रजिस्ट्री सं ० डी० 221
REGISTERED No. D. 221
भारत का राजपत्र The Gazette of India
असाधारण
EXTRAORDINARY
1972
भाग 1-- खण्ड 1
PART I- Section 1
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं० 105] No 105 ]
नई विल्ली, बृहस्पतिवार , मई 11 , 1972 / वैशाख 21 , 1894 NEW DELHI , THURSDAY , MAY 11 , 1972 / VAISAKHA 21 , 1894
इस भाग में भिन्न पृष्ठ सख्या दी जाती है जिससे कि यह अलग सकलन के रूप में रखा जा सके ।
Separate paging is given to this Part in order that it may be filed as a separate compilation
MINISTRY OF FOREIGN TRADE
PUBLIC NOTICE
IMPORT TRADE CONTROL
Naw Delhi , the 11th May 1972
SUBJECT- Import Policy for Registered Exporters for the year 1972-73 ( Amendment No. 1 )
No. 66- ITC (PN) / 72 . Attention is invited to the Import Policy for Registered Exporters contained in the Import Trade Control Policy Book (Vol.Il - for the period April 1972 March 1973 issued under the Ministry of Foreign Trade Public Notice No. 47 - ITC ( PN ) / 72 dateul 3-4-1972 .
2. The following amendments maybe made at the appropriate places as indicated below :-
Reference
Amendment
Page No , of the Red Book (Vol . II)
K. II to Κ . 2
1. 143
Col. 4
The item "woollen rags " appearing in entry ( a) under Col. 4 against S. No. 8. K. 11 , K. 1.2 . К. 1.3 . К. 1.4 and K. 2K. 2 should be deleted.
(773) THE GAZETTE OF INDIA EXTRAORDINARY
[PART I-SBC. 1 ] 774
2
I
3
2. 1.13-145 L. II to L. 3.3 Col. 4 The item " Woollen rags " appeal 1g ' citry (4) underCol. 4 against S. Nos . L. II . L. 12 , L. 2.1 L. 2.2 , L. 23 , L. 2.4 . L. 31 , L. 32 and L. 3.3 should be deleted .
3. 144
L. 2 3 For remark (2 ) , the following may be substituted :---
Col. 5 "Woollen Rags will be allowed only against export of Shoddy Woollen Blankets . Against export of products covered under this serial number , a recognised spinner of Sholdy Yarn ( other than Worsted or Woollen Yarn) may be nominated for obtaining release order for Woollen Rags , Waste Wool etc , as the case may be . "
1 .. 3.3
For remark ( 2 ) , the folle wirt may be substitutec :-- 4. 145-46
Col. 5
"(2) Against the export of products covered under this S. No. , a recognised spinner of shoddy yarn (other than worsted or woollen yarn) may be nominated for obtaining release order for waste wool etc. from the S.T.С. "
M. M. SEN ,
Chief Controller of Imports and Exporta
विवश व्यापार मंत्रालय सार्वजनिक सूचना आयात व्यापार नियंत्रण
नई दिल्ली , 11 मई , 1972
विषयः अप्रैल, 1971--मार्च, 1972 वर्ष के लिए पंजीकृत निर्यातकों के लिए आयात नीति ( संशोधन संख्या 1 ) ।
संख्या 66 -- आई ० टी ० सी० ( पी/ एन ) / 72. विदेश व्यापार मंत्रालय की सावजनकि सूचना संख्या 47 -- आई ०टी०सी ( पीएन ) / 72 , दिनाक 3-4-1972 के अन्तर्गत अप्रैल , 1972 -मार्च , 1973 वर्ष के लिए जारी की गई आयातं व्यापार नियंत्रण नीति पुस्तक ( वा० 2) में पंजीकृत निर्यातकों के लिए निहित श्रायात नीति की ओर ध्यान आकृष्ट किया जाता है ।
2. निम्नलिखित संशोधन नीचे निर्दिष्टा नुसार उपर्युक्त स्थानों पर कि जायें
संदर्भ
संशोधन
रैंडबुक ( वा ० 2 ) की पृष्ठसं
2
3
1
1. 14.3
के 1.1 से के. 2 तक
क.लम 4
क्रम संख्यायें के. 1.1 , के . 1. 2, के, 1.3, के. 1.4 और के . 2 के सामने कालम 4 के अन्तर्गत प्रविष्टि ( ए) में दिखाई गई भद "ऊनी चिथड़े" को हटाया आना चाहिए ।
THE GAZETTE OF INDIA EXTRAORDINARY
[PART I-SEC. 1 ]
775
3
2
1
2. 143-145
एल. 1.1 से एल. 3.3 क्रम संख्यायें एल . 1.1, एल. 1.2 , एल. तक कालम-4 2.1, एल. 2. 2 , एल. 2.3 , एल 2.4 , एल. 3.1 , एल. 3.2 और एल. 3.3 के सामने कालम 4 के अन्तर्गत प्रविष्टि ( ए) में दिखाई गई मद " ऊनी चिथड़े " को हटामा जाना चाहिए ।
3. 144
एल . 2 3 टिप्पणी ( 2 ) के लिए निग्नलिखित को प्रतिस्था- पित किया जाए :--
कालम -5
" केवल रही ऊनी कम्बलों के निर्यात के मद्दे ऊनी चिथड़ों की स्वीकृति दी जाएगी । इस क्रम संख्या के अन्तर्गत आने वाले उत्पादों के निर्यात के मद्दे ऊनी चिथडीं, रही ऊन श्रादि , जैसा भामला हो, के लिए रिहाई आदेश प्राप्त करने के लिए रड्डी रेशे ( ऊनी तागे और ऊनी रेशे सेभिन्न ) के मान्यता प्राप्त तन्तुवाय को नाभित किया जा सकता है । "
4. 145-46
एल, 3.3 टिप्पणी ( 2 ) के लिए निम्नलिखित को प्रतिस्था- पित किया जाए
कालम - 5
" ( 2 ) इस क्रम संख्या के अन्तर्गत आने बाले उत्पादों के निर्यात के मद्दे रद्दी ऊन आदि के लिए राज्य व्यापार निगम से रिहाई भावेश प्राप्त करने के लिए रद्दी रेशे ( ऊमी लागे और ऊनी रेशे से भिन्न) के मान्यता प्राप्त तन्तुवाग को नामित किया जा सकता है । "
एम ० एम ० खेन,
मुख्य नियंत्लक, भावात- निर्यात ।
PRINTED BY THE GENERAL MANAGER, GOVERNMENT OF INDIA PRESS , MINTO ROAD , NEW DELHI AND PUBLISHED BY THE MANAGER OF PUBLICATIONS , DELHI, 1972