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छत्तीसगढ़ शासन
पंजीयन क्रमांक "छत्तीसगढ़/दुर्ग/ 09 / 2013-2015 . "
सत्यमेव जयते
"बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक शुल्क के नगद भुगतान ( बिना डाक टिकट) के प्रेषण हेतु अनुमत. क्रमांक जी.2-22- छत्तीसगढ़ गजट / 38 सि. से. भिलाई. दिनांक 30-05-2001 ."
छत्तीसगढ़ राजपत्र
(असाधारण)
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 391 ]
नवा रायपुर , बुधवार, दिनांक 15 जुलाई 2026 आषाढ़ 24 , शक 1948
छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय
नवा रायपुर अटल नगर, मंगलवार, दिनांक 14 जुलाई , 2026 (आषाढ़ 23, 1948)
क्रमांक-9447/वि.स./ विधान/ 2026.- छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 (क्रमांक 12 सन् 2026) जो मंगलवार , दिनांक 14 जुलाई , 2026 को पुरःस्थापित हुआ है , को जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है ।
हस्ता./- (दिनेश शर्मा) सचिव.
781 782
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 15 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ विधेयक
(क्रमांक 12 सन् 2026)
छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026.
छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्र. 7 सन् 2017) का और संशोधन करने हेतु विधेयक ।
भारत गणराज्य के सतहत्तरवें वर्ष में छत्तीसगढ़ विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो.-
और प्रारंभ.
1. (1) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) अधिनियम , संक्षिप्त नाम 2026 कहलाएगा ।
(2) यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा ।
धारा 15 का संशोधन.
2. छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्र. 7 सन् 2017) , (जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के रूप में निर्दिष्ट है ) की धारा 15 की उप- धारा (3) के खण्ड (ख) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाये , अर्थात्ः-
"(ख) प्रदाय के प्रभावी होने के पश्चात्, यदि ऐसी छूट के लिए , प्रदायकर्ता द्वारा जमापत्र जारी किया गया है और ऐसी छूट के कारण धारा 34 के उपबंधों के अनुसरण में प्रदाय के प्राप्तिकर्ता द्वारा इनपुट कर प्रत्यय उलट दिया गया है । "
धारा 34 का संशोधन.
3. मूल अधिनियम की धारा 34 की उप- धारा (1 ) में , शब्द "दोनों में कमी पाई जाती है" के पश्चात्, शब्द, अंक एवं कोष्ठक "या जहाँ धारा 15 की उप- धारा (3 ) के खण्ड (ख) के अनुसार कोई छूट दी जाती है " अंतःस्थापित किया जाये ।
4. मूल अधिनियम की धारा 54 में,-
धारा 54 का संशोधन.
(एक) उप-धारा (6) में, शब्द "मालों या सेवाओं या दोनों के लेखे शून्य अंकित के पश्चात्, शब्द, कोष्ठक एवं अंक "या उप - धारा (3) के पहले परंतुक के खण्ड (ii ) के अधीन अनुज्ञात अनुपयोजित इनपुट कर प्रत्यय" अंतःस्थापित किया जाये; तथा
(दो) उप-धारा (14 ) में, शब्द, " इस धारा में किसी बात के अंतर्विष्ट होते हुए भी के पश्चात्, शब्द "उन मामलों से भिन्न, जहाँ कर के संदाय के साथ भारत से निर्यात किए गए माल के कारण कर के प्रतिदाय का दावा किया जाता है," अंतःस्थापित किया जाये । 782 ( 1)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 15 जुलाई 2026
उद्देश्यों और कारणों का कथन
यतः, छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्र. 7 सन् 2017) को राज्य सरकार द्वारा माल या सेवा या दोनों के अंतरराज्यीय प्रदाय पर कर के उद्ग्रहण और संग्रहण करने हेतु उपबंध करने की दृष्टि से अधिनियमित किया गया था ।
और यतः, कराधेय प्रदाय के मूल्य के संबंध में बिक्री के बाद की छूट के मूल्यांकन को सरलीकृत करने के क्रम में और अनुपालन के भार को कम करने हेतु एवं करदाताओं विशेष रूप से निर्यातकों और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर वाले व्यवसायों के लिए वापसी प्रक्रिया को तेज, आसान और अधिक पारदर्शी बनाने मूल अधिनियम में संशोधन किया जाना आवश्यक है । और यतः, उपरोक्त उद्देश्यों की पूर्ति के लिए और केन्द्र सरकार द्वारा वित्त अधिनियम, 2025 द्वारा पूर्व में किए गए संशोधनों की निरंतरता में, छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 (क्र. 7 सन् 2017) में निम्नानुसार संशोधन किया जाना प्रस्तावित है, - (एक) धारा 15 की उप- धारा (3) में संशोधन करने के लिये ताकि आपूर्ति के पश्चात् दी जाने वाली छूट (Post - Supply Discount) को करार से सम्बद्ध किये जाने की अपेक्षा को स्पष्ट रूप से समाप्त किया जा सके तथा यह उपबंध किया जा सके कि जहाँ प्राप्तकर्ता द्वारा इनपुट कर प्रत्यय ( Input- Tax Credit) का प्रत्यावर्तन कर दिया गया हो वहाँ धारा 34 के अधीन क्रेडिट नोट जारी किया जा सके ।
(दो) पश्च- विक्रय छूट हेतु जमापत्र नोट जारी करने के लिए धारा 34 की उप - धारा (1 ) का संशोधन किया जाना है;
(तीन) इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर से उद्भूत प्रतिदायों के लिए भी अनंतिम प्रतिदाय के उपबंधों को विस्तारित करने के लिए धारा 54 की उप - धारा (6) का संशोधन किया जाना है ; और
(चार) और इसके अतिरिक्त , कर के संदाय के साथ भारत के बाहर निर्यात किए गए माल की दशा में, प्रतिदाय दावे की स्वीकृति हेतु ऊपरी सीमा को हटाए जाने का उपबंध करने के लिए धारा 54 की उप- धारा ( 14) का संशोधन किया जाना है । अतएव, छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्र. 7 सन् 2017) को संशोधित करने का विनिश्चय किया गया है ।
अतः यह विधेयक प्रस्तुत है ।
ओ.पी. चौधरी रायपुर,
वाणिज्यिक कर मंत्री दिनांक 13 जुलाई , 2026
(भारसाधक सदस्य) "संविधान के अनुच्छेद 207 (1 ) के अधीन राज्यपाल द्वारा अनुशंसित " 782 ( 2)
छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 15 जुलाई 2026
उपाबंध
छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 (क्रमांक 7 सन् 2017 ) की धारा 15 , 34 एवं 54 का सुसंगत उद्धरण
अध्याय 4
प्रदाय का समय और मूल्य
15. (3) प्रदाय के मूल्य में किसी को दी गई ऐसी छूट सम्मिलित नहीं होगी , जो,--
कराधेय प्रदाय का मूल्य.
(क) प्रदाय के पूर्व या प्रदाय के समय दी जाती है, यदि ऐसी छूट को ऐसे प्रदाय के संबंध में जारी बीजक में सम्यक् रूप से अभिलिखित किया गया है ; और
(ख) प्रदाय के प्रभावी होने के पश्चात् दी जाती है , यदि, -
( i) ऐसी छूट, ऐसे प्रदाय के समय या उसके पूर्व किए गए किसी करार के निबंधनानुसार स्थापित की जाती है और विनिर्दिष्ट रूप से सुसंगत बीजकों से जुड़ी हुई है ; और
(ii ) इनपुट कर प्रत्यय , जिसे प्रदायकर्ता द्वारा जारी ऐसे दस्तोवेज के आधार पर छूट माना गया है , जिसे प्रदाय के प्राप्तिकर्ता द्वारा उलट दिया गया है ।
अध्याय 7
कर बीजक , प्रत्यय और विकलन टिप्पण
जमा और 34. नामे पत्र.
( 1 ) जहां किसी माल या सेवाओं या दोनों की प्रदाय के लिए एक या अधिक कर बीजक जारी किए गए हैं और उस कर बीजक में प्रभारित कर योग्य मूल्य या कर ऐसी प्रदाय के संबंध में कर योग्य मूल्य या संदेय कर से अधिक पाया जाता है या जहां प्राप्तिकर्ता द्वारा प्रदाय किए गए माल को वापिस किया जाता है या जहां प्रदाय किए गए माल या सेवाओं या दोनों में कमी पाई जाती है , वहां रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति जिसने ऐसा माल या सेवाएं या दोनों की प्रदाय की है प्राप्तिकर्ता को ऐसी विशिष्टियों जो विहित की जाएं, से अंतर्विष्ट किसी वित्तीय वर्ष में किए गए प्रदायों के लिए एक या अधिक जमा पत्र जारी कर सकेगा ।
अध्याय 11
प्रतिदाय
54.
कर प्रतिदाय.
(6) उपधारा (5) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी समुचित अधिकारी इस निमित्त परिषद् की सिफारिशों पर सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने वाले रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों के ऐसे प्रवर्ग से भिन्न रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों द्वारा मालों या सेवाओं या दोनों के लेखे शून्य अंकित मालों या सेवाओं या दोनों के प्रतिदाय के दावे के किसी मामले में अनंतिम आधार पर दावा की गई रकम, के नब्बे प्रतिशत का प्रतिदाय ऐसी रीति में और ऐसी शर्तों , परिसीमाओं और सुरक्षापायों के अधीन रहते हुए , जैसा कि विहित किया जाए , कर सकेगा तथा तत्पश्चात् उपधारा (5) के अधीन आवेदक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के सम्यक् सत्यापन के पश्चात् प्रतिदाय के निपटान के लिए अंतिम आदेश करेगा ।
(14) इस धारा में किसी बात के अंतर्विष्ट होते हुए भी उपधारा (5) या उपधारा (6) के अधीन किसी प्रतिदाय का, आवेदक को संदाय नहीं किया जाएगा यदि रकम एक हजार रूपए से कम है ।
दिनेश शर्मा सचिव
छत्तीसगढ़ विधान सभा संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री , छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय मुद्रणालय , रायप्र से मुद्रित तथा प्रकाशित 2026.