओं एवं आधुनिक विकास मॉडल को अपनाएंगे ।

भविष्य में, मण्डल की गतिविधियों का दायरा व्यापक रूप से विस्तृत होगा, जिसमें नवीन विकास अवधारणाओं का समावेश, अधोसंरचना विकास, पुनर्विकास , सार्वजनिक निजी सहभागिता , स्लम पुनर्विकास , मिश्रित भूमि उपयोग, नगर विकास योजनाएँ, इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास मॉडल तथा राज्य शासन द्वारा सौंपे गए अन्य विशेष प्रोजेक्ट्स का प्रभावी रूप से क्रियान्वयन हो सकेगा इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु अधिनियम में संशोधन एवं नवीन विनियमों का प्रावधान किया जाना आवश्यक होगा। छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 17 मार्च 2026

266 ( 5) प्रस्तावित संशोधन का उ‌द्देश्य छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल को एक सशक्त , सक्षम एवं व्यावहारिक संस्था के रूप में विकसित करना होगा , जिससे मण्डल द्वारा राज्य शासन की नीतियों के अनुरूप आवासीय , व्यावसायिक एवं विकास परियोजनाओं का नियोजित, व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाएगा तथा राज्य के समग्र शहरी विकास में सक्रिय सहभागी की भूमिका निभाई जाएगी, जिसमें विकास मानकों को सम्मिलित किया जाएगा ।

अतः यह विधेयक प्रस्तुत हैं ।

रायपुर, दिनांक 13 मार्च, 2026

ओ.पी. चौधरी आवास एवं पर्यावरण मंत्री (भारसाधक सदस्य) 266 ( 6)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 17 मार्च 2026

उपाबंध

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 (क्र. 3 सन् 1973 ) का उद्धरण

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम , 1972 अनुसार प्रस्ताव 1 संक्षिप्त नाम एवं प्रारंभ

2 प्रोद्धरण

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम 1972

3 वृहत नाम का प्रतिस्थापन

आवास स्थान और विकास स्कीमों को हाथ में लेने की आवश्यकता के सम्बंध में कार्यवाही करने तथा उस आवश्यकता की पूर्ति करने के प्रयोजनार्थ छत्तीसगढ़ के लिए गृह निर्माण मंडल के निगमन और विनियमन के लिए तथा उससे संबंधित विषयों के उपबंध करने हेतु अधिनियमा

4 धारा -1

1. संक्षिप्त नाम तथा विस्तार-

(1 ) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम , 1972 कहा जा सकेगा।

5 धारा-2

मंडल से अभिप्रेत है धारा 3 के अधीन स्थापित किया गया छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल।

धारा-2 खण्ड (3)

धारा-2-खण्ड 7(क) "विकास स्कीमों " के अंतर्गत आता है सड़कों, राज्य के राजमार्गों , राष्ट्रीय राजमार्गों , पुलों, मलवाहन प्रणाली का निर्माण और ऐसी ही अन्य अंतः संरचनात्मक विकास स्कीमें।

धारा-2 खण्ड (9) "गृह निर्माण स्कीम " से अभिप्रेत है इस अधिनियम के अधीन बनाई गई गृह-निर्माण स्कीम और उसके अन्तर्गत धारा 34 के अधीन तैयार की गई भूमि विकास स्कीम आती है।

6 धारा-3

छत्तीसगढ़ गृह -निर्माण मण्डल की स्थापना-

राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा ऐसी तारीख से , जो कि उसमें विनिर्दिष्ट की जाए, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के नाम से एक मण्डल की स्थापना करेगी जो कि एक निगमित निकाय होगा जिसका शाश्वत उत्तराधिकार होगा तथा जिसकी सामान्य मुद्रा होगी और जिसे सम्पत्ति अर्जित करने , धारण करने तथा उसका व्ययन करने और संविदा करने की शक्ति, इस अधिनियम के उपबन्धों के अध्ययीन रहते हुए, और जो उक्त नाम से वाद चला सकेगा तथा जिसके विरुद्ध उक्त नाम से बाद चलाया जा सकेगा।

7 अध्याय-5 के शीर्षक गृह- निर्माण स्कीमों पर व्यय करने और संविदा करने की मंडल , तथा गृह - निर्माण आयुक्त की शक्तियां

8 अध्याय-6 के शीर्षक |गृह- निर्माण योजना 266( 7)

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 17 मार्च 2026

धारा -31

9

गृह-निर्माण स्कीमों को हाथ में लेने का मण्डल का कर्तव्य -

इस अधिनियम के उपबन्धों के अध्यधीन रहते हुए तथा राज्य सरकार के नियन्त्रण के अध्यधीन रहते हुए, मण्डल किसी भी क्षेत्र में, जिसको कि यह अधिनियम लागू होता हो , ऐसी गृह निर्माण स्कीमों के जिन्हें कि वह समय समय पर आवश्यक समझे या जो कि उसे राज्य सरकार द्वारा सौपी जाये, विरचित किए जाने तथा उनका निष्पादन किए जाने के लिए, व्यय कर सकंगा तथा सकर्म को हाथ में ले सकेंगा । 10 धारा-32

सरकारी या गैर सरकारी निकाय की गृह- निर्माण स्कीमों को हाथ में ले लेने की या अपना कार्य सरकारी या गैर सरकारी निकाय को सौंपने की मण्डल की शक्ति-

मण्डल ऐसे नियमों तथा शर्तों के अध्यधीन रहते हुए जो विहित की जाये , किसी स्थानीय प्राधिकारी या सहकारी गृह निर्माण सोसायटी की ओर से या उद्योगों में श्रमिकों के नियोजको किसी अन्य निकाय , चाहे वह सरकारी हो या अन्यथा, की ओर से गृह निर्माण स्कीमों के कार्य के निष्पादन को हाथ में ले सकंगा और अपनी गृह निर्माण स्कीमों का निष्पादन, जैसे और जब आवश्यक हो, ऐसे निकायों को सौप भी सकेगा।

11 धारा 33- " क "

धारा 34- क.

12

34- क. विकास स्कीमें ( 1 ) जब कभी मण्डल की यह राय हो कि किसी क्षेत्र में विकास स्कीमों को आरंभ करना समीचीन है तो मण्डल विकास स्कीम विरचित करेगा।

(2) ऐसी स्कीम में नदियों पर पुलों, मुख्य सड़कों, राजमार्गों , शहर स्तर के जल प्रदाय और मलवहन प्रणाली के सन्निर्माण या इसी प्रकार के अन्य क्रियाकलाप सम्मिलित हो सकेंगे।

(3 ) ऐसी स्कीमों में विकसित किया जाने वाले क्षेत्र का प्रस्तावित अभिन्यास विकास का प्रयोजन और स्कीम को क्रियान्वित करने का ढंग विनिर्दिष्ट किया जायेगा ।

(4) मण्डल स्वविवेक से किसी विकास स्कीम पर आई लागत की वसूली की और पट्टा, पूर्ण विक्रय या किसी अन्य ठहराव को ऐसी रीति और ढंग अवधारित कर सकेगा जैसा कि फायदाप्रद या लाभदायक समझा जाये।

कार्यक्रम में अन्तर्विष्ट होगी।

धारा 35-(2)

13

(क) उन गृह- निर्माण स्कीमों और अन्य विकास स्कीमों की, जिन्हें कि मण्डल आगामी वित्तीय वर्ष के दौरान चाहे अंशतः या पूर्णतः निष्पादित करना प्रस्तावित करे, ऐसी विशिष्टियां जैसी कि विहत की जाए।

(ख) किसी उपक्रम की, जिसे कि मण्डल- निर्माण सामग्री के उत्पादन के प्रयोजन के लिए आगामी वित्तीय वर्ष के दौरान संगठित्प्त करना या निष्पादित करना प्रस्तावित करे, विशिष्टियां , और 266 ( 8)

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 17 मार्च 2026

(ग) ऐसी अन्य विशिष्टियां जो कि विहित की जाएँ ।

परन्तु यदि राज्य सरकार उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट की गई तारीख से पूर्व ऐसा निदेश दे, तो कार्यक्रम में की गृह - निर्माण स्कीम में कोई भी ऐसा विषय सम्मिलित होगा जिसके लिए उसकी राय में पूर्विकता के आधार पर उपबन्ध करना तथा जिसे उसकी राय में पूर्विकता के आधार पर निष्पादित आवश्यक हो।

14 धारा-37

मण्डल द्वारा कार्यक्रम में फेरफार- मण्डल किसी भी समय , धारा 35 के अधीन राज्य सरकार को अग्रेषित किये गये कार्यक्रम में सम्मिलित किसी कार्यक्रम या उसके किसी भाग में फेरफार कर सकेगा ।

परन्तु ऐसा कोई फेरफार नहीं किया जाएगा, यदि उसमें उस रकम के, जिसका कि ऐसे कार्यक्रम को सम्मिलित किसी गृह निर्माण स्कीम और अन्य विकास स्कीमों के निष्पादन के लिए मूलतः प्रावधान किया गया पन्द्रह प्रतिशत से अधिक व्यय अन्तर्वलित हो या यदि वह उसक विस्तार या प्रयोजन पर प्रभाव डालता है।

परन्तु यह और भी कि जहां मण्डल राज्य सरकार का ऋणी हो , वह राज्य सरकार की पूर्व मन्जूरी के बिना ऐसा कोई फेरफार नहीं किया जायेगा ।

15 धारा-44

राज्य में गृह निर्माण स्कीमों का अतिशीघ्र तथा दक्षतापूर्ण कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उपाय- मण्डल का यह भी कर्तव्य होगा , कि वह

(1 ) राज्य में गृह -निर्माण सम्बंधी समस्त क्रियाकलापों की योजना बनाने तथा समन्वित करने और राज्य में गृह निर्माण स्कीमों का अतिशीघ्र तथा दक्षतापूर्ण कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने ।

(2) केन्द्रीय राज्य सरकार द्वारा पुरोनिधान की गई अथवा केन्द्रीय या राज्य सरकार से सहायता प्राप्त गृह निर्माण स्कीमों के अधीन तकनीकी सलाह देने समस्त परियोजनाओं की संविक्षा करने।

(3 ) मण्डल के प्लाटो भवनों तथा अन्य संपत्तियों का अनुरक्षण करने , आवंटन करने , उन्हें पट्टे पर देने तथा अन्यथा उपयोग में लाने एवं भाड़ा नियम करने तथा प्रबन्ध के अधीन संपत्तियों से भाड़ों का संग्रहन करने और राज्य सरकार के उधारों का प्रतिसंदाय करने।

16 धारा-50

भूमि का व्ययन करने की शक्ति -

( 1 ) इस अधिनियम के अधीन राज्य सरकार द्वारा बनाये गये किन्ही नियमों के अधीन रहते हुए, मण्डल उसमें निहित तथा किसी गृह निर्माण स्कीम से समाविष्ट किए गये क्षेत्र में या किसी लगे हुये क्षेत्र में स्थित किसी भूमि भवन या अन्य सम्पत्ति| को रखे रह सकेगा , या पट्टे पर दे सकेगा , उसका विक्रय कर सकेगा , विनिमय कर सकेगा या अन्यथा व्ययन कर सकेगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 17 मार्च 2026

266 ( 9) 17 धारा-62 (3)

62-(3 ) ऐसी शर्तों तथा निबन्धनों के, जां कि राज्य सरकार समय समय पर विनिर्दिष्ट करे अध्यधीन रहते हुए तथा राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से, मण्डल इस अधिनियम के अधीन किसी गृह निर्माण स्कीम के समवर्तन तथा निष्पादन के लिए, या इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए इण्टरनेशनल बैंक फार रिकन्स्ट्रक्शन एण्ड डेवलपमेंट (आई.सी.आर. डी. ) या संयुक्त राष्ट्र संघ ( यू.एन.ओ. ) के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य अन्तः सहकारी अभिकरण के साथ या राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित किसी बैंक या अन्य वित्तीय संस्थाओं के साथ या जीवन बीमा निगम अधिनियम, 1956 (क्रमांक 31 सन 1956) की धारा 3 के अधीन स्थापित किए गए भारतीय जीवन बीमा निगम के साथ वित्तीय ठहराव कर सकेगा।

18 धारा-76

अन्य विवरण तथा विवरणियां- मण्डल किसी प्रस्तावित या विद्यमान गृह निर्माण स्कीमों में राज्य सरकार को ऐसी सांख्यिकी, विवरणियां, विशिष्टियां या विवरण ऐसे समयो पर प्ररूप एवं रीति में, जो कि विहित किया जाये/की जाये या जैसा कि राज्य सरकार और समय समय पर निदेश दे, प्रस्तुत करेगा

दिनेश शर्मा , सचिव,

छत्तीसगढ़ विधान सभा संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2026.

Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 17 March 2026. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2026-03-17.133/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2026-03-17.133.