रजिस्ट्री सं ० डी० 221
REGISTERED No. D.
4440
भारत का राजपत्र The Gazette of India
श्रसाधारण
EXTRAORDINARY
भाग 1 -खण्ड I
512-75
PART I- Section I
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं० 156]
नई दिल्ली , मंगलवार , अक्टूबर 3 , 1967 / प्राश्विन 11 , 1889
No. 156 ] NEW DEIHI , TEIL DAY , COTOFER 3 , 1967 / ASVINA 11 , 1889
इस भाग में भिन्न पृष्ठ संख्या वी जाती है जिससे कि यह अलग संकलन के रूप में रखा जा सके ।
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बाणिज्य मंत्रालय
संकल्प
नई दिल्ली 26 सितम्बर , 1967
सं ० 19 ( 15 ) प्लांट ( बी) '67: - सरकार ने दैरिफ श्रायोग से अनुरोध किया था कि स्वदेशी कच्चे रबड़ की उत्पादन लागत की जांच करे और सरकार को उस उचित मल्य की सिफारिश करे जो कच्चे रबड़ के लिए दिया जाना चाहिए । आयोग ने अन्य बातों के साथ -साथ सिफारिश की थी कि आर ० एम ० ए ० ग्रेड 1 के रबड़ के लिये कोचीन में जहाज तक निःशुल्क 4150/- रुपए प्रति मैट्रिक टन विक्रय मूल्य उचित होगा । भारत सरकार ने यह सिफारिश स्वीकार कर ली है ।
(601 ) THE GAZETTE OF INDIA EXTRAORDINARY
[PART I-900. 13 602
2. कच्चे रबड़ के मूल्य के प्रश्न पर विवार करते समय सरकार ने प्रनुभव किया है कि रबड़ के छोडे उत्सव हों तो श्रो अर्थ-अभा में सुधार के जिने पशुछ तत्काल सहायता की भावश्यकता है । इालेर बालू वित्तीय वर्ष में जिन छोटे रबड़ उत्पादकों के पास दो हैक्टर तक के बागान है उनकों 175 रु ० प्रति हैक्टर नरुद सहायता और जिन के पास दो हँक्टर से प्रधिक तथा 4 हँस्टर तह के बागान है उनकी 150 रु ० प्रति हैक्टर की नरुव सहायता देने का बिभार है ।
3. सरकार का विचार है कि छोटे उत्पाद कौं को प्रर्याप्त प्रतियोगिता शक्ति प्राप्त करने में समर्थ होतरा वाहिर जिले कि वे यथा शीघ्र अपने पैरों पर खड़े हो सकें । सरकार ने एक समिति नियुक्त करने का निर्जंत्र किया है जो इस छोटे बागानों की अर्थ-व्यवस्था का गहन अध्ययन करेगी और इन क्षेत्र में, कार्य सुशनता में सुधार तथा स्थिरता लाने के निमित्त अपेक्षित सहायता सम्बन्धी उपायों के बारे में सुझाव देगी ।
4. समिति , उन अन्य मामत्रों के साथ साथ जिन पर वह इस सम्बन्ध में विचार करना बावश्यक समझें, निम्नलिखित पर भी विवार करेगी:--
(1) उस त्रिदिव नहर की सहायता का ध्यान रखेगी जो छोटे उत्पादकों को रबड़े बोर्ड द्वारा पहले ही दी जा रही है ओर विवार करेगी कि क्या इन क्षेत्र को किसी अतिरिक्त सहायता की आवश्यक है, यदि हो तो वह सुझात्र देगी कि इन नहार सहायता हिन रूप में ओर कितनी सोमा तह दी जानी चाहिए तथा इस प्रकार की सहायता हितती अत्रत्रि तक जारी रखी जानी वाहिर ;
( 2) सरकार द्वारा स्त्री हार किए गये कच्चे रबड़ के उचित विक्रय मूल्य के आधार पर छोटे उत्सव हों अथ-क्षमता प्राप्त करने में समर्थ बनाने के हेतु श्ररेक्षित अन्य उपायों के सम्बन्ध में विवार करेगो तया सरकार को परामर्श देगी ; और
(3) लघु क्षेत्र में स्थिरता लाने में सहकारी समितियों के योगदान के सम्बन्ध में सरकार को परामर्श देंगी ।
समिति में निम्नलिखित शामिल होंगें :
अध्यक्ष
( 1) श्री टी० एम ० अब्दुल्ला,
सेवा निवृत्त न्यायाधीश ,
रहमत बाग , कण्णनूर ( केरल )
सदस्य
(2) अतिरिक्त सचिव ,
कृषि विभाग , केरल मरकार,
विजेन्द्रम् ।
THE GAZETTE OF INDIA EXTRAORDINARY
[PART 1-бес. 1 ]
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सदस्य
(3) श्री मेथ्यूमष्यांगदन , (भूतपूर्व संसद् सदस्य) , कोट्टयम ( केरल ) ।
सदस्य
(4) श्री चेरियन कम्पन, ( भूतपूर्वं संसद् सदस्य) , पाखें केरल ।
सदस्य
( 5 ) श्री पी ० एस ० हबीग मुहम्मद, अध्यक्ष रबड़ बोर्ड, कोट्टयम (केरल ) ।
5. समिति अपना प्रतिवेदन छः महिने की अवधि के अन्दर सरकार को दे देगी ।
भादेश
आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की एक प्रति सभी सम्बन्धों को भेज दी जाए । यह भी आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को सार्वजनिक जानकारी के लिए भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया जाए ।
पी० सी० अलमसाण्डर , संयुक्त सचिव ।
PRINTED IN INDIA BY THE GENERAL MANAGER , GOVERNMENT OF INDIA PRESS , NEW DELHI AND PUBLISHED BY THE MANAGER OF PUBLICATIONS , DELHI , 1967