छत्तीसगढ़शासन
10000
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015 . "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान ( बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 ."
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 143 ]
नवा रायपुर, शुक्रवार, दिनांक 20 मार्च 2026- -फाल्गुन 29 , शक 1947
छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय
रायपुर , शुक्रवार, दिनांक 20 मार्च, 2026 (फाल्गुन 29, 1947)
क्रमांक-5161 / वि.स./ विधान / 2026.- छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ उपकर ( संशोधन) विधेयक, 2026 (क्रमांक 8 सन् 2026) जो शुक्रवार, दिनांक 20 मार्च , 2026 को पुरःस्थापित हुआ है , को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है ।
हस्ता./- (दिनेश शर्मा) सचिव.
285 286
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्रमांक 8 सन् 2026)
छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक , 2026
हेतु विधेयक । छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1981 ( 1982 का 1 ) को और संशोधित करने भारत गणराज्य के सतहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधान मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-
1.
संक्षिप्त नाम तथा प्रारंभ.
(1 ) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) अधिनियम, 2026 कहलायेगा ।
(2) यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा ।
भाग-3 का विलोपन.
2. छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1981 (1982 का 1 ) (जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के रूप में निर्दिष्ट है) के भाग -3 की धारा 8 एवं 9 तथा उससे संबंधित शीर्षक को विलोपित किया जाए ।
3. मूल अधिनियम की अनुसूची को विलोपित किया जाए ।
अनुसूची का विलोपन.
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 20 मार्च 2026
286( 1) उद्देश्यों और कारणों का कथन
छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम , 1981 ( 1982 का 1 ) के प्रावधानों के अंतर्गत विक्रय, दान , भोग बंधक या तीस वर्ष या उससे अधिक कालावधि के पट्टों पर देय स्टाम्प शुल्क के 12 प्रतिशत की दर से उपकर अधिरोपित किया जाता है ।
और यतः अचल संपत्ति के अंतरण संबंधी दस्तावेजों के पंजीयन पर बाजार के 05 प्रतिशत की दर से स्टाम्प शुल्क एवं 01 प्रतिशत नगरीय निकाय / जनपद शुल्क प्रभार्य है , इसके अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क का 12 प्रतिशत उपकर (स्टाम्प के रूप में) देय होता है । इसके अलावा 04 प्रतिशत की दर से पंजीयन शुल्क भी प्रभार्य होता है । इस प्रकार संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर संपत्ति के बाजार मूल्य का कुल 10.6. प्रतिशत शुल्क प्रभार्य होता है ।
पूर्व में स्टाम्प शुल्क पर 5 प्रतिशत उपकर देय था। वर्ष 2023 में " छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन तथा राजीव मितान क्लब योजना " से संबंधित प्रयोजन के लिए संपत्ति के अंतरण पर उपकर शुल्क बढ़ाकर 12 प्रतिशत किया गया था ।
चूंकि वर्तमान में "राजीव मितान क्लब योजना " संचालित नहीं है इसलिए उक्त अतिरिक्त उपकर शुल्क का लिया जाना अब प्रासंगिक नहीं है । इसके अतिरिक्त आम जनता पर वित्तीय भार को कम करने हेतु स्टाम्प शुल्क के अतिरिक्त अधिरोपित उपकर शुल्क को पूरी तरह से समाप्त किया जाना उपयुक्त पाया गया है ।
तद्नुसार, छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1981 के भाग 3 अन्तर्गत धारा 8 एवं 9 में प्रावधानित विक्रय , दान , भोग बंधक या तीस वर्ष या उससे अधिक कालावधि के पट्टा विलेख पर लगने वाले 12 प्रतिशत उपकर को समाप्त किया जाना प्रस्तावित है ।
अतः यह विधेयक प्रस्तुत है ।
ओ.पी. चौधरी
वाणिज्यिक कर मंत्री रायपुर,
दिनांक 18 मार्च , 2026
(भारसाधक सदस्य) "संविधान के अनुच्छेद 207 (1 ) के अधीन राज्यपाल द्वारा अनुशंसित "
वित्तीय ज्ञापन
प्रस्तावित छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक , 2026 में राज्य की संचित निधि में अनुमानित राशि रू . 148.00 करोड़ वार्षिक राजस्व की कमी होगी । छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 20 मार्च 2026
286 ( 2)
उपाबंध
छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1981 (क्र 1 सन् 1981 ) के भाग -3 का सुसंगत उद्यरण
भाग-3
स्थावर संपत्ति के अंतरण पर उपकर
धारा 8. इस भाग में शब्द " स्थावर संपत्ति " का वही अर्थ होगा , जो संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 (क्र. 4 सन् 1882 ) में उसके लिए समनुदेशित किया गया है । धारा 9. ( 1 ) विक्रय , दान, भोग बंधक या तीस वर्ष या अधिक कालावधि के पट्टे के माध्यम से स्थावर संपत्ति के अंतरण पर इस अधिनियम के साथ संलग्न अनूसूची के अनुसार उपकर प्रभारित किया जाएगा , उग्रहीत किया जाएगा तथा संदत्त किया जाएगाः परन्तु भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 (1899 का सं. 2 ) के अधीन छूट, यथावश्यक परिवर्तन सहित, इस अधिनियम के अधीन उपकर के संबंध में उसी सीमा तक लागू होंगी , जिस सीमा तक कि वे , उस अधिनियम के अधीन प्रभार्य शुल्क को इस प्रकार लागू होती हो , मानो कि उपकर, उस अधिनियम के अधीन प्रभार्य शुल्क हो ।
(2 ) उप -धारा ( 1 ) के अधीन प्रभारित और उद्गृहीत उपकर, स्थावर संपत्ति के अंतरण की लिखत के रजिस्ट्रीकरण के साथ चुकाया जाएगा और वसूल किया जाएगा । उपकर के भुगतान को , अंतरण के विलेख पर , भारतीय स्टाम्प अधिनियम , 1899 ( 1899) का सं . 2 ) के अधीन जारी किये गये स्टाम्प चिपकाकर दर्शाया जायेगा ।
(3 ) उपकर, उस व्यक्ति के द्वारा देय होगा, जिसके द्वारा भारतीय स्टॉम्प अधिनियम , 1899 (1899 का सं. 2 ) के अधीन स्टाम्प शुल्क देय है ।
(4 ) रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 ( 1908 का सं. 16 ) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी , उसके अधीन कोई अधिकारी , किसी दस्तावेज को रजिस्ट्रीकरण के लिए तब तक ग्रहण नही करेगा , जब तक कि उप - धारा ( 1 ) के अधीन प्रभारित और उद्गृहीत उपकर पूर्णतः चुका न. दिया गया हो ।
(5) भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 (1899 का सं. 2) की धारा 48 के उपबंध, इस भाग के अधीन उपकर की वसूली पर उसी प्रकार लागू होंगे , जिस प्रकार कि वे , इस अधिनियम के अधीन शुल्क एवं शास्तियों की वसूली पर लागू होते हैं । 286(3)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 20 मार्च 2026
(6) उपकर के आगम , ग्रामीण विकास निधि एवं छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन तथा राजीव मितान क्लब योजना से संबंधित प्रयोजन के लिए उपयोजित किये जायेंगे ।
उपकर से प्राप्त राजस्व का विभाजन विहित रीति से किया जायेगा ।
अनुसूची
लिखतों पर उपकर
( धारा 9 (1 ) देखिये )
उपकर
स.क्र. लिखतों का विवरण संपत्ति का विवरण
(4)
(2 )
(3)
(1 )
1
स्थावर
संपत्ति के
अंतरण पर
विक्रय , दान भोग बंधक या तीस वर्ष या अधिक की कालावधि के लिए पट्टा
स्टाम्प शुल्क की उस रकम के , जिससे कि ऐसे अंतरण की लिखत भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 ( 1899 का सं. 2 ) की अनुसूची 1 - क के सुसंगत अनुच्छेद के अनुसार प्रभार्य है, 12. प्रतिशत की दर से ।
दिनेश शर्मा, सचिव, छत्तीसगढ़ विधान सभा संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2026 .