हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 24 मई, 2018
संख्या लैज० 17/2018.- दि हरियाणा डिवेलपमैन्ट ऐन्ड रेगुलेशन आफ अर्बन एरियाज (अमेन्डमैन्ट) ऐक्ट, 2018, का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 14 मई, 2018, की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2018 का हरियाणा अधिनियम संख्या 14
हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संषोधन) अधिनियम, 2018
हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम, 1975,
को आगे संषोधित करने के लिए
अधिनियम
भारत गणराज्य के उनहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम। 1. यह अधिनियम हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संषोधन) अधिनियम, 2018, कहा जा सकता है।
2. हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम, 1975 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है), की धारा 2 के खण्ड (ञक) के बाद, निम्नलिखित खण्ड़ रखा जाएगा, अर्थात्ः-
1975 के हरियाणा अधिनियम 8 की धारा 2 का संषोधन। '(ञकक) "लोकेशन प्रीमियम" से अभिप्राय है, विहित फीस तथा प्रभारों से अधिक कोई राशि जिसका आवेदक धारा 3 की उप-धारा (1क) के अधीन प्राप्त किए गए आवेदनों के लिए अनुज्ञप्ति प्राप्त करने हेतु सरकार को भुगतान करने का इच्छुक है, जो सरकार द्वारा, इस संबंध में, समय-समय पर, जारी की गई पॉलिसी के अनुसरण में बोली/ नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से अवधारित की जाए;'।'
3. मूल अधिनियम की धारा 3 में,- 184 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), MAY 24, 2018 (JYST. 3, 1940 SAKA) (ii) उप-धारा (1) के बाद, निम्नलिखित उप-धारा रखी जाएगी, अर्थात् :-
''(1क) अनुज्ञप्तियों की नीलामी हेतु पॉलिसी के लिए निदेशक द्वारा जारी किए गए नोटिस के जवाब में प्राप्त सभी ऐसे आवेदन, जो निदेशक द्वारा सही समझे गए हैं, विहित अपेक्षाओं के अतिरिक्त, निदेशक द्वारा यथा सूचित ऐसी रीति में तथा ऐसी समय सीमा में बोली/ नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से यथा अवधारित लोकेशन प्रीमियम का भुगतान करने के लिए भी दायी होंगे। लोकेशन प्रीमियम के लिए प्राप्त राशि बाहरी विकास संकर्मों के प्रबन्ध, रख-रखाव तथा संवर्धन के लिए उपयोग की जाएगी तथा किसी उपनिवेशक से बाहरी विकास संकर्मों के लिए प्राप्त विकास प्रभारों की विहित दर के अतिरिक्त वसूल की जाएगी।''।
कुलदीप जैन, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।