रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33002/99 REGD. No. D. L.-33002/99
भारत सरकार
GOVERNMENT OF INDIA
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एस.जी.-डी.एल.-अ.-06102025-266649
SG-DL-E-06102025-266649
असाधारण
EXTRAORDINARY
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 41]
दिल्ली, मंगलवार, सितम्बर 23, 2025/ आश्विन 1, 1947 [रा.रा.रा.क्षे.दि. सं. 251 No. 41] DELHI, TUESDAY, SEPTEMBER 23, 2025/ASVINA 1, 1947 [N. C. T. D. No. 251
भाग II—I
PART II—I
राष्ट्रीय राजधानी राज्य क्षेत्र दिल्ली सरकार GOVERNMENT OF THE NATIONAL CAPITAL TERRITORY OF DELHI
दिल्ली उच्च न्यायालय: नई दिल्ली
अधिसूचना
दिल्ली, 22 सितम्बर, 2025
सं. 68/नियम/दि.उ.न्या.—भारतीय संविधान के अनुच्छेद 309 के परंतुक सहपठित भारत सरकार, गृह मंत्रालय की अधिसूचना संख्या एफ27/40/50-एनजीएस, दिनांक 28 अक्टूबर, 1953 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों एवं इस निमित्त समर्थ बनाने वाली अन्य समस्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय कें द्र सरकार के पूर्व अनुमोदन सहित एवं माननीय उप राज्यपाल, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सहमति से दिल्ली जिला न्यायालय स्थापना (नियुक्ति एवं सेवा शतें) नियम, 2012 में निम्नलिखित संशोधन सहर्ष करता है:
6310 DG/2025
(1)2 DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY PART II—I] संशोधन
यह नियम "दिल्ली जिला न्यायालय स्थापना (नियुक्ति एवं सेवा शतें) (संशोधन) नियम, 2025" कहलाएँगें|
| क्र. सं. | नियम | स ंशोधन |
| 1. | नियम 2(1)(ख) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | समूह ए तथा अन्य समूहों में अन्य सभी पदों से तात्पर्य उस जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश से है जहाँ इन नियमों के अंतर्गत कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है |
| 2. | नियम 2(5) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | "जिला" से तात्पर्य उस जिला से है जिसे समय समय पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र द्वारा अधिसूचित किया जाएगा |
| 3. | नियम 2(6) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | "प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश" से तात्पर्य संबंधित जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश है; |
| 4. | नियम 2(13) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | "अनुशंसा समिति" से तात्पर्य वह समिति जो प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) एवं उससे ऊपर के पद हेतु उपयुक्त अभ्र्यर्थयों के नामों को उच्च न्यायालय में अनुशंसा करने के उद्देश्य स े उच्च न्यायालय द्वारा गठित की गयी है एवं वह निम्नलिखित से मिलकर बनी होगी : (i) एक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (अध्यक्ष के रूप में); एवं (ii) दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा के दो सदस्य जिनकी कम से कम दस वषों की सेवा हो | जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा र्वार्षक आधार पर अथवा किसी र्निर्दष्ट अवधि के लिए नामित किया जाएगा| |
| 5. | नियम 2(14) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | "एकीकृ त भर्ती समिति" सभी पदों के सम्बन्ध में जिनके लिए किसी भी जिले में सीधी भर्ती की जानी है, उच्च न्यायालय निम्नलिखित को मिलाकर एक स्थायी एकीकृ त भर्ती समिति का गठन करेगा : (i) एक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (अध्यक्ष के रूप में); एवं (ii) दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा के दो सदस्य जिनकी कम से कम दस वषों की सेवा हो | जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा र्वार्षक आधार पर अथवा किसी र्निर्दष्ट अवधि के लिए नामित किया जाएगा| स्पष्टीकरण : समूह –सी के पदों में 10 अथवा उससे अधिक रिक्तियों में भर्ती करने हेतु गठित भर्ती समिति के लिए यह आज्ञापक होगा कि वह अनु. जा./अनु.जन. के समुदाय का एक सदस्य रखें | |
| 6. | नियम 2(15) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | निम्नलिखित के संदर्भ में "चयन समिति" : (क) प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) एवं उससे ऊपर के पद के सन्दर्भ में से तात्पर्य वह समिति जो उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण की ऐसी संख्या से मिलकर बनी हो जैसी कि माननीय मुख्य न्यायाधीश उचित समझें; (ख) समूह ए के अन्य समस्त पदों एवं अन्य समूहों के सन्दर्भ में से तात्पर्य एक अथवा उससे अधिक समिति अथवा समितियां जो कि जिला न्यायाधीश के द्वारा निम्नलिखित को मिलाकर गठित की गयी हो : (i) एक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश; (ii) दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा के एक सदस्य जिनकी कम से कम दस वषों की सेवा हो;और (iii) एक मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट अथवा वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश अथवा अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट अथवा प्रशासनिक सिविल न्यायाधीश | जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा र्वार्षक आधार पर अथवा किसी र्निर्दष्ट अवधि के लिए नामित किया जाएगा| स्पष्टीकरण : समूह – सी के पद के सम्बन्ध में गठित चयन समिति हेतु यह आज्ञापक होगा कि वह अनु.जा./अनु.जन. समुदाय का एक सदस्य रखें | |
| 7. | नियम 3 में संशोधन | उप-नियम 2 के बाद उप-नियम 2क इस प्रकार जोड़ा जाएगा: 2क. उच्च न्यायालय, "दिल्ली जिला न्यायालय स्थापना (नियुक्ति एवं सेवा शतें) (संशोधन) नियम, 2025 के प्रभाव में आने के पश्चात तथा तत्पश्चात समय-समय पर, अनुसूची 'क' के कॉलम (2) में र्निर्दष्ट पदों में से प्रत्येक जिले के लिए, न्यायिक अधिकारियों की संख्या, न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्य तथा अन्य ऐसे मानदंड जिन्हें उच्च न्यायालय प्रासंगिक समझे, को ध्यान में रखते हुए, उपयुक्त संख्या में पद आवंटित करेगा। नियम 3 में उप-नियम 5 इस प्रकार जोड़ा जाएगा: उच्च न्यायालय, "दिल्ली जिला न्यायालय स्थापना (नियुक्ति एवं सेवा शतें) (संशोधन) नियम, 2025 के प्रभाव में आने के पश्चात, अपने द्वारा निर्धारित मानदंडों के आधार पर, अनुसूची 'क' में र्निर्दष्ट किसी भी पदों पर कार्यरत व्यक्तियों की जिला-वार आवंटन करेगा। स्पष्टीकरण: कोई भी अधिकारी/कर्मचारी अपने नियुक्ति जिले को परिर्वर्तत नहीं कर सके गा, विशेष परिस्थितियों के अतिरिक्त, जिनके लिए उच्च न्यायालय की स्वीकृ ति आवश्यक होगी। |
| 8. | नियम 5 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | प्रधान निजी सचिव को नियुक्त करने की प्रक्रिया:- स ंबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश का यह एकल विवेकाधिकार होगा कि वह स ंबंधित जिले में कार्यरत प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) के पूल में उपलब्ध व्यक्तियों में से अपने प्रधान निजी सचिव को नियुक्त करें और वह नियुक्त व्यक्ति उक्त पद पर उतनी अवधि तक के लिए कार्यरत रहेगा, जितनी अवधि के लिए संबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश इच्छु क होंगे| |
| 9. | नियम 7 में संशोधन | नियम 7 के अंतिम अनुच्छेद (बिंदु एफ के बाद) को निम्नलिखित रूप में प्रतिस्थापित किया जाएगा:- आवेदनों की प्राप्ति की अंतिम तिथि पर अथवा उच्च न्यायालय द्वारा आवेदन आमंत्रित करने की अधिसूचना में र्निर्दष्ट किसी अन्य तिथि पर | |
| 10. | नियम 9 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | जिला न्यायालय भर्ती प्रकोष्ठ:- उच्च न्यायालय "जिला न्यायालय भर्ती प्रकोष्ठ" का गठन करेगा, जो समय समय पर उच्च न्यायालय द्वारा जारी प्रशासनिक निदेशों के अनुसार कार्य करेगा| |
| 11. | नियम 10 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | सीधी भर्ती:- सभी पदों पर सीधी भर्ती एकीकृ त भर्ती समिति के माध्यम से इन नियमों तथा उच्च न्यायालय द्वारा समय समय पर जारी प्रशासनिक निदेशों के अनुसार की जाएगी| |
| 12. | नियम 11 में संशोधन | "भर्ती समिति" को "एकीकृ त भर्ती समिति" से प्रतिस्थापित किया जाएगा| |
| 13. | नियम 12 में संशोधन | भर्ती समीति को एकीकृ त भर्ती समिति में परिर्वर्तत किया जाता है | " जिला न्यायाधीश के परामर्श से एवं" शब्द हटा दिए गए हैं | "जिला न्यायाधीश, समिति(यों) के अध्यक्ष (ओं) के परामर्श से अभ्र्यर्थयों के साक्षात्कार की प्रक्रिया में मानकों की एकरूपता बनाए रखने के लिए व्यक्तित्व के बौकिि एवं सामाजिक चरित्र को सम्मिलित करते हुए उनके द्वारा आवेदित पद में नियुक्ति हेतु अभ्र्यर्थयों की उपयुक्तता निर्धारित करने के लिए साक्षात्कार हेतु उचित मानदंड निर्धारित करेंगे" शब्द हटा दिए गए हैं | "ऐसे प्रारूप में जैसा कि जिला न्यायाधीश द्वारा वांछित हो" शब्द हटा दिए गए हैं | |
| 14. | नियम 13 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा : | चयनित अभ्र्यर्थयों की सूची : 1. चयनित अभ्र्यर्थयों की सूची तैयार करने के उपरांत, एकीकृ त भर्ती समिति इसे अंतिम अनुमोदन हेतु उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी | अनुमोदन के पश्चात, निबंधक ( जिला न्यायालय भर्ती ) चयनित अभ्र्यर्थयों को उनके द्वारा व्यक्त किए गए प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न जिलों में आवंटित करेंगे| यदि किसी विशेष जिले को चुनने वाले उम्मीदवारों की संख्या उस विशेष जिले में उस पद की रिक्तियों की संख्या से अधिक है, तो म ेरिट सूची में उच्च स्थान प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को उसकी पसंद का जिला आवंटित किया जाएगा। 2. एकीकृ त भर्ती समिति, उप-नियम (1) के अंतर्गत तैयार चयनित सूची में सम्मिलित नहीं किये गए अभ्र्यर्थयों के नामों को अंर्तर्वष्ट करते हुए योग्यता क्रम में उप-नियम (1) के प्रावधानों के अनुसार अभ्र्यर्थयों का पैनल भी तैयार करेगी जिसमें, जहां तक संभव हो, सम्मिलित किये जाने वाले अभ्र्यर्थयों की संख्या अधिसूचित रिक्तियों की संख्या का दस प्रतिशत होगी | 3. उप-नियम (1) एवं (2) के अंतर्गत तैयार की गई सूची उच्च न्यायालय के निदेशानुसार प्रकाशित की जाएगी| |
| 15 | नियम 14 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा : | अभ्र्यर्थयों की नियुक्ति : (1) नियम 16 के अध्यधीन, अभ्र्यर्थयों जिनके नाम उप नियम (1) के अंतर्गत तैयार चयन स ूची में सम्मिलित किये गए हैं एवं नियम 13 के उप-नियम (3) के अंतर्गत प्रकाशित किये गए हैं, संवर्ग में पद की नियुक्ति हेतु हर प्रकार से उपयुक्त पाए जाने वाले प्रत्येक ऐसे अभ्यर्थी को जैसा कि आवश्यक समझा जाए, ऐसी पूछताछ के पश्चात एवं स्वयं की संतुष्टि क े पश्चात, जिला विशेष के संवर्ग विशेष में उस क्रम में जिसमें उनका नाम चयन सूची में पाया जाता है रिक्तियों के विरु िनियुक्ति प्राधिकारी द्वारा नियुक्त किये जायेंगे | वे अभ्यर्थी जिनके नाम उप-नियम (2) के अंतर्गत तैयार सूची में सम्मिलित किये गए हैं एवं नियम 13 क े उप-नियम (3) के अंतर्गत प्रकाशित किये गए हैं, अभ्र्यर्थयों जिनके नाम नियम 13 के उप-नियम (1) के अंतर्गत तैयार सूची में सम्मिलित किये गए हैं नियुक्त हो जाने के पश्चात अभी भी उपलब्ध रिक्त पदों के विरु िउसी प्रकार से नियुक्त किये जायेंगे | (2) नियम 13 के अंतर्गत प्रकाशित किसी भी दो सूचियों में अभ्यर्थी का नाम सम्मिलित किया जाना उसे नियुक्ति का कोई अधिकार प्रदान नहीं करेगा | |
| 16. | नियम 19 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा : | पदोन्नति द्वारा भर्ती : (1) सम्बन्धित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रत्येक वर्ष के जनवरी मास में जिला विशेष में पदों की विभिन्न कोटि में विद्यमान एवं वर्ष के दौरान संभावित पदोन्नत रिक्तियों का निर्धारण करेंगे | (2) प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) एवं उससे ऊपर के पदों हेतु रिक्तियों को अधिसूचित करेंगे एवं उन पदों पर नियुक्ति हेतु विचार किये जाने वाले क्षेत्र में आने वाले सभी पात्र अभ्र्यर्थयों की सूची को अनुशंसा समिति को अग्रेषित करेंगे | अनुशंसा समिति, उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित मानदंड के अनुसार उपयुक्तता – सह-योग्यता के आधार पर पदोन्नति के द्वारा प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) के पदों के 50% कोटा में पदोन्नति पर उनके नियुक्ति हेतु उपयुक्त अभ्र्यर्थयों की एक सूची तैयार करेगी एवं पदों के शेष 50% हेतु साक्षात्कार परीक्षा सहित एक विभागीय परीक्षा स ंचालित करेगी | समिति, उसके पश्चात उपयुक्त नहीं पाए गए व्यक्तियों की सूची के साथ, इसके लिए कारण बताते हुए, इस प्रकार चयनित व्यक्तियों की सूची उच्च न्यायालय को अग्रेषित करेगी | इस प्रकार प्राप्त सूची नियम 2(15) (क) के अंतर्गत मुख्य न्यायाधीश द्वारा गठित चयन समिति के समक्ष रखी जायेगी एवं चयन समिति, समिति की संस्तुतियों को या तो स्वीकार अथवा अस्वीकार कर सकती है अथवा जैसा ठीक समझें उपयुक्त रूप से आशोधन कर सकती है | उसके पश्चात अंतिम सूची को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष उनके विचार हेतु रखा जाएगा एवं जो उसके पश्चात अनुमोदन हेतु फु ल कोर्ट को अग्रेषित करेंगे | (3) हटा दिया गया है | (4) प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिला विशेष में समूह – ए में सभी अन्य पदों एवं अन्य समूहों हेतु रिक्तियों को भी अधिसूचित करेंगे एवं उन पदों पर नियुक्ति हेतु विचार किये जाने वाले क्षेत्र में आने वाले सभी पात्र अभ्र्यर्थयों की सूची को चयन समिति को अग्रेषित करेंगे | समिति, उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित मानदंड के अनुसार सभी जिलों हेतु उपयुक्त अभ्र्यर्थयों की एक समेकित सूची तैयार करेगी| किन्तु, वरिष्ठ न्यायिक सहायक के पद हेतु, चयन समिति, उपयुक्तता-सह-योग्यता के आधार पर पदोन्नति के द्वारा 50% के कोटा में पदोन्नति पर उनके नियुक्ति हेतु उपयुक्त अभ्र्यर्थयों की सूची तैयार करेगी एवं पदों क े शेष 50% हेतु साक्षात्कार सहित एक विभागीय परीक्षा का संचालन करेगी | समिति, उसके पश्चात उपयुक्त नहीं पाए गए व्यक्तियों की सूची के साथ, इसके लिए कारण बताते हुए, इस प्रकार चयनित व्यक्तियों की सूची प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से अंतिम अनुमोदन हेतु उच्च न्यायालय को अग्रेषित करेगी | (5) उच्च न्यायालय अभ्यर्थी की योग्यता को निर्धारित करने वाले मानदंड को अधिकथित करेगा | |
| 17 | नियम 20 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | नियुक्ति: नियम-19 के तहत पदोन्नति हेतु चयनित अभ्र्यर्थयों की सूची की स्वीकृ ति के पश्चात, निबंधक (जिला न्यायालय भर्ती प्रकोष्ठ) प्रत्येक जिले में उपलब्ध रिक्तियों को ध्यान में रखते हुए अभ्र्यर्थयों का आवंटन करेंगे, और इस सूची को संबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को प्रेषित करेंगे। तत्पश्चात, संबंधित न्यायाधीश द्वारा आवश्यकतानुसार जाँच करने के उपरांत चयनित अभ्र्यर्थयों की नियुक्ति की जाएगी अथवा जो आदेश उपयुक्त समझे जाएँ, वे पारित किए जाएँगे। |
| 18. | नियम 27 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | अनुशासनिक प्राधिकरण:- (1) उच्च न्यायालय सेवा के किसी भी सदस्य पर नियम 26 में विर्निर्दष्ट शास्तियों में से कोई भी अधिरोपित कर सकता है। (2) उप-नियम (1) के प्रावधानों के पूर्वाग्रह के बिना प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सेवा क े किसी भी सदस्य पर, नियुक्ति प्राधिकारी के रूप में, नियम 26 में विर्निर्दष्ट शास्तियों में स े कोई भी शास्ति अधिरोपित कर सकता है | (3) प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सेवा के किसी भी सदस्य, जिसका नियुक्ति प्राधिकरण उच्च न्यायालय हो, पर नियम 26 के खंड (i) से (iv) में प्रगणित शास्तियों में से कोई भी शास्ति अधिरोपित करने हेतु भी सशक्त होगा। स्पष्टीकरण: जिस प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के क्षेत्राधिकार में सेवा के किसी भी सदस्य द्वारा कथित कदाचार अथवा अनुचित व्यवहार किया गया हो, वही न्यायाधीश उस मामले के अनुशासनिक प्राधिकारी माने जाएँगे, भले ही उक्त सदस्य को तत्पश्चात किसी अन्य जिले में स्थानांतरित कर दिया गया हो। |
| 19. | नियम 28 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | 28. कार्यवाहियां प्रारम्भ करने हेतु प्राधिकरण :- उच्च न्यायालय, सामान्य अथवा विशेष आदेश द्वारा, निम्न कर सकता है- (1) सेवा के किसी सदस्य के विरु िअनुशासनिक कार्यवाहियां प्रारम्भ करना (2) उप-नियम (1) के प्रावधानों के पूर्वाग्रह के बिना उच्च न्यायालय सेवा के किसी सदस्य, जिस पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियम 26 में विर्निर्दष्ट कोई शास्ति इन नियमों क े अंतर्गत अधिरोपित करने में सक्षम हो, के विरु िअनुशासनिक कार्यवाहियां प्रारम्भ करने क े लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निदेश दे सकता है। (3) नियम 26 के खंड (i) से (iv) में विर्निर्दष्ट किसी भी शास्ति को अधिरोपित करने हेतु इन नियमों के अंतर्गत सम्बंधित सक्षम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सम्बंधित जिले के स ेवा के किसी सदस्य के विरु िनियम 26 के खंड (v) से (ix) में विर्निर्दष्ट शास्तियों में से कोई भी शास्ति अधिरोपित करने के लिए अनुशासनिक कार्यवाहियां प्रारम्भ कर सकता है तथापि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश इन नियमों के तहत बाद की कोई भी शास्तियाँ अधिरोपित करने हेतु सक्षम नहीं है | स्पष्टीकरण – जांच की समाप्ति अथवा जांच रिपोर्ट की प्राप्ति पर यदि अनुशासनिक प्राधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि यदि लघु शास्ति मामले की आवश्यकता पूर्ण कर देती है तो उच्च न्यायालय, जो सम्ब िसेवा के सदस्यों पर बड़ी शास्ति अधिरोपित करने में सक्षम है, के अनुमोदन के बिना लघु शास्ति अधिरोपित करना उसकी सक्षमता के अंतर्गत सही होगा। |
| 20. | नियम 33 में संशोधन | "राष्ट्रपति" शब्द को "उच्च न्यायालय" से प्रतिस्थापित किया जाएगा। |
| 21. | नियम 34 में संशोधन | उप-नियम (iii) में "राष्ट्रपति" शब्द को "उच्च न्यायालय" से प्रतिस्थापित किया जाएगा। |
| 22. | नियम 39 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | जनहित में सेवानिवृत्ति : इन नियमों या अन्य किसी कानून में कु छ भी समाविष्ट होते हुए भी, उच्च न्यायालय या प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को, यदि उनके विचार में ऐसा करना जनहित में है, कि स ेवा के किसी भी सदस्य को, जिसने पच्चीस वषों से कम की सेवा न की हो या पचास वर्ष की आयु प्राप्त कर ली हो, लिखित में कम से कम तीन महीने का नोटिस या ऐसे नोटिस के बदले तीन महीने का वेतन और भत्ते देकर, सेवानिवृत करने का पूर्ण अधिकार होगा। |
| 23. | नियम 44 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | छ ू ट देने की शक्ति : जहाँ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को संतुष्टि है कि किसी विशिष्ट मामले में किसी नियम की कार्य-विधि अनावश्यक कठिनाई का कारण बन रही है, तो वे उच्च न्यायालय को यह संस्तुति कर सकते हैं कि उस नियम की अपेक्षा में, आवश्यकता अनुसार और उपयुक्त शतों सहित, छू ट या विमुक्ति दी जाए जैसा वह मामले को न्यायसंगत और साम्यपूर्ण तरीके स े निपटाने के लिए आवश्यक समझता है बशते कि मामले को इस तरीके से न निपटाया जाए कि वह नियमों के अनुसार अधिकारी या संबंधित कर्मचारियों के लिए कम अनुकू ल हो| उच्च न्यायालय उक्त संस्तुति पर निर्णय लेगा, जिसका निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा। |
| 24. | अनुसूची- ख में संशोधन | कॉलम संख्या 5 में जहाँ कहीं भी 'जिला न्यायाधीश' शब्द आता है, उसे 'प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश' शब्द से प्रतिस्थापित किया जाएगा। क्रम संख्या 4, 10 एवं 16 के कॉलम संख्या 4 में, योग्यता एवं अनुभव में छू ट से संबंधित मामलों में जहाँ भी 'जिला न्यायाधीश' शब्द प्रयुक्त हुआ है, वहाँ उसे 'उच्च न्यायालय' से प्रतिस्थापित किया जाएगा। |
| 25. | नियमों में जहाँ कहीं भी 'जिला न्यायाधीश' शब्द उल्लेखित है, वहाँ उसे 'प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश' शब्द से प्रतिस्थापित किया जाएगा। | |
| क्र. सं. | नियम | स ंशोधन |
| 1. | नियम 2(1)(ख) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | समूह ए तथा अन्य समूहों में अन्य सभी पदों से तात्पर्य उस जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश से है जहाँ इन नियमों के अंतर्गत कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है |
| 2. | नियम 2(5) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | "जिला" से तात्पर्य उस जिला से है जिसे समय समय पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र द्वारा अधिसूचित किया जाएगा |
| 3. | नियम 2(6) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | "प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश" से तात्पर्य संबंधित जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश है; |
| 4. | नियम 2(13) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | "अनुशंसा समिति" से तात्पर्य वह समिति जो प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) एवं उससे ऊपर के पद हेतु उपयुक्त अभ्र्यर्थयों के नामों को उच्च न्यायालय में अनुशंसा करने के उद्देश्य स े उच्च न्यायालय द्वारा गठित की गयी है एवं वह निम्नलिखित से मिलकर बनी होगी : (i) एक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (अध्यक्ष के रूप में); एवं (ii) दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा के दो सदस्य जिनकी कम से कम दस वषों की सेवा हो | जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा र्वार्षक आधार पर अथवा किसी र्निर्दष्ट अवधि के लिए नामित किया जाएगा| |
| 5. | नियम 2(14) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | "एकीकृ त भर्ती समिति" सभी पदों के सम्बन्ध में जिनके लिए किसी भी जिले में सीधी भर्ती की जानी है, उच्च न्यायालय निम्नलिखित को मिलाकर एक स्थायी एकीकृ त भर्ती समिति का गठन करेगा : (i) एक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (अध्यक्ष के रूप में); एवं (ii) दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा के दो सदस्य जिनकी कम से कम दस वषों की सेवा हो | जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा र्वार्षक आधार पर अथवा किसी र्निर्दष्ट अवधि के लिए नामित किया जाएगा| स्पष्टीकरण : समूह –सी के पदों में 10 अथवा उससे अधिक रिक्तियों में भर्ती करने हेतु गठित भर्ती समिति के लिए यह आज्ञापक होगा कि वह अनु. जा./अनु.जन. के समुदाय का एक सदस्य रखें | |
| 6. | नियम 2(15) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | निम्नलिखित के संदर्भ में "चयन समिति" : (क) प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) एवं उससे ऊपर के पद के सन्दर्भ में से तात्पर्य वह समिति जो उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण की ऐसी संख्या से मिलकर बनी हो जैसी कि माननीय मुख्य न्यायाधीश उचित समझें; (ख) समूह ए के अन्य समस्त पदों एवं अन्य समूहों के सन्दर्भ में से तात्पर्य एक अथवा उससे अधिक समिति अथवा समितियां जो कि जिला न्यायाधीश के द्वारा निम्नलिखित को मिलाकर गठित की गयी हो : (i) एक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश; (ii) दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा के एक सदस्य जिनकी कम से कम दस वषों की सेवा हो;और (iii) एक मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट अथवा वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश अथवा अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट अथवा प्रशासनिक सिविल न्यायाधीश | जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा र्वार्षक आधार पर अथवा किसी र्निर्दष्ट अवधि के लिए नामित किया जाएगा| स्पष्टीकरण : समूह – सी के पद के सम्बन्ध में गठित चयन समिति हेतु यह आज्ञापक होगा कि वह अनु.जा./अनु.जन. समुदाय का एक सदस्य रखें | |
| 7. | नियम 3 में संशोधन | उप-नियम 2 के बाद उप-नियम 2क इस प्रकार जोड़ा जाएगा: 2क. उच्च न्यायालय, "दिल्ली जिला न्यायालय स्थापना (नियुक्ति एवं सेवा शतें) (संशोधन) नियम, 2025 के प्रभाव में आने के पश्चात तथा तत्पश्चात समय-समय पर, अनुसूची 'क' के कॉलम (2) में र्निर्दष्ट पदों में से प्रत्येक जिले के लिए, न्यायिक अधिकारियों की संख्या, न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्य तथा अन्य ऐसे मानदंड जिन्हें उच्च न्यायालय प्रासंगिक समझे, को ध्यान में रखते हुए, उपयुक्त संख्या में पद आवंटित करेगा। नियम 3 में उप-नियम 5 इस प्रकार जोड़ा जाएगा: उच्च न्यायालय, "दिल्ली जिला न्यायालय स्थापना (नियुक्ति एवं सेवा शतें) (संशोधन) नियम, 2025 के प्रभाव में आने के पश्चात, अपने द्वारा निर्धारित मानदंडों के आधार पर, अनुसूची 'क' में र्निर्दष्ट किसी भी पदों पर कार्यरत व्यक्तियों की जिला-वार आवंटन करेगा। स्पष्टीकरण: कोई भी अधिकारी/कर्मचारी अपने नियुक्ति जिले को परिर्वर्तत नहीं कर सके गा, विशेष परिस्थितियों के अतिरिक्त, जिनके लिए उच्च न्यायालय की स्वीकृ ति आवश्यक होगी। |
| 8. | नियम 5 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | प्रधान निजी सचिव को नियुक्त करने की प्रक्रिया:- स ंबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश का यह एकल विवेकाधिकार होगा कि वह स ंबंधित जिले में कार्यरत प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) के पूल में उपलब्ध व्यक्तियों में से अपने प्रधान निजी सचिव को नियुक्त करें और वह नियुक्त व्यक्ति उक्त पद पर उतनी अवधि तक के लिए कार्यरत रहेगा, जितनी अवधि के लिए संबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश इच्छु क होंगे| |
| 9. | नियम 7 में संशोधन | नियम 7 के अंतिम अनुच्छेद (बिंदु एफ के बाद) को निम्नलिखित रूप में प्रतिस्थापित किया जाएगा:- आवेदनों की प्राप्ति की अंतिम तिथि पर अथवा उच्च न्यायालय द्वारा आवेदन आमंत्रित करने की अधिसूचना में र्निर्दष्ट किसी अन्य तिथि पर | |
| 10. | नियम 9 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | जिला न्यायालय भर्ती प्रकोष्ठ:- उच्च न्यायालय "जिला न्यायालय भर्ती प्रकोष्ठ" का गठन करेगा, जो समय समय पर उच्च न्यायालय द्वारा जारी प्रशासनिक निदेशों के अनुसार कार्य करेगा| |
| 11. | नियम 10 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | सीधी भर्ती:- सभी पदों पर सीधी भर्ती एकीकृ त भर्ती समिति के माध्यम से इन नियमों तथा उच्च न्यायालय द्वारा समय समय पर जारी प्रशासनिक निदेशों के अनुसार की जाएगी| |
| 12. | नियम 11 में संशोधन | "भर्ती समिति" को "एकीकृ त भर्ती समिति" से प्रतिस्थापित किया जाएगा| |
| 13. | नियम 12 में संशोधन | भर्ती समीति को एकीकृ त भर्ती समिति में परिर्वर्तत किया जाता है | " जिला न्यायाधीश के परामर्श से एवं" शब्द हटा दिए गए हैं | "जिला न्यायाधीश, समिति(यों) के अध्यक्ष (ओं) के परामर्श से अभ्र्यर्थयों के साक्षात्कार की प्रक्रिया में मानकों की एकरूपता बनाए रखने के लिए व्यक्तित्व के बौकिि एवं सामाजिक चरित्र को सम्मिलित करते हुए उनके द्वारा आवेदित पद में नियुक्ति हेतु अभ्र्यर्थयों की उपयुक्तता निर्धारित करने के लिए साक्षात्कार हेतु उचित मानदंड निर्धारित करेंगे" शब्द हटा दिए गए हैं | "ऐसे प्रारूप में जैसा कि जिला न्यायाधीश द्वारा वांछित हो" शब्द हटा दिए गए हैं | |
| 14. | नियम 13 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा : | चयनित अभ्र्यर्थयों की सूची : 1. चयनित अभ्र्यर्थयों की सूची तैयार करने के उपरांत, एकीकृ त भर्ती समिति इसे अंतिम अनुमोदन हेतु उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी | अनुमोदन के पश्चात, निबंधक ( जिला न्यायालय भर्ती ) चयनित अभ्र्यर्थयों को उनके द्वारा व्यक्त किए गए प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न जिलों में आवंटित करेंगे| यदि किसी विशेष जिले को चुनने वाले उम्मीदवारों की संख्या उस विशेष जिले में उस पद की रिक्तियों की संख्या से अधिक है, तो म ेरिट सूची में उच्च स्थान प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को उसकी पसंद का जिला आवंटित किया जाएगा। 2. एकीकृ त भर्ती समिति, उप-नियम (1) के अंतर्गत तैयार चयनित सूची में सम्मिलित नहीं किये गए अभ्र्यर्थयों के नामों को अंर्तर्वष्ट करते हुए योग्यता क्रम में उप-नियम (1) के प्रावधानों के अनुसार अभ्र्यर्थयों का पैनल भी तैयार करेगी जिसमें, जहां तक संभव हो, सम्मिलित किये जाने वाले अभ्र्यर्थयों की संख्या अधिसूचित रिक्तियों की संख्या का दस प्रतिशत होगी | 3. उप-नियम (1) एवं (2) के अंतर्गत तैयार की गई सूची उच्च न्यायालय के निदेशानुसार प्रकाशित की जाएगी| |
| 15 | नियम 14 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा : | अभ्र्यर्थयों की नियुक्ति : (1) नियम 16 के अध्यधीन, अभ्र्यर्थयों जिनके नाम उप नियम (1) के अंतर्गत तैयार चयन स ूची में सम्मिलित किये गए हैं एवं नियम 13 के उप-नियम (3) के अंतर्गत प्रकाशित किये गए हैं, संवर्ग में पद की नियुक्ति हेतु हर प्रकार से उपयुक्त पाए जाने वाले प्रत्येक ऐसे अभ्यर्थी को जैसा कि आवश्यक समझा जाए, ऐसी पूछताछ के पश्चात एवं स्वयं की संतुष्टि क े पश्चात, जिला विशेष के संवर्ग विशेष में उस क्रम में जिसमें उनका नाम चयन सूची में पाया जाता है रिक्तियों के विरु िनियुक्ति प्राधिकारी द्वारा नियुक्त किये जायेंगे | वे अभ्यर्थी जिनके नाम उप-नियम (2) के अंतर्गत तैयार सूची में सम्मिलित किये गए हैं एवं नियम 13 क े उप-नियम (3) के अंतर्गत प्रकाशित किये गए हैं, अभ्र्यर्थयों जिनके नाम नियम 13 के उप-नियम (1) के अंतर्गत तैयार सूची में सम्मिलित किये गए हैं नियुक्त हो जाने के पश्चात अभी भी उपलब्ध रिक्त पदों के विरु िउसी प्रकार से नियुक्त किये जायेंगे | (2) नियम 13 के अंतर्गत प्रकाशित किसी भी दो सूचियों में अभ्यर्थी का नाम सम्मिलित किया जाना उसे नियुक्ति का कोई अधिकार प्रदान नहीं करेगा | |
| 16. | नियम 19 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा : | पदोन्नति द्वारा भर्ती : (1) सम्बन्धित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रत्येक वर्ष के जनवरी मास में जिला विशेष में पदों की विभिन्न कोटि में विद्यमान एवं वर्ष के दौरान संभावित पदोन्नत रिक्तियों का निर्धारण करेंगे | (2) प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) एवं उससे ऊपर के पदों हेतु रिक्तियों को अधिसूचित करेंगे एवं उन पदों पर नियुक्ति हेतु विचार किये जाने वाले क्षेत्र में आने वाले सभी पात्र अभ्र्यर्थयों की सूची को अनुशंसा समिति को अग्रेषित करेंगे | अनुशंसा समिति, उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित मानदंड के अनुसार उपयुक्तता – सह-योग्यता के आधार पर पदोन्नति के द्वारा प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) के पदों के 50% कोटा में पदोन्नति पर उनके नियुक्ति हेतु उपयुक्त अभ्र्यर्थयों की एक सूची तैयार करेगी एवं पदों के शेष 50% हेतु साक्षात्कार परीक्षा सहित एक विभागीय परीक्षा स ंचालित करेगी | समिति, उसके पश्चात उपयुक्त नहीं पाए गए व्यक्तियों की सूची के साथ, इसके लिए कारण बताते हुए, इस प्रकार चयनित व्यक्तियों की सूची उच्च न्यायालय को अग्रेषित करेगी | इस प्रकार प्राप्त सूची नियम 2(15) (क) के अंतर्गत मुख्य न्यायाधीश द्वारा गठित चयन समिति के समक्ष रखी जायेगी एवं चयन समिति, समिति की संस्तुतियों को या तो स्वीकार अथवा अस्वीकार कर सकती है अथवा जैसा ठीक समझें उपयुक्त रूप से आशोधन कर सकती है | उसके पश्चात अंतिम सूची को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष उनके विचार हेतु रखा जाएगा एवं जो उसके पश्चात अनुमोदन हेतु फु ल कोर्ट को अग्रेषित करेंगे | (3) हटा दिया गया है | (4) प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिला विशेष में समूह – ए में सभी अन्य पदों एवं अन्य समूहों हेतु रिक्तियों को भी अधिसूचित करेंगे एवं उन पदों पर नियुक्ति हेतु विचार किये जाने वाले क्षेत्र में आने वाले सभी पात्र अभ्र्यर्थयों की सूची को चयन समिति को अग्रेषित करेंगे | समिति, उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित मानदंड के अनुसार सभी जिलों हेतु उपयुक्त अभ्र्यर्थयों की एक समेकित सूची तैयार करेगी| किन्तु, वरिष्ठ न्यायिक सहायक के पद हेतु, चयन समिति, उपयुक्तता-सह-योग्यता के आधार पर पदोन्नति के द्वारा 50% के कोटा में पदोन्नति पर उनके नियुक्ति हेतु उपयुक्त अभ्र्यर्थयों की सूची तैयार करेगी एवं पदों क े शेष 50% हेतु साक्षात्कार सहित एक विभागीय परीक्षा का संचालन करेगी | समिति, उसके पश्चात उपयुक्त नहीं पाए गए व्यक्तियों की सूची के साथ, इसके लिए कारण बताते हुए, इस प्रकार चयनित व्यक्तियों की सूची प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से अंतिम अनुमोदन हेतु उच्च न्यायालय को अग्रेषित करेगी | (5) उच्च न्यायालय अभ्यर्थी की योग्यता को निर्धारित करने वाले मानदंड को अधिकथित करेगा | |
| 17 | नियम 20 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | नियुक्ति: नियम-19 के तहत पदोन्नति हेतु चयनित अभ्र्यर्थयों की सूची की स्वीकृ ति के पश्चात, निबंधक (जिला न्यायालय भर्ती प्रकोष्ठ) प्रत्येक जिले में उपलब्ध रिक्तियों को ध्यान में रखते हुए अभ्र्यर्थयों का आवंटन करेंगे, और इस सूची को संबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को प्रेषित करेंगे। तत्पश्चात, संबंधित न्यायाधीश द्वारा आवश्यकतानुसार जाँच करने के उपरांत चयनित अभ्र्यर्थयों की नियुक्ति की जाएगी अथवा जो आदेश उपयुक्त समझे जाएँ, वे पारित किए जाएँगे। |
| 18. | नियम 27 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | अनुशासनिक प्राधिकरण:- (1) उच्च न्यायालय सेवा के किसी भी सदस्य पर नियम 26 में विर्निर्दष्ट शास्तियों में से कोई भी अधिरोपित कर सकता है। (2) उप-नियम (1) के प्रावधानों के पूर्वाग्रह के बिना प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सेवा क े किसी भी सदस्य पर, नियुक्ति प्राधिकारी के रूप में, नियम 26 में विर्निर्दष्ट शास्तियों में स े कोई भी शास्ति अधिरोपित कर सकता है | (3) प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सेवा के किसी भी सदस्य, जिसका नियुक्ति प्राधिकरण उच्च न्यायालय हो, पर नियम 26 के खंड (i) से (iv) में प्रगणित शास्तियों में से कोई भी शास्ति अधिरोपित करने हेतु भी सशक्त होगा। स्पष्टीकरण: जिस प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के क्षेत्राधिकार में सेवा के किसी भी सदस्य द्वारा कथित कदाचार अथवा अनुचित व्यवहार किया गया हो, वही न्यायाधीश उस मामले के अनुशासनिक प्राधिकारी माने जाएँगे, भले ही उक्त सदस्य को तत्पश्चात किसी अन्य जिले में स्थानांतरित कर दिया गया हो। |
| 19. | नियम 28 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | 28. कार्यवाहियां प्रारम्भ करने हेतु प्राधिकरण :- उच्च न्यायालय, सामान्य अथवा विशेष आदेश द्वारा, निम्न कर सकता है- (1) सेवा के किसी सदस्य के विरु िअनुशासनिक कार्यवाहियां प्रारम्भ करना (2) उप-नियम (1) के प्रावधानों के पूर्वाग्रह के बिना उच्च न्यायालय सेवा के किसी सदस्य, जिस पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियम 26 में विर्निर्दष्ट कोई शास्ति इन नियमों क े अंतर्गत अधिरोपित करने में सक्षम हो, के विरु िअनुशासनिक कार्यवाहियां प्रारम्भ करने क े लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निदेश दे सकता है। (3) नियम 26 के खंड (i) से (iv) में विर्निर्दष्ट किसी भी शास्ति को अधिरोपित करने हेतु इन नियमों के अंतर्गत सम्बंधित सक्षम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सम्बंधित जिले के स ेवा के किसी सदस्य के विरु िनियम 26 के खंड (v) से (ix) में विर्निर्दष्ट शास्तियों में से कोई भी शास्ति अधिरोपित करने के लिए अनुशासनिक कार्यवाहियां प्रारम्भ कर सकता है तथापि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश इन नियमों के तहत बाद की कोई भी शास्तियाँ अधिरोपित करने हेतु सक्षम नहीं है | स्पष्टीकरण – जांच की समाप्ति अथवा जांच रिपोर्ट की प्राप्ति पर यदि अनुशासनिक प्राधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि यदि लघु शास्ति मामले की आवश्यकता पूर्ण कर देती है तो उच्च न्यायालय, जो सम्ब िसेवा के सदस्यों पर बड़ी शास्ति अधिरोपित करने में सक्षम है, के अनुमोदन के बिना लघु शास्ति अधिरोपित करना उसकी सक्षमता के अंतर्गत सही होगा। |
| 20. | नियम 33 में संशोधन | "राष्ट्रपति" शब्द को "उच्च न्यायालय" से प्रतिस्थापित किया जाएगा। |
| 21. | नियम 34 में संशोधन | उप-नियम (iii) में "राष्ट्रपति" शब्द को "उच्च न्यायालय" से प्रतिस्थापित किया जाएगा। |
| 22. | नियम 39 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | जनहित में सेवानिवृत्ति : इन नियमों या अन्य किसी कानून में कु छ भी समाविष्ट होते हुए भी, उच्च न्यायालय या प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को, यदि उनके विचार में ऐसा करना जनहित में है, कि स ेवा के किसी भी सदस्य को, जिसने पच्चीस वषों से कम की सेवा न की हो या पचास वर्ष की आयु प्राप्त कर ली हो, लिखित में कम से कम तीन महीने का नोटिस या ऐसे नोटिस के बदले तीन महीने का वेतन और भत्ते देकर, सेवानिवृत करने का पूर्ण अधिकार होगा। |
| 23. | नियम 44 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | छ ू ट देने की शक्ति : जहाँ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को संतुष्टि है कि किसी विशिष्ट मामले में किसी नियम की कार्य-विधि अनावश्यक कठिनाई का कारण बन रही है, तो वे उच्च न्यायालय को यह संस्तुति कर सकते हैं कि उस नियम की अपेक्षा में, आवश्यकता अनुसार और उपयुक्त शतों सहित, छू ट या विमुक्ति दी जाए जैसा वह मामले को न्यायसंगत और साम्यपूर्ण तरीके स े निपटाने के लिए आवश्यक समझता है बशते कि मामले को इस तरीके से न निपटाया जाए कि वह नियमों के अनुसार अधिकारी या संबंधित कर्मचारियों के लिए कम अनुकू ल हो| उच्च न्यायालय उक्त संस्तुति पर निर्णय लेगा, जिसका निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा। |
| 24. | अनुसूची- ख में संशोधन | कॉलम संख्या 5 में जहाँ कहीं भी 'जिला न्यायाधीश' शब्द आता है, उसे 'प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश' शब्द से प्रतिस्थापित किया जाएगा। क्रम संख्या 4, 10 एवं 16 के कॉलम संख्या 4 में, योग्यता एवं अनुभव में छू ट से संबंधित मामलों में जहाँ भी 'जिला न्यायाधीश' शब्द प्रयुक्त हुआ है, वहाँ उसे 'उच्च न्यायालय' से प्रतिस्थापित किया जाएगा। |
| 25. | नियमों में जहाँ कहीं भी 'जिला न्यायाधीश' शब्द उल्लेखित है, वहाँ उसे 'प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश' शब्द से प्रतिस्थापित किया जाएगा। | |
| क्र. सं. | नियम | स ंशोधन |
| 1. | नियम 2(1)(ख) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | समूह ए तथा अन्य समूहों में अन्य सभी पदों से तात्पर्य उस जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश से है जहाँ इन नियमों के अंतर्गत कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है |
| 2. | नियम 2(5) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | "जिला" से तात्पर्य उस जिला से है जिसे समय समय पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र द्वारा अधिसूचित किया जाएगा |
| 3. | नियम 2(6) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | "प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश" से तात्पर्य संबंधित जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश है; |
| 4. | नियम 2(13) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | "अनुशंसा समिति" से तात्पर्य वह समिति जो प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) एवं उससे ऊपर के पद हेतु उपयुक्त अभ्र्यर्थयों के नामों को उच्च न्यायालय में अनुशंसा करने के उद्देश्य स े उच्च न्यायालय द्वारा गठित की गयी है एवं वह निम्नलिखित से मिलकर बनी होगी : (i) एक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (अध्यक्ष के रूप में); एवं (ii) दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा के दो सदस्य जिनकी कम से कम दस वषों की सेवा हो | जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा र्वार्षक आधार पर अथवा किसी र्निर्दष्ट अवधि के लिए नामित किया जाएगा| |
| 5. | नियम 2(14) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | "एकीकृ त भर्ती समिति" सभी पदों के सम्बन्ध में जिनके लिए किसी भी जिले में सीधी भर्ती की जानी है, उच्च न्यायालय निम्नलिखित को मिलाकर एक स्थायी एकीकृ त भर्ती समिति का गठन करेगा : (i) एक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (अध्यक्ष के रूप में); एवं (ii) दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा के दो सदस्य जिनकी कम से कम दस वषों की सेवा हो | जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा र्वार्षक आधार पर अथवा किसी र्निर्दष्ट अवधि के लिए नामित किया जाएगा| स्पष्टीकरण : समूह –सी के पदों में 10 अथवा उससे अधिक रिक्तियों में भर्ती करने हेतु गठित भर्ती समिति के लिए यह आज्ञापक होगा कि वह अनु. जा./अनु.जन. के समुदाय का एक सदस्य रखें | |
| 6. | नियम 2(15) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | निम्नलिखित के संदर्भ में "चयन समिति" : (क) प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) एवं उससे ऊपर के पद के सन्दर्भ में से तात्पर्य वह समिति जो उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण की ऐसी संख्या से मिलकर बनी हो जैसी कि माननीय मुख्य न्यायाधीश उचित समझें; (ख) समूह ए के अन्य समस्त पदों एवं अन्य समूहों के सन्दर्भ में से तात्पर्य एक अथवा उससे अधिक समिति अथवा समितियां जो कि जिला न्यायाधीश के द्वारा निम्नलिखित को मिलाकर गठित की गयी हो : (i) एक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश; (ii) दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा के एक सदस्य जिनकी कम से कम दस वषों की सेवा हो;और (iii) एक मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट अथवा वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश अथवा अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट अथवा प्रशासनिक सिविल न्यायाधीश | जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा र्वार्षक आधार पर अथवा किसी र्निर्दष्ट अवधि के लिए नामित किया जाएगा| स्पष्टीकरण : समूह – सी के पद के सम्बन्ध में गठित चयन समिति हेतु यह आज्ञापक होगा कि वह अनु.जा./अनु.जन. समुदाय का एक सदस्य रखें | |
| 7. | नियम 3 में संशोधन | उप-नियम 2 के बाद उप-नियम 2क इस प्रकार जोड़ा जाएगा: 2क. उच्च न्यायालय, "दिल्ली जिला न्यायालय स्थापना (नियुक्ति एवं सेवा शतें) (संशोधन) नियम, 2025 के प्रभाव में आने के पश्चात तथा तत्पश्चात समय-समय पर, अनुसूची 'क' के कॉलम (2) में र्निर्दष्ट पदों में से प्रत्येक जिले के लिए, न्यायिक अधिकारियों की संख्या, न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्य तथा अन्य ऐसे मानदंड जिन्हें उच्च न्यायालय प्रासंगिक समझे, को ध्यान में रखते हुए, उपयुक्त संख्या में पद आवंटित करेगा। नियम 3 में उप-नियम 5 इस प्रकार जोड़ा जाएगा: उच्च न्यायालय, "दिल्ली जिला न्यायालय स्थापना (नियुक्ति एवं सेवा शतें) (संशोधन) नियम, 2025 के प्रभाव में आने के पश्चात, अपने द्वारा निर्धारित मानदंडों के आधार पर, अनुसूची 'क' में र्निर्दष्ट किसी भी पदों पर कार्यरत व्यक्तियों की जिला-वार आवंटन करेगा। स्पष्टीकरण: कोई भी अधिकारी/कर्मचारी अपने नियुक्ति जिले को परिर्वर्तत नहीं कर सके गा, विशेष परिस्थितियों के अतिरिक्त, जिनके लिए उच्च न्यायालय की स्वीकृ ति आवश्यक होगी। |
| 8. | नियम 5 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | प्रधान निजी सचिव को नियुक्त करने की प्रक्रिया:- स ंबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश का यह एकल विवेकाधिकार होगा कि वह स ंबंधित जिले में कार्यरत प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) के पूल में उपलब्ध व्यक्तियों में से अपने प्रधान निजी सचिव को नियुक्त करें और वह नियुक्त व्यक्ति उक्त पद पर उतनी अवधि तक के लिए कार्यरत रहेगा, जितनी अवधि के लिए संबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश इच्छु क होंगे| |
| 9. | नियम 7 में संशोधन | नियम 7 के अंतिम अनुच्छेद (बिंदु एफ के बाद) को निम्नलिखित रूप में प्रतिस्थापित किया जाएगा:- आवेदनों की प्राप्ति की अंतिम तिथि पर अथवा उच्च न्यायालय द्वारा आवेदन आमंत्रित करने की अधिसूचना में र्निर्दष्ट किसी अन्य तिथि पर | |
| 10. | नियम 9 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | जिला न्यायालय भर्ती प्रकोष्ठ:- उच्च न्यायालय "जिला न्यायालय भर्ती प्रकोष्ठ" का गठन करेगा, जो समय समय पर उच्च न्यायालय द्वारा जारी प्रशासनिक निदेशों के अनुसार कार्य करेगा| |
| 11. | नियम 10 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | सीधी भर्ती:- सभी पदों पर सीधी भर्ती एकीकृ त भर्ती समिति के माध्यम से इन नियमों तथा उच्च न्यायालय द्वारा समय समय पर जारी प्रशासनिक निदेशों के अनुसार की जाएगी| |
| 12. | नियम 11 में संशोधन | "भर्ती समिति" को "एकीकृ त भर्ती समिति" से प्रतिस्थापित किया जाएगा| |
| 13. | नियम 12 में संशोधन | भर्ती समीति को एकीकृ त भर्ती समिति में परिर्वर्तत किया जाता है | " जिला न्यायाधीश के परामर्श से एवं" शब्द हटा दिए गए हैं | "जिला न्यायाधीश, समिति(यों) के अध्यक्ष (ओं) के परामर्श से अभ्र्यर्थयों के साक्षात्कार की प्रक्रिया में मानकों की एकरूपता बनाए रखने के लिए व्यक्तित्व के बौकिि एवं सामाजिक चरित्र को सम्मिलित करते हुए उनके द्वारा आवेदित पद में नियुक्ति हेतु अभ्र्यर्थयों की उपयुक्तता निर्धारित करने के लिए साक्षात्कार हेतु उचित मानदंड निर्धारित करेंगे" शब्द हटा दिए गए हैं | "ऐसे प्रारूप में जैसा कि जिला न्यायाधीश द्वारा वांछित हो" शब्द हटा दिए गए हैं | |
| 14. | नियम 13 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा : | चयनित अभ्र्यर्थयों की सूची : 1. चयनित अभ्र्यर्थयों की सूची तैयार करने के उपरांत, एकीकृ त भर्ती समिति इसे अंतिम अनुमोदन हेतु उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी | अनुमोदन के पश्चात, निबंधक ( जिला न्यायालय भर्ती ) चयनित अभ्र्यर्थयों को उनके द्वारा व्यक्त किए गए प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न जिलों में आवंटित करेंगे| यदि किसी विशेष जिले को चुनने वाले उम्मीदवारों की संख्या उस विशेष जिले में उस पद की रिक्तियों की संख्या से अधिक है, तो म ेरिट सूची में उच्च स्थान प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को उसकी पसंद का जिला आवंटित किया जाएगा। 2. एकीकृ त भर्ती समिति, उप-नियम (1) के अंतर्गत तैयार चयनित सूची में सम्मिलित नहीं किये गए अभ्र्यर्थयों के नामों को अंर्तर्वष्ट करते हुए योग्यता क्रम में उप-नियम (1) के प्रावधानों के अनुसार अभ्र्यर्थयों का पैनल भी तैयार करेगी जिसमें, जहां तक संभव हो, सम्मिलित किये जाने वाले अभ्र्यर्थयों की संख्या अधिसूचित रिक्तियों की संख्या का दस प्रतिशत होगी | 3. उप-नियम (1) एवं (2) के अंतर्गत तैयार की गई सूची उच्च न्यायालय के निदेशानुसार प्रकाशित की जाएगी| |
| 15 | नियम 14 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा : | अभ्र्यर्थयों की नियुक्ति : (1) नियम 16 के अध्यधीन, अभ्र्यर्थयों जिनके नाम उप नियम (1) के अंतर्गत तैयार चयन स ूची में सम्मिलित किये गए हैं एवं नियम 13 के उप-नियम (3) के अंतर्गत प्रकाशित किये गए हैं, संवर्ग में पद की नियुक्ति हेतु हर प्रकार से उपयुक्त पाए जाने वाले प्रत्येक ऐसे अभ्यर्थी को जैसा कि आवश्यक समझा जाए, ऐसी पूछताछ के पश्चात एवं स्वयं की संतुष्टि क े पश्चात, जिला विशेष के संवर्ग विशेष में उस क्रम में जिसमें उनका नाम चयन सूची में पाया जाता है रिक्तियों के विरु िनियुक्ति प्राधिकारी द्वारा नियुक्त किये जायेंगे | वे अभ्यर्थी जिनके नाम उप-नियम (2) के अंतर्गत तैयार सूची में सम्मिलित किये गए हैं एवं नियम 13 क े उप-नियम (3) के अंतर्गत प्रकाशित किये गए हैं, अभ्र्यर्थयों जिनके नाम नियम 13 के उप-नियम (1) के अंतर्गत तैयार सूची में सम्मिलित किये गए हैं नियुक्त हो जाने के पश्चात अभी भी उपलब्ध रिक्त पदों के विरु िउसी प्रकार से नियुक्त किये जायेंगे | (2) नियम 13 के अंतर्गत प्रकाशित किसी भी दो सूचियों में अभ्यर्थी का नाम सम्मिलित किया जाना उसे नियुक्ति का कोई अधिकार प्रदान नहीं करेगा | |
| 16. | नियम 19 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा : | पदोन्नति द्वारा भर्ती : (1) सम्बन्धित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रत्येक वर्ष के जनवरी मास में जिला विशेष में पदों की विभिन्न कोटि में विद्यमान एवं वर्ष के दौरान संभावित पदोन्नत रिक्तियों का निर्धारण करेंगे | (2) प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) एवं उससे ऊपर के पदों हेतु रिक्तियों को अधिसूचित करेंगे एवं उन पदों पर नियुक्ति हेतु विचार किये जाने वाले क्षेत्र में आने वाले सभी पात्र अभ्र्यर्थयों की सूची को अनुशंसा समिति को अग्रेषित करेंगे | अनुशंसा समिति, उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित मानदंड के अनुसार उपयुक्तता – सह-योग्यता के आधार पर पदोन्नति के द्वारा प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) के पदों के 50% कोटा में पदोन्नति पर उनके नियुक्ति हेतु उपयुक्त अभ्र्यर्थयों की एक सूची तैयार करेगी एवं पदों के शेष 50% हेतु साक्षात्कार परीक्षा सहित एक विभागीय परीक्षा स ंचालित करेगी | समिति, उसके पश्चात उपयुक्त नहीं पाए गए व्यक्तियों की सूची के साथ, इसके लिए कारण बताते हुए, इस प्रकार चयनित व्यक्तियों की सूची उच्च न्यायालय को अग्रेषित करेगी | इस प्रकार प्राप्त सूची नियम 2(15) (क) के अंतर्गत मुख्य न्यायाधीश द्वारा गठित चयन समिति के समक्ष रखी जायेगी एवं चयन समिति, समिति की संस्तुतियों को या तो स्वीकार अथवा अस्वीकार कर सकती है अथवा जैसा ठीक समझें उपयुक्त रूप से आशोधन कर सकती है | उसके पश्चात अंतिम सूची को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष उनके विचार हेतु रखा जाएगा एवं जो उसके पश्चात अनुमोदन हेतु फु ल कोर्ट को अग्रेषित करेंगे | (3) हटा दिया गया है | (4) प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिला विशेष में समूह – ए में सभी अन्य पदों एवं अन्य समूहों हेतु रिक्तियों को भी अधिसूचित करेंगे एवं उन पदों पर नियुक्ति हेतु विचार किये जाने वाले क्षेत्र में आने वाले सभी पात्र अभ्र्यर्थयों की सूची को चयन समिति को अग्रेषित करेंगे | समिति, उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित मानदंड के अनुसार सभी जिलों हेतु उपयुक्त अभ्र्यर्थयों की एक समेकित सूची तैयार करेगी| किन्तु, वरिष्ठ न्यायिक सहायक के पद हेतु, चयन समिति, उपयुक्तता-सह-योग्यता के आधार पर पदोन्नति के द्वारा 50% के कोटा में पदोन्नति पर उनके नियुक्ति हेतु उपयुक्त अभ्र्यर्थयों की सूची तैयार करेगी एवं पदों क े शेष 50% हेतु साक्षात्कार सहित एक विभागीय परीक्षा का संचालन करेगी | समिति, उसके पश्चात उपयुक्त नहीं पाए गए व्यक्तियों की सूची के साथ, इसके लिए कारण बताते हुए, इस प्रकार चयनित व्यक्तियों की सूची प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से अंतिम अनुमोदन हेतु उच्च न्यायालय को अग्रेषित करेगी | (5) उच्च न्यायालय अभ्यर्थी की योग्यता को निर्धारित करने वाले मानदंड को अधिकथित करेगा | |
| 17 | नियम 20 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | नियुक्ति: नियम-19 के तहत पदोन्नति हेतु चयनित अभ्र्यर्थयों की सूची की स्वीकृ ति के पश्चात, निबंधक (जिला न्यायालय भर्ती प्रकोष्ठ) प्रत्येक जिले में उपलब्ध रिक्तियों को ध्यान में रखते हुए अभ्र्यर्थयों का आवंटन करेंगे, और इस सूची को संबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को प्रेषित करेंगे। तत्पश्चात, संबंधित न्यायाधीश द्वारा आवश्यकतानुसार जाँच करने के उपरांत चयनित अभ्र्यर्थयों की नियुक्ति की जाएगी अथवा जो आदेश उपयुक्त समझे जाएँ, वे पारित किए जाएँगे। |
| 18. | नियम 27 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | अनुशासनिक प्राधिकरण:- (1) उच्च न्यायालय सेवा के किसी भी सदस्य पर नियम 26 में विर्निर्दष्ट शास्तियों में से कोई भी अधिरोपित कर सकता है। (2) उप-नियम (1) के प्रावधानों के पूर्वाग्रह के बिना प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सेवा क े किसी भी सदस्य पर, नियुक्ति प्राधिकारी के रूप में, नियम 26 में विर्निर्दष्ट शास्तियों में स े कोई भी शास्ति अधिरोपित कर सकता है | (3) प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सेवा के किसी भी सदस्य, जिसका नियुक्ति प्राधिकरण उच्च न्यायालय हो, पर नियम 26 के खंड (i) से (iv) में प्रगणित शास्तियों में से कोई भी शास्ति अधिरोपित करने हेतु भी सशक्त होगा। स्पष्टीकरण: जिस प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के क्षेत्राधिकार में सेवा के किसी भी सदस्य द्वारा कथित कदाचार अथवा अनुचित व्यवहार किया गया हो, वही न्यायाधीश उस मामले के अनुशासनिक प्राधिकारी माने जाएँगे, भले ही उक्त सदस्य को तत्पश्चात किसी अन्य जिले में स्थानांतरित कर दिया गया हो। |
| 19. | नियम 28 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | 28. कार्यवाहियां प्रारम्भ करने हेतु प्राधिकरण :- उच्च न्यायालय, सामान्य अथवा विशेष आदेश द्वारा, निम्न कर सकता है- (1) सेवा के किसी सदस्य के विरु िअनुशासनिक कार्यवाहियां प्रारम्भ करना (2) उप-नियम (1) के प्रावधानों के पूर्वाग्रह के बिना उच्च न्यायालय सेवा के किसी सदस्य, जिस पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियम 26 में विर्निर्दष्ट कोई शास्ति इन नियमों क े अंतर्गत अधिरोपित करने में सक्षम हो, के विरु िअनुशासनिक कार्यवाहियां प्रारम्भ करने क े लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निदेश दे सकता है। (3) नियम 26 के खंड (i) से (iv) में विर्निर्दष्ट किसी भी शास्ति को अधिरोपित करने हेतु इन नियमों के अंतर्गत सम्बंधित सक्षम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सम्बंधित जिले के स ेवा के किसी सदस्य के विरु िनियम 26 के खंड (v) से (ix) में विर्निर्दष्ट शास्तियों में से कोई भी शास्ति अधिरोपित करने के लिए अनुशासनिक कार्यवाहियां प्रारम्भ कर सकता है तथापि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश इन नियमों के तहत बाद की कोई भी शास्तियाँ अधिरोपित करने हेतु सक्षम नहीं है | स्पष्टीकरण – जांच की समाप्ति अथवा जांच रिपोर्ट की प्राप्ति पर यदि अनुशासनिक प्राधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि यदि लघु शास्ति मामले की आवश्यकता पूर्ण कर देती है तो उच्च न्यायालय, जो सम्ब िसेवा के सदस्यों पर बड़ी शास्ति अधिरोपित करने में सक्षम है, के अनुमोदन के बिना लघु शास्ति अधिरोपित करना उसकी सक्षमता के अंतर्गत सही होगा। |
| 20. | नियम 33 में संशोधन | "राष्ट्रपति" शब्द को "उच्च न्यायालय" से प्रतिस्थापित किया जाएगा। |
| 21. | नियम 34 में संशोधन | उप-नियम (iii) में "राष्ट्रपति" शब्द को "उच्च न्यायालय" से प्रतिस्थापित किया जाएगा। |
| 22. | नियम 39 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | जनहित में सेवानिवृत्ति : इन नियमों या अन्य किसी कानून में कु छ भी समाविष्ट होते हुए भी, उच्च न्यायालय या प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को, यदि उनके विचार में ऐसा करना जनहित में है, कि स ेवा के किसी भी सदस्य को, जिसने पच्चीस वषों से कम की सेवा न की हो या पचास वर्ष की आयु प्राप्त कर ली हो, लिखित में कम से कम तीन महीने का नोटिस या ऐसे नोटिस के बदले तीन महीने का वेतन और भत्ते देकर, सेवानिवृत करने का पूर्ण अधिकार होगा। |
| 23. | नियम 44 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | छ ू ट देने की शक्ति : जहाँ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को संतुष्टि है कि किसी विशिष्ट मामले में किसी नियम की कार्य-विधि अनावश्यक कठिनाई का कारण बन रही है, तो वे उच्च न्यायालय को यह संस्तुति कर सकते हैं कि उस नियम की अपेक्षा में, आवश्यकता अनुसार और उपयुक्त शतों सहित, छू ट या विमुक्ति दी जाए जैसा वह मामले को न्यायसंगत और साम्यपूर्ण तरीके स े निपटाने के लिए आवश्यक समझता है बशते कि मामले को इस तरीके से न निपटाया जाए कि वह नियमों के अनुसार अधिकारी या संबंधित कर्मचारियों के लिए कम अनुकू ल हो| उच्च न्यायालय उक्त संस्तुति पर निर्णय लेगा, जिसका निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा। |
| 24. | अनुसूची- ख में संशोधन | कॉलम संख्या 5 में जहाँ कहीं भी 'जिला न्यायाधीश' शब्द आता है, उसे 'प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश' शब्द से प्रतिस्थापित किया जाएगा। क्रम संख्या 4, 10 एवं 16 के कॉलम संख्या 4 में, योग्यता एवं अनुभव में छू ट से संबंधित मामलों में जहाँ भी 'जिला न्यायाधीश' शब्द प्रयुक्त हुआ है, वहाँ उसे 'उच्च न्यायालय' से प्रतिस्थापित किया जाएगा। |
| 25. | नियमों में जहाँ कहीं भी 'जिला न्यायाधीश' शब्द उल्लेखित है, वहाँ उसे 'प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश' शब्द से प्रतिस्थापित किया जाएगा। | |
| क्र. सं. | नियम | स ंशोधन |
| 1. | नियम 2(1)(ख) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | समूह ए तथा अन्य समूहों में अन्य सभी पदों से तात्पर्य उस जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश से है जहाँ इन नियमों के अंतर्गत कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है |
| 2. | नियम 2(5) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | "जिला" से तात्पर्य उस जिला से है जिसे समय समय पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र द्वारा अधिसूचित किया जाएगा |
| 3. | नियम 2(6) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | "प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश" से तात्पर्य संबंधित जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश है; |
| 4. | नियम 2(13) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | "अनुशंसा समिति" से तात्पर्य वह समिति जो प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) एवं उससे ऊपर के पद हेतु उपयुक्त अभ्र्यर्थयों के नामों को उच्च न्यायालय में अनुशंसा करने के उद्देश्य से उच्च न्यायालय द्वारा गठित की गयी है एवं वह निम्नलिखित से मिलकर बनी होगी : (i) एक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (अध्यक्ष के रूप में); एवं (ii) दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा के दो सदस्य जिनकी कम से कम दस वषों की सेवा हो | जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा र्वार्षक आधार पर अथवा किसी र्निर्दष्ट अवधि के लिए नामित किया जाएगा| |
| 5. | नियम 2(14) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | "एकीकृ त भर्ती समिति" सभी पदों के सम्बन्ध में जिनके लिए किसी भी जिले में सीधी भर्ती की जानी है, उच्च न्यायालय निम्नलिखित को मिलाकर एक स्थायी एकीकृ त भर्ती समिति का गठन करेगा : (i) एक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (अध्यक्ष के रूप में); एवं (ii) दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा के दो सदस्य जिनकी कम से कम दस वषों की सेवा हो | जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा र्वार्षक आधार पर अथवा किसी र्निर्दष्ट अवधि के लिए नामित किया जाएगा| स्पष्टीकरण : समूह –सी के पदों में 10 अथवा उससे अधिक रिक्तियों में भर्ती करने हेतु गठित भर्ती समिति के लिए यह आज्ञापक होगा कि वह अनु. जा./अनु.जन. के समुदाय का एक सदस्य रखें | |
| 6. | नियम 2(15) के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | निम्नलिखित के संदर्भ में "चयन समिति" : (क) प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) एवं उससे ऊपर के पद के सन्दर्भ में से तात्पर्य वह समिति जो उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण की ऐसी संख्या से मिलकर बनी हो जैसी कि माननीय म ुख्य न्यायाधीश उचित समझें; (ख) समूह ए के अन्य समस्त पदों एवं अन्य समूहों के सन्दर्भ में से तात्पर्य एक अथवा उससे अधिक समिति अथवा समितियां जो कि जिला न्यायाधीश के द्वारा निम्नलिखित को मिलाकर गठित की गयी हो : (i) एक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश; (ii) दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा के एक सदस्य जिनकी कम से कम दस वषों की सेवा हो;और (iii) एक मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट अथवा वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश अथवा अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट अथवा प्रशासनिक सिविल न्यायाधीश | जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा र्वार्षक आधार पर अथवा किसी र्निर्दष्ट अवधि के लिए नामित किया जाएगा| स्पष्टीकरण : समूह – सी के पद के सम्बन्ध में गठित चयन समिति हेतु यह आज्ञापक होगा कि वह अनु.जा./अनु.जन. समुदाय का एक सदस्य रखें | |
| 7. | नियम 3 में संशोधन | उप-नियम 2 के बाद उप-नियम 2क इस प्रकार जोड़ा जाएगा: 2क. उच्च न्यायालय, "दिल्ली जिला न्यायालय स्थापना (नियुक्ति एवं सेवा शतें) (संशोधन) नियम, 2025 के प्रभाव में आने के पश्चात तथा तत्पश्चात समय-समय पर, अनुसूची 'क' के कॉलम (2) में र्निर्दष्ट पदों में से प्रत्येक जिले के लिए, न्यायिक अधिकारियों की संख्या, न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्य तथा अन्य ऐसे मानदंड जिन्हें उच्च न्यायालय प्रासंगिक समझे, को ध्यान में रखते हुए, उपयुक्त स ंख्या में पद आवंटित करेगा। नियम 3 में उप-नियम 5 इस प्रकार जोड़ा जाएगा: उच्च न्यायालय, "दिल्ली जिला न्यायालय स्थापना (नियुक्ति एवं सेवा शतें) (संशोधन) नियम, 2025 के प्रभाव में आने के पश्चात, अपने द्वारा निर्धारित मानदंडों के आधार पर, अनुसूची 'क' में र्निर्दष्ट किसी भी पदों पर कार्यरत व्यक्तियों की जिला-वार आवंटन करेगा। स्पष्टीकरण: कोई भी अधिकारी/कर्मचारी अपने नियुक्ति जिले को परिर्वर्तत नहीं कर सके गा, विशेष परिस्थितियों के अतिरिक्त, जिनके लिए उच्च न्यायालय की स्वीकृ ति आवश्यक होगी। |
| 8. | नियम 5 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | प्रधान निजी सचिव को नियुक्त करने की प्रक्रिया:- स ंबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश का यह एकल विवेकाधिकार होगा कि वह संबंधित जिले में कार्यरत प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) के पूल में उपलब्ध व्यक्तियों में से अपने प्रधान निजी सचिव को नियुक्त करें और वह नियुक्त व्यक्ति उक्त पद पर उतनी अवधि तक के लिए कार्यरत रहेगा, जितनी अवधि के लिए संबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश इच्छु क होंगे| |
| 9. | नियम 7 में संशोधन | नियम 7 के अंतिम अनुच्छेद (बिंदु एफ के बाद) को निम्नलिखित रूप में प्रतिस्थापित किया जाएगा:- आवेदनों की प्राप्ति की अंतिम तिथि पर अथवा उच्च न्यायालय द्वारा आवेदन आमंत्रित करने की अधिसूचना में र्निर्दष्ट किसी अन्य तिथि पर | |
| 10. | नियम 9 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | जिला न्यायालय भर्ती प्रकोष्ठ:- उच्च न्यायालय "जिला न्यायालय भर्ती प्रकोष्ठ" का गठन करेगा, जो समय समय पर उच्च न्यायालय द्वारा जारी प्रशासनिक निदेशों के अनुसार कार्य करेगा| |
| 11. | नियम 10 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | सीधी भर्ती:- सभी पदों पर सीधी भर्ती एकीकृ त भर्ती समिति के माध्यम से इन नियमों तथा उच्च न्यायालय द्वारा समय समय पर जारी प्रशासनिक निदेशों के अनुसार की जाएगी| |
| 12. | नियम 11 में संशोधन | "भर्ती समिति" को "एकीकृ त भर्ती समिति" से प्रतिस्थापित किया जाएगा| |
| 13. | नियम 12 में संशोधन | भर्ती समीति को एकीकृ त भर्ती समिति में परिर्वर्तत किया जाता है | " जिला न्यायाधीश के परामर्श से एवं" शब्द हटा दिए गए हैं | "जिला न्यायाधीश, समिति(यों) के अध्यक्ष (ओं) के परामर्श से अभ्र्यर्थयों के साक्षात्कार की प्रक्रिया में मानकों की एकरूपता बनाए रखने के लिए व्यक्तित्व के बौकिि एवं सामाजिक चरित्र को सम्मिलित करते हुए उनके द्वारा आवेदित पद में नियुक्ति हेतु अभ्र्यर्थयों की उपयुक्तता निर्धारित करने के लिए साक्षात्कार हेतु उचित मानदंड निर्धारित करेंगे" शब्द हटा दिए गए हैं | "ऐसे प्रारूप में जैसा कि जिला न्यायाधीश द्वारा वांछित हो" शब्द हटा दिए गए हैं | |
| 14. | नियम 13 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा : | चयनित अभ्र्यर्थयों की सूची : 1. चयनित अभ्र्यर्थयों की सूची तैयार करने के उपरांत, एकीकृ त भर्ती समिति इसे अंतिम अनुमोदन हेतु उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी | अनुमोदन के पश्चात, निबंधक ( जिला न्यायालय भर्ती ) चयनित अभ्र्यर्थयों को उनके द्वारा व्यक्त किए गए प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न जिलों में आवंटित करेंगे| यदि किसी विशेष जिले को चुनने वाले उम्मीदवारों की संख्या उस विशेष जिले में उस पद की रिक्तियों की संख्या से अधिक है, तो मेरिट सूची में उच्च स्थान प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को उसकी पसंद का जिला आवंटित किया जाएगा। 2. एकीकृ त भर्ती समिति, उप-नियम (1) के अंतर्गत तैयार चयनित सूची में सम्मिलित नहीं किये गए अभ्र्यर्थयों के नामों को अंर्तर्वष्ट करते हुए योग्यता क्रम में उप-नियम (1) के प्रावधानों के अनुसार अभ्र्यर्थयों का पैनल भी तैयार करेगी जिसमें, जहां तक संभव हो, सम्मिलित किये जाने वाले अभ्र्यर्थयों की संख्या अधिसूचित रिक्तियों की संख्या का दस प्रतिशत होगी | 3. उप-नियम (1) एवं (2) के अंतर्गत तैयार की गई सूची उच्च न्यायालय के निदेशानुसार प्रकाशित की जाएगी| |
| 15 | नियम 14 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा : | अभ्र्यर्थयों की नियुक्ति : (1) नियम 16 के अध्यधीन, अभ्र्यर्थयों जिनके नाम उप नियम (1) के अंतर्गत तैयार चयन सूची म ें सम्मिलित किये गए हैं एवं नियम 13 के उप-नियम (3) के अंतर्गत प्रकाशित किये गए हैं, संवर्ग म ें पद की नियुक्ति हेतु हर प्रकार से उपयुक्त पाए जाने वाले प्रत्येक ऐसे अभ्यर्थी को जैसा कि आवश्यक समझा जाए, ऐसी पूछताछ के पश्चात एवं स्वयं की संतुष्टि के पश्चात, जिला विशेष के स ंवर्ग विशेष में उस क्रम में जिसमें उनका नाम चयन सूची में पाया जाता है रिक्तियों के विरु ि नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा नियुक्त किये जायेंगे | वे अभ्यर्थी जिनके नाम उप-नियम (2) के अंतर्गत तैयार सूची में सम्मिलित किये गए हैं एवं नियम 13 के उप-नियम (3) के अंतर्गत प्रकाशित किये गए हैं, अभ्र्यर्थयों जिनके नाम नियम 13 के उप-नियम (1) के अंतर्गत तैयार सूची में सम्मिलित किये गए हैं नियुक्त हो जाने के पश्चात अभी भी उपलब्ध रिक्त पदों के विरु िउसी प्रकार से नियुक्त किये जायेंगे | (2) नियम 13 के अंतर्गत प्रकाशित किसी भी दो सूचियों में अभ्यर्थी का नाम सम्मिलित किया जाना उसे नियुक्ति का कोई अधिकार प्रदान नहीं करेगा | |
| 16. | नियम 19 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा : | पदोन्नति द्वारा भर्ती : (1) सम्बन्धित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रत्येक वर्ष के जनवरी मास में जिला विशेष में पदों की विभिन्न कोटि में विद्यमान एवं वर्ष के दौरान संभावित पदोन्नत रिक्तियों का निर्धारण करेंगे | (2) प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) एवं उससे ऊपर के पदों हेतु रिक्तियों को अधिसूचित करेंगे एवं उन पदों पर नियुक्ति हेतु विचार किये जाने वाले क्षेत्र में आने वाले सभी पात्र अभ्र्यर्थयों की सूची को अनुशंसा समिति को अग्रेषित करेंगे | अनुशंसा समिति, उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित मानदंड के अनुसार उपयुक्तता –सह-योग्यता के आधार पर पदोन्नति के द्वारा प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) के पदों के 50% कोटा में पदोन्नति पर उनके नियुक्ति हेतु उपयुक्त अभ्र्यर्थयों की एक सूची तैयार करेगी एवं पदों के शेष 50% हेतु साक्षात्कार परीक्षा सहित एक विभागीय परीक्षा संचालित करेगी | समिति, उसके पश्चात उपयुक्त नहीं पाए गए व्यक्तियों की सूची के साथ, इसके लिए कारण बताते हुए, इस प्रकार चयनित व्यक्तियों की स ूची उच्च न्यायालय को अग्रेषित करेगी | इस प्रकार प्राप्त सूची नियम 2(15) (क) के अंतर्गत मुख्य न्यायाधीश द्वारा गठित चयन समिति के समक्ष रखी जायेगी एवं चयन समिति, समिति की संस्तुतियों को या तो स्वीकार अथवा अस्वीकार कर सकती है अथवा जैसा ठीक समझें उपयुक्त रूप से आशोधन कर सकती है | उसके पश्चात अंतिम सूची को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष उनके विचार हेतु रखा जाएगा एवं जो उसके पश्चात अनुमोदन हेतु फु ल कोर्ट को अग्रेषित करेंगे | (3) हटा दिया गया है | (4) प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिला विशेष में समूह – ए में सभी अन्य पदों एवं अन्य समूहों हेतु रिक्तियों को भी अधिसूचित करेंगे एवं उन पदों पर नियुक्ति हेतु विचार किये जाने वाले क्षेत्र में आने वाले सभी पात्र अभ्र्यर्थयों की सूची को चयन समिति को अग्रेषित करेंगे | समिति, उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित मानदंड के अनुसार सभी जिलों हेतु उपयुक्त अभ्र्यर्थयों की एक समेकित सूची तैयार करेगी| किन्तु, वरिष्ठ न्यायिक सहायक के पद हेतु, चयन समिति, उपयुक्तता- सह-योग्यता के आधार पर पदोन्नति के द्वारा 50% के कोटा में पदोन्नति पर उनके नियुक्ति हेतु उपयुक्त अभ्र्यर्थयों की सूची तैयार करेगी एवं पदों के शेष 50% हेतु साक्षात्कार सहित एक विभागीय परीक्षा का संचालन करेगी | समिति, उसके पश्चात उपयुक्त नहीं पाए गए व्यक्तियों की स ूची के साथ, इसके लिए कारण बताते हुए, इस प्रकार चयनित व्यक्तियों की सूची प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से अंतिम अनुमोदन हेतु उच्च न्यायालय को अग्रेषित करेगी | (5) उच्च न्यायालय अभ्यर्थी की योग्यता को निर्धारित करने वाले मानदंड को अधिकथित करेगा | |
| 17 | नियम 20 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | नियुक्ति: नियम-19 के तहत पदोन्नति हेतु चयनित अभ्र्यर्थयों की सूची की स्वीकृ ति के पश्चात, निबंधक (जिला न्यायालय भर्ती प्रकोष्ठ) प्रत्येक जिले में उपलब्ध रिक्तियों को ध्यान में रखते हुए अभ्र्यर्थयों का आवंटन करेंगे, और इस सूची को संबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को प्रेषित करेंगे। तत्पश्चात, संबंधित न्यायाधीश द्वारा आवश्यकतानुसार जाँच करने के उपरांत चयनित अभ्र्यर्थयों की नियुक्ति की जाएगी अथवा जो आदेश उपयुक्त समझे जाएँ, वे पारित किए जाएँगे। |
| 18. | नियम 27 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | अनुशासनिक प्राधिकरण:- (1) उच्च न्यायालय सेवा के किसी भी सदस्य पर नियम 26 में विर्निर्दष्ट शास्तियों में से कोई भी अधिरोपित कर सकता है। (2) उप-नियम (1) के प्रावधानों के पूर्वाग्रह के बिना प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सेवा के किसी भी सदस्य पर, नियुक्ति प्राधिकारी के रूप में, नियम 26 में विर्निर्दष्ट शास्तियों में से कोई भी शास्ति अधिरोपित कर सकता है | (3) प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सेवा के किसी भी सदस्य, जिसका नियुक्ति प्राधिकरण उच्च न्यायालय हो, पर नियम 26 के खंड (i) से (iv) में प्रगणित शास्तियों में से कोई भी शास्ति अधिरोपित करने हेतु भी सशक्त होगा। स्पष्टीकरण: जिस प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के क्षेत्राधिकार में सेवा के किसी भी सदस्य द्वारा कथित कदाचार अथवा अनुचित व्यवहार किया गया हो, वही न्यायाधीश उस मामले के अनुशासनिक प्राधिकारी माने जाएँगे, भले ही उक्त सदस्य को तत्पश्चात किसी अन्य जिले में स्थानांतरित कर दिया गया हो। |
| 19. | नियम 28 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | 28. कार्यवाहियां प्रारम्भ करने हेतु प्राधिकरण :- उच्च न्यायालय, सामान्य अथवा विशेष आदेश द्वारा, निम्न कर सकता है- (1) सेवा के किसी सदस्य के विरु िअनुशासनिक कार्यवाहियां प्रारम्भ करना (2) उप-नियम (1) के प्रावधानों के पूर्वाग्रह के बिना उच्च न्यायालय सेवा के किसी सदस्य, जिस पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियम 26 में विर्निर्दष्ट कोई शास्ति इन नियमों के अंतर्गत अधिरोपित करने में सक्षम हो, के विरु िअनुशासनिक कार्यवाहियां प्रारम्भ करने के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निदेश दे सकता है। (3) नियम 26 के खंड (i) से (iv) में विर्निर्दष्ट किसी भी शास्ति को अधिरोपित करने हेतु इन नियमों के अंतर्गत सम्बंधित सक्षम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सम्बंधित जिले के सेवा के किसी सदस्य के विरु िनियम 26 के खंड (v) से (ix) में विर्निर्दष्ट शास्तियों में से कोई भी शास्ति अधिरोपित करने के लिए अनुशासनिक कार्यवाहियां प्रारम्भ कर सकता है तथापि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश इन नियमों के तहत बाद की कोई भी शास्तियाँ अधिरोपित करने हेतु सक्षम नहीं है | स्पष्टीकरण – जांच की समाप्ति अथवा जांच रिपोर्ट की प्राप्ति पर यदि अनुशासनिक प्राधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि यदि लघु शास्ति मामले की आवश्यकता पूर्ण कर देती है तो उच्च न्यायालय, जो सम्ब िसेवा के सदस्यों पर बड़ी शास्ति अधिरोपित करने में सक्षम है, के अनुमोदन क े बिना लघु शास्ति अधिरोपित करना उसकी सक्षमता के अंतर्गत सही होगा। |
| 20. | नियम 33 में संशोधन | "राष्ट्रपति" शब्द को "उच्च न्यायालय" से प्रतिस्थापित किया जाएगा। |
| 21. | नियम 34 में संशोधन | उप-नियम (iii) में "राष्ट्रपति" शब्द को "उच्च न्यायालय" से प्रतिस्थापित किया जाएगा। |
| 22. | नियम 39 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | जनहित में सेवानिवृत्ति : इन नियमों या अन्य किसी कानून में कु छ भी समाविष्ट होते हुए भी, उच्च न्यायालय या प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को, यदि उनके विचार में ऐसा करना जनहित में है, कि सेवा के किसी भी सदस्य को, जिसने पच्चीस वषों से कम की सेवा न की हो या पचास वर्ष की आयु प्राप्त कर ली हो, लिखित में कम से कम तीन महीने का नोटिस या ऐसे नोटिस के बदले तीन महीने का वेतन और भत्ते देकर, सेवानिवृत करने का पूर्ण अधिकार होगा। |
| 23. | नियम 44 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा: | छ ू ट देने की शक्ति : जहाँ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को संतुष्टि है कि किसी विशिष्ट मामले में किसी नियम की कार्य-विधि अनावश्यक कठिनाई का कारण बन रही है, तो वे उच्च न्यायालय को यह संस्तुति कर सकते हैं कि उस नियम की अपेक्षा में, आवश्यकता अनुसार और उपयुक्त शतों सहित, छू ट या विमुक्ति दी जाए जैसा वह मामले को न्यायसंगत और साम्यपूर्ण तरीके से निपटाने के लिए आवश्यक समझता है बशते कि मामले को इस तरीके से न निपटाया जाए कि वह नियमों के अनुसार अधिकारी या संबंधित कर्मचारियों के लिए कम अनुकू ल हो| उच्च न्यायालय उक्त संस्तुति पर निर्णय लेगा, जिसका निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा। |
| 24. | अनुसूची- ख में संशोधन | कॉलम संख्या 5 में जहाँ कहीं भी 'जिला न्यायाधीश' शब्द आता है, उसे 'प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश' शब्द से प्रतिस्थापित किया जाएगा। क्रम संख्या 4, 10 एवं 16 के कॉलम संख्या 4 में, योग्यता एवं अनुभव में छू ट से संबंधित मामलों म ें जहाँ भी 'जिला न्यायाधीश' शब्द प्रयुक्त हुआ है, वहाँ उसे 'उच्च न्यायालय' से प्रतिस्थापित किया जाएगा। |
| 25. | नियमों में जहाँ कहीं भी 'जिला न्यायाधीश' शब्द उल्लेखित है, वहाँ उसे 'प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश' शब्द से प्रतिस्थापित किया जाएगा। |
II. अनुसूची-ख के समूह-क के वतर्मान क्रम संख्या 3 को निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा:
| क्रम संख्या | पद का नाम | चयन की पतिि | अर्हता आदि | नियुक्ति प्राधिकरण |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) |
| 3. | प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) [पदोन्नति/ चयनित पद] (राजपत्रित) व ेतनमान-III- 15600- 39100 + 6600/- | क) स्वीकृ त पदों का 50 प्रतिशत वरिष्ठ न्यायिक सहायक, वरिष्ठ निजी सहायक तथा सिविल नाज़िर/जिला नाज़िर में से वरिष्ठता-सह-योग्यता क े आधार पर पदोन्नति द्वारा, उपरोक्त तीनों श्र ेणियों की कै डर पद संख्या के प्रतिशत अर्थात् 60%, 30% व 10% क्रमशः के आधार पर भरा जाएगा | ख) स्वीकृ त पदों का 50 प्रतिशत वरिष्ठ न्यायिक सहायक, वरिष्ठ निजी सहायक तथा सिविल नाज़िर/जिला नाज़िर, न्यायिक सहायक/ निजी सहायक अथवा इन पदों में से किसी पद पर सम्मिलित स ेवा स े लिखित परीक्षा तथा साक्षात्कार के आधार पर चयन द्वारा | ग) यदि उपरोक्त खंड (ख) के प्रावधानों के अनुसार योग्यता के आधार पर अपेक्षित संख्या में अभ्यर्थी चयनित नहीं होते हैं तो लिखित परीक्षा तथा साक्षात्कार के आधार पर सीधी भर्ती द्वारा | | क) वरिष्ठ न्यायिक सहायक, वरिष्ठ निजी सहायक तथा सिविल नाज़िर/जिला नाज़िर में से किसी पद पर 5 वर्ष की सेवा सहित स्नातक (विधि स्नातक को प्राथमिकता) | ख) वरिष्ठ न्यायिक सहायक, वरिष्ठ निजी सहायक तथा सिविल नाज़िर/जिला नाज़िर में से किसी पद पर पांच वर्ष की सेवा सहित स्नातक (विधि स्नातक को प्राथमिकता) | अथवा न्यायिक सहायक/ निजी सहायक अथवा इन पदों में से किसी पद पर 7 वर्ष की सम्मिलित सेवा सहित स्नातक (विधि स्नातक को प्राथमिकता) | ग) सीधी भर्ती हेतु: रु 4600/- ग्रेड वेतन में पांच वर्ष की स ेवा सहित विधि स्नातक | | उच्च न्यायालय |
| 14. | वरिष्ठ निजी सहायक [पदोन्नति/ चयनित पद] (गैर-राजपत्रित) व ेतनमान-II- 9300- 34800 + 4600/- | क) 50% रिक्त पद पदोन्नति द्वारा निजी सहायक से वरिष्ठता-सह-उपयुक्तता के आधार पर, कं प्यूटर/टाइपराइटर पर लिप्यंतरित किए जाने वाले शॉर्टहैंड डिक्टेशन के आधार पर। "बशते निजी सहायक, जिन्होंने आठ (8) वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर ली है, उन्हें वरिष्ठ निजी सहायक के रूप में पदोन्नत किया जाएगा। ऐसे पदोन्नत कर्मचारी उस वर्ष की वरिष्ठता सूची के अंत में एक साथ (en bloc) दर्शाएं जाएंगे जिस वर्ष वे वरिष्ठ निजी सहायक के पद पर पदोन्नत हुए हैं। ऐसे पदोन्नत कर्मचारी निजी सहायक के कै डर में उनके बीच पारस्परिक वरिष्ठता को बनाए रखेंगे। वे वरिष्ठ निजी सहायक के कै डर में उक्त वर्ष या पूर्व वषों में पदोन्नत हुए कर्मचारियों से कनिष्ठ होंगे। यदि उक्त श्रेणी में किसी कनिष्ठ ने आठ (8) वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर ली हो तो उनसे वरिष्ठ पर भी विचार किया जाएगा, बशते यह कमी छह माह से कम हो। इस परन्तुक के अंतर्गत की गई पदोन्नति व्यवस्थित की जायेगी तथा 50 % पदोन्नति कोटे से होगी। ख) 50% रिक्त पद सीधे भर्ती द्वारा लिखित परीक्षा के आधार पर, जिसमें अंग्रेज़ी भाषा (निबंध, व्याकरण और अनुवाद) का एक पेपर शामिल होगा, इसके बाद शॉर्टहैंड डिक्टेशन होगी जिसे कं प्यूटर/टाइपराइटर पर लिप्यंतरित करना होगा। इनमें से चुने गए अभ्र्यर्थयों को मौखिक परीक्षा भी देनी होगी। | क) स्थापना के सदस्यों हेतु: निजी सहायक के रूप में 3 वर्ष की सेवा। ख) सीधी भर्ती हेतु: शॉर्टहैंड में न्यूनतम 110 शब्द प्रति मिनट तथा टाइपिंग में 40 शब्द प्रति मिनट की गति के साथ स्नातक। | प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश |
| क्र. सं. | पद का नाम | चयन की पतिि | अर्हता आदि | नियुक्ति प्राधिकरण |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) |
| 21. | चालक/ स्टाफ कार चालक (विशेष ग्रेड) वेतनमान-II- 9300-34800+4200/- | चालक/ स्टाफ कार चालक (ग्रेड-I) की श्रेणी से वरिष्ठता-सह-योग्यता के आधार पर पदोन्नति द्वारा। | जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दिल्ली की स्थापना में चालक/ स्टाफ कार चालक (ग्रेड-I) के कै डर में तीन वर्ष की नियमित सेवा । | प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश |
न्यायालय के आदेशानुसार,
अरुण भारद्वाज, महानिबंधक26 DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY PART II—I]
HIGH COURT OF DELHI: NEW DELHI
NOTIFICATION
Delhi, the 22nd September, 2025
No. 68/Rules/DHC.—In exercise of the powers conferred by the proviso to Article 309 of the Constitution of India read with the Government of India, Ministry of Home Affairs Notification No.F27/40/50-NGS dated the 28th October, 1953 and all other powers enabling it in this behalf, the High Court of Delhi, with the prior approval of the Central Government and the concurrence of Hon'ble Lt. Governor of National Capital Territory of Delhi, hereby makes the following amendments in Delhi District Courts Establishment (Appointment and Conditions of Service) Rules, 2012:
AMENDMENTS
These rules may be called "Delhi District Courts Establishment (Appointment and Conditions of Service) (Amendment) Rules, 2025".
| S.No. | Rules | Amendments |
| 1. | For rule 2(1)(B), the following rule shall be substituted: | All other posts in Group A and in other Groups means the Principal District and Sessions Judge of the District to which staff is allocated under these Rules. |
| 2. | For rule 2(5), the following rule shall be substituted: | "District" means the District notified by the Government of NCT from time to time. |
| 3. | For rule 2(6), the following rule shall be substituted: | "Principal District & Sessions Judge" means the Principal District & Sessions Judge of the concerned District |
| 4. | For rule 2(13), the following rule shall be substituted: | "Recommendation Committee" constituted by the High Court for the purpose of making recommendations to the High Court of the names of suitable candidates for the post of Administrative Officer(Judicial) and above and shall comprise of:- i. One Principal District & Sessions Judge (as Chairman); and ii. Two members of Delhi Higher Judicial Service having at least ten years of service to be nominated by the High Court on an yearly basis or for a specified period. |
| 5. | For rule 2(14), the following rule shall be substituted: | "Unified Recruitment Committee" – In respect of all posts to which direct recruitment is to be made in any District, the High Court shall constitute a permanent Unified Recruitment Committee comprising: - i. One Principal District & Sessions Judge (as Chairman); and ii. Two members of Delhi Higher Judicial Service having atleast ten years of service t o be nominated by the High Court on an yearly basis or for a specified period. E xplanation: It shall be mandatory for a Recruitment Committee constituted for making recruitments for 10 or more vacancies in Group-C posts to have one member of SC/ST community. |
| 6. | For rule 2(15), the following rule shall be substituted: | "Selection Committee" in respect of: a . Post of Administrative Officer (Judicial) and above means a Committee comprising of such number of Hon'ble Judges of High Court as the Hon'ble Chief Justice may deem appropriate. b. All other posts in Group A and other Groups means one or more Committee or Committees constituted by the High Court comprising of : i. One Principal District & Sessions Judge; ii. One member of Delhi Higher Judicial Service having at least ten years of service; and iii. One Chief Metropolitan Magistrate or Senior Civil Judge or Additional Chief Metropolitan Magistrate or Administrative Civil Judge to be nominated by the High Court on an yearly basis or for a specified period. E xplanation: It shall be mandatory for a Selection Committee constituted qua Group-C post to have one member of SC/ST community. |
| 7. | Amendment in rule 3 | Sub Rule 2A shall be inserted after Sub Rule 2 in the following manner: 2 A. The High Court, after coming into force of the "Delhi District Courts Establishment (Appointment & Conditions of Service) (Amendment) Rules, 2025 and thereafter from time to time, shall, out of the posts specified in column (2) of Schedule A, allocate such number of posts to each District, as it considers appropriate keeping in mind the number of judicial officers, judicial and administrative work and such other criteria as the High Court may consider relevant. S ub Rule 5 shall be inserted in Rule 3 in the following manner: T he High Court shall, after coming into force of the "Delhi District Courts Establishment (Appointment & Conditions of Service) (Amendment) Rules, 2025, on the basis of such criteria as formulated by it, allocate district wise, the persons holding any of the posts specified in Schedule A. |
| Explanation:- No officer/official shall be allowed to change the allocated district except under exceptional circumstances for which approval of High Court shall be necessary. | ||
| 8. | For rule 5, the following rule shall be substituted: | Procedure to appoint Principal Private Secretary:- I t shall be the sole discretion of the Principal District & Sessions Judge concerned to appoint his/her Principal Private Secretary from amongst the pool of Administrative Officers (Judicial) working in the district concerned and such person shall continue to hold the said post for such period as may be desired by the concerned Principal District & Sessions Judge. |
| 9. | Amendment in rule 7 | The last para of rule 7 (after the point no. f) shall be substituted as below:- o n the last date fixed for the receipt of applications or on such other date as may be specified by the High Court in the notification inviting applications. |
| 10. | For rule 9, the following rule shall be substituted: | District Courts Recruitment Cell:- H igh Court shall constitute 'District Courts Recruitment Cell' which shall function as per the administrative instructions issued by the High Court from time to time. |
| 11. | For rule 10, the following rule shall be substituted: | Direct recruitment:- D irect recruitment to all posts shall be made through the Unified Recruitment Committee in accordance with these Rules and the administrative instructions issued by the High Court from time to time. |
| 12. | Amendment in rule 11 | The word "Recruitment Committee" changed as " Unified Recruitment Committee". |
| 13. | Amendment in rule 12 | Recruitment Committee changed as Unified Recruitment Committee. T he words "in consultation with the District Judge and" shall stand deleted. T he words "The District Judge shall, in consultation with the Chairman(s) of the Committee(s) lay down appropriate criteria for interviewing to assess the suitability of the candidates for appointment to the post applied for by them including intellectual and social traits of personality so as to maintain uniformity of standards in the process of interviewing candidates" shall stand deleted. T he words "in such format as may be desired by the District Judge" shall stand deleted. |
| 14. | For rule 13, the following rule shall be substituted: | List of selected candidates:- 1 . After preparation of the list of selected candidates, the Unified Recruitment Committee shall place it before the High Court for final approval. After approval, the Registrar (District Courts Recruitment) shall allocate the selected candidates to various districts in terms of the preferences expressed by them. In case the number of candidates opting for a particular district is more than the number of vacancies of that post in the particular district, the candidate securing higher position in the merit list shall be allocated the District of his choice. 2 . The Unified Recruitment Committee shall also prepare a panel of candidates in the order of merit containing the names of candidates not included in the select list prepared under sub-rule (1) in which the number of candidates to be included shall, as far as possible, be ten percent of the number of vacancies notified. 3 . The list so prepared under Sub-Rules (1) and (2) shall be published in such manner as the High Court may direct. |
| 15. | For rule 14, the following rule shall be substituted: | Appointment of candidates:- ( 1) Subject to Rule 16, candidates whose names are included in the select list prepared under sub-rule (1) and published under sub-rule (3) of rule 13, may be appointed by the Appointing Authority against the vacancies in the particular cadre of the particular District in the order in which the names are found in the select list after satisfying itself, after such enquiry as may be considered necessary that each such candidate is suitable in all respects for appointment to a post in the cadre. Candidates, whose names are included in the list prepared under sub-rule (2) and published under sub-rule (3) of rule 13, may be similarly appointed against vacant posts still available after the candidates whose names are included in the list prepared under Sub-Rule (1) of Rule 13 have been appointed. ( 2) The inclusion of the name of a candidate, in any of the two lists published under Rule 13, shall not confer on him any right of appointment. |
| 16. | For rule 19, the following rule shall be substituted: | Recruitment by Promotion:- ( 1) The Principal District and Sessions Judge concerned shall make an assessment in the month of January, every year, of number of promotion vacancies existing and likely to occur during the year in different category of posts in the particular District. (2) The Principal District and Sessions Judge shall notify the vacancies for the posts of Administrative Officer (Judicial) and above in the particular District and shall forward the list of all eligible candidates falling in the zone of consideration for appointment to those posts to the Recommendation Committee. The Recommendation Committee, in accordance with the criteria laid down by the High Court shall prepare a list of suitable candidates for their appointment on promotion to the quota of 50% of the posts of Administrative Officer (Judicial) by way of promotion on the basis of suitability-cum-merit and for remaining 50% of posts shall conduct a departmental exam followed by an interview. The Committee shall thereafter forward the list of persons so selected along with the list of the persons not found suitable stating the reasons for the same to the High Court. T he list so received shall then be placed before the Selection Committee constituted by the Chief Justice of |
| the High Court under Rule 2 (15)(a) and the Selection Committee may either accept or reject the recommendations of the Committee or suitably modify the list as it may deem fit. The final list shall then be placed before the Chief Justice for his consideration and who shall thereafter forward it to the Full Court for approval. (3) Deleted. ( 4) The Principal District and Sessions Judge shall also notify the vacancies for all other posts in Group-A and other Groups in the particular district and shall forward the list of all eligible candidates falling in the zone of consideration for appointment to those posts to the Selection Committee. The Committee, in accordance with the criteria laid down by the High Court shall prepare a consolidated list of suitable candidates for all districts. However, for the post of Senior Judicial Assistant, the Selection Committee, shall prepare a list of suitable candidates for their appointment on promotion to the quota of 50% by way of promotion on the basis of suitability-cum-merit and for remaining 50% of posts shall conduct a departmental examination followed by an interview. The Committee shall thereafter forward the list of persons so selected along with the list of the persons not found suitable stating the reasons for the same to the High Court for final approval through Principal District and Sessions Judge of the District concerned. ( 5) The High Court shall lay down the criteria to determine the merits of a candidate. | ||
| 17. | For rule 20, the following rule shall be substituted: | Appointment:- O n approval of the list of selected candidates of promotion under Rule-19, the Registrar (District Courts Recruitment Cell) shall allocate the candidates to the districts, keeping in mind the allocated vacant post in such district and send such list to the Principal District and Sessions Judge concerned who then shall make appointment of the candidates so selected after making enquiry as may be considered necessary or pass such orders as may be deemed appropriate. |
| 18. | For rule 27, the following rule shall be substituted: | Disciplinary Authorities:- ( 1) The High Court may impose any of the penalties specified in Rule 26 on any Member of the Service. ( 2) Without prejudice to the provisions of sub-rule (1) the Principal District and Sessions Judge may impose any of the penalties specified in Rule 26 on any Member of the Service for which the Appointing Authority is the Principal District & Sessions Judge. (3) The Principal District and Sessions Judge shall also be empowered to impose any of the penalties enumerated in clauses (i) to (iv) of Rule 26 on any Member of the Service of which High Court is the Appointing Authority. Explanation:- The Principal District & Sessions Judge under whose jurisdiction, the alleged misconduct or misbehavior is committed by any Member of the service, shall be the Disciplinary Authority even where such member is transferred to other district. |
| 19. | For rule 28, the following rule shall be substituted: | Authority to institute proceedings:- T he High Court, by general or special order, may— 1. Institute disciplinary proceedings against any Member of the Service 2 . Without prejudice to the provisions of sub-rule (1) the High Court may direct the Principal District and Sessions Judge of the District concerned to institute disciplinary proceedings against any Member of the Service on whom the Principal District and Sessions Judge of the District concerned is competent to impose under these rules any of the penalties specified in Rule 26. 3 . The Principal District and Sessions Judge of the District concerned competent under these rules to impose any of the penalties specified in clauses (i) to (iv) of Rule 26 may institute disciplinary proceedings against any Member of the Service of the concerned District for the imposition of any of the penalties specified in clauses (v) to (ix) of Rule 26 notwithstanding that the Principal District and Sessions Judge of the District concerned is not competent under these rules to impose any of the later penalties. E XPLANATION—On the conclusion of the inquiry or receipt of the inquiry report if the Disciplinary Authority comes to the conclusion that a minor penalty will meet requirement of the case it will be well within his competence to impose the minor penalty without seeking the approval of the High Court which is competent to impose a major penalty on the member of the Service concerned. |
| 20. | Amendment in rule 33 | The word "President" shall be replaced with "High Court". |
| 21. | Amendment in rule 34 | The word "President" in Sub-Rule (iii) shall be replaced with words "High Court". |
| 22. | For rule 39, the following rule shall be substituted: | Retirement in public interest:- N otwithstanding anything contained in these rules or any other law, the High Court or the Principal District & Sessions Judge may, if it is of the opinion that it is in the public interest so to do, have the absolute right to retire any member of the Service who has put in not less than twenty five years of service or has attained the age of 50 years, by giving him notice of not less than three months in writing or three months pay and allowances in lieu of such notice. |
| 23. | For rule 44, the following rule shall | Power to relax:- |
| be substituted: | Where the Principal District & Sessions Judge, is satisfied that the operation of any rule causes undue hardship in any particular case, he or she may send a recommendation to the High Court for dispensing with or relaxing the requirement of that rule to such extent and subject to such conditions as he or she may consider necessary for dealing with the case in a just and equitable manner provided that the case is not dealt with in a manner less favourable to the officer or officials concerned than in accordance with rules, and the High Court shall take a decision on such recommendation which shall be final. | |
| 24. | Amendment in Schedule-B | Column 5 – wherever the word "District Judge" appears the same shall be replaced with the words "Principal District and Sessions Judge" C olumn 4 of Sl. No. 4, 10 and 16 "District Judge" shall be replaced with "High Court" in the matter of relaxation of qualification and experience. |
| 25. | Wherever the words "District Judge" are appearing in the Rules, the same shall be replaced with the words "Principal District & Sessions Judge" |
II. The following shall be substituted for the existing Sr.No.3 of Group-A of Schedule-B:-
| Srl. No. | Name of the Post | Method of Recruitment | Qualification etc. | Appointing Authority |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) |
| 3. | Administrative Officer (Judicial) [Promotion/ Selection post] (Gazetted) PB-III- 15600-39100+6600/- | a) 50% of the sanctioned strength by promotion on the basis of seniority-cum-merit from Senior Judicial Assistants, Senior Personal Assistants and Civil Nazirs / District Nazirs shall be filled according to the percentage of cadre strength of above three category i.e 60%, 30% and 10% respectively. b) 50% of the sanctioned strength by selection on the basis of written test and interview from Senior Judicial Assistants, Senior Personal Assistants and Civil Nazirs / District Nazirs, Judicial Assistant, Personal Assistant or combined service in any of these posts. c ) In case requisite number of candidates do not qualify for selection on merit in terms of provisions of clause (b) above, by direct recruitment on the basis of written test and interview. | a) Graduate with 5 years service (Law Graduate to be preferred) in any of the posts of Senior Judicial Assistants, Senior Personal Assistants and Civil Nazirs/District Nazirs. b ) Graduate with 5 years service (Law Graduate to be preferred) in any of the posts of Senior Judicial Assistants, Senior Personal Assistants and Civil Nazirs/District Nazirs. OR Graduate with 7 years regular service (Law Graduate to be preferred) in the post of Judicial Assistant/Personal Assistant or combined service in any of these posts. c) For Direct Recruits : Law Graduate with 5 years service in the grade pay of Rs. 4600/-. | High Court |
III. The following shall be substituted for the existing Sr.No.14 of Schedule-B:-
| Srl. No. | Name of the Post | Method of Recruitment | Qualification etc. | Appointing Authority |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) |
| 14. | Senior Personal Assistant (Promotion/ Selection Post) (Non- Gazetted) PB-II-9300- 34800+4600/- | a) 50% of the vacant posts by promotion from Personal Assistants on the basis of seniority-cum-suitability on the basis of shorthand dictation to be transcribed on Computer /Typewriter. "Provided, Personal Assistants, who have completed eight (8) years of regular service would be promoted as Senior Personal Assistant. Such promotees would be en bloc shown at the bottom of the seniority list in the year in which they were promoted as Sr. Personal Assistants. Such promotees would maintain inter se seniority between them in the cadre of Personal Assistant. They would be junior to those promoted in the cadre of Senior Personal Assistant in the said year or earlier years. In case a junior in the said category has completed eight (8) years of regular service, his senior would also be considered, provided the shortfall is less than six (6) months. Promotions made under this proviso would be adjusted and from the 50% promotion quota." b) 50% of the vacant posts by direct recruitment on the basis of written examination comprising of one paper in English language (Essay, Grammar and Translation) followed by a Shorthand dictation to be transcribed on Computer/Typewriter. The short listed candidates would also undergo a viva voce test. | a) For members of the Establishment: 3 years service as Personal Assistant. b) For direct recruits: Graduate with speed of not less than 110 w.p.m. in shorthand and 40 w.p.m. in typewriting. | Principal District and Sessions Judge |
IV. The following shall be substituted for the existing Sr.No.21 of Schedule-B of "Rules 2012":-
30 DELHI GAZETTE : EXTRAORDINARY PART II—I]| Srl. No. | Name of the Post | Method of Recruitment | Qualification etc. | Appointing Authority |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) |
| 21. | Driver/Staff Car Driver (Special Grade) PB-II-9300- 34800+4200/- | By promotion on the basis of seniority-cum-merit from the category of Driver/Staff car driver (Grade-I) | Three years Regular service in the cadre of Driver/Staff Car Driver (Grade-I) in the establishment of the District & Sessions Judge, Delhi | Principal District and Sessions Judge |
| Srl. No. | Name of the Post | Method of Recruitment | Qualification etc. | Appointing Authority |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) |
| 21. | Driver/Staff Car Driver (Special Grade) PB-II-9300- 34800+4200/- | By promotion on the basis of seniority-cum-merit from the category of Driver/Staff car driver (Grade-I) | Three years Regular service in the cadre of Driver/Staff Car Driver (Grade-I) in the establishment of the District & Sessions Judge, Delhi | Principal District and Sessions Judge |
NOTE: These Amendment Shall Come Into Force From The Date Of Their Publication In The Gazette.
By Order of this Court, Uploaded by Dte. of Printing at Government of India Press, Ring Road, Mayapuri, New Delhi-110064 and Published by the Controller of Publications, Delhi-110054.