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एस.जी.-डी.एल.-सा.-07012021-224257
SG-DL-W-07012021-224257
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
साप्तहिक
WEEKLY
सं. 5] दिल्ली, दिसम्बर 25 — दिसम्बर 31, 2020, बृहस्पतिवार /पौष 4— पौष 10, 1942
No. 5] DELHI, DECEMBER 25 —DECEMBER 31, 2020, THURSDAY/PAUSHA 4—PAUSHA 10, 1942
भाग— II-II
PART—II-II
सकिट, सिविल और दण्ड न्यायालय द्वारा जारी की गई सूचनाएं
Notices of the Circuit, Civil and Criminal Courts
राष्ट्रीय राजधानी राज्य क्षेत्र, दिल्ली सरकार
GOVERNMENT OF NATIONAL CAPITAL TERRITORY OF DELHI
प्रांतीय दिवालियापन कानून, 1920 की धारा 19 के तहत औपचारिक घोषणा
श्री अजय कु मार मलिक के कोर्ट में जेएससीसी-सह-एडि. एससीजे-सह- गाडियन जज
कमरा संख्या 12, तीस हजारी कोर्ट,
दिल्ली
मुकदमा सं. दिवालिया याचिका सं. 5/2016
सुशील कु मार जैन बनाम भारतीय स्टेट बैंक
सूचित किया जाता है कि कॉलम संख्या 2 में उल्लेखित याचिकाकर्ता ने कॉलम 2 में उल्लेख किया है कि कॉलम 3 में उल्लिखित प्रतिवादी के खिलाफ खुद को दिवालिया बताने के लिए आवेदन किया है और स्वीकार की गई याचिका पर 08 अप्रैल 2021 को पूर्वाह्न 10 बजे सुनवाई होगी। कोई भी व्यक्ति जो नीचे दिए गए नाम में शामिल हैं, विरोध करने के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष स्वयं या किसी भी वकील के माध्यम से उपस्थित हो सकते हैं। 12 DELHI GAZETTE, NATIONAL CAPITAL TERRITORY GOVT.: DECEMBER 31, 2020/PAUSHA 10, 1942 PART II- II]
| मुकदमा संख्या | पाटियों के नाम प्रतिवादी याचिकाकर्ता | प्रतिवादी याचिकाकर्ता | अगली सुनवाई की तिथि |
| दिवालिया याचिका सं. 5/2016 | श्री सुशील कु मार जैन पुत्र श्री शीतल प्रसाद जैन निवासी- 9-2207, गली सं. 10 कै लाश नगर,दिल्ली-110031 | 1. भारतीय स्टेट बैंक, वीरभद्र शाखा, ऋषिके श शाखा- देहरादून 2. उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम,76, राजपुर रोड,स देहरादून 3. बिक्री-कर आयुक्त, खण्ड-II, ऋषिके श, देहरादून | 08.04.2021 |
मेरी जानकारी और अदालत की मुहर के साथ दिनांक 2/12/2020 को दिया गया है।
अजय कु मार मलिक
जेएससीसी-एएससीजे जी. जज/इन्सॉल्वेंसी जज/ कें द्रीय/ दिल्ली
[ विज्ञापन-ए/ II/II- साप्ताहिक /03/2020] प्रकाशन शुल्क जमा कर इसकी एक प्रति अदालत में सुनवाई की तिथि या उससे पहले भेजकर यह प्रति अंग्रेजी समाचार पत्र 'स्टेट्समैन' के साथ-साथ हिदी समाचार पत्र 'वीर अजु र्न' में प्रकाशन के लिए और इनसॉल्वेंसी एक्ट की धारा 19 के संदर्भ में गजट अधिसूचना के लिए भेजी गई है।
PROCLAMATION UNDER SECTION 19 OF THE PROVINCIAL INSOLVENCY ACT, 1920
IN THE COURT OF SHRI AJAY KUMAR MALIK:
ASCJ-CUM-JSCC-CUM-G. JUDGE (CENTRAL) ROOM NO. 12, TIS HAZARI COURT, DELHI
SUIT NO. INSOLVENCY PETITION NO. 5/2016
SUSHIL KUMAR JAIN Vs STATE BANK OF INDIA.
Notice is hereby given that the petitioner mentioned in the column no.2 has applied for adjudging himself against the respondents mentioned in column 3 as insolvent and the petition having being admitted will be heard on 08 APRIL 2021. Any person including the names given below wishes to oppose may appear before this Hon'ble Court either in person or through any pleader.
| SUIT NO. | NAME OF THE PARTIES PETITIONER | RESPONDENTS | NEXT DATE OF HEARING |
| SUIT NO. INSOLVENCY PETITION NO. 5/2016 | SH. SUSHIL KUMAR JAIN S/O SH. SHEETAL PRASAD JAIN R/O IX-2207 GALI NO. 10 KAILASH NAGAR, DELHI 110031 | 1. STATE BANK OF INDIA VIR BHADRA BRANCH RISHI KESH BRANCH, DEHRADUN. 2. U.P. FINANCIAL CORPORATION 76 RAJPUR ROAD, DEHRADUN. 3. COMMISSIONER OF SALES TAX KHAND II, RISHIKESH, DEHRADUN | 08-04-2021 |
Given under my hand and the seal of the Court on this 02.12.2020.
(AJAY KUMAR MALIK) JSCC-ASCJ-G.Judge/Insolvency Judge/Central/Delhi. [ADVT.-A.II/II-Weekly/03/2020] Copy forwarded for publication, to the English Newspaper "STATESMAN" as well as in Hindi Newspaper "VIR ARJUN" and also for gazette notification in terms of Section 19 of the Insolvency Act, on deposit of publication charges and send a copy of the same to this court on or before the date of hearing.
Uploaded by Dte. of Printing at Government of India Press, Ring Road, Mayapuri, New Delhi-110064 and Published by the Controller of Publications, Delhi-110054.