जिस्ट्री सं ० जी० 221
REGISTERED No. D. 221
भारत का राजपत्र The Gazette of India
असाधारण
CRAL SECRETARIAT
LIK
EXTRAORDINARY
523019 L
भाग II- खण्ड 3 -- उपखण्ड ( i )
FUNTO INDIA PART II- Section 3-Sub- section ( 1 )
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं० 241]
नई दिल्ली, बुधबार, सितम्बर 20 , 1972/ भात्र 29, 1894
No. 241 ] NEW DELHI , WEDNESDAY , SEPTEMBER 20 , 1972/ BHADRA 29 , 1894
इस भाग में भिन्म पृष्ठ संख्या की जाती है जिससे कि यह अलग संकलन के रूप में रखा जा सके ।
Separate paging is given to this Part in order that it may be filed as a separate compilation
MINISTRY OF FINANCE
(Department of Revenue and Insurance )
NOTIFICATION
New Delhi , the 20th September 1972
G.S.R. 413 ( E ) . In exercise of the powers conferred by section 16 of the General Insurance ( Emergency Provisions ) Act , 1971 ( 17 of 1971 ) , the Central Govern- ment hereby makes the following rules further to amend the General Insurance ( Emergency Provisions ) Rules , 1971 , namely : --
1. ( 1 ) 'These rules may be called the General Insurance ( Emergency Provisions ) Second Amendment Rules , 1972 .
( 2) They shall come into force on the date of their publication in the Omcial Gazette .
2. In rule 3 of the General Insurance ( Emergency Provisions ) Rules , 1971 (hereinafter referred to as the said rules ) ,
( 1 ) In clause ( a) , for the words " Seventy per cent of every such payment of compensation shall be held by him " , the words " Out of every payment of compensation , the amount calculated at the rate specifled in the Schedule appended to these rules shall be held to an insurer" shall be substituted ;
(ii) In clause ( b ) , the words " of thirty per cent " shall be omitted .
(1139) THE GAZETTE OF INDIA EXTRAORDINARY
[PART I- 1140
3. After rule 3 of the sald rules , the following Schedule shall be inserted , namely:-
"TILE SCHEDULE
[ See rule 3 ( a ) ]
1. Where the insurer Is a company as Is referred to in section 108 of the Income - tax Act, 1961 ( 43 of 1961 ) ;-
(1) in a case where the total income as defined in that Act does not exceed Rs . 50,000 .
(ii ) in case where the total income as defined in that Act exceeds Rs . 50,000 56.625 per cent .
66.25 per cent" .
2. In any other case
[No. F. 63 (48 ) -INS - I/ 71 . ]
A. RAJAGOPALAN , Officer on Special Duty and Ex , Officio Addl . Secy ,
वित्त मंत्रालय
(राजस्व और बीमा विभाग )
अधिसूचना
नई दिल्ली, 20 सितम्बर , 1972
सा० का ० नि० 413 ( श्र) -साधारण बोमा ( श्रायात उपबन्ध) अधिनियम, 1971 ( 1971 का 17 ) की धारा 16 द्वारा प्रवत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , केन्द्रीय सरकार , साधारण बीमा ( आपात उपबन्ध ) नियम , 1971 में और संशोधन करने के लिए एतद्वारा निम्नलिखित नियम बनायी है, अर्थात्:-
1. ( 1 ) इन नियमों का नाम साधारण श्रोमा ( ग्रापान उपबन्ध) , द्वितीय संशोधन नियम, 1972 होगा ;
( 2) ये नियम राजपत्त्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे ।
2. साधारण बोमा ( श्रापात उपबन्ध ) नियम, 1971 ( जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त नियमों कहा गया है ) के नियम 3 में :-
( i ) खण्ड ( क ) के स्थान पर , निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा , अर्थातः-
"प्रतिकर के प्रत्येक संदाय में से इन नियमों से संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट दर पर संगणित रकम, बीमाकर्ता द्वारा , ऐसे आयकर और नत्सयम प्रवृत्त किसी विधि के अधीन किसी अन्य कर या देय की बाबत , जिसको बीमाकर्ता ऐसे प्रतिकर पर संदाय करने के लिए दायी होगा, यह धारणा करते हुए कि कुल आयकर और अन्य ऐसा देय , जिसके लिए बीमाकर्ता का निर्धारण किया गया है, प्रतिकर के ऐसे संदाय पर उस अनुपात में वितरित किया गया है जो कुल आयकर और अन्य ऐसे देय , जिसके लिए यह , यथास्थिति , निर्धारण वर्ष THE GAZETTE OF INDIA EXTRAORDINARY
SEC . 3 ( i ) ]
1140A
1972-73 या 1973-74 के लिए निर्धारित किया जाए और सुसंगत वर्ष की बाबत आयकर के लिए निर्धारित कुल आय के बीच के अनुपात के बराबर हो, बीमाकर्ता के अभिरक्षक को प्रतिपूर्ति करने के लिए किसी अनुसूचित बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक या भारतीय स्टेट बैंक की किसी शाखा में 31 दिसम्बर , 1972 से पूर्व समाप्त न होने वाली अवधि के लिए प्रतिभूति के रुप में अलग निक्षेप में रखी जाएगी ; "
( ii ) खण्ड (ख ) में " यथापूर्वोक्त संदाय के अतिशेष के तीस प्रतिशत " शब्दों के स्थान पर, " यथापूर्वोक्त संदाय का अतिशेष शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे ।
3. उक्त नियमों के नियम 3 के पश्चात्, निम्नलिखित अनुसूची अतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्:-
अनुसूची
[नियम ३ ( क ) देखिए ]
1. जहां बीमाकर्ता ऐसी कम्पनी है , जो श्रायकर अधिनियम 1961 ( 1961 का 43 ) की धारा 108 में निर्दिष्ट है :-
( i ) उस दशा में जहां उस अधिनियम में यथापरिभाषित कुल आय 50,000 रु ० से अधिक न हो
46-125 प्रतिशत
56.375 प्रतिशत ( ii ) उस दशा में , जहां उस अधिनियम में यथा परिभाषित कुल श्राय 50,000 रु ० से अधिक न हो
2. किसी अन्य दशा में
66.625 प्रतिशत । "
[सं ० फा ० 63 ( 48 ) बीमा I ( 71 ) ]
श्र ० राजगोपालन ,
विशेष कार्य अधिकारी और पदेन अपर सचिव ।
PRINTED BY THE GENERAL MANAGER, GOVERNMENT OF INDIA PRESS , MINTO ROAD , NEW DELHI AND PUBLISHED BY THE MANAGER OF PUBLICATIONS , DELHI , 1972