भाग -I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 8 मार्च, 2018
संख्या लैज० 38/2017़- दि हरियाणा सेटॅलमैन्ट ऑफ आउटस्टैनडिन्ग ड्यूज ऐक्ट, 2017, का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 26 फरवरी, 2018 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2017 का हरियाणा अधिनियम संख्या 35
हरियाणा बकाया देय व्यवस्थापन अधिनियम, 2017
विभिन्न अधिनियमों के अधीन व्यवस्थापन के
रूप में उनके अधीन व्यवस्थापन स्कीम पेष
करते हुए बकाया देयों की शीघ्र वसूली
और उससे सबंधित या उनसे
आनुषंगिक मामलों के लिए
उपबन्ध करने हेतु
अधिनियम भारत गणराज्य के अड़सठवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भ। 1. (1) यह अधिनियम हरियाणा बकाया देय व्यवस्थापन अधिनियम, 2017, कहा जा सकता है। (2) यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तिथि से लागू होगा।
परिभाषाएं। 2. इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(i) ''सरकार'' से अभिप्राय है, प्रशासनिक विभाग में हरियाणा राज्य की सरकार ; (ii) ''बकाया देय'' से अभिप्राय है, किसी सुसंगत अधिनियम के अधीन 31 मार्च, 2017 तक की अवधि के लिए, किसी व्यक्ति द्वारा भुगतान न किया गया कोई कर, ब्याज, शास्ति या कोई अन्य देय, चाहे निर्धारित किया गया हो या नहीं ;
(iii) ''सुसंगत अधिनियम'' से अभिप्राय है, अनुसूची में वर्णित अधिनियम ; (iv) ''अनुसूची'' से अभिप्राय है, इस अधिनियम से संलग्न अनुसूची ; (v) ''स्कीम'' से अभिप्राय है, किसी सुसंगत अधिनियम के अधीन बकाया देयों की शीघ्र वसूली के लिए ऐसे निबन्धनों तथा शर्तों, जो वह ठीक समझे, को अन्तर्विष्ट करते हुए, इस अधिनियम के अधीन सरकार द्वारा यथा अधिसूचित स्कीम।
स्कीम बनाना। 3. सुसंगत अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों में दी गई प्रतिकूल किसी बात के होते हुए भी, सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, किसी व्यक्ति, आयातकर्ता, मालिक, स्वामी, व्यवहारियों की श्रेणी, व्यवहारियों की श्रेणियों या सभी व्यवहारियों द्वारा परिसीमा काल, भुगतानयोग्य कर की दर, कर, ब्याज, शास्ति या किन्हीं अन्य देयों को शामिल करते हुए, ऐसी शर्तों और निर्बन्धनों, जो स्कीम में विनिर्दिष्ट किए जाएं, के अध्यधीन, सुसंगत अधिनियम के अधीन कर, ब्याज, शास्ति या किन्हीं अन्य देयों, जो 31 मार्च, 2017 तक की किसी अवधि से संबंधित हैं, के भुगतान को शामिल करते हुए बकाया देयों तथा उससे संबंधित या उनसे आनुषंगिक मामलों के व्यवस्थापन के लिए एक या अधिक स्कीम अधिसूचित कर सकती है।
निरसन तथा व्यायृृत्ति। 4. (1) हरियाणा बकाया देय व्यवस्थापन अध्यादेश, 2017 (2017 का हरियाणा अध्यादेश संख्या 1), इसके द्वारा, निरसित किया जाता है। 16 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), MAR. 8, 2018 (PHGN. 17, 1939 SAKA)
अनुसूची
| क्रम संख्या | अधिनियम का नाम |
| 1. | हरियाणा साधारण विक्रय-कर अधिनियम, 1973 (1973 का हरियाणा अधिनियम 20) (निरसित) |
| 2. | हरियाणा मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2003 (2003 का हरियाणा अधिनियम 6) |
| 3. | केन्द्रीय विक्रय कर अधिनियम, 1956 (1956 का केन्द्रीय अधिनियम 74) |
| 4. | हरियाणा स्थानीय क्षेत्र विकास कर अधिनियम, 2000 (2000 का हरियाणा अधिनियम 13) (निरसित) |
| 5. | हरियाणा स्थानीय क्षेत्र में माल के प्रवेश पर कर अधिनियम, 2008 (2008 का हरियाणा अधिनियम 8) (वाद अधीन) |
| 6. | हरियाणा सुख-साधन कर अधिनियम, 2007 (2007 का हरियाणा अधिनियम 23) |
| 7. | पंजाब मनोरंजन शुल्क अधिनियम, 1955 (1955 का पंजाब अधिनियम 16) |
| 8. | पंजाब यात्री तथा माल कराधान अधिनियम, 1952 (1952 का पंजाब अधिनियम 16) (निरसित) |
| 9. | पंजाब आबकारी अधिनियम, 1914 (1914 का पंजाब अधिनियम 1) |
कुलदीप जैन, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
56081—L.R.—H.G.P., Chd.