10000
0000
छत्तीसगढ़शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015 . "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान ( बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 ."
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 138 ]
नवा रायपुर , बुधवार, दिनांक 18 मार्च 2026- -फाल्गुन 27, शक 1947
छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय
रायपुर, बुधवार, दिनांक 18 मार्च, 2026 (फाल्गुन 27, 1947)
क्रमांक-4823 /वि.स./ विधान / 2026.- छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल विधेयक, 2026 (क्रमांक 6 सन् 2026) जो बुधवार, दिनांक 18 मार्च , 2026 को पुरःस्थापित हुआ है , को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है ।
हस्ता./- (दिनेश शर्मा) सचिव.
275 276
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ विधेयक (क्रमांक 6 सन् 2026)
छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल विधेयक , 2026.
विषय सूची
अध्याय-एक प्रारंभिक
खण्ड
1. संक्षिप्त शीर्षक , विस्तार और प्रारंभ.
2. परिभाषाएँ.
अध्याय-दो
उद्देश्य एवं लक्ष्य
3. उद्देश्य.
अध्याय-तीन
मण्डल की स्थापना एवं गठन
4. मण्डल की स्थापना.
5. मण्डल का गठन.
6. मण्डल के सचिव की नियुक्ति, कार्यकाल एवं कर्तव्य.
7. मण्डल के अधिकारी एवं कर्मचारी.
अध्याय-चार
मण्डल की शक्तियाँ तथा कृत्य
8. मण्डल की शक्तियाँ एवं कृत्य.
9. अध्यक्ष की शक्तियाँ एवं कर्तव्य.
10. समितियों का गठन.
11. समितियों द्वारा प्रत्यायोजित शक्तियों का प्रयोग, छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
276(1)
अध्याय-पाँच
वित्त, लेखा एवं लेखा परीक्षण
12. मण्डल निधि का गठन.
13. मण्डल निधि का अभिरक्षण , विनियोजन एवं उपयोग .
14. बजट.
15. मण्डल के लेखाओं की लेखा परीक्षा.
अध्याय-छः
राज्य सरकार
16. राज्य सरकार की शक्तियाँ.
अध्याय-सात
प्रकीर्ण
17. रिक्तियों के कारण कार्यवाही का अविधिमान्य न होना.
18. मण्डल की विनियम बनाने की शक्ति.
19. कठिनाईयों को दूर करने की शक्ति.
20. सद्भावनापूर्वक की गई कार्यवाही के लिए संरक्षण.
21. अन्य विधियों पर अधिनियम का अधिभावी होना.
22. व्यावृत्ति.
276( 2)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026 276( 3)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्रमांक 6 सन् 2026)
छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल विधेयक , 2026.
तकनीकी और गैर- तकनीकी तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया में एकरूपता लाने, अन्य परीक्षाओं, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, प्रवेश परीक्षाओं, और उससे संबंधित या उसके आनुषंगिक मामलों के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल का गठन करने हेतु विधेयक ।
भारत गणराज्य के सतहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधान मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में अधिनियमित होः-
अध्याय- एक
प्रारंभिक
संक्षिप्त शीर्षक , विस्तार 1.
एवं प्रारंभ.
(1 ) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल अधिनियम , 2026 कहलाएगा ।
(2) इसका विस्तार संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य पर होगा ।
(3 ) यह ऐसी तारीख को प्रवृत्त होगा, जिसे राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियत करे ।
2.
परिभाषाएँ.
इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(क) नियुक्ति प्राधिकारी" से अभिप्रेत है, वह प्राधिकारी, जिसे विद्यमान कानूनों , सेवा नियमों या कार्यकारी आदेशों के अंतर्गत नियुक्ति हेतु सशक्त किया गया हो;
(ख) " मण्डल" से अभिप्रेत है, धारा 4 के अंतर्गत स्थापित छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डलः
(ग) "अध्यक्ष " से अभिप्रेत है , इस अधिनियम की धारा 5 की उप-धारा (2) के खण्ड (क) के अधीन मण्डल के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया व्यक्ति;
(घ) " तृतीय श्रेणी पद" से अभिप्रेत ऐसी योग्यता वाले पदों छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
276( 4)
से है, जिन्हें राज्य सरकार द्वारा तृतीय श्रेणी पदों के रूप में अधिसूचित किया गया हो;
(ङ) " चतुर्थ श्रेणी पद " से अभिप्रेत ऐसी योग्यता वाले पदों से है, जिन्हें राज्य सरकार द्वारा चतुर्थ श्रेणी पदों के रूप में अधिसूचित किया गया हो;
(च) "संयुक्त चयन प्रक्रिया " से अभिप्रेत है, एक से अधिक विभाग हेतु तृतीय श्रेणी या चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए चयन प्रक्रिया;
(छ) "विभाग" से अभिप्रेत है, छत्तीसगढ़ शासन के अधीन प्रशासनिक विभाग;
(ज) "कर्मचारी" से अभिप्रेत है , मण्डल की सहायता के लिए नियुक्त कार्मिक;
(झ) "सरकार" से अभिप्रेत है, छत्तीसगढ़ सरकार;
(ञ) "राज्यपाल" से अभिप्रेत है, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल;
(ट) "सदस्य" से अभिप्रेत है, इस अधिनियम की धारा 5 की उप-धारा (3 ) के अधीन मण्डल के सदस्य के रूप में नियुक्त व्यक्ति;
(ठ) "अन्य पिछड़ा वर्ग" से अभिप्रेत है, ऐसे वर्ग, जिन्हें राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना क्रमांक F- 85 -XXV- 4-84, दिनांक 26 दिसम्बर, 1984 के द्वारा समय- समय पर विनिर्दिष्ट किया गया हो;
(ड) "विहित" से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित;
(ढ) "भर्ती नियम" से अभिप्रेत है, संविधान के अनुच्छेद 309के परंतुक के अधीन बनाए गए नियम, जो भर्ती तथा सेवा की शर्तों को विनियमित करते हैं ।
(ण) "विनियम" से अभिप्रेत है, अधिनियम के अंतर्गत मण्डल द्वारा बनाये गये विनियम"
(त) "अनुसूचित जातियों " तथा "अनुसूचित जनजातियों" का वही अर्थ होगा, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 341 एवं 342 के अधीन है;
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
276( 5)
अध्याय -दो उद्देश्य एवं लक्ष्य
उद्देश्य.
3. (1) इस अधिनियम के प्रावधान राज्य सरकार के समस्त विभागों के लिए धारा 2 के खंड (घ) एवं (ङ) के अंतर्गत अधिसूचित तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी के समस्त पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया पर लागू होंगे , जिनमें वैधानिक निकाय , मण्डल, प्राधिकरण अथवा ऐसे अन्य संस्थान भी सम्मिलित होंगे , जिन्हें राज्य सरकार समय-समय पर अधिसूचित करे ।
(2) मण्डल, तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया का आयोजन करेगा , जिसमें परीक्षा, साक्षात्कार, कौशल परीक्षण अथवा कोई अन्य प्रक्रिया शामिल है तथा व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश , व्यावसायिक योग्यता की प्राप्ति तथा किसी अन्य परीक्षा, जैसा कि राज्य शासन द्वारा समय- समय पर अधिसूचित किया जाए , का संचालन भी करेगा ।
(3) सरकार, ऐसे विभागों के लिए किन्हीं तृतीय श्रेणी या चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए संयुक्त चयन प्रक्रिया विहित कर सकेगी ।
(4) सरकार, संयुक्त चयन प्रक्रिया हेतु तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए अर्हताएं अधिसूचित कर सकेगी और अधिसूचना पर ऐसे तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए भर्ती नियम, तद्नुसार संशोधित माने. जाएंगे ।
अध्याय-तीन मण्डल की स्थापना एवं गठन
मण्डल की स्थापना.
4. सरकार , अधिसूचना द्वारा , ऐसी तारीख से, जैसा कि अधिसूचना में विनिर्दिष्ट किया जाए , छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल के नाम से एक मण्डल की स्थापना करेगी ।
मण्डल का गठन.
5. ( 1) सरकार, अधिसूचना द्वारा , धारा 4 के अंतर्गत स्थापित मण्डल का गठन करेगी, जो इस अधिनियम के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करेगा तथा सौंपे गए कार्यों 276( 6)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
का निर्वहन करेगा ।
मण्डल निम्नलिखित से मिलकर बनेगा-
(2)
(क) एक अध्यक्ष, जो छत्तीसगढ़ शासन का ऐसा अधिकारी होगा, जिसका पद शासन के प्रमुख सचिव से निम्न श्रेणी का नहीं होगा; तथा
(ख) तीन से अनधिक सदस्य, जो छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त सचिव के वेतनमान में कार्यरत अधिकारी हों।
(3) अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा ऐसी रीति से की जाएगी, जैसा कि विहित किया जाए ।
6. ( 1)
मण्डल के सचिव की नियुक्ति, कार्यकाल एवं कर्तव्य.
राज्य सरकार, छत्तीसगढ़ शासन के किसी ऐसे अधिकारी को, जिसका वेतनमान उप सचिव से कम का न हो, मण्डल का सचिव नियुक्त करेगी ।
(2) सचिव-
(क) मण्डल का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होगा;
(ख) अध्यक्ष के निर्देशानुसार मण्डल की बैठकों का आयोजन करेगा;
(
ग) कार्यसूची तैयार करेगा तथा कार्यवाहियों की कार्यवृत्त (मिनट्स) अभिलिखित करेगा;
(घ) मण्डल के आदेशों एवं निर्णयों की निगरानी करेगा;
(ङ) ऐसे अन्य कार्यों, जो मण्डल द्वारा सौंपे जाएं , का निर्वहन करेगा;
(च) यह सुनिश्चित् करेगा कि मण्डल की समस्त निधियाँ, केवल उन्हीं प्रयोजनों के लिए व्यय की जाएँ, जिनके लिए उन्हें स्वीकृत या आबंटित किया गया है ।
(1)
7.
मण्डल के अधिकारी एवं कर्मचारी.
मण्डल में एक परीक्षा नियंत्रक तथा ऐसी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी होंगे, जैसा कि सरकार द्वारा निर्धारित की जाए ।
(2) परीक्षा नियंत्रक, अध्यक्ष के सामान्य पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण के अध्यधीन रहते हुए , मण्डल द्वारा उसे सौंपे गए ऐसे छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
276( 7) कर्तव्यों का निर्वहन करेगा ।
(3) परीक्षा नियंत्रक, ऐसी शक्तियों का प्रयोग करेगा तथा ऐसे अन्य कार्यों का निर्वहन करेगा , जैसा कि विनियमों द्वारा विहित किया जाए ।
(4) विद्यमान छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल के अधीन या उसके नियंत्रण में कार्यरत सभी अधिकारी एवं कर्मचारी, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल के अधिकारी एवं कर्मचारी माने जाएंगे ।
अध्याय-चार
मण्डल की शक्तियाँ एवं कृत्य
8.
मण्डल की शक्तियाँ एवं कृत्य.
( 1) इस अधिनियम के प्रावधानों के अध्यधीन रहते हुए तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी-
(क) मण्डल , इस अधिनियम की धारा 3 की उप-धारा (2) में सौंपे गए कर्तव्यों का निर्वहन करेगा ।
(ख) मण्डल, इस अधिनियम के अधीन बनाए गए विनियमों के अनुसार, संपूर्ण या चयन प्रक्रिया के किसी भाग के संचालन का दायित्व मण्डल द्वारा अनुशंसित किसी एजेंसी को सौंप सकता है ।
(2) मण्डल, अपने कर्तव्यों के प्रभावी निर्वहन के लिए आवश्यक समझे जाने पर, किसी भी नियुक्ति प्राधिकारी या विभाग से कोई अभिलेख , प्रतिवेदन या जानकारी मांग सकता है तथा संबंधित नियुक्ति प्राधिकारी या विभाग , उसे यथाशीघ्र मण्डल को उपलब्ध कराएगा ।
(3) मण्डल के कार्यों के लेन- देन की प्रक्रिया ऐसी होगी, जैसा कि इस अधिनियम के उपबंधों तथा इसके अधीन बनाए गए नियमों के अनुरूप, विनियमों द्वारा विहित किया जाएः
परंतु, इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पूर्व छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल में प्रवर्तित विनियम, जब तक कि वे इस अधिनियम के उपबंधों के प्रतिकूल न हों, तब तक मण्डल के विनियम माने जाएंगे, जब तक कि उन्हें इस अधिनियम के अधीन बनाए गए विनियमों द्वारा संशोधित , परिवर्तित या प्रतिस्थापित नहीं 276(8)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026 छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
276 ( 9) कर दिया जाता ।
(4) मण्डल को, परीक्षा प्रक्रिया में संलग्न सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर समग्र पर्यवेक्षण, निर्देशन एवं नियंत्रण का अधिकार होगा ।
(5) परीक्षा प्रक्रिया में संलग्न सभी कार्मिकगण पर भी मण्डल का समग्र पर्यवेक्षण, निर्देशन एवं नियंत्रण होगा ।
अध्यक्ष की शक्तियाँ एवं कर्तव्य.
9. (1) अध्यक्ष का कर्तव्य होगा कि वह इस अधिनियम के उपबंधों तथा इसके अधीन बनाए गए विनियमों के अनुपालन को सुनिश्चित् करे ।
(2) अध्यक्ष, ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग करेगा तथा ऐसे अन्य कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, जैसा कि विनियमों के माध्यम से उसमें निहित किए जाएँ ।
(3) अध्यक्ष , आदेश द्वारा , इस अधिनियम के अंतर्गत उसे प्रदत्त किसी भी शक्ति या कर्तव्य को परीक्षा नियंत्रक को, प्रत्यायोजित कर सकता है ।
समितियों का गठन.
10.
मण्डल अपने कार्यों के निर्वहन में सहायता और सलाह देने के लिए विनियमों के द्वारा विहित किए गये अनुसार अपने सदस्यों, अधिकारियों तथा अन्य व्यक्तियों को सम्मिलित करते हुए समितियों का गठन कर सकेगा और विशेष रूप से निम्नलिखित समितियों का गठन करेगा-
(क) पाठ्यक्रम समितिः
(ख) परीक्षा समितिः
(ग) वित्त समिति;
(घ) कार्यकारी समिति ।
11. (
समितियों द्वारा प्रत्यायोजित शक्तियों काप्रयोग.
1 ) जहाँ इस अधिनियम के अंतर्गत मण्डल को प्रदत्त कोई शक्ति, विनियमों द्वारा धारा 10 के अधीन गठित किसी समिति को प्रत्यायोजित की गई हो, वहाँ ऐसी समिति इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार ऐसी शक्तियों का प्रयोग करेगी ।
(2 ) मण्डल, ऐसी प्रत्यायोजित शक्तियों के अंतर्गत आने वाले किसी भी विषय की समीक्षा कर सकेगा तथा उस पर कोई निर्णय लेने से पूर्व, संबंधित समिति की रिपोर्ट प्राप्त छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2026
276( 10)
करेगा तथा उस पर विचार करेगाः
परंतु, जहाँ मण्डल की राय में, किसी ऐसे विषय के संबंध में तत्काल कार्यवाही आवश्यक हो , तो मण्डल, समिति की रिपोर्ट प्राप्त किए बिना ही कार्यवाही कर सकेगा तथा उस पर ऐसे आदेश परित कर सकेगा, जैसा कि आवश्यक समझा जाए ।
अध्याय-पाँच
वित्त, लेखा एवं लेखा परीक्षण
मण्डल निधि का गठन.
12.
मण्डल के लिए " मण्डल निधि" नाम से एक निधि का गठन किया जाएगा और इस अधिनियम के अधीन अथवा अन्यथा मण्डल द्वारा या मण्डल की ओर से प्राप्त समस्त धनराशि उसमें जमा की जाएंगी ।
13.
मण्डल निधि का अभिरक्षण , विनियोजन एवं उपयोग.
( 1 ) सरकार, कार्यालय व्यय , अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन एवं भत्तों तथा भर्ती प्रक्रिया के संचालन के दौरान होने वाले व्ययों की पूर्ति के लिए मण्डल को आवश्यकतानुसार निधि उपलब्ध कराएगी ।
(2) मण्डल का सचिव , आहरण एवं संवितरण अधिकारी होगा ।
(3) मण्डल निधि में जमा की गई समस्त धनराशि ऐसे बैंक में जमा की जाएगी, जैसा कि मण्डल द्वारा निर्धारित किया जाए ।
(4) मण्डल , इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित मण्डल निधि का उपयोग कर सकेगा ।
बजट.
14.
मण्डल, प्रत्येक वित्तीय वर्ष में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए मण्डल की अनुमानित प्राप्तियों एवं व्ययों को दर्शाते हुए एक बजट तैयार करेगा ।
15.
मण्डल के लेखों का लेखा परीक्षण.
मण्डल के लेखों का प्रतिवर्ष विहित रीति से लेखा परीक्षण किया जायेगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
276( 11)
अध्याय-छः
राज्य सरकार
राज्य सरकार की शक्तियाँ.
16. (1) राज्य सरकार, समय- समय पर ऐसे निर्देश जारी कर सकती है, जिन्हें वह इस अधिनियम के प्रावधानों और उद्देश्यों के उचित क्रियान्वयन के लिए आवश्यक या समीचीन समझे और मण्डल को ऐसे निर्देशों का पालन करना होगा ।
(2) सरकार , इस अधिनियम के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए नियम बना सकती है ।
(3) उपर्युक्त शक्तियों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी भी विषय के लिए प्रावधान कर सकते हैं:-
(क) धारा 3 की उप-धारा (3 ) के संदर्भ में चयन प्रक्रिया, जिसमें संयुक्त चयन प्रक्रिया भी सम्मिलित है, किए जाने की रीति ।
(ख) धारा 15 के अंतर्गत मण्डल के लेखा परीक्षण किए जाने की रीति ।
(ग) कोई अन्य विषय, जिसे सरकार आवश्यक समझे ।
(4) इस अधिनियम के अंतर्गत बनाये गये सभी नियम राज्य विधानसभा के पटल पर यथासंभव शीघ्र रखे जाएंगे ।
अध्याय-सात प्रकीर्ण
17.
रिक्तियों के कारण कार्यवाहियों का अविधिमान्य न होना.
मण्डल, अथवा धारा 10 के अधीन गठित किसी समिति का कोई कार्य या कार्यवाही केवल इस कारण से अवैध नहीं मानी जाएगी कि अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य का पद रिक्त है ।
18.
मण्डल की विनियम बनाने की शक्ति.
(1) मण्डल इस अधिनियम के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए , इस अधिनियम के प्रावधानों तथा इसके अधीन बनाए गए नियमों के अनुरूप , विनियम बना सकेगा ।
(2) उपर्युक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, मण्डल निम्नलिखित समस्त विषयों या उनमें से किसी एक विषय के संबंध में, विनियम बना सकेगा , अर्थात्ः-- छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2026
276(12)
(क) परीक्षाओं का संचालन ।
(ख) मण्डल द्वारा आयोजित परीक्षाओं में प्रवेश हेतु
शुल्क ।
(ग) मण्डल द्वारा आयोजित परीक्षाओं के परिणामों का
प्रकाशन ।
(
ध) मण्डल द्वारा आयोजित परीक्षाओं में सम्मिलित अभ्यर्थियों को अंकसूची, प्रमाण - पत्र इत्यादि जारी करना ।
(ङ) ऐसे मामलों में आवश्यक कार्यवाही करना, जहाँ अभ्यर्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करें अथवा मण्डल द्वारा आयोजित परीक्षाओं में व्यवधान उत्पन्न करे ।
(च) विभिन्न कार्यों के लिए विशेषज्ञों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति, उनके कर्तव्यों एवं शक्तियों का निर्धारण तथा उनकी नियुक्ति का समापन ।
(छ) खंड (च) में निर्दिष्ट व्यक्तियों को देय मानदेय या पारिश्रमिक का निर्धारण ।
(ज) परीक्षाओं एवं उनसे संबंधित गतिविधियों के लिए मानकों तथा व्ययों का निर्धारण ।
(
झ) मण्डल द्वारा आयोजित परीक्षाओं से संबंधित सांख्यिकी तैयार करना ।
(ञ) मण्डल के अधिकारियों, लिपिकों एवं अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति तथा उनकी सेवा शर्तों का निर्धारण ।
(ट) मण्डल के सभी वित्तीय मामलों का नियंत्रण, प्रशासन , अभिरक्षण एवं प्रबंधन ।
(ठ) राज्य सरकार के निर्देशानुसार निर्दिष्ट व्यवसायों में कौशल परीक्षण आयोजित करना तथा प्रमाण- पत्र जारी करना ।
(ड) ऐसे समस्त विषय, जो इस अधिनियम या विनियमों द्वारा विहित किए गए हों ।
19.
कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति.
यदि इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी करने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो सामान्य प्रशासन विभाग , आदेश द्वारा , कठिनाई को दूर करने के लिए ऐसे उपाय कर सकेगा, परंतु ऐसे उपाय इस अधिनियम के उपबंधों 276( 13)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
के असंगत न होंः
परंतु, इस अधिनियम के प्रारंभ होने से दो वर्ष कीअवधि समाप्त होने के पश्चात् ऐसा कोई आदेश नहीं किया जाएगा ।
20.
सद्भावनापूर्वक की गई कार्यवाही के लिए संरक्षण.
यदि राज्य सरकार संतुष्ट है कि इस अधिनियम अथवा इसके अधीन बनाए गए किन्हीं नियमों या आदेशों के अनुसरण में सद्भावपूर्वक कोई कार्य किया गया है या किये जाने के लिए आशयित है, तो उस संबंध में राज्य सरकार, मण्डल के अध्यक्ष या सदस्य अथवा इस अधिनियम के अधीन नियुक्त किसी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कोई वाद , अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही नहीं की जाएगी ।
21.
अन्य विधियों पर अधिनियम का अधिभावी होना.
इस अधिनियम के उपबंधों का अधिभावी प्रभाव राज्य में तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में अंतर्विष्ट किसी भी असंगत बात के होते हुए भी होगा ।
व्यावृत्ति.
22. ( 1 ) इस अधिनियम के प्रारंभ होने पर, उस समय अस्तित्व में विद्यमान छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल में विलयित माना जाएगा तथा एक पृथक इकाई के रूप में अस्तित्व में नहीं रहेगा; तथा तद्नुसार, उक्त मंडल की समस्त परिसंपत्तियाँ एवं देनदारियाँ छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल में निहित हो जाएँगी ।
(
2) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, इस अधिनियम के प्रारंभ से पूर्व में किन्हीं भर्ती प्रक्रियाओं के संबंध में, विज्ञापन जारी किया जा चुका है तथा जो किसी भी चरण में लंबित हैं, वे उसी विधि एवं नियमों के अनुसार जारी रहेंगी और पूर्ण की जाएंगी, जो ऐसे विज्ञापन के जारी होने की तारीख को प्रभावी थे ।
(3) मण्डल के माध्यम से पदों पर नियुक्त व्यक्तियों की सेवा शर्तें, संबंधित सेवा नियमों अथवा उन पदों पर लागू आदेशों के अनुसार ही शासित होती रहेंगी । 276(14)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2026
उद्देश्यों तथा कारणों का कथन
यह विधेयक छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल की स्थापना करने का प्रस्ताव करता है जिसका उद्देश्य राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अंतर्गत विभिन्न कार्यालयों में तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया में एकरूपता लाना तथा अन्य परीक्षाओं और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाओं के संचालन को सुव्यवस्थित करना है ।
राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अंतर्गत विभिन्न कार्यालयों में तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी के कई ऐसे पद हैं, जिनके लिए समान न्यूनतम शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित की गई है । ऐसे कार्यालय समय- समय पर इन पदों की पूर्ति हेतु भर्ती करते हैं । वर्तमान में, समान आवश्यक योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को पृथक-पृथक पदों के लिए पृथक- पृथक आवेदन करना पड़ता है और संबंधित नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा यथा निर्धारित पृथक- पृथक चयन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है । इससे भर्ती एजेंसियों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, नियुक्तियों में विलंब होता है और सार्वजनिक धन का अनावश्यक अपव्यय होता है ।
प्रस्तावित छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल के माध्यम से, भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, विनियमित और त्वरित किया जायेगा । समान योग्यता वाले पदों के लिए एक ही विज्ञापन जारी किया जा सकेगा, जिससे सीधी भर्ती चयन की प्रकिया में एकरूपता आयेगी और यह सुनिश्चित् किया जायेगा कि यह पारदर्शी, सुरक्षित एवं प्रभावी रूप से आयोजित की जाये ।
इप्सित है । इससे संबंधित या उसके आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने हेतु भी यह विधेयक अतः, यह विधेयक प्रस्तुत है ।
विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री रायपुर,
(भारसाधक सदस्य) दिनांक 13 मार्च , 2026 276 ( 15)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2026
प्रत्यायोजित विधि निर्माण के संबंध में ज्ञापन
प्रस्तावित छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल विधेयक , 2026 के खण्ड 16 एवं 18 में नियम एवं विनियम बनाने की शक्ति प्रत्यायोजन की संस्थापनाएं जो सामान्य स्वरूप कीहै ।
वित्तीय ज्ञापन
छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल विधेयक, 2026 में प्रस्तावित प्रावधान किये जाने के परिणाम स्वरूप राज्य शासन पर प्रतिवर्ष अनुमानतः रूपये 30,00,00,000/- (रूपये तीस करोड़) का आवर्ती वित्तीय भार आयेगा ।
"संविधान के अनुच्छेद 207 के अधीन राज्यपाल द्वारा अनुशंसित "
दिनेश शर्मा , सचिव, छत्तीसगढ़ विधान सभा संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2026 .