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छत्तीसगढ़शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015 . "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान ( बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 ."
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 135 ]
नवा रायपुर, मंगलवार, दिनांक 17 मार्च 2026- -फाल्गुन 26, शक 1947
छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय
रायपुर, मंगलवार, दिनांक 17 मार्च, 2026 (फाल्गुन 26, 1947)
क्रमांक-4774/वि.स./विधान/ 2026.- छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश ( संशोधन) विधेयक, 2026 (क्रमांक 3 सन् 2026) जो मंगलवार, दिनांक 17 मार्च, 2026 को पुरःस्थापित हुआ है, को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है ।
हस्ता./- (दिनेश शर्मा) सचिव.
269 270
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 17 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्रमांक 3 सन् 2026)
छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक , 2026.
छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्र. 23 सन् 1973) को और संशोधित करने हेतु विधेयक ।
भारत गणराज्य के सतहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधानमंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो:-
1. (1 ) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) संक्षिप्त नाम अधिनियम , 2026 कहलायेगा । और प्रारंभ.
(2) यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा ।
धारा 38 का संशोधन.
2. छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 38 की उप- धारा (2) के पश्चात् निम्नलिखित उप -धारा अंतःस्थापित की जाए , अर्थात्: -
" (2- क ) किसी योजना क्षेत्र के अंतर्गत किसी विनिर्दिष्ट क्षेत्र के संबंध में, राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा , उस क्षेत्र पर अधिकारिता रखने वाले नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकरण के अतिरिक्त, निम्नलिखित में से किसी भी निकाय, -
(क) राज्य सरकार का कोई अभिकरण; या
(ख) राज्य सरकार के स्वामित्व वाली कोई कंपनी; या
(ग) कोई नगरीय स्थानीय निकाय (अपने सीमा क्षेत्र में); को ऐसे विनिर्दिष्ट क्षेत्र के लिए नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकरण के रूप में कार्य करने हेतु नामित कर सकेगी और इस प्रकार नामित निकाय को ऐसे अधिकार , कार्य , कर्तव्य तथा उत्तरदायित्व , जो वह आवश्यक समझे, जिनमें विनिर्दिष्ट क्षेत्र के लिए नगर विकास योजनाओं की तैयारी , निष्पादन तथा कियान्वयन सम्मिलित है , प्रत्यायोजित कर सकेगी ।
परंतु यह कि, धारा 39 से 48 के उपबंध ऐसे निकाय पर लागू नहीं होंगे । " छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 17 मार्च 2026
270(1)
उद्देश्यों और कारणों का कथन
यतः , राज्य में नगरीय विकास की गति , स्वरूप तथा उभरते परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए तथा नियोजित एवं व्यवस्थित विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से , नगरीय विकास योजनाओं के तैयार करने तथा उसके लिए प्राधिकृत प्राधिकरणों से संबंधित उपबंध छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) के अधीन किए गए हैं ;
और यतः , नगरीय विकास योजनाओं के तैयार करने तथा उनके क्रियान्वयन को सुगम एवं त्वरित बनाने के लिए , नगर तथा ग्राम निवेश प्राधिकरण के अतिरिक्त, राज्य सरकार के किसी अभिकरण ( एजेंसी ) , राज्य सरकार के स्वामित्व वाली किसी कंपनी या किसी नगरीय स्थानीय निकाय को ऐसी योजनाओं को तैयार करने तथा क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकृत करना आवश्यक समझा गया है; -
और यतः , आगे यह भी आवश्यक समझा गया है कि राज्य सरकार को यह शक्ति प्रदान की जाए कि वह राज्य सरकार के किसी अभिकरण ( एजेंसी) , राज्य सरकार के स्वामित्व वाली किसी कंपनी या किसी स्थानीय नगरीय निकाय को, निर्दिष्ट क्षेत्रों के लिए नगर तथा ग्राम निवेश प्राधिकरण के रूप में अभिहित कर सके तथा ऐसे प्राधिकरण को नगरीय विकास योजनाओं के तैयार करने तथा क्रियान्वयन से संबंधित विशिष्ट कर्तव्यों तथा दायित्वों से अभिहित कर सके;
और यतः , ऐसे उपायों से राज्य में तैयार तथा क्रियान्वित की जा रही नगर विकास योजनाओं की संख्या में वृद्धि होगी तथा राज्य सरकार के अभिकरण , जैसे कि गृह निर्माण मंडल तथा राज्य औद्योगिक विकास निगम को नियोजित विकास गतिविधियों में सक्षम बनाया जा सकेगा, जिससे राज्य में , विशेष रूप से औद्योगिक तथा आवासीय क्षेत्रों में , नियोजित नगरीय विकास को गति मिलेगी तथा औद्योगिक तथा आवासीय प्रयोजनों के लिए सुव्यवस्थित भूखंडों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी;
अतएव यह विधेयक प्रस्तुत है ।
ओ.पी. चौधरी रायपुर,
आवास एवं पर्यावरण मंत्री दिनांक 13 मार्च , 2026
(भारसाधक सदस्य) 270 ( 2)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 17 मार्च 2026
उपाबंध
छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्र . 23 सन् 1973 ) की धारा 38 का
उद्धरण
धारा
क्र.
छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 अनुसार प्रस्ताव
3
1
2
1.
अधिनियम की धारा 38 की उपधारा (2) में निम्नानुसार प्रावधान है- धारा 38 की
उप-धारा
(2)
(2) एक या अधिक नगर विकास योजना तैयार करने और उक्त योजना का क्रियान्वयन करने एवं उस क्षेत्र के, जो उप - धारा (1 ) के अधीन अधिसूचना में विनिर्दिष्ट किया गया हो , को विस्तार या सुधार के प्रयोजन के लिए , भूमि का विकास करने का कर्तव्य , इस अधिनियम के उपबंधों के अध्याधीन रहते हुए उक्त क्षेत्र के लिए स्थापित किये गये नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी में निहित होगा ।
परंतु नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी पर अधिरोपित कर्तव्य का पालन उप-धारा (1 ) के अधीन किसी क्षेत्र के लिए उस प्राधिकारी की स्थापना हो जाने तक उस स्थानीय प्राधिकारी द्वारा जो कि ऐसे क्षेत्र पर अधिकारिता रखते हो , इस प्रकार किया जायेगा , मानो कि वह इस अधिनियम के अधीन स्थापित किया गया नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी हो ।
दिनेश शर्मा, सचिव, छत्तीसगढ़ विधान सभा संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित 2026.