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Haryana Gazette · Government of Haryana

Order - Dismissal from Service

Published 08 March 2018

Department
DC Rewari
Type
Ordinary
Gazette no.
12-2018
Notification no.
No. 8/246/E.A./328
Identifier
in.gazette.haryana.2018-03-08.Ordinary_No-8-246-E-A-328
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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Haryana Government Gazette

Published by Authority

© Government of Haryana No. 12-2018] CHANDIGARH, TUESDAY, MARCH 20, 2018 (PHALGUNA 29, 1939 SAKA)

PART I-B

Notifications by Commissioners and Deputy Commissioners

हरियाणा सरकार

उपायुक्त, रेवाड़ी

आदेश

दिनांक 8 मार्च, 2018

क्रमांक 8/246/ई०ए०/328.- श्री राकेष कुमार, तत्कालीन लाईसैन्स लिपिक, कार्यालय उप मण्डल अधिकारी (ना०), रेवाड़ी हाल लिपिक परिवाद शाखा, उपायुक्त कार्यालय, रेवाड़ी को उप मण्डल अधिकारी (ना०), रेवाड़ी की जांच रिपोर्ट यादी क्रमांक 2129/डी०एल०सी० दिनांक 14.07.2015 के आधार पर इस कार्यालय के ज्ञापन क्रमांक 8/221/ई०ए०/1542 दिनांक 11.08.2015 द्वारा हरियाणा नागरिक सेवाएं (दण्ड तथा अपील) नियमावली 1987 के नियम-7 के अन्तर्गत आरोपित किया गया था तथा कर्मचारी को 15 दिन के अन्दर-अन्दर लिखित कथन प्रस्तुत करने के निर्देष दिये गये थे।श्री राकेष कुमार लिपिक पर यह आरोप था कि जब वह दिनांक 13.12.2013 से 22.05.2014 तक उप-मण्डल अधिकारी (ना०), रेवाड़ी के कार्यालय में बतौर लाईसैैन्स लिपिक कार्यरत था। उक्त अवधि के नगर परिषद्‌ टैक्स के सम्बन्ध में परिवहन आयुक्त हरियाणा, चण्डीगढ़ ने सूचित किया कि वर्ष 2013-14 के ऑडिट के दौरान चालक लाईसैंस आवेदकों से जो राषि नगर परिषद्‌ टैक्स के रूप में वसूल की गई वह राषि उस द्वारा नगर परिषद्‌, रेवाड़ी के खाता में जमा नहीं कराई। उक्त बारे उप-मण्डल अधिकारी (ना०) रेवाड़ी से टिप्पणी प्राप्त की गई। जिस अनुसार उपरोक्त राषि जमा कराने के सम्बन्ध में उस द्वारा शाखा प्रबन्धक, पंजाब नैषनल बैंक से कराई गई। उनकी रिपोर्ट दिनांक 29.01.2015 के अनुसार उसने जवाब के साथ जो रसीदें पेष की वे सभी फर्जी तौर पर तैयार की गई। जिनका बैंक में कोई रिकार्ड नहीं है। इस प्रकार उसने पंजाब नैषनल बैंक, लघु सचिवालय, रेवाड़ी में चालक लाईसैंस आवेदकों से प्राप्त की गई नगर परिषद्‌ टैक्स की राषि मु० 3,66,700/- रु० जमा करने की फर्जी रसीदें व मोहर तैयार करके इस राषि को हड़पनें की कोषिष की है। इस प्रकार उसने नगर परिषद्‌ टैक्स की राषि मु० 3,66,700/- रु० जमा कराने की फर्जी रसीदें व मोहर तैयार करके इस राषि का गबन करने की कोषिष की तथा उसने सरकार के नियमों की अवहेलना करके नगर परिषद्‌ के टैक्स की राषि का गबन करने की कोषिष करने का घोर —त्य किया है। (5) HARYANA GOVT. GAZ., MAR. 20, 2018 (PHGN. 29, 1938 SAKA) [PART I-B 6 श्री राकेष कुमार लिपिक ने इस कार्यालय द्वारा भेजे गये ज्ञापन क्रमांक 8/221/ई०ए०/1542 दिनांक 11.08.2015 का कोई जवाब कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया। जिसके कारण कर्मचारी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की नियमित जांच नगराधीष, रेवाड़ी द्वारा करवाई गई। जांच अधिकारी एवं नगराधीष, रेवाड़ी की जांच रिपोर्ट क्रमांक 312/रीडर दिनांक 17.05.2017 के अनुसार उपरोक्त परिस्थितियों एवं प्रस्तुत रिकार्ड, ब्यान के आधार पर यह सिद्ध होता है कि श्री राकेष कुमार तत्कालीन लाईसैंस लिपिक कार्यालय उप मण्डल अधिकारी (ना०), रेवाड़ी हाल परिवाद शाखा उपायुक्त कार्यालय, रेवाड़ी ने चालक लाईसैंस आवेदकों से प्रस्तुत की गई नगर परिषद्‌ की राषि मु० 3,66,700/- रु० जमा कराने की फर्जी रसीदें व मोहर तैयार करके इस राषि को हड़पने की कौषिष की गई। बाद में सरकार के दबाव में आने पर उपरोक्त राषि बैंक में जमा करवाई। The object of an enquiry and a trail are different. The object of an enquiry is to be find out whether a disciplinary action may be taken against the employee or not, whereas the object of trial is to punish the accused according to the criminal law. श्री राकेष कुमार लिपिक द्वारा अपनी सफाई गवाही में आरोप पत्र बारे ब्यान में दर्ज ना करवाने से स्वतः ही लगाये गये आरोप सिद्ध हो जाता है इसके अतिरिक्त रिकार्ड के आधार पर भी लगाया गया आरोप सिद्ध होता है। तदानुसार इस कार्यालय के यादी क्रमांक 8/221/ई०ए०/7518 दिनांक 20.12.2017 द्वारा उक्त कर्मचारी को नगराधीष, रेवाड़ी की जांच रिपोर्ट की छायां प्रति भेजकर अपना लिखित प्रतिवेदन 30 दिन के अन्दर-अन्दर इस कार्यालय में भिजवाने बारे लिखा गया, जिसकी अनुपालना में दिनांक 15.01.2018 को कर्मचारी द्वारा जवाब में निजी सुनवाई का अवसर प्रदान करने बारे अनुरोध किया गया। कर्मचारी के अनुरोध पर दिनांक 07.02.2018 को प्रातः 09.30 बजे निजी सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया। जिसमें कर्मचारी ने अपने पक्ष में कुछ भी नहीं कहा। तत्पष्चात इस कार्यालय के ज्ञापन क्रमांक 8/221/ई०ए०/212 दिनांक 15.02.2018 द्वारा कर्मचारी को Dismissal from Service बारे द्वितीय कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पुनः दिनांक 27.02.2018 को प्रातः 09.30 बजे निजी सुवाई का अवसर प्रदान किया गया । निजी सुनवाई के दौरान कर्मचारी ने काई सन्तोषजनक जवाब, लिखित जवाब व ना ही काई साक्ष्य/सबूत पेष किये। अपितु अपने द्वारा की गई गलती की क्षमा याचना की तथा सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार का निवेदन किया।

जांच अधिकारी की जांच रिपोर्ट व फाईल पर आये रिकार्ड का भली भांति अवलोकन करने उपरान्त मैं इस निष्कर्ष पर पहुँचा हूँ कि कर्मचारी पर लगाये गये आरोप पूर्णतया सिद्ध होते हैं कर्मचारी ने सरकारी पैसे का जानबूझकर गबन किया है। उसने फर्जी रसीदें तैयार करके रिकार्ड में पैसा सरकारी खाते में जमा होना दर्षाया है जबकि सरकारी पैसा कभी भी बैंक में जमा नहीं करवाया गया। यह आरोप जांच रिपोर्ट में भी सिद्ध हुए हैं। कर्मचारी ने जांच के दौरान इन आरोपों बारे कोई विरोध नहीं जताया जिससे यह पूर्णतया सिद्ध होता है कि उसने सरकारी पैसे का जानबूझकर गबन किया है। गबन की राषि नगण्य नहीं है और इसे नजरअन्दाज नहीं किया जा सकता है। कर्मचारी द्वारा बाद में (जांच के दौरान) बैंक में राषि जमा करवाने से उसका बचाव नहीं होता है क्योंकि प्रथमतया यह राषि कर्मचारी ने सरकार द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद जमा करवाई है ना कि अपने स्तर पर। दूसरा यह कि गबन करने का आरोप भी सिद्ध होता है और उसकी बदनियति भी अप्रष्नीय है। जानबूझकर सरकारी पैसे के गबन को सरसरी तौर पर नहीं लिया जा सकता है और ऐसे केसों में सेवा से बर्खास्त करना ही एकमात्र दण्ड बनता है। कर्मचारी के प्रति किसी भी प्रकार की सहानुभूति सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त शासन की नीति के भी विरूद्ध होगी। कर्मचारी ने नगर परिषद्‌ टैक्स की राषि मु० 3,66,700/- रु० जमा कराने की फर्जी रसीदें व मोहर तैयार करके सरकार के नियमों की अवहेलना व नगर परिषद्‌ के टैक्स की राषि का गबन करने की कोषिष करने का घोर अपराध किया है। कर्मचारी एक गैर जिम्मेदार, लापरवाह, अनुषासनहीन तथा भ्रष्ट कर्मचारी है। उसकी अकर्मण्यता से कार्यालय की छवि धूमिल होती है तथा कार्यालय के अनुषासन पर दुष्प्रभाव पड़ता है। इसलिए जनहित के मध्यनजर श्री राकेष कुमार लिपिक को सेवा में रखना उचित नहीं समझता हूँ।

अतः मैं पंकज, भा०प्र०से०, उपायुक्त, रेवाड़ी हरियाणा नागरिक सेवाएं (दण्ड तथा अपील) नियमावली 1987 के नियम-7 में वर्णित प्रावधानों के अनुसार कर्मचारी श्री राकेष कुमार लिपिक उपायुक्त कार्यालय रेवाड़ी को उस पर लगाये गये आरोपों की गम्भीरता को देखते हुए उसे सरकारी सेवा से तुरन्त प्रभाव से बर्खास्त (Dismissal from Service) करता हूँ। इस आदेष से सभी सम्बन्धित को सूचित किया जाये।

(हस्ता०)..., दिनांक 8 मार्च, 2018.

उपायुक्त, रेवाड़ी।56036–C.S.–H.G.P., Chd.

Cite this issue. Haryana Gazette, Government of Haryana, 08 March 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.haryana.2018-03-08.Ordinary_No-8-246-E-A-328/. Archive identifier in.gazette.haryana.2018-03-08.Ordinary_No-8-246-E-A-328.