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Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

छत्‍तीसगढ़ स्‍टार्टअप प्रोत्‍साहन नियम, 2026 संबंधी

Published 26 May 2026

Department
वाणिज्य और उद्योग विभाग
Type
Extraordinary
Gazette no.
262
Notification no.
PROJ/2617/2025-O/O DS(C&I)
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2026-05-26.262
Languages
English, Hindi

000

छत्तीसगढ़ शासन

पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/ दुर्ग/ 09 / 2013-2015 . " "बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान (बिना डाक टिकट ) के प्रेषण हेतुअनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई . दिनांक 30-05-2001 . "

सत्यमेव जयते

छत्तीसगढ़ राजपत्र

(असाधारण)

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 262 ]

नवा रायपुर, मंगलवार, दिनांक 26 मई 2026- -ज्येष्ठ 5, शक 1948

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग मंत्रालय , महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर

नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 25 मई 2026

अधिसूचना

क्रमांक PROJ /2617 / 2025 - O / O DS ( C &I ) . राज्य शासन, एतद्वारा , छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के अंतर्गत पात्र स्टार्टअप इकाइयों को नीति अंतर्गत छूट एवं अनुदान प्रदान करने हेतु निम्नानुसार नियम निर्मित करता है , अर्थात

नियम

1. नाम एवं प्रभावशीलता ( 1 ) ये नियम छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नियम , 2026 कहलाएंगे । (2 ) ये नियम राजपत्र में प्रकाशन के दिनांक से प्रभावशील होंगे ।

(3 ) औद्योगिक विकास नीति 2024-30 की कालावधि में प्राप्त होने वाले आवेदनों तथा इस नियम के राजपत्र में प्रकाशन दिनांक को लंबित सभी आवेदनों का निराकरण इस नियम के अनुसार किया जाएगा।

2. परिभाषा-

जब तक संदर्भ से अन्यथा अभिप्रेत हो , इन नियमों में नीति से अभिप्रेत है, छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-301

3. नीति अंतर्गत उल्लिखित प्रोत्साहन प्राप्त करने हेतु पात्रता-

किसी इकाई को नीति अंतर्गत उल्लिखित प्रोत्साहन प्राप्त करने हेतु निम्न शर्तों की पूर्ति किया जाना अनिवार्य होगा:

( 1 ) इकाई को नीति की कंडिका 5 ( 1 ) में उल्लिखित स्टार्टअप की परिभाषा अथवा उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग ( DPIIT ) , वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा समय - समय पर जारी नवीनतम परिभाषा के अनुरूप होना चाहिए ।

(2 ) इकाई , उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT ) , वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा जारी वैध स्टार्टअप प्रमाण पत्र धारित हो ।

(3) इकाई का छत्तीसगढ़ में वैधानिक इकाई यथा कंपनी अधिनियम , 2013 के अंतर्गत पंजीकृत कंपनी, भागीदारी फर्म, सीमित देयता भागीदारी फर्म अथवा उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) , वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा समय - समय पर स्टार्टअप हेतु मान्य अन्य वैधानिक इकाई के रूप में पंजीकृत होना अनिवार्य होगा तथा नीति के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु स्टार्टअप इकाई को छत्तीसगढ़ में स्थापित/ संचालित होना आवश्यक होगा । (4 ) इकाई की गतिविधि छत्तीसगढ़ शासन, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी औद्योगिक विकास नीति, 2024-30 के परिशिष्ट -3 में वर्णित अपात्र उद्योगों तथा परिशिष्ट -5 में वर्णित कोर सेक्टर के उद्योगों की सूची में सम्मिलित न हो ।

(5) वे स्टार्टअप इकाइयाँ जो केवल पूर्व में स्थापित पारंपरिक व्यावसायिक इकाइयों की पुनरावृत्ति करने वाली गतिविधियों तक सीमित है , इस नीति के अंतर्गत लाभ के लिए पात्र नहीं होंगे ।

523 524

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मई 2026

( 6 ) इन नियमों के अंतर्गत निवेश प्रोत्साहन प्राप्त करने हेतु यह आवश्यक होगा कि स्टार्टअप को राज्य स्तरीय स्टार्टअप संवर्धन समिति द्वारा औद्योगिक विकास नीति 2024-30 की कालावधि में प्राप्त आवेदनों पर अनुदान/छूट/रियायतों हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया हो ।

4. प्रक्रिया-

(1 ) नीति के कंडिका क्रमांक 10 ( 3 ) के अनुसार राज्य स्तरीय स्टार्टअप संवर्धन समिति की संरचना निम्नानुसार होगी –

( i ) संचालक, उद्योग अथवा उनके द्वारा नामांकित सदस्य – अध्यक्ष

( ii ) MSME - DFO के प्रतिनिधि जो सहायक निदेशक से अनिम्न स्तर के हो ( आवश्यकतानुसार) ( iii ) संयुक्त संचालक ( वित्त) , उद्योग संचालनालय

( iv ) संयुक्त संचालक , उद्योग संचालनालय – सदस्य सचिव

(v ) चिप्स (CHiPS ) के प्रतिनिधि (आवश्यकतानुसार)

उपरोक्त सदस्यों के अतिरिक्त समिति द्वारा विषय विशेषज्ञ, अनुसंधान एवं शैक्षणिक क्षेत्र के प्रतिनिधि, निवेश प्रतिनिधि, उद्योग विशेषज्ञ को आवश्यकता अनुसार आमंत्रित किया जा सकेगा। कोरम पूर्ति हेतु न्यूनतम 4 सदस्यों की आवश्यकता होगी।

(2 ) राज्य स्तरीय स्टार्टअप संवर्धन समिति की शक्तियां एवं उत्तरदायित्वः

(i ) समिति आवश्यकतानुसार बैठक आयोजित कर स्टार्टअप एवं इनक्यूबेटर अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन कर अनुमोदन प्रदान करेगी ।

(ii ) समिति इन्क्यूबेशन केंद्रों द्वारा प्रस्तुत प्रगति प्रतिवेदनों की समीक्षा करेगी तथा आवश्यक अनुशंसा एवं सुधार हेतु निर्देश प्रदान करेगी।

( iii ) समिति स्टार्टअप्स एवं इनक्यूबेटर्स के लिए अनुदान, प्रोत्साहन एवं छूट के अनुमोदन हेतु उत्तरदायी होगी ।

( iv) समिति स्टार्टअप्स संवर्धन से संबन्धित अन्य निर्णय लेने हेतु भी अधिकृत होगी एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास से संबंधित अन्य निर्णय लेने का अधिकार होगा ।

(v) स्टार्टअप एवं इनक्यूबेटर को समिति द्वारासैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान करने के पश्चात ही छूट/अनुदान की पात्रता होगी । समिति से अनुमोदन प्राप्त स्टार्टअप इकाइयां राज्य शासन से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप इकाइयां कही जाएंगी ।

(v ) समिति द्वारा लिए गए निर्णयों के लिए समिति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी; सदस्य सचिव व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी नहीं होगा। सदस्य सचिव का दायित्व होगा की वह प्रकरणवार विस्तृत जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत करे ।

(3 ) स्टार्टअप इकाइयों द्वारा नीति अंतर्गत उल्लिखित प्रोत्साहन प्राप्त करने हेतु समिति से अनुमोदन प्राप्त करने की प्रक्रिया

(1 ) स्टार्टअप इकाई को विभागीय पोर्टल में पंजीयन कर उद्यम आकांक्षा प्राप्त करना आवश्यक होगा। (2) उद्यम आकांक्षा प्राप्त करने के पश्चात स्टार्टअप इकाई द्वारा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन निम्नलिखित दस्तावेज के साथ प्रस्तुत करना होगा :

(i ) निगमन प्रमाण पत्र / पंजीकरण प्रमाण पत्र

(ii ) डीपीआईआईटी प्रमाण पत्र छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मई 2026

524(1 ) ( iii ) इकाई के पते का प्रमाण ( बिजली बिल , जीएसटी पंजीकरण , रेंट/ लीज डीड एग्रीमेंट)

( iv ) उत्पाद/ समाधान /सेवा की नवीनता पर संक्षिप्त विवरण/पिच डेक

(v ) इकाई के निगमन / पंजीकरण के बाद सभी वित्तीय वर्षों के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा प्रमाणित टर्नओवर प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा । यदि इकाई ने कोई वित्तीय वर्ष पूर्ण नहीं किया है या व्यावसायिक गतिविधि प्रारम्भ नहीं की है, तो ऐसी स्थिति में इकाई के लेटरहेड पर स्वप्रमाणित पत्र प्रस्तुत किया जाएगा ।

(vi ) एमओए / एओए/पार्टनर्शिप डीड (जहाँ लागू हो)

(3) आवेदन प्राप्त होने के पश्चात प्रकरण अपूर्ण होने की स्थिति में, प्रकरण में कमियों को बताते हुये आवेदन प्राप्ति दिनांक से 15 कार्य दिवस के भीतर कमीपूर्ति हेतु वापस किए जाएंगे । आवेदक द्वारा 60 दिवसों की अवधि में कमियों की पूर्ति नहीं करने पर अपूर्ण प्रकरण स्वमेव निरस्त मान्य होंगे ।

(4 ) पूर्ण आवेदन राज्य स्तरीय स्टार्टअप संवर्धन समिति (SSPC ) के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे समिति द्वारा अनुमोदन पश्चात सक्षम अधिकारी अथवा सदस्य सचिव द्वारा प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे । (5) राज्य स्तरीय स्टार्टअप संवर्धन समिति से सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त इकाइयाँ ही इस नीति अंतर्गत उल्लिखित सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगी ।

(6) किसी भी प्राप्त आवेदन में समिति द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम होगा ।

(7 ) निरस्त प्रकरणो में इकाई द्वारा पुनः आवेदन किया जा सकेगा ।

5. स्टार्टअप इकाइयों हेतु अनुदान -

( 1 ) छत्तीसगढ़ सीड फंड सहायता (CGSF) -

(i ) नीति के कंडिका 6 ( 1 ) के अनुसार राज्य से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप इकाइयों को नीति में उल्लिखित मात्रानुसार छत्तीसगढ़ सीड फंड सहायता की पात्रता होगी ।

(ii ) पात्रता हेतु शर्तें

(क) आवेदन दिनांक को स्टार्टअप का केंद्र/ राज्य शासन द्वारा मान्यता प्राप्त किसी इनक्यूबेटर में न्यूनतम तीन माह तक इनक्यूबेटेड होना अनिवार्य होगा तथा इनक्यूबेटर से प्रूफ ऑफ कान्सैप्ट ( POC ) के लिए अनुशंसा प्राप्त करना आवश्यक होगा ।

(ख ) तकनीकी शिक्षा विभाग , छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अधिसूचित छात्र स्टार्टअप एवं इनोवेशन नीति ( 2025-29 ) के अंतर्गत पात्र स्टार्टअप इकाइयों को इस सहायता की पात्रता नहीं होगी । (ग) स्टार्टअप इकाइयाँ एक से अधिक विचारों के लिए सीड फंड ग्रांट प्राप्त करने हेतु पात्र होंगी किन्तुकुल स्वीकृत राशि अधिकतम ₹ 10 लाख तक सीमित रहेगी ।

(घ) अन्य किसी राज्य केंद्र सरकार से समान प्रयोजन हेतु सीड फंड सहायता प्राप्त कर रहे स्टार्टअप इकाइयों को नीति अंतर्गत इस सहायता की पात्रता नहीं होगी ।

(ड. ) इकाई को उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT ) , वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा जारी स्टार्टअप प्रमाण पत्र (डीपीआईआईटी प्रमाण पत्र ) जारी दिनांक से 2 वर्षों तक ही इस सहायता हेतु पात्र होंगे ।

(iii ) प्रक्रिया

(क ) पात्र स्टार्टअप इकाइयों द्वारा सीड फंड सहायता हेतु विभागीय पोर्टल के माध्यम से निम्नलिखित दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा: -

(अ ) अद्यतन पिच डेक ( पिच डेक में स्टार्टअपकी विस्तृत जानकारी , समस्या एवं समाधान , MVP छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मई 2026

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विकास योजना एवं प्रगति, प्रोडक्ट/प्रोटोटाइप विवरण , बाजार अवसर , बिजनेस मॉडल , टीम प्रोफाइल , ट्रैक्शन (यदि कोई हो) , फंड की आवश्यकता एवं उपयोग का विवरण, तथा MVP पूर्ण करने की समय - सीमा शामिल होना चाहिए )

( ब ) सीड फंड राशि की आवश्यकता के संबंध मे विस्तृत जानकारी

(स) प्रपत्र -1 अनुसार शपथ पत्र

(द ) सीड फंड सहायता हेतु इन्क्यूबेशन केंद्र का अनुसंशा पत्र (प्रपत्र -2 अनुसार)

(ख ) इन्क्यूबेशन केंद्र से प्राप्त अनुसंशा के साथ आवेदन राज्य स्तरीय स्टार्टअप संवर्धन समिति के समक्ष प्रस्तुत की जावेगी । समिति द्वारा आवेदन पर अनुमोदन प्राप्त कर सक्षम अधिकारी द्वारा आवेदन स्वीकृत अथवा निरस्त किए जाएंगे ।

( ग) आवेदन प्राप्त होने के पश्चात प्रकरण अपूर्ण होने की स्थिति में, प्रकरण में कमियों को बताते हुये आवेदन प्राप्ति दिनांक से 15 कार्य दिवस के भीतर कमीपूर्ति हेतु वापस किए जाएंगे । इकाई द्वारा 60 दिवसों की अवधि में कमियों की पूर्ति नहीं करने पर अपूर्ण प्रकरण स्वमेव निरस्त मान्य होंगे। ( घ) बजट उपलब्ध होने पर स्वीकृत राशि का वितरण ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से इकाई केखाते में जमा किया जाएगा ।

(ड.) अस्वीकृत प्रकरणो में स्टार्टअप द्वारा पुनः आवेदन निरस्तीकरण की तिथि से 2 माह पश्चात पोर्टल पर किया जा सकेगा परंतु इकाई को पूर्व में आवेदन निरस्तीकरण के संबंध में स्पष्ट जानकारी ऑनलाइन आवेदन के साथ प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य होगा । निरस्तीकरण के प्रकरणों में इकाई, नीति अवधि में पुनः आवेदन प्रस्तुत कर सकता है परंतु इस नीति के अंतर्गत सीड फंड सहायता किसी स्टार्टअप को उसके जीवनचक्र में केवल एक बार ही प्रदान की जाएगी। (iv ) स्टार्टअप इकाई के उत्तरदायित्व

(क) स्टार्टअप इकाई द्वारा सीड फंड सहायता राशि का उपयोग समिति द्वारा निर्धारित मदों में व्यय किया जा सकेगा तथा दुरुपयोग पाये जाने पर यह राशि मय 12.5 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से वसूल की जा सकेगी ।

(ख ) लाभार्थी स्टार्टअप को मिनिमम वायबल प्रोडक्ट ( MVP ) के पूर्ण होने तक अथवा छः माह जो पहले हो तक, सम्बंधित इन्क्यूबेशन केंद्र में इनक्यूबेटेड रहना अनिवार्य होगा ।

(ग) स्टार्टअप द्वारा अन्य अनुदान हेतु आवेदन प्रस्तुत करने से पूर्व इस अनुदान हेतु सम्बंधित इन्क्यूबेशन केंद्र से प्रमाणित उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।

( 2 ) राष्ट्रीय/ अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी हेतु अनुदान

(i) नीति के कंडिका 6 ( 5 ) के अनुसार, स्टार्टअप इकाइयों को राष्ट्रीय / अंतरराष्ट्रीय आयोजनों/ कार्यक्रमों में भाग लेने पर नीति में उल्लिखित मात्रानुसार अनुदान की पात्रता होगी ।

(ii ) स्टार्टअप - केंद्रित कार्यक्रम से आशय ऐसे आयोजनों से है, जिनका उद्देश्य स्टार्टअप्स को बाज़ार उपलब्ध कराना , वित्तीय सहयोग , नेटवर्किंग मंच तथा इकोसिस्टम के संवर्धन हेतु अवसर प्रदान करना हो ।

( iii ) राज्य स्तरीय स्टार्टअप संवर्धन समिति से अनुमोदन प्राप्त इकाइयाँ इस अनुदान/ सहायता हेतु पात्र होंगी ।

( iv) आयोजन हेतु केंद्र अथवा राज्य शासन के किसी अन्य विभाग से समान प्रकार की सहायता प्राप्त करने पर स्टार्टअप इकाई को इस अनुदान की पात्रता नहीं होगी।

(v ) स्टार्टअप इकाई को कार्यक्रम में भाग लेने हेतु, कार्यक्रम / आयोजन की निर्धारित तिथि से न्यूनतम 15 दिवस पूर्व उद्योग संचालनालय को सूचना प्रदान करना आवश्यक होगा । छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मई 2026

524(3 ) (vi ) इस नीति के अधिसूचित होने के पश्चात ऐसे आयोजन जिसमें विभाग की सहभागिता हो तथा स्टार्टअप इकाइयाँ विभाग द्वारा नामांकित की गयी हो उन स्टार्टअप इकाइयों को विभाग को पूर्व सूचना देने की आवश्यकता नहीं होगी ।

(vii ) प्रतिपूर्ति हेतु पात्र व्यय

(क) सार्वजनिक परिवहन से संबंधित यात्रा व्यय ( जिसमें इकोनॉमी क्लास हवाई यात्रा , रेल यात्रा प्रथम श्रेणी छोडकर तथा बस यात्रा सम्मिलित होगी) । निजी अथवा प्रीमियम परिवहन व्यय प्रतिपूर्ति हेतु मान्य नहीं होंगे ।

(ख ) सहभागिता शुल्क (जैसे पंजीकरण शुल्क, प्रवेश शुल्क, प्रतिनिधि पास इत्यादि) ।

(ग) केवल स्टॉल/पॉड/ बूथ किराया व्यय । (स्टॉल सजावट , सेटअप अथवा अन्य सहायक व्ययों की प्रतिपूर्ति मान्य नहीं होगी ।

(घ) ऐसे प्रकरणों में जहाँ भुगतान विदेशी मुद्रा में किया गया हो, आवेदन के साथ वैध मुद्रा विनिमय रसीद अथवा लागू विनिमय दर का प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा ।

(ड. ) प्रत्येक कार्यक्रम में अधिकतम दो संस्थापक/ निदेशक / भागीदार प्रतिपूर्ति हेतु पात्र होंगे। (च) इस प्रतिपूर्ति का लाभ लेने वाली स्टार्टअप इकाइयों के लिए कार्यक्रम के दौरान "स्टार्टअप छत्तीसगढ़ " का लोगो ( logo ) प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।

(viii) आवश्यक दस्तावेज़

(क) आयोजन समाप्त होने के पश्चात, स्टार्टअप इकाई को 60 दिवसों के भीतर विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन निम्नलिखित दस्तावेज के साथ प्रस्तुत करना होगा: -

(अ ) फोटो सहित कार्यक्रम प्रतिवेदन , जिसमे " स्टार्टअप छत्तीसगढ़ " का लोगो ( logo ) स्पष्ट प्रदर्शित हो

(ब ) यात्रा टिकटों की रसीद एवं भुगतान विवरण

(स) स्टॉल / बूथ शुल्क भुगतान की रसीदें, सहभागिता शुल्क से संबंधित प्रमाण एवं भुगतान विवरण

(द) अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भागीदारी की स्थिति में मुद्रा विनिमय संबंधी दस्तावेज

(इ) शपथ पत्र (प्रपत्र -3)

(ख ) स्टार्टअप इकाई को कार्यक्रम में भाग लेने हेतु, सूचना ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से देना होगा जिसमे आयोजन दिनांक , स्थल तथा प्रतिभागी संबंधी जानकारी अंकित करना होगा , तथा कार्यक्रम से संबंधित जानकारी/ आमंत्रण पत्र संलग्न करना होगा ।

(3) ब्याज अनुदान

नीति की कंडिका 6 (4 ) के अनुसार राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स इकाइयों को नीति में प्रावधानित मात्रानुसार ब्याज अनुदान की पात्रता होगी । अनुदान स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक GENS / 1105/ 1 / 2025- COMM. & INDUS दिनांक 25 अप्रैल 2025 के अनुसार अथवा समय समय पर इसमें किए गए संशोधनों के अनुसार होगी ।

(4 ) ऑनलाइन विज्ञापन व्यय प्रतिपूर्ति

(i) नीति की कंडिका 6 ( 6 ) के अनुसार राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स इकाइयों को नीति में उल्लिखित मात्रानुसार ऑनलाइन विज्ञापन व्यय प्रतिपूर्ति की पात्रता होगी।

( ii ) यह प्रतिपूर्ति निम्न प्लेटफ़ार्म हेतु लागू होगी - छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मई 2026

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(क) Meta (Facebook/Instagram/ Threads ) Ads

(ख) YouTube Ads

(ग) LinkedIn Ads

(घ) Microsoft Ads

(ड.) Google Ads

(च) X (Twitter) Ads

(छ) E - commerce platform Ads

उपरोक्त प्लेटफॉर्म के अतिरिक्त विभाग द्वारा समय - समय पर अधिसूचित अन्य प्लेटफॉर्म प्रतिपूर्ति हेतु पात्र होंगे ।

( iii ) स्टार्टअप इकाइयाँ जिन्होंने पहले से किसी अन्य राज्य या केंद्र सरकार की नीति के अंतर्गत समान प्रकार के प्रोत्साहन प्राप्त किए हैं, इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने के पात्र नहीं होंगे । (iv) प्रक्रिया: -

(क) उत्पादन प्रमाण पत्र /सेवा गतिविधि प्रारम्भ प्रमाण पत्र धारित स्टार्टअप इकाइयाँ ही इस अनुदान हेतु पात्र होंगे ।

(ख ) स्टार्टअप इकाई द्वारा ऑनलाइन विभागीय पोर्टल में निम्न दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत करना होगा: -

( अ) विज्ञापन हेतु प्लेटफ़ार्म , अवधि सहित, व्यय का विस्तृत विवरण सभी रसीदों एवं चालानों की प्रतियां, जिनमें प्रत्येक व्यय की तिथि एवं संबंधित स्टार्टअप का नाम स्पष्ट रूप से अंकित हो । ( ब ) बैंक विवरण ( Bank Statement ) की प्रति , जिसमें संबंधित भुगतानों को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया हो ।

(स ) भुगतान के संबंध में चार्टर्ड अकाउंटेंट का प्रमाण पत्र।

(द) चलाए गए विज्ञापनों के स्क्रीनशॉट/क्रिएटिव्स/कैम्पेन लिंक ( जहाँ उपलब्ध हो)।

(5 ) सफल फंडरेज़िंग हेतु वित्तीय प्रोत्साहन

(i ) इस नीति की कंडिका 6 (7 ) के अनुसार राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप इकाइयों को SEBI पंजीकृत ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs ) अथवा वेंचर कैपिटलिस्ट्स (VCs ) से निवेश प्राप्त करने पर नीति में उल्लिखित मात्रानुसार अनुदान की पात्रता होगी।

(ii) पात्रता

(क) राज्य स्तरीय स्टार्टअप संवर्धन समिति से अनुमोदन प्राप्त स्टार्टअप इकाइयाँ इस अनुदान हेतु पात्र होंगी ।

(ख ) यह प्रोत्साहन सीड फण्ड अथवा एंजल निवेशक से प्राप्त निवेश पर लागू नहीं होगा ।

( ग ) स्टार्टअप को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा पंजीकृत कैटेगरी- I या कैटेगरी- II Alternative Investment Fund (AIF ) अथवा वेंचर केपिटलिस्ट ( Venture Capitalist ) से निवेश प्राप्त होना आवश्यक होगा। छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मई 2026

524 (5 ) ( घ) राज्य के स्टार्टअप (केपिटल ) फण्ड का उपयोग कर सूचीबद्ध AIF द्वारा किये गये निवेश पर यह प्रोत्साहन लागू नहीं होंगे ।

(ड. ) नीति के अनुसार प्राथमिकता क्षेत्रों में कार्यरत स्टार्टअप्स को वरीयता दी जाएगी ।

(च) राज्य अथवा केंद्र सरकार की किसी भी योजना से प्राप्त निवेश इस सहायता के लिए मान्य नहींहोगा ।

(छ) स्टार्टअप इकाई को निवेश इस नीति की अधिसूचना के पश्चात ही स्वीकृत एवं वितरित हुआ होनाचाहिए ।

(ज) स्टार्टअप अपने पूरे जीवनचक्र में इस वित्तीय सहायता का लाभ केवल एक बार प्राप्त कर सकेगा।

(झ ) स्टार्टअप इकाई द्वारा प्राप्त निवेश का उपयोग केवल राज्य के भीतर निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा ।

(ञ ) स्टार्टअप की पात्रता बनाए रखने हेतु यह अनिवार्य होगा कि निवेश राशि प्राप्त होने की तिथि से लेकर सहायता आवेदन प्रस्तुत करने की तिथि तक अंशधारिता / भागीदारी संरचना में कोई परिवर्तन न हुआ हो ।

(ट) स्टार्टअप को निवेश/ वितरण राशि बैंक खाते में प्राप्त होने की तिथि से 6 माह के भीतर वित्तीय सहायता के लिए ऑनलाइन स्टार्टअप पोर्टल पर आवेदन करना अनिवार्य होगा । विशेष परिस्थितियों में , संचालक उद्योग द्वारा समय - सीमा में छूट प्रदान किया जा सकेगा ।

(ठ) स्टार्टअप को आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेज़ प्रस्तुत करना होगा

अ) AIF/वेंचर कैपिटलिस्ट से प्राप्त निवेश का प्रमाण (Sanction Letter / Confirmation ) ( (ब) निवेश समझौता (SSA/SHA/Term Sheet )

(स) निवेशक का SEBI पंजीयन प्रमाण

(द) बैंक स्टेटमेंट/UTR, जिसमें निवेश राशि प्राप्त होना स्पष्ट हो

(इ) अद्यतन पिच डेक (Updated Pitch Deck )

(ई) लेखापरीक्षित वित्तीय विवरण (Audited Financial Statements )

(उ) निवेश से पूर्व एवं पश्चात की शेयरहोल्डिंग संरचना (Cap Table)

ऊ) निवेश स्वीकृति हेतु बोर्ड रेजोल्यूशन/पार्टनर्स की सहमति (जहाँ लागू हो)

( (ए) अंशधारिता/भागीदारी में परिवर्तन न होने के संबंध में शपथ पत्र (प्रपत्र-4 अनुसार) (ऐ) निवेश राशि के प्रस्तावित उपयोग का विवरण (Utilization Plan)

(ओ) प्रगति/आउटकम का संक्षिप्त विवरण ( यदि उपलब्ध हो)

(6) स्थायी पूंजी निवेश अनुदान

(i ) नीति की कंडिका 6 ( 11 ) के अनुसार राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स इकाइयों को नीति में उल्लिखित मात्रानुसार स्थायी पूंजी निवेश अनुदान की पात्रता होगी । अनुदान स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक GENS- 2101 / 1167 / 2025 - COMM . & INDUS दिनांक 19 अगस्त 2025 के अनुसार तथा समय - समय पर इसमें किए गए संशोधनों के अनुसार होगी |

( ii ) उत्पादन प्रमाण पत्र /सेवा गतिविधि प्रारम्भ प्रमाण पत्र धारित स्टार्टअप इकाइयाँ ही इस अनुदान हेतु पात्र होंगे ।

( iii ) सीड फंड सहायता तथा फण्डरेज़िंग सहायता राशि को मान्य स्थायी पूंजी निवेश के साथ समायोजित किया जाएगा ।

(iv) किराया अनुदान प्राप्त स्टार्टअप इकाईयों के शेड एवं भवन मद में निवेशित राशि को स्थायी पूंजी निवेश की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।

( 7 ) गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मई 2026

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(i ) राज्य शासन द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप इकाईयों को नीति की कंडिका 6 ( 12 ) में उल्लिखित मात्रानुसार अनुदान की पात्रता होगी। अनुदान स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक GENS / 32 / 2025 - COMM . & INDUS दिनांक 14 फरवरी 2025 के अनुसार तथा समय - समय पर इसमें किए गए संशोधनों के अनुसार होगी ।

(ii ) उत्पादन प्रमाण पत्र /सेवा गतिविधि प्रारम्भ प्रमाण पत्र धारित स्टार्टअप इकाइयाँ ही इस अनुदान हेतु पात्र होंगे।

(8 ) परियोजना प्रतिवेदन अनुदान

( i ) राज्य शासन द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप इकाईयों को नीति की कंडिका 6 ( 13 ) में उल्लिखित मात्रानुसार अनुदान की पात्रता होगी । अनुदान स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक GENS / 32 / 2025 - COMM . & INDUS , दिनांक 14 फरवरी , 2025 के अनुसार तथा समय - समय पर इसमें किए गए संशोधनों के अनुसार होगी । (ii) उत्पादन प्रमाण पत्र/ सेवा गतिविधि प्रारम्भ प्रमाण पत्र धारित स्टार्टअप इकाइयाँ ही इस अनुदान हेतु पात्र होंगे।

(9 ) तकनीकी पेटेंट अनुदान

(i ) राज्य शासन द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप इकाईयों को नीति की कंडिका 6 ( 14 ) में उल्लिखित मात्रानुसार अनुदान की पात्रता होगी ।

( ii ) स्टार्टअप इकाई द्वारा पेटेंट इस नीति अवधि में प्राप्त किया गया हो ।

( iii) यह अनुदान स्टार्टअप इकाई द्वारा उत्पादन /सेवा गतिविधि प्रारम्भ करने के पूर्व प्राप्त किए जा सकेंगे बशर्तें प्राप्त पेटेंट स्टार्टअप की मान्य गतिविधि से संबन्धित हो ।

(iv ) सहायता प्राप्त स्टार्टअप इकाई द्वारा विकसित पेटेंट का स्वामित्व स्टार्टअप इकाई के पास ही रहेगा । स्टार्टअप इकाई को उक्त पेटेंट के वाणिज्यिक उपयोग एवं व्यावसायीकरण (commercialization ) की अनुमति होगी । तथापि, स्टार्टअप इकाई द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन/सेवा गतिविधि प्रारम्भ होने की तिथि से न्यूनतम 3 वर्ष की अवधि तक राज्य के भीतर ही विनिर्माण अथवा सेवा प्रदाय सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा । ऐसे प्रकरणों में जहाँ पेटेंट स्टार्टअप इकाई के नाम पर पंजीकृत नहीं है, वह पेटेंट स्टार्टअप के संस्थापक (Founder ) अथवा सह- संस्थापक (Co- founder ) के नाम पर होना अनिवार्य होगा।

(v) केवल वे भुगतान जो स्टार्टअप इकाई के बैंक खाते से पेटेंट प्राप्त करने हेतु किए गए हैं अर्थात पेटेंट फाइलिंग शुल्क, अधिवक्ता( एटॉर्नी) शुल्क, खोज (सर्च) शुल्क, अनुरक्षण (मेंटेनेंस ) शुल्क इस अनुदान हेतु पात्र होंगे ।

(vi ) अनुदान स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक GENS/ 32/ 2025 -COMM . & INDUS दिनांक 14 फरवरी , 2025 के अनुसार तथा समय- समय पर इसमें किए गए संशोधनों के अनुसार होगी ।

(10 ) प्रौद्योगिकी क्रय अनुदान

(i ) राज्य शासन द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप इकाईयों को नीति की कंडिका 6 ( 15 ) में उल्लिखित मात्रानुसार अनुदान की पात्रता होगी ।

(ii ) स्टार्टअप इकाई उत्पादन प्रमाण पात्र/ सेवा गतिविधि प्रारम्भ प्रमाण पत्र प्राप्त करने के पश्चात ही इस अनुदान हेतु पात्र होंगे। छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मई 2026

524(7) ( iii ) शासकीय अनुसंधान केन्द्रों एवं एन.आर.डी.सी. (NRDC ) से प्रौद्योगिकी क्रय किए जाने की स्थिति में ही अनुदान की पात्रता होगी।

(iv) क्रय की गई प्रौद्योगिकी का उपयोग केवल स्वयं के स्टार्टअप इकाई में ही किया जाना अनिवार्य होगा ।

(v ) अनुदान स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक GENS/ 32/ 2025 - COMM . & INDUS दिनांक 14 फरवरी , 2025 के अनुसार तथा समय- समय पर इनमें किए गए संशोधनों के अनुसार होगी |

( 11 ) रोजगार सृजन अनुदान

(i ) राज्य शासन द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप इकाईयों को नीति की कंडिका 6 ( 16) में उल्लिखित मात्रानुसार अनुदान की पात्रता होगी ।

( ii ) उत्पादन प्रमाण पत्र / सेवा गतिविधि प्रारम्भ प्रमाण पत्र प्राप्त स्टार्टअप इकाई ही इस अनुदान हेतुपात्र होंगे।

(iii) पात्रता

(क) इकाई राज्य शासन से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप होनी चाहिए ।

(ख ) स्टार्टअप इकाई द्वारा न्यूनतम 10 से अधिक स्थायी रोजगार सृजित किए गए हों । (ग ) नियोजित कर्मचारी छत्तीसगढ़ के मूल निवासी होने चाहिए ।

(घ ) कर्मचारी का मासिक वेतन ₹ 50,000 तक होना चाहिए ।

(ड. ) कर्मचारी का नियोजन स्टार्टअप इकाई में स्थायी नियोजन के रूप में होना आवश्यक होगा।

(iv ) आवश्यक दस्तावेज़

(क) कर्मचारियों की सूची, जिसमें नाम , पद, नियुक्ति दिनांक, वेतन एवं लिंग का विवरण हो। ( ख) कर्मचारियों के नियुक्ति पत्र (Appointment Letter ) तथा मासिक भुगतान पर्ची की प्रति।

(ग ) मासिक वेतन भुगतान का सीए द्वारा प्रमाणित प्रमाण पत्र |

( घ) कर्मचारियों के छत्तीसगढ़ के मूल निवासी होने का प्रमाण IEPF/ ESI से संबंधित दस्तावेज़ , यदि लागू हो ।

( 12) निःशक्त (दिव्यांग ) , सेवानिवृत्त अग्निवीर व नक्सल प्रभावित /पीड़ित व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करने पर अनुदान

(i ) राज्य शासन द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप इकाईयों को नीति की कंडिका 6 ( 17 ) में उल्लिखित मात्रानुसार अनुदान की पात्रता होगी।

(ii ) उत्पादन प्रमाण पत्र /सेवा गतिविधि प्रारम्भ प्रमाण पत्र प्राप्त स्टार्टअप इकाई ही इस अनुदान हेतु पात्र होंगे ।

( iii ) अनुदान स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक RULE - 5 /5/ 2025 /COMM . & INDUS . दिनांक 25 फरवरी , 2025 के अनुसार तथा इसमें समय - समय पर किए गए संशोधनों के अनुसार होगी।

(13) किराया अनुदान

( i ) नीति की कंडिका क्रमांक 6 ( 10 ) के अनुसार राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप इकाईयों को छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मई 2026

524(8)

नीति में उल्लिखित मात्रा अनुसार किराया अनुदान की पात्रता होगी ।

(ii ) पब्लिक वेल्फेयर स्टार्टअप एवं सर्क्युलर इकोनोमी में कार्यरत स्टार्टअप इकाइयों को 5 % अतिरिक्त अनुदान की पात्रता होगी।

(iii) पात्रता: -

(क) इन्क्यूबेशन केंद्र में कार्यरत स्टार्टअप इकाइयों से भिन्न प्रकरणो में भूमि का औद्योगिक /वाणिज्यिक उद्देश्य से भू- व्यपवर्तन होना आवश्यक होगा ।

(ख ) किराया/लीज डीड इस नीति के कालावधि में होना चाहिए तथा किरायानामा/ लीज डीड स्टार्टअप इकाई के नाम पर होनी चाहिए ।

(ग ) किराये की राशि में मूल किराया ही सम्मिलित होगा, पेनाल्टी , ब्याज, संधारण चार्ज , विद्युत व्यय , जल व्यय व अन्य कर सम्मिलित नहीं किये जाएंगे ।

( घ ) राज्य अथवा केंद्र शासन के किसी अन्य विभाग से समान रूप का सहायता प्राप्त स्टार्टअप इकाई इस अनुदान हेतु पात्रता नहीं होगी ।

( ड. ) स्टार्टअप्स द्वारा मकान / भवन मालिक को किराये का भुगतान बैंक लेन - देन के माध्यम से किए जाने चाहिए और यह किरायानामा/ लीज डीड की शर्तों के अनुरूप होना चाहिए । किसी भी थोक भुगतान (bulk transactions ) के लिए भी यही नियम लागू होगा । किसी भी प्रकार के नकद भुगतान इस अनुदान हेतु पात्र नहीं होंगे ।

(च ) इन्क्यूबेशन केंद्र में कार्यरत स्टार्टअप इकाइयों के अनुदान प्रकरणों से भिन्न प्रकरणों में स्टार्टअप इकाइयों को न्यूनतम 11 माह का किरायानामा/ लीज डीड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा ।

( iv ) प्रक्रिया व अधिकार: -

(क) स्टार्ट अप इकाईयों को स्टार्टअप पोर्टल में निम्नांकित दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन संबंधित जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में करना होगाः-

(अ) किराये भुगतान की रसीद ( प्रत्येक तीन माह के) एवं बैंक स्टेटमेंट की प्रति जिसमें किराया शुल्क दर्शित हो ।

(ब ) किरायेनामा से संबंधित अनुबंध पत्र ( उप पंजीयक कार्यालय में पंजीकृत ) ।

(स ) भू- व्यपवर्तन का प्रमाण ।

(द ) इन्क्यूबेशन केंद्र में संचालित होने की स्थिति में इन्क्यूबेशन एग्रीमेंट की प्रति।

(ख ) स्टार्टअप इकाई द्वारा ऑनलाइन आवेदन विभागीय पोर्टल के माध्यम से करना होगा । (ग ) प्रत्येक त्रैमासिक क्लेम अगले तीन माह में प्रस्तुत किया जाना आवश्यक होगा। निर्धारित समयावधि के पश्चात् प्रस्तुत दावा स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा स्वीकृत नहीं किया जाएगा । (घ) आवेदन प्राप्त होने के पश्चात प्रकरण अपूर्ण होने की स्थिति में, प्रकरण में कमियों को बताते हुये आवेदन प्राप्ति दिनांक से 15 कार्य दिवस के भीतर कमीपूर्ति हेतु वापस किए जाएंगे । इकाई द्वारा 60 दिवसों की अवधि में कमियों की पूर्ति नहीं करने पर अपूर्ण प्रकरण स्वमेव निरस्त मान्य होंगे । (ड. ) प्राप्त पूर्ण प्रकरणों में निरीक्षण जिला व्यापार केंद्र के प्रबन्धक / सहायक प्रबन्धक स्तर के अधिकारी द्वारा किया जावेगा । यह निरीक्षण प्रत्येक 6 माह में किया जावेगा। उत्पादन प्रमाण पत्र /सेवा गतिविधि प्रारम्भ प्रमाण पत्र धारित स्टार्टअप इकाइयों का निरीक्षण वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की उत्पादन प्रमाण पत्र की अधिसूचना क्रमांक GENS - 1103 / 4 / 2025 - COMM . & INDUS .

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मई 2026

524 ( 9 ) दिनांक 14 फरवरी , 2025 में उल्लखित प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा ।

(च) किराया अनुदान की स्वीकृति के पश्चात् उद्योग संचालनालय द्वारा किराया अनुदान के बजट राशि का आबंटन जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों से प्राप्त मांग के आधार पर बजट उपलब्ध होने पर किया जाएगा ।

(छ) स्टार्टअप इकाई द्वारा सक्षम अधिकारी को बिना पूर्व सूचना के , किराये के स्थान में परिवर्तन नहीं किया जाएगा । स्थान परिवर्तन के पश्चात यदि स्टार्टअप इकाई द्वारा पात्रता शर्तों की पूर्ति की जाती है तो इकाई शेष अवधि हेतु किराया अनुदान हेतु पात्र होगी ।

(ज) स्टार्टअप इकाइयों द्वारा केवल इस नीति की कालावधि में किए गए अनुबंधों में इस अनुदान कीपात्रता होगी ।

6. आवेदन प्रक्रिया-

छत्तीसगढ़ शासन से मान्यता प्राप्त करने तथा सीड फंड सहायता के अंतर्गत प्राप्त प्रकरणो से भिन्न प्रकरण निम्नलिखित प्रक्रिया के माध्यम से निराकृत किए जाएंगे : -

(1 ) प्राप्त आवेदनों के निराकरण हेतु यथासंभव ऑनलाइन व्यवस्था की जावेगी तथा आवेदन विभागीय पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे ।

(2) आवेदन प्राप्त होने के पश्चात प्रकरण अपूर्ण होने की स्थिति में, प्रकरण में कमियों को बताते हुये आवेदन प्राप्ति दिनांक से 15 कार्य दिवस के भीतर कमीपूर्ति हेतु वापस किए जाएंगे । इकाई द्वारा 60 दिवसों की अवधि में कमियों की पूर्ति नहीं करने पर अपूर्ण प्रकरण स्वमेंव निरस्त मान्य होंगे । (3 ) आवेदनों का निराकरण सक्षम अधिकारी द्वारा किया जावेगा प्रकरण पूर्ण एवं नियमानुसार होने पर स्वीकृति आदेश जारी किया जा सकेगा तथा किसी विसंगति की स्थिति में संचालक , उद्योग की अनुमति से इकाई का निरीक्षण किया जा सकेगा ।

(4) आवेदन के नियमानुसार न होने पर/अपूर्ण होने पर सक्षम अधिकारी द्वारा निरस्तीकरण आदेश जारी किया जा सकेगा, जिसमें प्रकरण के निरस्तीकरण का कारण तथा अपील प्रावधानों का स्पष्ट उल्लेख करना होगा ।

(5) बजट उपलब्ध होने पर स्वीकृत राशि का वितरण ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से इकाई के बैंक खाते में किया जाएगा ।

( 6) बजट आबंटन के अभाव में अनुदान राशि देने में विलंब होने पर विभाग का कोई दायित्व नहीं होगा, न ही अनुदान राशि पर ब्याज देय होगा । अनुदान राशि का भुगतान आगामी बजट प्राप्त होने क उपरांत किया जा सकेगा ।

7. सक्षम अधिकारी-

(i ) इस नियम की कंडिका 5 ( 1 ) , 5 (2 ) , 5 (4 ) , एवं 5 ( 5 ) में उल्लिखित प्रावधानों हेतु सक्षम अधिकारी संचालक , उद्योग अथवा उनके द्वारा नामांकित अधिकारी होंगे । तथा कंडिका 5 के अंर्तगत उल्लिखित शेष अन्य कंडिकाओं हेतु सक्षम अधिकारी मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र होंगे ।

(ii ) ऐसे प्रकरण जिसमें स्टार्टअप इकाई मध्यम अथवा वृहद श्रेणी का हो उन प्रकरणों में सक्षम अधिकारी संचालक, उद्योग अथवा उनके द्वारा नामांकित अधिकारी होंगे ।

8. अपील एवं पुनरीक्षण-

(1 ) मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक , जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा जारी किसी आदेश के विरूद्ध प्रथम अपील संचालक , उद्योग , उद्योग संचालनालय को तथा संचालक , उद्योग द्वारा छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मई 2026

524 (10 )

जारी किसी आदेश के विरुद्ध प्रथम अपील भारसाधक सचिव , वाणिज्य एवं उद्योग विभाग को की जा सकेगी ।

(2 ) अपीलीय अधिकारी द्वारा पारित आदेश के विरूद्ध अपील अर्थात् द्वितीय अपील (मुख्य महाप्रबंधक/महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा पारित मूल आदेशों के संबंध में) भारसाधक सचिव , राज्य शासन वाणिज्य एवं उद्योग विभाग को की जा सकेगी ।

(3 ) अपील शुल्क रू . 1000/ - का भुगतान कर चालान की प्रति प्रस्तुत करने पर ही अपील ग्राह्य होगी । द्वितीय अपील पर कोई शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा ।

(4) अपील शुल्क का भुगतान विविध प्राप्तियों के तहत् स्वीकार करते हुए चालान के द्वारा स्वत्व निरस्तीकरण अधिकारी /प्रथम अपीलीय अधिकारी के कार्यालय में प्राप्त किया जावेगा/ जमा किया जाएगा ।

(5) अपीलीय अधिकारी को अपील करने में हुए विलंब तथा अनुदान हेतु आवेदन प्रस्तुत करने में हुए विलंब एवं अधिसूचना के अधीन किसी अन्य बिंदु पर प्रकरण के गुण - दोष के आधार पर तथा अपीलार्थी को अपना पक्ष रखने का एक अवसर प्रदान करते हुए अपील प्रकरण का निराकरण किया जाएगा ।

(6) स्वप्रेरणा से निर्णय - भारसाधक सचिव , वाणिज्य एवं उद्योग विभाग , आयुक्त/संचालक उद्योग किसी भी अभिलेख को बुला सकेंगे तथा ऐसे आदेश पारित कर सकेंगे जैसा कि वे नियमानुसार उचित समझें, परन्तुस्वीकृत अनुदान/ छूट को निरस्त करने या उसमें परिवर्तन के पूर्व प्रभावित पक्ष को सुनवाई का एक अवसर अवश्य दिया जाएगा । स्वयं के निर्णय/आदेश की समीक्षा भी राज्य शासन, भारसाधक सचिव, उद्योग आयुक्त/ संचालक उद्योग कर सकेंगे।

9. स्टार्टअप इकाई का दायित्व और वसूली-

(1 ) स्टार्ट अप इकाईयों द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ सेवा गतिविधि प्रारम्भ दिनांक से 05 वर्ष औद्योगिक विकास नीति , 2024-30 की कंडिका 12.29 में प्रावधानित अनुसार राज्य के मूल निवासियों को निर्धारित प्रतिशत में रोजगार उपलब्ध कराना आवश्यक होगा ।

(2) स्टार्टअप इकाई द्वारा उत्पादन/सेवा गतिविधि औद्योगिक विकास नीति , 2024-30 की कालावधि में प्रारम्भ किया गया हो ।

(3) नीति की कंडिका 8 ( 1 ) ( ii ) के अनुसार नीति अंतर्गत प्रावधानित निवेश प्रोत्साहन में महिला एवं विशेष श्रेणी के उद्यमियों को अतिरिक्त 10 % अनुदान प्रदान किया जाएगा ।

(4) स्टार्टअप इकाई द्वारा राज्य के मूल निवासियों को निर्धारित प्रतिशत में रोजगार उपलब्ध कराने के पश्चात यदि बाद में रोजगार से वंचित किया जाता है व इस कारण अकुशल , कुशल व प्रबंधकीय वर्ग में दिये जाने वाले रोजगार का प्रतिशत औद्योगिक विकास नीति में निर्धारित प्रतिशत से कम हो जाता है, तो ऐसी अवधि में अनुदान की पात्रता नहीं होगी तथा अनुदान राशि संबंधि क्लेम को निरस्त कर वापस /समायोजित की जा सकेगी ।

(5) उद्योग संचालनालय/ जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा योजना से संबंधित या कोई जानकारी/ अभिलेख मांगे जाने पर स्टार्टअप इकाई द्वारा नहीं दिया जाये तो उपरोक्तानुसार अनुदान निरस्ती एवं वसूली / समायोजन की कार्यवाही की जा सकेगी ।

(6) यदि स्टार्टअप इकाई को पात्रता से अधिक अनुदान की प्राप्ति हो गयी हो तो उपरोक्तानुसार अनुदान निरस्ती एवं वसूली/ समायोजन की कार्यवाही की जा सकेगी ।

( 7) उपरोक्तानुसार यथास्थिति निरस्तीकरण /संशोधन/ अधिक दिये गये अनुदान की राशि की वसूली/समायोजन हेतु आदेश स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा जारी किये जाएंगे ।

( 8 ) सक्षम अधिकारी को यह अधिकार होगा की आवेदन स्वीकृत होने के पश्चात भी नियमानुसार नहीं पाये जाने अथवा त्रुटिपूर्ण अभिलेख के आधार पर की गई स्वीकृति आदेश निरस्त कर सकेंगे छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मई 2026

524 ( 11 ) तथा यदि राशि इकाई/ वित्तीय संस्था/ बैंक को भुगतान कर दी गयी हो तो वसूली आदेश जारी कर सकेंगे । यह राशि मय 12.5 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से वसूल की जा सकेगी । (9 ) उद्योग संचालनालय / जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा नियम से संबंधित या कोई जानकारी/ अभिलेख मांगे जाने पर स्टार्टअप इकाई द्वारा न दी जाए तो स्वीकृतकर्ता अधिकारी प्रकरण पर पुनर्विचार कर उसे निरस्त कर वसूली आदेश जारी कर सकेगी ।

10. कार्यकारी निर्देश-

(1 ) इन नियमों के अन्तर्गत कार्यकारी निर्देश जारी करने, आवेदन पत्र , निरीक्षण/ परीक्षण प्रतिवेदन के प्ररूप में संशोधन हेतु संचालक उद्योग सक्षम होंगे एवं प्रतिपूर्ति से संबंधित किसी मुद्दे पर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों द्वारा मार्गदर्शन मांगे जाने पर संचालक, उद्योग द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा ।

(2) नियमों की व्याख्या, अनुदान की पात्रता या अन्य विवाद की दशा में राज्य शासन , वाणिज्य एवं उद्योग विभाग का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा ।

(3 ) इन नियम में विनिर्दिष्ट प्रावधान, उपर्युक्त उल्लिखित अन्य अधिसूचित नियमों में वर्णित समरूप प्रावधानों पर अभिभावी होंगे|

(4) इस योजना के अंतर्गत कोई वाद होने पर राज्य के उच्च न्यायालय में ही वाद दायर किया जा सकेगा।

(5 ) इन नियमों के अलग - अलग भाषाओं में संस्करण जारी करने हेतु आयुक्त/ संचालक, उद्योग सक्षम होंगे । विभिन्न भाषाओं के संस्करण में किसी विवाद की स्थिति में हिन्दी संस्करण मान्य होगा ।

(6) इन नियमों का क्रियान्वयन उद्योग संचालनालय व उनके अधीनस्थ जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रोंद्वारा किया जाएगा ।

(7) राज्य शासन द्वारा नीति में संशोधन किए जाने की स्थिति में उक्त संशोधन इस नियम में यथास्थिति लागू होंगे ।

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

रजत कुमार, सचिव.

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मई 2026

524 ( 12)

प्रपत्र -1

शपथ पत्र

मैं/हम , ( आवेदक /स्टार्टअप का नाम ) , विधिवत शपथपूर्वक यह घोषित करते हैं कि-

1. मैं/ हमने छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 का पूर्ण अध्ययन किया है तथा इसके सभी प्रावधानों का पालन करेंगे ।

2. हमारा स्टार्टअप DPIIT अथवा राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त है तथा नीति में निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूर्ण करता है ।

3. हमें प्राप्त होने वाला सीड फंड केवल मिनिमम वायबल प्रोडक्ट (MVP ) के विकास , प्रोटोटाइप निर्माण , उत्पाद परीक्षण , तकनीकी सत्यापन एवं संबंधित गतिविधियों हेतु ही उपयोग किया जाएगा । 4. सीड फंड का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य ( जैसे व्यक्तिगत खर्च, अचल संपत्ति क्रय , ऋण अदायगी आदि) में नहीं किया जाएगा।

5. मैंने / हमने इसी उद्देश्य हेतु भारत सरकार/ राज्य सरकार /किसी अन्य संस्था से कोई समान प्रकार का अनुदान प्राप्त नहीं किया है ।

6. मैं/ हम निर्धारित अवधि में परियोजना की प्रगति रिपोर्ट, उपयोग प्रमाणपत्र ( UC) एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज संबंधित विभाग/एजेंसी को प्रस्तुत करेंगे ।

7. यदि मेरे/ हमारे द्वारा दी गई कोई भी जानकारी असत्य/ भ्रामक पाई जाती है तो मुझे/ हमें प्राप्त अनुदान राशि निर्धारित ब्याज सहित वापस करनी होगी तथा नियमानुसार कार्रवाई स्वीकार्य होगी।

स्थानः

दिनांक:

आवेदक / अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर

नामः

पदः

स्टार्टअप का नाम एवं पताः

मोबाइल /ईमेल:

छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मई 2026

524 ( 13 )

प्रपत्र -2

सीड फंड ( MVP विकास हेतु) के लिए अनुशंसा पत्र का प्रारूप

यह प्रमाणित किया जाता है कि निम्नलिखित स्टार्टअप द्वारा प्रस्तुत आवेदन एवं अभिलेखों का परीक्षण/ मूल्यांकन इस कार्यालय /इन्क्यूबेटर /मूल्यांकन समिति द्वारा किया गया है-

1. स्टार्टअप का विवरण

( 1 ) स्टार्टअप का नामः

(2 ) पंजीकरण ( DPIIT/ राज्य) संख्या:

(3) स्थापना वर्षः

(4 ) संस्थापक/संस्थापकों का नाम:

(5 ) पंजीकृत पताः

2. परियोजना/उत्पाद का विवरण

(1 ) उत्पाद/सेवा का नामः

(2) क्षेत्र (Sector):

(3 ) समस्या का संक्षिप्त विवरणः

(4) प्रस्तावित समाधानः

3. Proof of Concept ( PoC) का मूल्यांकन

स्टार्टअप द्वारा प्रस्तुत Proof of Concept (PoC ) का निम्न आधारों पर परीक्षण/ सत्यापन किया गया है

(1 ) तकनीकी व्यवहार्यताः

(2) नवाचार/विशिष्टताः

(3 ) बाजार संभाव्यताः

( 4 ) उपयोगकर्ता/ पायलट परीक्षण ( यदि कोई हो ):

(5 ) स्केलेबिलिटी:

PoC की स्थितिः

4. अनुशंसा ( Recommendation)

उपरोक्त परीक्षण /मूल्यांकन के आधार पर यह अनुशंसा की जाती है कि-

उक्त स्टार्टअप को छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के अंतर्गत मिनिमम वायबल प्रोडक्ट ( MVP ) के विकास हेतु सीड फंड प्रदान किया जाना उपयुक्त है ।

(1 ) अनुशंसित अनुदान राशि:

माह

(2 ) अनुशंसित अवधिः

5. विशेष शर्तें ( यदि कोई हो )

(1)

(2) छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 26 मई 2026

524(14)

6. घोषणा

यह प्रमाणित किया जाता है कि उक्त स्टार्टअप का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के अनुरूप निष्पक्ष रूप से किया गया है तथा प्रस्तुत जानकारी अभिलेखों के आधार पर सत्य पाई गई है ।

7. अनुशंसा करने वाली इन्क्यूबेटर का विवरण

( 1 ) इन्क्यूबेटर का नामः

(2) कार्यालय का पताः

(अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता)

नामः

पदनामः

दिनांक:

कार्यालय की मुहर (Seal ) छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मई 2026

524(15 )

प्रपत्र -3

शपथ पत्र

( राष्ट्रीय/ अंतरराष्ट्रीय आयोजन मे भाग लेने हेतु अनुदान )

मैं/ हम (स्टार्टअप इकाई का नाम) यह स्वप्रमाणित करते हैं कि राष्ट्रीय / अंतरराष्ट्रीय आयोजन /कार्यक्रम में भागीदारी हेतु प्रस्तुत आवेदन में दी गई सभी जानकारी सत्य एवंसही है।

यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उक्त कार्यक्रम हेतु किसी अन्य केंद्र/ राज्य शासन की योजना /विभाग से समान प्रकार की वित्तीय सहायता/ अनुदान प्राप्त नहीं किया गया है ।

यदि मेरे / हमारे द्वारा दी गई कोई भी जानकारी असत्य/ भ्रामक पाई जाती है तो मुझे /हमें प्राप्त अनुदान राशि निर्धारित ब्याज सहित वापस करनी होगी तथा नियमानुसार कार्रवाई स्वीकार्य होगी ।

स्थानः

दिनांक:

आवेदक / अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर

नामः

पदः

स्टार्टअप का नाम एवं पताः

मोबाइल/ ईमेल:

छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 26 मई 2026

524 (16)

प्रपत्र-4

शपथ पत्र

( सफल फंडरेसिंग हेतु सहायता )

मैं/हम, (स्टार्टअप इकाई का नाम ) , शपथपूर्वक यह घोषित करते हैं कि—

निवेश राशि प्राप्त होने की तिथि से लेकर इस आवेदन की तिथि तक हमारी इकाई की अंशधारिता / भागीदारी संरचना में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।

यह भी प्रमाणित किया जाता है कि किसी अन्य केंद्र/राज्य शासन की योजना/ विभाग से समान प्रकार की वित्तीय सहायता / अनुदान प्राप्त नहीं किया गया है ।

यदि मेरे/ हमारे द्वारा दी गई कोई भी जानकारी असत्य/ भ्रामक पाई जाती है तो मुझे/ हमें प्राप्त अनुदान राशि निर्धारित ब्याज सहित वापस करनी होगी तथा नियमानुसार कार्रवाई स्वीकार्य होगी ।

स्थानः

दिनांक:

आवेदक / अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर

नामः

पदः

स्टार्टअप का नाम एवं पताः

मोबाइल/ ईमेल:

संचालक, मुद्रण तथालेखन सामग्री, छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2026 .

Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 26 May 2026. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2026-05-26.262/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2026-05-26.262.