10000
0000
छत्तीसगढ़शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015 . "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान ( बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 ."
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 137 ]
नवा रायपुर , बुधवार, दिनांक 18 मार्च 2026- -फाल्गुन 27, शक 1947
छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय
रायपुर, बुधवार, दिनांक 18 मार्च, 2026 (फाल्गुन 27, 1947)
क्रमांक-4821 /वि.स./विधान / 2026.- छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2026 (क्रमांक 5 सन् 2026 ) जो बुधवार, दिनांक 18 मार्च , 2026 को पुरःस्थापित हुआ है, को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है ।
हस्ता./- (दिनेश शर्मा) सचिव.
273 274
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्रमांक 5 सन् 2026)
छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक , 2026 .
विषय -सूची
अध्याय-एक
प्रारंभिक
खण्ड
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ.
2. परिभाषाएँ.
अध्याय-दो
प्रतिषेध और अपराध
3. अनुचित साधनों के उपयोग का प्रतिषेध.
4. प्रश्नपत्र की अनधिकृत अभिरक्षा एवं प्रकटीकरण.
5. परीक्षा कार्य से संबद्ध व्यक्ति द्वारा प्रकटीकरण की रोकथाम.
6. परीक्षा केन्द्र में प्रवेश पर निषेध.
7. परीक्षा केन्द्र के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान का प्रयोग , लोक परीक्षा के लिए नहीं किया जायेगा.
8. मूल्यांकन या अभिलेखों में हेराफेरी की रोकथाम.
9. प्रबंधन, संस्थान अथवा अन्य द्वारा किए गए अपराध.
अध्याय-तीन
अपराधों के लिए दंड
10. शास्ति.
11. अपराध के किए जाने में सहायता या सुविधा प्रदान करने के लिए दायित्व.
12. संपति की समपहरण एवं कुर्की.
13. अधिनियम का अन्य विधियों के प्रतिकूल न होना छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
274(1)
अध्याय-चार
जाँच और विवेचना
14. विवेचना हेतु सशक्त अधिकारी.
अध्याय-पाँच
विचारण और प्रक्रिया
15. अपराधों का विचारण एवं प्रक्रिया.
अध्याय-छः
प्रकीर्ण
16. लोकसेवक.
17. सद्भावनापूर्वक की गई कार्यवाही के लिए संरक्षण .
18. अधिनियम का अध्यारोही प्रभाव.
19. नियम बनाने की शक्ति.
20.अनुसूची में संशोधन की शक्ति.
21. परीक्षा संबंधी दस्तावेजों का उचित संधारण.
22. कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति.
अनुसूची 274 (2)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्रमांक 5 सन् 2026)
छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक , 2026.
छत्तीसगढ़ राज्य में लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं से संबंधित सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के रोकथाम करने तथा उससे संबद्ध या आनुसंगिक विषयों के उपबंध करने हेतु विधेयक।
भारत गणराज्य के सतहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-
अध्याय-एक
प्रारंभिक
1.
संक्षिप्त नाम ,
विस्तार और (1) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2026 कहलाएगा ।
प्रारंभ.
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में होगा ।
(3) यह ऐसी तारीख से प्रवृत्त होगा, जिसे कि राज्य सरकार , राजपत्र में, अधिसूचना द्वारा नियत करें।
2.
परिभाषाएँ.
(1 ) इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -
(क) "अभ्यर्थी" से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है, जिसे लोक परीक्षा में उपस्थित होने के लिए लोक परीक्षा प्राधिकरण द्वारा अनुमति प्रदान की गई है और इसके अंतर्गत उसकी ओर से लेखक या सहायक के रूप में कार्य करने के लिए कोई प्राधिकृत व्यक्ति भी सम्मिलित है;
(ख) "संसूचना उपकरण" का वही अर्थ होगा , जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का सं. 21 ) की धारा 2 की उप-धारा ( 1 ) के खंड (जक) में उसके लिए यथा समनुदेशित है;
(ग) " सक्षम प्राधिकारी" से अभिप्रेत है, राज्य शासन का वह विभाग, जो लोक परीक्षा प्राधिकरण के प्रशासनिक छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
274 (3) रूप से प्रभार में हो ;
(घ) " कंप्यूटर नेटवर्क " , " कंप्यूटर साधन" तथा " कंप्यूटर प्रणाली" के वही अर्थ होंगे, जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का सं. 21 ) की धारा 2 की उप-धारा ( 1 ) के खंड (ञ) , (ट) एवं (ठ) में उनके लिए क्रमशः समनुदेशित है;
(ङ) "लोक परीक्षा का संचालन" से अभिप्रेत है और उसमें सम्मिलित हैं सभी प्रक्रियाएं, चरण एवं गतिविधियां, जिन्हें लोक परीक्षाओं के संचालन हेतु अपनाया जाना हो, जिसमें प्रश्नपत्रों, उत्तर पुस्तिकाओं, ओ.एम.आर. पत्रकों, परिणाम पत्रकों की तैयारी , मुद्रण, पर्यवेक्षण, कोडिंग , प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं संकलन , स्कैनिंग , मूल्यांकन एवं परिणाम की घोषणा भी सम्मिलित है;
(च) " परीक्षा केन्द्र" से अभिप्रेत है, कोई संस्था अथवा उसका भाग या ऐसा कोई अन्य स्थान , जिसे लोक परीक्षा के आयोजन हेतु निर्धारित एवं प्रयुक्त किया गया हो तथा उसमें उससे संलग्न संपूर्ण परिसर भी सम्मिलित होंगे;
(छ) " शासन" से अभिप्रेत है , छत्तीसगढ़ शासन;
(ज) " संस्थान" से अभिप्रेत है , कोई भी ऐसा अभिकरण , संगठन, निकाय , व्यक्तियों के संघ , व्यावसायिक इकाई, कंपनी, साझेदारी या एकल स्वामित्व फर्म , चाहे उसे किसी भी नाम से जाना जाये , जो लोक परीक्षा प्राधिकरण से भिन्न है तथा इसमें ऐसे प्राधिकरण द्वारा नियुक्त सेवा प्रदाता शामिल है;
स्पष्टीकरणः इस खंड के प्रयोजन हेतु, "कंपनी" में सम्मिलित हैं, कंपनी अधिनियम , 2013 (2013 का सं. 18) की धारा 2 के खंड (20) में यथा परिभाषित कंपनी या सीमित दायित्व भागीदारी अधिनियम, 2008 (2008 का सं. 6) की धारा 2 की उप-धारा ( 1 ) के खंड (ढ) में यथा परिभाषित सीमित दायित्व भागीदारी फर्म ।
(झ) " अधिसूचना" से अभिप्रेत है, राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना और शब्द 'अधिसूचित' का तद्नुसार अर्थ लगाया जाएगा;
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2026
274(4)
(ञ) " संगठित अपराध" से अभिप्रेत है , किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा लोक परीक्षा के संबंध में अनुचित लाभ हेतु किसी साझा हित को आगे बढ़ाने या बढ़ावा देने के षडयंत्र तथा दुरभिसंधि में अनुचित साधनों का प्रयोग करना;
(ट) " सेवा प्रदाता से संबद्ध व्यक्ति" से अभिप्रेत है, ऐसा व्यक्ति, जो उस सेवा प्रदाता के लिए या उसकी ओर से सेवाएं प्रदान करता है , इस तथ्य के बावजूद कि वह व्यक्ति यथास्थिति, कर्मचारी या अभिकर्ता अथवा ऐसे सेवा प्रदाता का सहायक होः
(ठ) "लोक परीक्षा" से अभिप्रेत है , अनुसूची में यथा विनिर्दिष्ट लोक परीक्षा प्राधिकरण द्वारा आयोजित परीक्षा अथवा ऐसी अन्य परीक्षा जो राज्य शासन द्वारा शासकीय राजपत्र में समय-समय पर अधिसूचित की जाये;
स्पष्टीकरण- छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम , 2008 की धारा 2 (ग) के अधीन अनुसूची में अधिसूचित कोई भी लोक परीक्षा, उक्त अधिनियम के अधीन ही शासित होती रहेगी ।
(ड) "लोक परीक्षा प्राधिकरण" से अभिप्रेत है, अनुसूची में यथा विनिर्दिष्ट परीक्षा प्राधिकरण अथवा ऐसा अन्य प्राधिकरण, जिसे राज्य शासन द्वारा समय-समय पर राजपत्र में अधिसूचित किया गया हो;
(ढ) "लोक सेवा" से अभिप्रेत है, शासन के किसी भी स्थानीय प्राधिकरण, राज्य नियंत्रणाधीन निगम या कार्यालय या स्थापनाओं , शासन के स्वामित्व या उपक्रम, राज्य विधान-मंडल द्वारा निर्मित किसी विधि के अधीन स्थापित निकाय , चाहे वह निगमित हो अथवा नहीं (जिसमें विश्वविद्यालय सम्मिलित है) तथा राज्य सरकार द्वारा स्थापित कोई अन्य निकाय;
(ण) " अनुसूची" से अभिप्रेत है, इस अधिनियम में संलग्न अनुसूची;
(त) " सेवा प्रदाता" से अभिप्रेत है, किसी अभिकरण , संगठन , निकाय , व्यक्तियों के संघ, व्यावसायिक इकाई, कंपनी, साझेदारी या एकल स्वामित्व फर्म, जिसमें उसके छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
274 (5) सहायक, उप- ठेकेदार तथा किसी कंप्यूटर संसाधन या किसी सामग्री के सहायक प्रदाता सम्मिलित हैं, चाहे उसे किसी भी नाम से जाना जाता हो, जिसे लोक परीक्षा प्राधिकरण द्वारा लोक परीक्षा के संचालन हेतु संलग्न किया गया हो;
(थ) " पर्यवेक्षण कर्मचारी" में सम्मिलित हैं , ऐसे व्यक्ति, जिन्हें आयोजित लोक परीक्षा में लोक प्राधिकारी द्वारा प्राधिकृत किया गया हो;
(द) "अनुचित साधन" किसी लोक परीक्षा के संबंध में अभिप्रेत है, ऐसा कोई कार्य या लोप , जिसे किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह या संस्थाओं द्वारा मौद्रिक या अनुचित लाभ के लिए किया गया हो या करवाया गया हो तथा जिसमें निम्नलिखित कृत्य सम्मिलित हैं, किन्तु वे इन्ही तक सीमित नहीं होगें , अर्थातः-
(एक) परीक्षार्थी के संबंध में:
( 1 ) किसी व्यक्ति से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई अनधिकृत सहायता प्राप्त करना;
(2) किसी भी रूप में लिखित , रिकॉर्ड की गई , नकल की गई, मुद्रित या पुनरुत्पादित सामग्री का उपयोग करना या उपयोग करने का प्रयास करना;
(3 ) किसी भी दूरसंचार, वायरलेस , इलेक्ट्रॉनिक, यांत्रिक या अन्य उपकरण अथवा यंत्र का अनधिकृत प्रयोग करना;
(4) परीक्षा कक्ष में शरीर, वस्त्र, फर्नीचर , फिक्सचर या अन्य किसी वस्तु पर जानबूझकर कोई चिन्ह, संकेत, शब्द, संख्या या छाप अंकित करना उत्कीर्ण करना या नक्काशी, जो अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए प्रयुक्त हो सके।
(दो) किसी व्यक्ति ( जिसमें अभ्यर्थी भी सम्मिलित है) के संबंध मेंः
(1) किसी अभ्यर्थी का प्रतिरूप धारण करना या उसका प्रयास करना;
(2) प्रश्नपत्र , उत्तर कुंजी या उसके किसी भाग का प्रकटीकरण करना , करने का प्रयास 274(6)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2026
करना या षड्यंत्र करना;
(3) प्रश्नपत्र या ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन (OMR) उत्तर पत्रक को अनधिकृत रूप से प्राप्त करना या उस पर अधिकार प्राप्त करना;
(4) किसी अनधिकृत व्यक्ति द्वारा प्रश्नों का उत्तर देना या समाधान प्रदान करना;
(5) किसी अभ्यर्थी को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अनधिकृत रूप में सहायता प्रदान करना;
(6) उत्तर पुस्तिकाओं , जिसमें OMR पत्रक भी सम्मिलित हैं, से छेड़छाड़ करना;
(7 ) मूल्यांकन या अंक परिवर्तन करना, सिवाय इसके कि किसी वास्तविक त्रुटि को सुधारा जा रहा हो और वह भी बिना वैध प्राधिकार के;
(8) राज्य शासन द्वारा लोक परीक्षाओं के संचालन हेतु निर्धारित किन्ही नियमों, मानकों या मापदंडों का जानबूझकर *उल्लंघन करना;
(9) मेरिट अथवा रैंक निर्धारण हेतु आवश्यक दस्तावेजों से छेड़छाड़ करना;
(10) सुरक्षा प्रोटोकॉल या उपायों का जानबूझकर उल्लंघन करना;
(11 ) परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित किसी कंप्यूटर नेटवर्क, प्रणाली या संसाधन से छेड़छाड़ करना;
(12) बैठने की व्यवस्था, परीक्षा तिथियों या पालियों/पेपर के आवंटन में हेराफेरी करना;
(13) परीक्षा के संचालन में परीक्षा प्राधिकरण, सेवा प्रदाता या अधिकृत अभिकरण से संबद्ध किसी व्यक्ति को धमकाना, अनुचित रूप से रोकना, या बाधा डालना;
(14) धोखाधड़ी या अवैध लाभ के उद्देश्य से नकली वेबसाइट का निर्माण या संचालन करना;
नकली परीक्षा आयोजित करना या नकली
( 15 ) 274 (7)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
प्रवेश पत्र या नियुक्ति पत्र जारी करना;
( 16 ) वित्तीय या भौतिक लाभ प्राप्त करने के आशय से परीक्षा से पूर्व, नकली प्रश्नपत्र को वास्तविक बताकर वितरित करना अथवा प्रसारित करना।
(2) शब्द एवं अभिव्यक्तियाँ, जो यहां प्रयुक्त हैं किन्तु परिभाषित नहीं है और तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में परिभाषित हैं, के वही अर्थ होंगे जो उन विधियों में उनके लिए यथा समनुदेशित हैं।
अध्याय-दो
प्रतिषेध और अपराध
3.
अनुचित साधनों के उपयोग का प्रतिषेध.
(1) किसी भी लोक परीक्षा में अथवा उसके संबंध में किसी भी व्यक्तिया व्यक्तियों के समूह या संस्थानों द्वारा अनुचित साधनों का उपयोग करना प्रतिबंधित है । कोई भी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह या संस्थान इस प्रकार के अनुचित साधनों के उपयोग को सुगम बनाने के लिए आपस में मिलीभगत या षड्यंत्र रचने का कौर्य नहीं करेगा।
(2) इस अधिनियम के अधीन किया गया कोई भी अपराध, इस अधिनियम के अधीन ऐसे अपराध के प्रयास या उसके दुष्प्रेरण को भी सम्मिलित करेगा।
प्रश्नपत्र की अनधिकृत अभिरक्षा एवं प्रकटीकरण.
4. कोई भी व्यक्ति, जिसे उसके कर्तव्यों के आधार पर ऐसा करने के लिए विधिपूर्वक अधिकृत नहीं किया गया है या अनुमति नहीं दी गई है, वह किसी लोक परीक्षा में परीक्षार्थियों के परीक्षा केन्द्र छोड़ने के निर्धारित समय से पूर्व अथवा प्रश्न पत्रों को खोलने एवं वितरण हेतु निर्धारित समय से पूर्वः
(क) ऐसे प्रश्नपत्र अथवा उसके किसी भाग या प्रति को किसी भी प्रकार से प्राप्त करने, प्राप्त करने या अपने पास रखने का प्रयास नहीं करेगा; अथवा
(ख) ऐसी कोई जानकारी प्रदान नहीं करेगा या उसकी पेशकश नहीं करेगा , जिसके बारे में उसे ज्ञान है या ऐसा विश्वास करने का कारण है कि वह जानकारी ऐसे प्रश्नपत्र से संबंधित है, उससे व्युत्पन्न है, अथवा उस पर प्रभाव डालती है ।
परीक्षा कार्य से 5. कोई भी व्यक्ति, जिसे किसी लोक परीक्षा से संबंधित कोई कार्य छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2026
274(8)
संबद्ध व्यक्ति द्वारा प्रकटीकरण कीरोकथाम.
सौंपा गया है, वह, जब तक कि उसे अपने कर्तव्यों के निर्वहन की दृष्टि से वैध रूप से ऐसा करने की अनुमति प्राप्त न हो, किसी भी प्रकार से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, किसी अन्य व्यक्ति को कोई भी जानकारी या उसका अंश, जो उसके संज्ञान में उसे सौंपे गये कार्य के कारण आया है, अनुचित लाभ या किसी गलत उद्देश्य की प्राप्ति हेतु प्रकट नहीं करेगा अथवा प्रकट करने का कार्य नहीं करेगा ।
परीक्षा केन्द्र में प्रवेश पर निषेध.
6. कोई भी व्यक्ति, जो लोक परीक्षा के कार्य से संबद्ध या लोक परीक्षा संचालन हेतु संलग्न अथवा न्यस्त नहीं है अथवा परीक्षार्थी नहीं है , वह लोक परीक्षा के संचालन की प्रक्रिया में बाधा या व्यवधान डालने के आशय से परीक्षा केन्द्र के परिसर में प्रवेश नहीं करेगा।
7. कोई भी व्यक्ति, जिसे लोक परीक्षा से संबंधित कार्य में न्यस्त या संलग्न किया गया है, वह लोक परीक्षा प्राधिकरण के लिखित अनुमोदन के बिना , परीक्षा आयोजित करने के प्रयोजन से, परीक्षा केन्द्र के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान का उपयोग नहीं करेगा या उपयोग करने की अनुमति नहीं देगाः
परीक्षा केन्द्र के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान का प्रयोग , लोक परीक्षा के लिए नहीं किया जायेगा.
परंतु यह कि, इस धारा में अंतर्विष्ट कोई भी बात, अपराध का गठन नहीं करेगी जहाँ परीक्षा केन्द्र में कोई परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा, युद्ध, दंगा इत्यादि या इसी तरह की घटनाओं सहित अपरिहार्य परिस्थितियों (फोर्स मेज्योर ) के कारणवश आवश्यक हो जाए और जिसे बाद में लोक परीक्षा प्राधिकरण द्वारा , परीक्षा केन्द्र के रूप में अधिसूचित कर दिया गया हो।
8. कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, किसी लोक परीक्षा में अभ्यर्थी के प्रदर्शन के मूल्यांकन अथवा ऐसे मूल्यांकन के अभिलेखों के साथ किसी प्रकार की हेराफेरी या हेराफेरी का प्रयास नहीं करेगा।
मूल्यांकन या अभिलेखों में हेराफेरी की रोकथाम.
स्पष्टीकरणः इस धारा के प्रयोजनों के लिए, अभिव्यक्ति 'मूल्यांकन अभिलेख' में उत्तर पुस्तिकाएँ, टैबुलेशन शीट्स, अंक पंजिका, व्यक्तिगत अंक तालिकाएं , परिणाम पत्रक या उनकी प्रतियाँ अथवा इस प्रयोजन हेतु बनाई गई कोई अन्य पंजी या अभिलेख सम्मिलित होंगे ।
प्रबंधन, संस्थान 9. (1 ) जहाँ इस अधिनियम के किसी भी प्रावधान के अधीन कोई अपराध किसी कंपनी, संस्था, फर्म, सोसाइटी, सीमित दायित्व छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
274 (9)
अथवा अन्य द्वारा किए गए अपराध.
साझेदारी या व्यक्तियों के संघ द्वारा किया जाता है, तो ऐसा प्रत्येक व्यक्ति, जो अपराध कारित होते समय , उसके कार्यों के संचालन के लिए उत्तरदायी और प्रभारी हो साथ ही वह संस्था भी स्वयं उस अपराध के लिए अभियोजन के उत्तरदायी होगी ।
(2) उप-धारा ( 1 ) में अंतर्विष्ट कोई भी बात किसी ऐसे व्यक्ति को दण्ड के लिए उत्तरदायी नहीं ठहरायेगी , यदि वह सिद्ध कर देता है कि उक्त अपराध उसकी जानकारी के बिना हुआ था अथवा उसने उसे रोकने के लिए यथासंभव सावधानी बरती थी।
(3 ) उप-धारा ( 1 ) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, यदि ऐसा अपराध किसी निकाय द्वारा उसके किसी निदेशक, भागीदार, प्रबंधक, सचिव या किसी अन्य अधिकारी की सहमति या मौन स्वीकृति अथवा उनकी ओर से की गई किसी उपेक्षा से किया गया है, तो वह व्यक्ति भी अभियोजन के लिए उत्तरदायी होगा।
अध्याय-तीन
अपराधों के लिए दंड
शास्ति.
10. ( 1 ) अभ्यर्थी द्वारा अपराध किये जाने की दशा में, -
धारा 3 का उल्लंघन करने वाले किसी भी अभ्यर्थी का परिणाम रोका जाएगा तथा उसे लोक परीक्षा प्राधिकरण द्वारा ऐसी लोक परीक्षा में सम्मिलित होने से न्यूनतम एक वर्ष की अवधि के लिये, जो अधिकतम आगामी तीन कैलेंडर वर्षों तक बढायी जा सकती है, प्रतिबंधित किया जायेगाः
परंतु यह कि ऐसी अवधि की समाप्ति के पश्चात्, उक्त प्रतिबंध उन्हे किसी भी लोक परीक्षा अथवा लोक सेवा में सम्मिलित होने से अयोग्य नहीं ठहरायेगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2026
274 (10)
(2) अभ्यर्थी के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा अपराध किये जाने की दशा में, -
(क) जो कोई धारा 3 का उल्लंघन करेगा , वह ऐसे कारावास, जिसकी अवधि तीन वर्ष से कम नहीं होगी, किंतु जो दस वर्ष तक बढ़ायी जा सकेगी और जुर्माना जो अधिकतम दस लाख रुपये तक का हो सकेगा, से दण्डित किया जायेगा।
(ख) जो कोई धारा 4 या धारा 5 या धारा 6 या धारा 7 या धारा 8 या धारा 9 के उपबंधों का उल्लंघन करेगा या ऐसे उल्लंघन का प्रयास करेगा या उसके उल्लंघन का षडयंत्र करेगा अथवा ऐसे उल्लंघन के लिए दुषप्रेरण करेगा, वह ऐसे कारावास, जिसकी अवधि एक वर्ष से कम नहीं होगी, किंतु जो पाँच वर्ष तक बढ़ायी जा सकेगी और जुर्माना जो अधिकतम पाँच लाख रुपये तक का हो सकेगा, से दण्डित किया जायेगा।
(3) उप- धारा (2) में अंतर्विष्ट किसी भी बात के होते हुए भी, सेवा प्रदाताओं , संस्थानों एवं प्रबंधन के द्वारा किये गये अपराध की दशा में, -
(क) कोई सेवा प्रदाता एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने के लिये उत्तरदायी होगा तथा ऐसे सेवा प्रदाता से परीक्षा की आनुपातिक लागत की वसूली भी की जाएगी। साथ ही, उसे किसी भी लोक परीक्षा के संचालन से संबंधित किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी सौंपे जाने से, ऐसी अवधि जो तीन वर्ष से कम नहीं होगी , के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा।
(ख) जहाँ इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किसी सेवा प्रदाता फर्म या संस्थान के किसी निदेशक , वरिष्ठ प्रबंधन अथवा प्रभारी व्यक्ति की सहमति या मौन स्वीकृति से किया जाना स्थापित होता है , तो वह ऐसे कारावास , जिसकी अवधि तीन वर्ष से कम नहीं होगी , किंतु जो दस वर्ष तक की हो सकेगी और जुर्माना जो एक करोड़ रुपये तक हो सकेगा, के लिये उत्तरदायी होगा।
(4) उप- धारा ( 1 ) , (2 ) एवं ( 3 ) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, - (क) यदि कोई व्यक्ति या व्यक्तियों का कोई समूह (जिसमें परीक्षा प्राधिकरण, सेवा प्रदाता, कोई अन्य संस्था अथवा छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
274( 11) कोई अभ्यर्थी सम्मिलित है) संगठित अपराध करता है , वे ऐसे कारावास , जिसकी अवधि तीन वर्ष से कम नहीं होगी, किंतु जो पाँच वर्ष तक की हो सकेगी और जुर्माना जो एक करोड़ रुपये से कम नहीं होगा, से दंडित किया जायेगा।
जुर्माने के भुगतान में चूक होने की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता, 2023 ( क्र. 45 सन् 2023) के उपबंधों के अनुसार अतिरिक्त कारावास का दंड भी अधिरोपित किया जायेगा ।
(ख ) यदि कोई संस्थान या सेवा प्रदाता, संगठित अपराध करने में संलिप्त पाया जाता है, तो उसकी संपत्ति भारतीय न्याय संहिता, 2023 (क्र. 45 सन् 2023 ) के उपबंधों के अनुसार कुर्की एवं समपहरण के अधीन होगी तथा उससे परीक्षा की अनुपातिक लागत भी वसूल की जाएगी।
अपराध के किए जाने में सहायता या सुविधा प्रदान करने के लिए दायित्व.
11. जो कोई, किसी मौद्रिक सहायता प्रदान करके अथवा किसी भवन , परिसर , सुविधा या अन्य संसाधन उपलब्ध कराकर , किसी व्यक्ति, व्यक्तियों के समूह , संस्थान या सेवा प्रदाता को इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध के किये जाने में सहायता या सुविधा प्रदान करता है , उसके संबंध में, जब तक कि विपरीत सिद्ध न हो जाए, यह उपधारणा की जाएगी कि उसे ऐसे अपराध या उसके आशयित कृत्य का ज्ञान था और उसे अपराध का कर्ता माना जाएगा तथा मुख्य अपराधी के समान ही दंड का उत्तरदायी होगा ।
12.
संपत्ति की जब्ती एवं समपहरण.
( 1 ) संपत्ति की कुर्की तथा समपहरण के संबंध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता , 2023 ( क्र. 46 सन् 2023 ) के उपबंध , यथासंभव, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए लागू होंगे।
(2) इस अधिनियम के अधीन अधिरोपित किसी दंड के अितरिक्त, सक्षम प्राधिकारी ऐसे दोषसिद्ध अथवा उत्तरदायी पाये गये व्यक्ति से परीक्षा के संचालन में व्यय की गई आनुपातिक लागत की वसूली कर सकेगा।
13. इस अधिनियम के उपबंध , तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अतिरिक्त होंगे और उनके अल्पीकरण में नहीं होंगे।
अधिनियम का अन्य विधियों के प्रतिकूल न होना.
274 ( 12)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2026
अध्याय-चार
जांच और विवेचना
14. ( 1 ) इस अधिनियम के अधीन किए गए किसी भी अपराध का अन्वेषण ऐसे अधिकारी द्वारा किया जायेगा जो उप पुलिस निरीक्षक की श्रेणी से निम्न का न हो।
विवेचना हेतु सशक्त अधिकारी.
(2) उप- धारा ( 1 ) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, राज्य सरकार को यह अधिकार होगा कि वह अन्वेषण को किसी केन्द्रीय अथवा राज्य अन्वेषण एजेंसी को सौंप सके।
अध्याय-पाँच
विचारण और प्रक्रिया
अपराधों का विचारण एवं प्रक्रिया.
15. इस अधिनियम के अधीन अपराधों का विचारण भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (क्र4 6 सन् (2023 के उपबंधों के अनुसार किया जाएगा ।
अध्याय-छः
प्रकीर्ण
लोक सेवक.
16. लोक परीक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष, सदस्यगण, अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी तथा प्रत्येक वह व्यक्ति, जो किसी लोक परीक्षा के संचालन में संलग्न हो, इस अधिनियम के किसी भी उपबंध के अनुसरण में, कार्य करते हुए अथवा ऐसा 'करने का प्रयत्न करते हुए , भारतीय न्याय संहिता, 2023 (2023 का सं. 45) के अर्थ के अंतर्गत लोक सेवक माने जायेंगे।
सद्भावनापूर्वक की गई कार्यवाही के लिए संरक्षण.
17. इस अधिनियम अथवा इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों या आदेशों के अंतर्गत किया गया कोई भी कार्य , जो सद्भावनापूर्वक किया गया हो या किया जाना आशयित हो, उसके लिए सरकार या किसी अधिकारी या सरकार के प्राधिकरण या किसी अन्य व्यक्तिके विरुद्ध कोई भी वाद , अभियोजन या अन्य विधिक कार्रवाई संस्थित नहीं की जाएगीः छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
274( 13) परंतु, ऐसे लोक सेवक जिनके विरुद्ध इस अधिनियम के अधीन अपराध किये जाने का प्रथम दृष्टया मामला विद्यमान हो, तब उसे कार्यवाही से संरक्षण प्राप्त नहीं होगा।
अधिनियम का अध्यारोही प्रभाव.
18. इस अधिनियम के उपबंध, तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में अंतर्विष्ट किसी असंगत बात के होते हुए भी प्रभावी होंगे ।
नियम बनाने की शक्ति.
19. ( 1 ) राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा , इस अधिनियम के प्रावधानों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बना सकेगी ।
विशेष रूप से, उपर्युक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किन्हीं विषयों के संबंध में बना सकेगी , अर्थात्ः-
(एक)लोक परीक्षा के संचालन के लिए अपनायी जाने वाली प्रक्रियाओं , कार्यप्रणाली तथा गतिविधियों का निर्धारण; *
(दो) कोई अन्य विषय जो इस अधिनियम के अधीन विहित किया जाना हो अथवा विहित किया जाये ।
(2) इस अधिनियम के अधीन बनाए गये सभी नियमों को, बनाये जाने के पश्चात् यथाशक्य शीघ्र, राज्य विधानसभा के समक्ष रखा जाएगा ।
अनुसूची में संशोधन की शक्ति.
20. ( 1 ) राज्य सरकार, राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा , इस अधिनियम की अनुसूची में संशोधन करते हुए उसमें नये परीक्षा प्राधिकरणों या लोक परीक्षाओं को जोड़ सकेगी या उनमें से किसी को हटा सकेगी तथा इसी प्रकार की अधिसूचना द्वारा अनुसूची की प्रविष्टियों में संशोधन या परिवर्तन कर सकेगी।
(2 ) इस धारा के अधीन राज्य सरकार द्वारा जारी की गई प्रत्येक ऐसी अधिसूचना को, यथाशीघ्र सम्भव हो, राज्य की विधानसभा के समक्ष रक्षा जाएगा। छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2026
274 ( 14)
परीक्षा संबंधी दस्तावेजों का उचित संधारण.
21. लोक परीक्षा प्राधिकरण यह सुनिश्चित करेगा की लोक परीक्षा से संबंधित सभी अभिलेखों की सुरक्षित अभिरक्षा , समुचित रखरखाव तथा सुव्यवस्थित संधारण किया जायेगा । परीक्षा से संबंधित सभी अभिलेखों का संधारण संबंधित परीक्षा प्राधिकरण द्वारा विनिर्दिष्ट अवधि तक किया जाएगा।
कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति.
22. ( 1 ) यदि इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी करने में कोई कठिनाई उद्भूत् होती है, तो राज्य सरकार , राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा , ऐसे उपबंध कर सकेगी जो इस अधिनियम से असंगत ना हो और जो उस कठिनाई को दूर करने के लिए आवश्यक या समीचीन प्रतीत हौंः
परंतु, इस अधिनियम के प्रारंभ होने के तीन वर्ष की अवधि के अवसान के पश्चात् ऐसी किसी शक्ति का प्रयोग नहीं किया जाएगा ।
(2 ) इस धारा के अधीन राज्य सरकार द्वारा जारी प्रत्येक आदेश, राज्य विधान सभा के समक्ष रखा जाएगा । 274 ( 15)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
अनुसूची
[धारा 2 (1 ) (ठ) एवं (ड) देखिए]
छत्तीसगढ़ में लोक परीक्षा प्राधिकरण एवं लोक परीक्षाएँ
लोक परीक्षाएँ
लोक परीक्षा प्राधिकरण
स.क्र.
(3)
(2)
(1)
1.
लोक सेवाओं के लिए अभ्यर्थियों के चयन हेतु आयोजित सभी परीक्षाएँ ।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग
2. छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल
(1 ) लोक सेवाओं के लिए अभ्यर्थियों के चयन हेतु आयोजित सभी परीक्षाएँ ।
(2) व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आयोजित सभी परीक्षाएँ।
3.
लोक सेवाओं के लिए अभ्यर्थियों के चयन हेतु आयोजित सभी परीक्षाएँ।
राज्य सरकार के विभाग तथा उनके संलग्न एवं अधिनस्थ कार्यालय , जिनमें राज्य के सार्वजनिक उपक्रम भी सम्मिलित हैं छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2026
274 ( 16)
उद्देश्यों और कारणों का कथन
यतः, छत्तीसगढ़ शासन भर्ती तथा उच्च शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित लोक परीक्षाओं में पारदर्शिता, ईमानदारी और निष्पक्षता को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है ।
और यतः, इस विधेयक का उद्देश्य लोक परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को सुनिश्चित करना है, ताकि अभ्यर्थियों को यह विश्वास दिलाया जा सके कि उनके वास्तविक प्रयासों को उचित रूप से सम्मान मिलेगा और उनका भविष्य सुरक्षित रहेगा। यह विधेयक उन व्यक्तियों, संगठित समूहों या संस्थाओं को प्रभावी रूप से रोकने का लक्ष्य रखता है, जो मौद्रिक अथवा अनुचित लाभ प्राप्त करने हेतु अनुचित साधनों में संलग्न हैं । यह विधेयक लोक परीक्षाओं की शुचिता एवं पवित्रता को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ऐसे प्रत्येक व्यक्ति को, जो साहसपूर्वक अनुचित साधनों के उपयोग का पर्दाफाश करता है, विधिक संरक्षण और उचित सम्मान प्रदान करता है । यह सूचना प्रदाता की पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित करता है और उनके संकल्प को सुदृढ़ करता है, ताकि उनकी आवाज से अपराधियों के मन में भय उत्पन्न हो ।
अतएव , छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2026, लोक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम और छत्तीसगढ़ में भर्ती तथा शैक्षणिक प्रवेश प्रक्रियाओं में ईमानदारी और निष्पक्षता को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक कानूनी ढांचा स्थापित करते हुए उपरोक्त उद्देश्यों की प्राप्ति को सुनिश्चित् करता है।
अतः , यह विधेयक प्रस्तुत है।
विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री रायपुर,
दिनांक 13 मार्च , 2026
(भारसाधक सदस्य) छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
274(17) प्रत्यायोजित विधि निर्माण के संबंध में ज्ञापन
प्रस्तावित छत्तीसगढ़ ( लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम ) विधेयक, 2026 के खण्ड-19 में नियम बनाने की शक्ति प्रत्यायोजन की संस्थापनाएं जो सामान्य स्वरूप की है ।
दिनेश शर्मा , सचिव, छत्तीसगढ़ विधान सभा संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2026.