10000
0000
छत्तीसगढ़शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015 . "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान ( बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 ."
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
आषाढ़ 24, शक 1948
क्रमांक 383 ]
नवा रायपुर , बुधवार, दिनांक 15 जुलाई 2026-
छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय
नवा रायपुर अटल नगर, बुधवार, दिनांक 15 जुलाई, 2026 (आषाढ़ 24, 1948)
क्रमांक-9643 /वि.स./ विधान/ 2026.- छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक , 2026 (क्रमांक 14 सन् 2026) जो बुधवार, दिनांक 15 जुलाई , 2026 को पुरःस्थापित हुआ है, को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है ।
हस्ता./- (दिनेश शर्मा) सचिव.
765 766
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 15 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्रमांक 14 सन् 2026)
छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026.
छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम , 2002 (क्र. 7 सन् 2002 ) को और संशोधित करने हेतुविधेयक।
भारत गणराज्य के सतहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधानमंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो:-
1. ( 1 ) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) अधिनियम, 2026 कहलाएगा ।
संक्षिप्त नाम एवं प्रारंभ.
(2) यह अधिनियम राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा ।
धारा 2 का संशोधन.
2. छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम, 2002 (क्र. 7 सन् 2002 ) (जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के रूप में निर्दिष्ट है) , की धारा 2 में, -
(एक) खण्ड ( एक - ग) के पश्चात्, निम्नलिखित अंतःस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
" (एक- घ) "पावती प्रमाण पत्र" से अभिप्रेत है, आवेदन प्रस्तुत करने पर किसी आवेदक को "इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्रः
(एक-ङ) "आवेदक" से अभिप्रेत है, कोई उद्यम या उद्यम का प्रतिनिधि जिसने इस अधिनियम के अंतर्गत आवेदन किया है या करने काआशय रखताहै;
(एक-च) " आवेदन" से अभिप्रेत है, किसी उद्यम द्वारा किसी सक्षम प्राधिकारी के समक्ष किसी स्वीकृति, परमिट, अनुज्ञप्ति, पंजीकरण, अनापत्ति प्रमाणपत्र, नवीनीकरण, संशोधन या अवधि-विस्तार प्राप्त करने, अथवा स्टार्टअप छत्तीसगढ़ या निर्यात संवर्धन योजनाओं के अंतर्गत किसी प्रोत्साहन का लाभ प्राप्त करने हेतु किया गया कोई अनुरोध, अभ्यावेदन या प्रस्तुतीकरणः
(एक-छ) " इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ से अभिप्रेत है, छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 (क्र. 22 सन् 1973 ) के अंतर्गत एक सोसायटी के रूप में पंजीकृत, तथा राज्य सरकार के निवेश प्रोत्साहन एवं सुविधा प्रदाता निकाय के रूप में कार्य करने के लिए छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम, 2002 (क्र. 7 सन् 2002) की धारा 12 के अधीन नियुक्त राज्य नोडल एजेंसी;
(एक-ज) "विहित " से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए 766 ( 1)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 15 जुलाई 2026
नियमों द्वारा विहित;
(एक- झ) "रेगुलेटरी पासबुक " से अभिप्रेत है, एक डिजिटल पहचानकर्ता, जो एकनिवेशक द्वारा प्राप्त सभी प्रमाणपत्रों, अनुमोदनों और अनुज्ञप्तियों को समेकित करता है;
(एक- ञ) " एकल खिड़की प्रणाली " से अभिप्रेत है, "इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ " द्वारा संचालित एवं अनुरक्षित एकीकृत, प्रौद्योगिकी-सक्षम मंच; "
(दो) खण्ड (आठ) में, शब्द एवं अंक "भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 " के स्थान पर, शब्द एवं अंक "कम्पनी अधिनियम, 2013 (क्र. 18 सन् 2013) " प्रतिस्थापित किया जाये।
(तीन) खण्ड (दस -क) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात: - " (दस -क) "नोडल एजेंसी" से अभिप्रेत है, धारा 12 की उप - धारा (1 ) के अधीन, राज्य स्तरीय " इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ " तथा उसके जिला स्तरीय कार्यालय , प्रत्येक दशा में निवेशक संपर्क बिंदु के रूप में कार्य करते हुए, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए; "
3. मूल अधिनियम की धारा 11 की उप - धारा ( 1 ) में, -
धारा 11 का संशोधन.
(एक) खण्ड (ख) में, शब्द एवं अंक " राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी" तथा " धारा 12 की उप- धारा ( 5 ) के खण्ड (ख) में " के स्थान पर, क्रमशः, शब्द एवं अंक " इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ " तथा "छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 (क्र. 23 सन् 2011 ) के अधीन " प्रतिस्थापित किया जाये ।
(दो) खण्ड (घ) के उप- खण्ड (दो) में शब्द एवं अंक " धारा 12 की उप- धारा (5 ) के खण्ड (ख) के अधीन " तथा "राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी" के स्थान पर , क्रमशः , शब्द एवं अंक "छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 (क्र. 23 सन् 2011 ) के अधीन " तथा "इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ " प्रतिस्थापित कियाजाये ।
4. मूल अधिनियम की धारा 12 में, -
धारा 12 का संशोधन.
(एक) उप- धारा (1 ) , (2) , (3), (4), (5) एवं (6) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-
" ( 1 ) राज्य सरकार, राजपत्र में, अधिसूचना द्वारा, राज्य में निवेश संवर्धन, निवेशक सुविधा, एकल खिड़की क्लीयरेंस , निर्यात संवर्धन और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र विकास तथा राज्य सरकार द्वारा विहित किसी अन्य कृत्य के प्रयोजनों के लिए, "इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ " नामक एक निकाय का, एकल नोडल अभिकरण के रूप में, गठन करेगी।
(2 ) "इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ " छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 766 ( 2)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 15 जुलाई 2026
1973 (क्र. 22 सन् 1973 ) के अधीन रजिस्ट्रीकृत एक सोसायटी होगी । आयुक्त/संचालक, उद्योग, "इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ " के पदेन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी होंगे । " इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ " की शक्तियां और कृत्य विहित नियमों के अनुसार होंगे ।
(3 ) राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किसी भी योजना के अंतर्गत निवेश करने, सेवाएँ प्रदान करने या प्रोत्साहन प्राप्त करने के इच्छुक प्रत्येक आवेदक को अनिवार्य रूप से एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत करना होगा।
(4) " इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ " अधिसूचना द्वारा , इसके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए प्रभार या शुल्क निर्धारित कर सकता है , और ऐसे प्रभार या शुल्कों में समय- समय पर अधिसूचना द्वारा संशोधन, पुनरीक्षण या परिवर्तन किया जा सकता है ।
( 5) उद्यम आकांक्षा के माध्यम से, किसी निवेशक द्वारा कोई अनुमोदन, अनुज्ञप्ति या प्रमाणपत्र प्राप्त करने पर, तत्काल एकल खिड़की प्रणाली पर ऐसी रीति और प्रारूप में जैसा विहित किया जाए, एक रेगुलेटरी पासबुक सृजित की जाएगी ।
(6 ) " इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ " , एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत करने वाले आवेदकों की शिकायतों के शीघ्र निराकरण के लिए, एक शिकायत निवारण तंत्र स्थापित और अनुरक्षित करेगा। प्रत्येक शिकायत का निराकरण विहित रीति और समय- सीमा के भीतर किया जाएगा । "
(दो) उप- धारा (9 ) में, शब्द "नोडल एजेंसी " के स्थान पर, शब्द "इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ " प्रतिस्थापित किया जाये ।
5.
मूल अधिनियम की धारा 13 का लोप किया जाये।
धारा 13 का लोप.
6.
मूल अधिनियम की धारा 19 का लोप किया जाये ।
धारा 19 का लोपं.
7.
धारा 20 का संशोधन.
मूल अधिनियम की धारा 20 की उप - धारा (1 ) के पश्चात्, निम्नलिखित अंतःस्थापित किया जाये, अर्थात्: -
" ( 1 -क) राज्य सरकार राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने, औद्योगिक विकास को गति देने और राज्य में औद्योगिक निवेश को सुगम बनानेके लिए एक औद्योगिक विकास नीति बना सकती है । राज्य सरकार, ऐसी नीतिके प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन और प्रवर्तन के लिए नियम भी बना सकती है । इस प्रावधान के प्रारंभ होने से ठीक पहले प्रवृत्त कोई भी औद्योगिक विकास नीति और उसके अधीन बनाए गए नियम इस उप- 766( 3)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 15 जुलाई 2026
धारा के अंतर्गत बनाए और तैयार किए गए माने जाएंगे ।।
( 1 -ख) राज्य सरकार, औद्योगिक विकास के लिए निवेश को संवर्धित करने के प्रयोजन हेतु, भूमि और भवनों के प्रबंधन को विनियमित करने के लिए नियम बना सकेगी। छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 इस उप - धारा के अधीन बनाए गए समझे जाएंगे । "
8. मूल अधिनियम की अनुसूची- एक का लोप किया जाये ।
अनुसूची-एक का लोप.
766(4)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 15 जुलाई 2026
उद्देश्योंऔर कारणों काकथन
छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम , 2002 (क्र. 7 सन् 2002) , दो दशक पूर्व अधिनियमित किया गया था, जो वर्तमान औद्योगिक परिवेश की आवश्यकताओं को अब पूर्ण रूप से पूरा नहीं करता है । प्रौद्योगिकी की प्रगति, व्यवसाय करने में सुगमता पर बढ़ते ध्यान, तथा निवेशकों की, सरकार के साथ एकल, पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध संपर्क व्यवस्था की आवश्यकता को देखते हुए, मौजूदा प्रणाली के आधुनिकीकरण की आवश्यकता है । राज्य स्तरीय और जिला - स्तरीय नोडल एजेंसियों से संबंधित वर्तमान प्रावधान, अब इन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
यह विधेयक निवेश प्रोत्साहन, निवेशक सुविधा, एकल - खिड़की स्वीकृतियों, निर्यात प्रोत्साहन और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए एकमात्र नोडल एजेंसी के रूप में " इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ " की स्थापना करता है । इसे छत्तीसगढ़ सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1973 के अधीन पंजीकृत एक सोसाइटी के रूप में स्थापित किया जाएगा , और उद्योग आयुक्त/निदेशक इसके पदेन मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे ।
विधेयक में छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के अधीन निर्धारित समय - सीमा के भीतर सभी आवेदनों के प्रसंस्करण का प्रावधान सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से किया गया है । इसमें शिकायत निवारण के लिए एक तंत्र का भी प्रावधान किया गया है तथा अधिनियम की धाराओं 13 और 19 एवं अनुसूची- एक में निहित अनावश्यक प्रावधानों का लोप किया गया है ।
अतः यह विधेयक प्रस्तुत ।
लखनलाल देवांगन रायपुर,
वाणिज्य और उद्योग मंत्री दिनांक 12 जुलाई, 2026
(भारसाधक सदस्य) "संविधान के अनुच्छेद 207 के अधीन राज्यपाल द्वारा अनुशंसित " प्रत्यायोजित विधि निर्माण संबंधी ज्ञापन
" छत्तीसगढ़ औद्यौगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026 " की कंडिका 7 में राज्य सरकार को नियम बनाने की शक्ति प्रत्यायोजित करने की संस्थापना है , यह विधि का क्रियान्वन सुनिश्चित करने के लिये सामान्य प्रकृति है । 766 ( 5)
छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 15 जुलाई 2026
उपाबंध
छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम , 2002 ( क्र. 7 सन् 2002 ) की धारा 2 , 11 , 12 , 13 , 19 व 20 एवं अनुसूची- एक का सुसंगत उद्धरण-
2. परिभाषाएं. - इस अधिनियम में जब तक कि संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो :-
***
(एक-ग) "सक्षम प्राधिकारी " से अभिप्रेत है और उसमें सम्मिलित है राज्य सरकार का कोई विभाग या एजेंसी , ग्राम पंचायत, नगरपालिका या अन्य स्थानीय निकाय , जो कोई क्लियरेंस स्वीकृत या जारी करने की शक्तियों एवं उत्तरदावित्यों के लिए नामजद हो ।
***
(आठ) "निवेशक" से अभिप्रेत है भारतीय कम्पनी अधिनियम , 1956 के अधीन निगमित कंपनियां, लोक न्यास अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत लोक न्यास , भारतीय न्यास अधिनिमय , 1882 ( 1882 का संख्यांक-2) के अधीन रजिस्ट्रीकृत प्राइवेट न्यास और रजिस्ट्रीकृत सोसाइटियों को सम्मिलित करते हुए कोई व्यक्ति या व्यक्तियों एवं उसका प्राधिकृत नाम- निर्देशित और उसमें सम्मिलित है कोई अन्य निगमित निकाय जिनमें तत्समय प्रवृत्त किसी सुसंगत विधि के अधीन या भारत सरकार अथवा राज्य सरकार की ऐसी सुसंगत नीतियों के अधीन , जो ऐसे निवेश के समय लागू की जाएं , भारत में निवेश करने के लिए अर्हित भारत के बाहर के निकाय ।
***
( दस -क) " नोडल एजेंसी" से अभिप्रेत है धारा 12 की उपधारा (1 ) के अधीन अधिसूचित राज्य , स्तरीय अथवा जिला स्तरीय एजेंसी ।
***
11. राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड के कृत्य एवं अध्यारोहण की शक्तियां.-
(1) राज्य बोर्ड, राज्य की विधानसभा द्वारा अधिनियमित और तत्समय प्रवृत्त किसी विधि में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी निवेश को प्रोत्साहित करने और सुविधापूर्ण बनाने के प्रयोजन के लिए राज्य सरकार या उसके अधीन किसी प्राधिकारी या एजेन्सी की निम्नलिखित के संबंध में शक्तियों का प्रयोग करेगा:-
766(6)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 15 जुलाई 2026
***
(ख) राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी द्वारा उसे संदर्भित ऐसे मामले जिनमें धारा 12 की उपधारा (5 ) के खंड (ख) में विहित कालावधि के भीतर सक्षम प्राधिकारी निर्णय लेने में असफल रहा हो । ***
( घ) निवेशक की परियोजना के क्रियान्वयन हेतु संसद के किसी अधिनियम के अंतर्गत केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने के लिए आवश्यक राज्य सरकार या किसी अन्य शासकीय एजेंसी की अनुशंसा से संबंधित ऐसे मामले जो बोर्ड को
(एक) स्वयं सक्षम प्राधिकारीद्वारा ; या
(दो) जहाँ सक्षम प्राधिकारी धारा 12 की उपधारा (5) के खंड ( ख) के अधीन विहित कालावधि के भीतर निर्णय लेने में असमर्थ रहा हो , राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी द्वारा संदर्भित किये जाएं ।
***
12. निवेश सम्पर्क केन्द्र.-
( 1 ) राज्य सरकार , राजपत्र में प्रकाशित की जाने वाली अधिसूचना द्वारा , एक राज्य स्तरीय नोडल एजेन्सी तथा प्रत्येक जिले के लिए एक जिला स्तरीय नोडल एजेन्सी नियुक्त करेगी। (2 ) राज्य स्तरीय नोडल एजेन्सी राज्य बोर्ड के संयोजक के अधीन राज्य के उद्योग विभाग का एक प्रकोष्ठ होगा तथा जिला उद्योग केन्द्र जिला स्तरीय नोडल एजेन्सी होगी।
(3) राज्य स्तरीय नोडल एजेन्सी तथा जिला स्तरीय नोडल एजेन्सी निवेशक संपर्क के बिन्दुहोंगे और राज्य में किसी निवेशक द्वारा औद्योगिक उपक्रम की स्थापना के लिए आवश्यक क्लियरेन्स प्राप्त करने के लिए उत्तरदायी होंगे ।
(4) राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी तथा जिला स्तरीय नोडल एजेंसी यथास्थिति, राज्य बोर्ड तथा जिला समिति को सचिवालयीन सहायता उपलब्ध करायेगी ।
(5 ) राज्य की विधायिका द्वारा अधिनियमित तत्समय प्रवृत्त किसी कानून में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, राज्य सरकार, -
(क) राज्य स्तरीय तथा जिला स्तरीय नोडल एजेंसियों को प्राप्त होने वाले आवेदनों के प्रोसेसिंग तथा निराकरण के लिए प्रक्रिया, और;
(ख ) सक्षम प्राधिकारियों द्वारा आवेदनों के प्रोसेसिंग तथा निराकरण के लिए समय- सीमा विहित कर सकेगी। 766 ( 7)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 15 जुलाई 2026
परन्तु इस उपधारा के अधीन राज्य सरकार ऐसी कोई बात विहित नहीं करेगी जो संसद के किसी अधिनियमिति से असंगत हो अथवा ऐसे अधिनियमिति के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा विहित कर दी गई हो अथवा की जानी हो ।
( 6) राज्य में निवेश के संबंध में समस्त अभिरूचि प्रस्ताव तथा आवेदन पत्र अनुसूची-1 में निर्धारित क्षेत्राधिकार अनुसार संबंधित नोडल एजेंसी के प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत किए जाएंगे, और उसके द्वारा प्राप्त किये जाएंगे ।
***
(9 ) नोडल एजेंसी आवेदक को सक्षम प्राधिकारी द्वारा उसके उपधारा (8) में संदर्भित आवेदन-पत्र की प्राप्ति की तारीख तथा उस तारीख की, जिसे आवेदन-पत्र उपधारा ( 8 ) के अधीन स्वतः अनुमोदित होना मान्य हुआ, की सूचना देगी।
***
13. निवेशकों के लिये सुविधा सेवाएं.-
( 1) समुचित निवेशक सम्पर्क केन्द्र ऐसे व्यक्ति तथा व्यक्तियों को जो शासन या उसके किसी एजेंसी या प्राधिकरण के अधिकारी हो, को निवेशक के किसी या ऐसी समस्त गतिविधियों में सहायता करने के लिए निवेशक को निःशुल्क उपलब्ध कराएगा जो कि निवेश के प्रयोजन के लिए अनुषांगिक हो,
परन्तु निवेशक सुविधा सेवा से भिन्न सेवा , जैसी की अपेक्षित की जाय , निवेशक द्वारा ऐसी फीस या प्रभारों को संदत्त करने पर या ऐसी शर्तों, जैसा कि तत्समय प्रवृत्त किसी विधि या उसके अधीन नियमों के अधीन अधिकथित की जाए या समुचित प्राधिकारी द्वारा विहित की जाए , प्रदान की जाएगी ।
(2) समुचित निवेशक सम्पर्क केन्द्र के माध्यम से यथास्थिति, जिला समिति या राज्य बोर्ड परियोजना के क्रियान्वयन में प्रत्येक स्तर पर तथा उसके पूर्ण होने के पश्चात् भी निवेशक , परियोजना प्राधिकारी सफलतापूर्वक परियोजना गतिविधियों के चलाने के लिए आवश्यक परिवेश बनाये रखने में सहायता करना जारी रखेगी ।
19. नामंजूर करने की आपवादिक आधार.-
यथास्थिति राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड या जिला निवेश प्रोत्साहन समिति निवेशक से प्राप्त किसी भी प्रस्ताव को उन कारणों को छोड़कर जो प्रस्ताव के नामंजूर करने के सात कार्य दिवस के अंदर निवेशकों को संसूचित कर दिया गया हो , नामंजूर नहीं करेगा , 766 (8)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 15 जुलाई 2026
परन्तु यह और कि निवेशक प्रारंभिक प्रस्ताव की अस्वीकृति के आधारों को निवारित करते हुए एक पुनरीक्षित प्रस्ताव पन्द्रह कार्य दिवस की अतिरिक्त कालावधि के भीतर प्रस्तुत कर सकेगा एवं ऐसा पुनरीक्षित प्रस्ताव इस अधिनियम की अनुसूची-2 के उद्देश्य के संदर्भ में नया प्रस्ताव समझा जाएगा।
20. नियम बनाने की शक्ति.-
( 1 ) राज्य सरकार , राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनों को क्रियान्वित करने के लिए नियम बना सकेगी।
***
अनुसूची-एक
अध्याय - दो में निर्दिष्ट निवेश प्रोत्साहन प्राधिकारी , छत्तीसगढ़ राज्य में औद्योगिक औरं अन्य निवेश के लिए आवेदनों के बाबत् प्रस्तावों को निम्नलिखित वर्गीकरण के अनुसार प्राप्त करेगा, कार्यवाही करेगा और अनुमोदन जारी करेगा -
निवेश प्रोत्साहन प्राधिकारी
पूंजीनिवेश कीसीमा
राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड
(एक) दस करोड़ रुपये के ऊपर के समस्त परियोजना प्रस्ताव
(दो) दस करोड़ रुपये के नीचे के समस्त परियोजना प्रस्ताव, जहां परियोजना क्षेत्र एक से अधिक जिले में आताहै
जिला निवेश प्रोत्साहन समिति 10 करोड रुपये या उससे कम, परन्तु संपूर्ण परियोजना क्षेत्र उसी जिले के भीतर आता हो
स्पष्टीकरण : - इस अनुसूची के प्रयोजन के लिए पद " पूंजी निवेश " क़ा वही अर्थ होगा जो भारतीय चार्टर्ड अकाउन्टेंट संस्था द्वारा विहित सामान्यतः स्वीकार किए गए लेखा सिद्धान्तों के अधीन दिया गया है ।
दिनेश शर्मा सचिव छत्तीसगढ़ विधान सभा संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित - 2026 .